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सुशासन के एक साल, लोक निर्माण विभाग-2 ने पूरे कर दिखाए सालभर में 15 निर्माण कार्य

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  • सड़कों के निर्माण से लोगों को हो रही बारहमासी आवागमन में सहूलियत 

जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन के एक साल की उपलब्धियों के तहत लोक निर्माण विभाग क्रमांक-02 बस्तर जगदलपुर द्वारा 15 विकास कार्य पूर्ण कर नागरिकों को आधारभूत संरचना की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

इन कार्यों में बजट में स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य में बस्तर के बोदरा से चैड़ीघाट मार्ग निर्माण लंबाई 4 किमी, भैसगांव ठोटीपारा से अलवाली मार्ग निर्माण 4 किमी, जिला नारायणपुर के तिरथा चैक (गुरिया चैक) से सुधापाल मार्ग निर्माण 3 किमी और सोरगांव से जामगांव मार्ग निर्माण पुल पुलिया सहित 5.50 किमी, बस्तर के गुनपुर, जाटनपाल, गुटीगुड़ा पारा मार्ग का पुल- पुलियों सहित निर्माण 2.80 किमी, बुड़गीभाटा से चीतापुर मार्ग लंबाई 7 किमी. पुल-पुलिया, राजपुर गुनपुर अलवाही मार्ग निर्माण लंबाई 5 किमी, दरभा से धुरवारास सड़क निर्माण लंबाई 2 किमी, कोयपाल से कलेपाल मार्ग निर्माण लंबाई 4 किमी, बस्तर के एनएच 16 से पटेलपारा मार्ग निर्माण लंबाई 3 किमी, देऊरगांव मांगरापाल मार्ग निर्माण लंबाई 5 किमी, फरसागुड़ा बेसोली मार्ग निर्माण लंबाई 2 किमी को पूरा किया गया। इन सड़कों और पुल-पुलियों के बन जाने से इलाके के लोगों को बारहमासी आवागमन में सहूलियत हो रही है। साथ ही उक्त क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य इत्यादि सुविधाओं के विस्तार को बढ़ावा मिला है। इसके अलावा बजट में स्वीकृत भवन निर्माण कार्य के तहत बस्तर नगर पंचायत बस्तर में नवीन विश्राम गृह भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जबकि जमा मद से स्वीकृत विकासखंड बस्तर के ऑडिटोरियम का नवीनीकरण एवं विस्तार का कार्य और भानपुरी में नवीन तहसील कार्यालय भवन के निर्माण को पूर्ण किया गया है।

पोटा केबिन हॉस्टल में छात्रा की भूख से मौत? मचा सियासी बवाल; रोका गया कांग्रेस की टीम को

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  • भूख से मौत होने का आरोप लगाते कांग्रेस ने जमकर मचाया हंगामा
  • मामला सुकमा के बाला टिकरा पोटाकेबिन का

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले में एक छात्रावासी छात्रा की मौत से सियासी तूफान खड़ा हो गया है। कांग्रेस का आरोप है की मासूम छात्रा की मौत भूख से हुई है। वहीं मामले को इस कदर गोपनीय रखा जा रहा है कि किसी के भी पोटा केबिन में जाने और वहां की अन्य छात्राओं से बात करने पर भी पाबंदी लगा दी है।

