कारीगरों को 50 हजार की मदद, बकरे और रोज नाश्ते की भी व्यवस्था
अर्जुन झा
जगदलपुर बस्तर दशहरा का विजय रथ सिर्फ लकड़ी, रस्सी और कीलों से तैयार नहीं होता, बल्कि इसके पीछे पीढ़ियों से चली आ रही आस्था, परंपरा और निस्वार्थ सेवा की कहानी जुड़ी है। इसी परंपरा को जीवित रखने झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव से पहुंचे बुजुर्ग बढ़ई कारीगर इन दिनों दिन-रात रथ निर्माण में जुटे हैं। उम्र 60 से 70 वर्ष के बीच, हाथों में हथौड़ी और सामने विशाल लकड़ियां। इन कारीगरों की मेहनत को सम्मान देने सुकमा जमींदार परिवार के सदस्य कुमार जयदेव आगे आए। रथ निर्माण स्थल पर कारीगरों से मुलाकात के दौरान कुमार जयदेव ने उनकी समस्याएं सुनीं। कारीगरों ने बताया कि बारिश और बाढ़ के कारण इस वर्ष वे करीब आठ दिन विलंब से पहुंचे। प्रशासन की ओर से राशन-पानी की व्यवस्था मिल रही है, लेकिन महंगाई के दौर में रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर कुछ परेशानी है।यह सुनकर जयदेव ने तत्काल 50 हजार रुपए की सहयोग राशि देने की घोषणा की। साथ ही दशहरा की परंपरा के अनुसार बकरे की व्यवस्था करने और कारीगरों के लिए रोज सुबह गर्म नाश्ते की व्यवस्था कराने की बात कही।
मजदूर नहीं, मेरे परिजन हैं आप
कारीगरों से संवाद के दौरान कुमार जयदेव ने कहा- आप यहां मजदूरी करने नहीं, बल्कि माई दंतेश्वरी की सेवा करने आए हैं। उन्होंने कारीगरों से कहा कि वे खुद को अकेला न समझें। उनका सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ये कारीगर अपने साथ घर से औजार और कई जरूरी संसाधन लेकर आते हैं। यहां तक कि रस्सी और रथ निर्माण में उपयोग होने वाली कई चीजें भी वे स्वयं तैयार करते हैं। ऐसे में उनकी सेवा को केवल मेहनत या मजदूरी के रूप में देखना बस्तर की परंपरा की भावना को छोटा करना होगा।
माई की सेवा हमारा धर्म
रथ निर्माण दल के मुखिया मोतीराम नाग, झाड़ उमरगांव ने बताया कि झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव के ग्रामीण पीढ़ियों से बस्तर दशहरा के लिए रथ निर्माण करने जगदलपुर आते हैं। उनके दादा-परदादा भी इसी सेवा में जुटते रहे और अब यह जिम्मेदारी उनकी पीढ़ी निभा रही है। इन कारीगरों का कहना है कि वे किसी विशेष मांग को लेकर यहां नहीं आते। उनके लिए यह माई की सेवा और पूर्वजों से मिली जिम्मेदारी है। बदलते समय में जब व्यवस्थाओं और खर्चों की जरूरत बढ़ी है, तब समाज और जनप्रतिनिधियों की ओर से मिलने वाला सहयोग उनके लिए सम्मान के साथ मनोबल भी बढ़ाता है।
कारीगरों को 50 हजार की मदद, बकरे और रोज नाश्ते की भी व्यवस्था
अर्जुन झा-
जगदलपुर बस्तर दशहरा का विजय रथ सिर्फ लकड़ी, रस्सी और कीलों से तैयार नहीं होता, बल्कि इसके पीछे पीढ़ियों से चली आ रही आस्था, परंपरा और निस्वार्थ सेवा की कहानी जुड़ी है। इसी परंपरा को जीवित रखने झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव से पहुंचे बुजुर्ग बढ़ई कारीगर इन दिनों दिन-रात रथ निर्माण में जुटे हैं। उम्र 60 से 70 वर्ष के बीच, हाथों में हथौड़ी और सामने विशाल लकड़ियां। इन कारीगरों की मेहनत को सम्मान देने सुकमा जमींदार परिवार के सदस्य कुमार जयदेव आगे आए। रथ निर्माण स्थल पर कारीगरों से मुलाकात के दौरान कुमार जयदेव ने उनकी समस्याएं सुनीं। कारीगरों ने बताया कि बारिश और बाढ़ के कारण इस वर्ष वे करीब आठ दिन विलंब से पहुंचे। प्रशासन की ओर से राशन-पानी की व्यवस्था मिल रही है, लेकिन महंगाई के दौर में रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर कुछ परेशानी है। यह सुनकर जयदेव ने तत्काल 50 हजार रुपए की सहयोग राशि देने की घोषणा की। साथ ही दशहरा की परंपरा के अनुसार बकरे की व्यवस्था करने और कारीगरों के लिए रोज सुबह गर्म नाश्ते की व्यवस्था कराने की बात कही।
मजदूर नहीं, मेरे परिजन हैं आप
