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नगरनार में कांग्रेस की गुगली में उलझी भाजपा

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(अर्जुन झा)

जगदलपुर नगरनार इस्पात संयंत्र के मोर्चे पर कांग्रेस की गुगली में भाजपा उलझ गई है। कांग्रेस ने 3 अक्टूबर को बस्तर बंद का आह्वान कर दिया है। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में होंगे और निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन हो रहा होगा। अब मोदी अगर यह कह पाते हैं कि नगरनार संयंत्र का निजीकरण नहीं होगा तो ठीक, अगर नहीं कह पाये तो बस्तर में यह विधान सभा चुनाव का बड़ा मुद्दा बन जाएगा। इस चुनाव के लिए भाजपा ने जो सपने देखे हैं वे सपने ही रह जाएंगे और सारी मेहनत और उम्मीद पर पानी फिर जायेगा।नगरनार संयंत्र बेचने के विरोध में 3 अक्टूबर को बस्तर बंद के आयोजन को प्रदेश कांग्रेस के कमांडर बस्तर सांसद दीपक बैज ने पूरा समर्थन व्यक्त करते हुए कहा है कि भाजपा की मोदी सरकार बस्तर के नगरनार में एनएमडीसी द्वारा लगाये गये इस्पात संयंत्र को बेच रही है। नगरनार इस्पात संयंत्र बस्तर के लोगों की भावनाओं और उनके आर्थिक हितों से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती है। बस्तर के लोगों की भावनाओं की अभिव्यक्ति के लिये कांग्रेस जन आंदोलन छेड़ेगी। हम 3 अक्टूबर को बस्तर बंद का पूरा समर्थन करते हैं। नगरनार इस्पात संयंत्र बस्तर की स्थानीय जनता की जमीन पर बनाया गया है। लोगों ने अपनी जमीनें इसलिये दी कि संयंत्र लगेगा तो उनका भविष्य उज्जवल होगा।

 

रोजगार मिलेगा। बस्तर और छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदलेगी। नगरनार इस्पात संयंत्र और बैलाडीला एनएमडीसी की स्थापना में हमारे बस्तर के लोगों ने बहुत कुछ खोया है और जब आज कुछ पाने का दिन आया है तो केंद्र सरकार निजीकरण कर रही है। जिसके चलते हमारा बस्तर ही नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ के बेरोजगार, आदिवासी समाज, अन्य समाज काफी आक्रोशित। बैज बता रहे हैं कि नगरनार स्टील प्लांट के लिये लगभग 610 हेक्टेयर निजी जमीन अधिग्रहित की गई है, जो सार्वजनिक प्रयोजन के लिये ली गई है। साथ ही नगरनार स्टील प्लांट में लगभग 211 हेक्टेयर सरकारी जमीन छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निःशुल्क उपलब्ध करायी गयी है। राज्य शासन से जो जमीन एनएमडीसी को हस्तांतरित की गई है, उसकी पहली शर्त यही है कि भूमि का उपयोग केवल एनएमडीसी द्वारा स्टील प्लांट स्थापित किये जाने के प्रयोजन के लिए ही किया जायेगा। इस संयंत्र से 12544 लोगों को सीधे और हजारों लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। नगरनार इस्पात संयंत्र छत्तीसगढ़ राज्य की जनता के सपनों को साकार करने का माध्यम है। इस संयंत्र के साथ राज्य एवं विशेषकर राज्य के पिछड़े अंचल बस्तर की जनभावनाएं जुड़ी हुई हैं। बस्तर सांसद दीपक बैज ने नगरनार संयंत्र बचाने के लिए दिल्ली में बहुत मेहनत की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में भूपेश बघेल ने नगरनार के मुद्दे पर 2017 में मोर्चा खोला तो मुख्यमंत्री के रूप में नगरनार बचाने के लिए संकल्प पारित कराया। उन्होंने बहुत कोशिश की कि नगरनार संयंत्र बेचना ही है तो राज्य सरकार को दिया जाए। इससे छत्तीसगढ़ और बस्तर की जनता के हित सुरक्षित रहेंगे। अब यह मुद्दा केवल कांग्रेस का नहीं रह गया है। बस्तर के विभिन्न संगठन, बस्तर के नवजवान, सामाजिक, राजनीतिक संगठन भी नगरनार बचाने लामबंद हो गए हैं। नेतृत्व स्वाभाविक रूप से कांग्रेस ही करेगी। अब इस पेंच में भाजपा बुरी तरह फंस गई है। अब मोदी सरकार कृषि कानून की तर्ज पर कदम पीछे करती है तो ही वह कुछ राहत महसूस कर सकती है। अगर निजीकरण पर अडिग रही तो नगरनार बस्तर के स्वाभिमान का विषय बन सकता है।

