City Media - Page 613 of 1857 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
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छड़ चोरी के आरोपी को प्रथम सूचना पत्र दर्ज करने के कुछ घण्टे में धरदबोचा

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  • नये साल के पहले दिन बालोद पुलिस ने पकड़ा चोरी के आरोपियों को ।
  • प्रकरण में चोरी गये छड़ को तालाब व नाला में रखा था छुपाकर।
  • प्रकरण में 02 नाबलिक सहित कुल 05 आरोपी को पकड़ा गया।क्षेत्र में हो रही चोरी को देखते हुऐ  पुलिस अधीक्षक बालोद  जितेन्द्र कुमार यादव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  सुशील कुमार नायक के मार्गदर्शन में, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बालोद  प्रतीक चतुर्वेदी व थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक रविषंकर पाण्डेय के द्वारा प्रतिदिन शहर एवं देहात में सत्त पेट्रोलिंग करने के लिये अलग-अलग टीम तैयार किया गया था| थाना बालोद के अपराध क्रमांक 615/23 धारा 379 भादवि के प्रार्थीया  इंदु सिन्हा पति  राजकुमार सिन्हा उम्र 35 साल ग्राम जमरूवा थाना व जिला बालोद जो ग्राम जमरूवा का सरपंच ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि घटना दिनांक समय को पिंक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य ग्राम जमरूवा के बाजार चौंक में चल रहा है, जिसमें निर्माण कार्य के लिये छड़ 06 बंडल लोहे का रॉड कीमती 23,100 रू को अज्ञात चोर के द्वारा चोरी कर ले गया है कि रिपोर्ट पर थाना बालोद में अपराध पंजीबद्व कर विवेचना कार्यावाही में लिया गया है|

 

माल मषरूका पतासाजी के दौरान मुखबीर से सूचना प्राप्त हुआ कि पिंक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य में छड़ 06 बंडल लोहे का रॉड को चोर के द्वारा चोरी कर चोरी किये गये छड़ को आपस में बाट रहे है कि सूचना पर थाना बालोद पुलिस के द्वारा घेराबंदी कर पकड़ा गया, व चोरी गये छड़ को सत प्रतिषत बरामद किया गया।
उक्त चोरी के प्रकरण में चोरो को पकड़ने में थाना बालोद से निरीक्षक रविषंकर पाण्डेय, प्र.आर.बिरेन्द्र कुमार साहू, आरक्षक भोपसिंह साहू,, लवण सिंह राजपुत, भागीरती उईके, विवके आनंदधीर, नागेष्वर साहू का विषेष सराहनीय योगदान रहा है।
अपराध क्रमांक अपराध क्रमांक 615/23
धारा 379 भादवि
नाम आरोपी 01.आदित्य यादव पिता एवन यादव उम्र 18 वर्ष ग्राम जमरूवा थाना व जिला बालोद
02.शेष नारायण साहू पिता डोमन लाल साहू उम्र 20 वर्ष ग्राम जमरूवा थाना व जिला बालोद
03.मुकेन्द्र देवांगन पिता महेन्द्र देवांगन उम्र 20 वर्ष, सभी साकिनान जमरूवा थाना व जिला
04……विधि से संघर्षतत बालक………………………….
05…….विधि से संघर्षतत बालक……………………………………
चोरी गये समान छड़ 06 बंडल लोहे का रॉड कीमती 23,100 रू.

पुलिस – नक्सली मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से बच्ची की मौत

