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कमीशन को लेकर ठेकेदार से सौदा नहीं जमा तो एसडीओ ने उखड़वा दी करोड़ों की नई सड़क

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  • पीडब्ल्यूडी के चर्चित एसडीओ का कारनामा
  • सड़क के ठेकेदार को हो गया लाखों का नुकसान

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के भानुप्रतापपुर में पदस्थ चर्चित एसडीओ गणवीर एसके का एक और नया कारनामा सामने आया है। एसडीओ ने ठेकेदार से लेनदेन का सौदा नहीं जमने पर करोड़ों रुपयों की लागत से बनी नई सड़क को जेसीबी से तहस नहस करवा दिया। ठेकेदार की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने एसडीओ की डिमांड पूरी नहीं की।

लोक निर्माण विभाग के भानुप्रतापपुर सब डिवीजन के एसडीओ गणवीर एसके की निगरानी में भानुप्रतापपुर से अंतागढ़ कच्चे तक करीब 40 किमी लंबी सड़क लगभग 168 करोड़ की लागत से बनवाई जा रही है। इस सड़क के साल्हे और कच्चे के बीच के हिस्से पर करीब 3 किमी लंबी सीसी सड़क ठेकेदार कन्हैया अग्रवाल के माध्यम से हाल ही में बनवाई गई है। बताते हैं कि लेनदेन की बात नहीं जमने के कारण जेसीबी से सड़क को पूरी तरह तहस नहस करवा दिया गया। इससे ठेकेदार कन्हैया अग्रवाल को करीब 50 लाख रूपए का नुकसान हुआ है। गुरुवार को दोपहर के वक्त लोक निर्माण विभाग के ईई महेंद्र कश्यप की उपस्थिति में एसडीओ गणवीर ने यह हरकत की है।इस घटनाक्रम से साल्हे, कच्चे समेत आसपास के गांवों के ग्रामीण और विभाग के अमूमन सभी ठेकेदार हतप्रभ हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी के एसडीओ ने कमीशन के लेनदेन को लेकर बात नहीं बनने पर ईई के समक्ष गलत जानकारी रखकऱ इस कृत्य को अंजाम दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अच्छी गुणवत्ता के साथ बनवाई गई सड़क को पूरी तरह उखड़वा कर एसडीओ ने इलाके के ग्रामीणों के साथ अन्याय किया है। लोगों को अब आवागमन में परेशानी होगी। यदि जांच करनी ही थी तो एकाध मीटर सड़क की खोदाई करवा लेते। पूरी सड़क को खोद देना अधिकारी की हिटलरशाही को दर्शाता है। वहीं इस मामले में एसडीओ गणवीर का कहना है की 3 किमी सड़क नहीं खोदी गई है, बल्कि मात्र 30 मीटर उखाड़ी गई है। ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता विहीन कार्य कराया गया है। इस कारण उक्त कार्यवाही की गई। लेकिन मामले के जानकार लोगों का कहना है कि सारा हथकंडा उक्त एसडीओ द्वारा ही अपनाया

गया है। क्योंकि कमीशन के लिए ये एसडीओ किसी भी हद तक चले जाते हैं।

एसडीओ की नजर हमेशा सरकारी दौलत पर गड़ी रहती है। अब उन्हें 300 करोड़ के कार्य कराने की जिम्मेदारी मिल गई है, तो कमाई के चक्कर में वे बावले हो गए हैं और कमीशन के लिए विभागीय मापदंडों की सीमा रेखा को भी लांघ रहे हैं। बीस साल तक लोक निर्माण विभाग में सब इंजीनियर के तौर पर पदस्थ रहे यह एसडीओ कई कारगुजारियों को अंजाम दे चुके हैं। इस वजह से वे सस्पेंड भी कर दिए गए थे।

