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नगरनार के मंडारिन माता के ” बोहरानी जात्रा ” में शामिल हुए संसदीय सचिव रेखचंद जैन

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कंकालिन माता गुड़ी एवं सेमलिया माता गुड़ी के जीर्णोद्धार कार्य हेतु स्वीकृत 3- 3 लाख रुपए का चेक प्रदान किया दुर्घटना में घायल पुजारी धनपति बघेल को मुख्यमंत्री स्वेचछानुदान मद से स्वीकृत 1 लाख रुपए का चेक प्रदान किया माता मंडारिन गुड़ी में विधि विधान से पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ एवं बस्तर के सुख शांति समृद्धि की कामना की पूजा अर्चना के पश्चात ग्राम भ्रमण कर ग्रामीणों को जात्रा की बधाई एवं शुभकामनाएं दी इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी आदिवासी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं इस हेतु हर ग्राम पंचायत में माता गुड़ियों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है माता भंडारिन गुड़ी को आदिवासी विकास प्राधिकरण के मद से 18.50 लाख रुपए की लागत से माडल गुड़ी का स्वरूप प्रदान किया गया है

इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ सरपंच नगरनार एवं संभागीय सरपंच संघ के अध्यक्ष लैखन बघेल , सांसद प्रतिनिधि धनुर्जय दास, विजय दास , वरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह,कमलोचन, पुजारी धनपति बघेल, प्रहलाद सिरहा,डोमू सिरहा, लखेश्वर सिरहा,मंगतू सिरहा,धरमू सिरहा,पीलो राम बघेल,डूमरधर बघेल, सुखराम, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, पार्षद सूर्या पाणी, वरिष्ठ नेता विक्की निषाद समेत ग्रामीणजन उपस्थित रहे

बच्चा चोरी की आशंका में अज्ञात महिला को पकड़ ग्रामीण द्वारा पुलिस को सौंपा

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दिनांक 10.10.2022 को थाना राजहरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम दर्राटोला मे ग्रामिणों ने एक | अज्ञात महिला को पकड़े थे जिसे बच्चा चोर होने की सूचना पुलिस को दिये जाने पर ग्राम दर्राटोला जाकर उक्त महिला को राजहरा पुलिस ने अपने साथ मे लेकर थाना आये जिसे पुछताछ किये जाने पर वह महिला पूर्ण रूप से मानसिक रूप से पूर्ण विक्षिप्त होना पाया गया, किसी प्रकार कोई बातें करने में असमर्थ थी जिसे | सोसल मिडिया, मोबाईल के माध्यम से उक्त महिला के परिजनो तक खबर पहुचाया गया कि उक्त महिला को थाना राजहरा पुलिस द्वारा सुरक्षित अपने साथ रखा है

सोसल मिडिया के माध्यम से उक्त महिला के सगा भैया यशवंत भुआर्य चचेरा भैया रविशंकरा भुआर्य ग्राम फुलकोड़ो थाना खड़गाँव जिला मानपुर ने थाना आये और उक्त महिला के संबध में बताये कि वह बी.काम पढ़ी लिखी है शादी शुदा है दो बच्चे है जो ग्राम फुलकोड़ो बोगापारा थाना खड़गाँव की रहने वाली है। उक्त महिला का नाम शारदा भुआर्य पति स्व० गुड्डी भुआर्य ग्राम फुलकोड़ो बोगापारा थाना खड़गॉव जिला मानपुर की रहने वाली है। ग्रामिणो ने अफवाहो सच मानकर एक विक्षिप्त महिला को बच्चा चोर मान लिये थे आप सभी अफवाहों से सावधान रहे पुलिस की सूझ बुझ से एक महिला के प्रति होने वाली घटना को बचाया जा सका।

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हिमाचल में जीत का जलवा दिखाएंगे सांसद दीपक बैज

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  • कांग्रेस हाईकमान ने बस्तर सांसद को नियुक्त किया जिला पर्यवेक्षक
  • बैज को दिया गया है मंडी जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों का जिम्मा


जगदलपुर. बस्तर लोकसभा क्षेत्र के अपने युवा सांसद दीपक बैज को कांग्रेस हाईकमान ने महति जिम्मेदारी सौंपी है. हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी नेतृत्व ने बैज को जिला पर्यंवेक्षक नियुक्त किया है. उन्हें हिमाचल के मंडी जिले का जिम्मा सौंपा गया है. बैज को जल्द से जल्द हिमाचल प्रदेश पहुंचने के लिए कहा गया है.


सांसद दीपक बैज क्षेत्र के आदिवासियों और आम मतदाताओं के बीच जितने लोकप्रिय हैं, उतने ही विश्वास पात्र पार्टी नेताओं के बीच भी हैं. प्रदेश और राष्ट्रीय नेताओं के बीच बैज की पहचान निर्विवाद और साफ सुथरी छवि वाले नेता के तौर पर है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, जिला प्रभारी मंत्री कवासी लखमा तथा बस्तर के तमाम कांग्रेस नेताओं से उनके मधुर संबंध हैं. वहीं पार्टी के कई राष्ट्रीय नेताओं से भी बैज के ताल्लुक अच्छे हैं. बस्तर संभाग की सभी विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को मिली शानदार जीत में बैज की भी सराहनीय भूमिका रही है. वहीं पार्टी ने बैज को अब तक जो भी जिम्मेदारी सौंपी है उसमें वे पूरी तरह खरे उतरे हैं. बैज की इन्हीं खासियतों को देखते हुए अभा कांग्रेस कमेटी ने उन्हें हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए मंडी जिले का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. सांसद बैज को मंडी जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों क्रमशः करसोग, सुंदर नगर, नाचन, सेराज और दरांग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. अभा कांग्रेस की वर्किंग कमेटी के स्थायी आमंत्रित सदस्य एवं हिमाचल प्रदेश प्रभारी तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने इस आशय का एक पत्र बैज को भेजा है. पत्र में बैज को यथाशीघ्र हिमाचल प्रदेश रवाना होने तथा सौंपी गई जिम्मेदारी पर अमल करने के लिए कहा गया है.