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  • बच्ची की मां को भी लगी गोली, दो जवान घायल
  •  पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कई नक्सली हुए जख्मी
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। वहां पुलिस और नक्सलियों के बीच चली मुठभेड़ के दौरान हुई क्रास फायरिंग में छह साल की एक बच्ची की मौत हो जाने, बच्ची की मां, दो पुलिस जवानों तथा कई नक्सलियों के घायल होने की सूचना है। बच्ची की मां को भी गोली लगी है। उसे बीजापुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुठभेड़ में दो जवान जख्मी हुए हैं। उनका भी उपचार चल रहा है। कुछ नक्सलियों के भी घायल होने की खबर है। मुठभेड़ के बाद नक्सली अपने घायल साथियों को लेकर जंगलों की ओर भाग निकले। नक्सलियों की तलाश में सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है।
    बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र में स्थित मुतवंडी के जंगलों में मुठभेड़ की यह घटना सोमवार दोपहर हुई। पुलिस, डीआरजी और अन्य सुरक्षा बलों के जवान जंगलों में सर्चिंग कर लौट रहे थे। इसी दौरान छुपे नक्सलियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस, डीआरजी और अन्य सुरक्षा बलों के जवानों ने भी तुरंत मोर्चा सम्हाल लिया और जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलीं। इसी बीच अपनी बेटी के साथ गुजर रही मुतवंडी गांव की निवासी महिला फायरिंग की जद में आ गई। गोली लगने से बच्ची की मौत हो गई तथा महिला के हाथ में गोली लग गई। महिला और उसकी बेटी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। वहीं महिला को बीजापुर के जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।

    एएसपी पहुंचे अस्पताल
    घायल महिला का हालचाल जानने बीजापुर के एडिशनल एसपी अस्पताल पहुंचे। मुठभेड़ में डीआरजी के दो जवान घायल हो गए हैं। उन्हें भी जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है। एएसपी ने घायल जवानों से भी मुलाकात की। पीड़ित परिवार को सहायता पहुंचाई जा रही है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में नक्सली संगठन की भैरमगढ़ एरिया कमेटी के सचिव चंद्रन्ना समेत कुछ अन्य नक्सली घायल हुए हैं। इलाके में पुलिस ने सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है।

नर नहीं, नारायण हैं स्वच्छता कर्मी : संजय पाण्डेय

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  • नेता प्रतिपक्ष ने अपने निवास में किया सम्मान
    जगदलपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड के पार्षद संजय पांडे ने नमन अभियान के तहत स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का सम्मान अपने निवास स्थान पर किया। रोज सुबह घरों से एकत्र गीले व सूखे कचरे को सेग्रेगेट कर ऑटो में ले जाने वाली बहनों तथा उनके सहयोगी पुरुषों को सम्मानित करने अभियान नमन शासन स्तर पर नगर निगम जगदलपुर द्वारा चलाया गया। स्वच्छता दीदियों व सफाई मित्रों को प्रोत्साहित व सम्मानित करने और जगदलपुर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार लाने हेतु यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस अवसर पर संजय पांडे ने अपने घर में फूल माला पहनाकर अपने परिवार के साथ स्वच्छता कर्मियों की आरती उतारी और तिलक लगाकर उनका सम्मान किया।

बेहद आत्मीय पलों के बीच उनको भोजन और मिष्ठान खिलाकर उपहार देते हुए पूरा परिवार और मित्रगण एकत्रित हुए। इस अवसर पर संजय पांडे ने कहा कि वास्तव में ये नारी नही, नारायणी हैं। इन्हें कभी वार्ड पार्षद का तो कभी वार्ड के लोगों का या फिर नगर निगम के अधिकारियों कर्मचारियों के द्वारा भी कार्य को लेकर डांट डपट दिया जाता है। इनके कार्यों के महत्व को कोई समझता नहीं है। सभी घरों से कचरा एकत्रित कर उसे छांटने का काम ये महान लोग अत्यंत गंदगी में रहकर करती हैं और शहर को साफ सुथरा रखने में अमूल्य योगदान देती हैं। इसलिए वास्तव में इन्हें नारायणी का दर्जा देता हूं। नर सेवा ही नारायण सेवा है। इस दौरान पाण्डेय के पारिवारिक मित्र लक्ष्मण झा, पंकज आचार्य, तेजपाल शर्मा, देवेश चांडक, और नगर निगम से अजय बनिक, रूपेश आदि उपस्थित थे।

 

