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सुकमा जिला भाजपा में जूतम पैजार के हालात, पार्टी को हो सकता है नुकसान

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  •  जिले के निकायों में नहीं है पार्टी का कोई अस्तित्व
  • नहीं खुल पाया प्रत्याशी का चुनाव कार्यालय भी

अर्जुन झा

जगदलपुर देश में इस समय चुनाव का जबरदस्त माहौल है। वहीं दूसरी ओर बस्तर लोकसभा क्षेत्र की सुकमा जिला भाजपा में जूतम पैजार के हालात बने हुए हैं। अंतर कलह का आलम यह है कि सुकमा जिले में भाजपा का चुनाव कार्यालय भी नहीं खुल पाया है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा के नेता एवं प्रत्याशी इस जिले के अंदरूनी गांवों में अब तक नहीं पहुंच पाए हैं, जबकि चुनाव को महज हफ्ताभर शेष रह गया है।

19 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होना है और चुनाव परिणाम 4 जून को आने हैं। छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा सीटों में से एक लोकसभा सीट बस्तर के लिए मतदान प्रथम चरण में 19 अप्रैल को होना है। लेकिन अभी तक दोनों बड़ी पार्टी कांग्रेस और भाजपा प्रचार करने गांवों तक नहीं पहुंची हैं। कोंटा विधानसभा क्षेत्र से छठवीं बार जीत दर्ज कराने वाले पूर्व आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा को कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के समर में उतार दिया है। उनके विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र कोंटा में के नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और जिला पंचायत में ज्यादातर जनप्रतिनिधि कांग्रेस के हैं। विधानसभा क्षेत्र कोंटा के विधायक कवासी लखमा कांग्रेस से हैं।जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत सभी पद कांग्रेस के पास हैं, तीनों नगरी निकायों पर कांग्रेस का कब्जा है और तीनों जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्य कांग्रेस के हैं। ऐसे में भाजपा के पास जनप्रतिनिधि नहीं होना कहीं न कहीं कमजोर पड़ने का बड़ा कारण है। कोंटा नगर पंचायत की बात करें तो यहां के 15 वार्डों में केवल एक ही वार्ड भाजपा के पास है। राजनीतिक गलियारों से बाते निकल कर आ रही है कि सुकमा जिले के भाजपा नेता की गुटों में बंटे हुए हैं और उनके बीच जबरदस्त मतभेद चल रहा है। जब भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप प्रचार करने सुकमा जिले भर के दौरे थे, तब यह मतभेद साफ देखने को मिला। तोंगपाल में मनमुटाव के चलते पूरी तरह प्रचार नहीं किया जा सका। छिंदगढ़ में तो भाजपा कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। वहीं सुकमा जिला मुख्यालय में भाजपा प्रत्याशी और प्रचार दल को मार्ग बदलना पड़ गया। कोंटा में तो आपसी रंजिश में भाजपा लोकसभा चुनाव कार्यालय का उदघाटन तक नहीं हो पाया। कार्यालय अभी तक बंद पड़ा है। चुनाव प्रचार के लिए मात्र चार दिन बचे रह गए हैं। ऐसे में कैसे कोंटा विधानसभा से भाजपा को लीड मिल सकती है? यह विचारणीय मसला है।

जिला अध्यक्ष से नाराजगी

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा ने सभी मुख्य जगहों पर अपने चुनाव कार्यालयों का एक हफ्ता पहले ही उद्घघाटन कर दिया था। कांग्रेस के कार्यकर्त्ता अंदरुनी गांवों तक प्रचार करने पहुंच रहे हैं। ऐसे में भाजपा सुकमा जिले में आपसी रंजिश और मतभेदों में फंसी हुई है। और भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार अभियान धरातल पर कहीं नजर नहीं आ रहा है। सूत्र बताते हैं कि सुकमा जिला भाजपा अध्यक्ष धनीराम बारसे की कार्यप्रणाली को लेकर जिले के ज्यादातर नेता और कार्यकर्ता नाखुश हैं। ऐसे में सुकमा जिले में भाजपा के राम ही मालिक हैं। दूसरे तारणहार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव साबित हो सकते हैं।

