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वनमंत्री केदार कश्यप का पीसीसी चीफ बैज पर तंज, कहा- निकाय चुनाव में लगाएंग हार का चौका

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  •  नगरीय निकाय चुनावों की हलचल के बीच शुरू हो गई नेताओं की जुबानी जंग 

-अर्जुन झा-

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सभी छोटी बड़ी पार्टियां तैयारी में जुट गईं हैं। संभावित उम्मीदवार भी वार्डों में सक्रिय नजर आने लगे हैं। पिछले कुछ चुनावों में कांग्रेस को विधानसभा, लोकसभा और उप चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा है। लगातार मिल रही हार के कारण पार्टी में न केवल भितरघात की स्थिति बनी है, बल्कि नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।

इस बीच छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज पर तीखा हमला किया है। मंत्री कश्यप ने कहा- “अब दीपक बैज निकाय चुनाव में हार का चौका लगाएंगे। उन्हें हार का चौका लगाने की अग्रिम बधाई। उनके नेतृत्व में कांग्रेस तीन चुनाव हार चुकी है। हमारी शुभकामनाएं हैं कि वे हार का शतक भी बनाएं। रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर उन्होंने हार की हैट्रिक लगाई है। कांग्रेस के बड़े नेता अब उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं।” केदार कश्यप ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं ने कभी भी आदिवासियों का सम्मान नहीं किया। वे सिर्फ आदिवासियों को अपना वोट बैंक समझते हैं और चुनाव आते ही ऐसा ढोंग दिखावा करते हैं मानो उनसे बढ़कर आदिवासियों का हिमायती कोई नहीं है। श्री कश्यप ने कहा कि राज्य के आदिवासी कांग्रेसी ढोंग को अब अच्छे से भांप चुके हैं। कांग्रेस के आदिवासी नेता ही आदिवासियों के असली दुश्मन हैं। मंत्री केदार कश्यप के मुताबिक कांग्रेस का रुख और चुनावी रणनीति लगातार हार का कारण बन रही है।

प्रदेश में 184 नगरीय निकाय

वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कुल 184 नगरीय निकाय हैं। इनमें 14 नगर निगम, 48 नगर पालिकाएं और 122 नगर पंचायतें शामिल हैं। सभी राजनीतिक दल इस बार के नगरीय निकाय चुनाव में जीत के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं। कांग्रेस जो पिछली बार की हार की हताशा से जूझ रही है, इस बार जीतने के लिए कड़ी मेहनत करती दिख रही है। हालांकि अभी तक नगरीय निकाय चुनाव की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस साल के अंत तक चुनावों की तारीखों का ऐलान हो सकता है।

कांग्रेस के लिए चुनाव नहीं, चुनौती

चुनाव की तैयारियों के बीच सभी पार्टियां अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में लगी हैं। कांग्रेस के लिए यह चुनाव एक नई चुनौती है, जबकि भाजपा और अन्य दल अपने मजबूत प्रदर्शन को बनाए रखने के लिए सक्रिय हैं। आगामी चुनाव परिणामों से छत्तीसगढ़ की राजनीति की दिशा तय हो सकती है।

टाइगर अभी जिंदा है; केदार कश्यप ने बाघ का कराया रेस्क्यू, छोड़ा गया गुरु घासीदास अभ्यारण्य में

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  •  जब तक बस्तर का टाइगर है, तब तक आबाद होते रहेंगे जंगली जानवर

अर्जुन झा-

जगदलपुर छत्तीसगढ़ का टाइगर अभी जिंदा है और जब तक यह टाइगर जिंदा है, तब तक जंगल और जंगली जानवर सुरक्षित हैं।विलुप्त होते जा रहे वन्य प्राणियों की राज्य के विभिन्न भागों में नजर आ रही चहलकदमी इस बात का सबूत है कि छत्तीसगढ़ में वन्य प्राणियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो गया है।

