दिनांक 14.04.2021 को थाना कोतवाली को कोविड.19 संक्रमण के फैलाव के बचाव हेतु उपनिरीक्षक पीयुष बघेल हमराह स्टाफ.आर0 क्र0 1093 रवि सरदार आर0क्र0 1307 प्रकाश नायक एवं आर0क्र0 665 शंकर चांदने मय शासकीय वाहन क्रमांक. Cg03.6600 में पट्रोलिंग चेकिंग डियुटी दौरान एस0बी0आई0 चौक पर आने.जाने वाले वाहनों को चेकिंग के दौरान एक स्कार्पियों वाहन क्रमांक. C g18 T 0692 को रोककर चेक किये चालक का नाम पता पुछने पर अपना नाम.जोगेन्द्र यादव पिता शत्रुधन यादव तथा एक अन्य व्यक्ति बैठा था जिसने अपना नाम आकाश कुमार कर पिता विजय कुमार कर निवासी कुम्हारपारा का होना बताया। वाहन को चेक करने पर वाहन के
अंदर एक लोहे का बंडा तलवार, एक बेस बाल खेलने वाला कला रंग का बेट व एक स्टील का छोटा चाकू लकडी का बेट लगा हुआ मिला। जिसके बारे में पुछताछ करने पर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया व अवैध रूप से तलवार रखना पाये जाने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय दीपक झा व अति0 पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाष शर्मा के मार्गदर्षन एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में मौके पर ही उक्त बंडा तलवार को गवाहो के समक्ष मुताबिक जप्ती पत्रक के जप्त किया गया व आरोपियों का कृत्य धारा 25 आम्र्स एक्ट का अपराध घटित करना पाये जाने से विधिवत् गिरफ्तारी के बाद न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
नाम आरोपीः.
1 जोगेन्द्र यादव पिता शत्रुधन यादव उम्र 34 साल निवासी जमाल मिल के पास कुम्हारपारा जगदलपुर। 2 आकाश कुमार कर पिता विजय कुमार उम्र 29 साल कर निवासी कुम्हारपारा जगदलपुर
बरामदः. एक लोहे का बंडा तलवार, एक बेस बाल खेलने वाला काला रंग का बेट व एक स्टील का छोटा चाकू लकडी का बेट लगा एवं एक स्कार्पियों वाहन क्रमांक. CG 18 T 0692A
पुलिस का नाम जुबान पर आते ही एक नकारात्मक सोच उभरकर सामने आती है लेकिन जरुरी नहीं कि हर समय ऐसा संभव हो जो पुलिस अपराधियों के मन में भय पैदा करती है वहीँ समय आने पर यही पुलिस मानवता धर्म निभाने में पीछे नहीं हटती | हाल ही में लॉकडाउन के दौरान गुंडरदेही पुलिस द्वारा मानवता कि अनूठी मिसाल पेश की कल दिनांक 14 अप्रेल को कोरोना लॉकडाउन पेट्रोलिंग दौरान ग्राम इरागुड़ा चौक के पास खड़े कैलाश कोसरे ग्राम कोड़ेवा जो अपनी पत्नी व बच्चे के साथ खड़े थे जिसे पूछताछ करने पर बताएं
कि बच्ची वंशिका कोसरे उम्र 5 माह का स्वास्थ्य दिनांक 13 अप्रेल से खराब होने से ग्राम इरागुड़ा डॉक्टर के पास ले गए थे लेकिन क्लीनिक बंद होने व गाड़ी का पेट्रोल खत्म हो जाने से परेशान थे जिसे गुंडरदेही के पेट्रोलिंग पार्टी के प्रधान आरक्षक 535 वीरेंद्र साहू, आरक्षक 96 प्रवीण सोनी, आरक्षक 510 नुतेश मंडावी द्वारा गुंडरदेही के अस्पताल ले जाकर इलाज करवाया गया उसके बाद उनके गृह ग्राम कोड़ेवा पहुंचाया गया | इस प्रकार पुलिस वालों द्वारा अपनी ड्यूटी के साथ साथ मानवता का भी धर्म निभाया |
सिटी मीडिया पुलिस के इस सराहनीय कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त करती है |
