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कला केंद्र बालोद चुनाव आयोग की स्पष्टीकरण से विपक्षी नेगेटिव पर सवाल झूठ और मनगढ़ंत कहानियों का पर्दाफाश

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चुनाव आयोग की स्पष्टता के बाद विपक्ष के आप पर उठे सवाल तथ्यों ने खोली पोल-चुनाव आयोग और देश से माफी मांगे राहुल गांधी-SIR पर भाजपा का पलटवार कांग्रेस के आप बताए तथ्य इन निर्वाचन आयोग का एवं न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करें-संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाने कांग्रेस की राजनीति हताशा का परिचायक-चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस और विपक्षी इंडी गठबंधन के झूठ का पर्दाफाश कला केंद्र,

बालोद SIR विवाद पर भाजपा का पलटवार मतदाता सूची के special intensive Renision (SIR) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने बालोद में प्रेस वार्ता कर अपनी प्रतिक्रिया दी।भारतीय निर्वाचन आयोग ने एक आधिकारिक संयुक्त बयान जारी कर कांग्रेस और विपक्षी इंडी गठबंधन द्वारा फैलाई जा रहे भ्रम और मनगढ़ंत कहानियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया, आयोग ने स्पष्ट किया है कि विपक्षी दल अपनी राजनीति हार की हताशा निकालने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों को तथ्यहीन बताते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार की आशंका या भ्रम के बजाय तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।शहर के स्थानीय कला केंद्र में आयोजित प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग की मतदाता सेवा व्यवस्था में SIR -2026 से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध है।

नागरिक अपने नाम की जांच करने के साथ ही आवश्यक सुधार और नए मतदाता के रूप में पंजीयन की प्रक्रिया भी पूरी कर सकते हैं। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर नए मतदाताओं के लिए फॉर्म -6 की सुविधा भी उपलब्ध है।भाजपा नेताओं ने SIR को लेकर अपने पक्ष में 27 मई 2026 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में कराए गए SIR को लेकर दायर याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग के अधिकार और अपनाई गई प्रक्रिया पे जुड़े महत्वपूर्ण पहेलुओं पर विचार किया था।सुप्रीम कोर्ट के अनुसार आधिकारिक निर्णय सारांश के अनुसार अदालत में बिहार में किए गए SIR की वैधता को बरकरार रखा, अदालत ने माना कि यह प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21(3) से जुड़ी शक्तियों के तहत की जा सकती है, तथा प्रक्रिया में निर्धारित कानूनी सुरक्षा उपाय मौजूद है।प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष द्वारा निर्वाचन आयोग तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठने से आम मतदाताओं के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति बन रही है।उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों को अपने सवाल और आपत्तियां तथ्यों, कानून और संवैधानिक प्रक्रियाओं के आधार पर सामने रखनी चाहिए।

साथ ही निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले आधिकारिक जानकारी और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया को समझना आवश्यक है। भाजपा नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची को अघतन और त्रुटि रहित बनाए रखना निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। निर्वाचन आयोग की सेवा के माध्यम से मतदाता अपने नाम की जांच, नए पंजीयन, विवरण के सुधार, आवेदन की स्थिति की जानकारी और अन्य संबंधी सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं।

नये मतदाताओं के पंजीयन के लिए फॉर्म -6 की व्यवस्था भी उपलब्ध है।स्रोतों के अनुसार राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन बार-बार ईवीएम को ब्लैक बॉक्स बताकर न्यायपालिका पर दबाव का आरोप लगाकर और राफेल वह सर्जिकल स्ट्राइक जैसे मुद्दों पर भ्रम फैला कर देश की संस्थाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जब भी विपक्ष चुनाव हारता है वह ईवीएम और संवैधानिक संस्थाओं पर कीचड़ उछालने लगता है।निर्वाचन आयोग ने दोहराया कि वह हर पात्र नागरिक को मताधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है, और जमीनी स्तर पर मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष कैंप लग रहा है। आयोग ने कहा कि पिछले सभी चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुए हैं।भाजपा नेताओं ने मांग की कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व को संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए झुठे आरोपों और केन्द्रीय निर्वाचन आयोग से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।इस प्रेस वार्ता में -जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारिणी चंद्राकर, गुण्डरदेही नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन, लोहारा नगर पंचायत अध्यक्ष लाल निवेंद्र सिंह टेकाम, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया, जिला पंचायत सदस्य -श्रीमती कांति सोनेश्वरी, जिला प्रवक्ता जितेंद्र साहू,नगर पंचायत अध्यक्ष डौंडी-श्रीमती मोहनतिन बाई चौरका, चिखलाकसा नगर पंचायत अध्यक्ष -श्रीमती कुंती देवांगन, जनपद अध्यक्ष गुण्डरदेही -पुरुषोत्तम लाल चंद्राकर, जनपद अध्यक्ष गुरुर -श्रीमती सुनीता साहू, जनपद अध्यक्ष डौंडीलोहारा -श्रीमती कांति सोनबरसा,मीडिया प्रभारी कमल पनपालिया उपस्थित रहे।कमल पनपालिया मीडिया प्रभारी भारतीय जनता पार्टी जिला बालोद

