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ना नौ मन तेल होगा और ना राधा नाचेगी – भूपेश बघेल, इलाका कुत्ते-बिल्ली का होता है मुख्यमंत्री पूरे राज्य का, वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला को सीएम की खरी-खरी

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जगदलपुर। राष्ट्रीय मीडिया के मठाधीश छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल को घेरने के लिए कई जतन करते हैं किंतु वह ऐसे मुख्यमंत्री हैं जोकि उनकी बोलती बंद कर देते हैं,ऐसा ही एक वाक्या एक पखवाड़े के भीतर दो बार घटित हो गया है।आज ताजा मामलें में वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला को खरी-खरी सुनाने से भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरेज नहीं किया। आज प्रभु चावला कोविड-19 मामले को लेकर उन्हें घेर रहें थे और इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा कि नौ मन तेल होगा और ना राधा नाचेगी। दरअसल वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जब मौका मिलेगा उनसे सवाल पूछूंगा।

जगजाहिर है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसी भी पत्रकारों के प्रश्नों का जवाब नहीं देते तो फिर वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला को कैसे जवाब देंगे। एक अन्य प्रसंग का उल्लेख करना भी लाजीमी है कि आज तक के पत्रकार द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दुर्ग-भिलाई को लेकर कहा था कि आपके इलाके में कोविड का कहर है तो उन्होंने तपाक से कहा था कि इलाका कुत्ते-बिल्ली का होता है मुख्यमंत्री तो पूरे प्रदेश का होता है। कुल मिलाकर विपक्षियों के जो आरोप मीडिया पर लगते हैं कि यह लोग गोदी मीडिया है और उनके स्क्रिप्ट को पढ़ते हैं और विपक्षियों से सवाल पूछते हैं जबकि निष्पक्ष पत्रकार सत्तारूढ़ दल से बखिया उधेड़ते हैं।

भगवान भरोसे कोविड सेंटर धरमपूरा, प्रशासनिक उदासीनता से बुरा हाल

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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ सरकार लाख दावे करे कि कोविड़ सेंटर सुरक्षित हाथों में है किंतु यहां की व्यवस्था की बानगी तस्वीरों से साफ दिखाई देता है कि कोविड सेंटर में रहने वाले भगवान भरोसे हैं तथा उनसे स्वीपरों जैसा काम कराया जा रहा है। पूरे कोविड़ परिसर की साफ-सफाई कराई जा रही है और प्रबंधन कहती हैं कि झाड़ू लगाने से कोरोना भाग जाएगी।

कोविड़ सेंटरों में रहने वाले लोगों का कहना है कि यहां जो स्वीपर हैं कथित मरीजों का नब्ज टटोल रहें हैं और ब्लड प्रेशर व ऑक्सीजन लेबलिंग जांच रहें हैं तथा यहां पदस्थ स्टाफ नर्स व कम्पाउन्डर भी रौब दिखाने से परहेज़ नहीं करते हैं। यहां तैनात चिकित्सकों को किसी पैसेंट ने भी नहीं देखा है और चिकित्सक के बारे में जब पूछा जाता है तो वह उसका नंबर देकर इतिश्री कर ली जाती है।कुल मिलाकर धरमपूरा कोविड़ सेंटर जी का जंजाल बना हुआ है और जिम्मेदार उल्टे -सीधे तर्क देकर मरीजों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

ढुंढ रहे जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को

मरीजों का कहना है कि सोशल मीडिया पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को तो देखा जा रहा है और सांसद दीपक बैज और विधायक रेखचंद जैन कार्य भी मानवता का कर रहें हैं किंतु वह लोग धरमपूरा कोविड़ सेंटर कब पहुंचेंगे और कब व्यवस्था दुरुस्त करने में मदद करेंगे।

आन्दोलनजीवी का धरना सिर्फ इस आपदा में नौटंकी है

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मांगे हिसाब प्रधानमंत्री मोदी से…चुनाव के बाद देश की याद आयी, छत्तीसगढ़ की स्थिति दूसरे बीजेपी राज्यो से अच्छी –अभिषेक डेविड