इसलिए छोड़ा भीमा ने साथ

क्षेत्र के जाने माने नेता सोयम भीमा ने भाजपा को अलविदा कह दिया है और अब वे फिर से कांग्रेसी बन गए हैं। सोयम भीमा ने इस विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि सुकमा भाजपा में आपसी रंजिश और गुटबाजी चरम पर है। इसीलिए मैं भाजपा से वापस कांग्रेस में आ गया हूं। आप ही देख लीजिए कि भाजपा नेता कोंटा में अपना लोकसभा चुनाव कार्यालय तक नहीं खोल पाए हैं। इस लोकसभा सीट से हमारी कांग्रेस पार्टी और प्रत्याशी कवासी लखमा की जीत पक्की है। इस बार देश में कांग्रेस की लहर है।

प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से बकावंड निवासी मुन्ना भारती की मौत

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  •  बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने की घटना की पुष्टि

जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बस्तर प्रवास के दौरान नक्सलियों की कायराना करतूत को अंजाम दिया है। बीजापुर जिले में नक्सलियों के लगाए प्रेशर आईईडी की चपेट में आकर एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई।

गंगालूर थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित गांव डुमीरपालनार से गंगालूर की ओर 40 वर्षीय मुन्ना भारती नामक युवक पैदल जा रहा था। रास्ते में मुन्ना भारती का पैर प्रेशर आईईडी पर पड़ गया। विस्फोट होते ही मुन्ना भरती की घटना स्थल पर मौत हो गई। डुमीर पालनार में सड़क का काम करने युवक गया हुआ था। युवक मुन्ना भारती बस्तर जिले के बकावंड थाना क्षेत्र के देवड़ा गांव का निवासी था। मामला गंगालूर थाना थाना क्षेत्र का है। एसपी जितेंद्र यादव ने घटना की जानकारी दी है।

राहुल गांधी के आते ही बस्तर कांग्रेस में आएगा बड़ा बवंडर, कई नेता पार्टी छोड़ने तैयार

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  • कांग्रेस में भगदड़ के हालात अभी भी कायम
  • एक नेता को शामिल करने पर भाजपा में भारी विरोध

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर में कांग्रेस के अंदर भगदड़ के हालात अब भी बरकरार हैं। राहुल गांधी कल 13 अप्रैल को बस्तर आ रहे हैं। उनके आते ही कई बड़े कांग्रेस नेता कांग्रेस से बाहर जाने के लिए तैयार बैठे हैं। वहीं जगदलपुर के एक कांग्रेस नेता को भाजपा में शामिल करने को लेकर भाजपा के अंदर ही भारी विरोध शुरू हो गया है। दरअसल इस कांग्रेस नेता का सियासी चाल चरित्र ही ऐसा है कि उन्हें कांग्रेस में भी कोई पसंद नहीं कर रहा है। ऐसे में भाजपा के नेता उस कांग्रेस नेता को कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं?

