मार्कण्डेय नदी के किनारे चपका में प्रस्तावित आइरन एंड स्टील उद्योग का मामला
पर्यावरण,नदी की बर्बादी रोकने ग्रामीण लामबंद,11 गांवो की बनी संघर्ष समिति
जगदलपुर – बस्तर विकास खण्ड के मार्कण्डेय नदी के किनारे ग्राम चपका में मेसर्स गोपाल स्पंज एंड पावर प्राइवेट उधोग प्रस्तावित है जिस पर ग्राम पंचायत चपका के सरपंच उपसरपंच के द्वारा ग्रामीणों को बिना विश्वास में लिए ग्रामसभा कर प्रस्ताव पारित करने का आरोप लगा है,
इस उधोग के विरोध में बनी संघर्ष समिति के सदस्य पिलीबाई कश्यप व चन्दरु राम बघेल ने बताया कि प्रस्तावित उधोग बस्तर संभाग के 5वीं अनुसूची क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन है बावजूद इसके ग्राम के सरपंच उपसरपंच द्वारा ग्रामवासियों को बिना सूचना किये ही फर्जी ग्राम सभा पारित किया गया ओर प्रस्तावित उधोग के लिये सहमति बताकर पारित किया गया जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है इसके विरोध में 11 गांवों के प्रतिनिधित्व लोगो के संघर्ष समिति बनाई गई जिसके द्वारा बुधवार को प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर से मिलकर शिकायत कर जांच की मांग की ।
नदी ,देवस्थल, व पर्यावरण को लेकर चिंतित है ग्रामीण- ग्रामीणों ने बताया कि प्रस्तावित स्थान धार्मिक मान्यता (घोड़साड़ डांड व चरु देव)का स्थल है साथ ही बाढ़ ग्रस्त इलाका है यदि यँहा उधोग लगता है तो बाढ़ का पानी पूरे गांव को डुबान में लेगा इसके अलावा ग्रामीणों जल जंगल जमीन की रक्षा को प्रमुख बताया आसपास का इलाका प्रदूषित होने व सबसे अधिक प्रभावित नारंगी नदी को बताया।
सुनावाई न होने पर राज्यपाल व कानूनी लड़ाई के साथ बड़े आंदोलन की तैयारी- ग्रामीण सुशील पाणिग्राही ने बताया कि समिति के द्वारा रखी गई मांगो की सुनवाई न होने पर राज्यपाल से शिकायत की जाएगी एवं हाईकोर्ट का रास्ता अख्तियार किया जाएगा,साथ ही व्यापक स्तर पर जनआंदोलन की तैयारी की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में कोरोना का दूसरा चरण बहुत ज्यादा भयावह होता देख रहा हैमुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार लॉकडाउन के संबंध में निर्णय लेने के लिए कलेक्टरों को मुख्य सचिव अमिताभ जैन के माध्यम से निर्देशित किया हैं | स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री से लॉकडाउन के समबन्ध में विचार करने को कहा था ऐसे में अब छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन की सम्भावना हो सकती है |
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कलेक्टर को निर्णय लेने के लिए अधिकृत करने का निर्देश किया है. मुख्य सचिव ने कलेक्टर वीडियो कांफ्रेंस में निर्देश दिए. ऐसे में कलेक्टर्स अपने जिले में लॉकडाउन लगाने का फैसला ले सकते हैं |
प्रदेश के सभी जिलों में कोरोना संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए सभी उपाय करने के साथ साथ टीकाकरण को एक जनांदोलन का रूप दिया जाए. जिससे अधिक से अधिक लोग टीकाकरण के लिए प्रेरित हो. उन्होंने कहा कि इसके लिए विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं और प्रतिष्ठित व्यक्तियों का भी सहयोग लिया जाए |
ऐसा माना जा रहा है कि दुर्ग-भिलाई और रायपुर जैसे बड़े शहरों जहाँ कोरोना का प्रसार व्यापक रूप में हो रहा है लॉकडाउन की शुरुआत इन्ही शहरों से हो सकती है |
कोरोना की दूसरी लहर में कम्युनिटी स्प्रेड एवं लोगों की लापरवाही से संक्रमितों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है बालोद जिले के कुछ क्षेत्र कंटेंटमेंट जोन की श्रेणी में आ चुके है जहाँ जल्दी ही जागरूकता का परिचय नहीं दिया अथवा प्रशासनिक कड़ाई नहीं की गई तो जल्द ही दुर्ग व रायपुर के जैसे बालोद के कई क्षेत्र भी कंटेंटमेंट जोन को घोषित करना पड़ सकता है |