बताते हैं इस एसडीओ ने अकूत संपत्ति बना ली है। वे अपने मित्रों के सामने कई बार कह चुके हैं कि अपने पास अब पैसा बहुत हो गया है, अब मुझे काम से ज्यादा इन पैसों को सम्हालने की जरूरत है। अब 300 करोड़ का काम क्या मिल गया है, एसडीओ साहब की तो बल्ले बल्ले हो गई है। वे खुलकर कहने लगे हैं कि काम कैसा भी कराओ चलेगा, मुझे तो बस कमीशन चाहिए। लोक निर्माण विभाग के भानुप्रतापपुर सब डिवीजन में पदस्थ इस अनुविभागीय अधिकारी को करीब 300 करोड़ रुपए की लागत वाले सड़क निर्माण व अन्य कार्यों की जिम्मेदारी मिल गई है। वर्षों बाद कमाई का जरिया मिल जाने से उनकी खुशी का कोई पारावार नहीं रह गया है। सरकारी धन लूटने के चक्कर में वे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को भी पूरी तरह नजरअंदाज करने पर तुल गए हैं। इतनी बड़ी रकम से कई सड़क निर्माण कार्य इस एसडीओ के माध्यम से कराए जा रहे हैं।

कमीशन के फेर में गड़बड़ी 

इस एसडीओ को पिछले कई वर्षों से लोक निर्माण विभाग के बड़े अधिकारी द्वारा लूप लाइन में डाल दिया गया था। राज्य में सरकार बदलते ही उन्हें लूप लाईन से निकाल कर मेन लाईन में ला दिया गया है। बताते हैं कि एकसाथ इतने सारे काम की जिम्मेदारी मिलते ही कमीशनखोरी के फेर में यह एसडीओ सुर्खियों में हैं। कमीशन के चक्कर में विभागीय ठेकेदारों से उनकी अनबन भी शुरू हो गई है। वे ईमानदारी से काम कराने वालों पर खुलकर दबाव डालने लगे हैं कि मुझे इतना कमीशन चाहिए मतलब चाहिए। कमीशन के अतरिक्त भी पैसों की मांग करने की वगह से ठेकेदारों में भारी आक्रोश पनपने लगा है,ऐसा न हो की कांकेर में हुई अधीक्षण अभियंता श्री पवन अग्रवाल की साथ हुई घटना की पुनर्वति न हो जाए, उनकी इन्ही हरकतों से विभाग छबि धूमिल हो रही है,उच्चाधिकारियों को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।

बस्तर में तेजी से बदल रही है फिजा, नक्सलियों पर बहुत भारी पड़ रही है फोर्स

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  • लगातार नक्सलियों को हो रही है जन धन की क्षति
  • लड़ाकों की कमी से जूझ रहे हैं नक्सली संगठन

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर की फिजा तेजी से बदल रही है। जो नक्सली कभी पुलिस और फोर्स पर भारी पड़ते थे, उन पर अब फोर्स भारी पड़ रही है। पुलिस और सुरक्षा बलों का जोश हाई है। जवानों ने आक्रामक रुख अपना लिया है और वे मांद में घुसकर नक्सलियों का सफाया करते चले जा रहे हैं। नक्सली संगठनों के बड़े लड़ाके और शार्प शूटर मारे जा रहे हैं। अब आलम यह है कि नक्सली संगठनों को लड़ाकों और शार्प शूटर्स की कमी के संकट से जूझना पड़ रहा है। यही वजह है कि अब वे मांद से निकलकर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर वहां अपनी उपस्थिति का अहसास कराने में लगे हैं।

