City Media - Page 329 of 1850 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 329

सुगमता से धान बेच पा रहे हैं किसान, प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से खरीदी

0
  • धान खरीदी की व्यवस्था से किसानों में है संतोष 

लोहंडीगुड़ा विकासखंड लोहंडीगुड़ा की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित धान उपार्जन केंद्र बडांजी के खरीदी केंद्रों में व्यवस्था तथा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं से सारे किसान खुश हैं।

इस संवाददाता ने ग्राउंड जीरो पर जाकर धान बेचने आए किसानों, धान का उठाव करने वालों एवं कांटा करने वाले हमलों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की। लैंपस के कर्मचारियों एवं पदाधिकारी मिठूराम बघेल ने बताया कि नवंबर महीने से धान खरीदी की शुरुआत हुई है। किसानों द्वारा सर्वप्रथम टोकन कटवाया जा रहा है। तत्पश्चात पांच से सात दिन के भीतर वह अपनी धन को उपार्जन केंद्र बडांजी तक पहुंचा रहे हैं। किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो इसलिए इस बार शासन के आदेश के बाद बारदाने की कमी ना हो, एवं इस वर्ष से इलेक्ट्रॉनिक कांटा से तौल कर खरीदी की जा रही है। समिति की ओर से हमाल की व्यवस्था भी की गई है, जिनका भुगतान समिति द्वारा हमलों को पांच रुपए प्रति बोरा के मान से किया जा रहा है किसानों से अनावरी रिपोर्ट के आधार पर 21 क्विंटल धान प्रति एकड़ के मान से खरीदा जा रहा है। साथ ही साथ धान उपार्जन केंद्र में किसानों के लिए पीने हेतु पानी एवं बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

बॉलीबाल में मारेंगा के खिलाड़ियों ने दिखाया दम, कोपागुड़ा दूसरे नंबर पर

0
  • विश्व हिंदू परिषद् बजरंग दल ने किया आयोजन 

जगदलपुर बस्तर जिले के नगरनार प्रखंड अंतर्गत ग्राम माड़पाल में विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा आयोजित दिवंगत बॉलीबाल खिलाड़ी गणेश यादव स्मृति बॉलीबाल प्रतियोगिता में मारेंगा की टीम विजेता रही और दूसरे नंबर पर कोपागुड़ा की टीम रही।

विहिप बजरंग दल के जिला अध्यक्ष हरि साहू ने बताया कि बालीवाल प्रतियोगिता पूर्व बालीबाल खिलाड़ी स्व. गणेश यादव की स्मृति में आयोजित की गई थी। इसमें कुल 16 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर मारेंगा टीम, दूसरे स्थान पर कोपागुड़ा रही। प्रथम पुरस्कार 25 हजार और द्वितीय पुरस्कार 15 हजार रुपए के साथ ट्रॉफी दी गई। इस आयोजन में जिला अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद हरि साहू, लेम्पस अध्यक्ष जयराम नाग, प्रखंड अध्यक्ष कैलाश ठाकुर, सरपंच गरावंड महादेव बघेल, मुरली दास, तुलसी नाग, नंदू कश्यप, टीएल चालकी, भानु पटेल, रमेश कश्यप, महेश्वर, फरसु सहारे, कमल किशोर, मनीष चालकी, संपत कश्यप, बलिराम दास, आयोजनकर्ता धनपति बाज, राजेंद्र नाग, महेश्वर, महादेव बाकडे, महेश मानिकपुरी, अजय, विनोद, धीरज, तनसिंह, गोपी, राजू, संदीप, रोहित,करण, देवेंद्र, संपत, संजोग, विशाल, संजू, कुणाल सहित ग्राम के वरिष्ठजन उपस्थित थे।

संवैधानिक ताकतों का गलत इस्तेमाल कर संविधान के साथ खिलवाड़ कर रही है भाजपा: मोहन मरकाम

0
  •  संविधान और आरक्षण के को बचाने की लड़ाई लड़ रही है कांग्रेस: रेखचंद जैन

जगदलपुर आज बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर द्वारा संविधान रक्षक अभियान के तहत कार्यक्रम प्रभारी मोहन मरकाम व सह प्रभारी पूर्व विधायक रेखचंद जैन के नेतृत्व में शहर के कुम्हार पारा फिरता बाजार चौंक से संविधान रक्षक अभियान रैली का आयोजन किया गया। रैली में शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य उपस्थित थे।