ड्राईवरों के खिलाफ लाया गया काला कानून वापस ले केंद्र सरकार : मौर्य

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  • देशभर में उपज रहा है आक्रोश, बढ़ेगी महंगाई
    जगदलपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने नए मोटर यान अधिनियम को काला कानून निरुपित किया है। उन्होंने इस कानून को तत्काल वापस लेने अथवा उसमें संशोधन करने की मांग केंद्र सरकार से की है।
    सुशील मौर्य ने कहा है कि मोदी सरकार द्वारा बिना जमीनी हकीकत जाने ड्रायवरों के लिए बनाए गए नए मोटर वेहीकल एक्ट हिट एंड रन अर्थात दुर्घटना होने पर ड्रायवर के भाग जाने पर 7 लाख रूपए का जुर्माना और 10 साल की सजा का प्रावधान है जो ड्रायवरों के लिये काला कानून है। श्री मोदी ने इसके पूर्व कृषि कानून लाया था, जिसका किसानों ने पूरे देश में पुरजोर विरोध किया था। देश में लंबे समय तक आंदोलन चला।

अब वाहन चालकों को बिना विश्ववस में लिए जबरन कानून थोप दिया गया है। सुशील मौर्य ने कहा है कि 7 से 10 हजार रुपए का वेतन पाने वाला ड्रायवर 7 लाख रू. का जुर्माना कैसे और कहां से दे पाएगा? आएदिन गाड़ियों पर टैक्स, दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में पुलिस की गैर मौजूदगी, ट्रक ड्रायवरों की स्वास्थ्य जांच एवं सुविधा की कमी, वाहन चालकों की सही ट्रेनिंग की कमी, सड़कों की खराब स्थिति भी दुर्घटना के लिए जिम्मेदार होती है। वहीं ट्रक चालकों की बिना गलती के भी दुर्घटनाएं होती हैं। कई स्थानों पर आम लोगों द्वारा वाहन चालकों को बेरहमी से मारा पीटा जाता है। इस परिस्थिति पर विचार किए बिना यह कानून लाया गया है। प्रदेशभर के वाहन चालकों के संगठनों ने इस कानून का विरोध शुरू दिया है। सड़कों पर जाम लग गया है, आवाजाही बंद हो गई है। आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है। आने वाले समय में ट्रक चालकों की हड़ताल से दैनिक वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे कालाबाजारी बढ़ेगी एवं जन जीवन अस्त व्यस्त हो जाएगा इस ओर मोदी जी का ध्यान नहीं है। सुशील मौर्य ने कहा कि नए मोटर यान अधिनियम पर जमीनी स्तर पर रायशुमारी कर अधिनियम में संशोधन होना चाहिए।

चर्च में नए साल की प्रार्थना

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जगदलपुर मसीह समाज द्वारा इस भी नए वर्ष का जोशो खरोश से स्वागत किया गया।इस संबंध में मसीह समाज लाल चर्च के प्रवक्ता रत्नेश बेंजामिन ने बताया कि 31 दिसंबर की रात को बीते वर्ष भर जो प्रभु ने हमको आशीष दी थी हर एक प्रकार की दुर्घटना परेशानी मुसीबत विपत्ति लाचारी से बचाया उसकी गवाही देने के लिए लाल चर्च की वॉच नाइट की आराधना रात्रि 9 बजे प्रारंभ हुई समाज के लोगों ने 2023 में ईश्वर ने हमारी जो हिफाजत की उसका गवाही बनकर उसे बयां किया गया। कौन-कौन सी दुर्घटना परेशानी से बचाया उसकी गवाही चर्च के अंदर दी गई और बताया गया कि किस रूप में यीशु मसीह ने हमारी हिफाजत की। रात्रि 12 बजे चर्च के अंदर रेव्ह डॉ. एस सुना ने वर्ष के अंतिम दिन को विदा कर नए साल का स्वागत करते हुए अपनी प्रार्थना में सबकी हिफाजत तथा नए वर्ष में सबको उत्तम रीति से स्वस्थ एवं सकुशल बचाए रखने के लिए प्रभु से प्रार्थना की। उसके पश्चात चर्च परिसर में नए साल का केक काटकर चर्च सदस्यों के साथ जोर-शोर से नए वर्ष का आगाज किया गया। केक खिलाकर एक दूसरे को नए वर्ष की बधाई दी गई। नए साल की आराधना चर्च भवन में की गई। आराधना का संचालन रेव्हरेंट डॉ. एस सुना ने किया। वक्ता रेव्हरेंट लॉरेंस दास ने नए वर्ष में चर्च के लोगों की सलामती के लिए मसीह समाज, चर्च के लोगों, बस्तर जिले, छत्तीसगढ़ के लिए अमन चैन की खुदा से दुआ मांगी। चर्च समाप्त होने के पश्चात सब लोगों ने बाहर में एक दूसरे को नए वर्ष की बधाई दी।