इस बात में कोई दो राय नहीं कि पूर्व की कांग्रेस सरकार का रुख नक्सलियों के प्रति थोड़ा लचीला और नर्म रहा है। जबकि राज्य में भाजपा की सरकार आने के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस, सशस्त्र बलों और केंद्र सरकार की सीआरपीएफ, बीएसएफ, कोबरा बटालियन समेत अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों के बंधे हाथ खुल गए हैं।केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों ने पुलिस सुरक्षा बलों को लगभग फ्री हैंड कर दिया है। इसके सकारात्मक परिणाम भी लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में बस्तर संभाग के कांकेर जिले में मुठभेड़ के दौरान 29 नक्सलियों का का मारा जाना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। नक्सलियों के खिलाफ जंग में पुलिस और सुरक्षा बलों को लगातार कामयाबी मिल रही है। 2024 के चार माह के दौरान ही पुलिस और सुरक्षा बलों के हाथों 86 नक्सली हलाक हुए हैं। कांकेर के छोटे बेठिया और हापाटोला में नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मिली बड़ी कामयाबी का श्रेय निसंदेह कांकेर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आई. कल्याण एलिसेला को जाता है, जिनकी सार्थक रणनीति में मुठभेड़ को अंजाम अंजाम दिया गया। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार एकसाथ 29 नक्सली मारे गए। नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच अब सीधी लड़ाई चल रही है। इससे नक्सलियों को भारी नुकसान हो रहा है और ग्रामीणों की मौत का ग्राफ नीचे गिरा है तथा जवानों की शहादत में भी कमी आई है। केंद्र और प्रदेश में डबल इंजन वाली सरकार ने बस्तर में चल रही नक्सलवाद से लड़ाई में बाजी पलट दी है। पिछले तीन माह में सुरक्षा बल की ओर से आक्रामक अभियान चलाए जाने के बाद से नक्सली अब पूरी तरह बैकफुट पर आ गए हैं। नक्सल मोर्चे पर सीधी लड़ाई में नक्सलियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। दो दशक बाद बस्तर में परिस्थितियां काफी बदली हुई दिखाई दे रही हैं। नक्सलियों द्वारा ग्रामीणों की हत्या और जवानों के बलिदान की घटनाओं में भी कमी आई है। सुरक्षा बल सीधे नक्सलियों के गढ़ में घुसकर प्रहार कर रहे हैं।पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य गठन के बाद 2001 से लेकर 2024 तक नक्सलवाद के खिलाफ जारी युद्ध में 1179 नक्सली मारे गए हैं और 1285 जवान वीरगति को प्राप्त हुए हैं। नक्सलियों ने बस्तर के शांत वातावरण को अशांत बनाने कोई कसर नहीं रखी थी और जनता के हित की बात करने वाले नक्सलियों ने अपना वर्चस्व व भय का माहौल बनाए रखने के इरादे से 1721 निर्दोष ग्रामीणों की हत्या की है। इसकी तुलना में बस्तर में अब सुरक्षा बल हावी दिख रहे हैं और नक्सली बैकफुट पर जाते नजर आ रहे हैं। इससे बस्तर की फिजा में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। इस वर्ष अब तक सुरक्षा बलों ने सीधी लड़ाई में 86 नक्सलियों को मार गिराया गया है। इनमें से 80 के शव मिले हैं, जबकि छह और के मारे जाने की बात खुद नक्सलियों ने स्वीकार की है। इस अवधि में सुरक्षा बल के नौ जवान शहीद हुए, जबकि नक्सली हमले में 19 आम नागरिकों की जान गई है। स्पष्ट है कि बस्तरki जंग में बाजी अब सुरक्षा बलों के पाले में चली गई है।

कई शार्प शूटर नक्सली हुए ढेर

सन 2024 नक्सलियों के लिए मुसीबत का पैगाम लेकर आया है। इस साल जनवरी से लेकर अब तक नक्सली संगठनों के कई शार्प शूटर लड़ाके मारे गए हैं। जनवरी माह की 12 तारीख को बीजापुर में एक लाख की इनामी जन मिलिशिया कमांडर तोया पोटाम को मार गिरया गया। दंतेवाड़ा में पांच लाख के इनामी नक्सली डिप्टी कमांडर रतन कश्यप को ढेर कर दिया गया।बीजापुर में दो महिला और एक पुरुष नक्सली मार गिराए गए। फरवरी में दंतेवाड़ा में आठ लाख के ईनामी नक्सली हलाक कर दिया गया। कुख्यात नक्सली

चन्द्रन्ना, डिप्टी कमांडर नागेश पुनेम, शंकर राव समेत अन्य बड़े नक्सली नेताओं के मारे जाने से नक्सलियों की कमर टूट गई है।

