City Media - Page 159 of 1806 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
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नदी में डूबने से युवक की मौत

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शादी समारोह में शामिल होने आए युवक की मौत। सूत्रों के अनुसार पुलिस द्वारा बताया गया कि मृतक देव कुमार शुक्रवार दोपहर बारातियों के साथ मोक्षधाम सांकरदाहरा घाट पर नहाने गया था। युवक की नदी में नहाते समय पानी के अंदर चला गया और देखते ही देखते पानी में लापता हो गया। शुक्रवार देर रात तक शव की तलाश जारी रही, लेकिन अंधेरा और नदी का तेज बहाव  के कारण खोजना असंभव रहा l लेकिन सुबह होते ही शनिवार को गोताखोरों ने फिर से अभियान शुरू किया और एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मोक्षधाम सांकरदाहरा एनीकट के पास से शव को बाहर निकाला गया। जहां युवक की मौत हो गई थी l परिजनों से युवक की पहचान कर पोस्टमॉर्टम करके परिजनों को सौंप दिया ।

थाना प्रभारी अवनीश कुमार श्रीवास ने बताया कि पुलिस ने मोक्षधाम सांकरदाहरा समिति को सूचना बोर्ड लगाने के लिए कहा गया है बाहरी व्यक्तियो को जानकारी सूचना बोर्ड में सांकरदाहरा घाट नदी में गहराई से अनेक सावधानियां बरतने के लिए बताने कहा है।

 

छत्तीसगढ़ में जान पर बन आई तो, तेलंगाना में नक्सलियों का युद्ध विराम!

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  • भाकपा माओवादी की राज्य कमेटी ने की 6 माह के युद्ध विराम की घोषणा
  • छत्तीसगढ़ में कड़े एक्शन का पड़ोस में बड़ा असर

अर्जुन झा-

जगदलपुर इसे कहते हैं घर में घुसकर मारना और गहराई तक असर डालना। असर ऐसा कि नक्सली पड़ोसी राज्य में हांफने कांपने लगे हैं। उन्होंने पूरे छह माह के लिए युद्ध विराम की घोषणा कर दी है। अब छत्तीसगढ़ में सक्रिय नक्सली संगठन भी घुटनों पर आ जाएगा, यह तय है।

दरअसल नक्सली संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की तेलंगाना राज्य इकाई ने एकतरफा युद्ध विराम की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले तेलंगाना के भद्रादी कोठागुड़ेम जिले में एकसाथ 38 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। आत्मसमर्पण करने वाले सारे लोग युद्ध विराम की घोषणा करने वाले संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी से जुड़े रहे हैं।इनमें 2 सदस्य, 16 मिलिशिया सदस्य, 7 वीसीएमएस, 6 केएएमएस सदस्य, 3 सीएनएम सदस्य और 4 जीआरडीसदस्य शामिल हैं। इस साल तेलंगाना के अकेले भद्रादी कोठागुड़ेम जिले में अब तक 268 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इनमें ज्यादातर नक्सली बस्तर संभाग के बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा जिलों के निवासी हैं। 38 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद नक्सली संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की तेलंगाना राज्य समिति ने 6 माह के लिए एकतरफा युद्ध विराम की घोषणा कर दी है। शीर्ष नक्सली नेता जगन के प्रवक्ता ने हिंदी और तेलुगु भाषा में एक पत्र जारी कर कहा है- तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, बीआरएस नेता चंद्रशेखर राव, कविता, कांग्रेस पार्टी और सभी वामपंथी दल शांति वार्ता के पक्षधर हैं। ये तमाम दल और नेता शांति वार्ता के लिए अभियान भी चला रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) 6 माह के लिए युद्ध विराम की घोषणा करती है।

