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आमचो बस्तर हेरीटेज सोसायटी के विभिन्न पदों पर होगी भर्ती

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जगदलपुर 19 अप्रैल 2022/ आमचो बस्तर हेरीटेज सोसायटी के तहत बस्तर एकेडमी ऑफ डांस, आर्ट एण्ड लिटरेचर (बादल एकेडमी), बस्तर आर्ट गैलरी, बस्तर कलागुड़ी हस्तशिल्प निर्माता संगठन, टेक्नोलॉजी हब एंड इनोवेशन फॉर नॉलेज बस्तर (थिंक बी). ट्रेवल बस्तर एवं सोसायटी के विभिन्न अनियमित पदों पर वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से भर्ती की जाएगी। इसकी विस्तृत जानकारी बस्तर जिले की अधिकृत वेबसाईट https://bastar.gov.inपर उपलब्ध है। इच्छुक उम्मीदवार 27 एवं 28 अप्रैल 2022 को सुबह 10.30 से शाम 4.30 बजे तक बादल एकेडमी आसना में संचालित कार्यालय आमचो बस्तर हेरीटेज सोसायटी कार्यालय में निर्धारित शुल्क जमा कर आवेदन पत्र का प्रारूप प्राप्त किया जा सकता है।

खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की तर्ज पर बस्तर, सरगुजा और रायपुर में लोककला एवं संस्कृति महाविद्यालय

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सतरेंगा, गंगरेल और चित्रकूट में खुलेंगे बजट होटल
मुख्यमंत्री ने पर्यटन और संस्कृति विभाग के कार्यो की प्रगति की समीक्षा की
ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों, पर्यटन स्थलों में पर्यटकों के लिए विकसित की जाएं सुविधाएं

रायपुर/मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ की तर्ज पर बस्तर, सरगुजा और रायपुर में लोककला एवं संस्कृति महाविद्यालय प्रारंभ करने का प्रस्ताव तैयार करने संस्कृति विभाग को निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महाविद्यालयों के प्रारंभ होने से बस्तर और सरगुजा अंचल की लोककला और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक का एक सेंटर छत्तीसगढ़ में शुरू करने का प्रस्ताव केन्द्र को भेजने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय में समीक्षा बैठकों के क्रम में पर्यटन एवं संस्कृति विभागों के काम-काज की समीक्षा कर रहे थे।

बैठक में गृह एवं पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष चित्ररेखा साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक संस्कृति विवेक आचार्य, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक अनिल साहू, मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सौम्या चौरसिया सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा, लोककला दलों के माध्यम से आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि कला जत्थों के जरिए स्थानीय बोली-भाषाओं में कार्यक्रम तैयार कराए जाएं, जिससे उनका अच्छा प्रभाव हो। उन्होंने कहा कि इससे विशेष पिछड़ी जनजातियों-सरगुजा के पण्डो, कवर्धा के बैगा और गरियाबंद, सिहावा-नगरी और मगरलोड क्षेत्र की कमार जनजाति के लोगों में शासकीय योजनाओं, स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति जागरूकता का संचार होगा। उन्होंने कहा कि रामायण मंडली प्रोत्साहन योजना के तहत मानस प्रतियोगिता अगले वर्ष जनवरी में आयोजित की जाए।

दामाखेड़ा में भी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित किया जाए

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, वहां पर्यटकों के रूकने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से होटलों की सुविधा सहित शौचालय, पेयजल, आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने की जरूरत पर बल दिया। शिवरीनारायण, चंदखुरी, राजिम, सतरेंगा, चित्रकोट, चम्पारण, गंगरेल जैसे पर्यटन स्थलों में ये सुविधाएं विकसित की जाएं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों पर्यटन स्थलों में पर्यटन के दृष्टिकोण से सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिमगा तहसील के समीप स्थित ऐतिहासिक कबीरभूमि दामाखेड़ा में भी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि दामाखेड़ा (कबीर तालाब) को विकसित करने के लिए 22.43 करोड़ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पर्यटन विभाग के पुराने मोटल्स के निजी क्षेत्र की भागीदारी से सुचारू संचालन की कार्ययोजना की प्रगति की जानकारी ली। राम वन गमन पर्यटन परिपथ के तहत विकसित किए जा रहे पर्यटन स्थलों की प्रगति की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे कार्य पूर्ण होते जाते हैं, उनका लोकार्पण किया जाए, जिससे लोगों को जल्द सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने अमरकंटक मार्ग के सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बांधों और जलाशयों के समीप उपलब्ध शासकीय भूमि में निजी क्षेत्र की भागीदारी से वोटिंग, वाटर स्पोटर्स, पर्यटकों के ठहरने के लिए सुविधाएं विकसित की जाएं।