नगर पंचायत चिखलाकसा में मनाया गया श्रमदान कर स्वच्छता अभियान

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चिखलाकसा नगर पंचायत चिखलाकसा में आज स्वच्छता अभियान के तहत सभी 12 वार्डों में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत आज दिनाँक 01/10/2023 को नगर पंचायत चिखलाकसा  में समस्त 12 वार्डो में एक घंटा एक साथ सफाई कार्य एवम श्रम दान किया गया । स्वच्छता के लिए कचरों का सही निस्तारण बहुत ज़रुरी है। गीले, सूखे एवं खतरनाक कचरों को अलग-अलग कर क्रमशः हरे, नीले एवं काले डस्टबिन में डालना चाहिए। इन स्वच्छ व अच्छी आदतों को अपनाएँ और स्वच्छता की मुहिम में भागीदार बनने और बेहतर कल के निर्माण में आपका योगदान महत्वपूर्ण है। नगर पंचायत चिखलाकसा एक क़दम स्वच्छता की ओर नगर पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष और समस्त कार्यकर्ताओं के द्वारा सर्वप्रथम शपथ ली गई शपथ के बाद सभी अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए सफाई अभियान शुरू किया जिसमें मुख्य नगर पालिका अधिकारी चिखलाकसा अरविंद नाथ योगी के निर्देशानुसार में इस अभियान को सफल बनाया गया इसमें विशेष रूप से नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती भीखि मसीह। नगर पंचायत उपाध्यक्ष। अब्दुल इब्राहिम । उप अभियंता राकेश पाठक। समस्त वार्ड पार्षद और समस्त नगर पंचायत कर्मचारी उपस्थित हुए।

स्वच्छ भारत अभियान एक कदम स्वच्छता की ओर

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दल्लीराजहरा लोकेश्वरी ने कहा नगर को स्वच्छ रखना हम सब की जिम्मेदारी नगर स्वच्छ तो शरीर स्वस्थ और शरीर स्वस्थ तो मन स्वस्थ इसलिए नगर को स्वच्छ रखने का संकल्प ले और नगर विकास में हमें सहयोग प्रदान करें मुख्य नगर पालिका अधिकारी राकेश प्रधान ने नगर को स्वच्छ रखने के लिए शासन प्रशासन को सहयोग प्रदान करें और अपनी नगर को स्वच्छ रखने का प्रयास करें यह हमारी अपील लोकेश्वरी साहू अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी राकेश प्रधान ने संभाली स्वच्छता सेवा की कमान और नगर के विभिन्न वार्डों में किया श्रमदान लोकेश्वरी गोपी साहू अध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा के साथ पार्षद शोहद्रा देवांगन, माया ठाकुर रहिमत कोसमा अधिकारी कर्मचारी सब इंजीनियर भानु प्रकाश घोष पंकज चंद्राकर भानु प्रताप पटेल ईश्वर आर्य

स्वच्छता प्रभारी एवं जिला स्वच्छता सम्यक महेंद्र कुमार साहू , रामयश पटेल, राम गुलाल सिन्हा सुभाष श्रीवास्तव स्वच्छता दीदी , कमांडो मित्र , पेयजल कर्मी के साथी रहे उपस्थित जहां नगर पंचायत डौंडीलोहारा के गार्डन , पौनी पसारी , नया बस स्टैंड , शिव मंदिर , दंतेश्वरी मंदिर गार्डन राम मंदिर प्रांगण , राजा पारा चौक और नगर के विभिन्न वार्डों में स्वच्छता अभियान चलाया गया |

