City Media - Page 371 of 1851 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 371

न्यौता भोज आयोजन में लापरवाही बरतने पर बीईओ को शो-कॉज नोटिस

0
  • बस्तर कमिश्नर ने बकावंड जनपद का किया निरीक्षण 

बकावंड बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह ने सोमवार को बस्तर जिले के बकावंड जनपद पंचायत कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का जायजा लिया और दस्तावेजों एवं नस्तियों के व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

संभाग आयुक्त ने कार्यालय तथा कार्यालय परिसर की साफ-सफाई पर जोर देते हुए प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को स्वच्छता अभियान नियमित तौर पर चलाने को कहा तथा इसे हर माह निरंतर करने सहित अधिकारियों-कर्मचारियों के आदत में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालय के पुराने अनुपयोगी फर्नीचर तथा अन्य सामग्रियों का अपलेखन करने के निर्देश दिए। कमिश्नर डोमन सिंह ने भ्रमण के दौरान जनपद पंचायत कार्यालय बकावंड में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली और योजनाओं के कारगर क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए। इस दौरान न्यौता भोज आयोजन में रूचि नहीं लेने सहित लापरवाही बरतने के कारण बीईओ को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों और अधिकारियों-कर्मचारियों के सहयोग से सभी स्कूलों में न्यौता भोज का आयोजन कराने के निर्देश दिए। साथ ही सरस्वती सायकिल योजनांतर्गत लक्षित बालिकाओं को दीपावली अवकाश के पूर्व सायकिल वितरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किए जाने कहा। कमिश्नर ने बस्तर ओलंपिक 2024 में सभी ग्राम पंचायतों के हरेक ग्राम,पारे- टोले की सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल देते हुए हरेक ग्राम पंचायत से 100 से ज्यादा लोगों का पंजीयन किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत सुविधा विहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्युत कनेक्शन मुहैया करवाने सहित पंखा एवं लाईट लगाए जाने कहा। साथ ही बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा प्रदान करने उपलब्ध करवाई गई सामग्रियों का उपयोग करने सहित टीवी के माध्यम से जादुई पिटारा को बच्चों को दिखाए जाने कहा। उन्होंने कुपोषित बच्चों के उपचार हेतु पोषण पुनर्वास केन्द्र के लिए रोस्टर तैयार कर प्रतीक्षा सूची के अनुरूप बच्चों को भर्ती करने के निर्देश दिए। बैठक में मनरेगा,एसबीएम,प्रधानमंत्री आवास योजना, एनआरएलएम, स्कूली बच्चों को गणवेश वितरण, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आदि की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में प्रभारी एसडीएम नितीश वर्मा, सीईओ जनपद पंचायत श्री मंडावी सहित बीईओ, सीडीपीओ तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

केंद्र सरकार के ‘अमृत सरोवर’ में अफसरों और नेताओं ने जमकर लगाई भ्रष्टाचार की डुबकी

0
  •  जल संरक्षण की अमृत सरोवर योजना के करोड़ों हजम कर गए अधिकारी
  •  कागजों पर कार्य दर्शाकर राशि की कर ली बंदरबांट
  • कोंटा ब्लॉक की दो दर्जनो पंचायतों में घपलेबाजी 

अर्जुन झा-

जगदलपुर आदिवासियों के हिस्से के जल, जंगल और जमीन पर नेता -अफसर किस कदर करोड़ों के वारे न्यारे करते हैं, इसका एक बड़ा उदाहरण बस्तर संभाग के सुकमा जिले में सामने आया है। केंद्र सरकार द्वारा वर्षा जल के संरक्षण के लिए शुरू की गई अमृत सरोवर योजना का जमीनी क्रियान्वयन कराए बगैर कागजों पर ही अमृत सरोवर तैयार कर उसमें भ्रष्टाचार की डुबकी लगाई गई है।

