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मुंगेरी लाल जैसे कभी पूरे न होने वाले सपने देख रहे हैं केदार : गैदू

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  • सीएम बघेल और पीसीसी अध्यक्ष बैज की लोकप्रियता से विचलित हो उठे हैं भाजपा नेता केदार कश्यप : मलकित सिंह गैदू
  • हारे हुए पूर्व मंत्री की झल्लाहट उनके बयान से हो गई है उजागर

जगदलपुर इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव मलकित सिंह गैदू ने कहा है कि पिछले चुनाव में करारी और शर्मनाक हार झेल चुके भाजपा सरकार के पूर्व मंत्री केदार कश्यप मुंगेरी लाल की तरह दिन में हसीन सपने देख रहे हैं। उनके सपने कभी पूरे होने वाले नहीं हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की लोकप्रियता को देख केदार कश्यप झल्ला उठे हैं। उनके बयान से यह झल्लाहट साफ झलक रही है। पूर्व केबिनेट मंत्री एवं प्रदेश भाजपा के महामंत्री केदार कश्यप द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज के बयान को लेकर की गई टिप्पणी पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता मलकित सिंह गैदू ने तीखा पलटवार करते हुए उक्त कही है। मलकित सिंह ने कहा है कि केशकाल की सभा में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने मंत्री कवासी लखमा, पार्टी के विधायक लखेश्वर बघेल और संतराम नेताम का नाम क्या ले लिया, केदार कश्यप को मिर्ची लग गई। श्री बैज पार्टी के सभी नेताओं, कार्यकर्त्ताओं और बस्तर के सभी कांग्रेस विधायकों का सम्मान करते हैं, उन्हें एक नजर से देखते हैं। बस्तर के ही नहीं, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के सभी कांग्रेस विधायकों की काबिलियत पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को पूरा भरोसा है। पार्टी का हर नेता, कार्यकर्त्ता और विधायक भाजपा के बड़े नेताओं से भी काबिलियत में कहीं दस कदम आगे ही हैं। मलकित सिंह गैदू ने कहा है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने पहले कार्यकाल में ही प्रदेशवासियों का जिस तरह से भरोसा जीता है, प्रदेश की जनता जिस कदर उन पर प्यार लुटाती है और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व बस्तर के सांसद दीपक बैज ने बतौर सांसद जो लोकप्रियता हासिल की है, उसकी बानगी गांव – गांव और शहर – शहर उन्हें देखने सुनने के लिए उमड़ रही हर वर्ग के लोगों की भीड़ के रूप में देखने को मिल रही है। श्री गैदू ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पीसीसी अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज की ऐसी अतुल्य लोकप्रियता को देख भाजपा नेता केदार कश्यप खीझ उठे हैं। उनकी यह खीझ, उनके बयान से साफ झलक रही है। मलकित सिंह ने कहा है कि बस्तर संभाग के सारे विधायक उतने ही काबिल हैं, जितने कि हमारे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज। उन्होंने कहा कि मंत्री कवासी लखमा, बस्तर संभाग के विधायक रेखचंद जैन, मोहन मरकाम, लखेश्वर बघेल, राजमन बेंजाम, विक्रम मंडावी, संतराम नेताम, शिशुपाल सोरी, सावित्री मंडावी, चंदन कश्यप, देवती कर्मा, अनूप नाग सभी अपने अपने निर्वाचन क्षेत्रों की जनता की सेवा ईमानदारी से करते हुए गांवों में विकास की गंगा बहा रहे हैं। अपनी कर्मठता से इन विधायकों ने जनता का दिल जीत लिया है। यही वजह है कि भाजपा के लोग भी अपनी पार्टी से नाता तोड़कर कांग्रेस में शामिल होने लगे हैं। बस्तर संभाग में भाजपा का कोई नामलेवा नहीं रह गया है। इसीलिए केदार कश्यप खिसियानी बिल्ली की तरह खंभा नोंचने का काम कर रहे हैं। मलकित सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा दोबारा सत्ता में आने वाली नहीं है, इसलिए केदार कश्यप मुंगेरीलाल की तरह हसीन सपने न देखें।