बालोद में अवैध गांजा बिक्री पर पुलिस की कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार

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बालोद। ग्राम सिवनी स्थित अटल विहार कॉलोनी में बालोद पुलिस ने अवैध गांजा बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.436 किलोग्राम गांजा, दो मोबाइल फोन सहित कुल ₹85,300 का मशरूका जब्त किया है।पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम सिवनी अटल विहार कॉलोनी के EWS/92 क्वार्टर में दो व्यक्ति गांजा बिक्री के लिए रखे हुए हैं। सूचना के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए थाना बालोद पुलिस की टीम ने मौके पर दबिश देकर घेराबंदी और तलाशी की कार्रवाई की।

पूछताछ में दोनों की पहचान टेकचंद साहू (24) निवासी नीचे पारा, ग्राम सिवनी और गौतेश कुमार साहू (26) निवासी स्कूल पारा, ग्राम सिवनी के रूप में हुई।तलाशी के दौरान पुलिस ने दोनों के कब्जे से 1.436 किलोग्राम गांजा, जिसकी कीमत करीब ₹69,300 बताई गई है, बरामद किया। इसके अलावा टेकचंद साहू के पास से Redmi Note 10 5G और गौतेश कुमार साहू के पास से Samsung F15 5G मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। पुलिस के मुताबिक जब्त सामान की कुल कीमत ₹85,300 है।

मामले में थाना बालोद में अपराध क्रमांक 510/2026, धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना और एसडीओपी बालोद विनय कुमार साहू के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।बालोद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार या बिक्री से संबंधित जानकारी तत्काल पुलिस को दें।

गणेश विसर्जन में नियम तोड़ने पर पुलिस की कार्रवाई, 9 डीजे साउंड सिस्टम जब्त

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धारदार कड़े-चूड़े उतरवाकर किए जब्त, रातभर शहर में तैनात रही पुलिस

बालोद। गणेश विसर्जन के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बालोद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 डीजे साउंड सिस्टम जब्त किए। वहीं शोभायात्रा में शामिल कुछ युवकों के हाथों में पाए गए धारदार कड़े-चूड़े भी पुलिस ने उतरवाकर जब्त किए। पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना के मार्गदर्शन एवं उपस्थिति में गणेश विसर्जन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।मंगलवार रात करीब 9 बजे से शुरू हुई गणेश विसर्जन शोभायात्रा बुधवार सुबह करीब 4 से 5 बजे तक शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान विभिन्न गणेश समितियों द्वारा प्रतिमाओं एवं झांकियों के साथ विसर्जन यात्रा निकाली गई।

पुलिस अधिकारियों और जवानों ने शोभायात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखी।शोभायात्रा के दौरान डीजे साउंड सिस्टम एवं ध्वनि स्तर की भी पुलिस टीमों द्वारा निगरानी की गई। निर्धारित नियमों एवं निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 9 डीजे साउंड सिस्टम जब्त किए गए। जब्त डीजे के संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।इसी तरह भीड़भाड़ वाले विसर्जन मार्गों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस टीमों ने शोभायात्रा में शामिल लोगों की जांच की। इस दौरान कुछ युवकों के हाथों में धारदार कड़े-चूड़े पाए जाने पर पुलिस ने उन्हें तत्काल उतरवाकर जब्त कर लिया। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य भीड़ के बीच किसी विवाद, चोट अथवा अप्रिय घटना की संभावना को रोकना था।

गणेश विसर्जन के दौरान शहर के विभिन्न मार्गों एवं संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस टीमों ने विद्युत तारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों तथा अन्य संभावित सुरक्षा जोखिमों पर भी विशेष निगरानी रखी। पुलिस की सतत मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच गणेश विसर्जन शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ।बालोद पुलिस ने आमजन से धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के दौरान निर्धारित नियमों और ध्वनि मानकों का पालन करने, डीजे का उपयोग नियमानुसार करने, शोभायात्रा में धारदार वस्तुएं नहीं रखने तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर संयम एवं अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। पुलिस ने विद्युत तारों एवं अन्य संभावित सुरक्षा जोखिमों से दूरी बनाए रखने तथा पुलिस-प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की भी अपील की है।