वर्षा जल को सहेजने और उसके जरिए भूजल स्तर को बढ़ाने की बेहतरीन मंशा के साथ केंद्र सरकार ने अमृत सरोवर योजना शुरू की है। इसके तहत मध्यम दर्जे के तालाबों के निर्माण का प्रावधान है। मगर सुकमा जिले में इस महति योजना को जमकर पलीता लगाया गया है। सरोवर निर्माण महज कागजों पर ही दर्शा कर पूरी की पूरी रकम हजम कर ली गई है। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड में इस योजना के नाम पर खूब भ्रष्टाचार किया गया है। कोंटा ब्लॉक की दो दर्जन से भी ज्यादा ग्राम पंचायतों में बिना सरोवर निर्माण कराए ही करोड़ों की राशि की बंदरबांट कर ली जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इसे लेकर भाजपा नेताओं के बीच जमकर चर्चा हो रही है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर निर्माण की स्वीकृति दी गई थी, जहां के कर्ताधर्ता पूर्व सरकार के नेताओं के खासम खास थे।इन पंचायतों में 5 करोड़ रुपयों से अधिक राशि खर्च कर 35 तालाबों का निर्माण कराने का आंकड़ा सुकमा जिला कार्यालय के दस्तावेजों में दर्ज है। जिन पंचायतों में अमृत सरोवर तालाब निर्माण होना बताया गया है, उन पंचायतों में मौके का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा, तो 25 फीसदी तालाब भी कहीं नजर नहीं आएंगे। सत्ता परिवर्तन के बाद कई स्थानों पर पोकलेन मशीन के सहारे खानापूर्ति करने का भी प्रयास किया जा गया है। मामले की निष्पक्ष जांच हुई तो कोंटा के तत्कालीन जनपद पंचायत सीईओ का बड़ा कारनामा उजागर हो सकता है। भाजपा के नेता मामले को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत करने की तैयारी में हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुकमा जिले के कोंटा विकाखंड के धुर नक्सल प्रभावित इलाकों की दो दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर योजना के के तहत 35 से अधिक तालाबों का निर्माण कराया जाना बताया गया है।

अमृत सरोवर योजना के तहत हर तालाब निर्माण पर औसतन 12 लाख से लेकर 18 लाख 69 हजार की लागत आने की बात कही गई है। इस तरह कुल राशि 5 करोड़ से अधिक होती है।केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 24 अप्रैल 2022 को अमृत सरोवर योजना की शुरूआत की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण करना रहा है। इस योजना के तहत देश के हर जिले में 75 अमृत सरोवरों के निर्माण का प्रावधान है। सरोवरों का निर्माण 15 अगस्त 2023 तक पूर्ण किया जाना था। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब निर्माण में स्थानीय स्तर पर पंजीकृत मजदूरों को रोजगार देना था। सुकमा जिले के कोंटा इलाके में अधिकांश तालाब मशीनों के जरिए चारों तरफ नाम मात्र की खुदाई करवा कर राशि की बंदरबांट की गई है। अधिकांश मस्टर रोल भी फर्जी तैयार कर मजदूरों के हक पर भी डाका डाला गया है। कोंटा विकाखंड में 35 अमृत सरोवरों का निर्माण कराया जाना रिकार्ड में दर्ज है। कई पंचायतों दो-दो तालाब निर्माण कराने का उल्लेख दस्तावेजों में है। इन ग्राम पंचायतों में मुल्ला किसोली, चिंतागुफा, पुनपल्ली, मिसमा, गोरगुंडा शामिल हैं। गगनपल्ली पंचायत में एक तालाब पर 45 लाख की लागत दर्शाई गई है। वहीं कई ऐसी पंचायतें भी हैं जहां के लोग विकास कार्यो की बांट जोह रहे हैं, लेकिन योजनाएं पहुंच नहीं पा रही हैं। इन्ही में एक है गोगुंडा पंचायत, जहां कागजी तालाब निर्माण कराया गया है। तालाबों की जांच कराई गई तो कुछ ही पंचायतों को छोड़कर बाकी जगहों पर सब गोलमाल ही मिलेगा।

