दल्लीराजहरा दल्ली-डोंडी मुख्य मार्ग पर मनकुवर चौक के पास ट्रक ने बाइक सवार को मारी टक्कर जिससे 2 लोगों की मौत वहीं एक घायल सूत्रों के जानकारी के अनुसार माइन्स की ट्रक ने मोटर साइकिल सवार तीन लोगों को जबरदस्त ठोकर मार दी। इस घटना में मोटरसाइकिल सवार दो सगे भाई की मौत हो गई। घायल तीसरे व्यक्ति चोरहापड़ाव निवासी राजेन्द्र प्रधान का इलाज जारी है। थाना प्रभारी मुकेश सिंह ने बताया कि कच्चे माइंस जा रही हाइवा ट्रक क्र सीजी 19 बीएफ 3882ने मन कुवर चौक के पास बाइक सवार तीन लोगों को अपने चपेट में ले लिया। जिससे मोके पर एक व्यक्ति मनकुवर निवासी सोमनाथ तारम की मौत हो गई। वही एक अन्य घायल व्यक्ति हरिराम तारम ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।आगे कार्यवाही जारी है।
मासूम वेद के हत्यारों को फांसी की सजा दिलाने की मांग
- तालिबानी अंदाज में गला रेतकर मारा गया था वेद को
- प्रबुद्धजनों ने सीएम और गृहमंत्री को लिखा पत्र
लोहंडीगुड़ा विकासखंड लोहंडीगुड़ा के ग्राम उसरीबेड़ा निवासी गौतम वर्मा के 9 वर्षीय पुत्र वेद वर्मा के हत्यारों को फांसी की सजा दिलाने की मांग प्रबुद्धजनों ने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से की है।
ज्ञात हो कि बीते 13 फरवरीको रात 7 शाम बजे गौतम वर्मा के पड़ोस में रहने वाले नितेश कुशवाहा ने गौतम वर्मा के बेटे वेद वर्मा का अपहरण कर उसे ग्राम परपा जगदलपुर ले गया था। परपा के डोगरीपारा जंगल में नितेश ने अपने साथियों के साथ मिल गला रेतकर वेद की निर्मम हत्या कर दी थी। इस जघन्य घटना से क्षेत्रवासियों में आक्रोश और शोक की लहर है। आरोपियों के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ रहा है। उसरीबेड़ा और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा, उसरीबेड़ा निवासी बस्तर के सांसद एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, चित्रकोट के विधायक विनायक गोयल कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर वेद वर्मा की हत्या के सभी आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने तथा अंचल में नशे के बढ़ते चलन पर रोक लगाने एवं अपराधी प्रवृत्ति वालो के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करने का की मांग की है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति में किया जा रहा है बड़ा खेल
- दूसरी ग्राम पंचायत से कार्यकर्ता नियुक्ति की तैयारी
- विरोध में उतरे ग्राम पंचायत छिंदगांव-1 के ग्रामीण
- स्थानीय योग्य अभ्यर्थी की ही नियुक्ति की उठाई मांग
-अर्जुन झा-
बकावंड जनपद पंचायत बकावंड की ग्राम पंचायत छिंदगांव -1 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति का मामला तूल पकड़ चुका है।खबर है कि कार्यकर्ता नियुक्ति में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।इसमें करपावंड की परियोजना अधिकारी और पर्यवेक्षक की भूमिका पर उंगली उठ रही है।ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने बाहरी की नियुक्ति के खिलाफ जनपद पंचायत कार्यालय का घेराव और प्रदर्शन करने की चेतावनी दे दी है।