जगदलपुर:-आज भी कोतवाली पुलिस बल अपनी सख्ती दिखाते हुए कार्यवाही करते हुए नजर आयी रात्रि कर्फ्यू में बेवजह घूमने वालों के ऊपर कार्यवाही करते हुए उनकी मोटरसाइकिल जब्त की गयी। बस्तर के पुलिस अधीक्षक श्री दीपक झा के निर्देश पर लगातार बस्तर पुलिस प्रशासन के नियमों के पालन कराने में लगी हुई जिसके द्वारा कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके ,जिसके पालन में आज भी कोतवाली पुलिस द्वारा अनावश्यक बिना कोई काम के घूमने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही की गयी।
आपको बता दे कि रात्रि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले लोगो को सख्ती के साथ कार्यवाही करते हुए पुलिस विभाग की ओर से समझाईस भी दी जा रही है, लगातार पुलिस विभाग बिना मास्क सहित रात्रि कर्फ्यू के दौरान सड़क पर घूमने वाले व्यक्तियों पर कार्यवाही करते नजर आ रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री ओम प्रकाश शर्मा व नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सागर सिदार स्वयं जगदलपुर स्थित चाँदनी चौक में खड़े होकर बेवजह घूमने वाले दो पहिया ,चार पहिया वाहनों को चेकिंग कराते हुए ज़ब्ती की कार्यवाही करने का निर्देश देते नजर आए।
कोतवाली टीआई एमन साहू ने बताया कि कर्फ्यू का पालन नही करने वाले 81 लोगो के खिलाफ चलानी कार्यवाही किया गया है। तथा 15 मोटरसाइकिल को भी जब्त कर कोतवाली थाने में रखा गया है कोतवाली पुलिस तथा यातायात पुलिस के द्वारा लोगों से घर के बाहर बेवजह ना घूमने की अपील पेट्रोलिंग के माध्यम से लगातार की जा रही है कर्फ्यू का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जायेगी।
जिले में लॉकडाउन के दौरान जमाखोरी/कालाबाजारी एवं कंटेंटमेंट से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु अधिकारियों/कर्मचारियों को उपरोक्त कार्य हेतु अधिकृत किया गया है | अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम पदनाम व् उनसे संपर्क के लिए मोबाइल न दिया गया है वह इस प्रकार है –
जनपद पंचायत बकावंड मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा सरपंच एवं सचिवों को आदेश जारी किया गया है कि आदेश कंडिका 11 के अनुसार सभी सभी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल पुर्णतः बंद रहेंगे | विवाह कार्यक्रम वर अथवा वधु के निवास गृह में ही आयोजित करने की शर्त के साथ आयोजन में शामिल होने व्यक्तियों कि अधिकतम संख्या 20 निर्धारित की गई है | इसी प्रकार अंत्येष्टि दशगात्र इत्यादि मृत्यु सम्बन्धी कार्यक्रम में शामिल होने वाले अधिकतम संख्या 20 निर्धारित की गई है | उपरोक्त समस्त कार्यों के लिए सम्बंधित तहसीलदार से पूर्वानुमति आवश्यक होगी एवं इस प्रकार की सम्पूर्ण व्यवस्था के लिए सरपंच व् सचिव जिम्मेदार होंगे |
गया साल के 365 दिन में हर दिन ज्ञानवर्धक एवं अध्यात्म का विस्मृत ना होने वाला सुखद एहसास कराता हुआ, ऑनलाइन सत्संग वर्तमान में भी राम बालक दास जी के सानिध्य में संचालित हो रहा है इस सत्संसग में बाबा कैलाशी जी द्वारा जिज्ञासुओ की जिज्ञासा का विद्वता पूर्ण उत्तर तत्काल दिया जाता है तो वही सुमधुर स्वर में संगीत मय भजन गायन से सारा ग्रुप गदगद रहता है,करोना काल का सदुपयोग करने में जन चेतना को धार्मिक एवं आध्यात्मिक आधार प्रदान करने का स्तुत्य श्रेय भी पूज्य रामबालक दास महत्यागी जी को ही जाता है इसके लिए पूरा भारत वर्ष आपका सदा आभारी रहेगा |