फलीभूत हो उठी है मां शिरोमणि माथुर की आठ दशक की साधना

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वैश्विक पुरस्कारों से सम्मानित साहित्यकार एवं ममतामयी मां प्राप्त डॉ. शिरोमणि माथुर ने पार किए उम्र के 8 दशक

अर्जुन झा-

दल्ली राजहरा भगवान सबको सभी कुछ नहीं दे देते, कुछ न कुछ कमी बाकी रखते हैं, ताकि वह ईश्वर का दर्जा न प्राप्त कर ले। मगर सृष्टि के रचयिता परमपिता ने दल्ली राजहरा की धरा पर अपना एक साक्षात रूप जरूर भेज दिया है, वह भी सभी अच्छे गुणों से परिपूरित कर। इस मां में वो सारे सद्गुण हैं, जो दयालु परमपिता परमेश्वर में होते हैं। ममता की मूरत वो मां हैं डॉ. शिरोमणि माथुर। साहित्य जगत की महान विभूति, दल्ली राजहरा ही नहीं बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ की शान, जिनकी ख्याति भारत ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार भी है। हमेशा शांतचित्त रहने वाली होठों से झरती ममतामयी मुस्कान वाली मां डॉ शिरोमणि माथुर 81 वर्ष की उम्र में भी साहित्य साधना और जनसेवा में उसी तरह लीन हैं जैसा की छह दशक पहले थीं। कॉलेज की पूर्व प्रोफेसर, आंगनबाड़ी की शुरुआत करने वाली, प्रौढ़ शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महान विभूति का नाम है डॉ. शिरोमणि माथुर।

आज मां शिरोमणि माथुर का 81वां जन्मदिन है। हमने अपने पाठकों के लिए उनसे जुड़ी खट्टी मीठी यादें यहां संग्रहित की हैं। मां कहती हैं- जीवन के इस अंतिम पड़ाव में भी मुझे किसी चीज की चिंता नहीं है। मुझे लगता है कि मैंने जो चाहा वह मुझे मिला, चाहे मेरा व्यक्तिगत जीवन हो या मेरी सामाजिक जीवन हो या साहित्यिक जीवन, मुझे पूरी तरह संतुष्टि है। समाज ने जो जरूरत से ज्यादा दिया है, इसके लिए मैं आभारी हूं। अपनी साहित्यिक यात्रा के संदर्भ में मां ने कहा- मन की भावनाओं को कोरे कागज पर उकेरना मेरी शुरू से आदत रही है। मैं बचपन में से लिखती आ रही हूं, बंगाली क्लब की पुस्तक में हर वर्ष नवरात्रि पर मेरा लेख छपता था। गगन सर मुझे प्रेरणा देते थे। बड़े बेटे के निधन के बाद मैं टूट गई और अपने आप को तन्हाई से दूर करने के लिए साहित्य को अपना लिया। ‘अर्पण’ पुस्तक के नाम से लेख प्रकाशित किया। उसके बाद कुछ युवाओं के आग्रह पर राजहरा के इतिहास को लिपिबद्ध किया। ट्रेड यूनियन, राजहरा का निर्माण, व्यापारी वर्ग, राजहरा कैसे बना, विकास कैसे हुआ, राजहरा की स्थापना के बारे में मैंने शोध ग्रंथ के रूप में लिखा। यहां की आदिवासी संस्कृति से प्रभावित रही हूं। यहां ट्रेड यूनियन की शुरुआत, शिक्षा की जानकारी पूरी लिपिबद्ध कर दी। मैंने माइंस से जो प्रदूषण होता है, आदिवासी कल्चर से छेड़छाड़ होती है, विकास अपने साथ बहुत कुछ अच्छाइयां लाता है तो कमियां भी लाता है, उन सब को लिपिबद्ध किया। इसलिए यह पुस्तक अपने आप में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खनिज उत्खनन के क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण मानी गई और इसी पुस्तक पर मुझे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और वर्ल्ड वाइड बुक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