कारीगरों से संवाद के दौरान कुमार जयदेव ने कहा- आप यहां मजदूरी करने नहीं, बल्कि माई दंतेश्वरी की सेवा करने आए हैं। उन्होंने कारीगरों से कहा कि वे खुद को अकेला न समझें। उनका सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ये कारीगर अपने साथ घर से औजार और कई जरूरी संसाधन लेकर आते हैं। यहां तक कि रस्सी और रथ निर्माण में उपयोग होने वाली कई चीजें भी वे स्वयं तैयार करते हैं। ऐसे में उनकी सेवा को केवल मेहनत या मजदूरी के रूप में देखना बस्तर की परंपरा की भावना को छोटा करना होगा।
माई की सेवा हमारा धर्म
रथ निर्माण दल के मुखिया मोतीराम नाग, झाड़ उमरगांव ने बताया कि झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव के ग्रामीण पीढ़ियों से बस्तर दशहरा के लिए रथ निर्माण करने जगदलपुर आते हैं। उनके दादा-परदादा भी इसी सेवा में जुटते रहे और अब यह जिम्मेदारी उनकी पीढ़ी निभा रही है। इन कारीगरों का कहना है कि वे किसी विशेष मांग को लेकर यहां नहीं आते। उनके लिए यह माई की सेवा और पूर्वजों से मिली जिम्मेदारी है। बदलते समय में जब व्यवस्थाओं और खर्चों की जरूरत बढ़ी है, तब समाज और जनप्रतिनिधियों की ओर से मिलने वाला सहयोग उनके लिए सम्मान के साथ मनोबल भी बढ़ाता है।
नाना की फिल्म “आज की महाभारत” की शूटिंग हुई बस्तर की वादियों में
अर्जुन झा
जगदलपुर बॉलीवुड और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका निधन मुंबई फिल्म जगत ही नहीं बल्कि बस्तर के लिए भी बेहद दुखद है। नाना का बस्तर से गहरा नाता और लगाव रहा है। उन्होंने बस्तर में लंबा समय गुजारा था और उनकी कुछ फिल्मों की शूटिंग भी बस्तर की खूबसूरत वादियों में हुई थी। नाना पाटेकर के निधन से बस्तर के उनके प्रशंसकों, कलाकारों और सिनेमा प्रेमियों में शोक की लहर है। मशहूर फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर का आज 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार उन्हें गोवा के डोना पाउला स्थित अपने आवास पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। उन्हें अचेत अवस्था में मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। नाना पाटेकर को गुरुवार तड़के करीब 3:30 बजे डोना पाउला स्थित मणिपाल अस्पताल लाया गया।
चिकित्सकों ने उन्हें होश में लाने के लिए लगभग 45 मिनट तक सीपीआर दिया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अस्पताल की ओर से मामले को मेडिको-लीगल केस के रूप में दर्ज किए जाने और मौत के सटीक कारण की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जानकारी सामने आई है। नाना पाटेकर के अचानक निधन की खबर सामने आते ही उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई। शुरुआती जानकारी में कार्डियक अरेस्ट को मौत की वजह बताया जा रहा है।हालांकि अंतिम चिकित्सकीय निष्कर्ष और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
थम गया पांच दशक का सफर
नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा में करीब पांच दशक तक अपने अभिनय का लोहा मनवाते रहे। वर्ष 1978 की फिल्म ‘गमन’ से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई। इसके बाद उन्होंने ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ सहित कई यादगार फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभाईं। उनकी संवाद अदायगी, प्रभावशाली आवाज और किरदारों को जीवंत कर देने वाली अभिनय शैली ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे अलग और प्रभावशाली कलाकारों में स्थान दिलाया। अभिनय के साथ उन्होंने निर्देशन और लेखन में भी काम किया।
दो बार बस्तर आए थे नाना