बस्तर कांग्रेस में सब कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सभी स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने तथा एकजुट रखने की पूरी कोशिश करते आ रहे हैं, लेकिन स्वार्थी कांग्रेस नेता अपना वजूद बचाने और खुद के दामन पर लगे दाग को धोने के लिए सत्तारुढ़ पार्टी की शरण में जाने में ही अपनी भलाई समझ रहे हैं। अब तक महापौर सफीरा साहू, वरिष्ठ नेता यशवर्धन राव और कुछ अन्य नेता कांग्रेस का दामन झटककर भाजपा का दामन थाम चुके हैं। मेयर सफीरा साहू को भाजपा में भेजने में जगदलपुर के एक गोरे चिट्टे, लेकिन काले मन वाले कांग्रेस नेता की बड़ी भूमिका रही है। बताते हैं कि इस नेता ने ही नगर निगम में मेयर के जरिए काला पीला काम करवा कर करोड़ों रुपए बटोरे और रायपुर में बैठे अपने आका तक भी हिस्सा पहुंचाया। इस नेता को भरोसा था कि कांग्रेस फिर से सत्ता में आएगी तो पूरा मामला दबा रहेगा, मगर उनका यह सपना पूरा नहीं हो पाया। राज्य में भाजपा सत्तारुढ़ हो गई। इससे यह नेता खौफ में आ गए और खुद को फंसने के लिए मेयर को भाजपा की वाशिंग मशीन में डाल दिया। सूत्र बताते हैं कि अब यही कांग्रेस नेता खुद भी भाजपा में जाने लालायित हो उठे हैं। कुछ दिनों पहले बस्तर के आमाबाल आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष वे भाजपा प्रवेश करना चाहते थे, ताकि उनकी सियासी ब्रांडिंग हो सके। तब इस नेताजी के सपने पर यहां के जमीनी भाजपा नेताओं के प्रबल विरोध ने चकनाचूर कर दिया। ये कांग्रेसी नेताजी अब मुख्यमंत्री के समक्ष भाजपा प्रवेश की तैयारी में हैं, मगर स्थानीय भाजपा नेता उन्हें किसी भी सूरत में भाजपा में कदम नहीं रखने देना चाहते। यहां तक कि एक भाजपा नेता ने तो इस नेता को भाजपा में शामिल करने पर आत्महत्या की भी धमकी दे दी है। इस भाजपा नेता का कहना है कि कथित कांग्रेस नेता अपनी मातृ संस्था कांग्रेस का नहीं हो सका, जिसने विधानसभा चुनाव में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत अन्य प्रत्याशियों को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी, वह भला भाजपा के प्रति वफादार कैसे हो सकता है? भाजपा के कई और नेता एवं कार्यकर्ता इस कांग्रेस नेता को शामिल करने के पक्ष में नहीं हैं। मगर स्वार्थ के दलदल में बुरी तरह फंसे ये कांग्रेसी नेताजी हैं कि भाजपा में जाने के लिए बुरी तरह छटपटा रहे हैं। इस नेताजी के अलावा कांग्रेस के एक और बड़े नेता के भाजपा में शामिल होने की चर्चा है।

धारदार हथियार से बुजुर्ग की खेत में हत्या

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बालोद धारदार हथियार से एक बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या कर दी गई है. वृद्ध की लाश उसी के खेत में खून से लथपथ मिली है. इस हत्या की खबर से क्षेत्र में सनसनी फैल गई हैं. मामला बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम कोरगुडा का है.सूत्रों से मिली जानकारी बुजुर्ग अपने खेत में पैरा लाने गया था मृतक के गले में धारदार हथियार से हमला होने की वजह से काफी गम्भीर चोटे हैं. मृतक की पहचान कोरगुडा गांव के ही फगवा राम उम्र 60 वर्ष के नाम से हुई है. घटना सुबह 10 बजे की आस पास की बताई जा रही है बुजुर्ग के हत्या का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है.घटना की सूचना ग्रामीणों की ओर से पुलिस को मिलते ही एडीशनल बालोद थाना सहित बालोद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर आगे की जांच और कार्रवाई में जुट गई हैं.