चहेते को बनवाया सीईओ

पूर्व सरकार के इशारे पर कागजों में तालाब का निर्माण राशि का जमकर बंदरबांट की गई है। केंद्र सरकार की योजना की राशि में घालमेल करने के पूर्व नेता ने अपने चहेते अधिकारी को कोंटा का प्रभारी जनपद सीइओ बनवा दिया फिर ये प्रभारी सीईओ लगभग 18 माह की कार्य अवधि में घालमेल कर वहां से निकलते बने। अब जांच होगी तो गाज पंचायत सचिवों पर गिरना तय है जबकि मास्टरमाइंड कोई और है। पता चला है कि सुकमा भाजपा के नेता मामले की शिकायत विभागीय मंत्री से भी कर संलिप्त अधिकारी को जिला मुख्यालय हटाकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर चुके हैं। मामला यहां आकर अटक जाता है कि कोंटा इलाके में हुई अनियमिता की जांच कौन करेगा। जबकि पूर्व से ही आधा दर्जन पंचायतों की जांच का मामला फाईलों में दबा हुआ है। पूर्व सरकार के लाड़ले अधिकारी के रहते मामले की जांच होना संभव नहीं है जांच दल को ऐसा पाठ पढ़ाया जाता है कि जांच दल जांच करने कर साहस भी जुटा नहीं पाता।

बख्शे नहीं जाएंगे दोषी: किरण देव

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने बताया कि पूर्व सरकार के मंत्री के संरक्षण में कोंटा इलाके में कागजों में निर्माण कार्यो को अंजाम देकर केंद्र सरकार की राशि की बंदरबांट की गई है। मामले की शिकायत मुझे वहां के स्थानीय कार्यकर्ताओं से प्राप्त हुई है। श्री देव ने कहा कि तालाब निर्माण मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच के लिए कलेक्टर सुकमा को कहा गया है।

बस्तर के कोंटा इलाके से सटे आंध्रप्रदेश के गांवों में बाघ की चहलकदमी

0
  •  सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र से 8 किमी दूर के गांवों में नजर आ रहा है बाघ 

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले के कोंटा से करीब आठ किलोमीटर दूर आंध्रप्रदेश के चिंतूर मंडल के नरसिंम्हापुरम गांव के जंगलों में आज बाघ के पदचिन्ह दिखाई देने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। कोंटा क्षेत्र के लोग भी दहशत में आ गए हैं। गांव वालों की सूचना के बाद वन विभाग के चिंतूर रेंज के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर बाघ के फुट प्रिंट ट्रेस किए हैं। बाघ का विचरण क्षेत्र 50 किलोमीटर के दायरे में रहता है। लिहाजा सुकमा जिले के सीमावर्ती गांवों में भी विशेष एहतियात बरती जा रही है।

चिंतूर के वन विभाग अधिकारियों के अनुसार बाघ की गतिविधियों के संकेत नरसिंमापुरम के अलावा, आसपास के गांव कूनावरम, रामचंद्रपुरम, तातीलंका, दुगुट्टा, पलागुड़ेम और बोडूनूर में भी मिले हैं। इससे ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। बाघ की गतिविधियों की सटीक निगरानी के लिए वन विभाग ने जंगल में 20 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, ताकि उसकी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। वन विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों को जागरूक करते हुए बताया कि यदि बाघ को कहीं भी देखा जाता है या किसी मवेशी पर हमला होता है, तो तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचित करें।

पुलिस-वनकर्मी कर रहे गश्त

ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आंध्रप्रदेश पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम क्षेत्र में गश्त कर रही है। एसआई ललिता ने बताया कि क्षेत्र में विशेष सावधानी बरती जा रही है। पुलिस और वन अमले के साथ ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।स्थानीय निवासी बाघ की उपस्थिति से भयभीत हैं और अपने मवेशियों को जंगल के पास ले जाने से परहेज कर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से और अधिक सुरक्षा उपायों की मांग की है। हालांकि, अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि सीसी कैमरों की निगरानी और गश्त से बाघ की गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जा रही है, और जल्द ही स्थिति को नियंत्रण में लाया जाएगा।