जानकारी मिली है कि बकावंड विकासखंड की ग्राम छिंदगांव के आश्रित पारा आमागुड़ा के आंगनबाड़ी केंद्र के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा की जा रही है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी करपावंड द्वारा आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। बताया गया है कि छिंदगांव ग्राम पंचायत की कई पढ़ी लिखी महिलाओं और युवतियों ने परियोजना अधिकारी कार्यालय में आवेदन जमा कराए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय योग्य आवेदिकाओं को नजर अंदाज करते हुए दूसरी ग्राम पंचायत की उम्मीदवार को छिंदगांव पंचायत के आमागुड़ा पारा के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियुक्त करने की तैयारी कर ली गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि लेनदेन करके बाहरी उम्मीदवार को नियुक्त करने का प्रयास चल रहा है। छिंदगांव -1 ग्राम पंचायत के सरपंच, उप सरपंच लैखन भद्रे, पंच संतोषी, अंति, फगनू, कनक समेत अन्य ग्रामीणों ने महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दूसरी ग्राम पंचायत की आवेदिका को छिंदगांव आमागुड़ा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियुक्त किए जाने का विरोध किया है। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि आमागुड़ा पारा के आंगनबाड़ी केंद्र में छिंदगांव ग्राम पंचायत की ही कम से कम12वीं पास युवती या महिला को कार्यकर्ता नियुक्त किया जाए। अन्यथा बाहरी की नियुक्ति होने पर जनपद पंचायत कार्यालय का घेराव और प्रदर्शन किया जाएगा।
ऐसे चल रहा है फर्जीवाड़ा
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के आवेदन फार्म के साथ ग्राम पंचायत के प्रमाण पत्र को भी संलग्न किया गया है। जबकि ग्राम पंचायत छिंदगांव -1 द्वारा किसी बाहरी महिला या युवती को ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी ही नहीं किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक लक्ष्मी साहू एवं महिला बाल विकास अधिकारी करपावंड की मिलीभगत से ऐसा किया गया है। चर्चा है कि जिस बाहरी महिला को नियुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है, उससे मोटी रकम ली गई है। आवेदन फार्म और ग्राम पंचायत के प्रमाण पत्र का फार्म करपावंड की एक मोबइल एवं फोटोकॉपी दुकान से खरीदे गए हैं। इसकी पुष्टि स्वयं दुकान संचालक युवक ने की है। इस मामले में ग्राम पंचायत छिंदगांव के सरपंचों ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है। उन्होंने कहा कि विवाहित महिला को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता न नियुक्त कर 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण किसी युवती को नियुक्ति दी जाए।
कलेक्टर ने एसएलआरएम सेंटर का कामकाज और बेहतर करने के दिए निर्देश
- पूर्व निरीक्षण के निर्देश पर अमल का लिया जायजा
जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. शुक्रवार को शहर के लालबाग अवंतिका कालोनी स्थित एसएलआरएम सेंटर की गतिविधियों का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने अपने पूर्व निरीक्षण के दौरान दिए निर्देश पर सेंटर में हुए अमल का जायजा लिया।

सेंटर की व्यवस्थाओं में हुए सुधार को और बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्व सहायता समूह द्वारा घरों से कचरा एकत्र करने के दौरान रहवासियों से गीले और सूखे कचरे को अलग- अलग देने पर जोर देने के लिए कहा।कलेक्टर ने एसएलआरएम सेंटरों से सूखा कचरा, सिंगल उपयोग प्लास्टिक, थर्माकोल, शू- मटेरियल, टायर आदि को गाड़ियों के माध्यम से उठाव करवाकर एमआरएफ सेंटर (समृद्धि) भिजवाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सेंटरों से रूटीन में वाहनों से सामग्रियों का उठाव करवाने के लिए संबंधितों को निर्देशित किया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी सहित नगर निगम के अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित थे।
सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत 5 कार्यों के लिए 71 लाख स्वीकृत
- सांसद दीपक बैज की अनुशंसा पर मंजूरी
जगदलपुर सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत सांसद बस्तर दीपक बैज की अनुशंसा तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के तकनीकी स्वीकृति के आधार पर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा ब्लॉक में 5 निर्माण कार्यों के लिए 70 लाख 98 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
ग्राम पंचायत गढ़िया में मारीगुड़ा से पारापुर तक सड़क उन्नयन कार्य हेतु 15 लाख रुपए एवं मारीगुड़ा से कोकड़ीगुड़ा तक सड़क उन्नयन कार्य हेतु 15 लाख रुपए, ग्राम पंचायत बड़ांजी-2 के अंतर्गत कामरान तरई से बच्चूराम घर तक पहुंच मार्ग उन्नयन कार्य के लिए 15 लाख रुपए, दाबपाल मुख्यमार्ग से झकाड़ी लाड़ी पहुंच मार्ग उन्नयन कार्य हेतु 19 लाख 98 हजार रुपए और बड़ांजी में लालो घर से सोमारू घर तक सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण के लिए 6 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। इन स्वीकृत निर्माण कार्यों के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लोहंडीगुड़ा की ओर से संबंधित ग्राम पंचायतों को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है। इन सभी निर्माण कार्यों को योजना की मार्गदर्शिका में निहित प्रावधानों का परिपालन कर आगामी 31 अगस्त तक अनिवार्य रूप से करने के निर्देश संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों को दिए गए हैं।
विधायक किरण देव की पहल पर बस्तर के पर्व संस्कृति के लिए मिलेंगे लाखों रू.
- किरण देव की मांग पर धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री ने की घोषणा
- बस्तर दशहरा, चित्रकोट महोत्सव, रामाराम मेला, गोंचा पर्व एवं मेला मड़ई, देवगुड़ी के लिए छग शासन देगा लाखों रुपए : किरण देव
जगदलपुर स्थानीय विधायक एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा है कि बस्तर संभाग की संस्कृति एवं पर्व परंपराओं के लिए हमारी सरकार ने खजाना खोल दिया है। अनुदान राशि में लाखों रुपए की बढ़ोतरी शासन ने की है। विधायक ने कहा कि बस्तर की संस्कृति एवं परंपरा की अपनी अलग पहचान है और हमारी सरकार इस पहचान को और भी व्यापक बनाने संकल्पित है।
विधायक किरण देव ने विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान सवाल पूछते कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश अपनी संस्कृति, धरोहर, परंपरा एवं मेला मड़ई के उत्सव के लिए पूरे देश में जाना जाता है। साथ ही हमारे बस्तर संभाग में विश्व विख्यात बस्तर दशहरा, चित्रकोट महोत्सव, रामाराम मेला, गोंचा पर्व, मेला, मड़ई, जात्रा एवं परंपरागत अनेक पर्व एवं त्यौहार तथा कार्यक्रम वर्षभर बस्तर संभाग में होते रहते हैं। ये पर्व बस्तर की संस्कृति एवं कला को समेटे हुए होते हैं। अपने आप में कई अनोखी परंपराएं भी बस्तर की विशिष्ट पहचान हैं। वर्तमान में भी हमारे बस्तर के आदिवासी जनमानस इन सभी परंपराओं को मनाते आ रहे हैं। देव ने कहा कि हमारा बस्तर दशहरा विश्व विख्यात है। देशभर से लोग तथा सैकड़ों विदेशी भी बस्तर दशहरा देखने आते हैं।
