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बलौदाबाजार आगजनी की घटना प्रदेश सरकार की नाकामी और लचर कानून व्यवस्था नतीजा: कांग्रेस

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  • धरना प्रदर्शन में सरकार के खिलाफ बोला हल्ला

कांकेर प्रदेश की भाजपा सरकार के नाकामियों एवं लचर कानून व्यवस्था के कारण बलौदाबाजार जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तोड़फोड़ व आगजनी की घटना हुई है, जिसके परिणाम स्वरूप जिले की आम जनता एवं निर्दोषज लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।

इस सम्बंध में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के कार्यक्रम के प्रभारी भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव की उपस्थिति में 18 जून को कांकेर जिला मुख्यालय में दोपहर 12 बजे से जिला कांग्रेस कमेटी कांकेर द्वारा प्रदेश की भाजपा सरकार के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेश तिवारी ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बलौदाबाजार में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना बहुत ही दुर्भाग्य है। इस घटना ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता पर हमला कर सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का काम किया है।भाजपा सरकार की नाकामी और निरकुंश प्रशासन के कारण जिला मुख्यालय में इतनी बड़ी घटना हुई है जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि जबसे प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है तबसे अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्हें नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। कार्यक्रम के प्रभारी एवं विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। बलौदाबाजार की घटना भाजपा शासन की विफलता को काले अक्षर में लिखा जाएगा। ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इस पर विचार करने के बजाय भाजपा के नेता और छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री इस पर उल जुलूल बयान बाजी कर रहे हैं और अपनी नाकामी को छुपाने के लिए वास्तविक आरोपियों के बजाय समाज से जुड़े पदाधिकारी व सामाजिक लोगों को इस मामले में फंसा कर जेल भेज रहे हैं। जिसकी हम कांग्रेस जन निंदा करते हुए निर्दोषों की तत्काल रिहाई की मांग और जैतखाम तोड़ने की घटना का सतनामी समाज की सीबीआई जांच की मांग का समर्थन करते हैं। उन्होंने आगजनी की घटना के लिए पूरी तरह से भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि सरकार आम जनता के सुरक्षा को लेकर गम्भीर नही है। जनता का विश्वास कुछ दिनों में ही खो बैठी है। भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक सावित्री मंडावी ने कहा कि बलौदाबाजार की हिंसक घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, सरकार का दायित्व है कि इस तरह की घटना को अंजाम देने वाले वास्तविक आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही करे और निर्दोषों को तत्काल जेल से रिहा कर बलौदाबाजार की शांति व्यवस्था बहाल करे। पूर्व विधायक शंकर ध्रुवा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में इस तरह का माहौल पहली बार निर्मित हुआ है कि कलेक्टर और एसपी कार्यालय में आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया हो। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार प्रशासन चलाने में पूरी तरह से फेल हो चुकी है। सभा में कांग्रेस के नेताओं ने बलौदाबाजार की घटना पर भाजपा की प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।

धरना प्रदर्शन के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने राज्यपाल के नाम जिला प्रशासन के प्रतिनिधि कांकेर तहसीलदार सुरेश कुमार राय को ज्ञापन सौंपा। धरना प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभद्रा सलाम, प्रदेश महामंत्री नरेश ठाकुर, प्रदेश सचिव जनकनंदन कश्यप, जितेंद्र सिंह ठाकुर, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमंत ध्रुव, नरेंद्र यादव, तरेंद्र भंडारी, गोमती सलाम, नरोत्तम पटौदी, सुनील बबला पाढ़ी, रूपसिंह पोटाई, जिला कांग्रेस महामंत्री सुनील गोस्वामी, याशीन करानी, मनोज जैन, रोहिदास शोरी, इंद्रजीत विश्वास, बीरेन्द्र सिंह ठाकुर, पुरषोत्तम पाटिल, रोमनाथ जैन, दिनेश पटेल, पंकज वाधवानी, नरेश बिछिया, खोमेंद्र उइके, लोमेंद्र यादव, अजय रेणु, विजय यादव, सत्यार्थ करायत, राजू दुबे, आकाश यदु, महेंद्र नायक, सरजू शोरी, दिलीप विश्वास, लतीफ मेमन, शिवभान सिंह, अमित साहू, सौरभ तारम, संतराम मरकाम, महेश वट्टी, खम्हन मरकाम, सैय्यद एजाज अली, सुमति नेताम बड़ी संख्या में जिला व ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारी, सदस्य, महिला कांग्रेस, सेवादल, युवक कांग्रेस, एनएसयूआई के पदाधिकारी, सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री सुनील गोस्वामी ने तथा आभार प्रदर्शन भानुप्रतापपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह ठाकुर ने किया।