यह रैली गुरूघासी वार्ड, अब्दुल कलाम वार्ड, श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड, संतोषी वार्ड वार्ड से होती हुई पुनः फिरता बाजार पहुंची। जहां सभा हुई। संविधान रक्षक अभियान कार्यक्रम के प्रभारी व पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने सभा में कहा कि भाजपा की नफरत में डूबी बयानबाजी भारत के सामाजिक तानेबाने के लिए एक गंभीर खतरा है। इस नफरत का एकमात्र विकल्प हमारे संविधान में निहित संदेश है।यह एक ऐसा विचार है, जो भारत के नागरिकों को परस्पर सम्मान, प्रेम और उत्थान के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता के आधार पर एकजुट करता है। किंतु भाजपा सरकार संवैधानिक ताकतों का गलत इस्तेमाल कर संविधान के साथ खिलवाड़ कर रही है। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने बीजेपी की विचारधारा पर निशाना साधते हुए कहा आज हमें संविधान की रक्षा की जरूरत पड़ रही है। राहुल गांधी संविधान की किताब लेकर देशभर में घूम रहे हैं। हमारे पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी लाल बहादुर शास्त्री ने जो भी काम किए हैं. वर्तमान सरकार इन्हें और भी रसातल में ले जाने का काम कर रही है। यह हमसे 70 साल के कामकाज का हिसाब मांगते हैं. पहले ये बताएं कि 10 साल में इन्होंने क्या किया है? देश में दो विचारधाराएं हैं। एक जो संविधान की रक्षा करती है और समानता व एकता की बात करती है, जोड़ने की बात करती है। दूसरी विचारधारा संविधान को नष्ट करने की काम कर रही है, संविधान को कमजोर बनाने के लिए सतत प्रयत्नशील है। सुशील मौर्य ने भाजपा और आरएसएस पर संविधान को कमजोर करने तथा आजादी के इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया। बीजेपी के नेता स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस के किसी भी नेता की भूमिका साबित करें। भाजपा शासन में अपराध और नशे का कारोबार बढ़ रहा है। संविधान विरोधी ताकतें संविधान की मूल भावना से एक दशक से खेलने का प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस का संघर्ष ऐसी ताकतों के विरुद्ध लगातार जारी है। इस दौरान जतिन जायसवाल, सुभाष गुलाटी, अतिरिक्त शुक्ला, अंगद प्रसाद, हनुमान द्विवेदी, गौरनाथ नाग, अनवर खान, सुखराम नाग, अफरोज बेगम, विजय बड़ाई, विजय सिंह, ज़ाहिद हुसैन, राजेश चौधरी, कैलाश नाग, राजेश राय, सूर्या पानी, विक्रम डांगी, पंचराज सिंह, कमलेश पाठक, सुशीला बघेल, कोमल सेना, ललिता राव, असीम सुता, सुषमा दास, संदीप दास, विक्रांत सिंह, अंकित सिंह, अयाज़ खान, सलीम जाफ़र अली, ज्योति राव, उस्मान रज़ा, सायमा अशरफ़ शादाब आदि मौजूद रहे।

आदिवासी मुख्यमंत्री के कदमों में गुहार लगाते फिर रहे हैं आदिवासी बीएड डिग्री वाले आदिवासी शिक्षक

0
  • कोर्ट के फैसले से बन आई है शिक्षकों की नौकरी पर

अर्जुन झा

जगदलपुर यह कैसी विडंबना है कि जिस छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री आदिवासी हैं और जहां शिक्षक पद पर भर्ती के लिए बीएड की योग्यता अनिवार्य कर दी गई है, उसी राज्य में बीएड डिग्रीधारी आदिवासी सहायक शिक्षक अपनी नौकरी बचाने की गुहार लगाते आदिवासी मुख्यमंत्री के पीछे पीछे भटक रहे हैं।

