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ठेकेदार का भुगतान रोका, अटक गया स्कूलों के कक्ष का निर्माण, अब फिर आसमान तले पढ़ेंगे बच्चे

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  •  आरईएस के कार्यपालन अभियंता ने बच्चों के भविष्य से किया खिलवाड़
  • बीच में ही रुकवा दिया अतिरिक्त कक्ष का निर्माण

अर्जुन झा-

बकावंड स्कूल जतन योजना के तहत शालाओं के अतिरिक्त कमरों निर्माण के लिए जिस ठेकेदार को जिम्मेदारी दी गई थी, उसे निर्माण कार्य रोकने का आदेश जारी करने एवं उसका भुगतान रोक दिए जाने से कमरों का निर्माण सालभर से अटका हुआ है। अब इस साल भी विद्यार्थियों को पुराने कमरों में टपकते पानी के बीच या फिर पेड़ तले पढ़ाई करनी पड़ेगी। यह तुगलकी फरमान जिला निर्माण समिति के नोडल अधिकारी एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग (आरईएस) के कार्यपालन अभियंता ने जारी किया है। यह आदेश बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाला साबित हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि जिला निर्माण समिति ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य ग्रुप क्रमांक 14 बकावंड की शासकीय प्राथमिक शाला करहाभांठा बेलपुटी-2, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बेलपुटी, शासकीय प्राथमिक शाला ज्ञान ज्योति कोड़रागुड़ा, मंगनार एवं ग्रुप क्रमांक -15 बकावंड के शासकीय हाई स्कूल सतोषा, शासकीय प्राथमिक शाला कुतरीगुड़ा मोखागांव और ग्रुप क्रमांक -16 बकावंड की शासकीय प्राथमिक शाला छिंदगांव एवं शासकीय प्राथमिक शाला डोंगरीगुड़ा छिंदगांव के लिअतिरिक्त कक्ष निर्माण की स्वीकृति दी थी। इन कमरों के निर्माण के लिए कार्यादेश 26 जून 2023 को जिला निर्माण समिति के नोडल अधिकारी एवं आरईएस के कार्यपालन अभियंता द्वारा जारी किया गया था। निर्माण कार्य का ठेका मेसर्स आध्या कंस्ट्रक्शन एंड मेकेनिकल वर्क्स श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड जगदलपुर को दिया गया था। ठेकेदार ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया। लगभग कार्य पूर्णता की ओर पहुंच गए थे। इसी बीच आरईएस के कार्यपालन अभियंता ने एक परिपत्र जारी कर निर्माण कार्य पर रोक लगाने एवं राशि का भुगतान न करने का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के चलते ठेकेदार को काम में बीच में ही रोक देना पड़ा। जिला निर्माण समिति द्वारा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा ठेकेदारों को चिन्हांकित कर उक्त निर्माण कार्य दिया गया था। वर्ष 2022 -23 से जारी यह कार्य 2024 के मध्य तक भी पूर्ण हो पाए हैं। करीब 12 लाख रुपयों की लागत से ग्राम पंचायत सतोषा में आध्या कंस्ट्रक्शन द्वारा हायर सेकंडरी स्कूल के लिए अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था।कार्य लगभग पूरा हो चुका है। थोड़े बहुत कार्य शेष रह गए हैं।

लेनदेन का मामला तो नहीं?

बीच में कार्य रोके जाने पर मालूम हुआ कि आरईएस के कार्यपालन अभियंता को जिला निर्माण समिति की ओर से कार्य और भुगतान रोके जाने का आदेश प्राप्त हुआ है। इस कारण कई ठेकेदारों ने कार्य रोक दिया है। इससे स्कूलों में अतिरिक्त कमरे का निर्माण कार्य रुक गया है। अब ठेकेदारों को विभाग उनका भुगतान क्यों नहीं कर रहा है? या जानबूझ कर रोका है? यह जांच का विषय है। वहीं नया शिक्षा स्कूल सत्र प्रारंभ हो चुका है। अगर समय पर निर्माण नहीं हुआ तो बच्चे आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हो जाएंगे। वहीं इस कार्य से जुड़े ठेकेदारों का कहना है कि जब तक भुगतान नही होगा, तब तक कार्य कैसे करा पाएंगे। चर्चा है कि लेनदेन का मामला सेट न होने के कारण भुगतान रोका गया है और कार्य बीच में रुकवा दिया गया है।

नागरिकों को डेंगू के प्रकोप से बचाने में जुटा प्रशासन

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  • कलेक्टर ने डेंगू नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग को दिए आवश्यक निर्देश

जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने डेंगू बीमारी के प्रकरणों पर नियंत्रण हेतु स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम को तत्काल सघन सर्वे कर संदेहास्पद मरीजों की स्वास्थ्य जांच के आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में डेंगू के मरीज मिलने पर स्वास्थ्य एवं नगर निगम की टीम द्वारा विगत 03 दिनों से सघन सर्वे अभियान तथा संदेहास्पद की जांच की जा रही है।

घर घर सर्वे करते हुए डेंगू लार्वा पनपने वाले स्थान की सफाई कराया गया। मच्छरदानी का वितरण एवं जन जागरुकता हेतु दीवार लेखन पम्पलेट का वितरण किया गया है। नगर निगम की टीम के दारा साफ सफाई सरडिसाइड स्पेका डिफॉगिंग गतिविधि की जा रही है। विगत तीन दिनों में 125 घरों कर सर्वे 5 घर में लार्वा का विनष्टिकरण किया गया दो बुखार के मरीज की जांच की गई जो निगेटिव पाए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर के महाराणा प्रताप वार्ड के घर- घर में स्वास्थ्य जांच कर डेंगू नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। 187 घरों में सर्वे करते हुए डेंगू पनपने वाले स्थलों की साफ सफाई करवाया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मितानिनों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओ के माध्यम से सोर्स रिडक्शन का कार्य तथा बुखार के मरीजों का जांच किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा साफ सफाई व दवा का छिड़काव किया जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग ने नगर के 48 वार्ड के लिए 32 टीमें बनाई हैं। इन टीमों में एएनएम, मितानिन, महिला आरोग्य समिति की सदस्य द्वारा जून माह में 6500 घरों का अब तक सर्वे किया गया। जिसमें 49 घरों में लार्वा पाए गए, जिन्हे तत्काल नष्ट किया गया। इसी प्रकार कुल 12437 कन्टेनर की जांच की गई। 89 कन्टेनर में लार्वा पाए गए उसको नष्ट किया गया।

अब तक मिले 12 मरीज

वर्ष 2024 में संदेहास्पद 762 रक्त नमूना का एनाईजा परीक्षण किया गया जिसमें जगदलपुर शहरी क्षेत्र में कुल 04 मरीज ही मिले हैं। वर्तमान में कोई भी ऐक्टिव मरीज नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में जनवरी से अब तक कुल 08 प्रकरण पाए गए है। ज्ञात हो कि वर्ष 2022 में 2041, वर्ष 2023 में 68 व वर्ष 2024 में अब तक 12 डेंगू के मरीज मिले है। इस प्रकार जनजागरुकता से डेंगू के प्रकरणों में निरंतर कमी आ रही है। डेंगू की रोकथाम व बचाव के संबंध में स्वास्य विभाग ने सभी नागरिकों से अपील है कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है इसलिए अपने घर के आसपास गमलो, टायरों, कूलर, टूटे फूटे बर्तन, फ्रीज ट्रे, नारियल के खोल आदि कि नियमित तौर पर कम से कम सात दिनों में नियमित सफाई करे और पानी जमा न होने दे, मच्छरदानी का उपयोग करे, हाथ पाव को पूरी तरह डकने वाले कपडे पहने तथा अपने आस पास सफाई रखे और डेंगू रोकने में अपने सहभागिता निभावे। बुखार या डेंगू के लक्षण आने पर तत्काल अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करावे। सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू की जांच व उपचार सुविधा निशुल्क उपलब्ध है।

भाजपा नेता सौरभ लूनिया ने की खेल मंत्री टंकराम वर्मा से मुलाकात

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  • दल्लीराजहरा को जल्द ही मिल सकती है बड़ी सौगात

दल्लीराजहरा भाजपा नेता सौरभ लूनिया ने खेल मंत्री टंकराम वर्मा से मुलाकात कर दल्ली राजहरा में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए मल्टीस्टोरी खेल परिसर बनाने की मांग की। श्री लूनिया ने बताया कि दल्लीराजहरा सहित आसपास का क्षेत्र खेल प्रतिभाओं से भरा हुआ है। यहां से राज्य स्तर एवं राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलते हैं। खेल प्रतिभा को निखारने और आगे बढ़ाने के लिए अगर यहा एक मल्टी स्टोरी स्पोर्ट्स कंपलेक्स ग्राउंड का निर्माण किया जाता है तो इस क्षेत्र के साथ–साथ संपूर्ण बालोद जिला के युवाओं को इसका बड़ा लाभ मिलेगा ।सौरव लूनिया ने मंत्री वर्मा से से मुलाकात के दौरान कहा कि खेलो इंडिया के तहत लगभग 5 से 10 एकड़ रकबे में एक बड़ा स्पोर्ट्स कंपलेक्स का निर्माण किया जाए । उनकी मांग पर मंत्री वर्मा ने तत्काल अधिकारियों को निर्देशित किया और जगह चयन की प्रक्रिया की शुरुवात करने को कहा। राजहरा सहित बालोद जिले को इसका लाभ मिलेगा। सौरभ लूनिया ने खेल मंत्री टंकराम वर्मा को धन्यवाद ज्ञापित किया। ज्ञात हो कि जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार छत्तीसगढ़ राज्य में बनी है, सौरभ लूनिया दल्ली राजहरा नगर के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