दगी हुई कारतूस हैं केदार कश्यप

कांग्रेस नेता मलकित सिंह गैदू ने कहा है कि अपनी पीठ स्वयं थपथपाने वाले नेता केदार कश्यप 2018 के विधानसभा चुनावों में मिली करारी और शर्मनाक पराजय के सदमे से आज तक उबर नहीं पाए हैं। इसीलिए वे उल जलूल बयान देते रहते हैं। आने वाले विधानसभा चुनावों में भी श्री कश्यप को स्वयं की तथा भाजपा की हार का डर सताने लगा है। यह डर अच्छा है। वे प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बनने का दावा कर रहे हैं। उनका यह दावा धरा का धरा रह जाएगा। कांग्रेस इस बार 90 में से 75 सीटें जीतकर फिर से सत्ता में आएगी। इसलिए श्री कश्यप मुंगेरी लाल की तरह सपने देखना छोड़कर अपनी पार्टी की चिंता करें। श्री गैदू ने कहा कि केदार कश्यप बंदूक से दागी जा चुकी उस कारतूस की तरह हैं, जो दोबारा फायर नहीं की जा सकती।

पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थ गांजा के परिवहन पर बड़ी कार्यवाही

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दल्लीराजहरा पुलिस थाना पुरूर जिला बालोद छ.ग थाना पुरूर पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थ गांजा के परिवहन पर बड़ी कार्यवाही घटना में प्रयुक्त प्रयुक्त वाहन होण्डा सिटी कार क्रमांक DL-3-CBE-3151 कीमती 200000 रूपये एवं मादक पदार्थ गांजा कुल वजनी 54 किलो 300 ग्राम किमती 543500 रू0 वाहन सहित जुमला कीमती 743500 रूपये को किया गया जप्त ।• 02 आरोपी 1मंजित सिंह पिता वीरेन्द्र सिंह उम्र 22 वर्ष निवासी नगला कारे मनकेड़ा थाना मलपुरा जिला आगरा(उ0प्र02- परमवीर सिंह पिता मोहन सिंह उम्र 32 वर्ष निवासी नगला कारे मनकेड़ा थाना मलपुरा जिला आगरा(उ0प्र0• आरोपी द्वारा गांजा को उडीसा से आगरा (उ0प्र0 में ले जाकर खपाने की थी तैयारी अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी के रोकथाम हेतु श्रीमान् पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग आनंद छाबडा के निर्देष प्राप्त होने पर श्रीमान् पुलिस अधीक्षक महोदय बालोद जितेन्द्र यादव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय सुशील कुमार नायक के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस गुरूर जिला बालोद बोनीफास एक्का के प्रभारी पुलिस थाना पुरूर उप.निरीक्षक अरूण कुमार साहू के नेतृत्व में पुलिस थाना पुरूर की टीम को अवैध मादक पदार्थ गांजा के परिवहन संबंधी प्रकरण मे बडी सफलता हासिल की गई। अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी एवं परिवहन के रोकथाम हेतु पुलिस थाना पुरूर के पुलिस पार्टी को निर्देश प्राप्त हुआ था। कि दिनांक 20-07-2023 को मुखबीर से सुचना प्राप्त हुआ कि एक सफेद रंग की होण्डा सिटी वाहन कार क्रमांक DL-3-CBE-3151 उसमें दो लोग अवैध रूप से गांजा रखकर कांकेर की ओर से रायपुर की ओर जा रहे है कि सुचना पर उप. निरीक्षक अरूण कुमार साहू के हमराह पुलिस स्टाफ के पुलिस थाना पुरूर के सामने एन.एच.30 मार्ग पर रवाना होकर वाहनों की चेकिंग कार्यवाही की जा रही थी उसी दौरान होण्डा सिटी वाहन कार क्रमांक DL-3-CBE-3151 आया जिसे रोककर नाम पता पूछने पर ड्रायवर सीट पर बैठा व्यक्ति अपना नाम मंजित सिंह पिता वीरेन्द्र सिंह उम्र 22 वर्ष निवासी नगला कारे मनकेड़ा थाना मलपुरा जिला आगरा उ0प्र0 एवं बगल सीट पर बैठा व्यक्ति अपना नाम परमवीर सिंह पिता मोहन सिंह उम्र 32 वर्ष निवासी नगला कारे मनकेड़ा थाना मलपुरा जिला आगरा उ0प्र0 का रहने वाल बताया तलाशी लेने पर होण्डा सिटी वाहन कार क्रमांक DL-3-CBE-3151 के पीछे सीट के पीछे 27 पैकेट मादक पदार्थ गांजा जिसे एक सफेद रंग की बोरी में भरकर कुल वजनी 54 किलो 300 ग्राम किमती 543500 रू0 मिला एवं घटना में प्रयुक्त होण्डा सिटी वाहन कार क्रमांक DL-3-CBE-3151 किमती लगभग 200000 रू0 कुल जुमला 743500 रूपये को जप्त कर कब्जा पुलिस लिया एवं अपराध धारा 20 (ख) NDPS ACT कायम कर आरोपी 1- मंजित सिंह पिता वीरेन्द्र सिंह उम्र 22 वर्ष निवासी नगला कारे मनकेड़ा थाना मलपुरा जिला आगरा(उ0प्र0 2- परमवीर सिंह पिता मोहन सिंह उम्र 32 वर्ष निवासी नगला कारे मनकेड़ा थाना मलपुरा जिला आगरा(उ0प्र को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। उक्त प्रकरण में पुलिस थाना पुरूर प्रभारी उप.निरीक्षक अरूण कुमार साहू आरक्षक लिखन साहु किशोर साहू गुणेश यादव छोटू सोनकर उमाशंकर जारके संदीप यादव जितेन्द्र सिन्हा डोमेन्द्र कुमार रावटे की सराहनीय भूमिका रही।