प्रदेश के तीन हजार से अधिक बीएड डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने बेचैन कर रखा है, उन्हें अपनी नौकरी जाने का डर सता रहा है। इन बीएड सहायक शिक्षकों में अधिकांश आदिवासी समुदाय से हैं। विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के पास लगातार गुहार लगाते आ रहे ये शिक्षक लगातार मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ दिन पहले बस्तर संभाग के बीएड सहायक शिक्षकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिलकर उन्हें अपनी पीड़ा सुनाई थी। इसके बाद 9 दिसंबर को बड़ा बाजार चिरमिरी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रवास के दौरान कोरिया और मनेन्द्रगढ़, चिरमरी- भरतपुर जिलों के बीएड डिग्री वाले सहायक शिक्षकों ने अपनी नौकरी बचाने के लिए उन्हें ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने अपनी सेवाएं सुरक्षित रखने और उच्च कक्षाओं में समायोजन की मांग रखते हुए अपनी समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा।शिक्षकों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के हालिया फैसलों ने उनकी नौकरी पर संकट खड़ा कर दिया है, जिससे लगभग 1500 से अधिक आदिवासी सहित लभगभ 3000 बीएड उपाधि धारक सहायक शिक्षकों का भविष्य गंभीर सकंट में आ गया है। इस फैसले से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और परिवारों पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।शिक्षकों ने अपनी सेवाओं को बचाने और न्यायपूर्ण समाधान के लिए मुख्यमंत्री जी से हस्तक्षेप करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि सरकार उनकी नौकरी बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और क्षेत्रीय सांसद एवं विधायक भी उपस्थित रहे। शिक्षकों ने कहा कि उनकी नौकरी समाप्त हो जाने पर न केवल उनका व्यक्तिगत नुकसान होगा, बल्कि यह आदिवासी समाज के बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार कर रही है और जल्द ही समाधान का प्रयास करेगी। यह कदम आदिवासी समाज में शिक्षा और रोजगार के प्रति विश्वास को बनाए रखने में सहायक होगा।

नगर पंचायत में अटल परिसर व नाली निर्माण के लिए राशि स्वीकृत नगर पंचायत अध्यक्ष ने नगरी प्रशासन मंत्री का जताया आभार

0

नगरी प्रशासन विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नगर पंचायत डौंडीलोहारा को अटल परिसर निर्माण के लिए 20 लाख की राशि और वार्ड क्रमांक 6 में नाली निर्माण के लिए 8 . 65 लाख की राशि स्वीकृत होने पर लोकेश्वरी गोपी साहू अध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा के साथ-साथ प्रेसिडेंट इन काउंसलिंग सदस्य उपाध्यक्ष विद्या शर्मा सभापति अनीता साहू ममता शर्मा झुमुक लाल कोसमा अशोक चनाप और सभी पार्षद साथी माया ठाकुर सुभद्रा टांडेकर रहीमत कोषमा दसोदा भूआर्य मनी बघेल शोभा राजपूत नारायण सिंन्हा ने छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं नगरी प्रशासन मंत्री माननीय अरुण साव जी का जताया आभार और धन्यवाद ज्ञापित किये नगर पंचायत अध्यक्ष लोकेश्वरी गोपी साहू ने जन मानस को अवगत कराते हुए कहा की छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री माननीय अरुण साव द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान सम्माननीय भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी भूतपूर्व प्रधानमंत्री वाजपेई जीके स्मृति में छत्तीसगढ़ के सभी नगर निगम नगर पालिका और नगर पंचायतों में घोषणा किए थे उसी के परिपालन में नगर पंचायत को 20 लाख की राशि की स्वीकृति प्राप्त हुई है साथ ही साथ वार्ड क्रमांक 6 के वार्ड वासियों और वार्ड क्रमांक 6 के पार्षद माया जयेश ठाकुर की बहु प्रतीक्षित मांग और उनके प्रयास एवं प्रेसिडेंट इन काउंसलिंग के प्रस्ताव के स्वीकृति अनुरूप नगरी प्रशासन विभाग द्वारा 8 , 65 लाख की स्वीकृति प्राप्त हुई है यह नाली निर्माण वार्ड क्रमांक 6 में सोसाइटी दुकान से खम्भन पांडे घर तक नाली का निर्माण कराया जाना है जिसका मुख्य नगर पालिका अधिकारी अशोक चौबे और उप अभियंता को नगरी निकाय चुनाव आचार संहिता को ध्यान में रखते हुएअति शीघ्र उक्त दोनों निर्माण कार्यों के लिए निविदा जारी करने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही साथ सभी सम्माननीय पार्षदों को अपने वार्डों में पार्षद निधि से कार्य करने के लिए अनुशंसा पत्र देने के लिए अपील की गई है ताकि नगर के समस्त वार्ड में सभी पार्षद आम जनता के अनुरूप निर्माण कार्य /खरीदी कार्य की स्वीकृति देकर आम नागरिकों को आसानी से मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराई जा सके आम नागरिकों के हित को ध्यान में रखते हुए अनुशंसा देने की बात कही गई है🙏🏻