असल वजह तो यह है

दरअसल यह कदम केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 31 मार्च 2026 से पहले छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के संकल्प, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के आक्रामक रुख और बस्तर संभाग में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे आरपार के अभियान का नतीजा है। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर चलाए गए अब तक के सबसे बड़े एंटी नक्सल ऑपरेशन नक्सलियों पर बड़ा कहर ढाया है। इस ऑपरेशन में 26 नक्सली मारे गए हैं। वहीं नक्सलियों के बम, बंदूक, बारूद और अन्य सामग्रियों के बड़े बड़े भंडार और नक्सलियों के सुरक्षित ठिकाने तबाह हो गए हैं। हालत यह है कि नक्सलियों को रसद और हथियारों के लाले पड़ गए हैं।नक्सलियों की कमर ही टूट चुकी है और अब उनके सामने आत्मसमर्पण एवं युद्ध विराम की घोषणा के सिवा कोई दूसरा विकल्प नहीं रह गया है। बता दें कि तेलंगाना की सीमाएं बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिलों से लगी हुई हैं।

शॉपिंग काम्प्लेक्स को मिलेगा नया जीवन, मेयर संजय पांडे ने रौनक लौटाने शुरू की कवायद

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  •  महापौर संजय पांडे ने निभाया चुनावी वादा 

जगदलपुर शहर के हृदय स्थल पर करोड़ों की लागत से बने निगम के आलीशान व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के दिन अब फिरने वाले हैं। महापौर संजय पाण्डेय ने इसका बीड़ा उठाया है।

महापौर संजय पांडे ने शॉपिंग काम्प्लेक्स के बेसमेंट की सफाई का कार्य महापौर संजय पांडे ने शुरू कराया है। यह कदम उठाकर मेयर संजय पांडे अब यह संकेत दे दिया है कि नगर निगम की कई करोड़ की संपति का अब सदुपयोग होगा।पुराने बस स्टैंड में बने इस कॉम्प्लेक्स की सभी दुकानें कहने को तो बिक चुकी हैं, किंतु काम्प्लेक्स की सफाई व्यवस्था ठप रहने के कारण व्यापारी वहां दुकान खोलने से बचते आ रहे थे।महापौर चुनाव के दौरान एक प्रत्याशी के रूप में संजय पाण्डेयवहां गए थे और लोगों की शिकायत के आधार पर इस भवन का पुनरोद्धार कराने की बात कही थी। अब उन्होंने इस व्यवसायिक भवन पर महापौर ने अपना ध्यान केंद्रित किया है , जिससे अब इससे जुड़े Fuel प्रकार के व्यवसाय भी बढ़ सकते हैं।. मेयर संजय पांडे की इस पहल की सराहना हो रही है। व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि मेयर संजय पाण्डेय बात के धनी हैं, जो कहते हैं, उसे पूरा करके दिखाते हैं।

दल्लीराजहरा में नेशनल लोक अदालत में कुल 626 प्रकरणों का निराकरण हुआ

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आज दिनांक 10.05.2025 दिन शनिवार को दल्लीराजहरा न्यायालय परिसर में लोक अदालत का शुभारंभ मां सरस्वती के ते तै्लय चित्र पर माल्यार्पण अर्पण कर प्रारंभ हुआ जिसमें दल्लीराजहरा के विभिन्न विभागों द्वारा एवं स्थानीय बैंकों में अपने सक्षम अधिकारी के साथ लगाया गया थाl

 

नेशनल लोक अदालत में समरी केशो में जिसमें आबकारी में 36(च) एवं एमवी एक्ट के 616 प्रकरण में कुल एक लाख चौसठ हजार वही चेक बाउंस एन.आई ए एक्ट 138 में समझौता से कुल 5 लाख आईपीसी के दो प्रकरण के अलावा प्रिलिगेशन प्रकरण जिसमें बैंक एवं बीएसएनल विभागों से कुल 1 लाख रुपए की राशि का राजीनामा प्रकरण का निपटारा किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती सोनी तिवारी एवं पीठासीन अधिकारी के रूप में अधिवक्ता इसराइल शाह एवं अधिवक्ता राकेश द्विवेदी उपस्थित थे। इसके अलावा अधिवक्तागण में श्री पवन गोयल जगेन्द्र भारद्वाज सुनील नदी मनोज प्रताप सिंह सिलेस्टी डिसूजा हिमानी पांडे अनीश वाघमारे उपस्थित थे।