बीते चार पांच माह से बस्तर के सुकमा से लेकर अचानकमार और अन्य भागों तक बाघों की चहल कदमी नजर आने लगी है। बाघ अब रिहायशी इलाकों में भी पहुंचने लगे हैं। राज्य में बाघों की हलचल बड़ी सुखद बात है, मगर उससे भी बड़ी तसल्ली की बात यह है कि बाघों ने अब तक कोई जनहानि नहीं की है। वैसे तो बस्तर टाइगर की उपमा दिवंगत कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा को मिली हुई है, मगर बस्तर संभाग में एक और टाइगर हैं केदार कश्यप। महेंद्र कर्मा को बस्तर टाइगर की उपमा उनके द्वारा नक्सलियों के खिलाफ खुलकर बातें रखे जाने के कारण मिली हुई है। बस्तर में बहुत कम नेता ऐसे हैं, जो नक्सलियों के खिलाफ मुंह खोलते हों।

वहीं राज्य के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप को टाइगर इसलिए कहा जाने लगा है क्योंकि वे सिर्फ नक्सलियों के खिलाफ ही नहीं बोलते, बल्कि सही मायने में जंगल रखवाले आदिवासी हैं। इसे संयोग कहें यहां विभागीय स्तर पर की जा रही पहल का नतीजा कि केदार कश्यप के वन मंत्री बनने के बाद छत्तीसगढ़ जंगल वन्य प्राणियों से आबाद होने लगे हैं। इस बीच कुछ विलुप्त प्राय वन्य प्राणियों की परिस्थिति जन्य कारणों से मौत भी हुई है। इन अपवादों को छोड़ दें तो बाघ जैसे संकट ग्रस्त प्रजाति के प्राणी की आबादी राज्य में बढ़ रही है। सबसे पहले बस्तर संभाग के सुकमा जिले के जंगलों में बाघ की चहल कदमी की खबर आई थी। यह बाघ संभवतः अभी सुकमा जिले में ही विचरण कर रहा है। इसके बाद अचानकमार टाइगर रिजर्व में कुछ दिनों पहले ही एक बाघ को जंगल में तफरीह करते देखा गया था। अचानकमार टाइगर रिजर्व में सालों बाद बाघ की धमक सुनाई दी है। बाघ की हलचल देखने के तुरंत बाद वन मंत्री केदार कश्यप ने अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन को बाघ को सुरक्षित माहौल देने के निर्देश दिए। वहां अब बाघ की आबादी बढ़ाने के जतन किए जा रहे हैं। और अब कसडोल नगर के रिहायशी इलाके में बाघ घुस आया। जैसे ही वन मंत्री केदार कश्यप को कसडोल में बाघ की आमद की खबर मिली, उन्होंने तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को बाघ और कसडोल के नागरिकों की सुरक्षा के उपाय करने के निर्देश दिए। इसके बाद वन महकमे ने बाघ को ट्रेंक्यूलाइज कर उसका रेस्क्यू कर लिया। इस बाघ को गुरु घासीदास तमोर पिंगला अभ्यारण्य में सुरक्षित छोड़ दिया गया। वन मंत्री केदार कश्यप ने इसके लिए वन विभाग की टीम को बधाई दी है।

शहर जिला कॉंग्रेस कमेटी द्वारा डॉ.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मनाया संविधान दिवस