मामला सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड अंतर्गत बाला टिकरा के पोटा केबिन का है। वहां दूसरी कक्षा की आदिवासी छात्रा रौशनी नाग की रहस्यमय परिस्थितियों में हो गई। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया है। सुकमा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि छात्रा की मौत का कारण स्पष्ठ नहीं हो पाया है। बिसरा मेडिकल कालेज भेजा गया है। अब मेडिकल कॉलेज की रिर्पोट का इंतजार है। सुकमा जिले के बालाटिकरा पोटा केबिन में कक्षा दूसरी की छात्रा रोशनी नाग की अचानक मौत हो गई थी जिसके बाद राजनैतिक बवाल मच गया। विपक्षी दल कांग्रेस की जांच टीम को पुलिस ने पोटाकेबिन से पहले ही रोक दिया। इसके विरोध में कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता वहां करीब घंटे भर तक नारेबाजी करते रहे और कांग्रेस नेताओं ने पोटा केबिन प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। वही सीएमएसओ ने कहा कि पीएम के दौरान बच्ची के शरीर में किसी भी प्रकार की आंतरिक व बाहरी चोट नहीं पाई गई है। अब मेडिकल कालेज की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद ही मौत की वजह पता चल पाएगी। उधर कांग्रेस ने छात्रा की मौत को लेकर मोर्चा खोल दिया है।मंगलवार को छिंदगढ़ ब्लाक के बालाटिकरा स्थित कन्या पोटा केबिन में मामले की जांच के लिए जा रहे कांग्रेस पार्टी के जांच दल को पोटा केबिन से 20 मीटर पहले ही पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। वे लगातार नारेबाजी करते रहे। वही जांच कमेटी के संयोजक राजू राम नाग ने सवाल उठाया कि पोटा केबिन में जाने के लिए हमें क्यों रोका जा रहा है? इसका मतलब कुछ गड़बड़ है। व, हीं राजू साहू ने कहा कि आश्रम प्रबंधन की घोर लापरवाही है, हम लोगों को पता चला है कि बच्ची की मौत भूख के कारण हुई है। हमारी टीम सिर्फ छात्राओं से बातचीत करना चाहती थी, उसके बाद भी हमे रोका जा रहा है। प्रशासन ये सब राजनीतिक दबाव के चलते कर रहा है। क्योंकि पोटा केबिन की अधीक्षिका भाजपा नेता की पत्नी हैं और वे पोटा केबिन में रहती भी नहीं हैं। काफी देर तक हंगामा करने के बाद कांग्रेस जांच दल ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा और अधीक्षिका, डीएमसी तथा डीईओ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। ऐसा न होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान आयशा हुसैन, गीता कवासी, महादेव मुचाकी, समीर खान, राजेेश नारा, गुलाम मुर्तुजा, लखमा राम नाग मौजूद रहे।

वर्सन

सच छुपाने की कोशिश

में यहां की सरपंच हूं और महिला भी हूं मुझे पोटा केबिन में जाने नहीं दे रहे हैं। जबकि मैंने कहा कि सिर्फ छात्राओं से बातचीत करूंगी और वहां अध्यनरत छात्राओं की तबीयत कैसी है उसके बारे में जानना है। आखिर उपोटा केबिन में ऐसा क्या है जो हमे जाने नहीं दिया जा रहा है?

संजना नेगी,सरपंच छिंदगढ़ 

वर्सन

सिर में सूजन थी

रोशनी नाग की सुबह 5.30 बजे अचानक तबीयत खराब हुई उसे जब छिंददगढ़ अस्पताल लाया गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। जिला अस्पताल में दो डाक्टरों की टीम ने पीएम किया। किसी भी प्रकार चोट के निशान नहीं मिले हैं और न ही कोई और कारण दिखा। हां रोशनी के सिर पर हल्की सूजन जरूर थी। इसलिए हमने बेहतर जांच के लिए मेडिकल कालेज सैंपल भेज दिया है। 7 दिनों के भीतर रिर्पोट आ जाएगी। उसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

डॉ.कपिल कश्यप,  सीएमएचओ सुकमा

नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल को कांग्रेस ने दिया समर्थन

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  •  सरकार से सभी वर्ग है परेशान: रेखचंद जैन 

