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राजहरा खदान समूह के सुरक्षा गार्डों को अब मिलेगा केन्द्रीय वेतनमान, भारतीय मजदूर संघ

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दल्लीराजहरा भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि राजहरा खदान समूह में चल रहे सुरक्षा गार्ड के ठेके में कार्यरत सुरक्षा गार्डो को बीएसपी प्रबंधन एवं ठेकेदार द्वारा राज्य सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन दिया जा रहा था जबकि वे केन्द्र सरकार द्वारा सुरक्षा गार्ड के लिए तय न्यूनतम वेतन के हकदार हैं। ईस मामले पर भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध खदान मजदूर संघ भिलाई के केन्द्रीय अध्यक्ष एम पी सिंग ने डी एल सी केन्द्रीय रायपुर के समक्ष जनवरी 2022 में आई डी लगाया था जिसपर जुलाई 2022 में फैसले देते हुए डीएलसी केन्द्रीय नने भारतीय मजदूर संघ को 16 सुरक्षा गार्ड के लिए न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के तहत आर एल सी केन्द्रीय रायपुर के न्यालय में अपील करने को कहा जिसपर भारतीय मजदूर संघ ने जुलाई 2022 में ही अपील की जिसमें निदेशक प्रभारी भिलाई इस्पात संयंत्र और ठेकेदार सी डी ओ सिक्योरिटी सर्विसेस भिलाई को पार्टी बनाया। लगभग 20 माह के लंबे अंतराल के बाद 17-01-2024 को आर एल सी केन्द्रीय ने भारतीय मजदूर संघ के पक्ष को सही मानते हुए अप्रैल 2020 से लेकर अगस्त 2023 तक की अवधि के लिए भारतीय मजदूर संघ द्वारा नामित 16 सुरक्षा गार्ड को न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के तहत 3397729 का क्लेम और 16000 क्षतिपूर्ति भुगतान करने का आदेश निदेशक प्रभारी भिलाई इस्पात संयंत्र और ठेकेदार सी डी ओ सिक्योरिटी सर्विसेस भिलाई को दिया। भारतीय मजदूर संघ ने ईस आदेश के तहत बीएसपी प्रबंधन से तत्काल ईस आदेश का पालन करते हुए क्लेम और क्षतिपूर्ति की राशि पीड़ितों को भुगतन करने की मांग की साथ ही ईस आदेश के प्रकाश में भारतीय मजदूर संघ बीएसपी प्रबंधन से अपेक्षा करता है कि आने नये ठेके में सुरक्षा गार्डों को केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन और यूनियन के साथ हुए समझौते के तहत खदान भत्ता और रात्रि कालीन भत्ता का भुगतान किया जावे। भारतीय मजदूर संघ सभी सुरक्षा गार्डों को संघ पर विश्वास बनायें रखने और संयम बनायें रखने के लिए धन्यवाद देती है और सभी सुरक्षा गार्डों को ईस विजय के लिए बधाई देती है। और ईस अवसर पर को सभी सुरक्षा गार्डों और संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नगर प्रशासन विभाग और मांईस आफिस के सामने फटाके फोडकर, मिठाईयां बांटकर अपनी जीत की खुशियां मनाई। ईस अवसर पर संघ के कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे।

मुश्ताक अहमद जिला मंत्री भारतीय मजदूर संघ

पीसीसी चीफ बैज निकल पड़े मिशन इलेक्शन और न्याय यात्रा को सफल बनाने

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  • बिलासपुर, सरगुजा के दौरे से कांग्रेस होगी मजबूत
  • हसदेव अरण्य पर और तेज होगी आंदोलन की धार
  • राहुल की न्याय यात्रा को छ्ग में मिलेगा नया आयाम