बाघ संरक्षण भी अहम

बाघ जैसे विलुप्तप्राय वन्य प्राणियों का संरक्षण भी इस समस्या के बीच एक महत्वपूर्ण पहलू है। वन्यजीव विशेषज्ञों ने कहा कि बाघ की गतिविधि क्षेत्र में वन्यजीवों के लिए अनुकूल पर्यावरण का संकेत है, लेकिन मानव और वन्यजीव संघर्ष से बचने के लिए अधिक समन्वय और सतर्कता आवश्यक है।

दाखिल हो सकता है कोंटा में

बस्तर संभाग के कोंटा इलाके के जंगल आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्यों के जंगलों से पूरी तरह जुड़े हुए हैं और ये जंगल बाघ, तेंदुओं जैसे प्राणियों के रहवास के लिए पूरी तरह अनुकूल हैं। इन जंगलों में हिरणों, सांभर, चीतल, जंगली सुअरों की अच्छी खासी संख्या है, जो बाघों, तेंदुओं की आहार श्रृंखला में शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर वन्य ग्रामों के ग्रामीण अपने मवेशियों को चराने के लिए जंगलों में ही ले जाते हैं। मांसभक्षी जंगली जानवरों के लिए पालतू मवेशी आसान शिकार होते हैं, लिहाजा कई बार वे पालतू गाय, बैल, भैंसों, भेड़, बकरियों को भी अपना निवाला बना लेते हैं। वन्य प्राणी विशेषज्ञ बताते हैं कि बाघ अमूमन 50 से 100 किलोमीटर के दायरे में विचरण करते हैं। इस लिहाज से आंध्रप्रदेश के जंगलों में घूम रहा बाघ कोंटा क्षेत्र में भी प्रवेश कर सकता है।

गढ़चिरौली में मुठभेड़, मारे गए 4 नक्सली, 1 जवान जख्मी

0
  •  बस्तर संभाग से सटे कोपरी के जंगल में हुई मुठभेड़ 

जगदलपुर बस्तर संभाग की सीमा से सटे महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले के छत्तीसगढ़ से लगी सीमावर्ती भामरागढ़ तहसील में पुलिस नक्सली मुठभेड़ की बड़ी खबर सामने आई है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक 3 -4 नक्सलियों के मारे जाने तथा एक पुलिस जवान के घायल होने की खबर सामने आई है।

महाराष्ट्र के जिले की भामरागढ़ तहसील के कोपरी के जंगलों में मुठभेड़ होने की पुख्ता खबर मिली है। नक्सलियों की मौजूदगी के आधार पर आपरेशन लांच किए जाने की खबर सूत्रों ने दी है। नक्सली विरोधी विशेष दस्ता सी 60 को मुठभेड़ स्थल की ओर भेजे जाने की खबर है।मुठभेड़ में नक्सलियों को बड़ी क्षति होने का अंदेशा जताया गया है। अगले माह महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं। इन चुनावों के मद्देनजर मुठभेड़ को अहम माना जा रहा है।

जगदलपुर में 9 साल बाद फुटबॉल का महाकुंभ: 7 नवंबर से गोल्डकप फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन

0

जगदलपुर। संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में आगामी 7 नवंबर से फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। 9 साल के लंबे अंतराल के बाद इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में गोल्डकप फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। बस्तर जिला फुटबॉल संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में 20 से अधिक टीमें हिस्सा लेंगी, जिसमें अब तक 16 टीमों ने अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है।

बस्तर जिला फुटबॉल संघ के सचिव दिलीप दास ने बताया कि 2015 के बाद इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन नहीं हो सका था। उन्होंने कहा कि 1972 से लगातार यह प्रतियोगिता होती रही, लेकिन कोविड महामारी और अन्य कारणों के चलते इसमें विराम लग गया। अब फिर से बस्तर की धरती पर फुटबॉल की धूम मचने वाली है।