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भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा बीस लाख का पुलिया, हालत बेहद जर्जर

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  • निर्माण में बरती गई अनियमितता के चलते आवागमन में परेशानी
  • ग्रामीण विकास विभाग ने जैबेल सतोसा मार्ग पर कराया है निर्माण

जगदलपुर ग्रामीण विकास विभाग बस्तर जगदलपुर द्वारा ठेकेदार के जरिए बीस लाख रुपए की लागत से बनवाया गया पुलिया भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। जर्जर पुलिया निर्माण में बरती गई अनियमितता की दास्तां सुना रहा है। पुलिया की हालत पहली बारिश में ही बेहद खराब हो गई है और उस पर से लोगों का गुजरना दुश्वार हो गया है। ग्राम जैबेल से सतोसा मार्ग पर 6 गुणा 1 मीटर स्पान आरसीसी स्लैब कल्वर्ट निर्माण के लिए जिला खनिज न्यास ट्रस्ट (डीएमएफटी ) मद से 20 लाख 41हजार रुपए स्वीकृत किए गए थे। ग्रामीण विकास विभाग ने निर्माण कार्य का ठेका बालोद जिले के गुंडरदेही निवासी ठेकेदार निर्भय राम साहू को दिया गया था।

पुलिया (कल्वर्ट) निर्माण का पूरा काम ग्रामीण विकास विभाग जगदलपुर बस्तर के कार्यपालन अभियंता पी. मोहन राव सोनी के मार्गदर्शन में कराया गया है। निर्माण के दौरान गुणवत्ता पर जरा भी ध्यान नहीं रखा गया। घटिया स्तर की सामग्री का इस्तेमाल कर ठेकेदार ने जैसे तैसे काम निपटा दिया। इसका खामियाजा अब जैबेल, सतोसा समेत अन्य गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी परेशानी हो रही है। पुलिया पर सीमेंटीकृत स्लैब न बनवा कर बोल्डर, गिड्डी, मुरुम का पटाव कर दिया गया है। परिणाम स्वरूप पहली बारिश में ही पुलिया के ऊपर और उसके दोनों ओर गहरे तथा लंबे चौड़े जानलेवा गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों में बारिश का पानी भर गया है, जिससे गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और मोटर साइकिल व साइकिल सवार आए दिन गिरकर जख्मी होते रहते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक इन गड्ढों में गिरने की वजह से अनेक वाहन सवारों के हाथ पैरों की हड्डियां टूट चुकी हैं तथा कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हो चुके हैं। ग्रामीण विकास विभाग के जिले के सबसे बड़े अधिकारी कार्यपालन अभियंता की देखरेख में जब ऐसा घटिया निर्माण हुआ है, तो उनके मातहत इंजीनियरों के सुपरविजन में कराए जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता कैसी रहती होगी, इसका अंदाजा जैबेल सतोसा मार्ग पर निर्मित पुलिया को देखकर लगाया जा सकता है।