  जगदलपुर छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय कर्मचारी संघ के आह्वान पर 6 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने अपना समर्थन दिया।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि आप सभी कर्मचारियों के कारण ही हमारा शहर साफ सुथरा रहता है। आपकी बदौलत ही नगर निगम जगदलपुर को स्वछता में अच्छी रैंक मिलती है।आपकी मांगे पूर्णतः जायज हैं। साय सरकार को संज्ञान में लेते हुए आपकी मांगों को तत्काल पूरा करना चाहिए। कांग्रेस पार्टी हमेशा आपके साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ी है। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा, प्रदेश की साय सरकार और उनके नेताओं को आपकी सभी 6 सूत्रीय मांगों को गंभीरता से लेते हुए पूरी करनी चाहिए, किंतु सत्ता में बैठी हुई भाजपा सरकार सिर्फ कागजी लीपापोती तक सीमित है। आज कर्मचारी अधिकारी, किसान, युवा सहित प्रत्येक वर्ग इनसे परेशान हैं। कांग्रेस पार्टी आपके मांगो का समर्थन करते हुए आपके साथ खड़ी है। इस अवसर पर कविता साहू, राजेश राय, सहदेव नाग, लता निषाद, सूर्या पानी, सुशीला बघेल, दयाराम कश्यप, बी ललिता राव, महामंत्री ज़ाहिद हुसैन, महेश द्विवेदी, रोहित पाणिग्रही, सायमा अशरफ़, अफ़रोज़ बेगम, कर्मचारी संघ नगर पालिक निगम जगदलपुर अध्यक्ष जगदीश बघेल, कार्यकारी अध्यक्ष तेग बहादुर नेगी, संभागीय अध्यक्ष सुशील पांडेय आदि मौजूद रहे।

एक करोड़ के ईनामी नक्सली हिड़मा के घर में घुसे गृहमंत्री अमित शाह, सीएम साय और डिप्टी सीएम शर्मा

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  • नक्सल्स गढ़ में कदम रखने वाले पहले गृहमंत्री बन गए अमित शाह 
  • हिड़मा के गृहग्राम पूवर्ती के पड़ोसी गांव गुंडेम में पहुंच गए शाह 

अर्जुन झा

जगदलपुर जहां नक्सलियों की इजाजत के बिना एक परिंदा भी पर नहीं मार सकता और जो इलाका हिड़मा जैसे कई खतरनाक नक्सलियों का जन्मभूमि एवं कर्मभूमि है, वहां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छग के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा जा धमके। ऐसे खतरनाक इलाके में कदम रखने वाले देश के पहले गृहमंत्री बन गए हैं अमित शाह। वैसा ही जज्बा और हौसला हमारे छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा भी कई बार दिखा चुके हैं।

बस्तर प्रवास पर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नक्सल प्रभावित इलाके में जाने की योजना तो पहले से तय थी, लेकिन वे सीधे नक्सल नर्सरी में चले जाएंगे, ऐसा किसी ने नहीं सोचा था।बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले सर्वाधिक नक्सल प्रभावित हैं। उसमें भी सुकमा और बीजापुर के सरहदी इलाके तो और भी ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं। इसी सरहदी इलाके में स्थित है नक्सल नर्सरी पूवर्ती, जहां कुख्यात नक्सली हिड़मा सहित अन्य कई खतरनाक नक्सली पैदा हुए हैं। हिड़मा किस कदर खतरनाक है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उस पर पूरे एक करोड़ रुपए का ईनाम घोषित हो चुका है। इसी नक्सल नर्सरी में महज सात किलोमीटर दूर स्थित गांव गुंडम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार दोपहर पहुंचे थे। उनके साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा भी थे। धुर नक्सल प्रभावित गांव गुंडम में महुआ पेड़ के नीचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने खटिया पर बैठकर गुंडम के ग्रामीणों के साथ आत्मीय चर्चा की। उन्होंने शासन की सभी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया। अमित शाह ने ग्रामीणों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की पहल पर हमने नक्सल आतंक को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है, जिसका परिणाम है कि आज नक्सलवाद एक छोटे से दायरे में सिमट कर रह गया है। केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि नक्सल आतंक के भय से ग्रामीणों को मुक्त कराने के लिए बस्तर के विभिन्न स्थानों में सुरक्षा सुरक्षा बालों के कैंप स्थापित किए गए हैं। बस्तर अंचल में अमन और शांति का वातावरण स्थापित हो रहा है।