अर्जुन झा

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज जब कोई जिम्मेदारी उठाते हैं, तो उसे बखूबी निभाते हैं। उनका हर कदम बहुआयामी होता है। एक तीर से कई निशाने साधने की कला उनमें गजब की है। उनके बिलासपुर और सरगुजा दौरे के भी अनेक निहितार्थ हैं। एक तो यह कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के परफॉरमेंस को और बेहतर बनाना, दूसरा हसदेव अरण्य के मसले को भाजपा के खिलाफ धारदार हथियार बनाना और तीसरा राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा को छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक रूप से सफल बनाना।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज आज 23 जनवरी से सारंगढ़, सक्ती, जंजगीर एवं बिलासपुर जिलों के दौरे पर निकल पड़े हैं।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के मीडिया विभाग के मुताबिक दीपक बैज ने 23 जनवरी को सुबह रायपुर से सारंगढ़ के लिए प्रस्थान किया। वे सारंगढ़ के लेंदरा में रामनामी समाज के मेले में शिरकत करेंगे। 24 जनवरी को श्री बैज सक्ती विधानभसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से एवं दोपहर बाद जंजगीर जिला मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे। दीपक बैज 25 जनवरी को बिलासपुर जिला मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से चर्चा एवं दोपहर बाद मुंगेली जिला मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे। कहने को तो वे विशुद्ध रूप से पार्टीगत कार्यक्रमों के सिलसिले में दौरे पर निकले हैं, मगर दीपक बैज के अब तक के दौरों के जो अनुभव रहे हैं, वे कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। श्री बैज एक सांसद के तौर पर अथवा पीसीसी चीफ के नाते जब कहीं भी जाते हैं, तो उनका उद्देश्य बहुआयामी होता है। वे एक तीर से कई निशाने साधने में भरोसा रखते हैं और उनका निशाना अचूक भी होता है। लोकसभा सत्रों के सिलसिले में जब दीपक बैज नई दिल्ली प्रवास पर रहते हैं, तब समय निकालकर पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों से मिलने भी पहुंच जाते हैं। उनसे छत्तीसगढ़ में पार्टी की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए मार्गदर्शन लेते हैं और गृहराज्य लौटकर उस मार्गदर्शन के अनुरूप काम करने में जुट जाते हैं। यही नहीं दिल्ली में पार्टी नेतृत्व और संयुक्त विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ किए जाने वाले प्रदर्शन व आंदोलनों में भी दीपक बैज बढ़ चढ़कर सहभागिता देते आए हैं। इसी तरह दिल्ली प्रवास के दौरान वे केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रियों से मिलकर छत्तीसगढ़ से जुड़ी परियोजनाओं और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने बाबत उनसे आग्रह करते हैं। इसमें उन्हें आशातीत सफलता भी मिलती है। जगदलपुर – रायपुर हाईवे के चौड़ीकरण, बस्तर की अंदरूनी सड़कों को स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे से जुड़वाने, रेल और वायुयान सेवाओं के विस्तार, रावघाट – जगदलपुर रेल लाईन के काम को गति दिलाने सरीखे कई अहम कार्यों में एक विपक्षी सांसद होने के बावजूद दीपक बैज को अच्छी कामयाबी मिली है। माहरा, महार जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने में दीपक बैज के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। केंद्र सरकार के सभी मंत्री सांसद दीपक बैज को पूरा सम्मान देते हैं। इसकी प्रमुख वजह है दीपक बैज की मितभाषिता और व्यवहार कुशलता। उनका यही गुण दुश्मन को भी उनका मुरीद बना देता है। एक पंथ, दो काज की रीति पर चलने वाले दीपक बैज मिनिमम इन्वेस्टमेंट में मैक्सिमम रिटर्न हासिल करने की कला में दक्ष हैं। इसीलिए उनके ताजा बिलासपुर व सरगुजा दौरे को बहुआयामी उद्देश्यों वाला माना जा रहा है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बिलासपुर संभाग में बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। आने वाले लोकसभा चुनाव में इसकी भरपाई के लिए बैज ने अभी से कमर कस ली है। बिलासपुर, सारंगढ़, जांजगीर, चांपा, सक्ती के पार्टी कार्यकर्ताओं को हताशा से उबारकर लोकसभा चुनाव के लिए रिचार्ज करने के वास्ते दीपक बैज दौरे पर हैं। उनकी नजर बिलासपुर, सारंगढ़, जांजगीर चांपा, रायगढ़, सरगुजा आदि लोकसभा सीटों पर फतह हासिल करने के नजरिए से दीपक बैज के इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है।

नहीं होने देंगे असम जैसा अन्याय

दीपक बैज के बिलासपुर, सरगुजा दौरे को कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय राहुल गांधी द्वारा निकाली गई भारत जोड़ो न्याय यात्रा से भी जोड़कर देखा जा रहा है। न्याय यात्रा सरगुजा, अंबिकापुर के रास्ते छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने वाली है। यह यात्रा पांच दिनों में छत्तीसगढ़ के सात जिलों को कवर करते हुए गुजरेगी। इनमें ज्यादातर वही जिले शामिल हैं, जहां अभी श्री बैज प्रवास पर हैं। राज्य में राहुल गांधी की इस यात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज विशेष रणनीति के तहत काम कर रहे हैं। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए वे सरगुजा और बिलासपुर गए हुए हैं। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के काफिले पर भाजपा शासित राज्य असम में जिस तरह से हमले हुए हैं, उसकी पुनरावृति छत्तीसगढ़ में न हो इस बात का विशेष ध्यान दीपक बैज रख रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी भाजपा की सरकार है। इसे देखते हुए न्याय यात्रा के साथ किसी तरह का अन्याय न हो इसकी पूरी तैयारी में दीपक बैज लग गए हैं।