संघ के पदाधिकारी यशवर्धन राव ने जानकारी दी कि यह प्रतियोगिता स्वर्गीय बोडा मांझी की स्मृति में आयोजित होती थी। महेंद्र कर्मा के निधन के बाद यह आयोजन ठप हो गया था, लेकिन अब बस्तर के व्यापारियों और स्थानीय जनता के सहयोग से इसे फिर से शुरू किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ फुटबॉल एसोसिएशन और ऑल इंडिया फुटबॉल संघ से अनुमति मिलने के बाद तैयारियां जोरों पर हैं।

यह फुटबॉल महाकुंभ पूरे 10 दिनों तक चलेगा, जिसमें खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

परिक्षेत्र स्तरीय साहु भवन मे जनपद सदस्य संजय बैस ने किया भूमिपूजन 

0

कुसुमकसा परिक्षेत्र स्तरीय साहू भवन मे शौचालय के लिये भूमिपूजन जनपद सदस्य संजय बैस ने अपने निधि से एक लाख रूपये स्वीकृति प्रदान किये थे जिसका भूमिपूजन जनपद सदस्य संजय बैस ने किया इस कार्यक्रम की अधक्ष्यता परिक्षेत्र साहू समाज के अध्यक्ष टिकेंद्र साहु औऱ विशिष्ठ अतिथि सरपंच शिव राम सिंड्रामे जी अतिथि रहे सर्व प्रथम माँ कर्मा जी की पूजा अर्चना कर स्वागत सम्मान किये समाज के अधक्ष्य टिकेंद्र साहु जी ने अपने उदबोधन मे कहा की हम साहु समाज के लोग कई बार विधायक और सासंद के पास अपने सामाजिक भवन बनाने के लीये आग्रह किये पर किसी ने ध्यान नहीं दिया हम समाज के लोग पाई पाई जमा कर हम सामाजिक भवन तो बना लिये पर हमारे सामाजिक भवन में शौचालय नहीं होने से बहुत परेशानी हो रहा था हम समाज के लोग एक बार जनपद सदस्य संजय बैस जी से निवेदन किये

और हमारी बातो को गंभीरता से लेते हुए राशि स्वीकृति किये मै पुरे समाज के तरफ से आभार व्यक्त करता हु समाज के संरक्षक  प्रहलाद साहु जी ने कहा की आज मेरा सपना पूरा हो रहा सामाजिक भवन में शौचालय नहीं होने से हमारे सामाजिक बहन बेटियों के साथ हम सभी को दिक्क्त होता था आज हमारे लोकप्रिय जनपद सदस्य जी ने पूरा किया सरपंच शिव राम जी ने कहा की हमारे जनपद सदस्य जी के पास जिस किसी समस्या को लेकर जाते है उस समस्या का समाधान जरूर होता है इसलिए गांव के लोगो का मानना है संजय है तो सम्भव है जनपद सदस्य संजय बैस ने कहा की माँ कर्मा के आशीर्वाद से ये हो पाया है दानवीर भामाशाह ने मेरे समाज के आदर्श महाराणा प्रताप जी के लिए पूरा खजाना खोलकर पुरे राज्य की रक्षा किये राजिम माता साहु समाज की आराध्य मंदिर के भी पुजारी हमारे राजपूत भाइयो के दावरा हि पूजा और सेवा किया जाता है उसी कडी में मुझे भी आज आप सभी की सेवा कर मै धन्य महसूस कर रहा हु समाज को संगठित होकर समाज के साथ गांव के विकास की दिशा में हमेशा संगठित रहना है कार्यक्रम का संचालन गौरी शंकर साहु और आभार प्रदर्शन ग्रामीण अधक्ष्य गौतम साहु जी ने किया इस अवशर पर श्री तुका राम साहु तेजराम राम साहु देव शरण साहु संजीवन साहू सत्यवती साहु केशव साहु भूषण साहु जीवन साहु जी के साथ पुरे साहु समाज के लोग उपस्तिथ रहे