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से बस्तर के कलाकार जगत में भी शोक की लहर है। नाना पाटेकर का बस्तर से पुराना और खास जुड़ाव रहा है। वे वर्ष 1987-88 के दौरान दो बार बस्तर आए थे। बताया जाता है कि नाना पाटेकर ने धरमपुरा स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में समय बिताया था। इसके अलावा वे करीब एक महीने तक बस्तर में फिल्म शूटिंग के सिलसिले में रहे। इस दौरान फिल्म ‘आज की महाभारत’ की शूटिंग बस्तर की खूबसूरत वादियों में की गई थी। फिल्म में नाना पाटेकर के साथ सुरेश ओबेरॉय, दीप्ती नवल, भारत भूषण, नीता पुरी सहित कई अन्य कलाकार भी बस्तर पहुंचे थे। बस्तर से उनका लगाव था। नक्सलवाद पर बनी फिल्म में काम करने के पहले वे बस्तर के धुर नक्सल इलाकों में भ्रमण कर जमीनी स्थिति का पता करते थे। गंगा प्रोडक्शन की फिल्म ‘आज की महाभारत’ की शूटिंग बस्तर की खूबसूरत वादियों में की गई थी।बस्तर के उड़ीसा बॉर्डर से लगे धनपूंजी देवड़ा मंदिर चित्रकोट, तीरथगढ़, नया मुंडा एवं जगदलपुर शहर के कुछ स्थानों में शूटिंग की गई थी। आज उनके निधन पर बस्तर के उनके साथी दुखी हैं। सत्यजीत भट्टाचार्य, जी श्याम, मनमोहन, उस जमाने के उनके बाल कलाकार साथी प्रशंसक महेंद्र महापात्र भी उनसे बहुत प्रभावित थे। वे आज रूंधे गले से कहते हैं- बेदाग, बेबाक कलाकार का जाना उनके लिए बहुत दुखदाई रहा। फिल्म की शूटिंग के दौरान बस्तर के स्थानीय कलाकारों और थिएटर से जुड़े लोगों को इन दिग्गज कलाकारों से मिलने और उनके साथ काम करने का अवसर मिला। नाना पाटेकर की सहजता और कलाकारों के प्रति अपनापन आज भी बस्तर के रंगकर्मियों की यादों में ताजा है। नाना पाटेकर के निधन से बस्तर का थिएटर और कलाकार जगत भी गहरे शोक में हैं। उनके साथ जुड़ी ये पुरानी यादें आज बस्तर के कलाकारों के लिए एक अनमोल विरासत बन गई हैं।
जगदलपुर। बस्तर ओलंपिक 2026 को लेकर बस्तर जिला एथलेटिक्स संघ ने खिलाड़ियों को जोड़ने की मुहिम तेज कर दी है। संघ के अध्यक्ष संग्राम सिंह राणा ने जिले के सभी खिलाड़ियों से अधिक से अधिक संख्या में पंजीयन कराने तथा पूरे उत्साह के साथ बस्तर ओलंपिक में भाग लेने का आह्वान किया है। संग्राम सिंह राणा ने कहा कि पिछले वर्ष बस्तर जिले में 95,243 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया था। इस वर्ष लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना 1,90,486 पंजीयन कराने का है। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बस्तर के हर गांव और हर खिलाड़ी को खेल के बड़े मंच से जोड़ने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि बस्तर की मिट्टी में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि इन प्रतिभाओं को पंजीयन से लेकर खेल के मैदान तक पहुंचाया जाए। बस्तर ओलंपिक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आगे बढ़ने और नई पहचान बनाने का अवसर प्रदान कर रहा है। संघ अध्यक्ष ने जिले के खिलाड़ियों से अपील की कि हर खिलाड़ी स्वयं पंजीयन कराए और कम से कम एक अन्य खिलाड़ी को भी बस्तर ओलंपिक से जोड़े। उन्होंने कहा कि जब बस्तर का हर खिलाड़ी मैदान में उतरेगा, तभी दोगुने पंजीयन का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। संग्राम सिंह राणा ने कहा, “इस बार हमारा लक्ष्य सिर्फ दोगुना पंजीयन करना नहीं, बल्कि बस्तर के हर खिलाड़ी की भागीदारी सुनिश्चित करना है। आइए, मिलकर ऐसा रिकॉर्ड बनाएं कि बस्तर ओलंपिक 2026 बस्तर की खेल शक्ति और नए बस्तर की नई पहचान बने।”
नारायणपुर जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग की पहल से जिले के 17 दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देश पर जिले के आईईडी ब्लास्ट से प्रभावित एवं विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांगजनों को जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर में आयोजित विशाल दिव्यांगजन शिविर में शामिल कराया गया।5 अक्टूबर को आयोजित शिविर में आईईडी ब्लास्ट से प्रभावित जिले के तीन दिव्यांगजन शामिल हुए। इनमें एक दिव्यांगजन को कृत्रिम पैर प्रदान किया गया।