प्रदेश में है अराजकता का माहौल, नैतिकता के नाते इस्तीफा दें मुख्यमंत्री : दीपक बैज

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  •  कांग्रेस के धरना प्रदर्शन में जमकर बरसे पीसीसी चीफ

जगदलपुर जैतखाम तोड़े जाने और उसके बाद बलौदा बाजार जिला मुख्यालय में हुई आगजनी तथा हिंसक घटनाओं को लेकर आज यहां सिरहासार चौक पर शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज प्रदेश की साय सरका पर जमकर बरसे। उन्होंने सरकार को पूरी तरह फेल बताते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगा।

धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पीसीसी चीफ ने कहा कि किसी भी धर्म की आस्था के प्रतीक का अपमान अक्षम्य है। सरकार ने वास्तविक आरोपियों को नहीं पकड़ा, इसलिए समाज उद्वेलित हो उठा। देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी कलेक्टर कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आगजनी की गई है। शांत छत्तीसगढ़ के माथे पर यह बड़ा धब्बा है और यह धब्बा प्रदेश की भाजपा सरकार की नाकामी की वजह से लगा है। बैज ने कहा कि साय सरकार के अब तक के छह माह का कार्यकाल घोर निराशा भरा रहा है। साय सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। प्रदेश में भाजपा सरकार के आने के बाद आपराधिक घटनाएं बढ़ गई हैं, चोरी, लूट, हत्याओं, बलात्कार का सिलसिला थम नहीं रहा है। सरकार का इंटेलिजेंस विभाग पूरी तरह फेल्योर साबित हुआ है। राज्य में और सामाजिक सौहार्द का जो वातावरण पिछली कांग्रेस ने बनाया था, उसे इस भाजपा सरकार ने तहस नहस कर दिया है। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सामाजिक और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने के खेल में माहिर है। बलौदा बाजार में जो कुछ भी हुआ है, उसके लिए राज्य की भाजपा सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है और अब राज्य की जनता भाजपा को कभी माफ नहीं करेगी। श्री बैज ने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है और इसके खिलाफ कांग्रेस हर स्तर पर आवाज बुलंद करती रहेगी। सभा को पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भी संबोधित किया और भाजपा सरकार पर विफल रहने का आरोप लगाया। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने भी अपनी बात रखी। सभा के बाद राजयपाल के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने सौंपा।

बरसात का मौसम आ गया, जाम नालियां फिर मचाएंगी कोहराम, पर नहीं टूटी सरपंच और सचिव की नींद

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  •  बकावंड ब्लॉक मुख्यालय में अव्यवस्था का आलम
  • आक्रोशित ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

अर्जुन झा-

बकावंड कहने को तो बकावंड ब्लाक मुख्यालय, इस गांव की तमाम व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी स्थानीय ग्राम पंचायत पर है और ग्राम पंचायत को उसके कर्तव्य का अहसास

कराने की जवाबदेही जनपद पंचायत बकावंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की है। अगर ये सभी जिम्मेदार सोते रह जाएं, तो बकावंड के ग्रामीणों का भगवान ही मालिक है। बकावंड ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की लापरवाही का खामियाजा लगता है यहां के ग्रामीणों को इस साल के मानसून के दौरान भी भुगतना पड़ेगा। मगर इस बार यहां के ग्रामीण जाग उठे हैं और उन्होंने सरपंच, सचिव की लापरवाही के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी भी कर ली है।