मोदी सरकार की मुनाफाखोरी और महंगाई दोनों बेलगाम -मरकाम

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रायपुर19 अप्रैल । थोक महंगाई दर में हुई वृद्धि को लेकर मोदी सरकार को घेरते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि केंद्र में बैठी मुनाफाखोर मोदी सरकार की बदौलत देश में महंगाई और भी ज्यादा विस्फोटक होने लगी है। एक ओर खुदरा महंगाई में लगातार बढ़ोतरी के कारण आम आदमी अपनी रोजमर्रा के जरूरत की चीजों से दूर होते जा रहा है वही अब थोक महंगाई दर में 14.55 प्रतिशत का उछाल यह बताता है कि आम आदमी को अब खाने और पहनने के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा। हर जगह महंगाई से हाहाकार मचा हुआ है,मगर देश की गूंगी-बहरी सरकार को कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। केवल आम जनता से लूटना और अपने उद्योगपति मित्रों की जेब भरना मोदी सरकार का मुख्य धंधा बना हुआ है।
श्री मरकाम ने कहा कि मोदी निर्मित महंगाई देश के आम आदमी पर चौतरफा अत्याचार कर रही है। ईंधन के दाम पिछले 20 दिनों में 11 प्रतिशत बढ़ चुके हैं। पिछले आठ सालों में केंद्र सरकार ने बार-बार पेट्रोल और डीजल पर करों में वृद्धि कर जनता से 26 लाख करोड़ रुपये वसूल लिए हैं। इसके बावजूद मोदी सरकार के वसूली का सिलसिला थम नहीं रहा है। मोदी सरकार के चालचलन से साफ समझ आता है कि देश की पूंजीवादी सरकार चंद औद्योगिक घरानों की चाकरी और चौकीदारी कर रही है। देश में गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी ने उत्पात मचा रखा है, मगर जनता की चुनी केंद्र सरकार उद्योगपतियों को राहत देने में लगी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि देश में हर रोज गरीबों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, हर रोज किसी न किसी उपक्रम पर ताला लग रहा है, प्रतिवर्ष दो करोड़ रोजगार देने की बात करने वाली सरकार में हर रोज सैकड़ों लोग बेरोजगार हो रहे हैं। देश के आजाद होने के बाद नई योजनायें बनाया। सिंचाई सुविधायें बढ़ाकर नये कल कारखाने लगाकर शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधायें बढ़ाकर कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों ने भारत को मजबूत राष्ट्र के रूप में खड़ा किया। मोदी सरकार की नीतियों से देश का आम आदमी बदहाल और कर्जदार हो रहा है। भाजपा देश को आजादी के तुरंत बाद वाली उस स्थिति में लाना चाहती है, जब लोगों के पास खाने के लिए अनाज और पहनने के लिए कपड़ा नहीं था। जनता को दाने-दाने का मोहताज करने वाली मोदी सरकार को सत्ता में रहने का बिल्कुल भी नैतिक अधिकार नहीं है।

निवेशकों की रकम प्रशासन के खाते में फंसी, भूपेश हैं तो भरोसा है कि सिर्फ बातों का जमाखर्च मिलेगा- विष्णुदेव