अफसर के एजेंट बनकर लाखों वसूले डीईओ दफ्तर के बाबुओं ने

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  • मामला पदोन्नत शिक्षकों और शिक्षिकाओं की पदस्थापना का
  • जिला शिक्षा कार्यालय को बना दिया गया अवैध उगाही का अड्डा
  • वसूली कांड में शिक्षक संघ के भी कुछ पदाधिकारियों की भूमिका


 
जगदलपुर. बस्तर जिले में 12 सौ शिक्षकों की पदोन्नति एवं पदस्थापना में जमकर हुई वसूली में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बस्तर के कुछ बाबुओं ने अपने अफसर का एजेंट बनकर शिक्षक – शिक्षिकाओं से उगाही को अंजाम दिया. लाखों रुपयों के वारे न्यारे के इस खेल में शिक्षक संघ के कुछ पदाधिकारी भी शामिल रहे. वहीं इस खेल से विकास खंड शिक्षा अधिकारियों को पूरी तरह से दूर रखा गया. जिसका उन खंड शिक्षा अधिकारियों को मलाल भी है.
जिला शिक्षा विभाग बस्तर के अधीन प्राथमिक शालाओं के 1200 शिक्षक शिक्षिकाओं को पदोन्नत कर प्रधान पाठक बनाया गया है. पहले पदोन्नति देने के नाम पर इन शिक्षक शिक्षिकाओं मोटी रकम वसूली गई. इसके बाद उन्हें जिला मुख्यालय व ब्लॉक मुख्यालयों की शालाओं में पदस्थापना देने के नाम पर उनसे एक एक लाख रु. तक की डिमांड की गई. वांछित शालाओं में पदस्थापना पाने के लिए पदोन्नत शिक्षक शिक्षिकाओं ने यह डिमांड पूरी भी कर दी. विभाग के सूत्रों के मुताबिक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ तीन बाबुओं तथा शिक्षक संघ के कुछ पदाधिकारियों ने अपने जिला अफसर के लिए वसूली एजेंट की भूमिका निभाई. इसके एवज में उन्हें तयशुदा कमीशन दिया गया. मिली जानकारी के अनुसार पदस्थापना के नाम पर प्रत्येक पदोन्नत शिक्षक से एक लाख रुपए तक की वसूली की गई है. वसूली की रकम शाला ग्राम की जिला व ब्लॉक मुख्यालयों से दूरी के आधार पर रखी गई थी. दूरी के लिहाज से रकम कम व ज्यादा तय थी. प्रायः सभी पदोन्नत शिक्षिकाओं ने जिले के अपने वरिष्ठतम अफसर की यह डिमांड पूरी भी की. अगर डिमांड पूरी ना करते तो बाद में उन्हें तरह- तरह की मुसीबतें उठानी पड़ती. जिला शिक्षा कार्यालय में पदस्थ तीन बाबुओं और शिक्षक संघ के कथित पदाधिकारियों के अलावा जरा-बहुत सियासी रसूख रखने वाले लोग भी दलाल के रूप में जिलेभर में सक्रिय रहे। बताते हैं कि पूरी रकम मिल जाने के बाद ही जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा पदस्थपना सूची पर अंतिम मुहर लगाई गई. पता चला है कि लेनदेन के इस खेल में विकास खंड शिक्षा अधिकारियों को ज्यादा तवज्जो नहीं दिया गया. इस बात का मलाल विकास खंड शिक्षा अधिकारियों को जरूर रहा होगा. मलाई खाने में शिक्षक संघ के कुछ पदाधिकारी रहे. इन पदाधिकारियों के दिए गए नामों को ही पदस्थापना सूची में वरीयता मिली है। ये पदाधिकारी पदोन्नति के दौरान भी स्कूल छोड़ डीईओ कार्यालय में ज्यादा नजर आया करते थे। जिन पदोन्नत शिक्षकों ने डिमांड पूरी नहीं की उन्हें दूर दराज की शालाओं में भेज दिया गया है. हेते स्थानों से दूर रखा गया है। ऐसे शिक्षक अब इस भ्रष्टाचार की पोल खोलने लगे हैं. ये शिक्षक अब दबी जुबान से कह रहे हैं कि अगर बस्तर जिले में हुई पदोन्नति और पदस्थापना प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई गई तो कई बड़े चेहरे बेनकाब हो जाएंगे.
अफसर के खास हैंतीनों बाबू
 सूत्रों ने बताया कि जिन तीन बाबुओं और शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बेतहाशा वसूली में योगदान दिया है, वे सभी अपने विभाग प्रमुख के बेहद करीबी और ख़ासमखास माने जाते हैं. विभाग से जुड़े हर उस कार्य जिसमें कमाई की गुंजाईश रहती है, उसे इन्हीं बाबुओं और शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के मार्फ़त अंजाम दिलाया जाता है. चाहे वह शिक्षकों के आर्थिक हितों से जुड़ा मामला हो या ताबदले का. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के इन बाबुओं और वसूली एजेंट के रूप में काम करने वाले शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने अपने दलालों का नेटवर्क पूरे जिले में फैला रखा है. ये दलाल जानकारी जुटाते रहते हैं कि किस शिक्षक को जिला शिक्षा कार्यालय से कौन सा कार्य कराना है. इसके बाद लेनदेन की बात तय की जाती है. Bataते हैं कि पहले शिक्षक संघ के पदाधिकारियों को ऐसे मामलों से दूर ही रखा जाता था, लेकिन जब वे विरोध में आवाज़ उठाने लगे तो उन्हें भी इस खेल में शामिल कर लिया गया. बस्तर जिला शिक्षा विभाग में चल रही बेतहाशा उगाही की भनक राजधानी में के कुछ विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों को भी लग गई है.
ऊपर तक जाएगी जांच की आंच
 शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक की मौत जहां अब तक अनसुलझी पहेली बनी हुई है, वहीं यह बस्तर के डीईओ और बीईओ के लिए मुसीबत का सबब भी बन गई है। चर्चा है कि ज्वाइंट डायरेक्टर अपना कार्य ईमानदारी के साथ करते आ रहे थे. विभाग में चल रही गफलतबाज़ी जब उनकी नज़रों के सामने आई तो उन्होंने एक्शन लेना शुरू कर दिया था. जेडी का यह कदम काली कमाई में लगे अधिकारियों को नागवार गुजरा और एक बड़ी लॉबी जेडी के खिलाफ हो गई. जेडी को परेशान करने के लिए तरह तरह के हठकंडे अपनाए जाने लगे. उन पर राजनैतिक दबाव डलवाया जाने लगा. ऐसी ही परिस्थितियों के बीच जेडी की मृत्यु हुई थी. जांच दल द्वारा जेडी की मौत के साथ ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा विभिन्न मदों से प्राप्त शासन के धन का मनमाना उपयोग किए जाने के मामले की भी जांच शुरू कर दी गई है. लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा गठित उच्च स्तरीय चार सदस्यीय जांच दल बस्तर पहुंच कर पड़ताल शुरू कर चुका है. यह दल फिलहाल जगदलपुर बीईओ से जुड़े मामले को खंगाल रही है.
लेकिन जांच की आंच जिले के दूसरे विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और जिला शिक्षा अधिकारी तक भी पहुंच सकती है. ऐसी खबर है कि जिले के प्रायः सभी विकास खंडों में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इसी तरह का कारनामा किया है. इस कृत्य में जिला शिक्षा अधिकारी की भी बराबर की भूमिका रही है. जांच दल अगर ईमानदारी से जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है, तो कई अधिकारी लपेटे में आ जाएंगे.