आज सत्संग परिचर्चा में नवरात्र पर्व की विशेष बधाइयों के साथ विभिन्न जिज्ञासाओं का भी समाधान बाबा जी के द्वारा किया गया, संतोष जी के द्वारा नवरात्र पर्व पर कई जगहों पर बलि प्रथा को मान्यता दी जाती है इस पर बाबाजी ने विचार दिया कि धर्म के नाम पर जीव हत्या गलत है यह निंदनीय प्रथा है हमारे भारतीय परंपरा में कभी भी यह नहीं कहा गया है वेद रामायण और महाभारत के सभी सुपात्रों ने इसका सदैव ही विरोध किया है अहिंसा परमो धर्म ही कहा गया है बल्कि वेद शास्त्र तो आत्म बलिदान को कहते हैं मां को आप को बलिदान देना है तो अपने अहंकार को अपने आत्म दम्भ को या मोह को बलि दे
तिलक राम जी राजिम ने सुंदरकांड को सुंदर क्यों कहा जाता है इस विषय में बताने की विनती बाबा से है कि बाबा जी ने सुंदरकांड की महिमा को बताते हुए कहा कि यह संपूर्ण राम चरित्र की रचना का सार है यह श्री हनुमान जी का कांड है जिन्होंने रामायण के पंच प्राणों की रक्षा की राम जी की सीता जी की लक्ष्मण जी की सुग्रीव और विभीषण जी की, राम जी को सीता जी का समाचार देकर सीता जी को मुद्रिका देकर लक्ष्मण जी को संजीवनी बूटी प्रदान कर उनकी प्राणों की रक्षा की सुग्रीव और विभीषण जी को राम जी की शरण प्रदान कर इसीलिए यह कांड सुंदरता से भरा हुआ है
पुरुषोत्तम अग्रवाल जी ने नवरात्र में किए जाने वाले शक्ति पाठ और बीज मंत्र “ऐ “के उच्चारण के महत्व पर प्रकाश डालने की विनती की, इसके महत्व को बताते हुए बाबा जी ने कहा कि शक्ति व बीज मंत्र में” ऐ “शब्द का अभिप्राय भगवती माता के चंड मुंड संहार के लिए वह हुंकार जिसके प्रभाव से ही दुष्टों का नाश हो जाता है ऐसे मां भगवती मेरे अंदर आत्म ज्वाला भर दे |
सत्संग परिचर्चा को आगे बढ़ाते हुए कौशल वर्मा जी ने ज्योति कलश के महत्व पर प्रकाश डालने की विनती बाबा जी ने इस पर अपने विचार रखते हुए बाबा जी ने बताया कि दीपज्योति स्वयं परमात्मा का स्वरुप है यह ज्ञानिक और वैज्ञानिक दोनों ही महत्व रखता है ज्ञानिक अर्थ से देखें तो दिव्य ज्योति की स्थापना 9 दिन परमात्मा के सानिध्य में साधना का भाव है और वैज्ञानिक रूप से देखें तो सब तरफ घी की ज्वाला जलने से वातावरण पवित्र और स्वच्छ हो जाता है
इस प्रकार आज का ऑनलाइन सत्संग पूर्ण हुआ और एक वर्ष पूर्ण हुआ जय गौ माता जय गोपाल जय सियाराम
इन दिनों छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामले में देश के दूसरे नंबर पर आ चुके हैं यहां संक्रमितों के साथ ही मरने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा फ्लैग मार्च कर बेवजह बाहर घूम रहे लोगों को जागरूक किया जा रहा है |
आज डौंडी ब्लॉक के अंतर्गत जिले के इन क्षेत्रों में कोरोना संक्रमितों की स्थिति इस प्रकार रही –
|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||