अवैध हाथ भट्टा निर्मित कच्ची महुआ शराब बिक्री करते एक आरोपी गिफ्तार

0
  • थाना डौण्डी लोहारा में अपराध क्रं 153/2024 धारा 34 (2) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्

पुलिस अधीक्षक बालोद  एस आर भगत के द्वारा जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारियों को अवैध गांजा,शराब ,मादक पदार्थो के अवैध बिक्री, परिवहन, भण्डारण व जुआ, सटटा जैसी अवैध गतिविधियो पर अंकुश लगाने तथा उन पर कड़ी कार्यवाही करने निर्देशित किया गया था उसी के तारतम्य मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद  अशोक कुमार जोशी के निर्देशन , उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय बालोद श्री देवांश सिंह राठौर के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी डौण्डीलोहारा निरीक्षक वीणा यादव के नेतृत्व मे लगातार अवैध गांजा, शराब जैसे मादक पदार्थो के अवैध बिक्री, परिवहन, भण्डारण व जुआ, सटटा पर कार्यवाही की जा रही है कि दिनांक 20.10.2024 को अवैध हाथ भट्टा निर्मित कच्ची महुआ शराब बिक्री करने वाले के विरूद्ध थाना डौण्डी लोहारा स्टाफ के द्वारा कार्यवाही की गई है ।

दिनांक 20.10.2024 को शाम ग्राम पोपलाटोला में जरिये मुखबीर से सूचना मिला कि ग्राम पोपलाटोला के आनद कमेटी के घर बाडी झोपडी में ग्राम सोरली (गोटाटोला) के रहने वाले उसके दामाद परमेश्वर दुग्गा अपने कब्जे में अधिक मात्रा में हाथ भट्टा निर्मित कच्ची महुआ शराब रखकर ग्राहकों को बिक्री कर रहा है कि सूचना पर रेड कार्यवाही कर आरोपी परमेश्वर के कब्जे से 1) दो नग पुरानी इस्तमाली पीले रंग के 15 -15 लीटर के डाल्डा वाले प्लास्टिक डिब्बा जिसके उपरी ढक्कन एक का नीला तथा दूसरे का काई रंग का जिसके अन्द अनुमानित 15 – 15 लीटर कच्ची महुआ शराब कुल मात्रा 30 लीटर कीमती 6000 रू. एवं 2) एक पुरानी इस्तेमाली सफेद रंग के 10 लीटर के डाल्डा वाले प्लास्टिक डिब्बा जिसके उपर नीला रंग का ढक्कन जिसके अंदर करीबन 3 बाटल कच्ची महुआ शराब कीमती 600 रू. जुमला 33 लीटर कच्ची महुआ शराब बिक्री रकम 200 रू. जुमला कीमती 6800 रू. को जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर धारा 34 (2) आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

उपरोक्त कार्यवाही मे थाना डौण्डीलोहारा से थाना प्रभारी निरीक्षक वीणा यादव, स उ नि अनित यादव, प्रधान आरक्षक यज्ञदत्त ठाकुर, आर. पूनम खरे, त्रवेश कुमार सिन्हा, टेमन लाल राणा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

आरोपी:- (01) परमेश्वर प्रसाद दुग्गा पिता श्याम सिंह दुग्गा उम्र 29 साल साकिन सोरली गोटाटोला थाना खडगावं जिला मोहला मानपुर अंबागढ चैंकी (छ.ग.) हाल ग्राम पोपलाटोला थाना डौण्डीलोहारा

जप्ती का विवरण-

(1) दो नग पुरानी इस्तमाली पीले रंग के 15 -15 लीटर के डाल्डा वाले प्लास्टिक डिब्बा जिसके उपरी ढक्कन एक का नीला तथा दूसरे का काई रंग का जिसके अन्द अनुमानित 15 – 15 लीटर कच्ची महुआ शराब कुल मात्रा 30 लीटर कीमती 6000 रू.।

2) एक पुरानी इस्तेमाली सफेद रंग के 10 लीटर के डाल्डा वाले प्लास्टिक डिब्बा जिसके उपर नीला रंग का ढक्कन जिसके अंदर करीबन 3 बाटल कच्ची महुआ शराब कीमती 600 रू।.