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जगदलपुर शहर के अम्बेडकर वार्ड में बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य व पूर्व विधायक रेखचंद जैन, कांग्रेस पार्षदों, शहर कांग्रेस के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं व वार्डवासियों की उपस्थिति में डॉ.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संविधान दिवस मनाया गया।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि आज का दिन बहुत ही पवित्र और ऐतिहासिक दिन है। देश की तरक्की और उत्थान के लिए बाबा साहब ने जो संविधान लिखा है, वो भारतीय इतिहास का सबसे महान ग्रंथ है। हम सभी कांग्रेसजन उनके बताए मार्ग पर चलने हेतु हमेशा प्रयासरत रहेंगे। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने भारतीय संविधान की विशेषताएं बताते हुए कहा कि संविधान नियमों और कानूनों का एक समूह है जो किसी देश के संचालन और नियंत्रण को विनियमित करता है। संविधान प्रारूप समिति के अध्यक्ष डा.भीमराव आंबेडकर की 125वीं जयंती पर 26 नवंबर 2015 को पहली बार देश में संविधान दिवस मनाया गया। श्री जैन ने कहा कि जब देश में धर्म, संप्रदाय और वर्ग भेद में लिप्त ताकतें सामाजिक समरसता को ध्वस्त कर रही हों तब सर्वग्राही संविधान ही प्रत्येक व्यक्ति के सुरक्षा चक्र के रूप में उसके हितों को संरक्षित करता है। ब्लॉक अध्यक्ष कैलाश नाग ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय ने 19 नवंबर 2015 को एक अधिसूचना जारी कर हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा की। इस अवसर पर पूर्व विधायक रेखचंद जैन, ब्लॉक अध्यक्ष कैलाश नाग, उपनेता प्रतिपक्ष राजेश राय, हनुमान द्विवेदी, सुखराम नाग, गौरनाथ नाग, सुरेंद्र झा, वेंकट राव, रविशंकर तिवारी, ईश्वर बघेल, रतन राव, देवालाल सोनी, जोनी, अंजना नाग, सूर्यपानी, हरीश साहू, कोमल सेना, महेश द्विवेदी, अनुराग महतो, मनीता राउत, शहनाज बेगम, पापिया गाईन, विशाल खंबारी, ज्योति, तरनजीत सिंह, करीम खान, नौशाद, प्रियंका, नंदकिशोर, दास, विककी निषाद, खिरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।

मूल निवासी मंच पर प्रतिबंध सर्वथा निंदनीय : जीत गुहा नियोगी

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  • आदिवासियों के अधिकार के लिए लड़ता है संगठन

जगदलपुर जनमुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जीत गुहा नियोगी ने कहा है कि बस्तर आदिवासियों पर अत्याचार का विरोध करते आ रहे संगठन मूलनिवासी बचाओ मंच पर प्रतिबंध निंदनीय है। कठपुतली आदिवासी मुख्यमंत्री द्वारा अपने ही जात, सगा, समाज पर जन सुरक्षा कानून के तहत प्रतिबंध लगा देना जुल्म की पराकाष्ठा है।

जनमुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जीत गुहा नियोगी ने कहा है कि कांग्रेस व भाजपा द्वारा केंद्र व राज्य में बारी बारी से शासन करते हुए, बस्तर में आदिवासियों पर शोषण जुल्म के साथ-साथ बहुतायत में निर्दोष आदिवासियों की हत्या बदस्तूर जारी है। यह प्रतिबंध इस बात की पुष्टि करता है कि अब बस्तर के हित की बात करने वाले मूलनिवासियों को भी निशाना बनाना आसान हो जाएगा। आदिवासियों के कल्याण, उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात करने वाली सरकार बस्तर में ही आदिवासियों को जन मिलिशिया, बस्तर फाइटर, डीआरजी जैसे धड़ो में बांटकर निर्दोष आदिवासियों की निर्मम हत्या की योजना पर काम कर रही है। पूर्व से ही विदित है की बस्तर से आदिवासियों और मूलनिवासियों को विस्थापित कर आदिवासियों की नस्ल को खत्म कर यहां के जल जंगल जमीन खदान को बड़े उद्योगपतियों के हाथों को कौड़ियो के मोल देना चाहती है। इसीलिए बस्तर में कांग्रेस हो या भाजपा सत्ता में आने के बाद अंग्रेजों की तरह खोखले विकास को ढाल बनाकर बस्तर में शोषण अधारित राज करना चाहती है। सरकार के तलवे चांटते आदिवासी विधायक, सांसद भी आदिवासियों की हत्या को जायज बताते रहते हैं। सरकार को बड़े उद्योगपतियों की लूट के लिए रास्ता बनाने में नक्सलियों की चुनौती के बाद जागरूक आदिवासी जो अपने जल जंगल जमीन संस्कृती जिसमें खुद के वाद्य यंत्र साज सज्जा व अपने अस्तित्व व स्वाभिमान के लिए सरकार के समक्ष आवाज बुलंद करने वाले मुल निवासी, आदिवासियों के संगठन मूलनिवासी बचाओ मंच को चुनौती मानते हुए प्रतिबंध उस पर लगा दिया गया है। जीत गुहा नियोगी ने कहा है कि कॉर्पोरेट द्वारा पोषित सरकार बस्तर की आधी आबादी को जो, अपने जान-माल संस्कृतिक समागम, अस्तित्व व स्वाभिमान के लिए सच्चाई भरी लड़ाई को अवैध बताते हुए प्रतिबंधित किया गया है। जनमुक्ति मोर्चा सरकार से पूछना चाहती है कि क्या बस्तर की आधी अबादी जो सरकार की नजर में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुके आदिवासियों से वोट की खातिर आदिवासी एकता विकास और भाईचारे की बात करेगा या फिर इन प्रतिबंधित आदिवासियों से मतदान के अधिकार को छीन लिया जाएगा ? जीत गुहा नियोगी ने कहा कि बस्तर की सार्वजनिक संपत्ति और संसाधन को लूटने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा बिना गुरेज के सेना की स्थापना से लेकर हवाई हमले, ड्रोन हमले व अति आधुनिक हथियारों के बल पर बस्तर के निहत्थे आदिवासियों, मासूम बच्चों , महिलायों, युवाओं, बुजुर्ग सभी को भय और सरकारी आतंक के दम पर उनकी पुश्तैनी जगह से हमेशा के लिए बेदखल करना चाहती है। ये समझ से परे है कि बस्तर के मूलनिवासी बिना सरकारी मोहताज के तन में आधे कपड़े, जीविकोपार्जन के लिए शिकार, बिना स्कूल अस्पताल बिजली व पीने लायक पानी के जीवित रहने वाले लोग सरकार की नजर में कैसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक हो गए हैं। जीत गुहा नियोगी ने मानवाधिकार संगठनों बुद्धिजीवियों, छात्र संगठनों, जन कला सांस्कृतिक कलाकारों व आम नागरिकों से आह्वान किया है कि सरकार के इस फासीवादी नीति के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन की अपील की है। ताकि बस्तर के सोना चांदी, लौह अयस्क, नदी नालों, जल जंगल पहाड़ को बड़े उद्योगपतियो कॉर्पोरेट घरानों से बस्तर के आदिवासियों की संपत्ति को चारागाह बनने से बचाया जा सके।

बस्तर जिले के कबीर पंथ अनुयायियों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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  • दामाखेड़ा के गुनहगारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग 

जगदलपुर कबीर पंथ अनुयायियों के धर्मस्थल दामाखेड़ा बलौदाबाजार में कबीर पंथ के वंशाचार्य हुजूर उदितनाम साहेब पर हमला का जगह-जगह विरोध हो रहा है। इस पंथ के अनुयायियों में आक्रोश है। इसी मामले को लेकर बस्तर जिले के कबीर पंथ के सैकड़ों अनुयायियों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