कांकेर लोकसभा के प्रत्याशी ने डोंडी मंडल के विभिन्न गांव में किया जनसंपर्क

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कांकेर लोकसभा प्रत्याशी भोजराज नाग का दौरा कार्यक्रम डौंडीलोहारा विधानसभा के डौडी मंडल में जनसंपर्क ग्राम पंचायत आमाडुला काकेडकसा जिलावाही जबकसा मंगलदाह रजलोडीह पेटेचुवा पुसावड चिहरो साल्हे मरदेल तुमडीसुर नर्रालगुडा सहित अनेक पंचायतों में हुआ ग्रामीण परिवेश में माता बहनों बुजुर्गों ने गांव के पौधों के फुल पत्ता के गुलदस्ते बनाकर भाजपा प्रत्याशी भोजराज नाग का स्वागत किया तथा मां दंतेश्वरी के पुजारी बैगा होने के कारण माता बहने व बच्चों के सिर पर हाथ रखवाकर आशीर्वाद लिया साथ में छाया विधायक देवलाल ठाकुर विधानसभा क्षेत्र प्रभारी राजेश ताम्रकार का भी स्वागत गांव वालों ने किया इस अवसर पर प्रत्याशी  भोजराज नाग ने ग्रामीणों को संबोधित किया की देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने जो भी जनता से कहा है उसे कर दिखाया है अपनी गैरटी पुरी की है महतारी वंदना का 1000 रुपया सभी के खातों में गया है कोई माता बहने छुट गये तो उनको और अवसर मिलेगा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों का धान 3100 रु किवंटल खरीदा है और 21किवटल धान खरीदा है एवं शेष बकाया राशि भी किसानों के खातों में रुपया भेज दिया है पिछले समय का बकाया दो साल का बोनस भी खाते में डाल दिया है मोदी जी ने अपनी गैरटी पुरी की अब जनता की बारी है की कमल में बटन दबाकर मोदीजी को फिर से प्रधानमंत्री रिपीट करें ।

भोजराज नाग ने कहा कि बेमौसम बारिश होने के कारण किसानों को जो नुकसान हो रहा उसकी भरपाई चुनाव के बाद मुआवजा देगी तथा ग्रामीणों से कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी कि सपना गांव गांव के मकान को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बनाया जाएगा देश सबसे ज्यादा घर घर में शौचालय बनाने काम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया है जिससे माता बहनों को लज्जित मत होना पड़े यह योजना कारगर साबित हुई है इस आप सभी कमल में बटन दबा कर भा जा पा को विजयश्री दिलाऐ ताकि देश आगे तरक्की करे जनसंपर्क में छाया विधायक देवलाल ठाकुर विधानसभा क्षेत्र प्रभारी राजेश ताम्रकार मंडल अध्यक्ष मनीष झा नगर पंचायत डौडी सोमेश सोरी जिला पंचायत सदस्य होरी लाल रावटे मंडल प्रभारी सुरेश जायसवाल अनिता कुमेटी रामकिशन सोरी शुभसिह कुरेटी दिनेश अग्रवाल सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे ग्रामीणों ने भोजराज नाग की डआहरछेका की रस्म भी निभाई ग्राम सरपंचों ने जनता का आभार प्रदर्शन किया

पायलट जगदलपुर पहुंचे

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जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी सचिन पायलट शुक्रवार की शाम जगदलपुर पहुंचे। यहां मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर सचिन पायलट का स्वागत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, बस्तर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य समेत अन्य नेताओं ने किया।

मैं किसी को राशन नहीं दूंगा, जाओ जहां शिकायत करना है कर लो

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  •  ग्राम पंचायत बड़े देवड़ा के हितग्राहियों से राशन विक्रेता करता है अभद्र व्यवहार
  • अक्सर बंद रहती है गांव की पीडीएस दुकान

अर्जुन झा

बकावंड बकावंड जनपद पंचायत क्षेत्र की कुछेक ग्राम पंचायतों में स्थित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों के संचालक और विक्रेता मनमानी पर उतर आए हैं। गरीबों के हिस्से के चना और अनाज की कालाबाजारी के साथ ही अब राशन विक्रेताओं की दादागिरी की भी बात भी सामने आ रही है। ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत बड़े देवड़ा से सामने आया है। जहां के राशन विक्रेता द्वारा ग्रामीण उपभोक्ताओं को सरेआम धमकियां दी जाने लगी हैं। विक्रेता साफ शब्दों में कहता है कि मैं तुम्हें राशन नहीं दूंगा, जाओ जहां शिकायत करना है कर लो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। राशन विक्रेता के ऐसे अभद्र व्यवहार को लेकर ग्रामीणों में खासी नाराजगी देखी जा रही है।