नशीली दवाओं के साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया पुलिस ने

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  • अवैध नशीली दवाई और सिरप तस्करों पर कार्रवाई
  •  आरोपियों से 200 नग प्रतिबंधित सिरप बरामद
    जगदलपुर क्रेटा वाहन सीजी 17 केजे 8489 से प्रतिबंधित नशीली सिरप की तस्करी करते तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 200 नग सिरप, कार, दो नग मोबाईल फोन और नकद 600 रूपए जप्त किए गए हैं। तीनों अरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत सिटी कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। पकड़े गए आरोपियों के नाम अमन बघेल पिता चंदरो बघेल 18 वर्ष, निवासी सनसिटी अटल आवास जगदलपुर, अभिषेक जैन पिता स्व. सुरेंद्र जैन 38 साल निवासी सदर वार्ड जगदलपुर और सचिन उपाध्याय पिता मदन मोहन उपाध्याय 37 साल निवासी सांई कालोनी दलपत सागर वार्ड जगदलपुर हैं।
    सिटी कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम हाटगुड़ा में एक व्यक्ति अवैध दवाई सिरप तथा आमागुड़ा चौक के पास मेन रोड पर एक लाल रंग की क्रेटा कार में सवार दो व्यक्ति अवैध रूप से नशीली सिरप काफी मात्रा में रखकर बिक्री हेतु तस्करी कर रहे हैं। इसके बाद उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माहेश्वर नाग एवं नगर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के पर्यवेक्षण और थाना प्रभारी कोतवाली लीलाधर राठौर के नेतृत्व में अलग अलग टीमें रवाना की गईं। इन टीमों ने घेराबंदी कर तीन संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा। उन्होंने अपना नाम अमन बघेल, अभिषेक जैन तथा सचिन उपाध्याय बताया। अमन बघेल के बैग की तलाशी लेने पर 50 नग क्लोरो फेनिरमाइन मेलिट और कोडिन फास्फेट सिरप कीमती 4350 रूपए तथा अभिषेक जैन व सचिन उपाध्याय की कार की डिक्की में रखे बैग से तलाशी लेने पर 150 नग कोडिन फास्फेट एंड ट्रिप्रो लाइडिन हाइड्रो क्लोराइड सिरप कीमती 25 हजार 500 रूपए, दो नग मोबाईल फोन एवं नकद रकम 600 रूपए मिले। आरोपियों के विरूद्ध थाना कोतवाली में धारा 21 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर सभी आरोपियों को न्यायालय रवाना किया गया। जप्तशुदा दवाइयों की अनुमानित कीमत 29 हजार 850 रूपए है। मामले में निरीक्षक लीलाधर राठौर, सुरेश जांगड़े, उप निरीक्षक प्रमोद ठाकुर, सूर्यकांत तिवारी, सहायक उप निरीक्षक भुनेश्वर पाण्डेय, प्रधान आरक्षक अनंत बघेल, उमेश चंदेल, कोमश्वर बघेल, आरक्षक भूपेंद्र नेताम, रवि सरदार, युवराज सिंह, भृगु कश्यप, नकुल नुरेटी, विनोद खेस का योगदान रहा।

आबकारी विभाग के बड़े अफसर कर रहे हैं ब्लंडर फ्राड…!