75 दिनों तक चलने वाला हमारा बस्तर दशहरा अपने आप में हमारी संस्कृति को संजोए रखता है। हम सभी बस्तरवासी वर्तमान में भी धूमधाम से और हर्षोल्लास के साथ बस्तर दशहरा मनाते हैं। साथ ही बस्तर संभाग के सुकमा में होने वाले रामाराम मेला, चित्रकोट महोत्सव, गोंचा पर्व एवं गांव भर में होने वाले मेला मड़ई एवं देवगुड़ी में होने वाले पूजा पाठ भी हमारे बस्तर की पहचान है। इन सभी परंपराओं का संजोकर रखना हमारा दायित्व है। विधायक किरण देव ने प्रश्नकाल में छत्तीसगढ़ के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से जानना चाहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इन सभी त्योहारों के लिए कितनी अनुदान राशि वर्तमान में दी जा रही है? किरण देव ने अनुदान राशि को बढ़ाने की मांग भी सदन में रखी। जिस पर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल जी ने विधानसभा में घोषणा करते हुए कहा कि बस्तर दशहरा के लिए पूर्व में पर्यटन एवं धर्मस्व विभाग से 35 लाख दिए जा रहे थे, जिसे बढ़ाकर अब विश्व प्रसिद्ध दशहरा के लिए 50 लाख रुपए हर वर्ष अनुदान राशि दी जाएगी। रामाराम मेले के लिए पूर्व में 10 लाख रुपए दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर 15 लाख रुपए, चित्रकोट महोत्सव के लिए पूर्व में 10 लाख रुपए दिए जा रहे थे। उसे बढ़ाकर 15 लाख रुपए एवं गोंचा महापर्व के लिए पूर्व में 3 लाख रूपए दिए जा रहे थे,जिसे बढ़ाकर 5 लाख रुपए देने की घोषणा मंत्री अग्रवाल ने की।
विधायक किरण देव ने बस्तर संभाग के विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा, रामाराम मेला चित्रकोट महोत्सव, मेला, मड़ई, देवगुड़ियों एवं अन्य पर्वों के लिए राशि बढ़ाई जाने पर छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को धन्यवाद ज्ञापित करते कहा है कि बस्तर संभाग की संस्कृति, धरोहर, पर्व परंपराओं एवं त्योहारों के दिए राशि बढ़ाए जाने पर बस्तर के लोगो को बधाई दी है तथा मुख्यमंत्री व विभागीय मंत्री का आभार व्यक्त किया है।
साइबर सेल एवं पुलिस की टीम ने शराब तस्कर को पकड़ कर भेजा जेल
- बालोद पुलिस की कार्यवाही 34(2) के तहत एक आरोपी गिरफ्तार
- थाना डोंडीलोहारा क्षेत्र के बटेरा चौक के पास आरोपी 39 नग और 02 बोतल देशी प्लेन शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार
- साइबर सेल बालोद की कार्यवाही
पुलिस अधीक्षक बालोद एस . आर. भगत के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील नायक के निर्देशन एंव अनुविभागीय अधिकारी पुलिस डोंडी लोहारा सुश्री नवनीत कौर के पर्यवेक्षण में थाना डोंडी लोहारा क्षेत्र के बटेरा चौक के पास आरोपी छगन लाल साहू पिता नाथू राम पता मालीघोरी थाना बालोद को 39 नग और 02 बोतल कुल 8460 बल्क लीटर देशी प्लेन शराब के साथ गिरफ्तार करने में सफलता मिली है, आरोपी के खिलाफ थाना डोंडी लोहारा में अपराध कायम कर 34(2) आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही किया जा रहा है |

उक्त प्रकरण में आरोपी गिरफ्तारी में सायबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक जोेगेन्द्र साहू, प्रधान आरक्षक भुनेष्वर मरकाम, विवेक शाही, आरक्षक पूरन देवांगन, संदीप यादव, विपिन गुप्ता, राहुल मनहरे की सराहनीय भूमिका रही है।