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को उनके आने से पहले ही फोर्स ने दे दिया बड़ा तोहफा, फिर मार गिराए 7 नक्सली

0
  • अबूझमाड़ इलाके में 4 जिलों की फोर्स ने चलाया बड़ा आपरेशन
  • बस्तर प्रवास पर आ रहे हैं केंद्रीय गृहमंत्री शाह 

अर्जुन झा

जगदलपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर आने से पहले ही फोर्स ने उन्हें बड़ा तोहफा दे दिया है। नक्सलियों के लिए सबसे सुरक्षित ठिकाना माने वाले अनबुझे और दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में फोर्स ने सात नक्सलियों को मार गिराया है। हालांकि मारे गए नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है, मगर उनके टॉप लीडर होने की संभावना जताई गई है।

केंद्रीय गृहमंत्री छत्तीसगढ़ समेत देश के राज्यों को नक्सलवाद एवं आतंकवाद मुक्त बनाने कृत संकल्पित हैं। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में बड़े पैमाने पर केंद्रीय सुरक्षा बलों और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने राज्य की पुलिस के साथ ही दूसरे सुरक्षा बलों की बड़े पैमाने पर तैनाती करवा रखी है। केंद्र और राज्य के सुरक्षा बल साझा रणनीति तथा बेहतर तालमेल के साथ एंटी नक्सल ऑपरेशन चलाकर नक्सली किले को ढहाते जा रहे हैं। अभियानों में सुरक्षा बलों को उम्मीद से कहीं ज्यादा कामयाबी मिल रही है। इस साल अब तक जितने नक्सली मारे गए हैं, उतने छत्तीसगढ़ के नक्सल इतिहास में पहले कभी नहीं मारे गए थे, उल्टे नक्सली ही जवानों की लाशें बिछाते रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के बुलंद हौसलों ने नक्सलियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। अमित शाह ने मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने का टास्क राज्य के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री एवं फोर्स को देखा रखा है। इस टास्क को पूरा करने की दिशा में छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस बीच खबर है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 15 दिसंबर को बस्तर दौरे पर आने वाले हैं।उनके बस्तर प्रवास के ठीक पहले गुरुवार को फोर्स ने अबूझमाड़ इलाके में हुई मुठभेड़ में 7 नक्सलियों को मार गिराया है। दो दिन पहले 10 दिसंबर को नक्सल विरोधी सर्च अभियान पर नारायणपुर, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, कोंडागांव जिले की डीआरजी के साथ एसटीएफ व सीआरपीएफ की संयुक्त पार्टी दक्षिण अबूझमाड़ क्षेत्र रवाना हुई थी। गुरुवार यानि आज 12 दिसंबर को तड़के 3 बजे संयुक्त सुरक्षा बलों की टीम और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई, जिसमें 7 नक्सली मारे गए। उनके शवों के साथ अत्याधुनिक हथियार भी जवानों ने बरामद किए हैं। दंतेवाड़ा एसपी गौरव रामप्रवेश राय के मुताबिक इलाके की सर्चिंग जारी है। अब तक 7 वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं, जिनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है, लेकिन उनके पास मिले घातक अत्याधुनिक हथियारों से मृतकों के बड़े नक्सली कैडर होने का अनुमान लगाया जा रहा है। एसपी ने बताता कि मुठभेड़ एवं सर्च अभियान जारी है। विस्तृत जानकारी अभियान पूरा होने के बाद ही दी जा सकती है। फोर्स की यह बड़ी उपलब्धि है। फोर्स ने अमित शाह को उनके बस्तर आने से पहले ही बड़ा तोहफा दे दिया है। अबूझमाड़ क्षेत्र नक्सलियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता है।. बड़े नक्सली लीडर यहीं छुपकर रहते हैं और वहीं से पूरे बस्तर संभाग में फैले नक्सलियों को कमांड करते रहते हैं। यहां तक कि महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, मध्यप्रदेश के भी टॉप नक्सली लीडर अबूझमाड़ में ही पनाह लेते हैं।