उन्होंने ग्रामीणों से ज्यादा से ज्यादा योजनाओं से जुड़ कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की। शाह ने ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपने बच्चों को स्कूल अवश्य भेंजे। आपके बच्चे पढ़ लिख लेंगे, शिक्षित हो जाएंगे और शिक्षा से ही समस्याओं का समाधान निकलेगा। अमित शाह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि गुंडम के नजदीक स्थापित कैंप में अस्पताल की सुविधा भी है जहां निशुल्क उपचार हेतु ग्रामीण निसंकोच होकर जाएं और झाड़-फूंक के भरोसे न रहें। उन्होंने ग्रामीणों को निशुल्क 35 किलो चांवल, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया और इनका लाभ लेने की अपील भी की। अमित शाह गांव की स्थित प्राथमिक शाला में भी जा पहुंचे। वहां बच्चों से पढ़ाई संबधी जानकारी ली और नियमित स्कूल आने के लिए बच्चों को प्रेरित किया। वहीं उन्होंने महिलाओं को भी शिक्षा के लाभ से अवगत कराया। गृहमंत्री अमित शाह ने ग्रामीणों हेतु जन सुविधा शिविर लगाकर आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज बनाने के निर्देश कलेक्टर को दिए। उन्होंने कहा कि शासन कि समस्त योजनाओं का लाभ लेने के लिए बैंक पासबुक अनिवार्य है। इसलिए सभी का बैंक पासबुक जरूरी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक वर्ष के भीतर गांव में सड़क, बिजली, स्कूल, अस्पताल, पेयजल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी।

विजय शर्मा भी दिखा चुके हैं हौसला

अमित शाह नकसल गढ़ में कदम रखने वाले देश के पहले गृहमंत्री बन गए हैं। इससे पहले किसी भी केंद्रीय गृहमंत्री ने ऐसा साहस नहीं दिखाया था। हालांकि तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साये में अमित शाह गुंडम पहुंचे थे, मगर हौसला भी अपनी जगह है। इसी तरह विष्णु देव साय और विजय शर्मा नक्सल गढ़ की जमीन पर कदम रखने वाले पहले मुख्यमंत्री और गृहमंत्री साबित हुए हैं। हालांकि विजय शर्मा इससे पहले भी पूवर्ती तथा बीजापुर के कुछ गांवों में जा चुके हैं। बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित आदिवासियों से उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के आत्मीय संबंध जग जाहिर हैं। श्री शर्मा ने इन आदिवासियों की पीड़ा को करीब से महसूस भी किया है। यही वजह है कि वे अपना पर्सनल फोन नंबर तक वहां के ग्रामीणों के साथ शेयर करने से नहीं चूकते और समय समय पर पीड़ित आदिवासियों से बात भी करते हैं। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की नेकदिली तब और सामने आई थी, जब नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आकर हाथ पैर गंवा बैठे आदिवासियों को कृत्रिम हाथ पैर शर्मा की पहल पर लगाए गए थे। वह पल बड़ा ही भावुक था, जब अपने कृत्रिम पैरों से चलकर लोग विजय शर्मा का आभार जताने उनके बंगले में पहुंचे थे।

बढ़ेगा जवानों का हौसला

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के धुर नक्सल प्रभावित गांव गुंडम में आना कई मायनों में लाभकारी होगा। सबसे पहली बात तो यह कि आम ग्रामीणों और आदिवासियों के मन में शासन प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ेगा और वे भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। दूसरी अहम बात यह है कि नक्सल मोर्चे पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के जवानों का हौसला भी बढ़ेगा और वे दोगुने उत्साह के साथ अपना मिशन पूरा करने में लग जाएंगे।

बीजापुर जिले के घोर नक्सलगढ़ गुडंम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लगाई ग्रामीणों की चौपाल

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  • जवानों से चर्चा कर‌ बढ़ाया हौसला, मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री भी साथ रहे
  • चौपाल में शाह ने युवाओं व ग्रामीणों से की खुलकर बातचीत 

 जगदलपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को दोपहर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के अति संवेदनशील क्षेत्र व नक्सलगढ़ गुंडम में पहुंचे। गृहमंत्री के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे।