पत्रकारिता की आड़ में कांग्रेस नेता की मनमानी
रायपुर आजकल कुछ छुटभैय्या नेता जिनसे अक्सर पार्टी के ही जिम्मेदार नेता पीछा छुड़ाते नजर आते हैं, वे मीडिया के रास्ते राजनीति चमकाने और अपनी पैठ जमाने की कोशिश कर रहे हैं। इनका मीडिया के सिद्धांत और लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों से कोई वास्ता नहीं है।
ऐसा ही दुस्साहस छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हुआ है, जहां कांग्रेस से जुड़े अरुण भद्रा नाम के शख्स ने अपनी बेटी के माध्यम से मीडिया में घुसपैठ करने की कोशिश की इस दौरान वो खुद को बड़ा राजनेता और बिल्डर बताकर पत्रकारों पर रौब जमाना, शाम होते ही पत्रकारों को फोन करना और उन्हें नौकरी से निकलवा देने की धमकी देना हर छोटे बड़े कर्मचारी को मैं मालिक हूं मेरे पैसे पर पल रहे हो कहकर सरेआम बेज्जती करना आम बात है। मीडिया से जुड़ा हर शख्स जानता है कि पत्रकार को अपना आत्म सम्मान सबसे ज्यादा प्यारा होता है। कुछ मीडिया कर्मियों ने अरुण भद्रा के इस व्यवहार से तंग आकर एशियन न्यूज से नाता तोड़ लिया है। इसके बाद अरुण भद्रा ने अपनी सीमाएं लांघते हुए संपादकीय कार्यों में दखल देना शुरू कर दिया। इससे खिन्न होकर एशियन न्यूज के संपादक, आउटपुट इंचार्ज को काम करना मुश्किल हो गया। देर रात संपादकीय कार्यों को लेकर फोन पर अभद्रता दिनों दिन बढ़ती चली गई। विधानसभा चुनाव के दौरान ही संपादक, आउटपुट इंचार्ज, सेल्स हैड को नौकरी छोड़नी पड़ गई. अरुण भद्रा चुनाव के दौरान हर जिले में बतौर राजनेता दौरा करते थे और चाहते थे जिला संवाददाता उनके स्वागत में खड़े नजर आएं।ऐसा नहीं करने वाले जिला संवाददाताओं को विज्ञापन के लिए धमकाना रोजमर्रा का काम हो गया। इसी तरह दखलंदाजी, समय पर वेतन नहीं देना और चैनल के लाइसेंसधारी यश सैटेलाइट को एग्रीमेंट के मुताबिक समय पर पेमेंट नहीं करने के कारण चैनल की हालत दिनों दिन बिगड़ती गई। इनके बर्ताव से तंग आकर यश सैटेलाइट ने भी जनधारा मीडिया हाऊस से अपना अनुबंध निरस्त करके राधे कृष्ण मल्टी मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्रायवेट लिमिटेड से अपना नया अनुबंध कर लिया। अब अरुण भद्रा का मीडिया संचालक बनने का सपना चूर चूर हो गया। बौखलाहट में वे अब राधे कृष्ण मल्टी मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्रायवेट लिमिटेड द्वारा नियुक्त मीडिया कर्मियों को भी धमकाने से बाज नहीं आ रहे हैं। आएदिन किसी को भी उठा लेने, जेल भिजवा देने की धमकी दी जा रही है। कई जिलों के संवाददाताओं को एशियन न्यूज की आईडी इस्तेमाल करने से रोका जा रहा है। इससे जुड़े कई दस्तावेज हाथ लगे हैं।
कौन है अरुण भद्रा
अरूण भद्रा कांग्रेस से जुड़ा ऐसा नेता है, जिससे कांग्रेसी स्वयं पल्ला झाड़ते हैं। वे पूर्व में रेप केस में जेल जा चुके हैं। उन्होंने तरूण चटर्जी जैसे अपने गॉड फादर को भी धोखा दिया। उनके अराजक आचरण के चलते भद्र बंगाली समाज ने कालीबाड़ी से उन्हें निकाल बाहर कर दिया है। जमीन के मामले में कई विवाद उनके नाम पर है। आरोप है कि वे शराब सप्लाई का काम भी करते हैं और इसको लेकर कभी राजनैतिक रसूख तो कभी मीडिया के नाम पर कई बार आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी धमका चुके हैं। इनके आचरण के चलते एशियन न्यूज चैनल में ताला लग गया साथ ही कई कर्मचारियों की नौकरी चली गई । हालांकि अब एशियन न्यूज को अन्य ग्रुप सफलता पूर्वक संचालित कर रहा है। इसके बाद भी अरुण भद्रा अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा है। इससे तंग आकर सुभाष मिश्रा ने अरुण भद्रा के खिलफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