जिसमें डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की बहने और नगर के आम नागरिकों ने भी बढ़-कर कर हिस्सा लिया और 2 अक्टूबर महात्मा गांधी के जयंती पर स्वच्छता पखवाड़ा मना कर नगर को स्वच्छ रखने का संकल्प लेते हुए महात्मा गांधी जी को जयंती स्वरूप पुष्पांजलि अर्पित की गई इस वृहद स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम में नगर पंचायत डौंडीलोहारा के राजेश यादव प्रकाश कोसमा हितेंद्र ठाकुर महेंद्र बघेल ऐरावती कोलियारे दुर्जन दौवा प्रकाश ठाकुर नीलकंठ पटेल और नगर के सामान्य ज्ञान मान्य नागरिक गणों ने इस स्वच्छता पखवाड़ा पर श्रमदान करते हुए अपनी अपनी सहभागिता प्रदान की है |

बघेल सरकार की योजनाएं दिखती हैं धरातल पर : बेंजाम

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  • कुरेंगा पंचायत में ग्रामीणों से विधायक राजमन बेंजाम ने की भेंट- मुलाकात

तोकापाल चित्रकोट के विधायक राजमन बेंजाम ने तोकापाल ब्लाक की ग्राम पंचायत कुरेंगा में ग्रामीणों से भेंट मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

भेंट-मुलाकात में पहुंचे विधायक राजमन बेंजाम का स्व सहायता समूह की महिलाओं ने भव्य स्वागत किया। विधायक बेंजाम ने कहा कि भेंट मुलाकात करने का प्रमुख उद्देश्य भूपेश बघेल सरकार की योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना है। छत्तीसगढ़ में पिछले पौने पांच सालों में जो काम हुआ है, उतना काम बीजेपी के 15 साल के शासनकाल में भी नही हुआ। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने बस्तर के आदिवासियों के लिए बेहतर काम किया है। आज सभी वर्ग हमारी सरकार से खुश है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हर वर्ग के लोगो का भरोसा जीता है। पिछली सरकार में सिर्फ कागजों पर योजनाएं बनती थीं, लेकिन आज हमारी सरकार की योजनाएं धरातल पर दिखती हैं। गांव के अंतिम छोर में बसे लोग हमारी सरकार की योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं।

गांवों का समग्र विकास हमारी सरकार का लक्ष्य : रेखचंद जैन

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  •  विधायक ने किया दरभा क्षेत्र में 78 लाख रु. के कार्यों का भूमिपूजन -लोकार्पण किया