प्यासे को पानी पिलाना पुण्य का काम: महापौर संजय पाण्डेय

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  • जल सेवा देने वाले लोगों का किया गया सम्मान 

जगदलपुर भारत स्काउटस एवं गाइड्स से जुड़ना गर्व की बात है। इससे सम्मान तो होता ही है, साथ ही स्वयं की जिम्मेदारी का भी अहसास होता है।आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्तित्व का विकास होता है। सेवा के काम में निपुण बनते हैं। प्यासे को पानी पिलाना पुण्य का काम है।

ये बातें आयुक्त स्काउटस एवं गाइड्स व नगर निगम के महापौर संजय पाण्डे ने कही। ज्ञात हो कि भारत स्काउटस एवं गाइड्स जिला संघ की ओर से जगदलपुर सहित अन्य 6 विकासखंडों में एक माह तक चलने वाले प्याऊ का उद्घाटन किया गया था। 9 अप्रैल से 9 मई तक पुरे जिले में प्याऊ घर संचालित किया गया था। जिसका उद्घाटन जगदलपुर नगर निगम के महापौर संजय पाण्डे ने किया था। इसके समापन पश्चात आज स्थानीय कन्या स्कूल क्रमांक 2 में जल सेवा सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उन छात्राओं व शिक्षकों का सम्मान किया गया, जिन्होंने एक महीने तक प्याऊ घरों में सेवाएं दी थी। मालूम हो कि जगदलपुर के चिन्हित स्थानों पर व ग्रामीण इलाकों में प्याऊ घर का उद्घाटन भारत स्काउटस एवं गाइड्स द्वारा किया गया था।

जिसका सफल संचालन शिक्षकों के साथ साथ बच्चों ने भी किया। उन बच्चों को आज प्रशस्ति पत्र व शील्ड देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आयुक्त स्काउटस एवं गाइड्स व नगर निगम के महापौर संजय पाण्डे, स्पीकर खेमसिंह देवांगन, एमआईसी सदस्य सुरेश गुप्ता, लक्ष्मण झा, खगेंद्र ठाकुर, गायत्री बघेल, आशा साहू, प्रकाश झा, वीरेंद्र जोशी, विवेक जैन, डीएमसी अखिलेश मिश्रा, प्राचार्य सुधा परमार, राकेश खापर्डे, टी महेश, रज्जी वर्गीस, लीलेश देवांगन, दशरू राम यादव, याशमीन नेताम, ज्योति तिग्गा, किरण यादव, रुमा निकहत, जयंती लोहाना, कृष्ण कुमार मौर्य, तनुल गुप्ता, खगपति बघेल, नवीन कुमार ठाकुर, निशा साहू, जुलेखा साहा आदि उपस्थित रहे।

शिक्षा विभाग में आया सुशासन, पांच लापरवाह शिक्षकों पर गिरी निलंबन की गाज

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  • जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल का एक्शन 

जगदलपुर बस्तर के शिक्षा विभाग में सुशासन आ रहा है। गैर जिम्मेदार शिक्षकों पर कड़ा एक्शन लिया जा रहा है। कलेक्टर हरिस एस और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल इन दिनों कुछ ज्यादा ही सख्त तेवर में नजर आ रहे हैं। कलेक्टर और सीईओ के निर्देशानुसार डीईओ में पांच गैर जिम्मेदार शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें दो शराबी शिक्षक और तीन लगातार ड्यूटी से नदारद रहने वाले शिक्षक शामिल हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बस्तर से मिली जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने 5 शिक्षकों को कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी विकासखण्ड लोहंडीगुड़ा से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर प्राथमिक शाला कहच्छेनार के सहायक शिक्षक (एलबी) गौतम कुमार वर्मा को शाला से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण छग सिविल सेवा आचरण नियम का दोषी पाए जाने पर निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी लोहंडीगुड़ा रहेगा।