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  •  ब्लंडर प्राइड, सिग्नेचर की जगह खपवा रहे हैं लोकल
  • शराब निर्माता कंपनियों से ले रहे हैं जमकर कमीशन
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर संभाग ही नहीं बल्कि अमूमन पूरे छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग के बड़े अधिकारी शासन और शराब प्रेमियों के साथ ब्लंडर फ्राड कर रहे हैं। ब्लंडर प्राइड, सिग्नेचर, ओल्ड मंक जैसी ब्रांडेड शराब की जगह हल्के दर्जे की लोकल शराब सरकारी दुकानों के जरिए खपाई जा रही है। लोकल शराब निर्माता कंपनियों से भारी भरकम कमीशन लेकर इन कंपनियों द्वारा निर्मित शराब की बिक्री करवाई जा रही है। ग्राहकों को यह कहकर छला जा रहा है कि ब्रांडेड शराब का उत्पादन बंद हो गया है। वहीं दूसरी ओर लोकल शराब में भी मिलावट का खेल चल रहा है। इस तरह ग्राहकों और शासन को दो तरफा चूना लगाया जा रहा है।
    बस्तर संभाग समेत पूरे छत्तीसगढ़ की ज्यादातर अंग्रेजी शराब दुकानों में ग्राहकों को ब्लंडर प्राइड, सिग्नेचर, ओल्ड मंक, हंड्रेड पाइपर व अन्य ब्रांडेड व्हीस्की में नहीं मिल रही है। इन ब्रांडों वाली शराब की मांग करने पर ग्राहकों से कहा जाता है कि इनका उत्पादन बंद हो गया है और लंबे समय से आपूर्ति भी नहीं हो रही है। इनकी जगह ग्राहकों को 8 पीएम, एसी नीट, इंडिया नंबर 1, फ्रंट लाइन, आईबी, विकर, पार्टी स्पेशल जैसी हल्की क्वालिटी की लोकल शराब की बोतलें थमा दी जाती हैं। ग्राहकों से इनकी कीमत ब्रांडेड शराब की जैसी वसूली जाती है। ग्राहक मन मार कर ऐसी स्तरहीन शराब खरीदने मजबूर हो जाते हैं। शराब दुकानों में कार्यरत सेल्समैन बार बार यही दुहाई देते रहते हैं कि आप जिस ब्रांडेड शराब की डिमांड कर रहे हैं, उसका उत्पादन तो सालों से बंद हो गया है। जबकि सच्चाई यह है कि उल्लेखित ब्रांड की तमाम शराब अभी भी कई राज्यों में आसानी से मिल रही है। मध्यप्रदेश, ओड़िशा, दिल्ली, राजस्थान, आंध्राप्रदेश, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों की शराब दुकानों में हर ब्रांडेड कंपनी की अंग्रेजी शराब मिल जाती है। सूत्र बताते हैं कि छत्तीसगढ़ में उक्त ब्रांडेड शराब की बिक्री कमीशनखोरी के चक्कर में नहीं करवाई जा रही है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व गोवा की कुछ शराब निर्माता कंपनियों ने आबकारी विभाग के राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही जिलों में पदस्थ जिला आबकारी अधिकारियों को खरीद लिया है। जिस तरह दवा निर्माता कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट की खपत बढ़ाने और हर डॉक्टर तक पहुंच बनाने के लिए मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) नियुक्त कर रखे हैं, उसी तरह लोकल शराब निर्माता कंपनियों ने अपनी शराब की बिक्री बढ़ाने के लिए वाइन रिप्रेजेंटेटिव (डब्लूयूआर) नियुक्त कर रखे हैं। शराब कंपनियों के ये प्रतिनिधि सीधे जिला आबकारी अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं। वे कंपनी के पैकेज, कमीशन, बेशकीमती गिफ्ट्स आदि का लालच देकर आबकारी अधिकारियों से अपना प्रोडक्ट बिकवाने में सफल हो जाते हैं। मोटी रकम और महंगे गिफ्ट के प्रलोभन में फंसे अधिकारी शराब निर्माता बड़ी कंपनियों को दरकिनार कर लोकल कंपनियों की शराब बिकवाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि अंग्रेजी शराब दुकानों से ब्रांडेड शराब गायब हो गई है और लोकल शराब की बहार आ गई है। सूत्रों के मुताबिक बस्तर संभाग के बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव जिलों की शराब दुकानों के जरिए धड़ल्ले से लोकल ब्रांड की अंग्रेजी शराब खपाई जा रही है। लोकल शराब निर्माता कंपनियों से जिला आबकारी अधिकारियों को हर माह लाखों रुपए बतौर कमीशन मिल रहे हैं।