जगदलपुर संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन ने सुदूरवर्ती संवेदनशील दरभा इलाके में 77 लाख 95 हजार रु. के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया।
जैन ने ग्राम पंचायत नेगानार, कामानार, तीरथगढ़, मावलीपदर, केशापुर, चिंगपाल, छिंदबहार, ककनार एवं कोयनार में मातागुड़ी जीर्णोद्धार कार्य, सीसी सड़क निर्माण, बोर खनन का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इन कार्यों में नेगानार में दुलारदेई माता मंदिर के पास 1.33 लाख की लागत से बोर खनन, कामानार के धुरवापारा में 1.33 लाख से बोर खनन, तीरथगढ़ के करकापारा में सोला घर से इतवारी घर तक 200 मीटर सीसी रोड लागत 7.88 लाख, मावलीपदर में कांदरू घर से परदेशी घर तक 136 मीटर सीसी रोड लागत 4.83 लाख, मेन रोड से अजय घर तक सीसी रोड लागत 8.27 लाख, विकास घर से सुखदेव घर तक सीसी रोड लागत 10 लाख रुपए, केशापुर में पटेल घर से खुजा घर तक सीसी रोड लागत 5.20 लाख रुपए, गुड़ीपारा से चेतन घर तक सीसी रोड लागत 2.60 लाख रुपए, तुलु घर से राधी घर तक सीसी रोड लागत 2.60 लाख रुपए एवं परदेशिन माता गुड़ी जीर्णोद्धार कार्य लागत 5 लाख रुपए, चिंगपाल में सी सी सड़क निर्माण कार्य नंदू घर से पदम घर तक लागत 10.52 लाख, बोर खनन कार्य गुचागुड़ा दुर्गा चौक में लागत 1.33 लाख, छिंदबहार में सीसी सड़क निर्माण कमलसाय घर से पदरचेगनी तक लागत 7.80 लाख रुपए, बोर खनन लागत 1.40 लाख, ककनार में सीसी सड़क निर्माण होलीभाटा से सोमारू घर तक 5.20 लाख, बोर खनन डोंगरीपारा में आलेख मंदिर के पास 1.33 लाख रुपए एवं कोयनार के आश्रित पारा पनारगुड़ा में बोर खनन कार्य लागत 1.33 लाख रुपए शामिल हैं।
इस अवसर पर संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप अब शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार एवं पूर्व विधायक पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि पूर्व विधायक को अब विकास याद आ रहा है, पंचायत प्रतिनिधियों एवं पंचायत मद से स्वीकृत कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करने आ रहे हैं। यदि उन्होंने अपने दस वर्षों के कार्यकाल में विकास किया होता, तो जनता उन्हें इतनी बुरी तरह से नकारती नहीं। दरभा क्षेत्र भाजपा सरकार में पूरी तरह उपेक्षित था, आज हमारी सरकार इस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास कर रही है। पूर्व विधायक जनता को बरगलाने का प्रयास न करें। जनता अब उनके झांसे में आने वाली नहीं है। इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ जनपद सदस्य तुलाराम कश्यप, दीनमनी बेसरा, बनीता कौशिक, पार्षद राजेश राय, पार्षद सूर्या पाणी, वरिष्ठ नेता गौरनाथ नाग, हेमू उपाध्याय, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, इंटक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विजय सिंह, जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह भदौरिया, विक्की निषाद, गौरव तिवारी, गणेश सोनी, मानसिंह ठाकुर, जयदेव नाग, गागरू राम, कमलसाय, चंदरसाय, सरपंच मावलीपदर 2 कुमारी बाई बघेल, सहदेव कश्यप, बुलकू राम, जयराम नाग उप सरपंच, रघु सेठिया, शंभू, अनंत बघेल, सोमारू, संतोष, मानूराम, सुखदेव, सरपंच पदो कश्यप, उप सरपंच अर्जुन सिंह, पूर्व सरपंच मसिया राम, नीलू कश्यप, उप सरपंच जगरनाथ नाग, पूर्व सरपंच गागरू राम नाग, सरपंच मनबती कश्यप, उप सरपंच गंगाराम कोर्राम, सानधर कश्यप, राजेंद्र त्रिपाठी, शंभूनाथ बेसरा, जानकी नाग, इंदर कश्यप, चुमन नाग, सरपंच अनिता कश्यप, उप सरपंच फगनू , सुरेश कश्यप, सरपंच तीरथगढ़ माहेश्वरी, उप सरपंच बालसिंह नाग, सोमारूराम कौशिक, शंकर मौर्य, मोहन नाग समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

 

 

नगरनार प्लांट को न बेचें, राज्य सरकार लेने तैयार

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  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी से की मांग

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बस्तर दौरे से पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ी मांग रखी है। उन्होंने कहा है कि नगरनार इस्पात संयंत्र को निजी कंपनियों के पास न बेचे, राज्य सरकार खरीदने के लिए तैयार है। बघेल ने कहा कि बस्तर के किसानों ने जमीन एमएमडीसी को दी है, न कि निजी व्यक्ति को।

 

मुख्यमंत्री बघेल रविवार को राजीव भवन में मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री तीन तारीख को बस्तर में नगरनार इस्पात संयंत्र के उद्घाटन के लिए आ रहे हैं। नगरनार संयंत्र के लिए बस्तर के किसानों और आदिवासियों ने जमीन दी थी। उन्होंने कहा कि इसके लिए मुआवजा नहीं दिया गया था। इसको लेकर लगातार आंदोलन भी चला। उन्होंने कहा कि हम विपक्ष में थे तब भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। केंद्र सरकार संयंत्र को निजी हाथों में देना चाहती है। हमने पहले अशासकीय संकल्प और फिर सरकार में आने के बाद शासकीय संकल्प पारित किया था। केंद्र सरकार ने नगरनार स्टील प्लांट में विनिवेश की घोषणा की है। टाटा, अडानी, वेदांता, और जिंदल समूह ने खरीदने में रूचि दिखाई है। उन्होंने कहा कि संयंत्र को निजी हाथों को न बेचा जाए, राज्य सरकार इसके लिए 20 हजार करोड़ देने को तैयार है।भूपेश बघेल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि राज्य सरकार ने तो यह भी मांग की थी कि केंद्र सरकार का पब्लिक सेक्टर एमएमडीसी अगर नगरनार स्टील प्लांट नहीं चला सकता, तो उसे केंद्र सरकार के ही एक दूसरे पब्लिक सेक्टर सेल को दे दिया जाए। ताकि वह उसे भिलाई स्टील प्लांट की तरह चला सके, लेकिन उसे निजी लोगों को न बेचा जाए।