ग्रामीणों की आस्था को आघात पहुंचा रहे हैं पंचायत सचिव

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  • धर्म स्थल के निर्माण में भी अधर्म का खेल कर रहे हैं सचिव गागड़ा
  • मातागुड़ी निर्माण के लिए स्वीकृत राशि की हेराफेरी का गंभीर आरोप

बकावंड ग्राम पंचायत बकावंड के आदिवासी पंचायत सचिव आदिवासियों की आस्था से खिलवाड़ करने पर आमादा है। ग्राम देवी बैरम माता (भैरव माता ) की गुड़ी निर्माण कार्य पंचायत सचिव ने सालभर से लटका रखा है। बकावंड के आदिवासी समुदाय तथा माता पर आस्था रखने वाले अन्य जाति समुदायों के लोगों में पंचायत सचिव की मनमानी को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। बैरम माता को बकावंड के सारे नागरिक दशकों से पूजते आ रहे हैं। इस ग्राम देवी पर यहां के लोगों में गहरी आस्था है। बैरम देवी की गुड़ी बहुत पुरानी और जर्जर हालत में है। नागरिकों ने क्षेत्रीय विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल से बीते साल के अंत में बैरम (भैरव) देवी की गुड़ी के नव निर्माण की मांग की थी। विधायक बघेल ने तुरंत इसके लिए 5 लाख 50 हजार रुपए की स्वीकृति दे दी थी। यह राशि इस साल जनवरी माह में ग्राम पंचायत बकावंड को जारी भी कर दी गई। शुरू में ग्राम पंचायत के सचिव ओंकार गागड़ा द्वारा गुड़ी का थोड़ा बहुत काम कराया गया। इसके बाद काम को अधूरा छोड़ दिया गया है। आधा साल बीत चुका है, लेकिन मातागुड़ी का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया है। मातागुड़ी के लिए स्वीकृत राशि की हेराफेरी की आशंका यहां के नागरिकों ने जताई है। नागरिकों का कहना है कि मातागुड़ी निर्माण के लिए स्वीकृत राशि अगर स्थानीय निवासियों की सार्वजनिक समिति बनाकर समिति को दी गई होती, तो इतनी बड़ी रकम से भव्य मातागुड़ी का निर्माण दो माह के भीतर ही पूर्ण कर लिया गया होता। उल्लेखनीय है की बकावंड में आदिवासी समुदाय और दीगर समुदायों के लोग हर सार्वजनिक एवं पारिवारिक कार्यों की शुरुआत बैरम माता की गुड़ी में पूजा अर्चना कर व उनसे आशीर्वाद लेकर ही करते हैं। ऐसे में मातागुड़ी का निर्माण अधूरा रहने से यहां के लोगों की आस्था आहत हो रही है। पंचायत सचिव ओंकार गागड़ा स्वयं आदिवासी हैं, लेकिन वे आदिवासियों एवं आम नागरिकों की आस्था को आघात पहुंचाने पर तुले हुए हैं। पंचायत सचिव के ऐसे धर्म विरोधी रवैए को लेकर नागरिकों में खासी नाराजगी है।नागरिकों ने विधायक लखेश्वर बघेल से पंचायत सचिव ओंकार गागड़ा के खिलाफ कार्रवाई करने तथा ग्राम पंचायत से पूरी राशि 5 लाख 50 हजार रुपए वापस लेकर मातागुड़ी निर्माण का दायित्व स्थानीय नागरिकों की समिति को सौंपने की मांग की है।