बस्तर जिला युवा कांग्रेस महासचिव डेविड ने बीजेपी(आंदोलनजीवी) द्वारा दिये गए धरने को एक फ्लॉप शो बताया,और कहा कि आज का धरना मोदी की विफलता को राज्यसरकार पर मोड़ने की साजिश है और मोदी सरकार पर लगी कालिख को पोंछने की कवायद है, जब कोरोना पर रोक लगाने की जरूरत थी उस समय यही भाजपाई थाली,ताली और घंटा बजा रहे थे, लाइट बंद कर रहे थे।

आपदा प्रबंधन कानून के तहत केंद्र सरकार को करोना के संबंध में सारे अधिकार है, तो वह एक साल से क्या कर रही थी, विश्व स्वास्थ्य संगठन के संपर्क में भारत सरकार थी, उन्हें सारी स्थिति की जानकारी थी तो क्यो ऑक्सीजन सहित अस्पतालों की व्यवस्था पूरे देश मे नही की।

अब बंगाल,असम चुनाव निपटाने और देश मे त्राहि त्राहि मचने के वाद झूठे आंसू दिखाने का नाटक क्यो कर रही है। छत्तीसगढ़ के बीजेपी नेता छत्तीसगढ़ के लिए ऑक्सीजन, बेड और जीवन रक्षक दवा की मांग केंद्र से क्यो नही करते।

छत्तीसगढ़ के पब्लिक सेक्टर व अन्य उद्योगों के सीएसआर मद को भी पीएम केअर फंड में क्यो ले लिए मोदी ने सांसदों की सांसद निधि का पैसा तक ले रखा है, फिर पीएम केअर फंड का इस्तेमाल कहा किया बताये,बीजेपी पूछे अपने प्रधानमंत्री से की पीएम केयर से कितनी राशि छत्तीसगढ़ को दिए।

सबको पता है कि छत्तीसगढ़ सरकार इस संकट के दौर में सभी कोरोना पीड़ितों का इलाज अन्य बीजेपी राज्य से अच्छा कर रही है ,मध्यप्रदेश की स्थिति किसी से नही छुपी है। बीजेपी आपदा में राजनीति मत करे सीधे केंद्र से स्वास्थ्य सुविधाओं को छत्तीसगढ़ में दिलाने की मांग करे ,घर के सामने 5 मिनट बैठकर फ़ोटो खिंचाने से छत्तीसगढ़ की जनता माफ नही करेगी।

कोविड सेंटर धरमपुरा में अव्यवस्था की हद पार हो गई… तुगलकी फरमान और धमकी भरे नियमों से मरीजों का हाल हो रहा बदहाल…

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जगदलपुर… समूचा बस्तर जिला इन दिनों कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से लगातार संक्रमण की खबरें आ रही हैं वहीं दूसरी ओर बस्तर जिला प्रशासन भी अपने जिले के रहवासियों को इस वैश्विक महामारी से बचाने लगातार प्रयास कर रही है विशेषकर बस्तर कलेक्टर रजत बंसल बस्तर जिले के लिए दिन रात मेहनत करते दिखाई दे रहे हैं लेकिन बस्तर जिला प्रशासन के मुखिया के कोरोना मरीजों के लिए व्यवस्थाओं को सुधारने के अथक प्रयासों के बावजूद भी उनके अधीनस्थ अधिकारी व्यवस्थाओं को बिगाड़ने में लगे हुए हैं संक्रमण के इस दौर में गंभीर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की वजह से बस्तर जिला प्रशासन की छवि भी धूमिल हो रही है |