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रायपुर19 अप्रैल। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने चिटफंड कंपनियों की संपत्ति की नीलामी से मिली रकम निवेशकों को मिलने की बजाय जिला प्रशासन के खाते में फंसी होने पर इसे सरकार की अंधेरगर्दी बताते हुए कहा है कि भूपेश हैं तो भरोसा है कि सिर्फ बातों का जमाखर्च मिलेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल निवेशकों को पैसा वापस दिलाने का खूब प्रचार करते हैं लेकिन सत्य यही है कि इन निवेशकों के नाम पर वे वैसी ही राजनीति कर रहे हैं जैसे हर मामले में घटिया राजनीति करते हैं। यह भूपेश बघेल सरकार की अकर्मण्यता का भी उदाहरण है कि निवेशकों की रकम दो माह से जिला प्रशासन के खाते में फंसी हुई है और इसके लिए कोई पुख्ता प्रक्रिया नहीं हो सकी है कि रकम निवेशकों के खाते में किस आधार पर भेजनी है। यह भी तय नहीं है कि निवेशकों को उनकी रकम कब मिलेगी।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि यह सरकार की भर्राशाही का नमूना है कि निवेशकों को राशि का वितरण किस प्रकार करना है, इसकी कोई योजना ही नहीं है। निवेशकों को मिलने वाली साढ़े पांच करोड़ रुपये से अधिक की रकम का ब्याज जिला प्रशासन के खाते में जा रहा है और निवेशक अपनी रकम मिलने के इंतजार में भटक रहे हैं। कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में जितने भी वादे किए थे, वे सभी अधोगति को प्राप्त हो गए। निवेशकों का पैसा लौटाने के वादे पर भी हवा में काम हो रहा है। कांग्रेस का जनघोषणा पत्र घोटाला पत्र में बदल गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, जनजातीय महोत्सव समाज और आदिवासियों के बीच सेतु

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भाषा, संस्कृति, नृत्य और साहित्य ही नहीं जनजातियों को भी बचाने की भी जिम्मेदारी

राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

रायपुर। राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आयोजन को समाज की मुख्यधारा और आदिवासी धारा के बीच का सेतु बताया। तीन दिवसीय जनजातीय साहित्य महोत्सव का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ 44 प्रतिशत जंगल से घिरा हुआ है। यहां 31 प्रतिशत जनजातियां निवास करती हैं। उनकी अलग भाषा-बोली और जीवन शैली है। छत्तीसगढ़ देश का नौवां और जनसंख्या की दृष्टि से 16वां बड़ा राज्य है। अब तक यह अछूता प्रदेश रहा है। पिछले तीन सालों में हमने जो किया, वह सबके सामने है। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव किया, वह अंतर्राष्ट्रीय हो गया। दुनिया के कई देशों के प्रतिभागी आए। बाहर के लोग आए तो इस राज्य के प्रति उनकी सोच बदली।

मुख्यमंत्री ने कहा, यह चिंता का विषय है कि कई जनजातीय बोलियों का अस्तित्व संकट में है। इसकी वजह से संस्कृति, विचार परंपरा भी विलुप्त होती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यहां की 16 बोली-भाषाओं की पुस्तकें प्राइमरी स्कूल में ही शामिल की हैं। बस्तर में बादल एकेडमी नाम से एक संस्था बनाई है। वह वहां की कला, साहित्य और भाषा आदि को सहेजने की कोशिश कर रहे हैं। सौभाग्य की बात है कि इतने वर्षों के बाद पहली बार यहां साहित्य महोत्सव का आयोजन हो रहा है। मुख्यधारा और आदिवासी धारा के बीच कोई सेतु नहीं है। इसकी वजह से दोनों धाराओं में क्या बदलाव हो रहा है, दूसरी तरफ के लोग नहीं जान पा रहे हैं। यह कार्यक्रम इन दोनों धाराओं के बीच एक पुल का काम करेगा।

केवल इमारती पेड़ लगाने से दूर हुए आदिवासी

मुख्यमंत्री ने कहा, जंगल क्यों कट रहे हैं। एक समय था कि आदिवासियों को नमक के अलावा कुछ नहीं चाहिए था। बाद में हमने देखा कि जंगल से फलदार और उपयोगी वृक्ष काट दिए गए। जंगल के नाम पर इमारती पेड़ ही लगाते गए। इससे सबसे ज्यादा नुकसान आदिवासियों को हुआ है। वे लोग जंगल से अलग हो गए। हमने तय किया है कि जंगल में जो भी पेड़ लगाया जाएगा, वह फलदार पेड़ ही होगा। इससे हमारा जंगल भी हराभरा रहेगा और आदिवासियों की जीविका भी सुरक्षित होगी।