रायपुर दक्षिण विधानसभा से बंग समाज ने

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  •  विधायक पद की दावेदारी
  • मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ बंग समाज के सक्रिय सदस्य विवेक
  • बर्धन को उम्मीदवार बनाने की मांग

रायपुर छत्तीसगढ़ बंग समाज ने रायपुर दक्षिण विधानसभा से विधायक पद की दावेदारी की है। समाज ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी से रायपुर के सक्रिय पार्टी कार्यकर्ता, वरिष्ठ समाजसेवी और नगर पालिका निगम रायपुर के पूर्व एल्डरमैन श्री विवेक बर्धन को दक्षिण विधानसभा की उम्मीदवारी देने की मांग की है। इस संबंध में श्री साय को पत्र लिखकर समाज की भावनाओं से अवगत भी कराया है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश बंग समाज के अध्यक्ष श्री मनोज मंडल ने बताया कि छतीसगढ़ की राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ बंग समाज प्रदेश के विभिन्न घटकों का संगठित सामाजिक संगठन है जो छत्तीसगढ़ प्रदेश में बंग समुदाय को एक सूत्र में बांधने के लिए सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करता रहता है। हमारे विभिन्न आयोजनों का उद्देश्य बंग समाज की सांस्कृतिक विरासत को छत्तीसगढ़ में सजीव रखना है। बंग समाज अपनी व्यापारिक दृष्टि से अपनी अलग पहचान बनाए हुए है साथ ही सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र में अपने कार्यों से अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराता आया है. किंतु स्व. श्री तरुण चटर्जी (दादा) के बाद से समाज को प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली, सिद्धांतो एवं कार्यों प्रभावित हो कर छत्तीसगढ़ बंग समाज हमेशा भारतीय जनता पार्टी का समर्थन अपने मताधिकार से करता आया है।

श्री मंडल के अऩुसार छत्तीसगढ़ प्रदेश में लगभग 1428210 लाख के लगभग बंग बंधु निवासरत है, इसमें छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ बंग समाज के लगभग 127000 सदस्य निवासरत है, अतः विधानसभा चुनाव में राजनीतिक क्षेत्र में भी समाज की उपस्थिति दर्ज करने रायपुर के दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी से रायपुर के सक्रिय पार्टी कार्यकर्ता, वरिष्ठ समाजसेवी, पूर्व एल्डरमैन नगर पालिका निगम रायपुर श्री विवेक बर्धन को दक्षिण विधानसभा की उम्मीदवारी देने की मांग की गई है। यह मांग छत्तीसगढ़ बंग समाज के 15 लाख एवं रायपुर में बसने वाले 127000 सदस्यों ने की है। श्री मंडल ने कहा है कि बंग समाज के सदस्य को उम्मीदवार के रूप में प्रतिनिधित्व देने से बीजेपी पार्टी को चुनाव में सफलता निश्चित रूप से प्राप्त होगी। श्री विश्वास ने कहा कि समाज को पूर्ण विश्वास है कि भाजपा छत्तीसगढ़ बंग समाज की भावनाओं को स्वीकार करते हुए हमारी इस छोटी सी माँग को अवश्य स्वीकार करेगी।

 

 

केबल जलने से डूमरगुड़ा में हफ्तेभर से बिजली गुल, जल आपूर्ति भी ठप

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  •  बकावंड की राजनगर ग्राम पंचायत का वार्ड है डूमरगुड़ा
  • जलापूर्ति बंद हो जाने के चलते, 2 किमी दूर से पानी लाना पड़ रहा ग्रामीणों को

अर्जुन झा-

बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत राजनगर के डूमरगुड़ा में हफ्ते भर से बिजली आपूर्ति ठप है। बिजली न रहने से बस्ती ने पेयजल आपूर्ति भी नहीं हो रही है और ग्रामीणों को दो किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। बिजली का केबल जलने से यह समस्या पैदा हुई है, मगर बार बार शिकायत करने के बाद भी विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारी केबल बदलने की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बिजली बंद रहने और जल आपूर्ति न होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

 