 

हत्या गुत्थी को सुलझाने में पुलिस हुए कामयाब, तीन आरोपी गिरफ्तार

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बालोद :- प्रेमबती साहू पति गणेष राम उम्र 25 साल साकिन वार्ड क्र 12 दसौंदी तालाब बालोद ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि इनके ससुर मृतक शंकर लाल साहू पिता गिरधारी उम्र 65 साल साकिन वार्ड क्र 12 गंजपारा बालोद को दिनांक 30.09.23 के लगभग 09/00 बजे अपने घर के सामने बीड़ी पी रहा था जिसे आरोपीगण 01.कल्पना क्षीरसागर पति संजय उम्र 48 साल, 02.रोशन उर्फ बंटी पिता संजय क्षीरसागर उम्र 21 साल, 03.होमेष उर्फ मोंटी क्षीरसागर पिता संजय उम्र 20 साल

साकिन वार्ड क्र 12 गंजपारा बालोद के द्वारा मृतक को बीड़ी मत पियो धुऑ हमारे घर तरफ आते है कि बात को लेकर मृतक के साथ झगड़ा विवाद कर मॉ बहन की अष्लील गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देकर होमेष उर्फ मोंटी क्षीरसागर के द्वारा जान से मारने की नियत से मृतक शंकर लाल साहू जो सीढ़ी में बैठा था उसे हाथ से धक्का मार दिया जो धक्का मारने से मृतक का बांये भाग की तरफ से जमीन में गिर गया जिससे मृतक की मृत्यु होना बताया प्रार्थीया की रिपोर्ट पर थाना बालोद के मर्ग क्रमांक 99/23 धारा 174 जा.फौ कायम कर मर्ग जांच पर संज्ञेय अपराध का घटित का होना सबुत पाये जाने से आरोपीगण के विरूद्व अपराध क्रमांक 461/2023 धारा 294, 506, 302, 34 भादवि कायम कर विवेचना में लेकर आरोपीगण का पता तलाश किया गया।

अपराध की गंभीरता को देखते हुऐ  पुलिस अधीक्षक बालोद  जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद सुषील कुमार नायक मार्गदर्शन, एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बालोद  प्रतीक चतुर्वेदी पर्यवेक्षण में तत्कालीन थाना प्रभारी बालोद उपनिरीक्षक राधा बोरकर के नेतृत्व में थाना स्तर पर एक विषेष टीम तैयार कर आरोपीगण के सकुनत पर धेराबंदी कर पकड़ा जिसे गिरफतार कर माननीय न्यायालय को पेश किया जा रहा है

उक्त सभी कार्यवाही में उपनिरीक्षक राधाबोरकर, नंदकिषोर सिन्हा, सउनि इसरार अहमद खान, आरक्षक भोपसिंह साहू, लवणसिंह राजपुत, मनीष राजपुत, विवेक आनंदधीर, मनोज मेश्राम व थाना बालोद का सराहानीय भूमिका रही है।

पीएम नरेंद्र मोदी के बिलासपुर परिवर्तन यात्रा के समापन अवसर वक्तव्य का किसान मोर्चा ने किया स्वागत