संरक्षित जनजातियों को जागरुक करना जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा, प्रिमिटिव ट्राइब्स की संख्या भी लगातार कम हो रही है। यह भी चिंता का विषय है। यहां की पंडो जनजाति एलोपैथी दवाई लेती ही नहीं। इसकी वजह से छोटी-छोटी बीमारियों से जान चली जाती है। वहां जनजागृति भी करनी जरूरी है। उन्होंने कहा, हमें भाषा, संस्कृति, नृत्य और साहित्य को ही नहीं बचाना। हमारे ऊपर उन जनजातियों को भी बचाने की भी जिम्मेदारी है।

बस्तर बैंड पर झूमे मुख्यमंत्री

उद्घाटन सत्र में प्रख्यात बस्तर बैंड ने आदिम धुनों के साथ माहौल बना दिया। कुछ देर की प्रस्तुति के बाद स्थिति यह बनीं कि खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी नर्तकों के साथ झूम उठे। तीन दिन के महोत्सव में राज्य की विभिन्न नृत्य विधाओं का प्रदर्शन किया जाना है। इसमें जनजातीय नृत्य शैला, सरहुल, करमा, सोन्दो, कुडुक, डुंडा, दशहरा करमा, विवाह नृत्य, मड़ई नृत्य, गवरसिंह, गेड़ी, करसाड़, मांदरी, डण्डार आदि नृत्यों का प्रदर्शन शमिल है।

आई0पी0एल0 के मैच में चल रहे सट्टा पर बस्तर पुलिस की कार्यवाही

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🔅 मोबाईल फोन के माध्यम से ऑनलाईन तरीके से लगाया जाता था दाॅव

🔅 01 सटोरिये पर कोतवाली पुलिस की कार्यवाही।

🔅 1 मोबाइल और नगद 8,700/-रूपये की जप्ती।

🔅 नाम आरोपी –
यशवंत जैन उर्फ पीयुष नाहटा पिता दीपक जैन उम्र 36 वर्ष, निवासी धरमपुरा रामा रेसीडेन्सी जगदलपुर जिला बस्तर (छ.ग.)

उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा के नेतृत्व में बस्तर पुलिस के द्वारा आपराधिक तत्वों के विरूद्ध लगातार कार्यवाही किया जा रहा है। इसी तारतम्य में जगदलपुर में आई0पी0एल0 2022 के मैच में सट्टा खेलाने वाले सटोरियो पर कार्यवाही करने में बस्तर पुलिस को सफलता मिली है । ज्ञात हो कि थाना कोतवाली जगदलपुर को सूचना प्राप्त हुआ था कि शहर में कुछ व्यक्तियो के द्वारा आई0पी0एल0 20-20 मैच में मोबाईल फोन के माध्यम से ऑनलाईन तरीके से रूपये पैसे का दाॅव लगाकर सट्टा खेलाया जा रहा है । सूचना पर उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र सिंह मीणा, अति. पुलिस अधीक्षक श्री ओमप्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में, थाना प्रभारी कोतवाली एमन साहू के नेतृत्व में टीम गठित कर रेड कार्यवाही हेतु शहर में रवाना किया गया था। उक्त टीम के द्वारा धरमपुरा क्षेत्र में संदेह के आधार पर एक व्यक्ति को घेराबंदी कर मौके पर मोबाईल फोन के माध्यम से ऑनलाईन तरीके से सट्टा खेलाते हुए रंगे हाथ पकडा गया जिससे पूछताछ करने पर अपना नाम यशवंत जैन उर्फ पीयुष निवासी धमरपुरा का होना जिसकी तलाशी लेने पर इसके पास 01 मोबाईल फोन जिसमें आॅनलाईन सट्टे की बुंकिंग किया जा रहा था एवं नगद राशि 8,700/-रूपये बरामद कर जप्त किया गया है। आरोपी के विरूद्व थाना कोतवाली में धारा – 4 (क) जुआ एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्व कर मामले में गिरफ्तार कर कार्यवाही किया गया है ।

🔅 महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले अधिकारी –
निरी0 -एमन साहू,
उप. निरी.- होरीलाल नाविक
सउनि0- नीलाम्बर नाग,
प्र0आर0 -चोवादास गेंदले,
आर0 -भुपेन्द्र नेताम, युवराज ठाकुर

छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी के पदाधिकारियों ने 2 सूत्रीय मांगों को लेकर बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल जी को ज्ञापन सौंपा