राजनगर ग्राम पंचायत की डूमरगुड़ा बस्ती की बिजली एक सप्ताह गुल है। ग्रामीणों ने बताता कि ट्रांसफार्मर का केबल जल जाने से यह समस्या पैदा हुई है। ट्रांसफार्मर का केबल बार बार जल जाता है। एक सप्ताह बाद भी विद्युत विभाग के स्थानीय उपयंत्री और कर्मचारी केबल बदलने की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं जबकि ग्रामीण कई बार विद्युत कार्यालय में शिकायत कर चुके हैं। बरसात के इस मौसम में सांप बिच्छू निकलते रहते हैं और ग्रामीण अंधेरे में रात गुजारने मजबूर हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत पेयजल को लेकर हो रही है। बिजली न रहने से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। डूमरगुड़ा की महिलाओं, बालिकाओं और ग्रामीण युवाओं को दो किलोमीटर दूर स्थित कुंए से पानी लाकर गुजारा करना पड़ रहा है। कोई साईकिल से पानी ढो रहा है, कोई कांवर से तो कोई सिर पर गुंडियां रखकर पानी कुंए से ला रहा है।

नल का शुद्ध पानी पीते आ रहे ग्रामीणों को कुंए का पुराना हो चुका पानी रास नहीं आ रहा है। फिर भी ग्रामीण कुंए का पानी उपयोग करने मजबूर हैं क्योंकि गांव में पानी का और कोई दूसरा साधन नहीं है। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। गांव के युवाओं ने बताया कि हम लोग विद्युत कार्यालय में फोन से कई बार सूचना दे चुके हैं, मगर आज तक केबल बदलने या सुधरने के लिए कर्मचारी नहीं भेजे गए हैं। युवाओं के मुताबिक केबल बार बार जल जाता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है। पंचायत के जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और विद्युत विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि हैंडपंप खनन किया गया था, जो एक सप्ताह में ही खराब हो गया। उसके बाद अधिकारी जनप्रतिनिधि शिकायत करने पर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

आईईडी ब्लास्ट में कोबरा बटालियन के दो जवान हुए शहीद

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  • आईईडी की चपेट में आया कोबरा जवानों से भरा ट्रक
  • ट्रक पर सवार अन्य जवान हैं पूरी तरह सुरक्षित

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आईईडी के ब्लास्ट होने से कोबरा बटालियन के दो जवान शहीद हो गए। शहीद जवान ट्रक से एंटी नक्सल ऑपरेशन पर टीम के साथ निकले थे। इसी दौरान उनका ट्रक ने आईईडी की चपेट में आ गया। शहीद हुए दोनों जवान 201 कोबरा बटालियन में चालक और सह चालक थे। ट्रक पर सवार अन्य जवान सुरक्षित हैं।

मिली जानकारी के अनुसार जगरगुंडा थाना क्षेत्र कैंप सिलगेर से 201 कोबरा वाहिनी की एडवांस पार्टी का मुव्हमेंट आरओपी ड्यूटी के दौरान ट्रक एवं मोटर सायकल पर सवार होकर टेकलगुडे़म कैंप की ओर जा रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाया। सिलगेर से टेकलगुड़ेम जाने के रास्ते पर नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए आईईडी प्लांट किया गया था। सुरक्षा बलों के मूव्हमेंट के दौरान आईईडी की चपेट से 201 कोबरा वाहिनी का एक ट्रक आ गया। आईईडी ब्लास्ट होने से ट्रक चालक एवं सह चालक जवान मौके पर शहीद हो गए एवं ट्रक पर सवार बाकी सभी जवान सुरक्षित हैं। शहीद जवानों के नाम विष्णु आर. एवं शैलेंद्र बताए गए हैं। शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को घटना स्थल से निकाला जा रहा है। उन्हें सुकमा लाया जाएगा। सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने घटना की पुष्टि की है।

जगदलपुर के महारानी जिला अस्पताल में आयुष्मान भारत प्रोत्साहन राशि घोटाला

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  •  नोडल अधिकारी डॉ. शर्मा ने अपने चहेतों को बांट दिए लाखों रुपए
  • योजना के हकदारों को लाभ से कर दिया वंचित

अर्जुन झा

जगदलपुर: सरकारी डॉक्टर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत योजना को भी अवैध कमाई का जरिया बना चुके हैं। ऐसा ही एक मामला महारानी जिला चिकित्सालय जगदलपुर में सामने आया है। महारानी अस्पताल में पदस्थ डॉ. भंवर लाल शर्मा पर आयुष्मान भारत योजना की प्रोत्साहन राशि में लाखों का घोटाला करने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि डॉ. शर्मा ने प्रोत्साहन राशि अपने चहेतों के नाम दर्शाकर आहरित कर ली है और वास्तविक हकदार कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि दी ही नहीं है। मामले की शिकायत पीड़ितों ने बस्तर संभाग के आयुक्त और कलेक्टर से की है।