नप गए मदमस्त बड़े गुरूजी

जगदलपुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर प्राथमिक शाला छोटेमुरमा के प्रधान अध्यापक मोसू राम को शाला दिवस पर शाला समय में शराब पीकर आने, हर वक्त नशे में रहने, शाला समय में विद्यालय में उपस्थित नहीं होने एवं समय पूर्व शाला बंद कर चले जाने के फलस्वरूप सिविल सेवा आचरण नियम का दोषी पाये जाने के फलस्वरूप निलंबित किया गया है।निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी जगदलपुर होगा।तोकापाल विकासखंड शिक्षा अधिकारी से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर प्राथमिक शाला बाजारपारा करंजी के प्रधान अध्यापक राजकिशोर आचार्य को शाला से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण छग सिविल सेवा आचरण नियम का दोषी पाये जाने के फलस्वरूप निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय तोकापाल रहेगा।

प्रेमनाथ का सुरा प्रेम

बकावंड विकासखंड शिक्षा अधिकारी से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर प्राथमिक शाला आमादुला के प्रधान अध्यापक प्रेमनाथ कश्यप को शाला दिवस में शाला समय में शराब पीकर आने, बच्चों को नहीं पढ़ाने एवं शाला में अनियमित उपस्थिति के कारण छग सिविल सेवा आचरण नियम का दोषी पाते हुए निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय दरभा किया गया है। लोहंडीगुड़ा विकासखंड शिक्षा अधिकारी से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर प्राथमिक शाला मिचनार के सहायक शिक्षक दीपक कुमार ध्रुव को शाला से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण सिविल सेवा आचरण नियम का दोषी पाए जाने पर निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय लोहंडीगुड़ा होगा तथा निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

सुशासन तिहार के शिविर मे विभिन्न विभागों द्वारा 389 हितग्राहियो को लाभान्वित किया गया

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सुशासन तिहार-2025 अतर्गत आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है। पहला चरण 08 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आयोजित हुआ। जिसमें आम जनता से उनकी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए हैं। तथा द्वितीय चरण 12 अप्रैल से 04 मई तक आवेदनों का निराकरण किया गया !

तृतीय चरण समाधन शिविर आज दिनांक 10-05-2025 का आयोजन जय स्तम्भ चौक वार्ड क्र 04 नगर पंचायत चिखलाकसा में रखा गया था! शिविर में समाज कल्याण विभाग, राजस्व विभाग, वन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, आबकारी विभाग, पुलिस विभाग, खाद्य विभाग, कृषि विभाग, परिवहन विभाग, आयुष विभाग, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे! जिसमे मुख्य अतिथी के रूप में माननीय  भोजराज नाग, सांसद कांकेर लोकसभा,  चेमन देशमुख, भाजपा जिला अध्यक्ष,  देवलाल ठाकुर प्रदेश प्रवक्ता भाजपा,  यशवंत जैन पूर्व सदस्य राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग योगेन्द्र सिन्हा, मंडल अध्यक्ष कुसुमकसा, श्रीमती कुन्ती देवांगन, अध्यक्ष न.पं. चिखलाकसा, राजू रावटे उपाध्यक्ष न.पं. चिखलाकसा,  मुकेश कोड़ो अध्यक्ष एवं समस्त पार्षदगण व कार्यक्रम के नोडल अधिकारी  नूतन कुमार कंवर अनुविभागीय अधिकारी,