कबीरपंथ अनुयायियों ने बताया कि कबीर पंथ का इतिहास 600 वर्षों से ज्यादा पुराना है। इसके अनुयायी देश के विभिन्न राज्यों में निवासरत हैं। कबीरपंथ शांति का पंथ है तथा व्यक्ति निर्माण एवं सदभावना, भाईचारा को बढ़ावा देता है। कबीरपंथी समाज के लोगों ने बताया कि 31 अक्टूबर को धर्मनगर दामाखेड़ा में असामाजिक तत्वों ने नवोदित वंशाचार्य हुजूर उदितमुनि नाम साहेब पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की। कहा गया कि कबीर पंथ हमेशा सत्य, अहिंसा और शांति का पक्षधर रहा है। कबीर पंथ के अनुयायी कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहायक रहते हैं। सद्गुरु कबीर धनी धर्मदास वंशावली मिशन के बस्तर जिला प्रतिनिधि ने अपने वक्तव्य में कहा कि दामाखेड़ा का मामला सोची- समझी साजिश एवं दुर्भावना से किया गया हमला है। जो पंथ अनुयायियों के मन मस्तिष्क को विचलित कर रहा है। कबीरपंथियों के मन में मानवीय स्वभाव से दुख एवं आक्रोश है। अतः जल्द से जल्द हमलावरों पर कार्रवाई करवाने के लिए आपसे विनम्र अनुरोध है कि छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री को यह ज्ञापन प्रेषित किया जाए। ज्ञापन देने वालों में सद्गुरु कबीर धनिधर्मदास साहब वंशावली मिशन जिला बस्तर के जिला प्रतिनिधि श्याम दीवान, परोपकारी प्रतिनिधि पवनदास बघेल, जिला सलाहकार महंत लक्ष्मीकांत पंत, जिला युवा प्रतिनिधि तुलेशदास, महिला प्रतिनिधि हीरामनी, तहसील प्रतिनिधि गिरधरदास, अनिल बघेल, सुखचंददास, महंत केदारदास, लक्ष्मण दास, सोनाधरदास, ललित दास, महंत बुधमन दास, महंत कपिल दास, अजर दास, रतनदास, रामचरण, फरसूदास सहित काफी संख्या में आमिन माता महिला मंडल, नवयुवक मंडल आदि प्रकोष्ठ के कबीर पंथ अनुयायी मौजूद रहे।

राजहरा परिवहन संघ ने कलेक्टर के निर्देश पर लौह अयस्क उत्पादन बाधित करने वाले चक्काजाम को कल बुधवार से स्थगित

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दल्लीराजहरा __राजहरा परिवहन संघ का पांच सूत्रीय मांगो को लेकर डडसेना पुलिया के पास दल्ली व राजहरा तथा महामाया माइंस से लौह अयस्क उत्पादन को दूसरे दिन भी चक्काजाम कर ठप्प किया गया ,राजहरा परिवहन संघ के सैकड़ों सदस्य सुबह से ही डडसेना पुलिया पास पहुंच गए ब शाम तक बैठे रहे किंतु लौह अयस्क परिवहन की एक भी गाड़ी राजहरा माइंस बंकर के लिए नहीं आई ,जिससे बी एस पी का उत्पादन प्रभावित हुआ

राजहरा परिवहन संघ की मांगो को लेकर प्रशासनिक अधिकारी , बी एस पी अधिकारी व राजहरा परिवहन संघ के सदस्यों के बीच त्रिपछिय वार्ता कलेक्टर कार्यालय के सभागार में शाम 4 बजे हुई जिसमे कलेक्टर इंद्रजीत अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ,आर के सोनकर अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) डोंडी , डॉ चित्रा वर्मा नगर पुलिस अधीक्षक दल्लीराजहरा , बी एस पी के सी जी एम (आईओसी राजहरा )गहरवार , डॉ जे एस बघेल ,राजहरा परिवहन संघ के इंद्रजीत सिंह तुली ,परविंदर सिंह छतवाल, अतिन्दर सिंह संधू ,नरेंद्र सिंह तुली ,जगजीत सिंह मरवाहा,अनिल सुथार उपस्थित थे त्रिपछीय वार्ता में राजहरा परिवहन संघ के सदस्यों ने अपनी मांगों के संबंध में विस्तार से जानकारी रखी , बी एस पी के अधिकारियों ने उन मांगो के संबंध में उच्चाआधिकारियो से उक्त मांगो को अवगत कराकर समस्या का समाधान निकालने की बात कही ,कलेक्टर ने राजहरा परिवहन संघ से आंदोलन समाप्त करने की बात कहते हुए बैठक समांप्त हुई ,