डॉ. शिरोमणि माथुर ने बताया- मेरी सबसे प्रिय पुस्तक ‘मेरा दल्ली राजहरा’ है। मैं आध्यात्मिक रूचि वाली , इसलिए मैंने दोहों पर लिखना शुरू किया। अब तक 16,000 दोहे लिख चुकी हूं, जिनमें से 13,500 दोहे प्रकाशित हो चुके हैं, 2500 दोहे प्रकाशित होना बाकी हैं। ये सभी आध्यात्मिक दोहे हैं। मैं राजहरा को अपना घर समझती हूं, जिस तरह एक महिला अपने घर को सजाती है, वैसे ही शुरू से मेरी इच्छा रही कि राजहरा मेरा घर है। यहां के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी नहीं थी, तब यहां के बच्चों को आंगनबाड़ी बनाकर ज्ञान दिया, प्रौढ़ शिक्षा के समय बहुत सारी सेवाएं दी, नगर के विकास में भी सेवाएं दी, जिससे ‘मेरा दल्ली राजहरा’ मुझे बहुत पसंद है।

शिक्षा और संस्कार जरूरी

महिला सशक्तिकरण को लेकर डॉ. शिरोमणि माथुर कहती हैं- हमने जिस जमाने में पढ़ाई की, उस जमाने में महिलाओं को नहीं पढ़ाते थे, लड़कों को ही पढ़ाते थे, लड़कियों को नहीं पढ़ाते थे। मेरा जन्म ग्रामीण परिवेश में हुआ, मां की रुचि थी, उसने हमें पढ़ाया और हमने भी दिल लगाकर पढ़ाई की। तब और आज के परिवेश में बहुत अंतर है। 1964 में मैंने ग्रेजुएशन की, उस समय मानसिक सोच अलग थी। आज के परिवेश में लड़कियों और परिवार की मानसिकताएं अलग हैं। भौतिकतावादी सोच के चक्कर में हम परिवार के बीच संतुलन नहीं बना पा रहे हैं। मेरा मानना है, महिलाओं को अपना घर सजाना चाहिए। पढ़ाई और संस्कार बहुत जरूरी हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सब कुछ अधूरा है। हमारी बहन और बेटियों को अपने घरों में संतुलन बनाना चाहिए, अपने पति, अपने बच्चे, अपने घर परिवार सबके बीच संतुलित व्यवहार रखें, सबसे प्यार करें, प्यार के बिना सब कुछ अधूरा है। डॉ. माथुर अपनी लेखन यात्रा को लेकर कहती हैं- अब तक मैंने कई क्षेत्र में, लिखने के हर क्षेत्र में प्रयास किया है। कविताएं, कहानी, अब तक मेरे 7 दोहे संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं, दो कहानी संग्रह, ‘मेरा दल्ली राजहरा’ और ‘अर्पण’ जैसे कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और 100 से अधिक पुस्तकों में मैं सह-लेखिका हूं और कई अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में मेरी रचनाएं छपती हैं।

नशे से बचें युवा

नशे की गर्त में जा रही युवा पीढ़ी को लेकर डॉ. शिरोमणि माथुर का कहना है- मेरा पूरा साहित्य इसी से जुड़ा है। हम जब तक इंसान न बन जाएं, तब तक हमारा जीवन सफल नहीं होता। अति भौतिकता और अति फैशन के चक्कर में हम और हमारी युवा पीढ़ी भटक रही है। मेरा बेटों और बेटियों से यही निवेदन है कि अपना घर, अपना परिवार पहले देखो और अपनी जिम्मेदारी समझो। अति भौतिकता और अति मित्रता के साथ दौड़ना और गलत लोगों की संगति का परिणाम बहुत ज्यादा खराब होता है। आज समाज भटक रहा है, हत्याएं, आत्महत्याएं हो रही हैं, लड़ाई-झगड़े बढ़ रहे हैं, आपसी क्लेश बढ़ रहा है, यह शुभ संकेत नहीं है। मैं चाहती हूं कि लोग आपस में प्रेम से रहें, यही देखकर मेरा मन कभी-कभी बहुत दुखी हो जाता है। मैं चाहती हूं कि लोग आपस में मिलजुल कर रहें। राजहरा की पहचान खनिज से तो है ही, लेकिन यहां का प्रेम, यहां की वाणी, संदेश लोगों को खींचता रहा है। आज भी दल्ली राजहरा के लड़के यहां से बाहर जाते हैं तो दल्ली राजहरा से प्रेम करते हैं, वह अपने घरों की फोटो और यादों को मंगवाते हैं। आज राजहरा में जो प्रेम मिलता है, वह कहीं और नहीं मिलता। डॉ. माथुर ने हमारे पाठकों के लिए दोहा साझा किया सदा दुआएं दीजिए, काम दुआएं आए, पैसे से ना मिलती दुआ, दुआ ना हाट बिकाय।