जबकि दो दिव्यांगजनों के पूर्व से लगे कृत्रिम पैरों की जांच कर आवश्यक सुधार की सुविधा उपलब्ध कराई गई।इसी क्रम में 6 अक्टूबर को आयोजित शिविर में चिन्हांकित 14 विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार विभिन्न कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इनमें दो दिव्यांगजनों को कैलिपर्स सहित एल्बो, एक को कृत्रिम पैर, छह को जूता सपोर्ट सहित आवश्यक उपकरण तथा एक दिव्यांगजन को बैसाखी प्रदान की गई। वहीं चार दिव्यांगजनों के पूर्व से लगे कृत्रिम अंग एवं उपकरणों की जांच कर आवश्यक सुधार किया गया।जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग की इस पहल से दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उपकरण उपलब्ध हुए हैं, जिससे उन्हें दैनिक गतिविधियों में अधिक सुविधा और आत्मनिर्भरता में सहायता मिलने की उम्मीद है।
नारायणपुर अबूझमाड़ के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक जनकल्याणकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नारायणपुर पुलिस एवं 29वीं वाहिनी आईटीबीपी ने माड़ मैत्री अभियान के तहत ओरछा क्षेत्र के मंडाली गांव में संयुक्त रूप से पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। शिविर में पशुपालकों को निःशुल्क पशु स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हुए कुल 72 पशुओं की जांच एवं उपचार किया गया।यह शिविर पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार पटेल (आईपीएस), नारायणपुर तथा 29वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमान अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। शिविर में 29वीं वाहिनी आईटीबीपी के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पी.बी. सिंह के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने ग्रामीणों के पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया।शिविर में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भागीदारी निभाई।
पशु चिकित्सा टीम ने 23 गाय, 20 बकरी, 27 मुर्गियां एवं 2 श्वानों सहित कुल 72 पशुओं की जांच कर उनका उपचार किया। साथ ही पशुपालकों को आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण भी किया गया तथा पशुओं की देखभाल एवं रोगों की रोकथाम संबंधी उपयोगी जानकारी दी गई।नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी द्वारा संचालित माड़ मैत्री अभियान के माध्यम से अबूझमाड़ के दुर्गम इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याण से जुड़ी सेवाओं को भी ग्रामीणों तक पहुंचाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल से स्थानीय समुदाय और सुरक्षा बलों के बीच विश्वास एवं सहयोग का रिश्ता और मजबूत हो रहा है।शिविर के सफल आयोजन पर मंडाली गांव के ग्रामीणों ने नारायणपुर पुलिस एवं आईटीबीपी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी जनहितकारी गतिविधियां दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही हैं।
दल्लीराजहरा नगर में लगातार बढ़ रही आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर हिंदू सेना दल्ली राजहरा ने नगर पालिका परिषद को आवेदन सौंपकर कड़ी चेतावनी दी है। संगठन ने अध्यक्ष संगीता रजक मातृशक्ति नगर अध्यक्ष शंकर साहू ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ज्ञापन देकर 15 दिवस के भीतर कार्रवाई की मांग की है।आवेदन में कहा गया है कि नगर के मुख्य मार्गों, चौक चौराहों, बाजार क्षेत्रों और आवासीय इलाकों में बड़ी संख्या में आवारा मवेशी खुले रूप से विचरण कर रहे हैं। इससे आम नागरिकों, वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटना की स्थिति बन रही है।हिंदू सेना ने कहा कि सनातन धर्म में गौ माता का पूजनीय स्थान है, इसके बावजूद गौवंश खुले में भटकने को विवश है।