    हेलीकॉप्टर से दोपहर 12 बजे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुडंम पहुंचे‌। जहां प्रदेश व जिले के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। हेलीपैड से सीधे सीआरपीएफ के 153 कैंप पहुंचे, जहां जवानों के साथ लंबी चर्चा करते हुए अमित शाह ने उनका हौसला बढ़ाया। जवानों के साथ चर्चा में गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में मिल रही सफलता पर जवानों की ऐसी कार्रवाई की प्रशंसा की। इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने पेड़ के नीचे खाट पर‌ बैठकर चौपाल लगाई। चौपाल में वे युवाओं और ग्रामीणों से रूबरू हुए। गृहमंत्री ने कहा कि नक्सलियों के कारण आपका इलाका विकास से दूर था। नक्सलियों ने इस क्षेत्र को अपने कब्जे में रखा था। अब कैंप स्थापित हो रहे‌ हैं, अब डरने की बात नहीं है। जवान आपकी सुरक्षा करेंगे तथा क्षेत्र में अब तेजी से विकास कार्य भी होगें। ग्रामीणों को बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल व राशन की सुविधाएं मिलने लगेंगी। शासन की समस्त योजनाओं का लाभ अब मिलने लगेगा। गृहमंत्री ने ग्रामीणों के लिए आवास की सुविधा भी एक साल में कराने की बात कही है।

गुंडम स्कूल में बच्चों से की बात

गृहमंत्री अमित शाह गुंडम की प्राथमिक शाला में पढ़ने वाले बच्चों से भी मिलकर बात की। गृहमंत्री ने बच्चों की नियमित उपस्थिति तथा दर्ज संख्या बढ़ाने के लिए महिला समूह को प्रोत्साहित करने की जरुरत बताई। गृहमंत्री अमित शाह के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, प्रदेश स्तर के अधिकारी, सीआरपीएफ डीजीपी, आईजी बस्तर, डीआईजी, कलेक्टर संबित मिश्रा, एसपी जितेंद्र यादव सहित जिला स्तर के अधिकारी मौजूद थे। केंद्रीय गृहमंत्री के गुंडम दौरे के मद्देनजर सीमावर्ती तेलंगाना व क्षेत्र के 10 किमी के एरिया में सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया था।

नक्सलियों का कोर एरिया

विदित हो कि गुंडम नक्सलियों का कोर क्षेत्र रहा है। यहां बीजापुर पुलिस द्वारा लगभग एक साल पहले कैंप स्थापित कर नक्सलियों के गढ़ में कब्जा किया गया है। सुरक्षा बलों की गतिविधियों के कारण यह क्षेत्र अब धीरे-धीरे विकास की राह पर है। कैंप स्थापित होने से ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध होने लगी हैं। सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने से लोगों आवागमन की‌ सुविधाएं भी मिलने लगी है।

प्रेशर आईईडी ब्लास्ट में ग्रामीण युवक की मौत

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जगदलपुर बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में इंद्रावती नदी के पार स्थित माड़ इलाके में नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से कोसलनार निवासी एक ग्रामीण युवक की मौत हो गई। बताया जाता है कि नक्सलियों ने फोर्स को नुकसान पहुंचाने की नीयत से यह आईईडी कोहकाबेड़ा की पहाड़ी पर प्लांट किया था। मिली जानकारी के मुताबिक दंतेवाड़ा के बारसूर थाना क्षेत्र के कोसलनार निवासी 35 वर्षीय मनारु अकाली बांस लेने के लिए कोहकाबेड़ा पहाड़ पर गया हुआ था। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी पर उसका पैर लग गया और से ब्लास्ट हो गया। इससे मनारू की मौके पर ही मौत हो गई।

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए नगरनार, खूंटपदर से लेकर जगदलपुर तक पदयात्रा करेगी कांग्रेस

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  • नगरनार प्लांट का निजीकरण करने आए थे अमित शाह: मौर्य
  • बस्तर के विकास से इनका लेनादेना नहीं: रेखचंद जैन 