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कर्मचारियों ने बस्तर विधायक जी को अवगत कराया की छत्तीसगढ़ राज्य की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना कार्यरत कर्मचारी एवं ग्राम रोजगार सहायको के द्वारा विगत 16 वर्षों से निरंतर कार्य किए जा रहे हैं महात्मा गांधी नरेगा योजना में कई ऐसे कर्मचारी है जिनकी उम्र 40 वर्ष से भी अधिक हो चुकी है जिसके कारण नियमित पदों पर आवेदन करने के लिए उनकी निर्धारित उम्र अवधि भी समाप्त हो चुकी है हमारी समय-समय पर विभिन्न माध्यमों से मनरेँगा कर्मियों की निरंतर नियमितीकरण सहित अन्य मांगे रही है शासन तक पहुंचाने की बात चल रही है |

बस्तर विधायक ने कहा की हमारी सरकार ज़ब से बनी है तब से हम लोगों ने सभी कार्यों का घोसणा पत्र के आधार पर काम करके उनकी मांगो को पूरा किया है आप लोगों को ज्ञात हो की ज़ब केंद्र में हमारी यूपीय सरकार थी तब हमनें 99% काम करके दिखाया था जब से केंद्र में भाजपा सरकार बनी है नाम बदलकर प्रधानमंत्री योजना रखा गया है लेकिन काम तो हो नहीं रहा है जब नाम बदलना ही था तो पूरा काम भी करके दिखाते लेकिन ऐसा नहीं हुआ है बल्कि इससे और घटाकर 40% ही कर दिया बाकि 60% राज्य सरकार उठा रही है ऐसे बहुत सी योजना है जिसको केंद्र सरकार बदलकर चला रही है इन लोगों ने यह साबित कर दिया है यह लोग अपनी मुलभुत सुविधाओ के बारे में सोचती है |

शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को उपलब्ध कराएं सामाजिक प्रास्थिति पत्र : कमिश्नर धावड़े

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जगदलपुर, 19 अप्रैल 2022/ अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के सभी पात्र हितग्राहियों को सामाजिक प्रास्थिति पत्र प्रदान करने के निर्देश कमिश्नर श्याम धावड़े द्वारा दिए गए। उन्होंने संभाग के सभी कलेक्टरों को पत्र के माध्यम से निर्देशित करते हुए कहा है कि कांकेर जिला मुख्यालय में विगत दिनों आयोजित बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा अवगत कराया गया कि सम्पूर्ण बस्तर संभाग में निवासरत-अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं ग्राम वासियों को शत प्रतिशत सामाजिक प्रस्थिति प्रमाण पत्र के अभाव में राज्य शासन द्वारा संभाग व जिला स्तर पर की जाने वाली विभिन्न भर्तियों में आवेदन पत्र प्रस्तुत करने अथवा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं से वंचित न हों। उन्होंने सामाजिक प्रास्थिति पत्र वितरण हेतु कांकेर जिले के मॉडल के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए।

अपने मुख्यालयों में निवास करें अधिकारी – कर्मचारी: कमिश्नर धावड़े

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जगदलपुर, 19 अप्रैल 2022/ कमिश्नर श्याम धावड़े ने सभी अनुविभागीय एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने मुख्यालयों में निवास करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने संभाग के सभी कलेक्टरों को इस संबंध में पत्र प्रेषित करते हुए अधिकारियों के मुख्यालय में निवास नहीं करने पर नाराजगी जाहिर की है। कमिश्नर ने कहा है कि अनुविभाग एवं तहसील स्तरीय अधिकारियों के मुख्यालय में निवास नहीं करने के कारण शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब की स्थिति निर्मित होती है तथा हितग्राहियों को समय-सीमा के भीतर सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। राजस्व विभाग के अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार व जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के मुख्यालय में नहीं रहने के कारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं तथा वन अधिकार मान्यता प्रमाण पत्र, ऋण पुस्तिका का वितरण, सामाजिक प्रस्थिति प्रमाण पत्र का वितरण समय पर सुनिश्चित नहीं हो पाता है वहीं विभिन्न निर्माण कार्यों के गुणवत्ता की निगरानी का कार्य भी प्रभावित होता है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदार न्यायालयीन प्रकरणों में पीठासीन अधिकारी होते हुए भी मुख्यालय में उपस्थित नहीं होने से प्रकरणों में पक्षकार न्यायालय में प्रतीक्षारत रहते हैं। समय पर प्रकरणों का निराकरण नहीं हो रहा है। इससे ग्रामीण पक्षकारों व आवेदकों के समय का अपव्यय तो होता ही है, उन्हें आर्थिक एवं मानसिक कष्ट भी होता है। अधिकारियों के अपने मुख्यालय में निवास नहीं करने आम जनता की समस्याओं का निराकरण समय पर नहीं होता है, जिसके कारण जन असंतोष के साथ ही शासन-प्रशासन की छबि भी धूमिल होती है।

संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने दरभा क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में दी 110 लाख से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

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ग्राम पंचायत मंगनार में 6.93 लाख रुपए की लागत से बनने वाले सीसी रोड का भूमिपूजन किया

ग्राम पंचायत कामानार में 82.82 लाख रुपए के रोट्रोफिटिंग नल-जल योजना एवं 4.66 लाख रुपए के सीसी रोड का भूमिपूजन किया

ग्राम पंचायत टोपर में नव निर्मित राशन दुकान का लोकार्पण किया

ग्राम पंचायत चिंगपाल के हाई स्कूल में 16 लाख रुपए की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण किया

विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने आज जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के दरभा क्षेत्र में विभिन्न पंचायतों में 1 करोड़ 10 लाख 41 हजार रुपए की सौगात दी जिसमें ग्राम मंगनार में सोनसिंह घर से मेन रोड तक सी सी सड़क निर्माण कार्य लागत 6.93 लाख रुपए ग्राम पंचायत कामानार में सुकलाल घर से सोनू घर तक 120 मीटर सी सी सड़क निर्माण कार्य लागत 4.66 लाख एवं रेट्रोफिटिंग नल जल योजना लागत 82.82 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले नल जल योजना के तहत 6200 मीटर पाइप लाइन 40 किलो लीटर पानी टंकी 1 सोलर पंप जिससे की 161 घरों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी ग्राम पंचायत टोपर में नव निर्मित राशन दुकान का लोकार्पण एवं हाई स्कूल चिंगपाल में 16 लाख रुपए की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण किया इस अवसर पर उन्होंने सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत दरभा ब्लाक के विभिन्न स्कूलों के 181 छात्राओं को साइकिल वितरण किया एवं एक बालिका मनिषा मौर्य जिसकी आकस्मिक निधन हो गया था उनके परिजनों को एक लाख रुपए का चेक प्रदान किया एवं अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया और राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रतिभागियों को A सर्टीफिकेट प्रदान किया |

इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की मंशा अनुरूप हर ग्राम पंचायत के विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है पूर्व के भाजपा शासन काल में दरभा क्षेत्र 15 सालों तक उपेक्षित रहा पर अब हमारी सरकार में दरभा ब्लाक के विभिन्न पंचायतों में नल जल,सड़क निर्माण,पुल पुलिया, एवं राशन दुकान सहित विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं हाई स्कूल चिंगपाल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल बच्चों को संबोधित करते हुए कहा की बच्चों की शिक्षा में किसी भी तरह से धन की कमी नहीं होने दी जाएगी पर बच्चों को भी एक लक्ष्य बनाकर पढ़ने की जरूरत है उन्होंने उपस्थित शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं प्राचार्यों को बच्चों के कैरियर गाइडेंस के निर्देश दिए |

इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ जिला पंचायत सदस्य सीता नाग, जनपद अध्यक्ष श्रीमती जानकी राव, जनपद सदस्य दीनमनी बेसरा, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री हेमु उपाध्याय विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, इंटक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विजय सिंह, सरपंच चिंगपाल ललिता कश्यप,कमलसाय,गागरू नाग,सैनारू नाग,कुलुक राम नाग,साहदेव कश्यप,गुंजू राम नाग,खगपति सेठिया,जयदेव नाग,लाला कर्मा,दयालू राम,बोनोराम,कमलू, सुरेश कश्यप,फगनू कश्यप उप सरपंच कामानार,रामनाथ पंच, लक्ष्मणदेइ पंच,मंगला यादव पंच,समदू राम बघेल सरपंच टोपर,उप सरपंच रामबती नाग,लखमी नाग पंच, मनोज नाग,नहरू मंडावी सुकरू नाग समेत ग्रामीण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे |

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