डॉ भीमराव आम्बेडकर जिन्हें डॉ० बाबा साहेब अम्बेडकर के नाम से भी जाना जाता है, इनकी जयन्ती 14 अप्रैल को ‘समानता दिवस’ और ‘ज्ञान दिवस‘ के रूप में भी मनाया जाता है डॉ अम्बेडकर को विश्व भर में उनके मानवाधिकार आंदोलन संविधान निर्माता और उनकी प्रकांड विद्वता के लिए जाने जाते हैं और यह दिवस उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है इनके जीवन को समानता और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।
भारतीय संविधान के निर्माता बोधिसत्व भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 130 वी जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा एवं मंडल के प्रमुख पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं के द्वारा नगर के विभिन्न स्थानों पर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी की विशाल प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।
भाजपा मण्डल महामंत्री राकेश द्विवेदी के नेतृत्व में भाजपा अजा मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महेंद्र पिपरे, जिला कार्यसमिति सदस्य राजेश काम्बले, जसवंता नायक, सुमीत जैन, राजू बादल, दशरथ विभार, सोनू ठगेल के द्वारा बौद्ध विहार में माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया |
इस अवसर पर अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल खोबरागड़े ने कहां की बाबा साहेब का व्यक्तित्व एवं कृतित्व अनुकरणीय है । शिक्षा संगठन संघर्ष का मूल मंत्र देने वाले , शोषितों दलितों पीड़ितों वंचितों एवं महिलाओं को बराबरी का दर्जा देकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ने वाले भारतीय संविधान के निर्माता विश्वरत्न बोधिसत्व डॉ बाबासाहेब अंबेडकर जी की जयंती को पूरा विश्व मना रहा है । भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।आज का दिन दलितों के लिए, समाज के कमजोर वर्गों के लिए खुशियों से भरा स्मर्णीय दिन है । अनुसूचित जाति मोर्चा के नगर अध्यक्ष बंटी चोपड़ा ने कहा कि बाबासाहेब ने सदियों से चले आ रहे ऊंच-नीच के भेदभाव एवं सामाजिक असमानता को दूर कर दलितों को स्वाभिमान से जीना सिखाया। इस अवसर पर अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला मंत्री राजेश कोसरे, जिला कार्यसमिति के सदस्य पार्षद राजेश काम्बले, सागर गनीर, जसवंता नायक आदि उपस्थित थे।
पूर्व विधायक बाफना ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री एवं राज्य के मुख्यमंत्री से की सिफारिश
जगदलपुर।कोराना वायरस के जानलेवा स्ट्रेन से बढ़ रहे संक्रमण की दर को देखते हुए सीबीएसई एवं सीजी पाठ्यक्रम के कक्षा 10वीं एवं 12वीं में अध्ययनरत् समस्त छात्र -छात्राओं को जनरल प्रमोशन दिए जाने की सिफारिश करते हुए जगदलपुर विधानसभा के पूर्व विधायक संतोष बाफना ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक एवं सूबे के मुखिया भूपेश बघेल को पत्र लिखा है।