बस्तर संभाग में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को निजी आमदनी का जरिया बनाने में खाद्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी और राशन दुकान संचालक कोई कमी नहीं कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले हमने गरीबों को वितरित करने के लिए शासकीय उचित मूल्य की दुकान में शासन द्वारा भेजे जाने वाले चना की ओड़िशा में कालाबाजारी किए जाने की खबर उजागर की थी। अब बकावंड जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बड़े देवड़ा में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकान में कार्यरत विक्रेता की दादागिरी का मामला सामने आया है। बताया गया है कि बड़े देवड़ा ग्राम पंचायत की राशन दुकान अक्सर बंद रहती है और कभी जब खुलती भी है, तो उसका निर्धारित समय नहीं रहता। विक्रेता अपनी मर्जी से दुकान को खोलता और बंद करता है। ग्रामीण जब इस मनमानी के खिलाफ आवाज उठाने लगे, तो विक्रेता का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। वह ग्रामीणों के घर घर जाकर धमकी देने एवं अभद्र व्यवहार करने लगा है। ग्राम पंचायत बड़े देवड़ा के राशन विक्रेता द्वारा हमेशा राशन का दुकान बंद रहने व समय पर न खोलने से हितग्राही दुकान के चक्कर काट काटकर परेशान हैं। ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा नियुक्त किया गया राशन विक्रेता द्वारा घरों में जाकर महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया जाने लगा है।वह साफ तौर पर धमकी दे रहा है कि जहां मेरे खिलाफ शिकायत करना है कर लो, मैं किसी को भी राशन नहीं दूंगा। मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इस तरह राशन विक्रेता गांव के गरीब परिवारों को राज्य और केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले अनाज, गुड़, चना, शक़्कर आदि से वंचित करने पर तुल गया है। राशन संचालक की दादागिरी से ग्राम पंचायत बड़े देवड़ा के हितग्राही परेशान हैं।

कई माह से नहीं मिला चावल

हितग्राहियों का कहना है कि राशन विक्रेता द्वारा उपभोक्ताओं को कई माह से राशन चावल नहीं दिया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि ग्रामीणों के आया चावल और दीगर राशन आखिर जा कहां रहा है? निसंदेह उसकी कालाबाजारी की जा रही होगी। फूड इंस्पेक्टर इस संबंध में फोन से चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि दुकान पंचायत के अधीन संचालित किया जा रहा है, जिसके चलते वहां के हितग्राहियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इस तरह के बात सामने आ रही है, तो यह गलत है। सरपंच ग्राम पंचायत बड़े देवड़ा द्वारा के राशन दुकान संचालक के व्यवहार के बारे में गोलमोल जवाब दिया जा रहा है।

स्टूडेंट्स को सिखाए मेडिकल जांच के गुर

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  •  हायर सेकंडरी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए हुआ इंटर्नशिप कार्यक्रम

बकावंड शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बकावंड के हेल्थ केयर के 11वीं और 12वीं के छात्र छात्राओं के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बकावंड में इंटर्नशिप प्रोग्राम का आयोजन किया गया।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बकावंड में व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत हेल्थ केयर पाठयक्रम में अध्ययनरत 11वी और 12वी के विद्यार्थियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बकावंड ज़िला बस्तर में 10 दिवसीय इंटर्नशिप आयोजित किया गया था। इंटर्नशिप के अंतर्गत हेल्थ केयर के विद्यार्थियों को हॉस्पिटल से संबंधित प्रायोगिक प्रशिक्षण जैसे रक्तचाप जांच करना, टेंप्रेचर लेना, प्लस रेट परीक्षण, दिल की धड़कन श्वसन प्रक्रिया की जांच करना, ब्लड सैंपल लेना ओपीडी पर्ची काटना आदि का प्रशिक्षण दिया गया। यह इंटर्नशिप कार्यकम 10 दिनों तक आज सफलतापूर्वक छात्रों द्वारा पूर्ण किया गया। इस दौरान हॉस्पिटल स्टाफ एवं विद्यायल के व्यावसायिक प्रशिक्षक अक्षय बंजारे उपस्थित थे।

