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बाढ़ की विभीषिका से रूबरू हुए पूर्व विधायक

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बाढ़ प्रभावित गावों में पहुंचकर हालात का लिया जायजा

शासन से प्रभावित परिवारों को आवास देने, ऋण माफ़ी की मांग की

जगदलपुर. पूर्व विधायक व संसदीय सचिव रेखचंद जैन बाढ़ की विभीषिका से रूबरू होते प्रभावित गावों में पहुंचकर हालात का जायजा लिया. उन्होंने शासन से प्रभावित परिवारों को आवास देने, ऋण माफ़ी आदि की मांग की है. मंगलवार को बाढ़ प्रभावित गांव नदी बोड़ना, भेजापदर व रामपाल अपने सहयोगियों के साथ पहुंचे पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने हालात का जायजा लिया।

उन्होंने ग्रामीणों को राहत सामग्री प्रदान की. उन्होंने शासन- प्रशासन से मांग भी की. इस दौरान उनके साथ हेमू उपाध्याय, सुरेंद्र झा, गौरनाथ नाग, लैखन बघेल, बुधसन नाग, घनश्याम महापात्र आदि मौजूद थे. *यह रही मांगे*पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि कांग्रेस इस वक़्त प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है. उन्होंने शासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल आवास योजना का लाभ देते आवास उपलब्ध कराया जाए. साथ ही ऋण माफ किया जाए और खेती – किसानी के समस्त लाभ व सुविधाएं प्रदान की जाएं ताकि प्रभावित परिवारों का जीविकोपार्जन हो सके. नुकसान की भरपाई के लिए सर्वेक्षण और शासन द्वारा निर्धारित रकम का वितरण जल्द से जल्द करने की मांग भी पूर्व विधायक ने की है.

अनुसूचित क्षेत्रों के शिक्षकों को 10 दिन का अतिरिक्त अर्जित अवकाश

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बस्तर के शिक्षकों में छाई खुशी की लहर

जगदलपुर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन की मांग पर सहमति जताते हुए बस्तर जिला प्रशासन एवं जिला शिक्षा अधिकारी ने अनुसूचित क्षेत्र के शिक्षकों को दस दिन का अतिरिक्त अर्जित अवकाश देने का फैसला किया है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश भी जारी कर दिया है। बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा एवं जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल की इस त्वरित और न्यायसंगत कार्रवाई के लिए टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर छिकारा एवं डीईओ बघेल के प्रति आभार व्यक्त किया है।

इस आदेश से बस्तर जिले के हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों में खुशी की लहर है। आदेश जारी करने पर छग टीचर्स एसोसिएशन के संभागीय अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष डॉ. लुदरसन कश्यप, जिला सचिव मोहम्मद ताहिर शेख, जिला कोषाध्यक्ष अमित पाल, मनीष अहीर, जिला प्रवक्ता तुलादास मानिकपुरी, प्रदेश आईटी सेल नीलमणी साहू, जिला संगठन मंत्री ओमप्रकाश पटेल, जिला पदाधिकारी एवं सदस्य राजेश देशमुख, सितेंद्र कुमार साहू, डोमेश्वर सिँह साहू अन्य पदाधिकारियों ने डीईओ श्री बघेल को बधाई दी।

अतिवृष्टि और बाढ़ के बाद बस्तर में तबाही का मंजर

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गिरे मकान, फसलें हो गईं तबाह घर, संकट में ग्रामीण और किसान

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर में अतिवृष्टि और बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई है। बारिश थमने और बाढ़ का पानी उतारने के बाद तरफ तबाही का मंजर नजर आ रहा है। बस्तर और बकावंड विकासखंडों में मकानों तथा धान की खड़ी फसलों को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। बस्तर विकासखंड के मधोता, खैरगुड़ा, भैंसगांव, बोदरा, टिकनपाल, उसरी और सोनारपाल सहित कई गांवों में लगातार बारिश और बाढ़ से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कई स्थानों पर घरों में पानी घुसने से मकानों को नुकसान पहुंचा है, वहीं खेतों में खड़ी धान की फसल लंबे समय तक पानी में डूबे रहने के कारण अब सड़ने और सूखने लगी है। कई एकड़ फसल प्रभावित होने की स्थिति सामने आ रही है।