मेरी सांसों में बसा है राजहरा

दल्ली राजहरा से लोगों के लगाव के बारे में डॉ. शिरोमणि माथुर का कहना है- मैं राजहरा से बहुत प्रभावित हूं। लोग कहते हैं कि ‘शिरोमणि माथुर है तो राजहरा है और राजहरा है तो शिरोमणि माथुर है।’ मेरी हर रचना में दल्ली राजहरा जुड़ा है, मेरी हर कहानी में आपको दल्ली राजहरा का जिक्र अवश्य मिलेगा। मैं जीती हूं तो दल्ली राजहरा के लिए और मेरी हर सांसों में दल्ली राजहरा बसी है।

₹8.23 करोड़ से बदलेगी जगदलपुर की तस्वीर, सड़क-नाली से रोशनी तक 17 बड़े काम मंजूर

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15वें वित्त आयोग से मिली बड़ी सौगात; महापौर संजय पांडे के विकास विजन को मिली रफ्तार, हर वार्ड तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने पर फोकस

जगदलपुर। शहर के सुनियोजित और संतुलित विकास की दिशा में नगर निगम को बड़ी वित्तीय मंजूरी मिली है। 15वें वित्त आयोग के अनटाइड ग्रांट से 17 विकास कार्यों के लिए ₹823.20 लाख यानी करीब ₹8.23 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस राशि से शहर के अलग-अलग हिस्सों में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, सड़क चौड़ीकरण, पाथवे और विद्युतीकरण जैसे काम कराए जाएंगे। खास बात यह है कि विकास कार्यों को विभिन्न वार्डों और प्रमुख आवागमन वाले क्षेत्रों में रखा गया है, जिससे शहर की बुनियादी सुविधाओं को एक साथ मजबूत करने की कोशिश दिखाई दे रही है।*महापौर के स्वच्छता विजन में सड़क, नाली और रोशनी सबसे अहम*महापौर संजय पांडे लगातार शहर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और स्वच्छता को नगर विकास की प्राथमिकता बता रहे हैं। उनका जोर ऐसे कामों पर है, जिनका सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।

सड़कें बेहतर हों, बारिश के दौरान जलभराव की समस्या कम हो, नालियों की क्षमता बढ़े और प्रमुख मार्ग पर्याप्त रोशनी से जगमगाएं—इसी सोच के तहत स्वीकृत कार्यों को विकास की कड़ी से जोड़ा जा रहा है।महापौर का कहना है कि आधुनिक शहर का विकास केवल बड़े निर्माण कार्यों से नहीं, बल्कि मजबूत सड़क, व्यवस्थित जल निकासी, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और बेहतर आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं से तय होता है। इसी सोच के साथ अलग-अलग वार्डों की जरूरत के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।*कहीं नाली, कहीं सड़क तो कहीं चौड़ीकरण*स्वीकृत कार्यों में वार्ड क्रमांक 25 में दलपत सागर कॉलेज से कब्रिस्तान मेन रोड तक आरसीसी नाली निर्माण शामिल है। वार्ड 43 में सुभाष मिश्रा के घर से एक्सपोर्ट रोड तक नाली तथा वार्ड 37 में राजेंद्र नगर के पीछे से चिरकोट रोड तक नाली निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न वार्डों में बीटी सड़क निर्माण के कार्य भी प्रस्तावित हैं।डीजे कोर्ट चौक से बोधघाट थाना चौक तक तथा शहीद पार्क से चांदनी चौक होते हुए हनुमान मंदिर और संजय मार्केट क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट के काम भी स्वीकृत किए गए हैं। इन क्षेत्रों में रोशनी की व्यवस्था मजबूत होने से रात के समय आवागमन को सुविधा मिलने की उम्मीद है।वार्ड 25 में दुर्गा मंदिर से बोधघाट रोड तक बीटी सड़क चौड़ीकरण, गंगा मुंडा क्षेत्र में आरसीसी ड्रेन और नया बस स्टैंड से जिला न्यायालय क्षेत्र में नाली निर्माण भी इसी योजना में शामिल है। वहीं वार्ड 48 में पीजी कॉलेज से नालंदा परिसर तक सड़क चौड़ीकरण, पाथवे, नाली एवं विद्युतीकरण का काम कराया जाएगा।

प्रमुख मार्गों और बढ़ते शहर पर फोकस

जगदलपुर शहर के विस्तार के साथ यातायात और जल निकासी जैसी चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण के साथ पैदल आवागमन के लिए पाथवे और जल निकासी के लिए नाली निर्माण को एक साथ जोड़ना नगर विकास की दीर्घकालीन जरूरतों से जुड़ा कदम माना जा रहा है। स्वीकृत कार्यों में सड़क और नाली के साथ विद्युतीकरण को शामिल करने से कई क्षेत्रों में एक साथ आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की योजना है।