हसदेव न छूटने पाए हाथ से

आसन्न लोकसभा चुनाव में हसदेव अरण्य का मामला छत्तीसगढ़ के साथ ही झारखंड, बिहार और ओड़िशा में कांग्रेस के लिए बड़ा चुनावी हथियार बन सकता है। छ्ग के सरगुजा जिले में स्थित हसदेव के जंगलों से पेड़ों की बेतहाशा कटाई और वहां कोल खनन की अनुमति दी जाने का मुद्दा बहुत ही गरमाया हुआ है। पेड़ों की कटाई और कोल ब्लॉक आवंटन से वहां के आदिवासी बहुत ज्यादा प्रभावित हुए हैं। वन्यप्राणी भी जंगलों से बेदखल होकर मानव आबादी के बीच पहुंच रहे हैं और ग्रामीणों पर हमले कर रहे हैं। इस मुद्दे पर दीपक बैज शुरू से मुखर होकर आवाज उठाते आए हैं। कुछ दिनों पूर्व ही उन्होंने हसदेव के एक गांव में बड़ी सभा को संबोधित भी किया था। श्री बैज स्वयं आदिवासी समुदाय से हैं और कांग्रेस के आदिवासी विभाग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। इसलिए हसदेव के प्रभावित आदिवासियों के हक में आवाज उठाना उनका नैतिक दायित्व भी है। लोकसभा चुनाव करीब है लिहाजा हसदेव के मुद्दे को कांग्रेस के हाथ से न छूटने देने की भी बड़ी जिम्मेदारी दीपक बैज पर है। कहा जा रहा है कि दीपक बैज के बिलासपुर संभाग दौरे का उनका एक मकसद यह भी है।

पुलिस लाईन बीजापुर राम मंदिर में हुई प्राण प्रतिष्ठा

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बीजापुर 22 तारीख को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य में स्थित बीजापुर जिले की न्यू पुलिस लाईन एसटीएफ हब के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की गई। प्राण प्रतिष्ठा एसटीएफ के उप पुलिस अधीक्षक मारुति जगने, कंपनी कमांडर सुबोध सिंह, पीसी सामनाथ यादव, सीजी -1 प्रभारी एपीसी रामकुमार डहरिया व जुलू1 पीसी हब प्रभारी जयकरण प्रजापति एवं समस्त जवानों की उपस्थिति में हर्षोल्लास के साथ संपन्न की गई।

