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साय सरकार के संरक्षण में अडानी करा रहे हसदेव के जंगलों का सफाया

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  •  कांग्रेस सरकार ने हसदेव अरण्य में जंगल कटाई रोकी थी, भाजपा ने दी खुली छूट

रायपुर/जगदलपुर हसदेव अरण्य क्षेत्र में जंगलों की कटाई तत्काल रोकने और खदान की नीलामी को निरस्त करने की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के संरक्षण में अडानी की कंपनी हसदेव अरण्य में जंगलों की कटाई करा रहा है। हसदेव को बचाने के लिए आंदोलन कर रहे आदिवासियों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पुलिस गिरफ्तार कर जेल में डाल रही है, उन्हें डराया धमकाया जा रहा है। दुर्भाग्य है कि राज्य का मुखिया आदिवासी हैं, फिर भी आदिवासियों की मांग सुनी नहीं जा रही है। वन मंत्री केदार कश्यप को फाईल देखने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस की सरकार ने विधानसभा में संकल्प पारित कर हसदेव अरण्य क्षेत्र में केंद्र सरकार के द्वारा कोल खनन के लिए जो नीलामी की गई है उसे निरस्त करने की मांग की थी। कांग्रेस सरकार ने हसदेव अरण्य क्षेत्र में वन कटाई पर कड़ाई से रोक लगाई थी, भाजपा के सरकार बनते ही अडानी सरकारी बंदूक के नोंक पर आदिवासियों को डरा धमका कर जंगलों को काट रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार ने अडानी के हितों के सवंर्धन के लिए राज्य के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा अडानी को सौंपना शुरू कर दिया है। जैसे ही भाजपा की सरकार बनी, हसदेव अरण्य क्षेत्र में वनों की अंधाधुंध कटाई शुरू कर दी गई है। 50 हजार से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं। यहां पर कटाई के लिए आदेश और पर्यावरण स्वीकृति मोदी सरकार ने दी थी। कांग्रेस सरकार ने इस स्वीकृति को राज्य स्तर पर निरस्त कर दिया था तथा केंद्र को इसे निरस्त करने के लिए पत्र लिखा था। 31 अक्टूबर 2022 को इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर सचिव ने भारत सरकार के वन महानिरीक्षक को पत्र लिखकर परसा ओपन कास्ट कोल माईंस में कोल उत्खनन पर प्रतिबंध लगाने तथा वन कटाई के प्रस्ताव को निरस्त करने को कहा था। विधानसभा में भी कांग्रेस सरकार ने प्रस्ताव पारित करवा कर केंद्र को भेजा था कि हसदेव अरण्य क्षेत्र की सभी कोल खदानों का आवंटन निरस्त किया जाए।दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने विधानसभा में 27 जुलाई 2022 को प्रस्तावित प्रस्ताव पारित कर हसदेव अरण्य, तमोर पिंगला और कोरबा के हाथी रिजर्व क्षेत्र के वनों में कोल ब्लॉक आवंटन रद्द करने का संकल्प लिया था। इस दौरान मोदी सरकार के कोयला मंत्री ने रायपुर आकर यह भी कहा था कि जहां पर कोल बेयरिंग एक्ट लागू होता है, वहां पेसा कानून के प्रावधान लागू नहीं होते। किसी की आपत्ति या सहमति से कोल खनन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मोदी सरकार उस क्षेत्र में भी कोयले का खनन जारी रखेगी।

अब तक 12, वो किस्मत वाला तेरहवां आखिर होगा कौन…?