अदृश्य शक्ति’ का हाथ है सचिव के सिर पर

बकावंड ग्राम पंचायत के सचिव ओंकार गागड़ा के माध्यम से जितने भी निर्माण कार्य कराए है, उन सभी कार्यों में जमकर अनियमितता बरती गई है। नाली निर्माण की बात हो या फिर लाखों की लागत से मॉडल गोठान निर्माण की, सभी में आर्थिक गड़बड़ी की गई है। गोठान का निर्माण थूक पालिश जैसा किया गया है। वहां न मवेशियों के लिए शेड है, न गोबर संग्रहण के लिए। जो शेड बनाया गया है, वह भ्रष्टाचार की गवाही खुद दे रहा है। लाखों रुपए गोठान के नाम पर फूंके जा चुके हैं, मगर इस तथाकथित मॉडल गोठान में गोबर की खरीदी अब तक नहीं हो पाई है। इस पंचायत सचिव के पास एक अन्य ग्राम पंचायत का भी प्रभार है। ग्रामीण बताते हैं कि उस पंचायत के भी विभिन्न निर्माण कार्यों में पंचायत सचिव गागड़ा ने जमकर भ्रष्टाचार किया है। उनके कृत्यों के खिलाफ दोनों ग्राम पंचायतों के ग्रामीण कई दफे आवाज उठा चुके हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई तो दूर, उनके द्वारा कराए गए कार्यों की जांच भी नहीं हुई है। विधायक लखेश्वर बघेल भी इस पंचायत सचिव का बाल तक बांका नहीं कर पा रहे हैं। जबकि सचिव की करतूतों के कारण भूपेश बघेल सरकार की बदनामी हो रही है और विपक्षी दल भाजपा को सरकार पर उंगली उठाने का मौका मिल रहा है। लोगों का कहना है कि पंचायत सचिव पर अदृश्य राजनैतिक शक्ति का हाथ है, इसीलिए बेखौफ होकर वे सभी निर्माण कार्यों में गड़बड़ी दर गड़बड़ी करते जा रहे हैं।

ट्रक को बचाने के चक्कर में पलटी कार बाल-बाल बचे लोग

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डौंडी बाल बाल बचे व्यापारी संघ अध्यक्ष गज्जू सोनी गुरुवार को भर्रीटोला साप्ताहिक बाजार जाने के लिए अपनी कार से निकले थे डौंडी से लिम्हाटोला से पहले कच्चे की ओर से आ रही ट्रक से स्वयं के कार को बचाने के चक्कर में उनकी कार अनियंत्रित होकर पलट गई। बताया जा कर रहा की कर में सवार सभी को मामूली चोट आई है। डौंडी से घोटिया मार्ग में ऊकारी के पास पुल निर्माण अधूरे होने से मार्ग अवरुद्ध है जिसके कारण उन्हें लिम्हा टोला से अवारी होकर भोला बाजार जाना पड़ता है यह हादसा हो गया तेज रफ्तार गाड़ियों के चलते मुख्य मार्ग पर चलना अब दुभर हो गया है।

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सेलफोन में व्यस्त रहने से डांटने पर युवती कूद गई वाटरफाल से

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  • चित्रकोट जलप्रपात से लगाई छलांग, फिर तैरकर आ गई बाहर