न भवन पूरा बनवाया और न ही मजदूरी का भुगतान किया

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  •  पंचायत सचिव ओंकार गागड़ा की एक और करतूत
  •  भवन दो साल से अधूरा, सालभर से मजदूरी अटकी
    -अर्जुन झा-
    बकावंड विकासखंड मुख्यालय बकावंड में पदस्थ ग्राम पंचायत सचिव ओंकार गागड़ा कांग्रेस शासनकाल के दौरान कांग्रेसी जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में निर्माण कार्यों में जमकर अनियमितता करते ही रहे हैं, भाजपा के सत्ता में आने के बाद भी वे कारनामे करने से बाज नहीं आ रहे हैं। शासकीय उचित मूल्य की दुकान के लिए भवन निर्माण में पंचायत सचिव ने सरकारी धन की गफलत कर डाली है। पंद्रह लाख रुपए खर्च करने के बाद भी भवन को ढंग से बनाया नहीं गया है और इस कार्य में लगे मजदूरों को सालभर से मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया गया है।
    ग्राम पंचायत बकावंड में शासकीय उचित मूल्य की दुकान के भवन निर्माण के लिए दो साल पहले राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना मद से 10 लाख रुपए और जिला खनिज निधि न्यास मद से 5 लाख रुपए की मंजूरी मिली थी। निर्माण कार्य पंचायत सचिव ओंकार गागड़ा ने अपने हाथों में ले रखा था। निर्माण कार्य में शुरू से ही जमकर अनियमितता बरती गई। नींव भराई से लेकर छत ढलाई तक सारे कार्य काम चलाऊ ढंग से कराए गए। घटिया सीमेंट, छड़, ईंट, रेत का उपयोग किया गया। प्लास्टर का काम भी आधा अधूरा ही कराया गया है। भवन के सामने वाले हिस्से की दीवारों का ही प्लास्टर कराया गया है। अगल बगल व पीछे की दीवारों तथा दीवारों के अंदरूनी भाग का प्लास्टर दो साल बीत जाने के बाद भी नहीं कराया जा सका है। बगैर प्लास्टर कराए ही दीवारों की पोताई करवा दी गई है। वहीं दीवारों की मोटाई भी कम रखी गई है। छत ढलाई में भी गंभीर लापरवाही बरती गई है। छत निर्माण में रॉड व छड़ों का उपयोग बहुत ही कम मात्रा में किया गया है। गारे में रेत ज्यादा और सीमेंट की मात्रा कम रखी गई थी। इससे छत मजबूत नहीं बन पाई है। सिपेज और पानी टपकने की समस्या पैदा होने लगी है। भवन के अंदर रखे गए अनाज, शक्कर, गुड़ आदि के बरसात के मौसम में भीगकर खराब होने का खतरा है। 2 वर्ष से दुकान भवन अधूरा पड़ा है। पंचायत सचिव ओंकार गागड़ा द्वारा मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान 1साल बीत जाने के बावजूद आज तक नहीं किया गया है। दुकान भवन के निर्माण में पसीना बहाने वाले मजदूर अपने पसीने की कमाई को हासिल करने के लिए रोज चक्कर लगा लगाकर परेशान हो चले हैं। पंचायत सचिव कोई न कोई बहाना बनाकर उन्हें टालते आ रहे हैं। सरपंच भी मजदूरों को मेहनताना राशि दिला पाने में असहाय साबित हो रहे हैं।विवादों से घिरे रहे हैं सचिव
    पंचायत सचिव का विवादों और अनियमितताओं से पुराना नाता रहा है। बताया जाता है कि सचिव ओंकार गागड़ा जिस भी ग्राम पंचायत में पदस्थ रहे हैं, वहां ऐसी ही गफलतबाजी की गई है। हर निर्माण कार्य में घालमेल कर जेब भरना उनकी फितरत रही है। जानकारी के मुताबिक उनके पास बकावंड के अलावा एक और ग्राम पंचायत का प्रभार है। अतिरिक्त प्रभार वाली ग्राम पंचायत में भी ऐसे ही कारनामों को अंजाम दिया जा रहा। सूत्र बताते हैं कि पंचायत सचिव कांग्रेस शासन काल के दौरान खुलकर खेलते रहे हैं और अब भी खेल रहे हैं। उन्हें किसी अदृश्य कांग्रेसी शक्ति का वरदहस्त प्राप्त होने की चर्चा है। इस अदृश्य शक्ति के दबाव में जनपद पंचायत बकावंड के सीईओ भी सचिव पर एक्शन नहीं ले पा रहे हैं। वैसे भी ऐसे ही भ्रष्ट पंचायत सचिवों के जरिए बीते विधानसभा चुनाव में किसी कांग्रेस नेता के लिए फंड जुटाने जनपद के सभी पंचायत सचिवों से लाखों रुपयों की उगाही की गई थी। फिर भला सीईओ इस सचिव की गिरेबान पर हाथ कैसे डाल पाएंगे?

विकसित भारत संकल्प यात्रा में जीवन भर साथ निभाने का संकल्प

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  • यात्रा कार्यक्रम के पंडाल में पांच जोड़ों का हुआ विवाह
  •  बकावंड के टलनार गांव में रचा गया एक नया इतिहास
    -अर्जुन झा-
    बकावंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के आधार पर निकाली गई विकसित भारत संकल्प यात्रा न सिर्फ घर – घर में सुख, शांति और समृद्धि ला रही है, बल्कि घर बसाने का शानदार जरिया भी बन गई है। बकावंड ब्लाक ग्राम टलनार के संकल्प यात्रा कार्यक्रम में पांच जोड़ों का आदर्श विवाह कराकर एक नया इतिहास रच दिया गया। संकल्प यात्रा कार्यक्रम के पंडाल तले इन जोड़ों ने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के साथ ही जीवन भर साथ निभाने का संकल्प भी लिया।
    विकसित भारत संकल्प यात्रा की इन दिनों बस्तर संभाग के गांव -गांव में धूम मची हुई है। अंतिम पंक्ति के वंचित ग्रामीणों को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। केंद्र की कई ऐसी योजनाएं हैं, जिनका नाम भी ग्रामीण अब तक सुन नहीं पाए थे, उन योजनाओं से भी ग्रामीण लाभान्वित हो रहे हैं। जिनके पास खुद का घर नहीं है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर उनके लिए पक्का मकान बनाने का खाका तैयार किया जा रहा है। आर्थिक तंगी के चलते ईलाज नहीं करा पा रहे ग्रामीणों को आयुष्मान भारत योजना के कार्ड बनाकर निशुल्क ईलाज की सुविधा दी जा रही है।