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देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी के बिलासपुर परिवर्तन यात्रा के समापन अवसर वक्तव्य का किसान मोर्चा ने स्वागत किया है  इस अवसर पर आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने कहा कि कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के किसानों को भी हमेशा धोखा दिया है। उनसे झूठ बोला है। यहां के धान किसानों का दाना दाना हम खरीदते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बहुत जिम्मेदारी से बोल रहा हूं। दाना दाना केंद्र की भाजपा सरकार खरीदती है। मोदी सरकार खरीदती है। छत्तीसगढ़ के किसानों का धान खरीद कर 1 लाख करोड़ से ज्यादा दिए हैं। यहां के धान किसानों को पैसे केंद्र की भाजपा सरकार देती है और यह कहते हैं कि कांग्रेस सरकार देती है। सच्चाई लोगों तक पहुंचनी चाहिए। मैं फिर आपको विश्वास दिलाता हूं कि भाजपा किसानों के प्रति समर्पित है। भाजपा की सरकार यहां बनेगी। धान किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि का इंतजाम किया है। एक-एक पैसा किसान के बैंक अकाउंट में सीधे जाता है। इसमें कोई बिचौलिया ही नहीं है। उनके एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से 1रुपये भेजते हैं तो 15 पैसा पहुंचता है। मोदी एक रुपए भेजता है तो 100 के 100 पैसे आप तक पहुंचते हैं। पंजा अब एक पैसा नहीं खा सकता। केंद्र की भाजपा सरकार ने यह सुनिश्चित किया। मुश्किल से मुश्किल समय में भी देश में खाद की कमी न हो। यूरिया की एक बोरी दुनिया में करीब 3000 रुपये तक बिकती है और भारत में किसानों को यह बोरी 300 रुपये में मिलती है। कहां 3000 और कहां 300। इसके लिए भारत सरकार की तिजोरी से हजारों करोड़ रुपए खर्च करके किसान को राहत देते हैं। हमारा प्रयास है कि किसानों का जीवन स्तर ऊंचा उठे। कृषि का विकास हो। आपको संतोष हो, आपके सपने पूरे हों तो मेरी ऊर्जा बढ़ जाती है। इस वक्तव्य का जिला किसान मोर्चा द्वारा स्वागत किया गया है इस संबंध जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा तोमन साहू ने कहा कि मोदी जी के इस वक्तव्य से साफ हो जाता है की छत्तीसगढ़ में धान खरीदी बहुत बड़ा योगदान केंद्र की मोदी सरकार की है

राज्य सरकार मात्र ₹600 चार किस्तो मे देकर राज्य सरकार वहवाही लूट रही है जबकि केंद्र के मोदी सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य 2203 रुपया दिया जा रहा है

इसे सिद्ध हो जाता है कि प्रदेश के किसानों का दाना-दाना धान केन्द्र की भाजपा सरकार है इस वक्त भगत स्वागत करने वालों में जिला किसान मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य पुष्पेंद्र चंद्राकर टोमन साहू सोमेश साहू शालिक राम देशमुख प्रकाश चौवाडा संतोष गंगबेर उपाध्यक्ष रमेश सोनवानी टीकाराम सांवरे लीला राम सोंनबेर मदन साहू मदन बठई महामंत्री मनोहर सिन्हा हेमंत साहू मंत्री द्वाय टुगेश्वर पांडे धर्मेश साहू कोषाध्यक्ष रोमन सोनकर शिवेंद्र देशमुख छगन साहू नेतराम साहू मुरलीधर साहू हिंसाराम साहू मनु लाल छोरी अनिल साहू रामस्वरूप यादव डोमेन्द्र साहू ध्रुव कुमार लक्ष्मी नारायण साहू मंडल अध्यक्ष गण टीकाराम निषाद सुरेश देशमुख पन्नालाल साहू दिनेश साहू मितेंद्र वैष्णव गणेश साहू ओंकार सिन्हा चैत्रय निषाद आदि प्रमुख लोग सम्मिलित हैं।

बड़े नेताओं का संतान मोह डूबो देगा भाजपा की नैया

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  • भाजपा के कुछ पुराने नेता अपनी विरासत संतान को दिलाने कर रहे हैं लॉबिंग
  • जातीय गणित नहीं, विजयी प्रत्याशी करा सकते हैं सत्ता में भाजपा की वापसी

रायपुर छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की तैयारी में भाजपा और कांग्रेस पूरी मुस्तैदी से जुट गईं हैं। एक ओर भाजपा ने तत्परता दिखाते हुए 21 प्रत्याशियों का एलान कर दिया, वहीं कांग्रेस अभी तक एक भी सूची जारी नहीं कर सकी है। अनुमान है कि इस बार भाजपा नए और विजयी प्रत्याशियों तथा महिला प्रत्याशियों पर दांव खेल रही है। कुछ पुराने नेताओं द्वारा सर्वे के आधार पर विजयी प्रत्याशी को टिकट देने के बदले अपने भविष्य के समीकरण के लिए लॉबिंग की जा रही है। यह वर्तमान परिस्थिति में भाजपा के लिए घातक साबित हो सकता है। पिछले चुनाव में भी भाजपा ने ऐसी ही गलती की थी और उसका दुष्परिणाम अप्रत्याशित रूप से पार्टी को झेलना पड़ा था। 15 साल तक सत्ता में रही भाजपा क्लीन स्वीप हो गई।इसका प्रमुख कारण प्रत्याशियों का गलत चयन ही था।