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  •  विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल में कुल जमा तेरह मंत्री ही रहेंगे
  •  तेरहवें के फेर में उलझे हुए हैं वरिष्ठ भाजपा विधायक
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर तेरहवीं तो शोक और दुख की निशानी है, मगर छत्तीसगढ़ में तेरहवां खुशी का सबब बनेगा। पूरे राज्य में, खासकर भाजपा के लोगों में इस ‘तेरहवें’ को लेकर खासी चर्चा और संशय की स्थिति है। लोग एक -दूसरे से पूछ रहे हैं कि आखिर तकदीर वाला वो तेरहवां शख्स कौन होगा? विधायक आस भरी नजरों से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश भाजपा के प्रभारी ओम माथुर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह की ओर देख रहे हैं।
    छत्तीसगढ़ की जनता ने कांग्रेस को बेदखल कर भाजपा को राज्य की सत्ता सौंप दी है। विष्णुदेव साय के रूप में छत्तीसगढ़ को पहला विशुद्ध आदिवासी मुख्यमंत्री मिला है। राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी भी खुद को आदिवासी बताते रहे हैं, लेकिन उनकी जाति को लेकर विवाद अंत तक बना रहा। विष्णुदेव साय ने अपना मंत्रिमंडल भी गठित कर लिया है। पहले राउंड में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और दो उप मुख्यमंत्रियों अरुण साव तथा विजय शर्मा पहले ही शपथ ले चुके थे। मंत्रिमंडल के गठन में हो रहे विलंब को लेकर कांग्रेस भी भाजपा को ताने मारने लगी थी। काफी जद्दोजहद के बाद मुख्यमंत्री श्री साय ने अपनी केबिनेट की घोषणा की। दूसरे राउंड में नौ विधायकों को मंत्री बनाया गया, मगर उन्हें विभाग आवंटित नहीं किए गए। विभाग बंटवारे में काफी समय लगता देख कांग्रेस फिर से छींटाकशी पर उतर आई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने यह भी कह दिया कि मलाईदार विभाग की लालसा में मंत्रियों के बीच द्वन्द छिड़ा हुआ है। भाजपा में खींचतान चल रही है। अंततोगत्वा विभाग भी आवंटित कर दिए गए। अब रिक्त रह गए एक मंत्री पद के लिए फिर से जिज्ञासा भरा वातावरण दिखाई देने लगा है। भाजपा की ओर से शुरू से कहा जा रहा है कि विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल का आकार काफी छोटा रहेगा। मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री और दोनों उप मुख्यमंत्रियों समेत कुल जमा तेरह सदस्य रहेंगे। अब तक बारह सदस्य ही मंत्रिमंडल में हैं और तेरहवें सदस्य को लेकर कयासों, चर्चाओं का बाजार गर्म है। भाजपा के प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ ही मैदानी स्तर के नेता और कार्यकर्ता भी आपस में इसी बात को लेकर चर्चा में मशगूल दिखाई दे रहे हैं। लोग एक दूसरे से पूछ रहे हैं कि आखिर वह तेरहवां खुश किस्मत विधायक कौन होगा भाई, जिसे मंत्री पद मिलेगा?

    वरिष्ठ विधायकों की हसरत
    भाजपा के वरिष्ठ विधायकों की हसरत भी हिलोरें मारने लगी है। इन विधायकों को भरोसा है कि वरिष्ठता क्रम को ध्यान में रखते हुए भाजपा मंत्री पद एलॉट करेगी। वरिष्ठ विधायकों में बस्तर संभाग से विक्रम उसेंडी और लता उसेंडी भी शुमार हैं। ये दोनों आदिवासी समुदाय के हैं और पहले भी मंत्री रह चुके हैं। इन दोनों को विभागीय मंत्रालय चलाने और प्रशासनिक अमले पर नकेल कसे रखने का अच्छा तजुर्बा भी है। साय मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री को मिलाकर चार सदस्य हैं। इससे प्रतीत होता है कि अब तेरहवां सदस्य गैर आदिवासी होगा। अगर ऐसा कदम भाजपा उठाती है, तो विक्रम उसेंडी, लता उसेंडी और अन्य आदिवासी विधायकों की हसरत धरी रह जाएगी। अजा वर्ग से दयाल दास बघेल इकलौते मंत्री हैं, लिहाजा इस वर्ग से मंत्री बनाए जाने की ज्यादा संभावना है। इसी तरह ओबीसी वर्ग से सर्वाधिक पांच मंत्री हैं। इसलिए अब इस वर्ग का दावा स्वतः खारिज हो जाता है। वहीं सामान्य वर्ग से उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं बृजमोहन अग्रवाल ही मंत्री हैं। इसलिए जनरल केटेगरी के विधायकों में से भी कोई तेरहवां मंत्री बन सकता है।