लकड़ी, उपले के धुंए के बीच अपनी आंखों और फेफड़ों के नुकसान की कीमत पर भोजन तैयार करने वाली महिलाओं को उज्जवला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। किसानों को जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के टिप्स के साथ उन्नत बीज और खाद के किट्स दिए जा रहे हैं। बेरोजगार युवाओं और गृहस्थ महिलाओं को स्वावलंबी बनाने अल्पतम ब्याज दर पर ऋण एवं उन्नत नस्ल की बकरी, मुर्गी आदि दी जा रही है। ऐसी और भी कई योजनाएं हैं, जिनका लाभ लेकर ग्रामीण विकसित एवं सशक्त भारत के निर्माण में सहभागी बन रहे हैं। विकसित भारत संकल्प यात्रा सिर्फ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाकर देने का ही उपक्रम नहीं कर रही है, बल्कि घर बसाने का काम भी कर रही है। इसकी बड़ी अच्छी बानगी बकावंड विकासखंड के ग्राम टलनार में देखने को मिली। संकल्प यात्रा कार्यक्रम के पंडाल तले पांच परिवारों के युवक – युवतियों का परिणय बंधन संस्कार भी संपन्न हुआ। विकसित भारत संकल्प यात्रा का यह अंतिम पड़ाव था। परिणय सूत्र में बंधे पांचों जोड़ों को उपस्थित भाजपा नेताओं पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उन पर पुष्प वर्षा कर शुभकामनाएं दी। ब्लॉक के भाजपा नेताओं की इस अनूठी पहल की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। पांच जोड़ों के आदर्श विवाह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनीराम कश्यप व अतिथि प्रदेश भाजपा के कार्यकारिणी सदस्य वनवासी मौर्य, वेदप्रकाश पाण्डे, कपिल पांडे, महेश कश्यप, दामूधर बघेल, पुरषोत्तम जोशी, बृजलाल सेठिया, तुलाराम भारती, सरपंच गुप्ती कश्यप, उप सरपंच तेनसिंह सेठिया आदि थे।

अविस्मरणीय बन गया यह दिन
पांच जोड़ों के शुभ विवाह का यह दिन सदा सदा के लिए अविस्मरणीय बन गया। यह शुभ दिन था 22 जनवरी का।22 जनवरी की यह तिथि इसलिए इतिहास में दर्ज हो गई है, क्योंकि इसी तिथि पर भगवान रामलला पांच सौ वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अपने जन्म स्थान पर निर्मित भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं। इस तरह रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के महापर्व को पूरी दुनिया के रामभक्त हर साल 22 जनवरी को धूमधाम से मनाएंगे। साथ ही इन पांच जोड़ों की वैवाहिक वर्षगांठ भी यादगार बन जाएगी। दौरान पंचायत सचिव भोलाराम बघेल, गंगाराम कश्यप, नरसिंह पुजारी, विनोद जोशी, अनमत भारती, कमलसिंह सिन्हा, शांति नाग, मायाबती, कमलबती, हरिनाथ बघेल, उदय नारायण, सभी शिक्षक, पुजारी, मानक राम झाली, रनसाय, जयराज सेठिया, जीतू, ललिता, भागेश्वरी, रत्ना, नवीना, कृतवास सिन्हा समेत सभी गांववासी उपस्थित थे। मुख्य अतिथि ने दांपत्य जीवन में संबंधों की प्रगाढ़ता, आपसी प्रेम पर बल देते हुए नव विवाहित जोड़ों को सुखमय और खुशहाल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दी। मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों ने नव विवाहित दंपत्तियों को उपहार भी भेंट किए।

आरईएस विभाग सुकमा में चोरी -चोरी, चुपके -चुपके वाला खेल

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  • गुपचुप ढंग से चहेते ठेकेदार को दे दिया आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण का ठेका

कोंटा भ्रष्टाचार को लेकर सरकार भले ही जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू करने का दावा कर रही है, लेकिन सुकमा जिले के कुछ सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण धरातल पर यह दावा खोखला साबित हो रहा है। कुछ कर्मचारियों के कारण आमजन को भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने में सरकार की कोशिश नाकाम साबित होती नजर आ रही है। सुकमा जिले के अंतिम छोर में स्थित कोंटा नगर में कई आंगनबाड़ी भवन काफी जर्जर हो चुके थे। इन जर्जर भवनों में बिठाकर उनकी देखरेख और शिक्षा की व्यवस्था की जाती रही है। ऐसा करके मासूम बच्चों की जान को मुसीबत में डाल दिया गया था। इस मसले को लेकर समय- समय कई पत्रकारों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए अखबारों प्रकाशित किया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने इसमें रूचि लेकर तत्काल आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण हेतु कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग सुकमा को एजेंसी बनाकर कोंटा नगर पंचायत में पांच आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य हेतु आदेशित किया। आरईएस विभाग के अधिकारियों द्वारा निविदा प्रक्रिया के सभी नियमों को दरकिनार करते हुए अपने चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने एवं अपनी जेब भरने के उद्देश्य से गुप्त तरीके से टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया गया। टेंडर की जानकारी ज्यादातर ठेकेदारों को नही होने के कारण वे निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित रह गए। इससे 5 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कार्य का ठेका एक प्रतिशत ज्यादा पर एक ही ठेकेदार दीपक सिंह चौहान को दे दिया गया। इस निविदा प्रक्रिया को सूचना पटल में प्रकाशित नहीं किया गया और नगर पंचायत कोंटा से एनओसी लिए बिना निविदा प्रक्रिया को पूरा किया गया। इससे न सिर्फ शासन को लाखों रुपए की हानि हुई, बल्कि इस गुप्त टेंडर एवं कमीशनखोरी के कारण गुणवत्ताहीन भवन निर्माण होना तय है। गुप्त तरीके से लाखों का टेंडर जारी कर शासन को चूना लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं आरईएस के अधिकारी।