पूर्व विधायक बाफना ने अपने पत्र में कहा है कि कोरोना वायरस की यह दूसरी लहर पहले के मुकाबले बच्चों को ज्यादा शिकार बना रही है और पिछला स्ट्रेन बच्चों के लिए इतना खतरनाक नहीं था, लेकिन वायरस का नया स्ट्रेन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को आसानी से भेदकर उन्हें नुकसान पहुॅचा रहा है। और अब तक ऐसी कोई वैक्सीन नहीं बनी है जिसकी खुराक बच्चों को देकर उन्हें सुरक्षित किया जा सके।
माह अप्रैल-मई विद्यार्थियों के परीक्षा के आयोजन का समय होता है। देश के लगभग सभी राज्यों ने अपने राज्य बोर्ड स्तर पर संचालित पाठ्यक्रमों के कक्षा 10वीं एवं 12वीं परीक्षा के लिए समय-सारिणी घोषित करने से लेकर प्रवेश-पत्र भी जारी किये थे। किन्तु कोरोना के बढ़ते कहर ने कई राज्यों को कुछ समय के लिए परीक्षा स्थगित करने को विवश तक कर दिया। जिस संबंध में आदेश भी जारी हुये है।
बाफना ने विद्यार्थियों के प्रति अपनी चिंता जाहिर करते हुए आगे कहा है कि जिस व्यापकता के साथ पुनः इस खतरनाक वायरस ने अपने पांव पसारें हैं उसे देखते हुए प्रतीत होता है कि, निकट भविष्य में एवं हाल-फिलहाल मे भी परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित कर पाना संभव नहीं होगा। क्योंकि कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन बच्चों के लिए किसी भी प्रकार की कोई हमदर्दी नहीं रखता है। इसलिए मेरा मानना है कि, बच्चों तक संक्रमण की आंच न पहुॅचे व वायरस को नियंत्रित करने के लिए सीबीएसई बोर्ड एवं सीजी बोर्ड द्वारा आयोजित होने वाली कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा को इस वर्ष के लिए पूर्णरूप से टाल दी जाए और छात्र-छात्राओं को तिमाही, छःमाही एवं आंतरिक मूल्यांकन या सरकार के पास यदि कोई अन्य विकल्प हो तो उसे आधार बनाकर सभी को जनरल प्रमोशन दे दिया जाये। क्योंकि हमारी पहली प्राथमिकता बच्चों का सुरक्षित जीवन होना चाहिए। परीक्षा तो अगले वर्ष भी ली जा सकती है किन्तु बढ़ते महामारी के दौर में बच्चों में संक्रमण व्यापक स्तर पर फैल गया तो बाद में इसे संभालना चुनौती से कम नहीं होगा।
आम्बेडकर जयंती या भीम जयंती डॉ भीमराव आम्बेडकर जिन्हें डॉ० बाबा साहेब अम्बेडकर के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म दिन 14 अप्रैल को पर्व के रूप में भारत समेत पूरे विश्व में मनाया जाता है।इस दिन को ‘समानता दिवस’ और ‘ज्ञान दिवस‘ के रूप में भी मनाया जाता है, क्योंंकि जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करने वाले अम्बेडकर को समानता और ज्ञान के प्रतीक माना जाता है। अम्बेडकर को विश्व भर में उनके मानवाधिकार आंदोलन संविधान निर्माता और उनकी प्रकांड विद्वता के लिए जाने जाते हैं और यह दिवस उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। अम्बेडकर की पहली जयंती सदाशिव रणपिसे इन्होंने 14 अप्रेल 1928 में पुणे शहर में मनाई थी। रणपिसे अम्बेडकर के अनुयायी थे। उन्होंने अम्बेडकर जयंती की प्रथा शुरू की और भीम जयंती के अवसरों पर बाबा साहेब की प्रतिमा हाथी के अंबारी में रखकर रथसे, उंट के उपर कई मिरवणुक निकाली थी।
अम्बेडकर के जन्मदिन पर हर साल उनके करोड़ों अनुयायी उनके जन्मस्थल भीम जन्मभूमिमहू (मध्य प्रदेश), बौद्ध धम्म दीक्षास्थल दीक्षाभूमि, नागपुर, उनका समाधी स्थल चैत्य भूमि, मुंबई जैसे कई स्थानिय जगहों पर उन्हें अभिवादन करने लिए इकट्टा होते है। सरकारी दफ्तरों और भारत के बौद्ध-विहारों में भी आंबेडकर की जयंती मनाकर उन्हें नमन किया जाता है। विश्व के 100 से अधिक देशों में आंबेडकर जयंती मनाई जाती है।