धूमधाम और भव्यता के साथ संपन्न हुआ सीटू राजहरा का 14 वां त्रैवार्षिक सम्मेलन।

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हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन सीटू राजहरा का 14 वां त्रैवार्षिक सम्मेलन 9 अक्टूबर 2022 को बीएसपी हायर सेकेंडरी स्कूल नंबर 2 के सभागार में संपन्न हुआ । दो सत्रों में संपन्न हुए इस सम्मेलन के प्रथम सत्र में झंडारोहण के साथ शहीद बेदी पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सम्मेलन के खुले सत्र की शुरुआत की गई। इस सत्र में विगत 3 वर्षों में दिवंगत हुए यूनियन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं के परिवारों को सम्मानित किया गया । स्वागत एवं अध्यक्षीय भाषण प्रस्तुत करते हुए यूनियन के अध्यक्ष कामरेड प्रकाश सिंह क्षत्रिय ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं उद्योगगत परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि इस सम्मेलन में हमें आने वाली चुनौतियों के खिलाफ संघर्ष के लिए बेहतर रणनीति तय करनी होगी।

खुले सत्र में प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ राज्य सीटू के कार्यकारी अध्यक्ष कामरेड एसपी डे, उपाध्यक्ष कामरेड एम एस शांत कुमार, सीटू राजहरा के संस्थापक सदस्य कामरेड केपीजी पणिक्कर के साथ नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर जी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक बांबेश्वर जी, कैबिनेट मंत्री के मीडिया सचिव विवेक मसीह जी, एसकेएमएस यूनियन के अध्यक्ष कामरेड राजेंद्र बेहरा, छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के संरक्षक गणेश राम चौधरी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव कामरेड अनिल यादव,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन की पदाधिकारी द्वय कामरेड रितु शालिनी, कामरेड रंभा पवार एवं सीटू राजहरा के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एम आर पाटिल, मौजूद रहे ।सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सीटू के उपाध्यक्ष कामरेड शांतकुमार ने कहा की वर्तमान समय में मजदूर वर्ग पर अपनी समस्याओं के अलावा समाज के अन्य वर्गों को बचाने की जिम्मेदारी भी आ पड़ी है । सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष के लिए मजदूर वर्ग को ही अग्रणी भूमिका निभाना होगा ।