दरअसल कोविड-19 महामारी से संक्रमित मरीजों के लिए बनाए गए धरमपुरा सेंटर में इन दिनों प्रभारी अधिकारी की लापरवाहीयों की वजह से मरीज ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं मरीजों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि प्रतिदिन कमरों के अंदर और अस्पताल परिसर की साफ सफाई करने को कहा जाता है मरीजों से कहा गया कि अपना कचरा खुद साफ करो यहां कोई तुम्हारा सगा संबंधी नहीं बैठा है और मना करने पर उन्हें झाड़ू लगाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने की बेतुकी बात कही जाती है भर्ती मरीजों ने बताया कि उन्होंने आज तक डॉक्टर को नहीं देखा है लगातार लापरवाही की वजह से मरीजों का मनोबल गिर रहा है वही घटिया स्तर के भोजन और नाश्ते की व्यवस्था के चलते मरीजों में लगातार शारीरिक कमजोरी देखी जा रही है उन्हें उपलब्ध कराए जा रहे खाने में कीड़े निकल रहे हैं आधे पके चावल चावल और कच्ची रोटियों की वजह से उनकी सेहत लगातार गिर रही है और मजबूरन उन्हें दिए गए खाना को अस्पताल परिसर में विचरण कर रहे गाय और कुत्तों को देना पड़ रहा है नाश्ते में पोहा के नाम पर बासी चावल की फ्राई मरीजों को दी जा रही है |

घटिया स्तर की भोजन व्यवस्थाओं के चलते मरीजों का हाल लगातार बदहाल हो रहा है वहीं भर्ती मरीजों की सुध लेने वाला कोई नहीं है प्रभारी अधिकारी सिर्फ व्यवस्था सुधारने की बात करते हैं जो सिर्फ दिखावा साबित हो रहा है सेंटर में भर्ती मरीजों ने स्थानीय विधायक और सांसद के अलावा बस्तर कलेक्टर से निवेदन करते हुए कहा कि जल्द से जल्द व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए प्रभारी अधिकारी को निर्देशित करें और भोजन व्यवस्था में सुधार हेतु अच्छे और जिम्मेदार कर्मचारी की नियुक्ति की जाए |

पीएमजीएसवाई मे घटिया सड़क निर्माण, शिकायत के बाद भी अधिकारी ने नहीं रोकवाया निर्माण, पूर्व सरपंच ने भी सड़क निर्माण के गुणवतता पर उठाया सवाल।

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नारायणपुर – करोना काल में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत ग्राम पंचयात बम्हनी के आश्रित ग्राम मेटाडोंगरी से सरगीपाल- मुख्य मार्ग सोनपुर रोड ब्रेहबेड़ा तक गुणवक्ताहीन सड़क निर्माण किया जा रहा है! ज्ञात हो की डब्लूबीएम के बाद पीएमसी (प्राइम मिक्स कारपेट) डामरीकरण करने का कार्य शुरु किया गया किया जा रहा था, जो डामरगिट्टी सड़क मे बिछाने के लिए लाया गया था उसका तापमान शून्य था और गुणवक्ताहीन, वही ठन्डे डामर गिट्टी को बिछाने से रोलर मे वंहा अच्छे से दब नहीं पाया जिससे सड़क बराबर और समतल भी नहीं हैं सड़क के बीच मे कही भी पैर से ठोंकर मारो तो सड़क उखड़ जाता है, ऐसे गुणवक्ताहीन सड़

क का निर्माण किया जा रहा है जबकि कांग्रेस के पदाधिकारी ने डामरगिट्टी बिछाने से पहले अधिकारियो से फोन पर सम्पर्क कर ठेकेदार का शिकायत भी किया था फिर भी अधिकारियो ने नज़र अंदाज कर गुणवक्ताहीन सड़क बनने से नहीं रोका, सड़क को देखकर ग्राम के पूर्व सरपंच और ग्रामीणों मे भी काफ़ी रोष है! ज्ञात हो की यहा सड़क अबुझमांड जाने का आंतरिम कॉरिडोर मार्ग भी है मालूम हो की आज़ादी के बाद यह पहली बार सड़क बनाने के लिए बजट आया हुआ है और डामरीकरण सड़क का निर्माण किया जा रहा है जिससे ग्रामीणों के काफ़ी खुशी थी पर घटिया और निम्न स्तर का सड़क देख उनमे भी काफ़ी रोष व्याप्त है ग्राम के पूर्व सरपंच चैतराम कुमेटी ने भी इंजीनियर से फोन पर चर्चा किया जिनसे इंजीनियर ने रोड अच्छा बन रहा हैं बोलकर फोन कट कर दिया, मालूम हो यह ठेकेदार विभाग के चहते ठेकेदार है और इस क्षेत्र मे लंबे समय से कार्य कर रहें है! ,