किसानों को एमएसपी देने के अपने वादे से पलटने पर पीएम मोदी माफी मांगें : दीपक बैज
- दिल्ली जा रहे किसानों को बलपूर्वक रोकना निंदनीय
- किसान आंदोलन और भारत बंद को कांग्रेस का समर्थन
जगदलपुर कांग्रेस ने किसान आंदोलन और 16 फरवरी के भारत बंद का समर्थन किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस देश के अन्नदाताओं के साथ खड़ी है। यह दुर्भाग्य है कि किसानों के देश में भारत का किसान असहाय खड़ा है। केंद्र सरकार आताताई बनी हुई है।
दीपक बैज ने 2014 लोकसभा चुनाव से पहले किसानों को फसलों पर एमएसपी देने के नरेंद्र मोदी के वादे की याद दिलाई है। उन्होंने दिल्ली जा रहे किसानों को बलपूर्वक रोके जाने की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने याद दिलाया कि स्वामीनाथन कमीशन की 201 सिफारिशों में से यूपीए सरकार 175 सिफारिशें लागू कर चुकी थी। बची हुई सिफारिशों में सबसे महत्वपूर्ण न्यूनतम समर्थन मूल्य से जुड़ी घोषणा मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी द्वारा की गई है। दीपक बैज ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने से पहले गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी न्यूनतम समर्थन मूल्य के बहुत बड़े वकील बनकर सामने आए थे। मार्च 2011 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने रिपोर्ट ऑफ वर्किंग ग्रुप ऑन कंज्यूमर अफेयर्स के चेयरमैन होने के नाते कहा था कि अगर एमएसपी सुनिश्चित हो तो किसानों को उत्पादन बढ़ाने में प्रोत्साहन मिलेगा। इस रिपोर्ट में एमएसपी को लागू करने की बात कही गई थी। 2014 लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने और उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत लाभ का झूठा वादा किया। इसके बाद वह प्रधानमंत्री बन गए। प्रधानमंत्री मोदी का झूठ तब सामने आया जब न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल हुआ, जिसमें मोदी सरकार ने साफ कहा कि उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत लाभ कभी भी किसान को नहीं दिया जा सकता। 3 जुलाई 2016 को केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने एक आरटीआई के जवाब में कहा है कि फसलों की उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत लाभ से बाजार में विकृति आ सकती है। प्रधानमंत्री मोदी ने न सिर्फ अपना वादा तोड़ा, बल्कि किसानों के रास्ते पर कील बिछवाई और किसानों को उपद्रवी कहा गया। 2014 का भाजपा का घोषणापत्र हो या मुख्यमंत्री मोदी की कमेटी की सिफ़ारिश, एमएसपी की क़ानूनी गारंटी देने पर मोदी सरकार पलटी है। - फिर माफी मांगें नरेंद्र मोदी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि जब पिछली बार किसान तीन काले कानूनों को लेकर धरना दे रहे थे, तब प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे माफी मांगते हुए कहा था कि मैं तीनों कानून वापस लेता हूं। न्यूनतम समर्थन मूल्य की समस्या का समाधान निकालने के लिए जल्द ही एक कमेटी बनेगी। आज इन बातों को दो साल से ऊपर हो गए, कोई कमेटी नहीं बनाई गई। आज जब किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर फिर से धरना दे रहे हैं, तो उनपर रबर की गोलियां चलाई जा रही हैं, आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं, रास्ते में कीलें बिछाई जा रही हैं। दीपक बैज ने कहा कि किसानों पर जो अत्याचार और अन्याय भाजपा एवं मोदी सरकार ने किया है, वो आज़ादी के बाद किसी भी सरकार ने नहीं किया है। प्रधानमंत्री मोदी किसानों से झूठ बोलने, किसानों को आतंकवादी और विदेशी एजेंट कहे जाने के लिए भी मांफी मांगें।
खुले आसमान तले बिराजे टापू वाले भोलेबाबा को है एक छत की दरकार
- जीवनदायिनी इंद्रावती के मध्य विराजित हैं भोलेनाथ
- आसना के तामाकोनी में मंदिर निर्माण की मांग
ललित जोशी
जगदलपुर शिव हम सभी का कल्याण करते हैं। भगवान शिव अपने निराले अंदाज और सादगी के लिए जाने जाते हैं। इसे विडंबना ही कहें कि आज भी कई जगहों पर भगवान शिव लिंग स्वरूप में उपेक्षित अवस्था में देखे जा सकते हैं। जगदलपुर शहर की सीमा से लगी ग्राम पंचायत आसना के आश्रित ग्राम तामाकोनी में भी सबका कल्याण करने वाले भोलेबाबा उपेक्षित अवस्था में विराजमान हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रतिवर्ष सिर्फ शिवरात्रि के दिन ही यहां भगवान शिव की पूजा आराधना की जाती है। बाकी के वर्ष भर कभी-कभी ही लोग आकर पूजा करते हैं। ग्राम पंचायत आसना के तामाकोनी की धरा को स्पर्श करती गुजरने वाली इंद्रावती नदी के दोनों छोरों की चौड़ाई लगातार बाढ़ के चलते लगभग डेढ़ गुना अधिक हो चली है। बाढ़ के कारण नदी के बीच में एक बड़े आकार के टापू का निर्माण हो गया है। इस टापू के दोनों तरफ से इंद्रावती की जलधारा प्रवाहित होती है। यह जलधारा शीतकाल से सिकुड़ती हुई गर्मियों में सूख जाती है। वर्ष 2010 में स्थापित भगवान शिव के मंदिर को भी इसी वर्ष आई बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया। इसके चलते मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया है। वर्तमान में मंदिर के सिर्फ पिलर ही शेष बचें हैं।

परस्पर सहयोग से विराजे थे शिव
तामाकोनी गांव के अंतिम छोर से बहती इंद्रावती नदी के किनारे भगवान शिव को स्थापित करने के पीछे भी अनोखी कहानी है। गांव के 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज और आदिवासी समाज के वरिष्ठ सदस्यों के सामाजिक सद्भाव और परस्पर सहयोग से भगवान शिव विराजित हुए थे। प्रमुख रूप से लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त स्व. काशीप्रसाद जोशी, विद्युत विभाग से सेवानिवृत्त स्व. विजय पाणीग्रही, गोकुलानंद पाणीग्रही, चंद्रविष्णु पाणीग्रही,
आदिवासी समाज के वरिष्ठ सदस्य स्व. चेतन सिंह देहारी,
स्व. धरम सिंह कोकड़िया, स्व. खिरनाथ पुजारी एवं लोकनाथ गड़मिया ने मंदिर निर्माण में विशेष भूमिका निभाई थी
आस्था को मिलेगा आयाम तो रोजगार
वर्तमान में जिस जगह पर भगवान शिव विराजमान हैं, वह जगह आसपास के अन्य क्षेत्रों के मध्य बिंदु पर स्थित है। जगदलपुर, धरमपुरा, आसना, बालिकोंटा, कोंडावल, कालीपुर और घाट पदमुर प्रमुख के मध्य me यह स्थान है। मंदिर निर्माण के बाद लोगों की आवाजाही बढ़ जाएगी। शिवरात्रि के दिन में भी देखा जाता है कि इन सभी जगहों से बड़ी तादाद में लोग भगवान शिव के दर्शन को पहुंचते हैं। वहीं दूसरी तरफ नदी के किनारे निवासरत ग्रामीणों को भी दर्शनार्थियों के आने से रोजगार मिलने की व्यवस्था हो सकेगी।