जनप्रतिनिधियों के प्रयासों को महापौर ने सराहा

नगर को मिली इस बड़ी स्वीकृति पर महापौर संजय पांडे ने उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव, बस्तर सांसद महेश कश्यप तथा जगदलपुर विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नगर विकास को लेकर तीनों जनप्रतिनिधियों का विजन और सहयोग जगदलपुर के लिए महत्वपूर्ण है।महापौर ने कहा कि शहर को केवल वर्तमान जरूरतों के हिसाब से नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि हर वार्ड को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकता है।

महापौर बोले – विकास की नई तस्वीर गढ़ रहा जगदलपुर

महापौर संजय पांडे ने कहा, “जगदलपुर को बेहतर सड़क, मजबूत नाली व्यवस्था, पर्याप्त रोशनी और सुगम आवागमन वाली आधुनिक नगरी के रूप में विकसित करना हमारी प्राथमिकता है। 15वें वित्त आयोग से मिली यह स्वीकृति शहर के विकास को नई गति देगी। हमारा प्रयास है कि विकास का लाभ शहर के हर वार्ड और हर नागरिक तक पहुंचे। सड़क से लेकर नाली और स्ट्रीट लाइट तक बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर हम जगदलपुर के विकास की नई तस्वीर गढ़ने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”उन्होंने कहा कि स्वीकृत सभी कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाएगा। उनका जोर इस बात पर है कि सरकारी राशि से होने वाले निर्माण केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि लंबे समय तक नागरिकों के लिए उपयोगी और टिकाऊ साबित हों।₹8.23 करोड़ की यह मंजूरी ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब जगदलपुर शहर लगातार विस्तार ले रहा है। 17 कार्यों के जरिए अलग-अलग वार्डों में सड़क, नाली और रोशनी जैसी मूलभूत जरूरतों को मजबूत करने की कोशिश को महापौर के ‘हर वार्ड तक विकास’ के विजन से जोड़कर देखा जा रहा है।

आदिवासियों की आस्था का सौदा कर रहे हैं आदिवासी मुख्यमंत्री: विक्रम मंडावी

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नंदराज पर्वत में लौह अयस्क खनन पर बिफरे विक्रम मंडावी

7200 पेड़ काटने की मंजूरी और ग्रामसभा की अनुमति के बिना खनन शुरू करने पर विधायक मंडावी हुए हमलावर


जगदलपुर सात साल पहले आदिवासियों के उग्र आंदोलन के बाद जिस नंदराज पर्वत पर खनन रुक गया था, उसी पवित्र पहाड़ पर विष्णुदेव साय सरकार फिर लौह अयस्क निकालने और हजारों पेड़ काटने की अनुमति दे रही है। वन विभाग ने पहले चरण में ही 7200 पेड़ काटने की मंजूरी दे दी है। लौह अयस्क के सैंपल निकलकर नगरनार भेजे जा चुके हैं। बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने इसे आदिवासी आस्था पर सीधा हमला बताते हुए नंदराज पर्वत पर लौह खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग सरकार से की है।


विक्रम मंडावी ने बयान जारी कर कहा है कि बस्तर के आदिवासी नंदराज पहाड़ को सिर्फ पहाड़ नहीं मानते। यह पिटोर रानी माता और नंदराज देवता का निवास है। 2019 में 50 गांवों के लोगों ने किरंदुल में महाआंदोलन किया था। फर्जी ग्रामसभा के आरोप लगे थे। आज वही पहाड़ फिर उद्योगपतियों के हवाले कर दिया गया है।


सबसे बड़ा सवाल यह है कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने अपने ही समुदाय की आस्था और जंगल को उद्योगपतियों को क्यों सौंप दिया है? विधायक विक्रम मंडावी का आरोप है कि 2017 की ग्रामसभा पहले ही शून्य घोषित हो चुकी थी। उसमें मृत व्यक्तियों के अंगूठे और फर्जी दस्तखत पाए गए थे। जांच रिपोर्ट शासन के पास लंबित है। नई ग्रामसभा की मंजूरी के बिना काम आगे बढ़ाया जा रहा है। पेसा कानून और वन अधिकार कानून की खुली अवहेलना हो रही है। अनुसूचित क्षेत्र में खनन से पहले ग्रामसभा की सहमति अनिवार्य है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की विष्णुदेव साय सरकार कानून को दरकिनार कर रही है।