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इसलिए इस सम्मेलन में उन तमाम प्रस्ताव पर विचार किया जाना चाहिए जिससे समाज और सभी वर्गों का उत्थान हो सके । कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर जी ने कहा कि नगर में मजदूरों के बीच सीटू की एक अलग छवि है। और सीटू विगत कई वर्षों से मजदूर वर्ग के लिए संघर्ष करती आ रही है तथा अपनी मांगों को हासिल करती आ रही है।सीटू ने मजदूर वर्ग के अलावा शहर के विकास के हर संघर्ष में बराबर सहयोग दिया है। इसलिए सीटू का कार्य हमेशा प्रशंसनीय रहा है । उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग की हर लड़ाई में मैं व्यक्तिगत रूप से आपके साथ खड़ा रहूंगा । ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अशोक बांबेश्वर जी ने कहा कि खदानों में कार्यरत नियमित व ठेका मजदूरों की विभिन्न समस्याओं पर संघर्ष करते हुए सीटू मजदूरों के लिए वह सब कुछ हासिल कर रही है जिसकी मजदूरों को दरकार है। सीटू ने हमेशा शानदार लड़ाइयां लड़ी हैं और विजय प्राप्त की है। मैं इस सम्मेलन को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं ।

मंत्री जी के मीडिया सचिव विवेक मसीह जी ने कहा कि हमने बचपन से सीटू के संघर्ष को देखा है। इन्हीं के साथ पले बढ़े हैं इसलिए संघर्षों की नगरी में सीटू का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा यह सम्मेलन अच्छी तरह सफल रहे और नगर के विकास पर भी विचार किया जाना चाहिए। सम्मेलन को संबोधित करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन की पदाधिकारी रितु शालिनी ने भी सम्मेलन को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की । छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के संरक्षक कामरेड गणेश राम चौधरी ने कहा कि मजदूरों को जो भी हासिल हुआ है वह संघर्षों से ही हासिल हुआ है, सत्ता वर्ग लगातार ताकतवर हो रहा है इसलिए हमें भी संयुक्त संघर्षों को और तेज करना होगा तभी हम एक बेहतर व्यवस्था को कायम कर पाने में सक्षम हो सकेंगे । सीटू के संस्थापक सदस्य कामरेड केपीजी पणिक्कर ने कहा कि मजदूर को जीवन भर लड़ना होता है, यह लड़ाई वह केवल अपने लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लडता है तभी मजदूरों के लिए कुछ बेहतर व्यवस्था बन पाती है। इसलिए हमें हमेशा शोषण के विरुद्ध डटकर खड़े होना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी सुरक्षित रह सके । इस दौरान विगत 3 वर्षों में दिवंगत हुए साथी रामकुमार साहू, रोहित कुमार मंडावी, वी डी आदिनारायण, अशोक कुमार, अंजोरी राम, तीजू राम एवं प्रीतम सिंह पंवार के परिवार को अतिथियों के हाथों शाल और श्रीफल से सम्मानित कर साथियों के योगदान को याद किया गया ।
भोजन के बाद प्रारंभ हुए द्वितीय सत्र में यूनियन के महासचिव कामरेड पुरुषोत्तम सिमैया द्वारा सचिव प्रतिवेदन पेश किया गया ।