राहुल गांधी की न्याय यात्रा से डरी भाजपा करा रही है हमले : दीपक बैज

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  • राहुल गांधी को असम में मंदिर जाने से रोकना गलत

रायपुर राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा को मिल रही सफलता तथा लोगों के व्यापक जनसमर्थन से भाजपा डर गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की असम सरकार गुंडा तत्वों से भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर हमले करवा रही है। अफसोस की बात है कि भाजपा खासकर असम में देश के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, इस शांतिपूर्ण यात्रा को बाधित करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।पिछले दो दिनों में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के काफिले पर योजनाबद्ध हमले किए गए।उपद्रवियों ने यात्रा के पोस्टरों को फाड़ दिया।
श्री बैज ने कहा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं की जानबूझकर इकट्ठी की गई भीड़ ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा काफिले पर हमला किया।परिणाम स्वरूप असम पीसीसी अध्यक्ष सहित कांग्रेस पार्टी के कई नेता घायल हो गए। भाजपा समर्थित गुंडों द्वारा न्याय यात्रा पर फिर हमला किया गया। यह और कुछ नहीं बल्कि असम के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार की प्रशासनिक विफलता और भ्रष्टाचार को छिपाने का एक हताश प्रयास है। दीपक बैज ने कहा कि राहुल गांधी से डरी भाजपा ने राहुल गांधी को असम में मंदिर जाने से रोका। राहुल गांधी शंकरदेव मंदिर जाना चाहते थे तथा कुछ देर वहां बिताना चाहते थे, लेकिन राहुल गांधी की यात्रा को मिल रहे अपार जनसमर्थन से घबराई भाजपा की असम सरकार ने उन्हें मंदिर जाने से रोक दिया। यह बताता है कि भाजपा राहुल गांधी से घबरा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो न्याय यात्रा सफलता पूर्वक मणिपुर, नागलैंड, अरूणाचल प्रदेश से होकर गुजरी है और अब असम में प्रवेश कर गई है। लोगों के दिलों को छूने वाली यह यात्रा युवाओं, महिलाओं और हाशिए पर रहने वाले लोgon के लिए न्याय की मांग कर रही है। लोग यात्रा से जुड़ रहे हैं। यात्रा अब जन आंदोलन बन चुकी है।भाजपा कितना भी षड़यंत्र कर ले भारत के लोगों की मजबूत आवाज के साथ महंगाई, बेरोजगारी, अशिक्षा अन्याय के खिलाफ निकली यह यात्रा अपने पड़ाव तक लक्ष्य हासिल करते तक बिना किसी डर के अनवरत रूप से चलेगी। देश के लोगों को डरो मत का नारा देने वाले राहुल गांधी को डराने की कोशिश, रोकने की कोशिश भाजपा की हताशा का परिणाम है।

जगदलपुर -सुकमा हाईवे के लिए शुरू हो गई सड़क की राजनीति

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  • कोंटा के विधायक कवासी लखमा ने किया चक्काजाम
  • जब मंत्री थे तब कुछ नहीं किया, अब छाती पीट रहे हैं कवासी लखमा : बारसे
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर को आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे -30 की दुर्दशा पर अब सड़क की राजनीति शुरू हो गई है। इस मुद्दे पर कोंटा के विधायक एवं पूर्व मंत्री कवासी लखमा अपने समर्थकों के साथ चक्काजाम पर उतर आए हैं। वहीं सुकमा जिला भाजपा अध्यक्ष धनीराम बारसे ने चक्काजाम को राजनैतिक स्टंट करार देते हुए कहा है कि कवासी लखमा मंत्री रहते तो इस नेशनल हाईवे के लिए कुछ नहीं कर पाए, अब छाती पीट रहे हैं।
    जगदलपुर से सुकमा, कोंटा, भद्राचलम, तेलंगाना तक जाने वाले नेशनल हाईवे 30 की हालत बड़ी दयनीय हो चली है। इस नेशनल हाईवे से अंतर राज्यीय बसें चलती हैं। वहीं तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच माल परिवहन के लिए भी इसका बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। इस रोड पर चलने वाले माल वाहक ट्रकों और यात्री बसों से इन तीनों राज्यों को भारी राजस्व की प्राप्ति होती है। बावजूद सड़क की दशा सुधारने की दिशा में कोई पहल नहीं हो रही है। नेशनल हाईवे का केशलूर से सुकमा तक का लगभग 86 किलोमीटर लंबा हिस्सा पूरी तरह तबाह हो चुका है। सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। वाहन हिचकोले खाते गुजरते हैं। बसों में बैठे यात्रियों का अस्थि पंजर ढीला हो जाता है। बसों और ट्रकों की बॉडी को काफी नुकसान पहुंचता कमा है। पहले इस जर्जर सड़क की मरम्मत को लेकर कांगेर वेली नेशनल पार्क की वजह से कुछ अड़चन थी, मगर अब वह अड़चन भी दूर हो चुकी है। बावजूद सड़क को ठीक करवाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