शिकायत पत्र के मुताबिक महारानी अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. भंवरलाल शर्मा ने प्रोत्साहन राशि का वितरण नियम विरुद्ध कर दिया है। उनके द्वारा अपने चहेतों को डाटा एंट्री कार्य दिया जा रहा है और जिन्हें प्रोत्साहन राशि मिलनी चाहिए, उन्हें नहीं देकर कुछ ही लोगों के बीच अधिक राशि का वितरण किया जा रहा है। शिकायत के साथ प्रोत्साहन राशि वितरण की सूची भी बस्तर के दोनों उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है सूची में बताया गया है कि डॉ. भंवर लाल शर्मा ने अपने नाम पर 56 लाख 50 हजार 884 रुपए, कॉउंसलर अनुश्री पाल के नाम पर 1 लाख 72 हजार 319 रुपए, डाटा एंट्री ऑपरेटर संजीव झा के नाम पर 1 लाख 69 हजार 606 रुपए, डाटा एंट्री ऑपरेटर संतोषी दोहरे के नाम पर 1 लाख 48 हजार 604 रुपए, फार्मासिस्ट अंकुश मेश्राम के नाम पर 2 लाख 67 हजार 954 रुपए, फार्मासिस्ट विपुल सागर जग्गी के नाम पर 2 लाख 72 हजार 189 रुपए, फार्मासिस्ट शुभम त्रिपाठी के नाम पर 2 लाख 80 हजार 600 रुपए, डाटा एंट्री ऑपरेटर चामसिंह बघेल के नाम पर 1 लाख 54 हजार 205 रुपए और लैब मैनेजर विनोद पाणिग्रही के नाम पर 1 लाख 99 हजार 975रुपए 54 पैसे का वितरण दर्शाकर पूरी राशि आहरित कर ली है। इस तरह आयुष्मान भारत योजना की प्रोत्साहन राशि में डॉ. भंवर लाल शर्मा द्वारा लाखों रुपए की धांधली की गई है।

डॉ. प्रसाद पर भी गंभीर आरोप

महारानी जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. संजय प्रसाद पर भी शिकायत कर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक डॉ. संजय प्रसाद की भांजी अनुश्री पॉल जिला चिकित्सालय में कॉउंसलर के पद पर नियुक्त हैं, मगर उन्हें अनुचित ढंग से और नियम विरुद्ध तरीके से आयुष्मान भारत योजना की डाटा एंट्री के कार्य में लगवा कर डॉ. प्रसाद ने दोहरा लाभ दिलवाया है। अनुश्री पॉल को डाटा एंट्री कार्य के एवज में 1 लाख 72 हजार 319 रुपए की आयुष्मान भारत योजना मद से प्रोत्साहन राशि दिलाई गई है। इसके अलावा अनुश्री पॉल को कॉउंसलर के तौर पर तन्खावाह तो मिलती ही है, हेपेटाईटिस डोटा एंट्री ऑपरेटर के तौर पर भी हर माह दो हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी मिल रही है। बताया गया है कि अनुश्री पाल द्वारा हेपेटाईटिस डाटा एंट्री का कार्य किया ही नहीं जा रहा है, फिर भी उन्हें प्रति माह इस कार्य के एवज में दो हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इस तरह सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए अपनी रिश्तेदार को अनुचित आर्थिक लाभ दिलाया है।

अब नकली नोट भी छापने लगे हैं नक्सली, सुकमा के जंगल से प्रिंटर मशीन, इंक और फेक करेंसी बरामद

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  •  पहली बार बस्तर संभाग में सामने आई विस्फोटक खबर
  • अंदरुनी क्षेत्रों के बाजारों में लंबे समय से खपाते आ रहे थे नकली नोट
  • आदिवासियों के बीच खपाते रहे हैं इन नकली नोटों को

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले से नक्सालियों से जुड़ी बड़ी विस्फोटक खबर सामने आई है। खबर यह है कि अब बस्तर में सक्रिय नक्सली नकली नोट भी छापने लगे हैं। इन नकली नोटों को नक्सली सुदूर गांवों के साप्ताहिक बाजारों में सामान बेचने आए भोले भाले और आशिक्षित आदिवासियों के पास ही लंबे समय से खपाते आ रहे हैं। इस तरह खुद को आदिवासियों का मसीहा बताने वाले नक्सली आदिवासियों से तो छल कर ही रहे हैं, देश की अर्थ व्यवस्था को भी आघात पहुंचा रहे हैं। इस खुलासे के बाद नक्सलियों का असली चेहरा भी सामने आ गया है। दरअसल सुरक्षा बलों ने सुकमा जिले के जंगल से नकली नोट छापने की प्रिंटर मशीन, विभिन्न रंगों की स्याही, प्रिंटर रोलर व अन्य सामग्री बरामद की जाने के बाद यह विस्फोटक खुलासा हुआ है।