इस प्रतिवेदन पर लगभग 15 साथियों ने जबरदस्त चर्चा कर सचिव प्रतिवेदन एवं कोषाध्यक्ष की रिपोर्ट को सर्वसम्मति पारित किया । सम्मेलन में उजडते राजहरा को बचाने के लिए संघर्ष तेज करने, श्रम कानूनों में संशोधन के खिलाफ, ठेका मजदूरों के शोषण के खिलाफ संघर्ष करने, सेल प्रबंधन द्वारा एकतरफा ग्रेज्युटी सीलिंग और सेल पेंशन स्कीम को एनपीएस में डाले जाने के विरोध में संघर्ष करने तथा खदान कर्मियों की मूलभूत सुविधाओं पर आंदोलन तेज करने का प्रस्ताव पारित किया गया । सत्र के अंतिम चरण में 83 सदस्यीय समिति का प्रस्ताव पारित करते हुए 17 पदाधिकारी, 30 कार्यकारिणी,एवं 36 जोनल कमेटी सदस्यों का चयन किया गया। जिसमें पुरुषोत्तम सिमैया अध्यक्ष, प्रकाश सिंह क्षत्रिय सचिव, ज्ञानेंद्र सिंह कार्यकारी अध्यक्ष , सुजीत मुखर्जी संगठन सचिव, विनोद मिश्रा, विजय शर्मा, रामाधीन राम, राजेश खन्ना, उपाध्यक्ष ,उमेश दंडाले कार्यालय सचिव,जे गुरुवुलु कोषाध्यक्ष, चार्ली बर्गिस सहायक कोषाध्यक्ष ,आरती राम ठाकुर, बीएल रोकड़े, राम कुमार कुर्रे, मानसिंह कनवर, सुजीत मंडल व बालमुकुंद ठाकुर को सहायक सचिव चुना गया । इसके साथ ही 30 कार्यकारिणी सदस्य एवं 36 जोनल कमेटी सदस्यों का भी चयन किया गया । जो आगामी 3 वर्षों तक यूनियन की गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करेंगे । सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीटू राजहरा के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एम आर पाटिल ने कहा कि खदानों और शहर में सीटू की एक अलग ही छवि है, इसी छवि के आधार पर ही बड़ी संख्या में मजदूर वर्ग सीटू यूनियन के साथ जुड़ा हुआ है और हमें हर हाल में अपने संघर्षों की छवि को कायम रखना है ।सम्मेलन में समापन भाषण प्रस्तुत करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सीटू के कार्यकारी अध्यक्ष एवं हिंदुस्तान के स्टील एंप्लाइज यूनियन सीटू भिलाई के महासचिव कामरेड एसपी डे ने कहा कि आज देश में जो सरकार सत्तासीन है उसकी नीतियां निश्चित रूप से जनविरोधी है और वह पूंजी परस्त नीतियों के चलते देश के तमाम सरकारी उद्योगों सार्वजनिक उपक्रमों और संस्थानों को बेचने पर तुली हुई है ।यह सरकार न केवल मजदूर विरोधी है, बल्कि किसानों व आम जनता पर लगातार कष्टदायी नीतियां थोप रही है। आज सेल प्रबंधन के रवैया में भी हम सरकार की नीतियों की झलक स्पष्ट रूप से देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि वेज रिवीजन में अंतिम क्षणों में ट्रेड यूनियनों की एकता में सेंध लगाते हुए प्रबंधन ने मजदूरों के साथ धोखा किया । इसी तरह सेल पेंशन योजना में एनजेसीएस की बनी सहमति को भी दरकिनार करते हुए इसे एनपीएस में ले जाने का षड्यंत्र प्रबंधन द्वारा किया जा रहा है। और अब बोनस के मामले में भी हम देख रहे हैं कि प्रबंधन का रवैया किसी भी स्तर पर सम्मानजनक नहीं है । प्रबंधन ने सेल कर्मचारियों की असीमित ग्रेज्युटी के समझौते का खुला उल्लंघन किया है । जिसके खिलाफ हमने कलकत्ता हाई कोर्ट में परिवाद दायर किया है। हम प्रबंधन के तमाम मजदूर विरोधी रवैए के खिलाफ संघर्षरत है, लेकिन इतना काफी नहीं है। जब तक सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज नहीं करते और इन्हें पलटने पर मजबूर नहीं करते तब तक उद्योग स्तर की लड़ाई में हम छोटी मोटी मांगों को हासिल कर सकते हैं,लेकिन कर्मचारी वर्ग के जीवन स्तर को उठाने के लिए जो भी जरूरी है उसे हासिल करना अब मुश्किल होते जा रहा है। इसलिए इस पर हम सबको एकता बद्ध तरीके से सभी मोर्चों पर एक साथ लड़ना होगा तभी हम अपने और अपनी आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व को भविष्य को सुरक्षित रख पाएंगे । दोनों सत्रों का संचालन अध्यक्ष मंडल के सदस्य प्रकाश सिंह क्षत्रिय, ज्ञानेंद्र सिंह,व सुजीत मुखर्जी ने किया । इस भव्य सम्मेलन में यूनियन के 300 से अधिक सदस्यों ने भागीदारी की।

बस्तरिहा युवा बनेंगे आईएएस, आईपीएस, मिली कोचिंग सुविधा

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  • पीएससी वाला’ कोचिंग सेंटर का उद्घाटन किया संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने

जगदलपुर लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी कर रहे अंचल के युवाओं के आईएएस और आईपीएस बनने के सपने अब साकार हो सकेंगे. पीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं को अब शहर में ही कोचिंग की सुविधा मिल गई है. संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने यहां ‘पीएससी वाला’ कोचिंग सेंटर का उद्घाटन किया. श्री जैन ने शहर के धरमपुरा एलआईसी रोड पर संचालित कोचिंग सेंटर का उद्घाटन करते हुए कहा कि लोकसेवा आयोग की परीक्षा में सफल होना छात्र- छात्राओं का सपना होता है

शहर के प्रतिष्ठित अध्यापकों द्वारा संचालित यह प्रतिष्ठान छात्र छात्राओं के सपनों को पूरा करने में सहायक होगा. उन्होंने युवाओं से कहा कि मेहनत इतनी करो कि सफलता शोर मचाते आपके क़दमों को चूमे. कोचिंग संस्थान केवल आपको मार्गदर्शन दे सकते हैं सफलता तो आपकी मेहनत पर निर्भर करता है. लेखक एवं पत्रकार संतोष सिंह ने भी छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए मार्गदर्शन दिया. इस अवसर पर श्री जैन के साथ वरिष्ठ पार्षद राजेश राय, बलराम यादव, मनोनीत पार्षद अमरनाथ सिंह, कौशल नागवंशी, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, युवा नेता महेश द्विवेदी , आनंद मिश्रा मुन्ना, मानसिंह ठाकुर, नीलकंठ पाण्डेय, अभिषेक शर्मा, आशीष दीवान, राधेमोहन मिश्रा, मानेंद्र सिंह, नीलकंठ दास, राजू दास, शिवांश तिवारी, सुरेश तिवारी, प्रेमनाथ झा एवं छात्र छात्राएं उपस्थित थे.