विधायक विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि विष्णुदेव साय खुद आदिवासी समुदाय से हैं। बस्तर के लोग उनसे उम्मीद करते थे कि वे जल, जंगल, जमीन और आस्था की रक्षा करेंगे। इसके बजाय उनके कार्यकाल में नंदराज जैसे पवित्र पर्वत पर फिर खनन की तैयारी शुरू हो गई। भाजपा की डबल इंजन सरकार बस्तर के संसाधनों को उद्योगपतियों तक पहुंचाने में लगी हुई है। नंदराज उसी कड़ी का हिस्सा बन गया है। खनन के नाम पर आदिवासियों के देवता का निवास नष्ट किया जा रहा है। पेड़ों की कटाई सिर्फ पर्यावरण नहीं, आस्था पर भी हमला है। विधायक विक्रम मंडावी ने सीधा सवाल किया-सरकारें जनता के लिए बनती हैं। सत्ता में आने के बाद जनता के लिए काम करना चाहिए। लेकिन छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार बनने के बाद पूरा ध्यान इस बात पर है कि बस्तर का जल, जंगल, जमीन और खनिज कैसे उद्योगपतियों तक पहुंचे? सवाल साफ है यह सरकार किसके लिए काम कर रही है? जनता के लिए या उद्योगपतियों के लिए? आदिवासी मुख्यमंत्री को इस फैसले की जवाबदेही लेनी होगी। नंदराज पहाड़ को बचाने का संघर्ष आस्था का संघर्ष है, जंगल का संघर्ष है और बस्तर की पहचान का संघर्ष है। हम इस लड़ाई में आदिवासी समाज के साथ खड़े हैं।

आपदा पीड़ितों की मद्द हेतु आगे आया उत्कल समाज

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बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए कलेक्टर को सौंपा 21 हजार का चेक

जगदलपुर बस्तर संभाग में आई प्राकृतिक आपदा और बाढ़ के संकट को देखते हुए सामाजिक संगठन पीड़ित मानवता की सेवा में आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में उत्कल समाज बस्तर संभाग ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए मुख्यमंत्री बाढ़ आपदा राहत कोष में 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है।

समाज ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया था कि राहत शिविरों के संचालन के साथ-साथ अन्य आवश्यक कार्यों में प्रशासन का हाथ बंटाने के लिए सहयोग राशि दी जाएगी। इसी निर्णय के परिपालन में मंगलवार को उत्कल समाज का एक प्रतिनिधि मंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा और बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा को 21 हजार रुपये का चेक सौंपा। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना, अपर कलेक्टर सीपी बघेल और नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने समाज की इस मानवीय पहल और तत्परता की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। चेक सौंपने के दौरान उत्कल समाज बस्तर संभाग के अध्यक्ष राजेश दास, सचिव सुमीत महापात्र, उपाध्यक्ष मथुरा तिवारी, कोषाध्यक्ष मनोज महापात्र, संगठन सचिव रमेश नंद, कार्यालय सचिव अच्युत सामंत तथा कार्यकारिणी सदस्य अतुल दास सहित समाज के अन्य गणमान्य सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

बाल कल्याण समिति ने किया औचक निरीक्षण

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परखी बच्चों की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्थाएं

जगदलपुर किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत बाल कल्याण समिति (न्यायपीठ) जिला बस्तर द्वारा जिले की पंजीकृत बाल देखरेख संस्थाओं का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान शासकीय बाल गृह (बालक), बालिका गृह, खुला आश्रय गृह (बालक), बस्तर सामाजिक जन विकास समिति तथा सेवा भारती (मातृ छाया) विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी, जगदलपुर का विस्तृत अवलोकन किया गया। बाल कल्याण समिति (न्यायपीठ)जिला बस्तर के अध्यक्ष नरेंद्र पाणिग्रही ने बताया कि निरीक्षण के दौरान संस्थाओं में बच्चों के लिए उपलब्ध साफ-सफाई, पौष्टिक भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य परीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था तथा समग्र देखरेख की गुणवत्ता का गहन परीक्षण किया गया।

समिति ने संस्था अधीक्षकों एवं कर्मचारियों को बच्चों के प्रति संवेदनशील एवं बाल हितैषी व्यवहार बनाए रखने तथा सभी आवश्यक सुविधाओं को और बेहतर करने के निर्देश दिए। बारिश के मौसम को देखते हुए समिति ने सभी संस्थाओं को बालगृहों में निवासरत बच्चों के लिए तत्काल छाता एवं रेनकोट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, ताकि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।समिति ने बताया कि जिले की सभी पंजीकृत बाल देखरेख संस्थाएं किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप संचालित हो रही हैं। देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन संस्थाओं का प्रत्येक माह कम से कम दो बार नियमित निरीक्षण किया जाता है। निरीक्षण के दौरान समिति सदस्यों ने संस्थाओं में संधारित विभिन्न पंजियों एवं अभिलेखों का सूक्ष्म परीक्षण किया। साथ ही बालक-बालिकाओं एवं कर्मचारियों से व्यक्तिगत चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। पूर्व निरीक्षण के दौरान बताई गई कमियों का संस्थाओं द्वारा सफलतापूर्वक निराकरण किए जाने पर समिति ने संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण उपरांत बाल कल्याण समिति ने संस्थाओं के कार्य एवं व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए भविष्य में भी इसी स्तर की गुणवत्ता एवं बच्चों के सर्वोत्तम हितों को सुनिश्चित करने की अपेक्षा व्यक्त की। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति के सदस्य संतोष जोशी, वर्षा श्रीवास्तव, धनेश्वरी वर्मा सहित संबंधित संस्थाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