अरविन्द नाथ योगी मुख्य नगर पालिका अधिकारी,  देवेन्द्र नेताम तहसीलदार डौंडी,  बी. रूद्रपति, अतिरिक्त तहसीलदार व  राकेश कुमार पाठक उपअभियंता उपस्थित थे! शिविर में माननीय सांसद महोदय  भोजराज नाग द्वारा कार्यक्रम स्थल के लिए डोमशेड निर्माण किये जाने की घोषणा की गयी! उक्त शिविर में कुल 45 आवेदन प्राप्त हुए जिनमे 23 का त्वरित निराकरण किया गया ! शिविर मे विभिन्न विभागों द्वारा 389 हितग्राहियो को लाभान्वित किया गया है।

चने के खेल में नया ट्विस्ट; दुकानों में भरा पड़ा है स्टॉक फिर क्यों नहीं दिया उपभोक्ताओं को? एक्शन मोड में आए फूड इंस्पेक्टर

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  • उपभोक्ताओं के हिस्से का चना दबाए बैठे हैं राशन दुकान संचालक

अर्जुन झा-

बकावंड चना वितरण में हुई अफरा तफरी के मामले में नया ट्विस्ट आ गया है। खबर है कि सरकारी उचित मूल्य की दुकानों में चने का स्टॉक भरा पड़ा है। उपभोक्ताओं के हिस्से का चना राशन दुकानदार दबाए बैठे हैं। खाद्य निरीक्षक ने मामले की जांच शुरू कर दी है और चना दबाए बैठे दुकानदारों पर कड़ा एक्शनलेने की तैयारी है।

ज्ञात हो कि बकावंड विकासखंड की अधिकांश दुकानों में जनवरी से अप्रैल तक के लंबित चने का वितरण निर्धारित मात्रा में न कर आधी अधूरी मात्रा में चना उपभोक्ताओं को दिया गया था। बाकी का चना दुकानदारों ने दबा लिया।शिकायत पर जांच अधिकारी बनाए गए खाद्य निरीक्षक हेमंत कुमार ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है। जिन दुकानदारों ने पूरे स्टॉक का आवंटन प्राप्त कर वितरण नहीं किया है उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विदित हो कि गरीबों को राशन देने सुशासन सरकार प्रतिबद्ध है उन्हें चावल के अलावा दो किलो पौष्टिक चना भी मात्र 10 रुपए में उपलब्ध कराया जा रहा है, मगर राशन माफिया गरीबों के हक के चने को 5 गुना अधिक कीमत पर बाहर बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं। करीब 500 से 700 क्विंटल चने की अफरा तफरी की खबर आई है। मीडिया में खबर चलने के बाद अब इसी ब्लॉक के प्रभारी खाद्य निरीक्षक को जांच अधिकारी बनाए जाने पर कुछ लोगों ने नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि जिस ब्लॉक में मामला सामने आया है वहीं के अधिकारी से जांच उचित नहीं होगी। इस बीच यह जानकारी भी मिली है कि जो चना यहां के उपभोक्ताओं को नहीं दिया गया है, उसका स्टॉक राशन दुकानों में ही रखा हुआ है। दुकान संचालक इस चने को किस्तों में बाहर बेच रहे हैं। जांच अधिकारी खाद्य निरीक्षक हेमंत कुमार ने इस मामले पर भी संज्ञान लिया है। वे इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि पूरा चना उपभोक्ताओं को क्यों नहीं दिया गया, उसे दुकानों में स्टोर करके क्यों रखा गया है और इसके पीछे दुकान संचालकों की मंशा आखिर क्या है? जाहिर सी बात है पूरा आवंटन मिलने के बाद भी आधा वितरण करने के पीछे की मंशा कालाबाजारी ही है। ऐसा खेल चल भी रहा है। सूत्र बताते हैं कि राशन दुकान संचालक स्थानीय और पड़ोसी राज्य ओड़िशा के व्यापारियों के पास इस चने को 45 से 50 रुपए तक किलो के भाव से खपा रहे हैं। व्यापारी राशन दुकानों में पहुंच कर 25 से 50 किलो तक चना खरीद ले जाते हैं। ज्यादा मात्रा में चना ले जाने पर पकड़े जाने का डर रहता है, इसलिए वे किस्तों में चना ले जा रहे हैं। यह काला खेल शाम के अंधेरे में चलता है। फूड इंस्पेक्टर हेमंत कुमार का कहना है कि कालाबाजारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गरीबों के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