साढ़े तीन लाख के गांजा के साथ मप्र का युवक गिरफ्तार

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  • स्कूटी से तस्करी करते पकड़ा गया युवक

नगरनार मध्यप्रदेश के एक युवक को गांजा की तस्करी करते नगरनार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से साढ़े तीन लाख रू. मूल्य का 35 किलोग्राम गांजा और एक बिना नंबर प्लेट की नई स्कूटी की बरामद की गई है। 24 वर्षीय आरोपी अमन गुप्ता पिता नारायण गुप्ता वार्ड 8 आदर्श मार्ग अनूपपुर मध्यप्रदेश का निवासी है।
बस्तर के उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा के निर्देशन में गांजा की तस्करी व बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह मामला पकड़ा गया। 29 दिसंबर को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति स्कूटी में गांजा रखकर ओड़िशा से जगदलपुर की ओर परिवहन कर रहा है। सूचना पर ग्राम धनपूंजी फॉरेस्ट नाका के पास घेराबंदी कर आरोपी अमन गुप्ता को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके पास से कुल 35 किलो गांजा एवं बिना नंबर वाली नई स्कूटी, नकद रकम 500 रू. व एक नग मोबाइल फोन बरामद हुए। सामान जप्त कर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध सदर कायम किया गया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जगदलपुर न्यायालय में पेश किया गया।आरोपी को पकड़ने में निरीक्षक शिवानंद सिंह, उप निरीक्षक खोमराज ठाकुर व रनेश सेठिया, सहायक उप निरीक्षक सतीश तिवारी, प्रधान आरक्षक अहिलेश नाग, डीएसएफ आरक्षक जोगेश्वर कश्यप, आरक्षक चंद्रकुमार व सैनिक सत्यनारायण का योगदान रहा।

इनर व्हील क्लब के शिविर में 240 लोगों की शुगर व बीपी जांच

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  •  नागरिकों में जागरूकता लाने के लिए की गई पहल

जगदलपुर इनर व्हील क्लब ऑफ जगदलपुर द्वारा नगर के शहीद पार्क के सामने शनिवार को बीपी शुगर जांच शिविर लगाया गया। आम लोगों को डायबिटीज, ब्लड प्रेशर के पति जागरूक करने के लिए इनर व्हील क्लब ने यह पहल की थी। आजाद डायग्नोस्टिक सेंटर के सौजन्य से प्रीति आजाद की उपस्थिति में नागरिकों को डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के प्रति सजग किया गया। इनर व्हील क्लब ऑफ जगदलपुर की अध्यक्ष ममता राणा ने बताया कि शिविर में 240 व्यक्तियों ने अपने ब्लड प्रेशर, डायबिटीज की जांच करवाई।

बहुत से व्यक्तियों को यह पता भी नहीं था कि उन्हें डायबीटीज है। उन्हें शिविर में ही इसके बारे में पता चला। कुछ व्यक्तियों का ब्लड शुगर बहुत ही अधिक था जिसकी उन्हें जानकारी नहीं थी। कुछ व्यक्ति ऐसे भी थे जिन्हें पता था कि उन्हें बीपी और शुगर है पर कोई तकलीफ नहीं होने या जांच कराने पर नॉर्मल आने पर वे दवाई लेना बंद कर चुके थे। प्रीति आजाद ने कहा कि बीपी और शुगर की रेगुलर जांच कराएं। भारत में बड़ी संख्या में लोग शुगर से ग्रसित हैं, पर उन्हें पता ही नहीं होता। क्योंकि वे जांच नहीं करवाते। 40 वर्ष और ऊपर के सभी व्यक्तियों को अनिवार्य रूप से 6 महीने या साल में कम से कम एकबार बीपी और शुगर की जांच करवानी चाहिए। शिविर में मुख्य रूप से इनर व्हील क्लब की पूर्व अध्यक्ष उषा गोंदी, पूर्व अध्यक्ष अरुणा जोबनपुत्रा, लाइबा चामड़िया, अमितेश, उर्मिला सहित इनर व्हील की सदस्य एवं डॉक्टर उपस्थित थे।