कलेक्टर बालोद ने राजहरा परिवहन संघ की मांगो को लेकर 9 दिसंबर को ई डी माइंस के साथ बैठक कराने की बात कही राजहरा परिवहन संघ ने कलेक्टर के निर्देश पर लौह अयस्क उत्पादन बाधित करने वाले चक्काजाम को कल बुधवार से स्थगित कर माइंस आफिस के समीप अनिश्चित धरनास्थल अनवरत जारी रखने का निर्णय लिया गया

डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में मनाया गया संविधान दिवस

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जगदलपुर लोकतांत्रिक राष्ट्र का संविधान देश के नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों को तय करता है। सरकार के विभिन्न अंगों के अधिकार और कर्तव्यों को परिभाषित करता है। संविधान किसी भी देश की शासन प्रणाली और राज्य को चलाने के लिए बनाया गया एक दस्तावेज है। संविधान की जरूरत को महसूस करते हुए आजादी के बाद भारत ने भी संविधान को अपनाया। संविधान निर्माण के लिए कई देशों के संविधानों का अध्ययन किया गया और उनमें से अच्छे नियम कानूनों को निकालकर भारत का संविधान बनाया गया।

ये बातें डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल उलनार में संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य मनोज शंकर ने कही। उन्होंने कहा कि हर साल भारतीय संविधान के बारे में लोगों को जागरूक करने और संविधान के महत्व व बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर के विचारों और अवधारणाओं को फैलाने के उद्देश्य से हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है।दरअसल इस दिन 1949 में भारत का संविधान अपनाया गया था। हमारे संविधान को बनाने में दो वर्ष,11 माह और 18 दिन का समय लगा। जिसके बाद भारत गणराज्य का संविधान 26 जनवरी 1949 को बनकर तैयार हो गया। लेकिन इसे आधिकारिक तौर पर 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल उलनार में प्राचार्य मनोज शंकर के मार्गदर्शन में संविधान दिवस मनाया गया। विशेष प्रार्थना सभा में प्राचार्य मनोज शंकर द्वारा संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद के छाया चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित,माल्यार्पण एवं पुष्पर्पित किए गए। पश्चात प्राचार्य मनोज शंकर ने सभा को संबोधित करते हुए सभी को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दी एवं संविधान के प्रति बच्चों में जागरूकता पैदा करने, भारतीय संविधान के महत्व व मौलिक अधिकार और कर्तव्यों की जानकारी देते हुए संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कराया। इस मौके पर वहां उपस्थित शिक्षकों एवं बच्चों ने संविधान का सम्मान व पालन करने का संकल्प लिया। कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा तनूजा बघेल ने भाषण की प्रस्तुति दी।शिक्षक देवसिंह नेताम ने भी सभी को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दी एवं संविधान का विस्तार रूप से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान दुनिया के बेहतरीन दस्तावेजों में से एक है। हर भारतीय को इसकी रक्षा का प्रण लेना चाहिए। इस अवसर पर प्रभात फेरी भी निकाली गई। जिसमें पूरे जोश के साथ संविधान के प्रति जागरूकता पैदा करने और अपने मौलिक अधिकारों के लिए छात्र छात्राओं और शिक्षकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्राचार्य, समस्त शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

परचनपाल में मनाया गया बस्तर धाकड़ क्षत्रिय राजपूत समाज का स्थापना दिवस

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  •  उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया गया सम्मानित
  • नशा मुक्ति, शिक्षा और स्वास्थ्य पर दिया गया जोर

जगदलपुर बस्तर जिले के ग्राम परचनपाल में बस्तर धाकड़ क्षत्रिय राजपूत  समाज का 13वां स्थापना दिवस 25 नवंबर को बड़े उत्साह उमंग के साथ मनाया गया।