3) बिक्री रकम 200 रू.जुमला 33 लीटर कच्ची महुआ शराब जुमला कीमती 6800 रू.

बस्तर जिले के संग्रहण केंद्र बिरिंगपाल और नियानार में सड़ते पड़ा है अरबों रूपयों का धान

0
  • जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने लगाया बड़े घोटाले का आरोप

जगदलपुर बस्तर जिले के कई संग्रहण केंद्रों में पिछले खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर खरीदा गया अरबों रुपयों का हजारों क्विंटल धान सड़ता पड़ा है। संबंधित विभाग और अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसे लेकर बस्तर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने अब मोर्चा खोल दिया है।

पहले धान संग्रहण केंद्रों से मिलर्स तक पहुंचाने में अधिकतम समय फरवरी तक का लिया जाता था। कांग्रेस नेता सुशील मौर्य ने सवाल किया है कि आखिर सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारी वर्षा ऋतु से पूर्व धान का उठाव क्यों नहीं करवा पाए? बाद में भी उठाव के प्रति सरकार गंभीर नहीं रही। सरकार धान उठाव में नीति और स्पष्ट क्यों नहीं कर पा रही है? मुख्य्मंत्री और विभागीय मंत्री और भाजपा नेता इस मामले पर चुप्पी क्यों साधे बैठे हैं? सुशील मौर्य ने कहा है कि जनता के टैक्स के पैसों की बर्बादी यह सरकार कर रही है। दूसरी ओर सरकार 9 महीने में 3 हजार करोड़ का कर्ज लें बैठी है और आगे और लेने की तैयारी है। बस्तर जिले लगभग 3 अरब रुपए का धान सड़ते पड़ा है।सरकार इसे बेच कर आर्थिक स्तिथि में सुधार ला सकती है। 15 नवंबर से यह सरकार फिर से धान खरीदी प्रारम्भ करने जा रही हैं और पिछले साल की खरीदे गए धान का उठाव अब तक उठाई नहीं किया गया है। सुशील मौर्य ने कहा है कि धान संग्रहण केंद्रों से अधिकारियों के निर्देश पर भारी मात्रा में धान की चोरी की जा चुकी है जिसका सत्यापन और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।धान संग्रहण केंद्रों से मजदूरों से प्लास्टिक बोरों में भूसा भर कर धान सुरक्षित रखने हेतु स्टेग लगाने का कार्य किया जाता है। इसमें बड़े पैमाने पर फर्जी बिल एवं मस्टर रोल लगाकर शासकीय धन की बंदरबांट की गई है

मौर्य का आरोप है कि धान संग्रहण केंद्र में करोड़ों रूपये का घोटाला हुआ है। बस्तर जिले में इसकी जांच करवा कर घोटाले बाज़ों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

छत्तीसगढ़ के सभी आगंनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे 8 नवंबर को

0
  • जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन, पीएम और सीएम के नाम सौंपेंगे ज्ञापन 