    शराबियों की जान से खिलवाड़
    शराब प्रेमी ग्राहक हल्की शराब पीने तो मजबूर हैं ही, उनके साथ करेला, ऊपर से नीमचढ़ा वाली कहावत भी चरितार्थ हो रही है। उन्हें लोकल शराब भी ढंग की नहीं मिल रही है। पीने वाले बताते हैं कि दुकानों के सेल्समैन और सुपरवाइजर भी शराब की बोतलों में पानी व केमिकल की मिलावट कर कमाई करने में लगे हुए हैं। मिलावट के चलते शराब और भी ज्यादा स्तरहीन हो जाती है। ऐसी घटिया शराब जैसे ही हलक में उतरती है, पीने वाले को उबकाई आने लग जाती है। आबकारी अधिकारी, सुपरवाइजर और सेल्समैन शराब प्रेमियों की जान से खिलवाड़ भी कर रहे हैं। ऐसे में कभी भी बड़ी अनहोनी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

स्वच्छता के झंडाबरदारों के लिए खुशियां लेकर आया नया साल

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  •  स्वच्छता के पहरेदारों को शहरवासियों ने किया नमन
  • विधायक, कलेक्टर, मेयर ने पुष्पगुच्छ से किया सम्मान
  •  नेता प्रतिपक्ष ने कराया भोजन, लोगों ने दिए गिफ्ट
    जगदलपुर नगर की स्वच्छता के झंडाबरदारों के लिए नववर्ष की नई सुबह खुशियों की सौगात लेकर आई। स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों को किसी ने सम्मानित किया, किसी ने भोजन कराया, तो किसी ने गिफ्ट दिया। जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और वरिष्ठ अधिकारियों से ऐसा सम्मान पाकर स्वच्छता के ये अग्रदूत भावविव्हल हो उठे।
    नमन अभियान में आज पूरे शहरवासियों ने मिलकर स्वच्छता दीदियों एवं सफाई मित्रों का सम्मान किया। सभी ने अपने- अपने घर पर कचरा संग्रहण करने पहुंचे स्वच्छता दीदियों एवं सफाई मित्रों का पुष्प गुछ देकर सम्मान किया। शहर वासियों द्वारा किए गए सम्मान से अभिभूत हो उठे सफाई कर्मचारी। जगदलपुर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए अथक परिश्रम करने वाली स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के सम्मान के लिए शहरवासियों में गजब का उत्साह दिखाई दिया। नएवर्ष के प्रथम दिन नगर निगम प्रशासन द्वारा चलाए गए नमन अभियान के तहत शहरवासियों एवं जनप्रतिनिधियों ने स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों को पुष्प भेंटकर सम्मानित किया। नमन अभियान के तहत नगर निगम द्वारा नए वर्ष पर स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के सम्मान के लिए की गई इस पहल में शहर की जनता बढ़- चढ़कर शामिल हुई और उन्हें पुष्प भेंट किया। स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के सम्मान के लिए बच्चे, बूढ़े सभी आयु और आय वर्ग के नागरिक सुबह से ही आतुर दिखाई दिए। कचरा एकत्रित करने घर पहुंचे स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों को पुष्प भेंट किया। स्थानीय विधायक किरण देव, महपौर सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, सभी एमआईसी सदस्य, नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे, समस्त पार्षद, बस्तर चेंबर ऑफ कामर्स, आंध्रा समाज, दलपत सागर बचाओ अभियान सहित सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों को सम्मानित कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। सभी ने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाकर नागरिकों को स्वस्थ वातावरण प्रदान करने वाले सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों के प्रति आभार व्यक्त करने का सुअवसर प्राप्त हुआ। ठिठुरती ठंड हो या मूसलाधार बारिश या चिलचिलाती धूप, ये लोग लगातार शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए भोर से ही अपने काम में जुट जाते हैं। यहां तक कि अल्प वेतन में हर घर के कचरे को बिना संकोच उठाते हैं। उन्हें कभी कभी किसी खतरनाक कचरे का भी सामना करना पड़ता है। साथ ही शहर की गंदी नालियों को साफ करते हैं।पहली बार दिखा ऐसा जज्बा
    सफाई कार्य में योगदान देने वालों के प्रति लोगों का नजरिया बदल रहा है। पहले लोग उन्हें हिकारत भरी नजरों से देखा करते थे, लेकिन अब लोग उन्हें सम्मान भरी नजरों से देखने लगे हैं। शहर के इतिहास में स्वच्छता के इन अग्रदूतों के सम्मान के लिए ऐसा जज्बा पहली बार देखने को मिला। नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी की पहल की इसमें बड़ी भूमिका है। अपनी कर्मठता से शहर को साफ रखने वालों के उत्साहवर्धन के लिए जगदलपुर नगर निगम की पहल निश्चित तौर पर सराहनीय है। नगर निगम की यह पहल स्वच्छता के प्रति समर्पित स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मियों के प्रति नागरिकों के मन में दृष्टिकोण में परिवर्तन के साथ संबंधों को भी बेहतर बनाने में सफल होगा। आयुक्त हरेश मंडावी ने नमन अभियान को सफल बनाने के लिए शहरवासियों द्वारा किए गए इस कार्य के लिए धन्यवाद देते शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने में इसी तरह निगम प्रशासन का साथ देने की बात कही।

नए कानून के विरोध में चक्काजाम किया सड़क के शहंशाहों ने

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  • जगदलपुर में स्टेयरिंग छोड़ो हड़ताल का किया आगाज
  •  केंद्र सरकार के निर्णय को बताया काला कानून
    जगदलपुर केंद्र सरकार द्वारा परिवहन संबंधी बनाए गए कानून के विरोध में सड़क के शहंशाह कहे जाने वाले वाहन चालक सड़क पर उतर आए हैं। ट्रक, मिनी ट्रक और दूसरे वाहनों के ड्राइवर 1 जनवरी को क्लच, ब्रेक से पैर और स्टेयरिंग से हाथ हटाकर सड़क पर कूद पड़े। आज वेयर हाउस कुम्हारपारा के पास वाहन चालक सांकेतिक धरना प्रदर्शन करते हुए अपने -अपने वाहनों की स्टेयरिंग छोड़कर जमीन पर उतर आए। दूसरे अन्य व्यवसाय से जुड़े वाहन चालकों ने भी केंद्रीय मंत्री अमित शाह के निर्णय को अलोकतांत्रिक बताया है।
    वाहन चालक विनोद कुमार नाग ने कहा कि चालक कभी भी अपनी मर्जी से दुर्घटना नहीं करते हैं। दुर्घटना भूलवश व गाड़ी में खराबी आ जाने व सामने वाले की गलती की वजह से होती है। दुर्घटना के लिए ऐसा कड़ा कानून सीधे सीधे दमनकारी है। इसके विरोध में बड़ा आंदोलन करना मजबूरी होगी। दूसरी तरफ एशिया की सबसे बड़े परिवहन संघ ने अपना पत्ता नहीं खोला है। इसे लेकर कई चर्चाओं का बाजार शहर में गर्म है।