दल्ली राजहरा विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी बालोद के भव्य अक्षत कलश शोभायात्रा में हुए शामिल

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दल्लीराजहरा श्री राम मंदिर के अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर अयोध्या पवन धाम से आए हुए पूजित अक्षत कलश का भव्य स्वागत के लिए के लिए मां शीतला मंदिर प्रांगण बालोद से संपूर्ण वार्ड के लिए भव्य शोभायात्रा निकाली गई l अक्षत कलश का बालोद के संपूर्ण वार्ड में भगवान श्री राम के सोहर गीत एवं जय श्री राम जय श्री राम के नारों के साथ भ्रमण कराया गया l यह भव्य अक्षत कलश शोभायात्रा बालोद के लिए ऐतिहासिक पल था जिस वार्ड के निवासियों के द्वारा भव्यता के साथ स्वागत किया गया l जगह-जगह आरती उतारी गई एवं पुष्प वर्षा से अक्षत कलश का स्वागत किया गया l विश्व हिंदू परिषद बालोद के जिला संयोजिका श्रीमती सत्या साहू कहा कि हमें विश्वास नहीं था कि बचपन से श्री राम मंदिर का जो सपना देख रहे हैं l वह पूरा हो पाएगा लेकिन भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में जो सपना लाल कृष्ण आडवाणी जी और मुरली मनोहर जोशी जी ने दिखाया था l आज उसे हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी ने पूरा कर दिखाया l यह हमारे भारत देश के लिए गौरव की बात है l कुछ वर्ष पहले श्री राम लला तंबू में विराजमान थे l आज विशाल और अद्भुत श्री राम मंदिर के गर्भ गृह में विराजित होंगे l दल्ली राजहरा से भव्य शोभायात्रा में श्रीमती सत्या साहू जिला संयोजिका विश्व हिंदू परिषद श्री नीलेश श्रीवास्तव जिला उपाध्यक्ष श्रीमती नंदा पसीने जिला सहसंयोजीका श्री शंकर साहू नगर अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद श्रीमती उषा साहू श्रीमती जानकी देवी शहर संयोजिका दल्ली राजहरा से भव्य अक्षत कलश शोभा यात्रा में विश्व हिंदू परिषद दल्ली राजहरा के पदाधिकारी बालोद पहुंचे थे l

जंगल के सपूत केदार कश्यप को बनाया गया वन मंत्री

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  • अब बस्तर को मिलेगा विकास का नया आयाम
  • जल संसाधन, जलवायु परिवर्तन कौशल विकास एवं सहकारिता विभाग भी मिले