बचपन की यादों और माटी की खुशबू ने कर दिया भावुक

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  • छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में दिखा विलुप्त होते खेलों का जलवा
  • स्कूल कैंपस में पारंपरिक खेलों का आयोजन, बच्चों ने दिखाया हुनर


जगदलपुर समूचा शाला परिसर छत्तीसगढ़ की उर्वरा माटी की सोंधी खुशबू से गमक उठा. गांव की गलियों से जुड़ी बचपन की यादें ताज़ा हो गईं. परंपरिक खेलों और उत्सवों के उत्साह से भरा बालपन फिर लौट आया. ऐसा लग रहा था मानो कभी छत्तीसगढ़ के गौरव रहे पारंपरिक खेलों के दिन फिर से लौट आए हैं.
बोधघाट के प्राथमिक शाला परिसर में आयोजित छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में छत्तीसगढ़ के लगभग विलुप्त हो चुके पारंपरिक खेलों का जलवा देखने को मिला. लोक संस्कृति से समृद्ध छत्तीसगढ़ की पुरानी यादें ताज़ा हो गईं. परिसर में मौजूद कई लोग अपना बचपन याद कर भावुक हो उठे. राजीव युवा मितान क्लब जिला बस्तर द्वारा राजीव गांधी वार्ड बोधघाट की प्राथमिक शाला में छत्तीसगढ़ के विभिन्न पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया. विलुप्त होते पारम्परिक खेलों गिल्ली डंडा, रस्साखींच, पिट्ठुल, खो-खो, भौरा, बांटी में बच्चों ने अपना हुनर दिखाया.
आयोजन में बोधघाट शाला के शिक्षक शिक्षिकाओं व वार्डवासियों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया.
अपने सम्बोधन में राजीव गांधी युवा मितान क्लब के जिला समन्वयक सुशील मौर्य ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समाज के सभी वर्गों का पूरा ध्यान रखा है और विलुप्त होते पारंपरिक खेलों को सहेजने का प्रयास किया है l इसके लिए मुख्यमंत्री साधुवाद के पात्र हैं. आयोजन में मुख्य रूप से नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, नगर निगम आयुक्त दिनेश नाग, युवा मितान क्लब की अध्यक्ष एस नीला, यूथ कोंग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष संदीप दास, प्रधान अध्यापक कांति देवांगन, पीटीआई हसीन अहमद, राजस्व अधिकारी राकेश यादव, निरीक्षक कुलदीप पाणिग्रही, सांसद के सोशल मीडिया प्रतिनिधि शादाब अहमद, गौरव तिवारी, बोधघाट शाला के समस्त शिक्षक व बड़ी संख्या में स्कूल के छात्र छात्राएं मौजूद थे.

बस्तर दशहरा से जुड़ेगी अब नई परिपाटी

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  • रथ निर्माण के लिए पेड़ काटे जाने से वन को होने वाली क्षति की होगी भरपाई
  • साल और बीजा के पौधे लगाने के लिए हर साल बस्तर दशहरा के साथ मनाया जाएगा पौधरोपण उत्सव

जगदलपुर. बस्तर दशहरा के रथ निर्माण के लिए पेड़ काटे जाने से जंगल को होने वाली क्षति की भरपाई के लिए अब हर साल पौधरोपण उत्सव मनाया जाएगा. इस नई परिपटी की शुरुआत ग्राम मरकेल से हुई. पौधेरोपण उत्सव में इसका आगाज़ सांसद व बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष दीपक बैज ने किया.


बस्तर दशहरा में अब अगले वर्ष से एक नया रस्म जुड़ेगा। बस्तर दशहरा में चलने वाले रथ के निर्माण में लगने वाली लकड़ियों की क्षतिपूर्ति के लिए अब हर वर्ष साल और बीजा के पौधे लगाने का कार्य करने के साथ ही इसे बस्तर दशहरा के अनिवार्य रस्म में जोड़ा जाएगा। यह घोषणा सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष दीपक बैज ने मारकेल में बस्तर दशहरा रथ निर्माण क्षतिपूर्ति पौधरोपण कार्यक्रम में की। इस अवसर पर सांसद श्री बैज ने कहा कि बस्तर दशहरा सामाजिक समरसता के साथ अपने अनूठे रस्मों के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इस पर्व में चलने वाला रथ एक महत्वपूर्ण आकर्षण है। इस रथ के निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में लकड़ी का उपयोग किया जाता है, जिसके लिए वृक्षों को काटने की आवश्यकता पड़ती है। बस्तर दशहरा का पर्व सदियों से आयोजित किया जा रहा है और यह आगे भी यह इसी भव्यता के साथ आयोजित होता रहे, इसके लिए हमें भविष्य में भी लकड़ियों की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि बस्तर की हरियाली को बनाए रखने और बस्तर दशहरा के लिए लकड़ियों की सतत आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए अब प्रतिवर्ष साल और बीजा के पौधे लगाने का कार्य बस्तर दशहरा के रस्म के तौर पर होगा। यह पर्व मानसून के दौरान हरियाली अमावस्या पर प्रारंभ होता है. उसी दौरान पौधे लगाए जाएंगे।