कवासी लखमा जब भूपेश बघेल सरकार में केबिनेट मंत्री थे तब अपने काफिले के साथ हजारों बार इस सड़क से गुजर चुके हैं। वे अब भी इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं जगदलपुर के विधायक किरण देव सिंह का गृहनगर सुकमा भी इसी हाईवे पर स्थित है। किरण देव सिंह के पिताजी कुमार लक्ष्मी नारायण देव सिंह के निधन के बाद उनके निवास पर वीवीआईपी का पहुंचना चलता रहा। बीते शुक्रवार को भी सैकड़ों वीवीआईपी और बड़े अधिकारी सुकमा पहुंचे थे। उनका भी पाला इस सड़क से पड़ा और निश्चित ही उन्हें भी वही कष्ट झेलना पड़ा होगा, जैसा कि आम नागरिक कई माह से झेलते आ रहे हैं। कई भुक्तभोगी बड़ी हस्तियों और अफसरों ने इस संवाददाता के समक्ष सड़क से जुड़ी अपनी पीड़ा व्यक्त भी की थी।. इसके बाद श्रमबिंदु ने हाईवे की बदहाली को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।. खबर छपते ही सारे नेताओं की नींद टूट गई और उन्होंने राजनीति भी शुरू कर दी। आज 22 जनवरी को जब रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पर भगवान रामचंद्र की भक्ति में सारा देश लीन था, तब कोंटा के विधायक एवं पूर्व मंत्री कवासी लखमा अपने समर्थकों के साथ तोंगपाल में एनएच -30 की खस्ताहाली को लेकर लिए चक्काजाम करते हुए सियासी भक्ति में लीन नजर आए। राष्ट्रीय राजमार्ग के एसडीओ और तहसीलदार के आश्वासन के बाद कवासी लखमा ने मार्ग खोलकर एक दिन भी काम बंद नहीं रखने एवं काम में तेजी लाने का अल्टीमेटम दिया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेश्वरी बघेल, तोंगपाल ब्लाक अध्यक्ष लक्ष्मण कश्यप, तुलसी नाग, तोंगपाल सरपंच मदन नाग, शेख सज्जाद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

लखमा बहा रहे घड़ियाली आंसू : धनीराम
विधायक कवासी लखमा के चक्काजाम करने पर भाजपा के सुकमा जिला अध्यक्ष धनीराम बारसे ने कहा है कि कोंटा से जगदलपुर तक सडक की खस्ताहाली के जिम्मेदार खुद कवासी लखमा हैं। धनीराम बारसे ने कहा कि कोंटा विधायक एवं कांग्रेस सरकार के संरक्षण में ही ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। केंद्र की मोदी सरकार ने एनएच -30 के कार्य के लिए पूरी राशि राज्य सरकार को दे दी थी। कांग्रेस की पिछली सरकार की जिम्मेदारी थी कि वह कार्य को गुणवत्तापूर्ण एवं सही समय पर कराती, परंतु कांग्रेस सरकार की लापरवाही एवं ठेकेदार को संरक्षण देने से अभी तक कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। उस समय विपक्ष में बैठकर भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर कई बार आंदोलन किया। राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही हमने एनएच के पुनः कार्य शुरू करने के लिए पार्टी के पदाधिकारियों के साथ कलेक्टर को ज्ञापन देकर जल्द ही एनएच के कार्य को शुरू करने की मांग कर चुके हैं। इसका असर भी दिख रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय को भी हमने कार्य शुरू कराने के लिए ज्ञापन दिया है। कांग्रेस की सरकार रहते हुए कभी भी कांग्रेसी विधायक कवासी लखमा ने एनएच -30 के कार्य क़ो लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। अब जबकि कांग्रेस की सरकार चली गई है तब कांग्रेस के विधायक कवासी लखमा के पेट में दर्द उठ रहा है और वे घड़ियाली आंसू बहा कर झूठी राजनीति कर रहे हैं। जब सत्ता हाथ से चली गई तब विधायक कवासी लखमा को एनएच पर नौटंकी करने की सूझी है। वैसे भी कवासी लखमा नौटंकीबाज ही हैं। जब तक सत्ता की मलाई खा रहे थे, एनएच के गड्ढों पर उनका ध्यान नहीं गया। जैसे ही सत्ता की कुर्सी गई कवासी लखमा की नौटंकी चालू हो गई। एन एच- 30 को लेकर हमारी सरकार गंभीर है। और अभी कुछ ही दिन हुए हैं हमारी सरकार बने और सडक निर्माण भी शुरू हो चूका है।जल्द ही सड़क निर्माण की गति में तेजी आएगी। क्योंकि अब छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार आ चुकी है। अब जनहितैषी कार्यों की शुरुआत हो चुकी है। इसीलिए कोंटा के विधायक घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।