जगदलपुर एक गीत इन दिनों पूरे छत्तीसगढ़ में बेहद लोकप्रिय हो चला है। गीत के बोल हैं – आदिवासी जंगल रखवाला…। इस बार जंगल की रखवाली और प्रकृति के संरक्षण का दायित्व सही में एक आदिवासी सपूत को मिला है। बस्तर के जंगलों के सपूत केदार कश्यप को विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल में वन मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा उन्हें जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन कौशल विकास, सहकारिता जैसे अहम विभागों की भी जिम्मेदारी दी गई है। केदार कश्यप को वन मंत्री बनाए जाने से जंगल के रखवाले और प्रकृति के पुजारी आदिवासियों में खुशी व्याप्त हो गई है।
थोड़े लंबे इंतजार के बाद विष्णुदेव साय सरकार में शामिल मंत्रियों को विभाग आवंटित कर दिए गए। वनों से अच्छादित बस्तर संभाग में जन्मे, पले बढ़े और राजनीति का ककहरा सीखते हुए सियासत की बुलंदी पर पहुंचे वनपुत्र केदार कश्यप को वन, जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास, सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं। सही मायने में आदिवासी ही जंगल के रखवाले और प्रकृति के उपासक होते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जंगल के निवासी आदिवासी सपूत केदार कश्यप को वनमंत्री बनाकर आदिवासी समुदाय का दिल जीत लिया है। नारायणपुर सीट से चुनकर विधानसभा में पहुंचे केदार कश्यप पर आदिवासियों को पूरा भरोसा है कि वे वनों का विनाश रोकने में सार्थक भूमिका निभाएंगे, जलवायु में आ रहे बदलाव को रोकने एवं प्रकृति के संरक्षण की दिशा में कारगर कदम उठाएंगे। एक आदिवासी मंत्री ही वनों की अहमियत को बेहतर ढंग से समझ सकता है। लोगों को उम्मीद है किया जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप बस्तर संभाग में सिंचाई सुविधा के विस्तार, बस्तर के युवाओं के कौशल विकास और बस्तर में सहकारिता को भी नया आयाम देंगे।

सुरक्षित नव वर्ष आगमन हेतु बालोद पुलिस द्वारा की गई अपील

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  • उत्सव स्थलों पर होने वाली भीड़ में रहें सतर्क सुरक्षित जगह पर सुरक्षित तरीके से मनाएं नव वर्ष।
  • शराब पीकर वाहन न चलाएं, उचित समय तक ही ध्वनि यंत्र का उपयोग करें कोलाहल नियमों उल्लंघन करने से बचें।

पुलिस अधीक्षक महोदय डॉ जितेंद्र कुमार यादव के निर्देशन एवं अति. पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार नायक के मार्गदर्शन में 31st दिसंबर/ नव वर्ष 2024 में मनाएं जाने वाले उत्सव हेतु सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बालोद पुलिस जारी की गयी महत्त्वपूर्ण सुरक्षा एडवाइजरी। बालोद पुलिस सभी नागरिकों से अपील करता है नए साल के उत्सव में इन बातों का रखें ध्यान :-

निर्धारित समय सीमा पर ही पटाखे का उपयोग करें

सुरक्षित जगह पर सुरक्षित तरीके से नव वर्ष मनाएं

रात्रि में इवेंट स्थल पर पर्याप्त लाइट रहे, भीड़ भाड़ में अपराधिक तत्व से सतर्क रहें

शराब पीकर वाहन नहीं चलाएं, दोपहिया वाहन में तीन सवारी नहीं बैठे एवं हेलमेट पहन के गाड़ी चलाएं, तेज गति से वाहन नहीं चलाएं. फोर व्हीलर चलाते समय सीट बेल्ट का उपयोग करें

कोलाहल नियमों का उल्लंघन न करें

ध्वनि यंत्र का उपयोग निर्धारित डेसिबल पर रखें उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार ध्वनि यंत्र के उपयोग की समय सीमा का पालन करें

डेम या झरने किनारे वाली जगहों पर पिकनिक के लिए न जाएं, भीड़ में बच्चों को संभाल कर रखें

किसी भी प्रकार की सूचना देने के लिए संपर्क करें।

पुलिस कन्ट्रोल रूम बालोद
94791-91160📱📞

बालोद पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने चलाया गया विशेष मोटर वाहन चेकिंग अभियान

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  •  01 शराबी चालक व 21 लापरवाह वाहन चालकों के विरूद्व कार्यवाही कर वसूले गया 16,500 रू. जुर्माना एवं शराबी चालक का किया जाना है लायसेंस निलंबन।
  • गन्ना परिवहन करने वाले वाहनों में लगाया गया रिफ्लेक्टर टेप।
  • यातायात नियमों के पालन करने वाले वाहन चालकों को गुलाब फुल भेंठ कर किया गया सम्मानित।
  • शराब सेवन कर वाहन नहीं चलाने यातायात नियमों का पालन कर बालोद पुलिस की अपील।