बकावंड कस्बे में ग्रामीणों की सुविधा के लिए जो निकास नालियां बनवाई गई हैं, वे यहां के ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं। नालियों का निर्माण बेतरतीब ढंग से कराया गया है। नतीजतन पानी का बहाव नहीं हो पाता। वहीं कचरा कूड़े ने नालियों को जाम कर रखा है। ग्राम पंचायत नालियों की सफाई नहीं कराती। थोड़ी सी बारिश होने पर नालियों का दम निकल जाता है और सारी गंदगी तथा गंदा पानी आसपास के घरों में घुस जाता है। बरसात के मौसम में तो हालत और भी बदतर हो जाती है। पूरी सड़कें नदी का रूप ले लेती हैं और घर झील में तब्दील हो जाते हैं। घरों में इस कदर पानी भर जाता है कि अंदर रखे कपड़े लत्ते, राशन, बच्चों की कॉपी पुस्तकें, स्कूल यूनिफार्म तक भीग जाते हैं। ग्रामीण नालियों की सफाई कराने की मांग करते करते थक चुके हैं, मगर सरपंच सचिव हैं कि ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। मानसून बस्तर में दस्तक दे चुका है, छिटपुट बारिश का दौर जारी है और अब तेज बरसात शुरू होने वाली है। ऐसे में यहां ग्रामीण अभी से चिंतित हो चले हैं कि पूरे बरसात के मौसम में उनका क्या हाल होगा?

जनवरी से चेताते आ रहे ग्रामीण

ग्रामीणों ने बताया जनवरी फरवरी 2024 की ग्रामसभा बैठक के माध्यम से ग्राम पंचायत को समस्त जाम नालियों के विषय में अवगत कराया गया था, लेकिन अब मानसून आ गया है और नालियों की साफ सफाई अभी तक नही कराई गई है। बंद नालियों के कारण घरों और दुकानों में पानी घुस जाता है लेकिन यहां की सरपंच कलावती की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को हानि हो रही है। समय से पहले नालियों की सफाई नहीं कराई गई तो ग्रामीण जन आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगे। आंदोलन की चेतावनी देने वालों में मानसिंह, देवराज, राजू, कंचन, शंकर, मोनू, सुरीज, बलिहार, नीलम बद्रे , माहिपाल, महेंद्र, पदमा, शामनाथ, रघुनाथ, पुरुषोत्तम, विवेक व अन्य ग्रामीण शामिल हैं।

वर्सन

कह देता हूं सरपंच से

सरपंच सचिव को बारिश शुरू होने से पहले नालियों की साफ सफाई कराने के लिए बोलू दूंगा। अब नहीं होगी परेशानी।

एसएस मंडावी,

सीईओ, जनपद पंचायत बकावंड

श्रीराम फाइनेंस के जॉइंट एमडी, नेशनल एचआर हेड और छग जोनल बिजनेस हेड समेत छह के खिलाफ एफआईआर

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  • धोखाधड़ी के केस में फंस गए छह बड़े अधिकारी

जगदलपुर श्रीराम फाइनेंस के जॉइंट एमडी सुदर्शन हुल्ला एचआर हेड ए गणेश , ज़ोनल बिज़नेस हेड सीजी संजय रूपचंदानी, रीजनल हेड जगदलपुर तुमन साहू, पूर्व स्टेट हेड सूरज सरोगी, जगदलपुर ब्रांच मैनेजर दिनेश चौहान के विरुद्ध थाना बोधघाट जगदलपुर में एक आपराधिक मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।

जानकारी के मुताबिक इन सबके खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी, 420, 468, 471, 193 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। बताया जाता है कि इन सभी ने 2021 में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर प्रार्थी नीलेश पांडेय और रिंकू साहू के विरुद्ध सुकमा थाने में झूठी रिपोर्ट लिखाकर उन्हें फंसा दिया था। तब श्रीराम फायनेन्स कंपनी ने भी बिना किसी जांच पड़ताल के नीलेश पाण्डेय और रिंकू साहू को नौकरी से बर्ख़ास्त भी कर दिया था। इस मामले में लोअर कोर्ट ने रिंकू साहू और नीलेश पांडेय को बाइज्जत बरी कर दिया। उसके पश्चात रिंकू साहू और नीलेश पाण्डेय को कुछ सबूत हाथ लग गए। उसके बाद उन्होंने उक्त सभी छह अधिकारियों के खिलाफ थाना बोधघाट जगदलपुर में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।कहते हैं भगवान के घर देर है अंधेर नहीं। और वही हुआ। आज सत्य की जीत का पहला कदम पार हुआ।

बस्तर को समझें और यहां के लोगों के हितों के लिए सकारात्मक सोच के साथ श्रेष्ठतम सेवा दें: कमिश्नर धावड़े

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  • राजस्व अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित

जगदलपुर बस्तर संभाग के कमिश्नर श्याम धावड़े ने कहा है कि बस्तर अंचल के लोग सीधे-सरल और सहज प्रवृत्ति के हैं। इन लोगों के हितों के लिए राजस्व अधिकारी सकारात्मक सोच के साथ अपनी श्रेष्ठतम सेवा प्रदान करें। प्रशासन में राजस्व अधिकारी की बड़ी जिम्मेदारी है और उसकी भूमिका राजस्व अधिकारी के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी की भी होती है। इसे मद्देनजर रखते हुए बस्तर में पद स्थापना को चुनौती के रूप में स्वीकार कर बस्तर को समझें और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप आम जनता के प्रति संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करें।

आयुक्त श्री धावड़े ने कहा कि सतत सम्पर्क रखकर लोगों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए प्रयास करेंगे तो जनता का अभूतपूर्व सम्मान मिलेगा। कमिश्नर बस्तर श्याम धावड़े शनिवार को कलेक्टोरेट बस्तर के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित प्रशासन के सुदृढ़ीकरण हेतु राजस्व अधिकारियों की संभाग स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए उक्त निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि भूमि प्रबंधन का कार्य राजस्व विभाग का है, इसलिए भू-अभिलेखों का नियमित तौर पर दुरुस्तीकरण करने सहित समुचित संधारण करें। वहीं आम जनता से संवेदनशीलता बरतें तथा राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निराकृत करें। राजस्व अधिकारी अपने निर्धारित मुख्यालय में रहकर दायित्व निर्वहन करें, जिससे अधीनस्थ राजस्व अमले का उत्तरदायित्व बढ़ेगा और कार्यों में गतिशीलता आएगी। इससे आम जनता में राजस्व प्रशासन के प्रति विश्वास में वृद्धि होने के साथ ही अपने कार्यों को पूरा होने की उम्मीद बढ़ती है।

पारंपरिक नेतृत्व को समझें

कमिश्नर ने बस्तर के लोगों के लिए जल-जंगल और जमीन को सर्वाधिक महत्वपूर्ण निरूपित करते हुए कहा कि बस्तर के इतिहास में इसी को लेकर मुरिया विद्रोह, भूमकाल जैसे विद्रोह हुए हैं। यहां सदियों से शासन- प्रशासन में सेतु के रूप में भूमिका यहां के मांझी, पुजारी, बैगा- गुनिया, सिरहा, पेरमा,पटेल इत्यादि पारम्परिक सामाजिक नेतृत्व की रही है। इन पारम्परिक नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श कर समस्याओं एवं जन शिकायतों को निराकृत करने पहल करेंगे तो समाज में अच्छी छवि बनेगी और दायित्वों के निर्वहन में सहूलियत होगी। कमिश्नर ने बस्तर संभाग में वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय के लिए बेहतर प्रदर्शन को सराहनीय प्रयास बताते हुए कहा कि आदिम जाति एवं गैर परम्परागत वन निवासी अधिनियम 2006 के तहत बड़े पैमाने पर व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टे प्रदान करने सहित सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र एवं सामुदायिक वन संसाधन मान्यता पत्र प्रदाय किया गया है। साथ ही वनाधिकार पट्टेधारी हितगग्राहियों को ऋण पुस्तिका, किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान करने सहित मनरेगा से लाभान्वित किया जा रहा है। यह इन हितगग्राहियों के आजीविका संवर्द्धन की दिशा में सहायक साबित हो रहा है। अब बस्तर संभाग के दूरस्थ अंदरूनी 692 ग्रामों के वन भूमि में काबिज पात्र लोगों को वनाधिकार मान्यता पत्र से लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी राजस्व अधिकारी समन्वय स्थापित कर दायित्व निर्वहन करें।