जगदलपुर आज यहां राजीव भवन में प्रेसवार्ता कर पूर्व विधायक रेखचंद जैन और बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एवं राज्य की साय सरकार पर जमकर बरसे।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि ओलंपिक 2024 के समापन समारोह में शामिल होना तो एक बहाना था, असल में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह विनिवेशीकरण के नाम पर नगरनार इस्पात के निजीकरण की राह आसान करने बस्तर आए थे। डबल इंजन की भाजपा सरकार की नीतियों और निर्णयों के चलते विकास कार्य पूर्ण रूप से बाधित है। यहां के स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है।जगदलपुर से रायपुर विमान सेवा पुनःआरंभ करने को लेकर श्री मौर्य ने कहा छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर क्षेत्र का प्रमुख शहर जगदलपुर सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। फिलहाल यातायात की समस्याओं का सामना कर रहा है।जगदलपुर और रायपुर के बीच विमान सेवा बंद होने से न केवल स्थानीय जनता को कठिनाई हो रही है, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।जबकि छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के सुधार की बात करती हैं। इस महत्वपूर्ण रूट पर विमान सेवा फिर से शुरू करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि तत्काल इस विमान सेवा को पुनः प्रारंभ करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। श्री मौर्य ने कहा कि रावघाट रेल परियोजना से जगदलपुर तक रेल मार्ग लाने रावघाट रेल परियोजना छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था, लेकिन इसे जगदलपुर तक विस्तारित नहीं किया गया है। इससे बस्तर क्षेत्र का समग्र विकास प्रभावित हो रहा है। क्योंकि यह क्षेत्र व्यापारिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से अन्य प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ नहीं है।

हम सरकार से आग्रह करते हैं कि रावघाट रेल परियोजना को जल्द से जल्द जगदलपुर तक विस्तार दिया जाए। ताकि इस क्षेत्र को आवश्यक रेल कनेक्टिविटी प्राप्त हो और आर्थिक विकास को गति मिले। सुशील मौर्य ने कहा कि एनएमडीसी के नगरनार प्लांट का निजीकरण करने की योजना से न केवल सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे, बल्कि लाखों श्रमिकों और उनके परिवारों के भविष्य पर भी गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। नगरनार स्थित एनएमडीसी के इस्पात संयंत्र का निजीकरण राज्य और देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा नुकसान साबित हो सकता है। हम केंद्र सरकार से अपील करते हैं कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और एनएमडीसी को निजीकरण से बचाया जाए, ताकि श्रमिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और सार्वजनिक क्षेत्र की मजबूती बनी रहे। श्री मौर्य ने कहा कि बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में 22 एकड़ जमीन खूंटपदर में जमीन आबंटित की गई थी जिस पर एनएमडीसी की साफ प्रतिक्रिया आई थी कि हम अस्पताल नहीं बनाएंगे। एनएमडीसी ने वादा किया था कि आसपास हम बनायेंगे किंतु भारतीय जनता पार्टी की सरकार उस प्रोजेक्ट पर पूर्णतः ग्रहण लगा चुकी है। कुल मिलाकर यह सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गंभीर नहीं है। देश के प्रधानमंत्री मोदीजी जब 2015 में बस्तर दंतेवाड़ा आए थे तब उन्होंने कहा था रेल पटरी का कार्य 2020 तक पूरा हो जाएगा किंतु 2024 खत्म होने को है अभी तक रेल पटरी क्यों नहीं बिछी? जगदलपुर से रायपुर तक की विमान सेवा क्यों शुरू नहीं हो रही है? इस सरकार ने सिर्फ बस्तर के लोगों को छलने का ही कार्य किया है। इन सभी मुद्दों को लेकर हमारी कांग्रेस की टीम द्वारा बस्तर कलेक्टर बस्तर एसपी व जगदलपुर एसडीएम को ज्ञापन से अवगत कराया गया था कि इन सभी मुद्दों के निराकरण को लेकर हम अमित शाह से मिलकर उन्हें ज्ञापन देना चाहते हैं, परंतु विडंबना है कि जिला प्रशासन और भाजपा के नेता मंत्री नहीं चाहते कि बस्तर के विकास को लेकर विपक्षी दल अपनी राय रख सकें। अमित शाह सिर्फ राजनीतिक एजेंडे पर ही कार्य करने बस्तर आए थे।आगामी दिनों में कांग्रेस पार्टी खूंटपदर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की मांग व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नगरनार से खूंटपदर व खूंटपदर से लेकर जगदलपुर तक की विशाल पदयात्रा करेगी।