पुलिस अधीक्षक बालोद डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार नायक के मार्गदर्शन में  बोनीफॉस एक्का उप पुलिस अधीक्षक यातायात बालोद के पर्यवेक्षण में यातायात प्रभारी निरीक्षक श्री राकेश ठाकुर के नेतृत्व में यातायात बालोद द्वारा विशेष मोटर वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस वाहन चेकिंग अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना एवं आम जनों कों यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। जिले में चलाएं गए विशेष मोटर वाहन चेकिंग में 21 लापरवाह वाहन चालकों पर 6,500 रू. जुर्माना वसूल किया गया है। एक शराब सेवन कर वाहन चलाने वाले शराबी वाहन चालक गोपी साहू पिता उधोराम साहू उम्र 30 साल साकिन पचमेड़ी नाका रायपुर (छ0ग0) के विरूद्व कार्यवाही कर आज दिनांक 29.12.2023 को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा 10,000 रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।

यातायात पुलिस बालोद द्वारा गन्ना लोड़ कर चलने वाले वाहनों से होने वाले सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विशेष मोटर वाहन चेकिंग के दौरान गन्ना लोड़ कर चलने वाले ट्रैक्टरों में रिफ्लेक्टर/रेडियम टेप लगाया गया है। यातायात नियमों के पालनकर्ता सीट बेल्ट/हेलमेट लगाकर वाहन चलाने वाले चालकों को गुलाब फुल भेंठ कर सम्मानित कर वाहन चालकों में जागरूकता लाने का प्रयास किया गया है।

बालोद पुलिस आम नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील करता है कि वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस का सहयोग करे, यातायात नियमों का पालन करे, रात्रि में वाहन चलाते समय अपर डिपर का प्रयोग करे, मालवाहक वाहन में सवारी भरकर परिवहन न करे, शराब सेवन कर वाहन न चलाएं, वाहन चलाते समय मोबाईल का उपयोग न करे, नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने न देवे, संयमित गति से वाहन चलाएं एवं वाहन चलाते समय सीट बेल्ट एवं हेलमेट अवश्य लगावे व वाहन चलाते समय वाहन के दस्तावेज हमेशा अपने साथ रखे।

प्रमुख गृह सचिव पिंगुआ ने ली पुलिस अफसरों की बैठक

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  • अपराधों पर नियंत्रण की बैठक में हुई समीक्षा

 जगदलपुर। प्रमुख सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ ने आज 29 दिसंबर को बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में संभाग के सभी जिलों की कानून व्यवस्था, अपराधों की रोकथाम, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, नक्सल विरोधी अभियान एवं पुलिसिंग आदि मुद्दों पर समीक्षा बैठक ली।
वर्ष-2023 एवं उसके पूर्व की अवधि में बस्तर संभाग अंतर्गत घटित पराधिक प्रकरणों के तुलनात्मक विश्लेषण, असामाजिक तत्वों एवं जुआ, सट्टा, अवैध शराब व अन्य नशीले पदार्थों के विरूद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। श्री पिंगुआ ने शासन द्वारा कानून व्यवस्था एवं बुनियादी पुलिसिंग के संदर्भ में दिए गए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने हेतु समझाईश दी गई। समीक्षा बैठक में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी., उप पुलिस महानिरीक्षक कांकेर रेज बालाजी राव, उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बस्तर जितेंद्र सिंह मीणा तथा अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि 24 दिसंबर को जगदलपुर पहुंचे पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नक्सल विरोधी अभियान विवेकानंद सिन्हा ने बैठक के दौरान जिलेवार नक्सल विरोधी अभियान, विकास कार्यों की सुरक्षा एवं व्हीआईपी सुरक्षा आदि की समीक्षा की थी। बैठक में उपस्थित पुलिस अधिकारी एवं केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बलों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए थे।