खरीद रहे हैं व्यापारियों व कोचियों का धान, किसानों को मनाही

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  • लेंपस सोसाइटी बकावंड में चल रही है भारी भर्राशाही
  •  साय सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं प्रबंधक
    -अर्जुन झा-
    बकावंड राज्य की नई नवेली भाजपा सरकार को किसान विरोधी ठहराने में कांग्रेस नेता कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वहीं ब्लॉक मुख्यालय बकावंड स्थित लेंपस सोसाइटी के खरीदी प्रबंधक भी साय सरकार की छवि धूमिल करने में लगे हुए हैं। लेंपस प्रबंधक कोचिंयों और व्यापारियों का धान तो सहजता से खरीद ले रहे हैं, मगर किसानों की उपज खरीदने से साफ इंकार कर रहे हैं। इससे किसानों में विष्णुदेव साय सरकार के प्रति गलत धारणा बनती जा रही है।
    प्रबंधक ने सरकारी धान खरीदी व्यवस्था को अवैध कमाई का जरिया बना लिया है। अवैध कमाई के चक्कर में वे किसानों के साथ अन्याय करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।

टोकन कटाने के बाद धान बेचने पहुंचने वाले किसानों को यह कहकर बैरंग लौटाया जा रहा है कि शासन द्वारा तय की गई धान खरीदी की लिमिट पूरी हो चुकी है। जबकि कोचियों और व्यापारियों के धान को खरीदने के लिए कोई लिमिट नहीं है। कोचियों और व्यापारियों द्वारा लाए गए धान को भर भरके खरीदा जा रहा है। ओड़िशा के और स्थानीय व्यापारी एवं कोचिया बकावंड खरीदी केंद्र में बेतहाशा धान खपा रहे हैं। ओड़िशा से तस्करी कर लाए गए धान की खरीदी बकावंड केंद्र में दिल खोलकर की जा रही है। पता चला है कि व्यापारी और कोचिया ओड़िशा के किसानों का धान 19 सौ रू. से दो हजार रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदते हैं फिर उसे यहां लाकर फर्जी किसानों के नाम से खपा देते हैं। खरीदी प्रारंभ होने से पहले किसानों के पंजीयन के दौर में व्यापारी और कोचिया खरीदी प्रभारी व लेंपस सोसाइटी प्रबंधक से सांठगांठ कर किसानों के फर्जी नामों का पंजीयन करवा लेते हैं। इसके अलावा जो स्थानीय किसान अपनी पूरी उपज न बेचकर थोड़ा बहुत ही धान बेचते हैं, उनकी ऋण पुस्तिका का उपयोग भी कोचियों और व्यापारियों का धान खरीदने के लिए किया जाता है। इसके एवज में व्यापारी और कोचिया सोसाइटी प्रबंधक व खरीदी केंद्र प्रभारी को मोटी रकम भेंट करते हैं। स्थानीय किसानों के धान की तौलाई में जमकर डंडीमारी भी की जाती रही है। सोसाइटी प्रबंधक और खरीदी केंद्र प्रभारी के इस रवैये से स्थानीय किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

पीसीसी चीफ बैज आज से बिलासपुर संभाग दौरे पर

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जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज 23 जनवरी को सारंगढ़, सक्ती, जंजगीर एवं बिलासपुर जिलों के दौरे पर रहेंगे।
पीसीसी चीफ के मीडिया प्रभारी विकास तिवारी ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज 23 जनवरी को सुबह रायपुर से सारंगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे। सारंगढ़ के लेंदरा में वे रामनामी समाज के मेला में शामिल होंगे। 24 जनवरी को श्री बैज सक्ती विधानभसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे एवं दोपहर बाद जंजगीर जिला मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे। दीपक बैज 25 जनवरी को बिलासपुर मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से चर्चा एवं दोपहर बाद मुगेली ज़िला मुख्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे।

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