किसानों का कहना है कि धान की खेती में खाद, बीज, दवा और मजदूरी पर काफी खर्च किया गया है। कई किसानों ने खेती के लिए ऋण भी लिया है। ऐसे में फसल खराब होने से उन्हें कर्ज चुकाने और परिवार का खर्च चलाने की चिंता सताने लगी है। पानी उतरने के बाद खेतों में धान के पौधों की जड़ों में सड़न दिखाई दे रही है, जिससे नुकसान बढ़ने की आशंका है। बाढ़ प्रभावित किसानों में कुछ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा कराया है, लेकिन बीमा दावा करने की प्रक्रिया और नुकसान की सूचना देने संबंधी जानकारी कई किसानों को स्पष्ट नहीं है। वहीं जिन किसानों ने फसल का बीमा नहीं कराया है, वे प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान पर शासन से मिलने वाली राहत को लेकर जानकारी चाहते हैं। किसानों की मांग है कि प्रशासन प्रभावित गांवों में मकान और फसल नुकसान का मौके पर सर्वे कराए और वास्तविक क्षति दर्ज करे। साथ ही बीमित किसानों को दावा प्रक्रिया की जानकारी तथा बिना बीमा वाले पात्र किसानों को प्राकृतिक आपदा राहत के प्रावधानों की जानकारी दी जाए। किसानों का कहना है कि समय पर सर्वे और राहत प्रक्रिया शुरू होने से ही बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई में उन्हें सहायता मिल सकेगी।

सर्व आदिवासी समाज और अधिकारी-कर्मचारी प्रभाग ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए बढ़ाए हाथ

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भेजापदर और बैलगांव में बांटी राहत सामग्री

जगदलपुर सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग एवं अधिकारी- कर्मचारी प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान व संभागीय कार्यकारिणी के नेतृत्व में सामाजिक सरोकार और मानवता की मिसाल पेश करते हुए बस्तर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक राहत वितरण अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया। सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर एवं अधिकारी कर्मचारी प्रभाग की संभागीय कार्यकारिणी के नेतृत्व में समाज की टीम ने बाढ़ प्रभावित ग्राम भेजापदर एवं बेलगांव में स्थिति का जायजा लिया और जरूरतमंद पीड़ित परिवारों के बीच 400 नग कंबल एवं 100 नग ग्रीन चटाई का वितरण किया।राहत सामग्री वितरण के दौरान प्रभाग व समाज के पदाधिकारियों ने प्रभावित ग्रामीण परिवारों से संवाद कर उनका हालचाल जाना, उनकी तात्कालिक आवश्यकताओं को समझा और उन्हें ढांढस बंधाया।

इस अवसर पर पदाधिकारियों ने कहा कि मानवता और सेवा ही हमारा परम धर्म है। आपदा और विपरीत परिस्थितियों में समाज के जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े होना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। सर्व आदिवासी समाज भविष्य में भी जरूरत के मुताबिक पीड़ित एवं प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करता रहेगा। राहत सामग्री प्राप्त होने पर प्रभावित ग्रामीणों ने सर्व आदिवासी समाज एवं अधिकारी-कर्मचारी प्रभाग की संवेदनशील पहल के प्रति आभार व्यक्त किया। इस राहत कार्य में सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग के पदाधिकारियों, अधिकारी-कर्मचारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही। अभियान में प्रमुख रूप से प्रकाश ठाकुर संभागीय अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग, गंगाराम नाग जिला अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज बस्तर जिला पप्पूराम नाग कोषाध्यक्ष, बसंत कश्यप अध्यक्ष युवा प्रभाग सर्व आदिवासी समाज, माखन लाल सोरी सलाहकार, संभागीय कर्मचारी अधिकारी प्रभाग, स्थानीय ग्रामीण, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सरपंच संतोष कश्यप ने ली बाढ़ प्रभावित गुमड़ेल और कुरूषपाल के ग्रामीणों की सुध

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पीड़ित परिवारों का जाना हालचाल

बकावंड सरपंच संघ बकावंड के सचिव एवं ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा के सरपंच संतोष कुमार कश्यप ने बाढ़ प्रभावित ग्राम गुमड़ेल एवं कुरूषपाल का भ्रमण कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की तथा उनकी स्थिति का जायजा लिया। भ्रमण के दौरान सरपंच संतोष कुमार कश्यप ने देखा कि बाढ़ का पानी उतर जाने के बावजूद अनेक परिवार अभी भी कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। कई घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं तथा घरों में नमी और कीचड़ बने रहने के कारण लोगों को रहने, बैठने और सोने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों को काफी कठिनाइयां झेलनी पड़ रही हैं। संतोष कुमार कश्यप ने प्रभावित परिवारों से चर्चा कर उनकी समस्याओं को सुना तथा कहा कि इस कठिन समय में समाज के सभी लोगों को एकजुट होकर प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनसेवा केवल एक दायित्व नहीं बल्कि मानवता की सेवा का माध्यम है, और संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों का सहयोग करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।उन्होंने ग्रामीणों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि ऐसी विषम परिस्थितियों में पूरा समाज प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है तथा सभी के सहयोग और सहभागिता से लोग इस संकट से उबर सकेंगे।भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने बाढ़ से हुए नुकसान एवं अपनी समस्याओं से अवगत कराया। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