दूध तो गया, दुहना भी फूटा, मलाई खा रहे बाहरी लोग, स्थानीय हकदार हड़ताल करने मजबूर

0
  • जमीन ले ली, नौकरी देने का वादा नहीं निभाया
  • भूमि प्रभावित लोगों को नगरनार प्लांट में नौकरी नहीं दी एनएमडीसी ने

अर्जुन झा

नगरनार एक कहावत है – दूधो जाए, दुहना भी गयो। यानि पूरा दूध तो गिरा ही, दूध का बर्तन भी टूटकर हाथ से निकल गया। कुछ यही हाल नगरनार और आसपास के लगभग दर्जन भर गांवों के ग्रामीणों का हो गया है। बेचारे ग्रामीणों को दूध तो मिला नहीं, उनके जीने का सहारा जो खेत रूपी बर्तन थे, वे भी हाथ से निकल चुके हैं और मलाई बाहरी लोग खा रहे हैं। अब स्थानीय ग्रामीण बेचारे हाथ मलने के सिवा कुछ नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें अपने हक के लिए अनशन करना पड़ रहा है।

हम बात कर रहे हैं नगरनार में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम यानि एनएमडीसी द्वारा स्थापित इस्पात संयंत्र की। मसला इस्पात संयंत्र में स्थानीय लोगों को नौकरी से जुड़ा हुआ है। नगरनार में इस्पात संयंत्र स्थापना के लिए नगरनार समेत आसपास की दर्जन भर ग्राम पंचायतों की कृषि और गैर कृषि भूमि अधिग्रहित की गई है। भूमि अधिग्रहण के दौरान प्रशासन, एनएमडीसी और ग्राम पंचायतों के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ था। समझौते के अनुसार हर भूमि प्रभावित परिवार के सदस्यों को इस्पात संयंत्र में नौकरी देने, क्षेत्र के ग्रामीणों को अच्छी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल खोलने और स्थानीय बच्चों की उत्कृष्ट शिक्षा के लिए स्कूल खोलने, संयंत्र में माल परिवहन का काम स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को देने समेत कई मुद्दे थे। एनएमडीसी समझौते के ज्यादातर मुद्दों से मुकर गया है। स्थानीय लोगों को रोजगार देने के बजाय बाहरी लोगों को नौकरियां दी जा रही हैं। ट्रांसपोर्टिंग का मसला लंबे समय तक लटका रहा, जो कुछ दिनों पहले ले देकर सुलझा है, मगर इसमें भी संशय नजर आ रहा है। प्रबंधन ने स्कूल, अस्पताल खोले ही नहीं। उल्टे संयंत्र के प्रदूषण से लोग बीमार हो रहे हैं, ध्वनि प्रदूषण से सरकारी स्कूल में पढ़ाई नहीं हो पा रही है और संयंत्र से निकलने वाले केमिकल युक्त वेस्टेज का समुचित निपटान न कर खुले में बहा दिए जाने से खेत बंजर हो रहे हैं और निस्तारी तालाब का पानी प्रदूषित हो रहा है। ग्रामीणों ने सोचा था अपने गांव में भर भर कर दूध देने वाली गाय आ रही है, सभी को पर्याप्त दूध मिलेगा। गाय तो आ गई, मगर उसने ऎसी दुलत्ती मारी कि ग्रामीणों के अरमानों का पूरा दूध बह गया उनका खेत रूपी दुहना हाथ से निकल गया। मलाई बाहरी लोग खा रहे हैं। कई वर्ष बीत जाने के बाद भी एनएमडीसी ने कई प्रभावित परिवारों के युवाओं को अब तक नौकरी नहीं दी है। प्रबंधन उन्हें बार बार गुमराह कर रहा है, जिला प्रशासन भी ध्यान नहीं दे रहा है। नौकरी के लिए कई दिनों से पीड़ित परिवारों के लोग इस्पात संयंत्र से कुछ दूर पंडाल लगाकर आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही है, मगर उनकी चिंता किसी को नहीं है। अनशन पर योगिता बाला प्रकाश, फूलमती बघेल, अन्नपूर्णा पटनायक और अरुणा पटनायक लगातार डटी हैं। उनका कहना है कि एनएमडीसी प्रबंधन ने हमसे छल किया है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को उनके आने से पहले ही फोर्स ने दे दिया बड़ा तोहफा, फिर मार गिराए 7 नक्सली