बस्तर संभाग के सुकमा जिले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इसी तारतम्य में नक्सलियों द्वारा नकली नोट छापकर खपाए जाने की सूचना मिलने पर 22 जून को जिला पुलिस बल, डीआरजी, बस्तर फाईटर और सीआरपीएफ की 50वीं वाहिनी की संयुक्त पार्टी विशेष नक्सल गश्त सर्चिंग के लिए ग्राम मैलासूर, कोराजगुड़ा, दंतेशपुरम व आसपास के क्षेत्र की ओर रवाना हुई थी। इस अभियान के दौरान सुरक्षा बल जंगल -झाड़ियों की सर्चिंग करते हुए आगे बढ़ रहा था। इसी बीच 22 जून की शाम ग्राम कोराजगुड़ा के जंगल पहाड़ी में मौजूद नक्सली सुरक्षा बलों की गतिविधियों को देखकर जंगल पहाड़ी की आड़ लेकर भाग निकले। इसके बाद सुरक्षा जवानों द्वारा घटना स्थल की सघन सर्चिंग करने के दौरान अलग- अलग जगहों पर नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए नकली नोट बनाने का उपकरण, कलर प्रिंटर मशीन, इन्वर्टर मशीन, कलर इंक एवं 50, 100, 200 व 500 रूपए के नकली नोट के सेम्पल तथा भरमार बंदूक, वायरलेस सेट, मैग्जीन पोच, नक्सली काली वर्दी, कपड़े एवं भारी मात्रा में विस्फोटक सामाग्री बरामद की गई।

ये हैं आदिवासियों के मसीहा?

सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि वर्ष 2022 में बड़े नक्सली कैडरों द्वारा प्रत्येक एरिया कमेटी के एक- एक नक्सली सदस्य को नकली नोट छापने का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण पश्चात अपने-अपने एरिया कमेटी में प्रशिक्षित नक्सलियों द्वारा नकली नोट छापकर अंदरुनी क्षेत्रों के साप्ताहिक बाजारों में खपाया जा रहा है। अपने-आप को आदिवासियों का हितैषी बताने वाले नक्सली नकली नोट छापकर उन्ही आदिवासियों के साथ छल कर रहे हैं। क्षेत्र के आदिवासियों द्वारा रात-दिन मेहनत मजदूरी कर बनाए गए सामान और उनकी उपज को नकली नोट से खरीद कर नक्सली अपनी काली करतूत का परिचय दे रहे हैं। इन नकली नोटों का चलन बढ़ा कर भारतीय अर्थ व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश भी अब नक्सलियों द्वारा की जा रही है।

ये सामान हुए बरामद

डंप से बरामद सामानों में कलर प्रिंटर मशीन 1 नग, ब्लैक प्रिंटर मशीन 1 नग, इन्वर्टर मशीन 1 नग,

50 रुपए, 100 रुपए, 200 रुपए एवं 500 रुपए के नकली नोट, भरमार बंदूक 2 नग, भरमार बंदूक बैरल 1 नग, प्रिंटर मशीन कॉटिज 4 नग, ईमेज किंग, जीपीएस पाउडर प्रिंटर मशीन 118 नग, प्रिंटर इंक 23 नग, प्रिंटर रोलर 9 नग, इलेक्ट्रानिक क्लीनर 2 नग, मल्टीमीटर 1 नग, कैल्कुलेटर 1 नग, वायरलेस सेट 6 नग, वायरलेस सेट चार्जर 6 नग, वायरलेस सेट बैटरी 2 नग, वायरलेस सेट एंटिना 4 नग, वायरलेस सेट क्लीप 7 नग, चार्जर 5 नग, बैटरी क्लीप 8 नग, बैटरी चार्जर एक नग, कोर्डेक्स वायर गांठ लगा हुआ 16 नग, छोटी सोल्डर मशीन, स्टील स्केल 1 नग, मोबाईल चार्जर 1 नग, सूखी डीसी बैटरी 1 नग, मैग्जीन पोच 4 नग एंकलेट 1 नग, पिट्ठू बैग 1 नग, स्टेपलर पिन 3 डिब्बे, नक्सली बैनर कपड़ा, नक्सली काली वर्दी 2 जोड़ी, ढोलक 1 नग, कम्बेट बैरल कैप 2 नग, दवाईयां, नक्सलियों के दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल हैं।