नक्सली आदिवासी हितैषी नहीं

आंकड़े बताते हैं कि 2019 से लेकर 2023 तक सत्ता में रही कांग्रेस ने नक्सलवाद के विरुद्ध उदार नीति अपनाई, जिससे इस अवधि में नक्सलियों और सुरक्षा बल के मध्य संघर्ष कम हुआ। इस अवधि में हुई मुठभेड़ों में 206 नक्सली मारे गए, 203 आम नागरिकों की हत्या नक्सलियों द्वारा की गई।पृथक राज्य बनने के बाद अब तक 1,179 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए हैं और 1,285 जवान इस लड़ाई में शहीद हो गए। वहीं नक्सलियों ने 1,721 आम नागरिकों की हत्या कर दी। मारे गए ज्यादातर नागरिक आदिवासी समुदाय के हैं। इससे नक्सलियों के उस दावे की कलई स्वतः खुल जाती है, जिसमें नक्सली कहते हैं कि वे आदिवासियों के हित में और उनके हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। 2013 से लेकर 2018 के मध्य सुरक्षा बलों ने 428 नक्सलियों को ढेर किया था। नक्सलियों ने 329 आम नागरिकों की हत्या की थी और सुरक्षा बलों के 305 जवान शहीद हुए थे।

मिल रही अच्छी कामयाबी

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. मानते हैं कि नक्सलियों के खिलाफ जारी युद्ध में पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ा लाभ मिल रहा है। सुरक्षा बल की क्षमता में विस्तार होने के साथ ही हमारे जवान युद्ध कौशल में पारंगत भी हुए हैं। नक्सलियों के आधार क्षेत्र में में हमारे जवान सुरक्षा कैंपों की स्थापना व राजनीतिक इच्छाशक्ति से नक्सलियों के विरुद्ध आक्रामक अभियान चला रहे हैं।

सर्व आदिवासी समाज के ब्लॉक अध्यक्ष ने कांग्रेस के संपत्ति टैक्स कानून लगाने के विरोध भाजपा का समर्थन किया

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सर्व आदिवासी समाज के ब्लॉक अध्यक्ष मोहन हिडको ने कहा की कांग्रेस सम्पत्ति विरासत कानुन लाकर 45 प्रतिशत सम्पत्ति मालिक के मरने के बाद हड़पने का टैक्स कानुन लाना चाहती है हम सभी कांग्रेस के सम्पत्ति विरासत टैक्स कानून का विरोध करते है तथा भारतीय जनता पार्टी के कांकेर लोकसभा प्रत्याशी  भोजराज नाग का समर्थन करते हैं मोहन हिडको ने कहा की माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के हाथ में देश सुरक्षित है देश का संविधान सुरक्षित है इसलिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को मजबूत करने हेतु भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी श्री भोजराज नाग को समर्थन करते हैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश का आदिवासी राष्ट्रपति दौपदी मुर्मु एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आदिवासी मुख्यमंत्री बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार व्यक्त किया है बैठक में विधानसभा प्रभारी राजेश ताम्रकार डौडी नगर पंचायत अध्यक्ष सोमेश सोरी महिला नेत्री साधना सोरी उपस्थित थे

गोड़ समाज के अध्यक्ष ने कहा धर्मांतरण के विरोध में वोट भाजपा के समर्थन में पड़ेगा

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डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र डौडी विकास खंड के दुरेष्ट वनांचल गांवों के ग्राम हिदृकापार ।नलकशा । में विधानसभा प्रभारी राजेश ताम्रकार डौडी नगर पंचायत अध्यक्ष सोमेश सोरी साधना सोरी की उपस्थिति में आदिवासी गोंड समाज के सर्किल अध्यक्ष सुरेश दरौ ने कहा गोंड समाज का वोट धर्मांतरण के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के कमल छाप पर बटन दबेगा सर्किल अध्यक्ष सुरेश दरौ ने कहा की हमारे गांव में 12 लोग धर्मान्तरण हो गये है हम सभी धर्मांतरण का विरोध करते हैं हमारे गांव में पुर्ण शराब बंदी लागू है हम सभी धर्मांतरण के विरोध में कांकेर लोकसभा प्रत्याशी भोजराज नाग को कमल बटन दबाकर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के हाथ मजबूत करेगेl

महिलाओं को सिलाई और हैंडीक्राफ्ट का प्रशिक्षण

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  •  अचार पापड़ बनाने का प्रशिक्षण 29 अप्रैल से