वर्सन

चल रही है जांच

शिकायतों के आधार पर राशन दुकानों की जांच की जा रही है, स्टॉक पंजी एवं वितरण पंजी और उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया जा रहा है। कई दुकानों में चने का ओवर स्टॉक मिला है। इस संबंध में दुकान संचालकों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।

 

और बढ़ गया भास्कली नदी से रेत का अवैध खनन, भारी वाहनों से सड़कों की हो गई दुर्गति

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  • तहसीलदार की भूमिका पर ग्रामीण उठा रहे सवाल
  • रेत ढोने वाले ट्रकों और ट्रेक्टरों ने गांवों की सड़कों का किया सत्यानाश 

अर्जुन झा-

बकावंड विकासखंड बकावंड के ग्राम बनियागांव के पास भास्कली नदी से रेत के अवैध खनन का मामला उजागर होते ही रेत माफियाओं ने अवैध खनन और परिवहन की रफ्तार और बढ़ा दी है। रेत माफियाओं को डर है कि प्रशासन कभी भी छापेमारी कर सकता है, इसलिए वे कम समय में ज्यादा से ज्यादा रेत का भंडारण करने में लग गए हैं। वहीं रेत के इस काले कारोबार में तहसीलदार की भूमिका पर भी अब ग्रामीण सवाल उठाने लगे हैं।

हमने अपने पिछले अंक में इंद्रावती की पूरक और सहचरी भास्कली नदी में चल रहे रेत माफियाओं के तांडव की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर ने रेत माफियाओं में डर पैदा कर दिया है। उन्हें डर है कि प्रशासन कभी भी कार्रवाई कर सकता है, इसलिए वे कार्रवाई होने से पहले ज्यादा से ज्यादा रेत निकाल कर उसे अपने अड्डों में जमा करने लगे हैं। रेत खनन के लिए जेसीबी और परिवहन के लिए डंपर, ट्रकों व ट्रेक्टरों की संख्या बढ़ा दी गई है। रेत माफियाओं द्वारा किए जा रहे अवैध खनन के चलते भास्कली नदी सूख चुकी है। वहीं जलधारा की दिशा बदल जाने से किसानों के खेतों का तेजी से कटाव हो रहा है। कई किसानों की जमीन आधी से भी कम हो चुकी है। भास्कली नदी बकावंड विकासखंड के बनियागांव से होकर गुजरती है और दर्जनों ग्राम पंचायतों की हजारों एकड़ कृषि रकबे को सींचती है। भास्कली नदी उड़ीसा से प्रवाहित होकर इंद्रावती में मिलने से पहले करीब 100 किमी के फासले में स्थित पचासों गांवों के खेतों को सिंचित करती है। भास्कली नदी के सहारे ही इन गांवों के किसान विभिन्न फसल लेते हैं।धान, मक्का, उड़द, आदि की खेती करते हैं,

लेकिन रेत माफियाओं ने किसानों और ग्रामीणों को भारी नुकसान पहुंचा दिया है। नदी के सूखने से खेतों की पर्याप्त सिंचाई नहीं हो पा रही है। भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, कुंए, हैंडपंप, ट्यूबवेल जवाब देने लगे हैं। किसानों और ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद तहसीलदार इस मामले में जरा भी गंभीर नहीं हैं। इससे उनकी भूमिका संदिग्ध हो चली है। ग्रामीणों का खुला आरोप है कि रेत माफियाओं को अधिकारी खुला संरक्षण दे रहे हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद रेत माफियाओं ne रेत खनन और परिवहन की रफ्तार और भी तेज कर दी है। उन्होंने नदी से रेत निकालने और उसके परिवहन के लिए मशीनों एवं वाहनों की संख्या दुगुनी कर दी है। चर्चा है कि अधिकारियों ने उन्हें कुछ दिन की मोहलत दे दी है। इसके बाद वे दिखावे के लिए कार्रवाई करेंगे।