0
  • अबूझमाड़ इलाके में 4 जिलों की फोर्स ने चलाया बड़ा आपरेशन
  • बस्तर प्रवास पर आ रहे हैं केंद्रीय गृहमंत्री शाह 

अर्जुन झा

जगदलपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर आने से पहले ही फोर्स ने उन्हें बड़ा तोहफा दे दिया है। नक्सलियों के लिए सबसे सुरक्षित ठिकाना माने वाले अनबुझे और दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में फोर्स ने सात नक्सलियों को मार गिराया है। हालांकि मारे गए नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है, मगर उनके टॉप लीडर होने की संभावना जताई गई है।

केंद्रीय गृहमंत्री छत्तीसगढ़ समेत देश के राज्यों को नक्सलवाद एवं आतंकवाद मुक्त बनाने कृत संकल्पित हैं। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में बड़े पैमाने पर केंद्रीय सुरक्षा बलों और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने राज्य की पुलिस के साथ ही दूसरे सुरक्षा बलों की बड़े पैमाने पर तैनाती करवा रखी है। केंद्र और राज्य के सुरक्षा बल साझा रणनीति तथा बेहतर तालमेल के साथ एंटी नक्सल ऑपरेशन चलाकर नक्सली किले को ढहाते जा रहे हैं। अभियानों में सुरक्षा बलों को उम्मीद से कहीं ज्यादा कामयाबी मिल रही है। इस साल अब तक जितने नक्सली मारे गए हैं, उतने छत्तीसगढ़ के नक्सल इतिहास में पहले कभी नहीं मारे गए थे, उल्टे नक्सली ही जवानों की लाशें बिछाते रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के बुलंद हौसलों ने नक्सलियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। अमित शाह ने मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने का टास्क राज्य के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री एवं फोर्स को देखा रखा है। इस टास्क को पूरा करने की दिशा में छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस बीच खबर है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 15 दिसंबर को बस्तर दौरे पर आने वाले हैं।उनके बस्तर प्रवास के ठीक पहले गुरुवार को फोर्स ने अबूझमाड़ इलाके में हुई मुठभेड़ में 7 नक्सलियों को मार गिराया है। दो दिन पहले 10 दिसंबर को नक्सल विरोधी सर्च अभियान पर नारायणपुर, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, कोंडागांव जिले की डीआरजी के साथ एसटीएफ व सीआरपीएफ की संयुक्त पार्टी दक्षिण अबूझमाड़ क्षेत्र रवाना हुई थी। गुरुवार यानि आज 12 दिसंबर को तड़के 3 बजे संयुक्त सुरक्षा बलों की टीम और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई, जिसमें 7 नक्सली मारे गए। उनके शवों के साथ अत्याधुनिक हथियार भी जवानों ने बरामद किए हैं। दंतेवाड़ा एसपी गौरव रामप्रवेश राय के मुताबिक इलाके की सर्चिंग जारी है। अब तक 7 वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं, जिनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है, लेकिन उनके पास मिले घातक अत्याधुनिक हथियारों से मृतकों के बड़े नक्सली कैडर होने का अनुमान लगाया जा रहा है। एसपी ने बताता कि मुठभेड़ एवं सर्च अभियान जारी है। विस्तृत जानकारी अभियान पूरा होने के बाद ही दी जा सकती है। फोर्स की यह बड़ी उपलब्धि है। फोर्स ने अमित शाह को उनके बस्तर आने से पहले ही बड़ा तोहफा दे दिया है। अबूझमाड़ क्षेत्र नक्सलियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता है।. बड़े नक्सली लीडर यहीं छुपकर रहते हैं और वहीं से पूरे बस्तर संभाग में फैले नक्सलियों को कमांड करते रहते हैं। यहां तक कि महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, मध्यप्रदेश के भी टॉप नक्सली लीडर अबूझमाड़ में ही पनाह लेते हैं।

आदिवासी मुख्यमंत्री के कदमों में गुहार लगाते फिर रहे हैं आदिवासी बीएड डिग्री वाले आदिवासी शिक्षक

0
  • कोर्ट के फैसले से बन आई है शिक्षकों की नौकरी पर

अर्जुन झा-

जगदलपुर यह कैसी विडंबना है कि जिस छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री आदिवासी हैं और जहां शिक्षक पद पर भर्ती के लिए बीएड की योग्यता अनिवार्य कर दी गई है, उसी राज्य में बीएड डिग्रीधारी आदिवासी सहायक शिक्षक अपनी नौकरी बचाने की गुहार लगाते आदिवासी मुख्यमंत्री के पीछे पीछे भटक रहे हैं।