सर्वप्रथ कलश यात्रा  संतोषी माता मंदिर से निकाली गई, जो कार्यक्रम स्थल तक गई। ध्वजारोहण के बाद समाज सद्भावना व सर्व भवन्तु सुखिनः हेतु  हवन पूजन किया गया। साथ ही दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। दूर दराज के गांव गांव से कार्यक्रम में शामिल होने आए अतिथियों का शॉल श्रीफल से विशेष सम्मान  किया गया। संभाग के अलग अलग क्षेत्रों से पधारे समाज के प्रबुद्ध जनों ने उद्बोधन में समाज नई दिशा देने की कोशिश की। समाज के उप संरक्षक मंगलसिंह ठाकुर ने कहा कि हमारे समाज में जब तक एकता, अखंडता, भाई चारा प्रेम, की भावना निहित नही होगी तब समाज की उत्कृष्टता और उत्थान संभव नही है। अन्य समाज इसी तरह से संगठित होकर आगेबढ़ रहे हैं। इन समाजों से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए कि किस तरह समाज की एकता में शक्ति होती है।

साथ ही हितप्रिया ठाकुर ने भी  समाज  मे हो रही खींचतान के दुष्प्रभाव व एकता प्रेम और संस्कार और महिलाओं के सम्मान और महिलाओं की उत्थान के लिए और समाज की नई दिशा में आगे बढ़ कर भाग लेने के लिए बेहतरीन विचार समाज के वरिष्ठ माता बहनों के समक्ष अपना रखे। साथ ही नशा मुक्ति के तहत युवाओं को जागृत और  सजग करते हुए नई पीढ़ी का दिशा निर्देशन करते हुए बेहतर सुझाव दिए। इस कार्यक्रम समाज के वरिष्ठजन एवं पदाधिकारी कमल सिंह ठाकुर, रोमनाथ ठाकुर, मंगल सिंह ठाकुर, सुखचंद ठाकुर, पदमनाथ ठाकुर, रतिसिंह ठाकुर, सुरेंद्र सिंह ठाकुर, रूपसिंह ठाकुर, संतोष सिंह ठाकुर, राजेश सिंह ठाकुर, कमल सिंह ठाकुर, जागेश्वर सिंह ठाकुर, दयाराम ठाकुर, थबीर सिंह ठाकुर एवं परचनपाल के ग्रामवासी उपस्थित थे।

हमें कर्तव्य बोध कराया और अधिकार दिलाए संविधान ने: शिवनारायण पांडे

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  • भाजपा कार्यालय में मनाया संविधान दिवस
  • बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर को किया गया नमन 

जगदलपुर संविधान दिवस के अवसर पर यहां जिला भाजपा कार्यालय में मंगलवार को संविधान गोष्ठी का आयोजन किया गया। जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। संविधान निर्माता के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों का अनुसरण करने का संकल्प कार्यकर्ताओं द्वारा लिया गया।