इससे उन्हें चोट लगने, दुर्घटना का शिकार होने और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में रहने का खतरा बना रहता है। मवेशियों के कारण नगर की स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।संगठन ने मांग की है कि नगर में घूम रहे आवारा मवेशियों को तत्काल सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान पर रखा जाए और मवेशियों को खुले में छोड़ने वाले पशु मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।हिंदू सेना ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिवस के भीतर ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो नगर पालिका कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी। इसकी प्रतिलिपि अनुविभागीय दंडाधिकारी को भी दी गई है।जिसमें मुख्य रूप से हिंदू सेना के जिला अध्यक्ष श्रीमती नंदा पसीने प्रदेश महामंत्री निलेश श्रीवास्तव नगर अध्यक्ष शंकर साहू नगर अध्यक्ष मात्र शक्ति संगीता रजक नगर महामंत्री पुष्पा शांडिल्य नगर पालिका परिषद एल्डरमेन महेंद्र पिपरे सर्व समाज अध्यक्ष श्रीमती पुरोबी वर्मा ,वरिष्ठ भाजपा नेत्री श्रीमती किरण सिन्हा पूर्व मंडल उपाध्यक्ष मंजीत कौर गिरधर सिन्हा, गोलू जायसवाल, सोनू मानिकपुरी उपस्थित थे
दल्लीराजहरा आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किशोरी बालिकाओं को जागरूक करने के साथ आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सिम्पा लौत्रे, हेमीन धनेंश्वरी, सहायिका किरण शिंदे, शारदा बंबेश्वर, शकुन सुखदेव तथा एएनएम सीमा तिवारी सहित पल्लवी साहू, हेमलता साहू और रोहित कतलाम उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में किशोरी बालिकाओं पीहू, माला घुड़सवार, सोनम रजक, विनीता निर्मलकर सहित अन्य बालिकाओं एवं प्यारे बच्चों की उपस्थिति रही। इस दौरान किशोरी बालिकाओं को पेड़-पौधों का वितरण किया गया। साथ ही पेंसिल एवं रबर भी वितरित किए गए।किशोरी बालिकाओं को एएनएम सीमा तिवारी के माध्यम से सैनिटरी पैड का वितरण किया गया। वहीं रबर कटर का वितरण पल्लवी मैडम द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरी बालिकाओं में स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
दबने नहीं देंगे जनता की आवाज, सड़क नहीं बनी तो करेंगे घेराव: मौर्य
भाजपा का विकास सिर्फ कागजी: जैन
जगदलपुर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने मोतीलाल नेहरू वार्ड नयापारा की बदहाल व हाता ग्राउंड से जिला न्यायालय तक अधूरी पड़ी सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने एवं आम जनता को हो रही समस्याओं से राहत दिलाने की मांग को लेकर चक्काजाम विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि नयापारा मार्ग का निर्माण कार्य लगभग छह माह पूर्व प्रारंभ हुआ था, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण अधूरा पड़ा है। सड़क पर जगह-जगह गिट्टियां उखड़ी हुई हैं, जिसके कारण वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को भारी परेशानी हो रही है।
तेज गति से गुजरने वाले वाहनों से गिट्टियां उछलकर राहगीरों को लग रही हैं और आए दिन दुर्घटनाओं की स्थिति निर्मित हो रही है। उन्होंने कहा कि सड़क की बदहाली के कारण स्थानीय रहवासी, दुकानदार, विद्यार्थी और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान हैं। लगातार उड़ने वाली धूल के कारण लोगों का सड़क किनारे रहना और व्यवसाय करना मुश्किल हो गया है। बारिश का मौसम अब समाप्ति की ओर है और इस मार्ग पर मुख्य रूप से डामरीकरण का कार्य ही शेष है, इसके बावजूद निर्माण को अनावश्यक रूप से लंबित रखा जाना समझ से परे है।इसी सड़क से गुजर रहे हैं लेकिन आँखो पर पट्टी बंधी हुई है केंद्र,राज्य और स्थानीय निकाय में भाजपा की सरकार होने के बावजूद विकास कार्यों की यह स्थिति ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के दावों की पोल खोल रही है।