परियोजना अधिकारी ने की रोजगार साहयकों से उगाही

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  •  हर रोजगार सहायक से वसूले 10 से 15 हजार रु.
    -अर्जुन झा-
    बकावंड जनपद पंचायत बकावंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के बाद अब विकासखंड में पदस्थ राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के परियोजना अधिकारी भी अवैध उगाही के आरोप से घिर गए हैं। आरोप है कि प्रोजेक्ट ऑफिसर कौस्तुभ वर्मा ने भारी भरकम राशि की वसूली की है। उन्होंने भी सीईओ श्री मंडावी की तरह ही कांग्रेस के चुनावी फंड के लिए यह वसूली की है।
    जनपद पंचायत बकावंड के सीईओ एसएस मंडावी पर बीते विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के चुनावी फंड के लिए जनपद की सभी 93 ग्राम पंचायतों के सचिवों से करीब बीस लाख रुपए संग्रहित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। यह आरोप क्षेत्र के एक बड़े भाजपा नेता ने लगाया है। इस भाजपा नेता के मुताबिक यह चुनावी फंड कांकेर के एक बड़े कांग्रेस नेता के कहने पर इकट्ठा किया गया था। इस मामले की शिकायत उच्च स्तर पर की गई है। अब ऐसा ही गंभीर आरोप रोजगार गारंटी योजना के क्षेत्रीय परियोजना अधिकारी कौस्तुभ वर्मा पर भी लगे हैं। श्री वर्मा द्वारा स्वयं के लिए तथा कांग्रेस के चुनावी फंड के लिए बकावंड जनपद पंचायत की सभी 93 ग्राम पंचायतों में कार्यरत रोजगार सहायकों से 10 हजार से लेकर 15 हजार रुपए तक वसूले जाने की खबर है। पीड़ित रोजगार सहायकों ने क्षेत्र के भाजपा नेताओं के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की है। उनका कहना है कि परियोजना अधिकारी ने चुनाव के दौरान ही प्रत्येक रोजगार सहायक से औसतन पंद्रह हजार रुपए तक की उगाही दबाव पूर्वक की है। कहा जा रहा है कि परियोजना अधिकारी कौस्तुभ वर्मा ने भी कांग्रेस के चुनावी फंड जुटाए हैं। इस मामले की भी शिकायत मुख्यमंत्री से की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते आ रहे हैं कि न खाऊंगा और न खाने दूंगा। मगर मैदानी स्तर पर कार्यरत अधिकारी जमकर खा भी रहे हैं और अपने आकाओं की झोली भी भर रहे हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए प्राप्त करोड़ों रुपयों की बस्तर संभाग में खुलेआम बंदरबांट हो रही है। पंचायत सचिव और रोजगार सहायक इतनी बड़ी रकम अपनी जेब से तो दिए नहीं होंगे। रकम जुटाने के लिए उन्हें निर्माण एवं विकास कार्यों में गड़बड़ी करने की खुली छूट दे दी गई होगी, तभी लाखों रुपए जमा किए जा सके होंगे।

    केंद्र की राशि की बंदरबांट
    केंद्र सरकार पोषित राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत निर्माण मूलक कार्यों के लिए हर ग्राम पंचायत को करोड़ों रुपयों का आवंटन प्राप्त होता है। इन कार्यों के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी परियोजना अधिकारी पर होती है। सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक को मोहरा बनाकर परियोजना अधिकारी स्वीकृत राशि में जमकर गड़बड़ी करते हैं। मस्टररोल में फर्जी हाजिरी डालकर लाखों के वारे न्यारे किए जाते हैं। यही वजह है कि सारे के सारे मैदानी अमले लाल हुए जा रहे हैं। परियोजना अधिकारी के संरक्षण में बकावंड विकासखंड में भी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के कार्यों में खूब गड़बड़ी हुई है।अब सरकार बदलते ही पीड़ित रोजगार सहायकों द्वारा अपनी पीड़ा सामने लाई जा रही है।

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