अबुझमाड के सुदूर वनांचल क्षेत्र के आदिवासी ग्रामों तक टीकाकरण का कार्य स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा किया गया

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एस. करीमुद्दीन UNI

छत्तीसगढ़ का सबसे अतिसंवेदनशील इलाका, पहुंचविहिन और सबसे कम साक्षरता का इलाका अबूझमाड़ का है. यहां घनघोर जंगल, नदी-नाले और पहाड़ संवेदनशील होने के कारण सैकड़ों गांव तक प्रशासन की पहुंच नही है. अति संवेदनशील इलाके में बीजापुर जिले के भैरमगढ़ से मेडिकल टीम अबूझमाड़ से लगे दूरस्त गांव में डाॅ. सरिता मनहर के नेर्तत्व में यह टीम नदी पार कर ताकीलोड़ गांव पहुंचा जहां आदिवासियों का कोरोना उपचार टीकाकरण किया जाना था.

जिला टीकाकरण अधिकारी डाॅ. के. बनपुरिया ने बताया कि बस्तर संभाग का अबूझमाड़ इलाका जो बीजापुर, नारायणपुर, महाराष्ट्र सीमा क्षेत्र में आता है वहां के अधिकांश लोग अनपढ़ एवं अशिक्षित है, इसलिए हर तरह की दिक्कत आती है. दूर-दूर गांव पारा टोला में होने से कोरोना टीका के साथ पहुंचना कठीन काम था. इसके बावजूद महिला चिकित्सक सरिता मनहर भैरमगढ़ ब्लाॅक का ताकीलोड़ गांव पहुंचना मेडिकल स्टाॅफ को जोखिम उठाना कम नही है. इस इलाके सारे गांव अतिसंवेदनशील माने जाते है और यह इस गांव में पहुंचे वाली पहली महिला चिकित्सक है.

डाॅ. सरिता मनहर ने बताया कि मोटरसाईकिल, नाव एवं पैदल सफर कर गांव तक पहुंचा गया. उन्होंने बताया कि इन्द्रावती के उसपार के सारे गांव अतिसंवेदन शील माना जाता है सड़के नही होने से नदी नाले खेत पहाड़ पगडंडीयों के रास्ते हमारा दल पहुंचा. यहां के आदिवासियों ने टीका करण का विरोध नही किया न हमसे कुछ पुछताछ की यह इलाका गोड़ी भाषा जानने वाला है इसलिए यह दल गोड़ी बोली जानने वाला स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल थे.

उन्होंने बताया कि महिला चिकित्सक होने से गांव में महिला मरीजों का संकोच दूर हुआ इस जोखिम भरे सफर में जहां हर कदम पर नक्सलवाद का खौफ है वहा जाने में किसी प्रकार का संकोच व डर नही लगा.

डाॅ. सरिता ने बताया कि गत 18 जुलाई 2020 को बीजापुर जिले के भैरमगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उनकी पदस्थापना हुई बीजापुर के नाम से वैसे ही डरते थे. क्योंकि लगातार आये दिन इस इलाके में नक्सलियों की घटनाए होती थी. पर अब मेरी नजरों में भैरमगढ़ बहुत प्रकृति सुंदरता से भरपूर है यहां के लोग सीदे-सादे व सरल स्वभाग के है इस इलाके में अधिकांश अनिमिया एवं मलेरिया के मरीज अधिक है प्रारंभ में गोड़ी भाषा होने के कारण दू-भाषियों को साथ में रखना पड़ता था अब धीर-धीरे टूटी बोली मैने भी सिख ली है इस इलाके में सबसे ज्यादा बच्चे व गर्भवती महिला कुपोषण की शिकार है.