भाजपा फिर से अपने पुराने नेताओं की इस गलती को भाजपा न दोहराए, वरना परिणाम और भी खराब हो सकते हैं। हाल ही में केंद्र की भाजपा सरकार ने विधानसभा एवं लोकसभा महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया, जिसे राष्ट्रपति ने भी मंजूरी दे दी है। अब देखना यह होगा कि क्या भाजपा अगले माह तीन राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में कितनी महिलाओं को टिकट देती है? छत्तीसगढ़ की कुछ विधानसभा सीटों में महिलाओं का सीधा प्रभाव जनता के बीच है। इस बार भी जनता उन्हें प्रत्याशी के रूप में देखना चाहती है। यदि उन महिलाओं को टिकट मिलता है, तो वे बड़ी जीत दर्ज करा सकती हैं। वहीं भाजपा के कुछ पुराने व बड़े नेता अपने उत्तराधिकारियों का भविष्य सुरक्षित बनाने के लिए ऐसी सीटों पर लॉबिंग कर रहें हैं। यदि ऐसा होता है तो भाजपा के महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा होगा साथ ही सीटें भी गंवानी पड़ जाएंगी। प्रदेश में कांग्रेस सरकार के खिलाफ उतनी लहर भी नहीं है। जबकि पिछले चुनाव में भाजपा के विरुद्ध एंटी इनकम्बेंसी जनता के बीच साफ दिखाई देती थी और चुनावी नतीजों ने इसे साबित भी कर दिया था। ऐसे में भाजपा को अपने सर्वे के हिसाब से विजयी प्रत्याशियों के जो नाम निकलकर आए हैं, उन्हें ही टिकट देना चाहिए ना कि पुराने नेताओं की लॉबिंग और जातिगत समीकरण के मद्देनजर। ऐसा होगा तो भाजपा अच्छा प्रदर्शन करते हुए अधिक सीटों पर विजय प्राप्त कर सकती है।

परिवारवाद से रहना होगा मुक्त

इस बार का चुनाव जनता विजयी प्रत्याशियों और काम करने वाले स्वच्छ छवि के प्रत्याशियों को देखना चाहती है, ऐसे में वे जातिगत समीकरण से ऊपर उठकर जन समस्याओं के निराकरण करने और क्षेत्र के विकास के लिए सही व्यक्ति को चुनना चाहती है। चाहे वह किसी भी जाति का या महिला ही क्यों न हो। इसके साथ ही भाजपा में कुछ नेता ऐसे हैं जो अपने व अपने करीबियों के भविष्य और उत्तराधिकारी के भविष्य को सुरक्षित बनाने के भाजपा की जीत का समीकरण बिगाड़ने में लगे हैं। पिछले चुनाव में भाजपा की यही सबसे बड़ी गलती थी। सर्वे के आधार पर और जनता की राय को दरकिनार करते हुए पिछली बार टिकट का वितरण किया गया था, जिसका खामियाजा भाजपा को 14 सीटों पर सिमटकर भुगतना पड़ा। यदि इस बार भी ऐसा ही हुआ, तो पुरानी स्थिति से भी बुरे परिणाम भाजपा को छत्तीसगढ़ में देखने को मिल सकते हैं।

हवा का रुख फिर न बदल जाए

केंद्रीय नेताओं से लेकर प्रधानमंत्री तक छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहें हैं। प्रदेश प्रभारी, सहप्रभारी से लेकर केंद्रीय मंत्री व स्टार प्रचारकों का लगातार छत्तीसगढ़ में दौरा चल रहा है। विगत कुछ माह में इसका सकारात्मक परिणाम भी भाजपा के पक्ष में देखने को मिल रहा है। ऐसे में पार्टी को किसी भी तरह का रिस्क लेने से बचना चाहिए और सर्वे के आधार पर विजयी प्रत्यशियों को ही टिकट देना चाहिए न कि जातिगत समीकरण और पुराने नेताओं की लॉबिंग को देखकर अन्यथा एक बार फिर भाजपा को छत्तीसगढ़ में बुरी तरह से हार का मुंह देखना पड़ सकता है।