जगदलपुर एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान जगदलपुर में महिला सिलाई एवं मुलायम खिलौने बनाने का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान भारतीय स्टेट बैंक जगदलपुर के श्रेत्रीय प्रबंधक आभास कुमार सतपथी, मुख्य प्रबंधक उपकार वर्मा एवं उप प्रबंधक सत्या राव ने संस्थान में दौरा किया एवं दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षणर्थियों को विभिन्न बैकिंग सेवाओं एवं समस्या के समाधान के बारे में समझाया।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक हेमंत सलाम ने क्षेत्रीय प्रबंधक का स्वागत किया एवं चल रहे कार्यक्रम की जानकारी दी। धन्यवाद ज्ञापन संस्था की संकाय सदस्य रूमा राॅय ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से संकाय सदस्य एन मधुसूदन एवं डीएसटी प्रशिक्षक राधिका गुने एवं संध्यावती नाग उपस्थित रहीं। अगले चरण में अचार पापड़ का प्रशिक्षण 29 अप्रैल से प्रारंभ होगा। प्रशिक्षणार्थियों हेतु भोजन एवं रहने की निःशुल्क व्यवस्था संस्था द्वारा की जाएगी। इस हेतु मोबाईल नम्बर 7974581002 एवं 9806226226 व 9691793812 तथा 9302464979 पर अपना पंजीयन करा सकते हैं। एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान जगदलपुर लाईवलीहुड काॅलेज के पास कार्यालय में आकर भी पंजीयन करा सकते हैं।

जनता की संपत्ति लूटने जनता की संपत्ति लूटने अघोषित एजेंडा बना रही है कांग्रेस – विधान सभा प्रभारी राजेश ताम्रकार

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डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र प्रभारी राजेश ताम्रकार ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जनता की सम्पत्ति पर 50/प्रतिशत विरासत टैक्स लगा कर सम्पत्ति जब्त कर जनता की सम्पत्ति लुटने का अघोषित एजेंडा कांग्रेस बनाकर रखी है कांग्रेस नेता एवं राहुल गांधी के निजी सलाहकार सैम पित्रोदा का ब्यान साबित करता है कांग्रेस का गुप्त एजेंडा जनता की सम्पत्ति को हथियाना चाहती है अमेरिका में जनता की सम्पत्ति पर 50 प्रतिशत टैक्स लगाया जाता है जिसमें जनता की आधी संपत्ति सरकार की हो जाती है प्रभारी राजेश ताम्रकार ने कहा कांग्रेस का गुप्त एजेंडा बाहर निकल कर जनता के बीच आ गया है भारतीय जनता पार्टी जनता की सम्पत्ति जनता का मालिकाना हक रहे इसके लिए भाजपा संकल्पित है जनता की लुटने का अधिकार कांग्रेस को नहीं हम ऐसा हरगिज नहीं होने देंगे यह बात प्रभारी राजेश ताम्रकार ने महतारी वंदन कार्यक्रम के दौरान माता बहनों को कहा इमली पारा महामाया एवं परसाटोल में आयोजित सम्मेलनों में कार्यकर्ताओ को सम्बोधित किया प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश की जनता की को हमेशा सुरक्षित रक्षा तथा महतारी वंदन कार्यक्रम के माता बहनों की भुमिका समाज मे मजबूत आर्थिक रुप से सक्षम कर स्वलबी बनाऐ जाने के लिये ठोस प्रयास करते रहे हैंl

प्रभारी राजेश ताम्रकार ने कहा की जनता कांग्रेस के सम्पत्ति पर 50 प्रतिशत विरासत टैक्स लगाने के गुप्त एजेंडा के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान कर कांग्रेस को सबक सिखाएगी। प्रभारी राजेश ताम्रकार ने वनांचल क्षेत्र के गांवों का दौरा कर माता बहनों व कार्यकर्ताओ की बैठक लिया तथा उनके साथ बैठकर भोजन कर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा रहे है