प्रदेश के तीन हजार से अधिक बीएड डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने बेचैन कर रखा है, उन्हें अपनी नौकरी जाने का डर सता रहा है। इन बीएड सहायक शिक्षकों में अधिकांश आदिवासी समुदाय से हैं। विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के पास लगातार गुहार लगाते आ रहे ये शिक्षक लगातार मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ दिन पहले बस्तर संभाग के बीएड सहायक शिक्षकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिलकर उन्हें अपनी पीड़ा सुनाई थी। इसके बाद 9 दिसंबर को बड़ा बाजार चिरमिरी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रवास के दौरान कोरिया और मनेन्द्रगढ़, चिरमरी- भरतपुर जिलों के बीएड डिग्री वाले सहायक शिक्षकों ने अपनी नौकरी बचाने के लिए उन्हें ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने अपनी सेवाएं सुरक्षित रखने और उच्च कक्षाओं में समायोजन की मांग रखते हुए अपनी समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा।शिक्षकों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के हालिया फैसलों ने उनकी नौकरी पर संकट खड़ा कर दिया है, जिससे लगभग 1500 से अधिक आदिवासी सहित लभगभ 3000 बीएड उपाधि धारक सहायक शिक्षकों का भविष्य गंभीर सकंट में आ गया है। इस फैसले से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और परिवारों पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।शिक्षकों ने अपनी सेवाओं को बचाने और न्यायपूर्ण समाधान के लिए मुख्यमंत्री जी से हस्तक्षेप करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि सरकार उनकी नौकरी बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और क्षेत्रीय सांसद एवं विधायक भी उपस्थित रहे। शिक्षकों ने कहा कि उनकी नौकरी समाप्त हो जाने पर न केवल उनका व्यक्तिगत नुकसान होगा, बल्कि यह आदिवासी समाज के बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार कर रही है और जल्द ही समाधान का प्रयास करेगी। यह कदम आदिवासी समाज में शिक्षा और रोजगार के प्रति विश्वास को बनाए रखने में सहायक होगा।

रतेंगा गांव में ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

0
  • 448 ग्रामीणों का किया गया शिविर में उपचार 

जगदलपुर छत्तीसगढ़ शासन और जिला आयुष अधिकारी डॉ. मोहिनीश साहू के निर्देशानुसार बस्तर विकासखंड के पहुंच विहीन सुदूर ग्राम रतेंगा के बाजार स्थल पर विकासखंड आयुष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उदघाटन जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनीराम कश्यप, जनपद पंचायत अध्यक्ष टिकेश्वरी मंडावी, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दीवान, जनपद सदस्य, नीलबती कश्यप, रतेंगा सरपंच शांतिबाई कश्यप भाजपा मंडल अध्यक्ष संतोष बघेल, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष भारती बघेल एवं जिला आयुष अधिकारी डां. मोहिनीश साहू द्वारा भगवान धन्वंतरि के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। शिविर मे प्रातः आयुष्मान आरोग्य मंदिर कुंगारपाल के योग प्रशिक्षक अनिता साहू द्वारा 156 विद्यार्थियों को योग प्राणायाम कराया गया। उसके पश्चात ग्रामवासियों का प्रकृति परीक्षण, आयुष्मान कार्ड निर्माण, गर्भवती माताओं की स्वास्थ्य जांच एवं अन्य बीमारियों की जांच कर निःशुल्क दवाएं यां प्रदान की गई। शिविर में अधिकतर वात रोग सर्दी खांसी, अम्लपित्त, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह के रोगी पाए गए। शिविर में रक्त परीक्षण नेत्र जांच आदि की सुविधा रही। कुल 448 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया 220 लोगों को निःशुल्क काढा वितरण किया गया शिविर मे शिविर प्रभारी डा. एसआर पटनायक, डा. महेंद्र साहू, डा. जितेंद्र त्रिपाठी डा. हेमंत यादव, डा. टीएस बढेई, डा. सीआर पाढ़ी डा. विनोद सिंग तथा तिरथा एवं घोटिया के स्टाँफ नर्स, नेत्र सहायक, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिनों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।

MOST POPULAR

HOT NEWS