कोरोना की दूसरी लहर बालोद जिले के लिए भयावह साबित हो रहा है |
दल्लीराजहरा में इस प्रकार कोरोना संक्रमण को देखते हुए कल से कोविड केयर सेंटर का पुनः संचालन किया जा रहा है |
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज 01 अप्रैल 2021 को डौंडी ब्लाक से 44, दल्लीराजहरा से 28, चिखलाकसा से 10 और डौंडी से 06 मरीजों की पुष्टि हुई है जो इस प्रकार है –
|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध कता है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||
कोविड अनुकूल व्यवहार के प्रति जनजागरूकता एवं नाइट कर्फ्यू का निर्धारित अवधि रात्रि 09:00 से सुबह 06 बजे तक सख्ती से पालन हो, इसके लिए आदरणीय कलेक्टर महोदय व आदरणीय वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के द्वारा आज दल्लीराजहरा में फ्लैग मार्च किया गया।
आरोपी द्वारा अपनें दोस्त को नौकरी दिलानें का झांसा देकर धोखाधड़ी कर पैसा ऐंठनें वाले एवं घर में घुसकर मोबाईल का सीम व एटीएम कार्ड चोरी कर पैसा निकालनें वाले आरोपी को नारायणपुर पुलिस नें 24 घण्टे में किया गिरफ्तार
दिनांक 31.03.2021 को प्रार्थी दिलीप नुरेटी थाना उपस्थित आकर इसके दोस्त रामकुमार नें कृषि विभाग में लिपिक की नौकरी दिलानें का झांसा देकर 46,500 रू0 की धोखाधड़ी किया एवं दिनांक 05.03.2021 को प्रार्थी के घर में जाकर उसकी अनुपस्थिति में केंनरा बैंक के एटीएम कार्ड एव ंबीएसएनएल के सीम कार्ड को चोरी कर खाता से कुल 6,04214 को निकाल लिया है कुल 6,50,741 रू0 के संबंध में रिपोर्ट दर्ज करानें पर अपराध क्रमांक 43/2021 धारा 420, 454, 380 भादवि0 के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। अपराध कायमी पश्चात् पुलिस अधीक्षक, मोहित गर्ग व अति. पुलिस अधीक्षक, नीरज चंद्राकर के निर्देशन एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी नारायणपुर, अनुज कुमार के पर्यवेक्षण में नारायणपुर पुलिस द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुये आरोपी रामकुमार पुजारी की पतासाजी कर उसके किराये के मकान कुम्हारपारा नारायणपुर से घेराबंदी कर पकड़कर घटना के संबंध पूछताछ करनें पर
अपराध कारित करना कबूल किया एवं आरोपी द्वारा प्रार्थी को नौकरी लगानें के नाम पर भरा गया फार्म को जप्त किया गया। आरोपी द्वारा प्रार्थी के घर से उसके मोबाईल से चोरी किया हुआ बीएसएनएल का सीम जो प्रार्थी के बैंक से लिक्ड है, प्रार्थी का केनरा बैक का एटीएम कार्ड, आरोपी का मोबाईल जिसमें पेटीएम चलाकर प्रार्थी के खाता से पैसा निकाला एवं दूसरे खाता में ट्रांसफर किया गया तथा आरोपी द्वारा प्रार्थी के खाता से पैसा निकालकर खरीदा हुआ मोटर सायकल कीमती 1,54,000 रू0, लेनेवा का लेपटाप कीमती 33,500 रू0, गैस सिंलेण्डर चुल्हा कीमती 6,640 रू0, दीवान पलंग, आलमारी, कुर्सी, टेबल कुल 28,400 रू0 को बरामद किया गया है, एवं आरोपी के एकाउण्ट में 1,60,000 रू0 ट्रांसफर किये गये जिसमें 1,56,000 रू0 शेष है को बैंक को प्रतिवेदन देकर फ्रीज कराया गया। आरोपी रामकुमार को दिनांक 01.04.2021 को विधिवत् गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड में जेल भेजा गया है।
प्रकरण के आरोपी को पकड़नें में थाना प्रभारी निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, उप निरीक्षक योगेन्द्र कुमार वर्मा एवं आरक्षक सुरेन्द्र बघेल, शंकर गोटा की सराहनीय भूमिका रही है।
बस्तर साँसद दीपक बैज व मलकीत सिंह गैदु की टीम को मिली बड़ी जिम्मेदारी