ब्लॉक के 93 पंचायत सचिवों से वसूले गए थे 20 लाख

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  •  रकम उगाही की जिम्मेदारी एक चहेते सचिव को दी गई थी
  •  कांग्रेस को चुनावी फंड उपलब्ध कराने का मामला
  •  बकावंड जनपद सीईओ मंडावी पर है गंभीर आरोप
    -अर्जुन झा-
    बकावंड जनपद पंचायत बकावंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएस मंडावी पर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए चुनावी फंड उपलब्ध कराने व कांग्रेस प्रत्याशी के प्रचार में पंचायत सचिवों को झोंक देने के मामले में नया खुलासा हुआ है। खबर है कि एक चहेते सचिव को विकासखंड के सभी 93 पंचायत सचिवों से तयशुदा रकम वसूलने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस सचिव के जरिए लगभग बीस लाख रू. संग्रहित किए गए थे। यह रकम किस शख्स के पास भेजी गई, इसका खुलासा होना बाकी है। खबर है कि कांकेर के एक बड़े नेता के इशारे पर यह रकम जमा की गई थी और उसका उपयोग कांग्रेस के चुनाव अभियान में किया गया है।मंडल भाजपा करपावंड के प्रभारी एवं बस्तर जिला भाजपा कार्यकारिणी के सदस्य नारायण बिसाई ने आरोप लगाया है कि बकवंड जनपद पंचायत के सीईओ एसएस मंडावी विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के एजेंट की तरह काम कर रहे थे। उन्होंने पंचायत सचिवों से धन एकत्रित कर कांग्रेस को चुनावी फंड उपलब्ध कराया था। इसके अलावा सीईओ पर पंचायत सचिवों से कांग्रेस के पक्ष में चुनाव प्रचार कराने का भी आरोप लगा है। साथ ही विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि में से कमीशनखोरी के भी आरोप हैं।  बिसाई ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर को पत्र लिखकर  मंडावी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस बीच एक नया खुलासा यह हुआ है कि बकावंड जनपद की 93 ग्राम पंचायतों के सचिवों से करीब बीस लाख रुपए जमा किए गए थे और इस रकम को अज्ञात शक्ति के पास भेजा गया था।

कांकेर के नेता के इशारे पर खेल
कहा जा रहा है कि पंचायत सचिवों से रकम वसूली की जिम्मेदारी एक खसमखास पंचायत सचिव को सौंपी गई थी। सूत्र बताते हैं इस खेल में पर्दे के पीछे कांकेर जिले के एक बड़े नेता का हाथ रहा है। इसी नेता के इशारे पर सीईओ ने फंड जमा करवाया था। सचिवों से रकम उगाही की खबर इस समाचार पत्र में प्रकाशित होने के बाद सभी पंचायत सचिवों में खलबली मच गई है। राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेताओं के करीबी माने जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बकावंड जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएस मंडावी भी अब भाजपा नेताओं के निशाने पर हैं। मंडावी पर कांग्रेस शासनकाल में जमकर भ्रष्टाचार करने का आरोप है। कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में उन्होंने खूब धन अर्जित किए हैं। नारायण बिसाई ने कहा है कि कांग्रेस शासनकाल में जनपद क्षेत्र के गांवों में विकास एवं निर्माण कार्यों में जमकर अनियमितता बरती गई है। इन कार्यों की समीक्षा और गुणवत्ता में जमकर ढिलाई बरती जाती रही। ताकि अधिक से अधिक धन वसूला जा सके। इस अवैध कृत्य में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी संरक्षण देते रहे हैं।  बिसाई ने आरोप लगाया है कि जनपद सीईओ द्वारा कांग्रेस के लिए चंदा इकट्ठा कर चुनावी फंड उपलब्ध कराया गया और कांग्रेस के पक्ष में काम किया गया। श्री बिसाई का यह भी आरोप है कि सीईओ ने सभी पंचायत सचिवों को चुनाव के दौरान कांग्रेस के पक्ष में काम करने के लिए दिन रात लगा दिया था।

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