गुगल ने डॉ॰ आंबेडकर की 125 वी जयंती 2015 पर अपने ‘गुगल डुडल’ पर उनकी तस्वीर लगाकर उन्हें अभिवादन किया।तीन महाद्विपों के देशों में यह डुडल था।
सन 2016 में भारत सरकार ने बड़े पैमाने पर देश तथा विश्व में आंबेडकर की 125 वी जयंती मनाई। इस दिन को सभी भारतीय राज्यों में सार्वजनिक अवकाश के रूप में घोषित किया गया। आज 14 अप्रैल 2021 को 130 वीं जयंती मनाई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र ने आंबेडकर को “विश्व का प्रणेता” कहकर उनका गौरव किया। संयुक्त राष्ट्र के 70 वर्ष के इतिहास में वहां पहली बार किसी भारतीय व्यक्ति का जन्मदिवस मनाया गया था। उनके अलावा विश्व में केवल दों ऐसे व्यक्ति हैं जिनकी जयंती संयुक्त राष्ट्र ने मनाई हैं – मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला।आंबेडकर, किंग और मंडेला ये तीनों लोग अपने अपने देश में मानवाधिकार संघर्ष के सबसे बडे नेता के रुप में जाने जाते हैं। डॉ भीमराव अम्बेडकर को बाबा साहेब नाम से भी जाना जाता है। अम्बेडकर जी उनमें से एक है जिन्होंने भारत के संविधान को बनाने में अपना अहम योगदान दिया था।
आंबेडकर के योगदान को याद करने के लिये 14 अप्रैल को एक उत्सव से कहीं ज्यादा उत्साह के साथ लोगों के द्वारा आंबेडकर जयंती को मनाया जाता है। इस दिन उनके स्मरणों को अभिवादन किया जाता हैं। जयंती के दिन भारत के कई राज्यों में सार्वजनिक अवकाश के रूप में घोषित किया जाता हैं। नयी दिल्ली, संसद में उनकी मूर्ति पर हर वर्ष भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री, अन्य राजनैतिक पार्टियों के नेताओं, तथा आम लोगो द्वारा एक अभिवादन किया गया। बौद्ध एवं हिंदू दलित लोग अपने घरों में उनकी प्रतिमा को अभिवादन करते हैं। सार्वजनिक लगी आंबेडकर मुर्तियों पर लोग उन्हे पुष्पमाला पहनाकर सन्मान देते हैं, उनकी मूर्ति को सामने रख लोग परेड करते हैं, ढोल बजाकर नृत्य का भी आनन्द लेते हैं।
पूरे भारत भर में गावं, नगर तथा छोटे-बड़े शहरों में जुनून के साथ आंबेडकर जयंती मनायी जाती है। महाराष्ट्र में आंबेडकर जयंती बडे पैमाने पर मनाई जाती है। आंबेडकर के जन्मदिवस उत्सव के लिये विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाते है, जिसमें चित्रकारी, सामान्य ज्ञान प्रश्न-उत्तर प्रतियोगिता, चर्चा, नृत्य, निबंध लेखन, परिचर्चा, खेल प्रतियोगिता और नाटक जिसके लिये पास के स्कूलों के विद्यार्थीयों सहित कई लोग भाग लेते हैं। इस उत्सव को मनाने के लिये सेमीनार आयोजित किये जाते है।आंबेडकर जयंती संपूर्ण विश्व में मनाई जाती हैं। अधिकांश रूप से आंबेडकर जयंती भारत में मनाई जाती है, भारत के हर राज्य में, राज्य के हर जिले में और जिले के लाखों गावों में मनाई जाती हैं। भारतीय समाज, लोकतंत्र, राजनिती एवं संस्कृती पर आंबेडकर का गहरा प्रभाव पड़ा हैं। सौ से अधिक देशों में हर वर्ष डॉ॰ आंबेडकर जी की जयंती मनाई जाती हैं।