डाॅ. सरिता ने बताया कि ताकीलोड़ जाने से पहले मुझे ताकीलोड़ का नाम भी ठीक से याद नही हो रहा था. नदी तक हमारी टीम एम्बुलेंस में गयी, फिर रेत में पैदल चलकर नदी में नाव में सवार हुए नाव डगमगा रही थी. नदी के उसपार हम चार बाईक में सवार होकर हमने कुछ लोगों को समान लेके आगे भेज दिया और कुछ दूरी तक पैदल जंगलों मंे गये समान छोड़कर आने के बाद हम बाईक में सवार होकर गांव पहुंच गये. वापसी में बारिश, जंगलों के बीच पगडंडी से गुजर कर घर तक पहुंचे.

युकां जिला मीडिया प्रभारी आदित्य के निवेदन पर वार्ड में सैनिटाइजर का छिड़काव

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बालोद जिला के दल्लीराजहरा मे कोविड – 19 कोरोना संक्रमण को देखते हुए वार्ड क्र. 15 के युवा आदित्य रामटेके ने वार्ड क्र.15 मे शाहिद हॉस्पिटल ओ.पी.डी जाने वाले रास्ते एवं वार्ड मे सभी जगह सेनिटाइज़र का छिड़काव करवाया एवं बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए वार्ड वासियो को टीकाकरण कराने की सलाह दिया। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि जिस किसी भी व्यक्ति को कोरोना संक्रमण से बचाओ हेतु टीका नही लगा है वो शाहिद हॉस्पिटल में जा कर वैक्सीन लगवाए । मीडिया प्रभारी आदित्य की निवेदन के पश्चात जिस व्यक्ति को टीका नही लगा है वह कोरोना संक्रमण से बचाओ हेतु टीका लगवाने के लिए के शाहिद हॉस्पिटल लिए प्रस्थान किया , एवं वार्ड के सभी युवाओं से निवेदन किया कि 1 मई से 18 वर्ष वालो को निःशुल्क वैक्सीन लगाया जाएगा आप सभी इसमें हिस्सा ले कर वैक्सीन अवश्य लगवाए ।

Breaking बालोद जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला कलेक्टर ने फिर से बढ़ाया लॉकडाउन

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बालोद जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला कलेक्टर ने 06 मई 2021 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है –

पूर्ण लॉकडाउन में भी बंद दुकान के अंदर से समान बेचने पर नायब तहसीलदार चालानी कार्यवाही की गई

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बालोद–वैश्विक महामारी के चलते जहां पूरा देश कोरोनावायरस से लड़ रहा है वही आज सभी जिलों में पूर्ण लॉकडाउन है पूर्ण लॉकडाउन है जहां आज दिनांक 24.04.2021 को गुरुर नगर के सोनू डैली नीड्स बंद दुकान के अंदर से ही समान बेच रहा था गुरूर नगर पंचायत की टीम व नायब तहसीलदार गुरूर शिवेंद्र सिन्हा जी ने सोनू डेली नीड्स के विरुद्ध लॉक डाउन नियमों का उल्लंघन करने के कारण में 3000 रु चालानी कार्यवाही की गई है।

कोरोना टीकाकरण में सहयोग करते हुए स्वयंसेवक

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बालोद–युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार , भारत सरकार राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत डॉ. लीना साहू जिला संगठक जिला – बालोद रासेयो के मार्गदर्शन में मां बहादुर कलारिन कला एवं विज्ञान महाविद्यालय गुरूर जिला – बालोद के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नाजमा बेगम के नेतृत्व में स्वयंसेवक अजय कुमार बी. एस. सी. तृतीय वर्ष ने निस्वार्थ सेवा भाव से काम करने का संदेश दिया एवं टीकाकरण में अपना सहयोग प्रदान किया साथ ही टीका लगवाने हेतु जागरूक किया।

अपने ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर इसी प्रकार के जनसेवा कार्यों में सहयोग करते हुए लोगों में कोरोना वायरस से बचने हेतु हैंड सैनेटाइजर का प्रयोग , मास्क वितरण , साथ ही अनेकों जनजागरुकता कार्यक्रमों में निरंतर निस्वार्थ भाव से सहयोग प्रदान करते हैं। इस काम में मां बहादुर कलारिन कला एवं विज्ञान महाविद्यालय गुरूर की प्राचार्य / कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नाजमा बेगम रासेयो का मार्गदर्शन हमेशा स्वयंसेवकों के साथ रहता है।

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