सड़कों का हुआ बंठाधार

ग्राम पंचायत बनियागांव और अन्य 8- 10 गांव से होकर रेत भरे भारी भरकम ट्रक एवं ट्रेक्टर चलने के कारण इन गांवों की सड़कों का बेड़ागर्क हो गया है। सड़कें धंस चुकी हैं, सड़कों पर असंख्य गड्ढे हो गए हैं। पैदल चलने और दोपहिया वाहन चलाने में बड़ी परेशानी हो रही है। धूल मि‌ट्टी भी ग्रामवासियों को अलग परेशान किए हुए है। सबसे हैरत की बात तो यह है कि आज जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों को रेत का परिवहन करते एक भी वाहन नहीं मिला, न ही उन्हें नदी में रेत का अवैध खनन करती जेसीबी दिखी।

वर्सन

सीमा को लेकर कंफूजन

आज मैंने तहसीलदार जागेश्वरी गावड़े और आरआई प्रेमचंद झा के साथ बनियागांव जाकर मौका मुआयना किया। एक भी ट्रक, ट्रेक्टर रेत का परिवहन करते नहीं मिला। नदी के बीचों बीच एक पोकलेन मशीन जरूर खड़ी थी, लेकिन सीमा को लेकर कंफ्यूजन के चलते पंचनामा व जप्ती की कार्रवाई नहीं की जा सकी। भास्कली नदी ओड़िशा और बस्तर की सीमा रेखा पर है, इसलिए यह कंफ्यूजन की स्थिति बनी है। इसकी जांच करा रहे हैं।अगर बस्तर की सीमा के अंडर अवैध खनन हो रहा होगा तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।

 

दल्ली राजहरा खदान समूह में सुरक्षा मापदंडों का उड़ाया जा रहा है मखौल: मुश्ताक अहमद

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  • ठेका श्रमिकों के साथ लगातार हो रहे हादसे
  • बिना पंजीयन और गेटपास के काम कर रहे श्रमिक

दल्लीराजहरा खदान मजदूर संघ भिलाई संबंद्ध भारतीय मजदूर संघ दल्ली राजहरा के नेता मुश्ताक अहमद ने कहा है कि राजहरा खदान समूह में लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लगाने में बीएसपी प्रबंधन पूरी तरह असफल नजर आ रहा है। आएदिन खदान के अंदर दुर्घटना हो रही है और जिम्मेदार अधिकारी इसमें सुधार करने के बजाय इसमें सहयोग करते नजर आ रहे हैं।

मुश्ताक अहमद ने कहा है कि अभी ताजा दुर्घटना दल्ली यंत्रीकृत खदान के ओवर बर्डन के वेस्ट रिमूअल के ठेके में हुई है जिसमें लोडर मशीन का रेडिएटर के पानी की जांच करते समय ठेका श्रमिक बुरी तरह झुलस गया है। ठेका श्रमिक की जान भी जा सकती थी। इस दुर्घटना का जिम्मेदार कौन है आजतक बीएसपी प्रबंधन द्वारा इसकी जानकारी किसी भी यूनियन को नहीं दी गई है जोकि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मगर जब भारतीय मजदूर संघ ने दल्ली यंत्रीकृत खदान में कार्यरत ठेका श्रमिकों बातचीत की तो पता चला है कि जिस ठेका श्रमिक का दुर्घटना हुआ है उसका नाम करण दीक्षित है उसकी उम्र मात्र 22 वर्ष है। सबसे बड़ी बात है कि यह गरीब ठेका श्रमिक इस ठेके में कार्य ही नहीं करता था। उसे ठेकेदार ने अपनी मशीनों और गाड़ियों की मरम्मत के लिए अलग से रखा हुआ था