प्रमाण पत्र पर निर्देश

सामाजिक प्रस्थिति प्रमाण पत्र के लिए सरलीकृत नियमों का पालन करने के निर्देश

कमिश्नर ने बस्तर संभाग में सामाजिक प्रस्थिति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राज्य शासन के सरलीकृत नियमों का परिपालन किए जाने के निर्देश दिए। इस दिशा में अधिकार अभिलेख के अभाव में सामाजिक तानाबाना, स्थानीय रीति-रिवाज, सामाजिक परंपराओं, वंशावली इत्यादि के आधार पर ग्रामसभा के प्रस्ताव के माध्यम से सामाजिक प्रस्थिति प्रमाण पत्र प्रदाय करें। शैक्षणिक सत्र के शुरुआत को देखते हुए स्कूली बच्चों को जाति,निवास और आय प्रमाण पत्र प्रदाय कार्य में अद्यतन प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस कार्य के लिए बीईओ,बीआरसी और संकुल समन्वयकों के माध्यम से लक्ष्य के अनुरूप प्रकरण तैयार करने कहा। वहीं युवाओं को भी प्राथमिकता के साथ उक्त सभी प्रमाण पत्र प्रदाय किये जाने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने वर्षाकाल के दौरान बाढ़ आपदा प्रबंधन सहित मौसमी बीमारियों के रोकथाम एवं उपचार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आवश्यक पहल किये जाने के निर्देश दिए।

अफसरों ने दिया प्रशिक्षण

कार्यशाला के दौरान मास्टर्स ट्रेनर्स द्वारा भू-राजस्व सहिंता 1959 (धारा 109, 110, 178, 248, 250), राजस्व पुस्तक परिपत्र, भू-अभिलेख नियमावली सहित अन्य राजस्व संबंधी अधिनियम के संबंध में जानकारी दी गई। जिसके तहत नामांतरण, बटवारा, सीमांकन एवं अतिक्रमण विषय पर बीजापुर के संयुक्त कलेक्टर कैलाश वर्मा द्वारा, मसाहती सर्वे पर डिप्टी कलेक्टर हीरा गवर्ना द्वारा, भू-अर्जन अधिनियम 2013 पर नारायणपुर के अपर कलेक्टर विरेन्द्र कुमार पंचभाई, भू-व्यपर्वतन धारा 172 पर बस्तर के डिप्टी कलेक्टर गगन शर्मा द्वारा, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र पर अपर कलेक्टर विरेन्द्र कुमार पंचभाई और आरबीसी 6-4 एवं भूमि आबंटन के विषय पर बीजापुर डिप्टी कलेक्टर जोगेश्वर कौशल द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। वन अधिकार मान्यता अधिनियम 2006 के नियमों व प्रावधानों पर बस्तर के डिप्टी कलेक्टर सुब्रत प्रधान और दंतेवाड़ा के सहायक आयुक्त आनंद सिंह ने न्यायालयीन प्रक्रिया एवं आदेश लेखन विषय पर, बस्तर अपर कलेक्टर सीपी बघेल ने प्रस्तुतिकरण दिया।साथ ही अन्य राजस्व अधिकारियों ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005, नियद नेल्लानार योजना सहित राजस्व अधिकारियों के कर्तव्य एवं अधिकार विषय पर विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। इस कार्यशाला में संभाग के सभी जिले में पदस्थ समस्त अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, सहायक कलेक्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख एवं राजस्व निरीक्षक शामिल हुए।कार्यशाला के समापन पर आभार प्रदर्शन बस्तर उपायुक्त कमिश्नर माधुरी सोम ने किया।

हरिभूमि में खबर छपते ही बकावंड अस्पताल का जायजा लेने पहुंचे सीएमएचओ डॉ. चतुर्वेदी

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  • बीएमओ को दिए व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

बकावंड हरिभूमि में बकावंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ज्वलंत समस्याओं के बारे में प्रकाशित खबर पर सीएमएचओ डॉ. चतुर्वेदी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया। डॉ. चतुर्वेदी ने बीएमओ डॉ. हरीश मरकाम को अस्पताल की तमाम अव्यवस्थाओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।

सीएमएचओ डॉ. चतुर्वेदी सोमवार को बकावंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लेने पहुंच गए। दरअसल हरिभूमि ने बकावंड स्वास्थ्य केंद्र की खामियों और अस्पताल में भर्ती मरीजों व उनके परिजनों को हो रही तकलीफ के बारे में विस्तार से समाचार प्रकाशित किया था। सीएमएचओ डॉ. चतुर्वेदी ने इसे गंभीरता से लिया और वे तुरंत बकावंड आ धमके। डॉ. चतुर्वेदी ने बीएमओ डॉ हरीश मरकाम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की समस्याओं के बारे में जानकारी ली, अस्पताल का निरीक्षण किया, मरीजों से चर्चा की। उन्होंने डॉ. मरकाम से कहा कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती नहीं जाए, मरीजों को शासन द्वारा उपलब्ध सभी सुविधाएं दिलवाई जाएं, अगर कुछ कमियां हैं तो उन्हें तत्काल दूर करें। विदित हो की पिछले 7 दिनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बोर का मोटर पंप खराब होने से अस्पताल में जलापूर्ति ठप है। भर्ती मरीज काफी परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं। वे बाहर से पानी क्रय करके अपने और अपने बीमार परिजन की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल में गंदगी, बजबजाते शौचालयों, पंखे बंद रहने जैसी समस्याओं ने मरीजों और उनके परिजनों का हाल बेहाल कर रखा है। प्रसूति वार्ड भी समस्याओं से घिरा हुआ है। प्रसूता महिलाओं और उनके नवजात बच्चों का मच्छरों ने बुरा हाल कर रखा है। सीएमएचओ डॉ. चतुर्वेदी ने इन तमाम समस्याओं को तत्काल दूर करने की हिदायत बीएमओ को दी है। अब उम्मीद की जा रही है कि अस्पताल की व्यवस्था सुधर जाएगी।