 

इंटक ने रखी ठेका श्रमिकों को नियमित करने की मांग

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  •  मेटल माइंस यूनियन ने निदेशक को सौंपा ज्ञापन

जगदलपुर मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक) बचेली के अध्यक्ष देबाशीष पॉल और सचिव आशीष यादव के नेतृत्व में मज़दूरों ने परियोजना चेक पोस्ट से पैदल रैली के रूप में प्रशासनिक भवन पहुंच कर अधिशासी निदेशक बी. वेंकटेश्वरलु को ज्ञापन सौंपा और परियोजना में नियमित श्रेणी के कार्यों मे नियोजित ठेका श्रमिकों को रेगुलराइज किये जाने की मांग रखी। रैली में रंजीत परीक्षा, राजू तामो, अशोक दीक्षित, चंद्र कुमार मंडावी, प्रदीप नायक, मन्नालाल मेश्राम, महेंद्र कश्यप, शैलेन्द्र शर्मा, वेद प्रकाश कोठारी, एलएन भारद्वाज, पप्पू गहलोत, नरेंद्र वर्मा, अतुल चौहान, सूर्य वर्मा, देवेन वर्मा, सुखनाथ सेठिया, प्रीतपाल जीत सिंह, बहाउद्दीन अहमद, संतोष कुमार, इंद्र कुमार महिलांगे, सीताराम नागेश, टीएम थॉमस, जसवीर सिंह, चिंता श्रीधर, प्रदीप गोलदार, सुरेश सहारे, बसंत मंडावी, पंकू राम, श्यामल मुखर्जी, गोविंद सेठिया, अमरजीत सिंह, अनूप गर्ग, विनोद मल्लाह, सुयश देवांगन, अबसार आलम, समरथ, देवाशीष मंडावी सहित बड़ी संख्या में एनएमडीसी कर्मचारी, ठेका श्रमिक और महिला श्रमिक और युवा इंटक के सदस्य उपस्थित थे।

टिकट कट गया फिर भी पार्टी के प्रति पूरे समर्पण भाव से काम कर रहे हैं रेखचंद जैन

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  • किसी से कोई गिला शिकवा नहीं, पार्टी ही सर्वोपरि है जैन के लिए
  • पार्टी प्रत्याशी लखमा के पक्ष में कर रहे हैं प्रचार
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर आज के राजनेताओं में नैतिकता, शुचिता, ईमानदारी और पार्टी के प्रति समर्पण भावना बहुत कम देखने को मिलती है। गिने चुने नेता ही ऐसे गुणों से संपन्न होते हैं। अपने जगदलपुर के पूर्व विधायक रेखचंद जैन भी इन्हीं विरले नेताओं में शुमार हैं। राज्य के कुछ बड़े नेताओं द्वारा अपनाए गए हठकंडे की वजह से कांग्रेस पार्टी ने गत विधानसभा चुनाव में भले ही रेखचंद जैन को टिकट नहीं दिया, मगर रेखचंद जैन इसे लेकर मुंह फुलाकर घर बैठे नहीं रह गए। वे तब भी पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में डटे रहकर काम करते रहे और अब लोकसभा चुनाव में भी पार्टी प्रत्याशी के लिए जी जान लगाकर प्रचार अभियान में जुटे हुए हैं।