पहले भी खबरों के माध्यम से किया था आगाह

बस्तर संभाग के पत्रकारों ने नक्सलियों की आर्थिक क्षमता को लेकर खबर प्रकाशित कर काफी पहले ही शासन, प्रशासन और पुलिस को आगाह कर दिया था। दरअसल छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा हर तरह से नक्सलियों की कमर तोड़ने की कवायद के बाद भी नक्सली आर्थिक रूप से सक्षम कैसे हैं, जंगलों में घूमते पकड़े जाने वाले नक्सलियों के पास से हजारों रुपए कैसे बरामद हो रहे हैं और आखिर उन्हें आर्थिक मदद कौन पहुंचा रहा है? इन ज्वलंत सवालों को केंद्र में रखकर पत्रकारों ने अपने समाचार पत्र में विस्तृत खबर प्रकाशित की थी। संभाग के जंगलों में एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने अलग अलग जगहों से एक महिला नक्सली और एक पुरुष नक्सली से 500 -500 रुपयों के कुल 50 हजार रुपए बरामद किए थे। एक नक्सली के पास से 30 हजार रुपए और दूसरे के पास से 20 हजार रुपए बरामद किए गए थे। इसी को आधार बनाकर पत्रकारों ने विवेचनात्मक खबर का प्रकाशन किया था और आख़िरकार यह खबर सच निकली।

हरियाली से आच्छादित होंगे मातागुडी, देवगुडी, घोटुल, प्राचीन मृतक स्मारक और धरोहर स्थल

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  •  आस्था स्थलों के पास किया जाएगा वृक्षारोपण
  • मुख्यमंत्री के निर्देश पर 5 लाख 62 हजार पौधों का किया जाएगा रोपण

अर्जुन झा-

जगदलपुर आदिवासियों एवं अन्य परम्परागत वन निवासियों का जल, जंगल और जमीन के साथ-साथ सेवी- अर्जी स्थलों पर अटूट आस्था रहती हैं। देव- माता गुड़ी स्थलों के आसपास वृक्षों को देवता तुल्य मान्यता है। गुड़ी स्थल पर स्थित पेड़ पौधों को संरक्षित रखा जाता है। इसी भावना के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार बस्तर क्षेत्र के सभी देवगुड़ियों, मातागुड़ियों, प्राचीन मृतक स्मारक स्थलों के आसपास अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण करने की योजना बनाई गईहै।

बस्तर संभाग के कमिश्नर श्याम धावड़े ने बताया कि संभाग के सातों जिलों में कुल 7055 देवगुड़ी, मातागुड़ी, जारी 3455 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों के 2607.200 हेक्टेयर रकबे पर 5 लाख 62 हजार 500 वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस वृक्षारोपण कार्य के लिए जिलों की जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इन देव स्थलों पर फलदार, फूलदार, छायादार पौधे यथा नीम, आम, जामुन, करंजी, अमलतास व ग्रामवासियों के सुझाव अनुसार पौधों का रोपण विशेष अभियान चलाकर किया जाएगा। वृक्षारोपण के दिन ग्राम प्रमुख, बैगा, सिरहा, पेरमा, मांझी, चालकी, गुनिया, गायता, पुजारी, पटेल, बजनिया, अटपहरिया तथा जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। वृक्षारोपण कार्य वन विभाग के सहयोग से वन महोत्सव कार्यक्रम को 15 जुलाई तक पौधरोपण कार्य को पूर्ण करवा लिया जाएगा। उन्होंने जिलों के कलेक्टरों को समय सीमा की बैठक में इसकी सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। ज्ञात हो कि बस्तर संभाग में स्थापित आस्था एवं जीवित परम्पराओं के केंद्र मातागुडी, देवगुड़ी, घोटुल, प्राचीन मृतक स्मारक, सेवा-अर्जी स्थलों का संरक्षण एवं संवर्धन करने के लिए अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 की धारा 3(1) (5) के तहत देवी- देवताओं के नाम से ग्रामसभा को 3455 सामुदायिक वनाधिकार पत्र प्रदान किए गए हैं तथा 3600 गैर वन क्षेत्र में स्थित देवगुड़ी, मातागुड़ी, प्राचीन मृतक स्मारक एवं घोटुल स्थल को राजस्व अभिलेख में प्रविष्टि किया जा चुका है। कुल 7055 मातागुड़ी, देवगुड़ी, गोटूल, प्राचीन मृतक स्मारक के लिए 2607.20 हेक्टेयर यानि 6466 एकड़ भूमि राजस्व अभिलेखों में प्रविष्टि कर संरक्षित की गई है।