कांग्रेस का सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन 18 जून को

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जगदलपुर बलौदाबाजार जिले के ग्राम महकोनी में जैतखाम को क्षति पहुंचाए जाने और फिर उसके बाद बलौदा बाजार जिला मुख्यालय में हुई आगजनी व तोड़फोड़ की घटना के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में 18 जून को धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री प्रभारी संगठन मलकीत सिंह गैदू ने कहा है कि प्रदेश में जबसे भाजपा की सरकार आई है, राज्य में क़ानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं रह गई है। भाजपा सरकार ऎसी घटनाओं को रोकने में नाकाम साबित हुई है। इसलिए प्रदेश कांग्रेस ने पीसीसी चीफ दीपक बैज के मार्गदर्शन में राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में 18 जून को धरना प्रदर्शन कर साय सरकार को नींद से जगाने का प्रयास किया जाएगा।

 

सांसद महेश कश्यप आज सुकमा जिले के प्रवास पर

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जगदलपुर बस्तर लोकसभा क्षेत्र के नव निर्वाचित सांसद महेश कश्यप सांसद बनने के बाद पहली बार आज 17 जून को सुकमा जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान पूरे जिलेभर में उनका स्वागत, अभिनंदन किया जाएगा। कश्यप सुकमा जिले के तोंगपाल, कूकानार, छिंदगढ़, सुकमा, दोरनापाल, कोंटा आदि का दौरा करेंगे। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और नागरिकों द्वारा उनका अभिनंदन किया जाएगा। सांसद महेश कश्यप सुकमा में रात्रि विश्राम करेंगे।

वनमंत्री केदार कश्यप ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को दी बड़ी राहत, तीन जिलों में होगी नगद भुगतान की व्यवस्था

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  • सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों के हाट बाजारों में लगेंगे शिविर
  • जहां बैंक शाखाएं दूर वहां के संग्राहकों को सहूलियत

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुदूर इलाकों के तेंदूपत्ता संग्राहकों को अब अपने पसीने की कमाई के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अब उन्हें अपने गांव अथवा गांव के करीब के हाट बाजारों में ही उनकी मेहनत की कमाई नगद मिलेगी। प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नगद भुगतान की व्यवस्था करा दी है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मागर्दर्शन में वनमंत्री केदार कश्यप ने नगद भुगतान के संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में बैंक शाखाएं या तो बड़े कस्बों में या फिर रिमोट इलाकों के गांवों से काफी दूर स्थित हैं। ऐसे में तेंदूपत्ता संग्राहकों को पारिश्रमिक राशि के लिए जमकर पसीना बहाना पड़ता रहा है। इन जिलों में बैंकों की शाखाएं दूर-दूर हैं। इसलिए वनमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को यह निर्देश जारी किए हैं। सुकमा बीजापुर और नारायणपुर जिलों के हाट-बाजारों में शिविर लगाकर तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 में पारिश्रमिक राशि का नगद भुगतान किया जाएगा। वन मंत्री केदार के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश रविवार को मंत्रालय से जारी कर दिए गए हैं। सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों के अलावा अन्य जिलों में तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनके खाते में पारिश्रमिक राशि का भुगतान किया जाता है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि समस्त नगद भुगतान की कार्यवाही जिला कलेक्टर के पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण में संपन्न की जाएगी।