बस्तर में कांग्रेस की राजनीति टांग खिंचाई और गुटबाजी से परे रही है, मगर 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के छत्तीसगढ़ की सत्ता में आने के बाद यहां के चंद विघ्नसंतोषी तथाकथित कांग्रेस नेताओं को सत्ता का नशा ऐसा चढ़ गया कि उन्होंने रायपुर में बैठे अपने आका के इशारे पर यहां कांग्रेस में आंतरिक वैमस्यता का प्रदूषण फैलाना शुरू दिया। दीपक बैज और रेखचंद जैन जैसे सर्वमान्य नेता इन विघ्नसंतोषी नेताओं और उनके आका की आंखों में खटकने लगे। उन्हें नीचे गिराने के लिए तमाम तरह की साजिशें रची जाने लगी।तथाकथित आंतरिक सर्वे की आड़ में पहले तो रेखचंद जैन का टिकट कटवा दिया गया। उसके बाद दीपक बैज समेत कुछ अन्य कांग्रेस प्रत्याशियों को हराने के लिए एड़ीचोटी का जोर लगा दिया गया। तब भी रेखचंद जैन टिकट न मिलने के बावजूद जगदलपुर से कांग्रेस प्रत्याशी जतिन जायसवाल के पक्ष में बिना रुके, बिना थके काम करते रहे। वे सुबह से देर रात तक गांव गांव जाकर मतदाताओं को कांग्रेस के पक्ष में करने में लगे रहे। वहीं दूसरी ओर खुद को कांग्रेस का निष्ठावान सिपाही बताने वाले दो नेता अपने आका के की कठपुतली बनकर चित्रकोट सीट से दीपक बैज और अन्य सीटों के कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए गड्ढा खोदने का काम करते रहे। इसका अंजाम बहुत बुरा हुआ। दीपक बैज समेत अन्य कांग्रेस प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा। विधानसभा चुनाव में इस कांग्रेस तोड़ू गैंग ने जो करतूत की थी, उस गड्ढे को भर पाना अबके लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। फिर भी कांग्रेस के समर्पित सिपाही पूरी ऊर्जा के साथ गड्ढा पाटने और पार्टी प्रत्याशी कवासी लखमा की जीत सुनिश्चित करने के लिए अपनी ओर से कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं।

गांधीजी की राह पर रेखचंद जैन
कुछ जयचंद और रायपुर में बैठा एक भस्मासुर भले ही रेखचंद जैन का टिकट कटवाने में सफल हो गए, मगर रेखचंद आज भी कांग्रेस पार्टी की परंपरा के अनुसार गांधीवादी सिद्धांत पर चल रहे हैं। उन्हें न तो टिकट कटवाए जाने का मलाल है और न ही साजिश में लिप्त रहे विघ्नसंतोषियों के प्रति कोई बैर भाव। वे अपने जैन धर्म के सबसे बड़े सूत्र क्षमा का अनुपालन करते हुए लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी कवासी लखमा के पक्ष में भरपूर मेहनत कर रहे हैं। बताते हैं कि रेखचंद जैन रोजाना सुबह से ही चुनाव प्रचार में अपनी टीम के साथ निकल जाते हैं। बस्तर जिले के जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के विकासखंडों की लगभग सभी ग्राम पंचायतों में वे खुद चुनावी सभाएं ले चुके हैं। पता चला है कि रेखचंद जैन देर रात तक गांव गांव जाकर मतदाताओं को कांग्रेस के पक्ष में करने में लगे रहते हैं। रेखचंद जैन एक कर्मठ कांग्रेसी माने जाते हैं। उनका अपना एक ही सिद्धांत रहता है, प्रत्याशी कोई भी हो, जीत कांग्रेस पार्टी की होनी चाहिए। अपने इसी सिद्धांत पर चलते हुए रेखचंद जैन अब तक कई दर्जन गांवों का दौरा कर कांग्रेस के प्रत्याशी कवासी लखमा को जिताने की अपील ग्रामीणों से कर चुके हैं और यह सिलसिला अब भी जारी है।

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