सम्मानित किए गए हरियाली के सजग प्रहरी
पिछले वर्ष लगाए गए पौधों से छा रही हरियाली से खुश होकर सांसद बैज ने हरियाली के रखवालों को सम्मानित कर नगद राशि भेंट की.
सांसद बैज ने कहा कि इसी स्थान पर पिछले वर्ष 365 पौधे लगाए गए थे, जिनमें मात्र 3 पौधे नष्ट हुए. उनके स्थान पर नए पौधे लगा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि साल के पौधरोपण में सफलता का प्रतिशत कम है, किन्तु यहां ग्रामवासियों के सहयोग से वन विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया और यहां 99 फीसदी से भी अधिक पौधे जीवित रहे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बस्तर में चिलचिलाती गर्मी पड़ी थी. प्रतिदिन तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता था। ऐसी गर्मी के दौरान भी ट्रैक्टर से लाए गए टैंकर के पानी को मटकियों में डालकर उन्हें पौधों को दिया जाता रहा, जिससे ये सभी पौधे जीवित रहे। पौधों को पालने-पोसने का यह कार्य यहां के रखवालों ने पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया, जिसके लिए वे प्रशंसा और सम्मान के हकदार हैं। सांसद ने यहां लगाए गए पौधों की रखवाली कर रहे लैखन और बहादुर को पांच-पांच हजार रुपए प्रदान करने के साथ ही उनके रहने के लिए शेड बनाने की घोषणा भी की। इसके साथ ही यहां आज लगाए गए 300 पौधों के कारण यहां पौधों की बढ़ी हुई संख्या को देखते हुए सोलर ऊर्जा संचालित पंप की स्थापना की घोषणा भी की। बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष बलराम मांझी, छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण मंडल के सदस्य बलराम मौर्य, मुख्य वन संरक्षक मोहम्मद शाहिद, वन मंडलाधिकारी डीपी साहू ने भी समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय निगम अध्यक्ष कविता साहू, सांसद प्रतिनिधि सुशील मौर्य, धनुर्जय दास, युवा कांग्रेस के जिला महासचिव व सांसद प्रतिनिधि सोशल मीडिया अनुराग महतो, जिला उपाध्यक्ष सायमा अशरफ, अभिषेक नायडू, एस नीला सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, सरपंच, सचिव, मांझी, चालकी, मेंबरिन, बस्तर दशहरा समिति के सचिव पुष्पराज पात्र, लोहण्डीगुड़ा तहसीलदार अर्जुन श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने साल और बीजा के पौधे लगाए।

आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्पित हैं मुख्यमंत्री : जैन

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जगदलपुर. क्षेत्रीय विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने अपने विधानसभा क्षेत्र की आधा दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में माता गुड़ी के जीर्णोद्धार एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन किया. जैन ने ग्राम पंचायत मांझीगुड़ा, कवालीकला, छोटे कवाली के आश्रित ग्राम चेलालगुर, कोटियापाल, ग्राम पंचायत कैकागढ़, चेरबहार, ग्राम पंचायत कैकागढ , ग्राम पंचायत हाटपदमूर एवं ग्राम पंचायत सिदमूड में माता गुड़ी के जीर्णोद्धार व सीसी रोड निर्माण कार्य एवं उचित मूल्य की राशन दुकान के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन तथा नव निर्मित पंचायत भवन का लोकार्पण किया.

ग्राम पंचायत मांझीगुड़ा में दुलारदेई माता गुड़ी का जीर्णोद्धार लागत 3 लाख रुपए, सीसी सड़क निर्माण कार्य प्रभु निलांबर घर से मिल तक लागत 12 लाख 12 हजार रुपए, कवालीकला में जलनी माता गुड़ी 3 लाख, मुण्डी गुड़ी 3 लाख, छोटे कवाली चेचालगुर में माता गुड़ी 3 लाख, छोटे कवाली पोटियापाल में माता गुड़ी 3 लाख, छोटे कवाली पोटियापाल कांदाखाई में गुड़ी 3 लाख, कैकाचेरबहार में कनकदेई माता गुड़ी 3 लाख, मावली माता गुड़ी 3 लाख एवं दुर्गा मंदिर 5 लाख सहित सीसी रोड निर्माण रघुनाथ घर से सीता घर तक लागत 12 लाख 12 हजार रुपए, ग्राम पंचायत कैकागढ़ में माता गुड़ी जीर्णोद्धार कार्य 3 लाख रुपए,राशन दुकान निर्माण 10 लाख रुपए, पंचायत भवन लोकार्पण 14 लाख रुपए, बामनदेई मातागुड़ी जीर्णोद्धार कार्य 5 लाख रुपए एवं ग्राम पंचायत हाट पदमुर में कंकालिन माता गुड़ी जीर्णोद्धार लागत 3 लाख, बामनदेई माता गुड़ी 3 लाख, बौंरिया माता गुड़ी जीर्णोद्धार कार्य लागत 5 लाख, ग्राम पंचायत सिडमूड में महादेव गुड़ी जीर्णोद्धार कार्य, राशन दुकान निर्माण कार्य लागत 10 लाख, सीसी रोड निर्माण लक्ष्मण घर से मुन्ना घर तक लागत 8 लाख 31 हजार , प्राथमिक शाला मुण्डापारा में 100 मीटर बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य लागत 4 लाख 24 हजार रुपए का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया. इस अवसर पर विधायक जैन ने कहा की हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा अनुरूप आदिवासी संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर हर ग्राम पंचायत में माता गुड़ी के जीर्णोद्धार के लिए बस्तर आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं जिला खनिज न्यास निधि से 3 लाख रुपए से 5 लाख रुपए तक की राशि आबंटित की गई है. जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में अभी तक 100 माता गुड़ियों के जीर्णोद्धार के लिए राशि स्वीकृत की गई है.