असम के दिसपुर विधानसभा में छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री भुपेश बघेल जी के रोड शो की तैयारी में जुटे बस्तर साँसद दिपक बैज व वरिष्ठ कांग्रेसी मलकीत सिंह गैदु अपनी ताकत झोंकते नज़र आ रहे है। उनकी तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे माननीय मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा व राजेश तिवारी इस ऐतिहासिक रोड शो की तैयारी जोरों से चल रही है। ज्ञात हो कि बस्तर साँसद दीपक बैज व उनकी बस्तर की टीम को दिसपुर विधानसभा के अलावा गोवाहाटी वेस्ट विधानसभा की भी बडी जिम्मेदार मिली है जहां बस्तर के नेता व उनकी टीम जी तोड़ मेहनत करते नज़र आ रहे है |
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता माननीय ”केदार कश्यप” जी ने गृह ग्राम भानपुरी सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र में कोविड-19 का टीका लगवाया। भारत में विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का तीसरा चरण आज से शुरू हो चुका है। कोरोना मुक्त भारत बनाने के लिए आप सभी से अनुरोध है कि इस महाअभियान से ज़रूर जुड़ें, अफवाहों से दूर रहें।
जगदलपुर।कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए इसके नियंत्रण के लिए सबसे सरल उपाय के रुप में मास्क के उपयोग को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है, वहीं मास्क लगाने से परहेेज करने वालों पर भी अब सख्त कार्यवाही शुरु हो चुकी है। गुरुवार को कलेक्टर रजत बंसल और पुलिस अधीक्षक दीपक झा ने स्वयं शहर में कई स्थानों का गश्त करते हुए मास्क नहीं लगाने वालों पर हो रही कार्यवाही का मुआयना किया। इस दौरान नगर निगम आयुक्त प्रेम पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ आरके चतुर्वेदी सहित पुलिस विभाग के अधिकारी भी शामिल थे।
अधिकारियों के इस दल ने संजय बाजार, चांदनी चैक, शहीद पार्क सहित शहर के अधिक भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पहुंचकर मास्क नहीं लगाने वालों पर हो रही कार्यवाही को देखा। उन्होंने स्वयं तथा अपने परिजनों की कोरोना से सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक सतर्कता बरतने, मास्क बिना पहने सार्वजनिक स्थानों में नहीं जाने, अपने हाथों को नियमित तौर पर साबुन से धोने के साथ ही सेनेटाईजर का उपयोग करने की अपील आम नागरिकों से की।
आज दिनांक 1 अप्रैल से , राजहरा माइंस हॉस्पिटल में शासन के निर्देशानुसार 45 वर्ष या इससे अधिक उम्र के सभी लोगों को टीके लगेंगे लोगों को कोविड वैक्सीन लगाए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई आज दिनांक 1 अप्रैल से 10:00 बजे राजहरा माइंस हॉस्पिटल में कोरोना वैक्सीन (टीकाकरण) चालू हो गया है
टीकाकरण का समय सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक तथा 2:00 बजे से संध्या 5:00 बजे तक लगाया जाएगा इस केंद्र में टीकाकरण का फायदा 45 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति ले सकता है यहां टीकाकरण, नि: शुल्क है । संयुक्त खदान मजदूर संघ के संगठन सचिव तोरण लाल जी; कार्यकारी अध्यक्ष दान सिंह चंद्राकर तथा कार्यालय सचिव राजेश कुमार साहू ने टीकाकरण के संबंध अनुविभागीय दंडाधिकारी से मिले टीकाकरण की संबंध में अनुविभागीय दंडाधिकारी श्री ऋषिकेश तिवारी जी ने बताया कि एक दिन में 500लोगों तक का टीकाकरण किया जा सकता है उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक नगरवासि टीकाकरण करवाएं ताकि कोरोनावायरस संक्रमण को रोका जा सके ।
टीकाकरण का कार्य सुचारू रूप से हो तथा वैक्सीन लगवाने वालों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसके लिए राजहरा माइंस हॉस्पिटल के इंचार्ज डॉ मनोज डहरवाल तथा महा प्रबंधक सत्येंद्र साहब टीकाकरण करवाने वालों के संपर्क में है