ठेका श्रमिक की न तो कोई सेफ्टी ट्रेनिंग हुई है और न ही ए फार्म पंजीयन हुआ है और न ही उसका गेटपास बना है, तो फिर इस ठेका श्रमिक को किसके आदेश से खदान के अंदर आने दिया गया उसे ठेकेदार ने भेजा था या फिर बीएसपी के किसी जिम्मेदार अधिकारी ने। संघ द्वारा जांच करने पर पता चला है कि यहां के जिम्मेदार अधिकारियों की सहमति से बिना गेटपास, बिना ट्रेनिंग, बिना ए फ़ार्म पंजीयन के रोजाना ऐसे ठेका श्रमिकों को खदान में प्रवेश करने दिया जाता है। करण दिक्षित पिछले 6 माह से बिना गेटपास के खदान के अंदर कार्य कर रहा था और खदान के जिम्मेदार अधिकारी ने पूरी खदान ठेकेदार के भरोसे छोड़ दी है जोकि जांच का विषय है। मुश्ताक अहमद ने कहा- ऐसी जानकारी मिली है कि अभी भी 3 से 4 ऐसे ठेका श्रमिक इस ठेकेदार के अधीन कार्यरत हैं जिनका गेटपास, ट्रेनिंग, पंजीयन नहीं हुआ है मगर ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। और सबसे बड़ी अमानवीय बात यह है कि बीएसपी के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार ने दुर्घटनाग्रस्त ठेका श्रमिक करण दिक्षित का सही ईलाज करवाना भी जरूरी नहीं समझा और खदान के अंदर हुए एक्सीडेंट में घायल हुए और जले हुए ठेका श्रमिक को सीधे बीएसपी अस्पताल न ले जाकर उसे शहीद अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां जले हुए मरीजों के ईलाज की सुविधा नहीं है। इसलिए उसे बीएसपी अस्पताल से सीधे भिलाई सेक्टर-9 अस्पताल भिलाई रेफर किया जाना था, किन्तु बीएसपी के अधिकारियों और ठेकेदार ने अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया और गरीब मजदूर को उसके हाल में छोड़ दिया गया। मुश्ताक अहमद ने कहा है कि राजहरा खदान समूह में सुरक्षा के मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण आए दिन खदान के भीतर कोई न कोई दुर्घटना होती रहती है अभी कूछ दिन पहले ही दल्ली यंत्रीकृत खदान में सुरक्षा में लापरवाही के चलते पैलेट प्लांट में कार्यरत ठेका श्रमिक ऊंचाई से गिरकर मौत के मुंह में चला गया था मगर आजतक किसी भी जिम्मेदार के ऊपर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आज भी सुरक्षा मापदंडों का खुला उल्लंघन पैलेट प्लांट में हो रहा है।महामाया खदान में भी वहां के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा खुलकर सुरक्षा के मापदंडों का उल्लंघन किया जा रहा है। महामाया खदान तो पूरी तरह एक ठेका कंपनी के सुपरवाइजर के हवाले कर दी गई है, जिसका न तो ए फार्म पंजीयन हुआ है और न ही ट्रेनिंग और वह 60 वर्ष की आयु भी पार कर चुका है। महामाया खदान के जिम्मेदार अधिकारी और वहां के ठेकेदार द्वारा उसी से कार्य करवाने के लिए उसका गेटपास बनवाने नए नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, जोकि जांच का विषय है। ऐसे सुरक्षा के मापदंडों का उल्लंघन आज राजहरा खदान समूह में लगभग सभी जगह नजर आता है, मगर बीएसपी प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारी किसी भी प्रकार की कार्रवाई करते नजर नहीं आते हैं। इसलिए बहुत जल्द दस्तावेजों के साथ भारतीय मजदूर संघ का एक प्रतिनिधि मंडल धनबाद जाकर डीजीएमएस से मिलकर ऐसे सभी मामलों में कड़ी कार्रवाई की मांग करेगा, जिसमें जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं और खदान में सुरक्षा के मापदंडों का भी खुलकर उल्लंघन किया जा रहा है।

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