सरपंच-सचिव की लापरवाही ले डूबी बस्ती को

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जैतीगिरि में जलभराव, डूब गया पूरा मोहल्ला

जल निकासी के लिए ग्रामीणों ने अपने खर्च पर बुलाई जेसीबी

बकावंड सरपंच और सचिव की लापरवाही ने पूरी बस्ती को बड़ी परेशानी में डाल दिया है।लगातार बरसात और जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण बस्ती जलमग्न हो गई। मुसीबत में फंसे ग्रामीणों को राहत पहुंचाने जब सरपंच और सचिव ने कोई पहल नहीं की तो, परेशान ग्रामीणों ने अपनी जंग खुद लड़ने का फैसला कर लिया। ग्रामीणों ने अपने खर्चे पर जेसीबी बुलाकर जल निकासी की व्यवस्था कराई।

मामला विकासखंड बकावंड अंतर्गत ग्राम पंचायत जैतीगिरि का है। यहां बारिश के कारण एक मोहल्ला पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जिससे ग्रामीणों का निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बाद भी सरपंच, सचिव और पंच मौके पर नहीं पहुंचे। सरपंच अपने निजी काम में व्यस्त रहे और मोहल्ले की सुध लेने तक की जरूरत उन्होंने नहीं समझी। परेशान होकर ग्रामीणों ने जनपद पंचायत बकावंड की अध्यक्ष सोनबारी भद्रे से संपर्क कर समस्या बताई। अध्यक्ष ने शाम तक गांव का दौरा कर लापरवाह सरपंच-सचिव को फटकार लगाने का आश्वासन दिया और मुआवजा दिलाने की बात कही है। जब कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों ने खुद चंदा इकट्ठा कर जेसीबी मशीन बुलाई और नाली की सफाई कर पानी की निकासी कराई।

बाइस साल बाद ईसाई धर्म छोड़ छह सदस्यों ने फिर से अपनाया सनातन धर्म

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कुंरदी के सुलियागुड़ा में रीति रिवाज के साथ हुई सनातन धर्म में वापसी

अपनी जड़ों से पुनः जुड़ना स्वागत योग्य कदम: धनुर्जय बघेल

जगदलपुर विकासखंड जगदलपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंरदी के सुलियागुड़ा पारा में कचरा पाटी परगना माहरा समाज के नेतृत्व में एक परिवार के छह सदस्यों ने बाइस वर्षों से अपना रखे ईसाई धर्म को छोड़कर पुनः अपनी पारंपरिक संस्कृति,रीति रिवाज और सामाजिक परंपराओं से पुनः जुड़ने की इच्छा के साथ सनातन धर्म अपनाया। गांव के पारंपरिक रीति रिवाज एवं विधि विधान के अनुसार नाइक,पाइक एवं माहरा समाज के समाज प्रमुखों तथा ग्रामीणों की उपस्थिति में रुक्मणी कश्यप, बुदरी कश्यप, बाबूलाल कश्यप, राजमनी कश्यप, राममूर्ति कश्यप एवं अमन कश्यप ने फिर से सनातन धर्म स्वीकार कर लिया।इस अवसर पर समाज के धनुर्जय बघेल ने कहा कि बाइस वर्षों बाद परिवार का अपनी मूल सनातन परंपरा और संस्कृति से पुनः जुड़ना स्वागतयोग्य है। यह परिवार का स्वेच्छा से लिया गया निर्णय है। समाज उनकी परंपरा और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने की भावना का सम्मान करता है। कार्यक्रम में कचरा पाटी परगना माहरा समाज अध्यक्ष धनुर्जय बघेल एवं संरक्षक प्रेम चालकी, नाइक पाइक सहित समाज प्रमुख और ग्रामीण उपस्थित रहे।

बाढ़ पीड़ित करीब 2000 लोगों तक पहुंचाई राहत सामग्री, NSS स्वयंसेवकों ने निभाई मानव सेवा की जिम्मेदारी