बस्तर संभाग के भाजपा प्रत्याशियों की सूची आने में अभी वक्त

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  •  मोदी की सभा के बाद घोषित हो सकते हैं बस्तर की सीटों के उम्मीदवार

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग की विधानसभा सीटों के लिए भाजपा प्रत्याशियों की सूची जारी होने में अभी थोड़ा और वक्त लग सकता है। कहा जा रहा है कि 3 अक्टूबर को जगदलपुर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के बाद ही बस्तर के प्रत्याशी घोषित किए जाएंगे।

नई दिल्ली में भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक 30 सितंबर से शुरू हो चुकी है और आज 1 अक्टूबर को भी यह बैठक चल रही है। बैठक में विधानसभा चुनाव के लिए बचे हुए 69 प्रत्याशियों के नामों को अंतिम रूप दिया जाना है। बैठक में भाग लेने के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल, प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, प्रदेश महामंत्री विजय शर्मा, केदार कश्यप, ओमप्रकाश चौधरी 30 सितंबर की रात की फ्लाइट से नई दिल्ली रवाना हुए।

संघ ने दी 10 नामों की सूची

विश्वसनीय सूत्र बता रहे हैं कि पहली सूची जो 21 प्रत्याशियों की घोषित हुई थी, उसमें कुछ नामों को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को आपत्ति थी। इस संबंध में एक मैराथन बैठक भी भाजपा नेताओं की और संघ नेताओं की हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बचे हुए 69 नामों में से 10 नामों की सूची दी है, जिन्हें विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया जाना है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि लगभग उन सभी नामों का अनुमोदन छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं ने कर दिया है। अब उस पर केंद्रीय चुनाव समिति को निर्णय लेना है।

मोदी 3 को जगदलपुर में

3 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जगदलपुर आगमन हो रहा है। वे जगदलपुर के लालबाग मैदान पर भाजपा की एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे। इसके अलावा श्री मोदी एनएमडीसी द्वारा बस्तर जिले के नगरनार में स्थापित इस्पात संयंत्र देश को समर्पित भी करेंगे। इस बीच सर्व आदिवासी समाज और पिछड़ा वर्ग समाज संगठन ने नगरनार संयंत्र के कथित निजीकरण के विरोध में तथा संयंत्र में स्थानीय लोगों को नौकरी देने, एनएमडीसी मुख्यालय को जगदलपुर में स्थापित करने और जातिगत जनगणना कराने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। ये संगठन प्रधानमंत्री की सभा के एक दिन पहले जगदलपुर से नगरनार तक रैली निकालने व नगरनार में सभा करने का फैसला किया है। इसके अलावा श्री मोदी की सभा के दिन बस्तर संभाग बंद भी बुलाया गया है।

स्थानीय उम्मीदवार को प्राथमिकता

नई दिल्ली स्थित भाजपा के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ के करीब 35 से ज्यादा नामों का अनुमोदन किया जा सकता है और इसकी घोषणा आज रात हो सकती है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि उन विधानसभा क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां भाजपा दो या तीन चुनाव हार चुकी है, ऐसी सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा दूसरी सूची में जारी की जाएगी। सूत्र है यह भी बता रहे हैं कि बस्तर संभाग की सूची अभी रुक भी सकती है। 3 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आम सभा के बाद बस्तर के प्रत्याशियों की घोषणा की जा सकती है।

अप्रत्याशित हो सकते हैं प्रत्याशी

भाजपा की सूची में अप्रत्याशित नाम सामने आ सकते हैं, दुर्ग विधानसभा सीट पर भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपना दावा पेश किया है, वहां से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पांडे का नाम भी बताया जा रहा है। अब सूची का इंतजार छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं को और खासकर उन प्रत्याशियों को बेसब्री से है जो लंबे समय से आस लगाए बैठे हैं। कार्यकर्ताओं को भी इंतजार है कि कहीं पैराशूट प्रत्याशी घोषित तो नहीं हो रहा है।

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