झूठ परोसना फितरत: जैन

पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा,भारतीय जनता पार्टी की साय सरकार व केंद्र की मोदी सरकार को बस्तर के विकास को लेकर सिर्फ बयानबाजी, कागजी लीपापोती करना जानती हैं।बस्तर के लोगों को गुमराह करना इनका का काम रह गया है। बस्तर की जो खनिज संपदा है, जिसके खनन का सही तरीके से उपयोग हो तो रोजगार के प्रयाप्त अवसर हमारे युवाओं को मिल सकते हैं, मगर प्रदेश कि साय सरकार व केंद्र की मोदी सरकार की नीति सिर्फ अपने उद्योगपति मित्रों को ही उपकृत करने की है। बस्तर की खनिज संपदा के निजीकरण करने का कार्य कर रही है। आज नगरनार की बात हो तो बड़ी बड़ी बातें इनके नेता मंत्री करते हैं कि रोजगार सृजन होंगे स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाएगा, मगर आज नगरनार स्टील प्लांट शुरू हो गया है कितने स्थानीय लोगों को रोजगार मिल गया? भूमि प्रभावित लोगों को नौकरी देना छोड़ उन्हें निकाला जा रहा है। बाहरी लोगों को पूरी प्राथमिकता से नौकरी दी जा रही है। बस्तरवासियों और बस्तर के युवाओं का सपना था कि प्लांट बनेगा तो रोजगार मिलेगा किन्तु आज तक किसी को रोजगार नहीं मिला है। इनके नेता व प्रधानमंत्री खुद कह गए थे कि रेल लाइन जल्द से जल्द बनेगी, मगर अब तक क्यों नहीं बनी? कुल मिलाकर इनके लिए बस्तर सिर्फ दोहन के लिए बना है। कांग्रेस पार्टी लगातार जनहित के मुद्दों को लेकर लड़ाई लड़ रही है। देश के गृहमंत्री बस्तर आकर कहते हैं कि नक्सलवाद खत्म हो रहा है, तो फिर इतनी हत्याएं कैसे हो रही हैं?ये सिर्फ झूठ परोस रहे हैं। कुल मिलाकर बाते बनाना और नक्सलवाद को आड़ बनाकर पूंजीपतीयो को लाभ पहुंचाना भाजपा सरकार का मुख्य एजेंडा है जिसका कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उदयनाथ जेम्स, वीरेंद्र साहनी, सहदेव नाग, जाहिद हुसैन, महेश द्विवेदी, निकेत झा, संतोष सेठिया, खिरमनी, संजय मसीह, रोहित पाणिग्रही, शादाब अहमद, खीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ का सरेंडर पॉलिसी मॉडल पूरे देश में किया जाएगा लागू: गृहमंत्री अमित शाह

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  • आत्मसमर्पित नक्सलियों से अमित शाह ने की जगदलपुर में मुलाकात 
  • डेयरी व्यवसाय से जुड़ेंगे नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीण
  •  मुख्यधारा में शामिल हुए छग, महाराष्ट्र, ओडिशा, आंध्र, तेलंगाना और असम के लोगों से की भेंट

जगदलपुर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार की शाम सर्किट हाऊस परिसर में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और असम के उन लोगों से मुलाकात की जो हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मुलाकात के बाद अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि 2019 में कश्मीर, उत्तर-पूर्व और नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र में देश के युवा हथियार लेकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे थे, हिंसा कर रहे थे और पूरे क्षेत्र को विकास से दूर रखते थे। उन्होंने कहा कि उस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ये तय किया गया था कि जो लोग हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें ये मौका दिया जाए।  शाह ने कहा कि 2019 से 2024 तक सिर्फ नॉर्थ ईस्ट में ही 9000 से अधिक लोगों ने हथियार छोड़कर सरेंडर किया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र में भी कई युवाओं ने सरेंडर किया है और अब भारत सरकार ऐसे लोगों और नक्सलवाद से पीड़ित लोगों के कल्याण के लिए समग्र योजना बना रही है। गृहमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में 15 हज़ार मकान बनाने को मंज़ूरी दी है। इसके साथ ही नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में हर परिवार को एक गाय या भैंस देकर डेयरी कोऑपरेटिव बनाने की शुरूआत भी की जा रही है।केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के बाद नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प लिया गया था। उन्होंने कहा कि हिंसा रास्ता नहीं है, बल्कि जिन लोगों ने हथियार उठा रखे हैं, उन्हें मेन स्ट्रीम में वापिस लाना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने सबसे अच्छी सरेंडर पॉलिसी बनाई है और इसे पूरे देश में रेप्लिकेट करके हथियार छोड़ने वाले युवाओं को समाज में पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।