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जगदलपुर। बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई, शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जगदलपुर के स्वयंसेवकों ने राहत एवं सेवा कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाई।NSS स्वयंसेवक भुवनेश्वर कश्यप के नेतृत्व में स्वयंसेवक भीमसिंह मंडावी एवं सुखदेव के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर करीब 2000 बाढ़ पीड़ित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई गई।इस दौरान प्रभावित लोगों को भोजन, कैंडल, बिस्किट सहित आवश्यक राहत सामग्री वितरित की गई। स्वयंसेवकों ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और जरूरतों को जाना तथा हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।भुवनेश्वर कश्यप ने कहा कि आपदा की घड़ी में जरूरतमंद लोगों के साथ खड़ा होना ही सच्ची मानव सेवा है। राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य भी समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता करते हुए सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है।इस राहत कार्य में भीमसिंह मंडावी एवं सुखदेव ने सक्रिय रूप से सहयोग करते हुए बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

छत्तीसगढ़ में 125 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के तबादले, कई जिलों के अपर कलेक्टर बदले

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नवा रायपुर, 29 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 125 अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नवीन पदस्थापना का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित करते हुए आगामी आदेश तक नवीन पदस्थापना दी गई है।जारी सूची में अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारियों के पदस्थापना स्थल में बदलाव किया गया है। बालोद जिले से भी कई अधिकारियों का तबादला हुआ है

। अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक को बालोद से सारंगढ़-बिलाईगढ़ का अपर कलेक्टर बनाया गया है। वहीं अपर कलेक्टर गिरधारी लाल यादव को मुंगेली से बालोद पदस्थ किया गया है।इसके अलावा आदेश में डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारियों के भी विभिन्न जिलों में स्थानांतरण किए गए हैं। प्रेमूलाल साहू, जो दुर्ग में डिप्टी कलेक्टर थे, को राज्य निर्वाचन आयोग, नवा रायपुर में अवर सचिव पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं गोविंद कुमार सिन्हा, डिप्टी कलेक्टर नारायणपुर, को छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड, रायपुर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को नवीन पदस्थापना में कार्यभार ग्रहण कर पालन प्रतिवेदन तत्काल विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश 29 सितंबर 2026 को जारी किया गया है।

बाढ़ और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर रहे पूर्व विधायक चंदन कश्यप, ग्रामीणों का दर्द बांटकर प्रशासन से की 50,000 रुपये तत्काल राहत राशि की मांग

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भानपुरी l क्षेत्र में लगातार हुई मूसलाधार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण उत्पन्न हुई बाढ़ व जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए पूर्व विधायक श्री चंदन कश्यप ने कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम घोटिया, नारायणपाल, राजपुर, सरगीगुड़ा, कोहका सिवनी और पालाबहार पहुंचकर सीधे बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों, किसानों और माता-बहनों से मुलाकात किया तथा उनका हाल-चाल जाना।राशन की समस्या पर तत्काल एक्शन: ग्राम कोहका सिवनी में मुलाकात के दौरान माता-बहनों ने राशन नहीं मिलने की गंभीर समस्या पूर्व विधायक को बताई।

उनकी पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए कश्यप ने मौके से ही उच्च अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा की और प्रभावित क्षेत्र में तत्काल राशन उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए।साथ ही गांवों में पहुंचकर घरों में पानी भरने, रोजमर्रा की बाधाओं और खेतों में पानी भरने से किसानों की बर्बाद हुई फसलों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जिस फसल के लिए किसान ने महीनों मेहनत की, पूंजी लगाई और उम्मीदें जोड़ीं, आज उसके नुकसान से किसान गहरी चिंता और आर्थिक संकट में है।और श्री कश्यप ने राज्य सरकार और प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि बाढ़ उतरते ही तुरंत सर्वे करवाया जाए। बाढ़ और जलभराव से प्रभावित किसानों को फसल नुकसान के आधार पर उचित मुआवजे के साथ-साथ कम से कम ₹50,000 की तत्काल राहत राशि दी जाए, ताकि संकट की इस घड़ी में उन्हें आर्थिक संबल मिल सके।”किसान की फसल का नुकसान केवल खेत का नुकसान नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार की आजीविका पर आघात है।

ऐसे कठिन समय में सरकार और प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ आगे आकर किसानों का हाथ थामना चाहिए।” ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भानपुरी के अध्यक्ष धनुर्जय नेताम ने भी कहा कि राहत केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि किसानों की वास्तविक जरूरत के अनुरूप समय पर मिलनी चाहिए।इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भानपुरी के अध्यक्ष धनुर्जय नेताम, निलय कश्यप (नानु), जीवन सेठिया, मोसूराम बघेल, सुखराम बघेल, सत्यकान्त कश्यप, सोनधर दिवान, छोटू चौबे, प्रमोद मौर्य, त्रिलोक कश्यप, चिंगडु कश्यप सहित बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने अपनी समस्याएं पूर्व विधायक के समक्ष रखीं।

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