कलेक्टर करेंगे निर्धारण

नगद भुगतान के लिए कौन से संग्राहक पात्र होगें, इसका निर्धारण कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक प्रकरण का नगद भुगतान कलेक्टर की अनुमति से होगा। हर जिले में जिला कलेक्टर तथा वन मंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक जिला यूनियन द्वारा आपसी समन्वय से प्रस्तावित क्षेत्र के अंतर्गत हाट बाजार या अन्य उपयुक्त स्थान पर शिविर का आयोजन कर संबंधित संग्राहकों को तेंदूपत्ता संग्रहण कार्ड में उचित प्रविष्टि कर नगद भुगतान करते हुए पावती प्राप्त की जाएगी। नगद भुगतान के पूर्व पर्याप्त प्रचार प्रसार किया जाएगा तथा नगद भुगतान से संबंधित समस्त कार्य की संपूर्ण वीडियोग्राफी करते हुए प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। संबंधित जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में आयोजित किए जाने वाले शिविरों के दौरान संग्राहकों को आवश्यकता के अनुसार आधार कार्ड जारी करने, बैंक खाता खुलवाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस हेतु सीएससी, स्थानीय बैंक आदि से आवश्यक सहयोग लिया जाएगा। संग्राहकों द्वारा प्राप्त बैंक खाता विवरण के अनुरूप संग्राहक सर्वेक्षण साफ्टवेयर तेंदूपत्ता पेमेंट साफ्टवेयर में आवश्यक पंजीयन आदि जिला यूनियन तथा सीएससी के माध्यम से कराया जाएगा। संग्राहकों को पारिश्रमिक राशि के भुगतान की कार्यवाही 15 दिन के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

दर्द से वाकिफ हैं कश्यप

वन मंत्री बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में जन्मे और पले बढ़े हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों की तकलीफ और दर्द को केदार कश्यप बचपन से ही बेहद करीब से देखते और महसूस करते आए हैं। चूंकि कश्यप स्वयं आदिवासी समुदाय से हैं और तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में ज्यादातर आदिवासी समुदाय के लोग ही लगे हुए हैं, लिहाजा तेंदूपत्ता संग्राहकों के कष्ट से वाकिफ हैं। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों को अपनी मेहनत की राशि पाने के लिए कई कई दिन तक भटकते देखा है। इसलिए वे नहीं चाहते थे कि विष्णु देव साय सरकार के राज में तेंदूपत्ता संग्राहकों को त्रासदी झेलनी पड़े। इसीलिए मंत्री केदार कश्यप ने रिमोट इलाके में रहने वाले तेंदूपत्ता संग्राहकों यह बड़ी राहत दी है। इससे तेंदूपत्ता संग्राहकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

युवक ने फांसी पर लगाकर की आत्महत्या

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दल्लीराजहरा युवक ने फासी लगाकर की आत्महत्या कल रात 11.30 बजे के आस पास युवक ने बी.एस.पी 2 डी टाइप क्वाटर नम्बर 41/जी निर्मला सेक्टर में पंखे से लटक कर फांसी लगा आत्महत्या कर ली बताया जा रहा है युवक अपनी पत्नी बच्चे के साथ ससुराल वार्ड क्रमांक-5 , 256 चौक खाना खाने गया था खाना खाने के बाद अपने ससुर को बोला ठीक नही लग रहा घर जा रहा हु तो ससुर बोले रात रुक जाओ कल चले जाना युवक बोला ठीक है

में बाहर टहल कर आता हु। काफी देर तक नही आने पर परिवार वाले देखने निकले आस पास नहीं दिखने पर,बेटी पिता के साथ क्वाटर में खोजते हुए पहुंची। पत्नी ऊपर जाकर देखा पति पंखे से फासी में लटका हुआ था पत्नी अपने पिता को उपर बुलाई और पति के दोस्त को बताई दोस्त और ससुर थाना में सूचना दिए मृतक का नाम दीपक मेश्राम पिता बसंत मेश्राम उम्र 26 वर्ष पूर्व में वार्ड क्रमांक 2 पंढर दल्ली में रहता था एवं ट्रांसपोर्टिंग का कार्य करता था कुछ समय पूर्व प्रेम विवाह कर अपनी पत्नी एवं सात माह के बच्चे साथ निर्मला सेक्टर में बीएसपी क्वार्टर 41/ जी 2डी टाइप निर्मला सेक्टर में रह रहा था। आत्महत्या की वजह अज्ञात है मौके पर पुलिस पहुंच शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

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