लौट आएं अपनों के बीच

अमित शाह ने हिंसा में लिप्त युवाओं से अपील की कि वे हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में आ जाएं। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के बारे में बात करते हुए कहा कि बस्तर के होनहार बच्चे भारत का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि 2025 से 2036 के ओलंपिक तक बस्तर के बच्चों को पदक जीतने के योग्य बनाने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। श्री शाह ने कहा कि जब बस्तर की एक बच्ची 2036 के ओलंपिक में पदक जीतेगी, वो नक्सलवाद को एक मज़बूत जवाब और पूरी दुनिया को संदेश होगा कि हिंसा रास्ता नहीं है, बल्कि विकास रास्ता है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि अब बहुत कम क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि जो हिंसा में लिप्त हैं, वे भी हमारे अपने ही लोग हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के नागरिकों को स्कूल, दवाखाने, अस्पताल, मुफ्त अनाज, बिजली, शौचालय, पानी चाहिए और इन सभी सुविधाओं को आपके गांवों तक पहुंचाने की ज़िम्मेदारी छत्तीसगढ़ सरकार की है।

योजनाओं में बस्तर को महत्व

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं की सबसे पहली प्राथमिकता बस्तर है। उन्होंने कहा कि हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में आने वाले लोगों ने प्रधानमंत्री मोदीजी पर भरोसा किया है, उनका ये भरोसा टूटेगा नहीं और ऐसे लोगों को देखकर कई युवा हथियार छोड़कर विकास की यात्रा में शामिल होंगे।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अमर वाटिका में शहीदों जवानों को दी श्रद्धांजलि

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  • एक पेड़ शहीदों के नाम के तहत लगाया पीपल का पौधा
  • विजिटर बुक में शाह ने लिखा- शहादत के लिए देश जवानों का ऋणी रहेग
  •  मुख्यमंत्री ने जवानों की शहादत को किया नमन 

जगदलपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज जगदलपुर स्थित अमर शहीद वाटिका पहुंचकर अमर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अमर जवान स्तंभ पर पुष्प चक्र अर्पित कर नक्सल अभियान के दौरान शहीद हुए जवानों की शहादत को नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे।

इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह ने अमर वाटिका परिसर में शहीदों के नाम के शिलापट्ट का अवलोकन कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। श्री शाह ने एक पेड़ शहीदों के नाम (पोदला उरस्कना) अभियान अंतर्गत वृक्षारोपण किया। उन्होंने परिसर में पीपल का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी परिसर में शहीदों की स्मृति में रुद्राक्ष का पौधा लगाया। केंद्रीय गृह मंत्री ने विजिटर बुक में किए अपने विचार भी दर्ज किए।केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के उपरांत विजिटर बुक में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने सुरक्षाबल के जवानों की शहादत को नमन करते हुए लिखा कि देश सदैव उनका ऋणी रहेगा।

डिप्टी कलेक्टर की कार से मोटरसाइकिल सवार युवक की टक्कर,युवक की घटनास्थल पर मौत

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डौंडी और लिम्हाटोला के बीच कार और मोटरसाइकिल में हुई टक्कर बाइक सवार की घटनास्थल पर ही मौत हुई सूत्रों से जानकारी के अनुसार दोपहर 1.30 बजे के आस पास मोटरसाइकिल क्रमांक सी जी 19 बी ए 3841 सवार भानुप्रतापपुर की ओर से डौंडी की तरफ आ रहा था ।

वही डौंडी से अवारी की ओर जा रही कार से टक्कर होने से बाइक सवार की मौके पर मौत हो गई मृतक युवक बोगर गांव थाना भानुप्रतापपुर क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है मृतक का नाम अलखराम गौर उम्र 30 वर्ष है कार क्रमांक सी जी 24 टी 3967 पर डिप्टी कलेक्टर छत्तीसगढ़ शासन का बोर्ड लगा हुआ है मांगमौके पर पुलिस पहुंचकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए शव को भेज दिया गया है।

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