शहर की बुनियादी सुविधाएं बदहाल हैं और जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। यहां के सांसद महेश कश्यप, विधायक किरण देव, महापौर संजय पांडे और वार्ड पार्षद की नाकामी का खामियाजा मोतीलाल नेहरू वार्ड के नागरिक भुगत रहे हैं। जनता ने जिन जनप्रतिनिधियों को अपनी समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी सौंपी, वही आज जनता की आवाज सुनने से बच रहे हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जब तक जर्जर सड़क का स्थायी समाधान और गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण नहीं किया जाता, तब तक जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस जनता के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।सुशील मौर्य ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व भी कुछ ही दिनों में प्रारंभ होने वाला है। इस दौरान बस्तर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक जगदलपुर पहुंचेंगे। नयापारा का यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। ऐसे समय में सड़क का अधूरा और जर्जर रहना न केवल आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनेगा, बल्कि जगदलपुर की यातायात व्यवस्था और शहर की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग का दायित्व है कि जनहित से जुड़े स्वीकृत निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जाए। लेकिन यहां स्थिति यह है कि महीनों से सड़क अधूरी पड़ी है और जिम्मेदार अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर चुप्पी साधे हुए हैं।
सुशील मौर्य ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र, राज्य और स्थानीय निकाय में भाजपा की सरकार होने के बावजूद शहर की बुनियादी सुविधाओं का यह हाल है। भाजपा जिस ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के नाम पर विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, उसकी वास्तविकता नयापारा की बदहाल सड़क खुद बयां कर रही है। जनता सड़क, नाली, सफाई और मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर है।उन्होंने कहा कि भाजपाई जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता का खामियाजा वार्ड की जनता भुगत रही है। जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाएं और उनका समाधान कराएं, लेकिन नयापारा की सड़क को लेकर उनकी उदासीनता साफ दिखाई दे रही है।सुशील मौर्य ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज को दबने नहीं देगी। यदि सड़क निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा नहीं किया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता वार्डवासियों के साथ मिलकर लोक निर्माण विभाग कार्यालय का घेराव करेंगे। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और उग्र एवं व्यापक किया जाएगा। कांग्रेस जनता के साथ खड़ी है और जनहित के मुद्दों पर पीछे हटने वाली नहीं है।
कागजी घोड़े दौड़ा रही भाजपा: रेखचंद जैन
इस अवसर पर पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि भाजपा सरकार विकास के नाम पर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन धरातल पर विकास की वास्तविकता नयापारा जैसी बदहाल सड़कों में दिखाई दे रही है। भाजपा का विकास केवल कागजों और विज्ञापनों तक सीमित रह गया है। शहर की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं से मुंह मोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र से लेकर राज्य और नगर निकाय तक भाजपा की सरकार होने के बावजूद यदि एक महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण छह महीने में पूरा नहीं हो पा रहा है, तो यह ट्रिपल इंजन सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जनता को विकास के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। रेखचंद जैन ने कहा कि बस्तर दशहरा जैसे ऐतिहासिक एवं विश्व प्रसिद्ध पर्व के दौरान देश-विदेश से लोग जगदलपुर पहुंचते हैं। ऐसे समय में शहर की प्रमुख सड़कों की बदहाली प्रशासन और सरकार की तैयारियों पर सवाल खड़ा करती है। उन्होंने मांग की कि नयापारा सड़क का निर्माण तत्काल पूरा कराया जाए और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की भी जांच की जाए।
यह लड़ाई जनता की: चौधरी
नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने कहा कि नयापारा की सड़क की स्थिति लंबे समय से जनता के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले नागरिकों को धूल, गड्ढों, बिखरी गिट्टियों और दुर्घटना के खतरे के बीच आवागमन करना पड़ रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदारों द्वारा समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। राजेश चौधरी ने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि वार्ड की जनता की मूलभूत समस्या को लेकर है। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी उमाशंकर शुक्ला, रामशंकर राव, गौरनाथ नाग, विक्रम सिंह डांगी, पूर्व सभापति कविता साहू, जिला उपाध्यक्ष अतिरिक्त शुक्ला, संकल्प दुबे, अनवर खान, उपनेता कोमल सेना, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, महामंत्री अभिषेक नायडू, प्रशांत जैन, अल्ताफ उल्ला खान, अनुराग महतो, नीतीश शर्मा, कोषाध्यक्ष रविशंकर तिवारी, ब्लॉक अध्यक्ष सूर्यापानी, बलराम यादव, अल्पसंख्यक अध्यक्ष रोजविन दास, व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष राजेंद्र पटवा, पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष शुभम यदु, विजेंद्र ठाकुर, मीडिया प्रभारी शादाब अहमद, मोहसिन खान, सलीम अली, आदर्श दलाई,ज्योति राव माही श्रीवास्तव, शहजाद, हेमंत, मनिता राऊत, पार्षद रामकृष्ण तिवारी, राकेश मौर, कमलेश पाठक, रवि श्रीवास सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं वार्डवासी उपस्थित रहे।
डौंडी भगवान श्रीराम का चरित्र सिखाता है कि हमें विकट से विकट परिस्थिति में भी अपने कर्तव्यों और मर्यादा का त्याग नहीं करना चाहिए। हर विषम परिस्थिति में हमें मर्यादित रहकर कर्मशील बने रहना चाहिए। उक्त बातें डौंडीलोहारा विधायक एवं पूर्व केबिनेट मंत्री अनिला भेंडिया ने ग्राम मंगलतराई व ग्राम आमाडूला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के आसंदी से कही।आदिवासी बाहुल्य विकासखंड डौंडी के वनांचल में स्थित ग्राम पंचायत मंगलतराई व ग्राम पंचायत आमाडूला में आयोजित रामायण प्रतियोगितामें क्षेत्रीय विधायक अनिला भेंडिया पहुंची थीं। जहां ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत व सम्मान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अनिला भेंडिया ने कहा कि रामायण हमें यह सिखाता है कि धर्म व सत्य के मार्ग पर चलने वाले की अंततः विजय होती है।
वहीं रामायण हमें हमेशा अपने माता पिता का सम्मान करना और उनके आदेश का पालन करना सिखाता है। इसी तरह रामायण हमें आपस में प्यार और पारिवारिक प्रेम का पाठ पढ़ाता है।विधायक अनिला भेंडिया ने ग्रामीणों का नवरात्रि व दशहरा पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए मातारानी से सभी के जीवन में खुशहाली एवं सुख शांति लाने और आपसी भाईचारे की भावना को प्रबल करने की कामना की। कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत मंगलतराई के ग्रामीणों ने विधायक को मांग पत्र सौपते हुए, जिस स्थल पर गांव मे रामायण व अन्य कार्यक्रम आयोजित होते हैं उक्त जगह पर सीसी रोड निर्माण की मांग की, जिस पर विधायक अनिला भेंडिया ने अपनी निधि से 10 लाख रुपए की घोषणा करते हुए, सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। वहीं ग्राम पंचायत आमाडूला के ग्रामीणों की मांग पर विधायक नें गांव में डोम शेड निर्माण की घोषणा करते हुए, उक्त कार्य का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रुप में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिवप्रसाद बारला, विधायक प्रतिनिधि पीयूष सोनी, जनपद सदस्य पुनीत राम सेन, जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कोमेश कोर्राम, जनपद पंचायत डौंडी की पूर्व अध्यक्ष बसंती दुग्गा, जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव कैलाश राजपूत सहित गांव के सरपंच, पंच व ग्रामीण जन उपस्थित थे।