इस अवसर पर विधायक जैन के साथ जनपद सदस्य एवं ब्लाक अध्यक्ष नीलूराम बघेल, जनपद सदस्य धनसिंग बघेल,जोन अध्यक्ष सुनील दास, सांसद प्रतिनिधि कमल सेठिया, वरिष्ठ नेता राधामोहन दास, विनोद सेठिया, वरिष्ठ पार्षद राजेश राय, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गौरनाथ नाग, संतोष सिंह, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, पार्षद सूर्या पाणी, मांझीगुड़ा की सरपंच आसमती बघेल, उप सरपंच लोकेश सेठिया, सरपंच हाटपदमूर अस्ती बघेल, उप सरपंच रूपधर कश्यप, सरपंच कैकागढ़ सोनमती बघेल, उप सरपंच प्रभु बघेल, सरपंच कैका चेरबहार जानिक राम, शोभावती, सरपंच पार्वती ध्रुव, उप सरपंच मेनका सेठिया, बालसिंह, विजय ध्रुव, सरपंच कवाली कला जुगधर नाग, उप सरपंच अमल बैस, हरिहर सेठिया, शंकर नाग, सरपंच हरिबंधु नाग, उप सरपंच दयामती नाग, मंगलाराम बघेल, बलराम कश्यप, हेमधर नाग समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे.

बस्तर दशहरा में मुस्तैद रही पुलिस

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  • विघ्नसंतोषियों को रास नहीं आई पुलिस की कड़ाई, कर रहे बुराई
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी कर चुके हैं व्यवस्था की जमकर सराहना


जगदलपुर. कोरोना काल में विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा दो साल तक फीके माहौल में निपटा. इस साल बीते दो सालों की भरपाई हो गई. बस्तर दशहरा इस बार बड़े ही धूमधाम से और अभूतपूर्व शांति व्यवस्था के बीच निपटा. पुलिस और प्रशासन के अधिकारी – कर्मचारियों तथा आयोजन समिति के लोगों ने दिन रात कड़ी मेहनत कर शांति व्यवस्था बनाए रखने में योगदान दिया. बस्तर दशहरा के अंतिम दिन के कार्यक्रम में आए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी ऐसी व्यवस्था से अभिभूत होकर लौटे.
बस्तर का दशहरा पूरी दुनिया में मशहूर है. दशहरा की परंपरा,रीति रिवाज, आकर्षण, उल्लास, आदिवासियों की जीवनशैली, राज्य और देश के विभिन्न राज्यों के कला संस्कृति प्रेमियों के साथ ही विदेशी पर्यटकों को भी जगदलपुर बस्तर आने के लिए मजबूर कर देती हैं. बस्तर दशहरा का आकर्षण ही ऐसा है कि इस उत्सव में शामिल होने के लिए बड़ी तादाद में विदेशियों का भी आगमन होता है. कोरोना के चलते दो सालों तक बस्तर दशहरा फीका फीका सा गुजरा. इस साल यह आयोजन बड़े ही भव्य रूप से संपन्न हुआ. पूरे एक माह तक चलने वाले बस्तर दशहरा को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में जिला प्रशासन, जिला पुलिस बल और बस्तर दशहरा समिति के पदाधिकारियों ने महति भूमिका निभाई. विशेष कर कोतवाली थाना के अधिकारियों और जवानों की इस व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान रहा. रथयात्रा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा का आवागमन कोतवाली थाना क्षेत्र के ही ज्यादातर रास्तों से ही होता है. बस्तर दशहरा से जुड़े अधिकतर कार्यक्रम कोतवाली थाना क्षेत्र में ही निपटते हैं. इसलिए इस पुलिस थाने के अधिकारी कर्मचारियों को विशेष रूप से चौकस रहना पड़ता है. इस साल के आयोजन में भी कोतवाली थाना प्रभारी अपनी पूरी टीम के साथ माहभर तक मुस्तैद रहकर बस्तर दशहरा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जी जान से जुटे रहे. बस्तर के सांसद एवं दशहरा समिति के अध्यक्ष दीपक बैज ने आखिरी दिन बस्तर दशहरा को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने तथा व्यवस्था चुस्त दुरुस्त बनाए रखने के लिए न केवल पुलिस और जिला प्रशासन की दिल खोलकर तारीफ की, बल्कि पुलिस व प्रशासन के सभी अधिकारी – कर्मचारियों के प्रति आभार भी प्रकट किया. वहीं बस्तर दशहरा की समापन बेला में अंतिम दिन के कार्यक्रम में शामिल होने जगदलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी शांति व्यवस्था के साथ अन्य व्यवस्थाओं की सराहना की थी. बाहर से आए पर्यटक भी व्यवस्थाओं से पूरी तरह संतुष्ट होकर लौटे.
जिन्हें अमन पसंद नहीं, वे दोष तो मढ़ेंगे ही
बस्तर दशहरा के दौरान पूरे महीने भर तक छिटपुट मामलों को छोड़ दें कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई. इसके लिए पुलिस प्रशासन खासकर कोतवाली पुलिस को दाद देनी चाहिए. लेकिन कुछ ऐसे तत्व, जिन्हें अमन पसंद नहीं है, वे मीनमेख निकालकर कोतवाली पुलिस की छवि को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं. ऐसा करके ये तत्व बस्तर दशहरा की गरिमा को भी ठेस पहुंचा रहे हैं. बताते हैं कि रथयात्रा के दौरान रथ खींचने वाले आदिवासी दैवीय शक्ति के प्रति आस्था में इस कदर लीन हो जाते हैं कि बेसुध होकर इधर उधर भागने लगते हैं और जो भी महिला, पुरुष या बच्चे सामने आ जाते हैं, उन्हें झींझोड़ने लग जाते हैं. ऐसा हर साल होता है. इस साल भी यही हुआ. इसे ही आधार बनाकर बस्तर पुलिस के खिलाफ दुष्प्रचार की कड़ी आलोचना की है.

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