हनुमान जन्मोत्सव पर बजरंगियों ने वानरों को कराया फलाहार भोज

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  • मातृशक्ति ने कराया सुंदर कांड पाठ और महाभंडारा
  • आयोजन में शामिल हुए नगर के सैकड़ों भक्त

जगदलपुर हनुमान जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में जगदलपुर शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम सुंदरकांड, पाठ, चालीसा पाठ, महा आरती, भंडारा आदि हुए।

विश्व हिंदू परिषद् जिला उपाध्यक्ष उमा गुप्ता ने बताया की मातृ शक्तियों द्वारा धरमपुरा शिवालय में सुंदरकांड, चालीसा पाठ के साथ भंडारे का आयोजन करवाया गया। बजरंग दल नगर संयोजक भवानी सिंह चौहान ने बताया हनुमान जन्मोत्सव और बजरंगदल बालोपासना दिवस के उपलक्ष्य में बजरंगियों द्वारा वानरों को 21 किलो चना और 51 दर्जन केले का फलाहार भोज करवाया गया।साथ ही यह अपील भी की इस मार्ग से गुजरने वाले और यहाँ आने वाले सैलानी धीमी रफ़्तार से चलें जिससे नेशनल पार्क के जीव जंतुओ को किसी प्रकार की हानि न हो और किसी प्रकार के हानिकारक अभोज्य पदार्थ व पैकेजिंग फूड जीव जंतुओ को ना दें। जल, जंगल और जीवों की सुरक्षा हम सबकी प्राथमिक जिम्मेदारी के साथ साथ हमारे मूल कर्तव्य भी हैं।इस कार्य में विहिप प्रांत सदस्य प्रचार प्रसार विभाग रोहन कुमार, विभाग सेवा प्रमुख अनिल अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष उमा गुप्ता, नगर उपाध्यक्ष अजय यादव, बजरंगदल जिला सह संयोजक मुन्ना बजरंगी, नगर संयोजक भवानी चौहान, शत्रुघन कश्यप, देव यादव, अमन झा, सुदेश बजरंगी, रोहित झा, पवन, राजा, तमिश राव, अमन धीवर, धर्मेंद्र सेठिया, संपत रावत, अनिता गुरुला, रामप्यारी, सुरेखा बबली, गणेश, नीता गुप्ता, साक्षी, राधा, पायल, उषा,रेखा,शांति यादव, रेड्डी निक्की आदि सभी सनातनियों ने योगदान दिया।

 

 

इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों में अब वार पलटवार का दौर हो गया शुरू

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  •  मनीष कुंजाम के बयान पर बिफरे कांग्रेस नेता जावेद
  • कांग्रेस को दोष न दें, खुद कुंजाम गंभीर नहीं : खान

जगदलपुर बस्तर लोकसभा सीट का चुनाव निपटने के बाद अब इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों में वार पलटवार और आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत की गठबंधन के घटक दल सीपीआई नेता मनीष कुंजाम ने। गठबंधन की एकजुटता को लेकर कुंजाम ने कांग्रेस को घेरा है। इस पर कांग्रेस नेता जावेद खान की बड़ी ही तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।

युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पीसीसी के बस्तर संभागीय प्रभारी प्रवक्ता जावेद खान ने मनीष कुंजाम के उस बयान की आलोचना करते हुए उन्हें आड़े हाथों लिया है जिसमें मनीष कुंजाम ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस पर आरोप लगाते कहा है कि छत्तीसगढ़ में इंडिया गठबंधन को मजबूत करने के प्रति कांग्रेस गंभीर नहीं है। जावेद खान ने कहा है कि एक तरफ तो मनीष कुंजन स्वयं यह बात स्वीकारते हैं कि कांग्रेस के टिकट की घोषणा के बाद बस्तर के वरिष्ठ आदिवासी नेता कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी कवासी लखमा उनसे स्वयं मिलने उनके निवास पर आए थे एवं उन्हें चुनाव में सहयोग करने का न्योता भी दिया और दूसरी तरफ कहते हैं कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस इंडिया गठबंधन को लेकर गंभीर नहीं है। उनके इस दोहरे चरित्र वाले बयान से यह स्पष्ट है कि गठबंधन धर्म का पालन किसने किया और किसने गठबंधन की शर्तों के खिलाफ जाकर कार्य किया। जावेद ने कहा कि असल में स्वयं मनीष कुंजाम ही नहीं चाहते थे कि उनके क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसी एवं आदिवासी नेता कवासी लखमा को कांग्रेस चुनावी मैदान में उतारे, मनीष कुंजाम को डर था कि कवासी लखमा चुनाव लड़कर संसद बन गए तो क्षेत्र में मनीष कुंजन की दिन ब दिन गिरती साख और कमजोर हो जाएगी। मनीष कुंजाम स्वयं की राजनीति खतरे में पड़ती देख और क्षेत्र में कवासी लखमा का बढ़ते जनाधार को देख खुद को इंडिया गठबंधन से दूर किया और अपनी पार्टी सीपीआई को भी भ्रमित किया है। मनीष कुंजाम ने न तो गठबंधन धर्म का पालन किया न ही कांग्रेस को चुनाव में किसी तरह का सहयोग दिया। गठबंधन की शर्तों को ठुकराते हुए बस्तर लोकसभा सीट में अपना प्रत्याशी उतारकर कांग्रेस एवं गठबंधन को कमजोर करने का कार्य तथा। आज जब बस्तर लोकसभा में मतदान संपन्न हो गए हैं और बस्तर की जनता का आशीर्वाद कांग्रेस एवं इंडिया गठबंधन को मिलता दिख रहा है तब मनीष कुंजाम को गठबंधन की याद आ रही है। वे स्वयं का बचाव करने इस तरह की बयानबाजी वे कर रहे

रेल्वे स्टेशन जाकर यात्रियों की तकलीफ से रूबरू हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज

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  • यह मोदी की विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण : बैज
  • जो रेल नहीं चला सकते वे देश कैसे चला पाएंगे

रायपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आज रेल्वे स्टेशन पर यात्रियों से मिलकर उनकी परेशानियों को जाना इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए दीपक बैज ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।

दीपक बैज ने कहा कि गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं, शादी-ब्याह का सीजन है, लोग महीनों पहले टिकिट बुक करवा कर रखे हैं, लेकिन ऐन यात्रा के दिन ट्रेनों के रद्द होने का फरमान जारी हो जाता है। अकेले रायपुर रेलवे स्टेशन में प्रतिदिन हजारों यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी और रद्द होने के कारण परेशान हैं। वर्तमान में एक बार फिर 18 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। 40 ट्रेनें पहले से ही रद्द हैं। बैज ने कहा कि देश में आज कोई भी ट्रेन नहीं है जो समय पर गंतव्य के लिये चलती हो। घंटों की लेट लतीफी भारतीय रेल की पहचान बन गई है। यह मोदी सरकार की तानाशाही और छत्तीसगढ़ विरोधी रवैया है। पिछले 3 साल से अधिक समय से छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 62 हजार ट्रेनों को बिना किसी ठोस कारण के रद्द किया गया है। लोकसभा चुनाव में भाजपा को वोट देने का मतलब यात्री ट्रेनों को बंद करने के षड़यंत्र करने का समर्थन करना होगा। रेलवे को बचाने के लिए आवश्यक है कि देश से मोदी सरकार की विदाई की जाए। दीपक बैज ने कहा कि देश की आजादी के बाद ऐसी स्थिति केवल मोदी सरकार में आई है। जहां रेलवे की यात्री सुविधाएं बेहद खस्ताहाल हो गई हैं। ट्रेनों को जानबूझकर रद्द किया जाता है, कभी कोयले की आपूर्ति के नाम पर, कभी कोई और कारण बताकर। यह विश्वसनीय यात्री सेवा भारतीय रेल को बदनाम करने की साजिश है। ताकि लोग रेलवे से ऊब जाये और रेल को भी मोदी अपने उद्योगपति मित्र अडानी के हवाले कर सकें। बुजुर्गो, बच्चों, विकलांगों को मिलने वाली सुविधाओं को मोदी सरकार ने मुनाफाखोरी के चक्कर में बंद कर दिया। मोदी सरकार के पहले की केंद्र सरकारें घाटा उठाकर भी रेलवे सुविधाओं का विस्तार करती रही। आजादी के बाद से रेलवे का अलग बजट बनाया जाता था, लेकिन मोदी सरकार रेलवे की यात्री सुविधाओं को समाप्त कर इसे सिर्फ मालवाहक बनाना चाहती है और बाद में रेल को निजी हाथों में सौंपा जा सके इसका रास्ता बना रही है। ऐसा इसलिए कि यात्री ट्रेनों की अपेक्षा माल भाड़े में रेलवे को 300 से 400 प्रतिशत ज्यादा मुनाफा मिलता है।पीसीसी चीफ बैज ने कहा कि 2014 से पहले कांग्रेस की सरकारों ने रेल्वे लाइनों का विस्तार किया, दोहरी और तीसरी लाइने बिछी, बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिफिकेशन के काम हुए तब ट्रेनें बाधित नही की लेकिन मेंटेंनेस का बहाना कर मोदी सरकार दुर्भावना पूर्वक यात्रियों को प्रताड़ित कर रही है। यात्री रेल और रेल सुविधा को बचाने के लिए जरूरी है कि भाजपा और मोदी के खिलाफ मतदान किया जाए।