भाजपा विधि प्रकोष्ठ के नेतृत्व में भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों ने संविधान की अहमियत को समझाने और सामाजिक समरसता के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता शिवनारायण पांडे ने कहा कि संविधान से हम सब सुपरिचित हैं। भारत में हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। संविधान सभा ने हमारे संविधान को 26 नवंबर 1949 को स्वीकार किया था। इसके दो महीने बाद 26 नवंबर 1950 को इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया।भाजपा नेता शिवनारायण पांडे ने कहा कि विभिन्न संकटों के बावजूद डॉ. भीमराव आंबेडकर ने मात्र दो वर्ष, 11 माह और 18 दिनों में दिन-रात मेहनत कर भारत के संविधान की रचना की। उन्होंने 26 नवंबर 1949 को इसे भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के हाथों समर्पित किया। उन्होंने कहा कि भारत के लिए आज का दिन काफी खास है। आज ही के दिन हमारे देश ने संविधान को अपनाया था। बाबा साहेब भीमराव आंबे़डकर के नेतृत्व में हमारा संविधान बना, जिसके बाद इसे आज तक सर्वोपरि माना जाता है। इस बात को आज 75 साल हो गए हैं। देश आज संविधान दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पहली बार इस दिन को मनाए जाने की शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी। सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय ने 19 नवंबर 2015 को एक अधिसूचना में 26 नवंबर को हर साल ‘संविधान दिवस’ के तौर पर मनाने की बात कही थी। विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं बस्तर संभाग प्रभारी एल. ईश्वर राव ने कहा कि 75 साल पहले आज ही के दिन संविधान सभा ने संविधान निर्माण का बहुत बड़ा काम किया था। संविधान हमारे देश का सबसे पवित्र ग्रंथ है। हम आज ऐतिहासिक दिन के साक्षी हैं। हमारा संविधान सामूहिक और व्यक्तिगत स्वाभिमान को सुनिश्चित करता है। संविधान सभा ने संविधान निर्माण का कार्य संपन्न किया और इसे आत्मार्पित-अंगीकृत किया। आज मैं देश की तरफ से संविधान सभा के सदस्यों को नमन करता हूं। कार्यक्रम को भाजपा जिला उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष विद्याशरण तिवारी, श्रीनिवास राव मद्दी, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप ने भी संबोधित किया। मंच का संचालन भाजपा जिला मंत्री नरसिंह राव ने एवं आभार प्रदर्शन दिनेश पाणिग्रही ने किया। कार्यक्रम में प्रमुखत: अश्विनी कुमार सरडे, पार्षद आलोक अवस्थी, राजपाल कसेर, आयेन्द्र सिंह आर्य, उमाकांत सिंह, रंजीत पांडे, नरेंद्र पाणिग्रही, राजेश श्रीवास्तव, सुनील दास, योगेश ठाकुर, गोदावरी साहू, ममता राणा, गीता नाग, प्रमिला कपूर, मीना विश्वकर्मा, संजय विश्वकर्मा, दिनेश केजी, विक्रम यादव, बसंत जोशी, आरती दुआ, झरना बांगर, अनिल राव, नितिन जैन, सरिता सतपति, प्रकाश झा, मलय झा, माधवी मंडल, अलका सेंगर, कृष्णा ठाकुर, मुकेश शर्मा, रवि शर्मा, हरिशंकर झा सहित भाजपा कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे।

सांसद बस्तर महेश कश्यप ने किए काशी विश्वनाथ के दर्शन

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  •  बस्तर की खुशहाली की कामना करने पहुंचे काशी विश्वनाथ के दर पर 
  • बस्तर के अन्य कई बड़े भाजपा नेता भी रहे मौजूद 

जगदलपुर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने बस्तर की खुशहाली के लिए वाराणसी जाकर काशी विश्वनाथ के दर्शन किए। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री रामविचार नेताम और लक्ष्मी राजवाड़े के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना भी भगवान श्री काशी विश्वनाथ से की। दर्शन उपरांत सांसद महेश कश्यप ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भगवान काशी विश्वनाथ के दर्शन से जीवित मोक्ष का अनुभव होता है और नई ऊर्जा मिलती है।

सांसद महेश कश्यप ने कहा कि आज जो कुछ भी मैंने पाया है, सब काशी विश्वनाथ की कृपा से मिला है। चंदौली परिवारिक विवाह समारोह में पहुंचने के उपरांत उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दर्शन भी किए। उनके साथ मौजूद बस्तर जिला भाजपा अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी ने कहा कि श्री काशी विश्वनाथ और काल भैरव का विधि विधान से दर्शन पूजन कर आशीर्वाद लिया है। बस्तर की खुशहाली की भी मैंने कामना की है। मंत्रीद्वय रामविचार नेताम और लक्ष्मी राजवाड़े के जल्द स्वस्थ होने की कामना बस्तर के नेताओं ने की। इस दौरान सांसद बस्तर महेश कश्यप, जिला भाजपा अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, लच्छूराम कश्यप,बैदूराम कश्यप, रजनीश पाणिग्रही, वेदप्रकाश पांडे, संग्राम सिंह राणा ने आरती हवन में शामिल हुए।

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