जगदलपुर में बाढ़ से भारी नुकसान, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में सैकड़ों वाहन डूबे

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वार्ड-41 के लालबाग क्षेत्र में रातोंरात बिगड़े हालात; स्थानीय लोगों ने बताया—करीब 1,500 दोपहिया और 100 से अधिक चारपहिया वाहन प्रभावित

जगदलपुर। भारी बारिश के बाद जगदलपुर के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। लालबाग स्थित चंद्रशेखर आजाद वार्ड क्रमांक 41 की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में बड़ी संख्या में वाहन पानी में डूब गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, कॉलोनी में करीब 1,500 दोपहिया और 100 से अधिक चारपहिया वाहन प्रभावित हुए हैं। हालांकि, इन आंकड़ों की प्रशासनिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।बाढ़ का पानी रात में तेजी से बढ़ने के कारण कई वाहन मालिकों को उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने का मौका नहीं मिला। पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ दोपहिया वाहन नालियों और निचले हिस्सों में बह गए। पानी उतरने के बाद वाहनों को हुए नुकसान का आकलन शुरू हुआ।पत्रकार ओमप्रकाश साहू की कार समेत तीन वाहन प्रभावितईडब्ल्यूएस हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में शिव मंदिर के पास रहने वाले पत्रकार ओमप्रकाश साहू ने बताया कि रात में अचानक पानी बढ़ने लगा।

कुछ ही समय में पानी पार्किंग और घरों के आसपास पहुंच गया।साहू के अनुसार, उनकी Ertiga कार (CG 17 LA 9265) पूरी तरह पानी में डूब गई। उनकी Activa स्कूटी और Pulsar मोटरसाइकिल भी पानी के बहाव में नाली की ओर बह गईं। उन्होंने बताया कि इस घटना में उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।नुकसान का वास्तविक आंकड़ा सर्वे के बाद होगा स्पष्टबाढ़ का पानी लंबे समय तक वाहनों में भरे रहने से इंजन, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, वायरिंग और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। प्रभावित लोगों के अनुसार, बड़ी संख्या में वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। हालांकि, कुल नुकसान और प्रभावित वाहनों की वास्तविक संख्या का स्पष्ट आंकड़ा प्रशासनिक सर्वे के बाद ही सामने आएगा।स्थानीय लोगों ने प्रभावित क्षेत्र में नुकसान का सर्वे कराकर राहत और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

आपदा पीड़ितों की मद्द हेतु आगे आया उत्कल समाज

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बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए कलेक्टर को सौंपा 21 हजार का चेक

जगदलपुर बस्तर संभाग में आई प्राकृतिक आपदा और बाढ़ के संकट को देखते हुए सामाजिक संगठन पीड़ित मानवता की सेवा में आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में उत्कल समाज बस्तर संभाग ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए मुख्यमंत्री बाढ़ आपदा राहत कोष में 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है।

समाज ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया था कि राहत शिविरों के संचालन के साथ-साथ अन्य आवश्यक कार्यों में प्रशासन का हाथ बंटाने के लिए सहयोग राशि दी जाएगी। इसी निर्णय के परिपालन में मंगलवार को उत्कल समाज का एक प्रतिनिधि मंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा और बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा को 21 हजार रुपये का चेक सौंपा। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना, अपर कलेक्टर सीपी बघेल और नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने समाज की इस मानवीय पहल और तत्परता की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। चेक सौंपने के दौरान उत्कल समाज बस्तर संभाग के अध्यक्ष राजेश दास, सचिव सुमीत महापात्र, उपाध्यक्ष मथुरा तिवारी, कोषाध्यक्ष मनोज महापात्र, संगठन सचिव रमेश नंद, कार्यालय सचिव अच्युत सामंत तथा कार्यकारिणी सदस्य अतुल दास सहित समाज के अन्य गणमान्य सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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