रजिस्ट्रेशन कराने के लिए उम्र प्रमाणित करने आधार कार्ड या अन्य कोई पहचान पत्र ले जाना अनिवार्य है मोबाइल नंबर भी बताना होगा ताकि ओटीपी सहित अन्य जरूरी प्रोसेस पूरी हो सके।
नगरवासियों से जागरूक हो कर वैक्सीन लगवा कर इस महामारी से मिल कर लड़ने की अपील की है ।
गुंडरदेही – अर्जुन्दा विकास खण्ड के ग्रामों में गर्मी शुरू होते ही खेतों में स्थित बड़े बड़े पेड़ों की कटाई की जा रही है। प्रतिबंधित पेड़ों की भी कटाई कर अंचल के आरा मिलो में खपाई जा रही है। वही आरा मिल के मालिकों द्वारा दूसरे स्थानों में लकड़ी का भारी भरकम स्टॉक किया गया। अवैध रूप से छुपाकर प्रतिबंधित लकड़ी का परिवहन भी किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन व वन विभाग के नाक के नीचे प्रतिबंधित पेड़ो की कटाई धडल्ले से जारी
अर्जुन्दा विकासखण्ड के विभिन्न ग्रामों में इन दिनों लकड़ी कटाई का काम काफी तेजी से चल रहा है। शासन द्वारा कटाई के लिए प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई स्थानीय प्रशासन व वन विभाग के नाक के नीचे होने लगी है। इस पर कोई रोक लगाने वाला नहीं है। बता दे कि अर्जुन्दा के आरा मिल के मालिकों द्वारा किसानों की पेड़ो को औने पौने दामों में खरीदकर अलग अलग स्थानों में इन लकड़ी को छुपा कर रखा जाता हैं। आरा मिल के मालिकों द्वारा भारी भरकम लकड़ी की स्टॉक रखने की जानकारी स्थानीय प्रशासन व वन विभाग को होने के बाद भी कोई कार्यवाही नही की जाती जिसके कारण अर्जुन्दा के आरा मिल मालिकों की हौसला बुलंद होते जा रहे हैं।मिल मालिकों द्वारा पेड़ो की अवैध कटाई कर आरा मिल में अलग अलग साइज में काटकर मेटाडोर में लकड़ी को भरकर ताल पत्री से ढककर अन्य राज्यो में भेजकर लाखो रुपये का व्यारा न्यारा किया जा रहा ।
आरा मिल के मालिकों द्वारा गांव गांव में रखा हैं दलाल
ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र में गर्मी के दिनों में ही बड़े बड़े पेड़ों को काटने वाले दलालों की सक्रियता रहती है। किसानों के खेत से फसल कटाई के बाद खेत खाली हो जाते हैं। किसानों को पैसों का लालच देकर दलालों द्वारा लकड़ी की कटाई तेजी से की जाती है। इसके लिए अर्जुन्दा आरा मिलों के मालिकों द्वारा गांव गांव में दलालों को भी रखा गया है जोकि की किसानों को अपने चंगुल में आसानी से फंसा लेते हैं। पकड़े जाने पर किसानों पर कार्रवाई होती है दलाल बच जाते हैं।ऐसा खेल कई वर्षों से मिल मालिकों के द्वारा किया जा रहा हैं।
दिन में कटाई रात को ढुलाई
लकड़ी काटने वालों द्वारा आजकल मशीन का उपयोग किये जाने लगा है। बताया जाता है कि दिन में लड़की की कटाई की जाती है। ज्यादातर शाम के पांच बजे के आसपास कटाई की जाती है। इसके बाद रात भर लकड़ी का गोले बनाने का काम किया जाता है। रात में ही गाड़ियों में लकड़ी को लोड किया जाता है। सुबह चार बजे से लकड़ी का परिवहन छुपाकर किया जाता है।
अर्जुन्दा के आरा मिलो में खपाई जा रही
लकड़ी काटने वालों का एक पूरा सरगना है। इनके द्वारा लकड़ी को काटकर अर्जुन्दा के मिलों में सप्लाई की जाती है। बताया जाता है कि क्षेत्र के आरा मिलो में लकड़ी का स्टाक भारी मात्रा में है। इसके अलावा बड़े शहरों में भी लकड़ी की सप्लाई की जाती है। इस तरह से लकड़ी आरा मिलो में खपाई जाती है।
मॉनिटरिंग का आभाव
लकड़ी की कटाई को रोकने व अवैध रूप से लकड़ी परिवहन पर रोक लगाने वन विभाग व राजस्व विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन ये दोनों विभाग लकड़ी कटाई व परिवहन को रोक पाने में अक्षम है। वन विभाग व राजस्व के अधिकारी कर्मचारी द्वारा मॉनिटरिंग की जानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। इस कारण लकड़ी कटाई व परिवहन का काम तेजी से फल फूल रहा है।
रात में आरा मिलो में कच्चा पेड़ो की कटाई की जा रही हैं
उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा वन क्षेत्र बढ़ाने के नाम पर वृक्षारोपण सहित कई और अन्य योजनाएं संचालित की जा रही है। किंतु इनका कोई भी सार्थक परिणाम सामने नहीं आ रहा है, जबकि विभिन्न योजनाओं के नाम पर सरकार जमकर धनराशि खर्च कर रही है। दूसरी ओर अर्जुन्दा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में लगी आरा मशीनों पर प्रशासन की अनदेखी के चलते हरे भरे भरे पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से चल रही है। इसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता हरियाली की दुश्मन बनी हुई है। क्षेत्र में लगभग आधा दर्जन से अधिक अवैध आरा मशीनों का संचालन हो रहा है। दिन मे पेड़ काटने के बाद लकड़ी को रात के अंधेरे में ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर आरा मशीनों पर आकर बेचा जाता है। जहां इसी लकड़ी से तख्ते बना दिए जाते है। अर्जुन्दा क्षेत्र में माफिया लगातार इस हरी लकड़ी को काटने का काम कर रहा है। क्षेत्र में प्रतिदिन सैकड़ों की सख्या में हरे पेड़ों की कटाई की जा रही है। जिसके चलते अर्जुन्दा क्षेत्र में पेड़ पूरी तरह समाप्त हो गई है। अवैध रूप से पेड़ों की कटाई के बारे में प्रशासन से लेकर वन विभाग तक जानकारी है। इसके बावजूद भी वन माफिया के खिलाफ कार्यवाही नहीं हो पा रही है।
वन परिक्षेत्र करपावंड के अंतर्गत चिउरगांव के मारीगुड़ा दाबडीगुड़ा जंगल तक करीब 10 किमी क्षेत्र में जंगल में आग लगी है। महुआ बीनने के लिए ग्रामीणों के द्वारा पेड़ के नीचे फैले सुखे पत्तों को जलाने के लिए आग लगाया जाता है। होली के दिन से लगी आग निरंतर बढ़ते जा रही है। जिसके चलते आसपास के वन क्षेत्र में खतरा बना हुआ है। सुखे जलाऊ और ईमारती लकड़ियाँ भी जल कर खाक हो रहे हैं। लेकिन करपावंड परिक्षेत्र के वन विभाग को आग बुझाने और जंगल में आग न लगाने ग्रामीणों को रोकने तथा समझाईश देने की पहल नहीं की जा रही है।
वन्य प्राणियों का शिकार –करीब 15 दिन पहले पाथरी के जंगल में जगली सूअर का अवैध शिकार किया गया था। वही रोजाना खरगोश को मारकर शिकारी हत्या कर रहे है। जनवरी महीने में एक हिरण को मारा गया था। वन विभाग के द्वारा खानापूर्ति कर हिरण की मौत को कुतो के द्वारा हमला किया जाना बताकर फाईल बंद कर दी गई। लेकिन लोगों का कहना है हिरण का शिकार किया गया था। उसे किसी हथियार से मारा गया। इस तरह वन के साथ-साथ वन्य प्राणियों को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। संभाग मुख्यालय के नजदीक जहां आलाधिकारी रहते हैं वहां इस तरह वन विनाश होने से राष्ट्रीय क्षति हो रही हैं।
करपावंड वन परिक्षेत्र में आगजनी की सूचना मिली है। महुआ बीनने के लिए ग्रामीण हर साल सूखे पत्तों में आग लगाते हैं। लेकिन आग भड़कने से वन और वन्यप्राणी को नुकसान होता है। वन विभाग को तत्काल आग बुझाने स्थल पर कारवाई करनी चाहिए। साथ ही ग्रामीणों को मी आग लगाने से बचना चाहिए क्योंकि वन है उनकी जीविका जुड़ी हुई है। वन सम्पदा वनवासियों का रोजी-रोटी का जरिया भी है।
लखेश्वर बघेल, विधायक बस्तर
विशाल वन क्षेत्र को 2-4 चौकीदारों के भरोसे छोड़ दिया गया है। बताया गया कि यह आग बड़कोट कादोमाली जंगल तक फैल गई है। इस संबंध में वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से पुछे जाने पर उनका कहना है कि ग्रामीणों ने आग लगाया है हमने नहीं लगाया है। महुआ सीजन में हर साल ऐसा होता है। गांव वालों को जंगल की रक्षा के लिए खुद सोचना चाहिए। इस तरह के गैर जिम्मेदाराना बयान से ग्रामीणों के हौसले बढ़ रहे हैं। कहा जा रहा है कि जहां आग लगी है उस क्षेत्री सागौन, सरगी समेत अनेक प्रजाति के पेड़ों के बहुतायत है। यदि आग पर जल्दी काबुनहीं पाया गर तो काफी नुकसान की आशंका है |