बस्तर में सर्वाधिक आस्था केंद्र

स्थलों पर वृक्षारोपण किया जाना है। जिसमें बस्तर जिले में 1643 देवगुड़ी, मातागुड़ी, जारी 999 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों में 628.81 हेक्टेयर रकबे में पौधरोपण हेतु अनुमानित लक्ष्य 1 लाख 60 हजार, कोंडागांव जिले में 1410 देवगुड़ी – मातागुड़ी, जारी 1121 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों में 551.81 हेक्टेयर रकबा में पौधरोपण हेतु अनुमानित लक्ष्य 1 लाख 40 हजार, कांकेर जिले में 1179 देवगुड़ी -मातागुड़ी, जारी 303 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों में 329.0हेक्टेयर रकबा में पौधरोपण हेतु अनुमानित लक्ष्य 85 हजार, नारायणपुर जिले में 860 देवगुड़ी – मातागुड़ी, जारी 110 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों में 225.21 हेक्टेयर रकबा में पौधरोपण हेतु अनुमानित लक्ष्य 51 हजार 500, दंतेवाड़ा जिले में 570 देवगुड़ी – मातागुड़ी, जारी 244 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों में 231.77 हेक्टेयर रकबा में पौधरोपण हेतु अनुमानित लक्ष्य 51 हजार, बीजापुर जिले में 856 देवगुड़ी – मातागुड़ी, जारी 490 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों में 385.42 हेक्टेयर रकबा में पौधरोपण हेतु अनुमानित लक्ष्य 10 हजार और सुकमा जिले में 537 देवगुड़ी – मातागुड़ी, जारी 188 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों में 255.16 हेक्टेयर रकबा में पौधरोपण हेतु अनुमानित लक्ष्य 65 हजार है। संभाग के सातों जिलों में कुल 7055 देवगुड़ी – मातागुड़ी, जारी 3455 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों के 2607.200 हेक्टेयर रकबे पर 5 लाख 62 हजार 500 पर वृक्षारोपण का लक्ष्य तय किया गया है। वृक्षारोपण कार्य के लिए जिलों के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। साथ जिलों के वन मंडलाधिकारी को आवश्यक सहयोग के लिए निर्देशित किया गया है।

करपावंड तहसील कार्यालय में दुकान खोलकर बैठे अर्जी नवीस ग्रामीणों से कर रहे हैं बेतहाशा उगाही

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  •  आवेदन और दस्तावेज बनाने के एवज में ग्रामीणों से 500 रुपए तक की वसूली

अर्जुन झा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्रामीण एवं अंदूरूनी क्षेत्रों में निवासरत आदिवासियों को लाभ दिलाने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है ताकि वह भी स्वस्थ और समृद्ध होकर छत्तीसगढ़ के विकास में सहभागी बन सकें। इसी के तहत बस्तर जिले की जनपद पंचायत बकावंड के ग्राम करपावंड को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीणों की आवश्यकता को देखते हुए नई तहसील बनाया गया है।ताकि ग्रामीणों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र तथा भूमि से संबंधित अन्य कार्यों के लिए भटकना न पड़े। इस तहसील के निर्माण से ग्रामीणों में काफी हर्ष का माहौल बना हुआ था और सरकार की इस पहल से ग्रामीण खुशी भी जाहिर कर रहे थे। मगर उनकी खुशियां तहसील कार्यालय में अर्जी नवीसी की दुकान खोलकर बैठे एक व्यक्ति ने छीन ली है। यह व्यक्ति छोटे मोटे आवेदन के लिए भी गरीब ग्रामीणों और आदिवासियों से 200 रुपए से लेकर 500 रुपए तक की वसूली कर रहा है।और कोई दूसरा दस्तावेज लेखक या अर्जी नवीस न होने के कारण लोग मजबूर होकर उसी अर्जी नवीस से काम करा रहे हैं।

लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होन के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण करपावंड तहसील कार्यालय पहुंचकर आय, जाति, निवास तथा भूमि संबंधित दस्तावेज के लिए आवेदन प्रस्तुत करने में लगे हुए हैं। इस तहसील कार्यालय में अर्जी नवीस तथा दस्तावेज लेखक का पद रिक्त होने के कारण यहां दुकान लगाकर बैठे अर्जी नवीस द्वारा आदिवासी ग्रामीणों की अशिक्षा का लाभ उठाते हुए छोटे-छोटे कामों के लिए 200 से 500 रूपये तक वसूला जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा कम पैसे देने की बात कहने पर काम करने के लिए मना कर दिया जाता है। जिसके कारण आदिवासी ग्रामीणों को मजबूरन अधिक पैसा देकर काम करवाना पड़ रहा है। वहीं इस संबंध में तहसीलदार मंडावी से फोन पर चर्चा करने पर उन्होंने इसकी जानकारी नही होने और संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। आपको बता दें कि करपावंड में नया तहसील कार्यालय खुलने से स्टाम्प वेंडर तो है किन्तु अर्जी नवीस एवं दस्तावेज लेखक के पद रिक्त हैं। जिसका फायदा उठाकर दुकान खोले बैठे अर्जी नवीस अनपढ़ आदिवासियों से अवैध उगाही करने में लगे हुए हैं। इस ओर संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों को ग्रामीणों की स्थिति को देखते हुए उचित कदम उठाना चाहिए। ताकि अवैध उगाही को रोका जा सके।

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