बकावंड ब्लॉक मुख्यालय के स्टॉप डेम निर्माण में चल रहा है करप्शन नॉन स्टॉप

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  • जल संसाधन के कार्य में ठेकेदार की मनमानी
  • निर्माण की गुणवत्ता की हो रही है जमकर अनदेखी

अर्जुन झा-

बकावंड विकासखंड मुख्यालय बकावंड में जल संसाधन विभाग द्वारा ठेकेदार के माध्यम से कराए जा रहे स्टॉप डेम निर्माण में करप्शन का खेल नॉन स्टॉप चल रहा है। विभाग के अधिकारियों को इस ओर झांकने तक की फुरसत नहीं है। चर्चा है कि अधिकारियों के इशारे पर ही ऐसी धांधली हो रही है।

बकावंड के मुंडापारा स्थित बलियार मुंडा तालाब में 1 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से स्टॉप डेम और कैनाल निर्माण कार्य कराया जाना है। निर्माण का ठेका ठेकेदार संदीप यदु को दिया गया है। अभी स्टॉप डेम का कामचल रहा है। इसके बाद केनाल का काम शुरू होगा। निर्माण स्थल पर ठेकेदार ने जानबूझ कर निर्माण संबंधी सूचना बोर्ड नहीं लगवाया है ताकि उनकी कारगुजारी उजागर न होने पाए। बताया जा रहा है कि स्टॉप डेम निर्माण में खुलकर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। सीमेंट हल्के स्तर की उपयोग में लाई जा रही है। बिना मजबूत नींव के कॉलम खड़े किए गए हैं, उनमें छड़ें हल्के स्तर की और कम मात्रा में लगाई गई हैं।

वहीं बेस में जो मलबा डाला गया है, उसे पानी डालकर दबाया भी नहीं गया है। इससे निर्माण की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कॉलम इतने कमजोर बनाए गए हैं कि पानी का पहला जोर भी नहीं सह पाएंगे। ठेकेदार के स्टाफ के लोगों से इसके विषय में जानकारी लेने पर वे इससे बात करो, उससे बात करो कहकर टाल देते हैं। वहीं जल संसाधन विभाग के इंजीनियर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। विभाग स्तर पर मॉनिटरिंग न होने से ठेकेदार द्वारा लगातार मनमानी की जा रही है। ऐसे में पहली बारिश में ही यह स्टॉप डेम भरभरा कर गिर सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार और अधिकारी मिलकर शासन को लाखों रुपयों का चूना लगा रहे हैं। केनाल निर्माण में भी ऐसी ही गड़बड़ी होने की आशंका जताई जा रही है। पता चला है कि यदु बंधु इस इलाके के चर्चित ठेकेदार हैं और उनके अधीन अनेक कार्य क्षेत्र में चल रहे हैं। सभी कार्यों में ऐसी ही अनियमितता की खबरें सामने आ रही हैं।

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