जगदलपुर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच की प्रांतीय बैठक में प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों को दीपावली के बाद 8 नवंबर को बंद रखकर आंदोलन करने का निर्णय लिया गया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ की अध्यक्ष रुक्मणि सज्जन ने कहा है कि कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को जीने लायक वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी, समूह बीमा योजना आदि सुविधाओं का लाभ देने और आंगनबाड़ी केंद्र संचालन में आ रही दिक्कतों को दूर करने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ ही तमाम तरह के दीगर कार्य भी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से करवाए जाते हैं। जबकि सचिव महिला एव बाल विकास का विभाग के सचिव ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से विभागीय कार्य के अलावा दूसरे कार्य न करवाने के आदेश दे रखे हैं। इसका भी पालन नही हो रहा है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को स्वय सरकार कहती है मानसेवी हैं और ड्रेस नही पहनने पर मानदेय काटा जाता है। ड्रेस को ही पहचान बताना कहां तक सही है। जबकि ये स्वयं उस गांव की बेटी बहू हैं और उन्हें पूरा गांव जनता पहचानता है। वास्तव में ड्रेस की जरूरत तो सुपरवाईजरों के लिए है जो अलग अलग गांव के 20-25 केंद्रों में माह में कभी कभार जाती हैं। रुक्मणि सज्जन ने इस बात पर दुख जताया है कि विभागीय गतिविधियो के संचालन मे आ रही समस्याओं, शासन की मंशा के अनुरूप हर माह 5 तारीख तक मानदेय भुगतान, मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को पूर्ण करने मे हो रहे भ्रष्टाचार, सहायिकाओं को रिक्त कार्यकर्ता पद पर पदोन्नति दी जाने, मोबाईल और नेट सुविधा और अपनी मूलभूत सुविधाओं की बात करने तथा अपने हक की आवाज को शासन प्रशासन तक पहुंचाने वाले संघ पदाधिकारियों को टारगेट कर उन्हें सेवा बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाती है। इन मसलों को लेकर संयुक्त मंच ने विभाग के डायरेक्टर के साथ बैठक में चर्चा कर उन्हें ज्ञापन भी सौंपा था। लेकिन उसके कोई सार्थक परिणाम नही आने सेकार्यकर्ता सहायिकाएं क्षुब्ध हैं। सुमन यादव मंच पदाधिकारी की बहाली और सुपरवाईजरों के लिये भी ड्रेस कोड लागू करने तथा विभाग के अतर्गत एक स्थान पर तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण अन्यत्र करने की मांग को लेकर 8 नवंबर को प्रदेश के हर जिले में धरना प्रदर्शन काम बंद केंद्र बंद करने का निर्णय लिया गया है। संयुक्त मंच की बैठक में प्रांताध्यक्ष रूक्मणी सज्जन बस्तर, सरिता पाठक प्रांताध्यक्ष 409, हेमा भारती प्रगतिशील, कल्पना चंद, पार्वती यादव कबीरधाम, संतोषी वर्मा राजनांदगांव, पिंकी ठाकुर, लता तिवारी खैरागढ़, सुधा रात्रे महासमुंद, जयश्री राजपूत, आरपी शर्मा, सौरा यादव, विश्वजीत, देवेंद्र पटेल समेत संयुक्त मंच के प्रमुख घटक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

बस्तर ओलंपिक के लिए खिलाड़ियों का पंजीयन अब 25 तक

0

जगदलपुर आज खेल संचालक तनूजा सलाम की उपस्थिति में सर्किट हाउस बस्तर में बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह एवं बस्तर कलेक्टर हरीश एस सहायक संचालक खेल और संचालनालय रायपुर से आए अधिकारियों की बैठक के बाद बस्तर ओलंपिक 2024 के लिए खिलाड़ियों के ऑनलाइन पंजीयन की तिथि 25 अक्टूबर तक बढ़ाने का फैसला किया गया। पूर्व में यह तिथि 20 अक्टूबर निश्चित थी। 20 अक्टूबर तक कुल 83 हजार से अधिक खिलाड़ियों का पंजीयन हुआ था। खिलाड़ियों में उत्साह देखते हुए बैठक में निर्णय लिया गया कि खिलाड़ियों के पंजीयन के लिए 5 दिन तिथि और बढ़ाई जाए। अब 25 अक्टूबर तक खिलाड़ी अपना ऑनलाइन या ऑफ लाइन पंजीयन करा सकेंगे।

 

 

MOST POPULAR

HOT NEWS