जगदलपुर विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट वाटर फाल में मंगलवार को एक बड़ी अनहोनी होने से टल गई। मोबाईल फोन में ही व्यस्त रहने के कारण पालकों के डांटने से क्षुब्ध एक युवती ने वाटर फाल से नीचे छलांग लगा दी। कुछ देर तक नदी के गहरे पानी छटपटाते रहने के बाद वह तैर कर बाहर निकल आई। युवती पूरी तरह सुरक्षित है।मंगलवार 18 जुलाई को एक युवती चित्रकोट वाटरफाल के ऊपरी हिस्से में मुख्यधारा के करीब अचानक पहुंची। वहां लगभग तीन मिनट तक वह नीचे जल प्रवाह को निहारती रही। दूसरे सिरे पर मौजूद लोगों को शक हो गया कि युवती के इरादे ठीक नहीं हैं और वह कुछ भी कदम उठा सकती है।

इन लोगों ने आसपास मौजूद अन्य लोगों को आवाज लगानी शुरू कर दी कि दौड़ो – दौड़ो, पकड़ो – पकड़ो। जब तक लोग युवती के करीब पहुंच पाते, उसने दुपट्टे को फेंककर नीचे छलांग लगा दी। वह मुख्य जलधारा के साथ बहती हुई सीधे उफनती नदी में जा गिरी। वह गहराई में समा गई थी, लेकिन कुछ ही क्षणों में वह पानी की सतह पर आकर तैरती हुई किनारे की ओर जाने का प्रयास करने लगी। नदी में मछली पकड़ रहे गोताखोर और मछुआरे उसे बचाने लपके, लेकिन युवती खुद ही तैरती हुई नदी से बाहर आ गई। युवती पूरी तरह सुरक्षित है। चित्रकोट पुलिस ने युवती से पूछताछ की। उसका नाम संतो मौर्य बताया गया है। 18 वर्षया संतो पुजारी पारा चित्रकोट की निवासी है। पुलिस के मुताबिक संतो पूरे समय मोबाईल गेम खेलने और सोशल मीडिया में व्यस्त रहती है। इसी बात को लेकर उसे उसके माता – पिता ने डांट लगा दी थी। इसी बात से क्षुब्ध होकर उसने आत्महत्या के इरादे से वाटर फाल से छलांग लगाई थी।

पर्यटन विभाग ने नहीं किए हैं सुरक्षा प्रबंध

चित्रकोट वाटर फाल छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के लिए किसी दुधारु गाय से कम नहीं है। इस वाटर फाल की बदौलत पर्यटन विभाग को सालाना करोड़ों की कमाई होती है, लेकिन वहां पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विभाग ने कोई इंतजाम नहीं किए हैं। वाटर फाल से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए न तो रेलिंग लगाई गई है, न ही वहां शासकीय स्तर पर गौतखोर नियुक्त किए गए हैं। अगर वाटर फाल का दृश्य निहारने के लिए ऊपर खड़ा कोई व्यक्ति जरा सी भी असावधानी बरतता है, तो वह कई सौ फीट नीचे उफनती नदी में जा गिरेगा। होमगार्ड और पुलिस के जवान भी वहां नजर नहीं आते।

साइबर क्राइम को रोकने जागरूकता पुलिस चला रही अभियान

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  • प्रश्नउत्तरी में बच्चों ने लिया भाग किया गया पुरुस्कृत

जगदलपुर बस्तर जिला पुलिस की साइबर सेल टीम द्वारा स्कूली बच्चों को साइबर क्राइम को रोकने का पाठ पढ़ा रही है और छात्र- छात्राओं से प्रश्नोतरी के माध्यम से साइबर क्राइम रोकने का संदेश भी दिया जा रहा है। जिला पुलिस बल की साइबर सेल द्वारा प्रश्नउत्तरी भी आयोजित किया जिसमे बच्चों ने भाग लिया और सही जवाब देने वाले बच्चे को पुरुस्कृत किया गया। मंगलवार को नगर के निजी शिक्षण संस्था बाल विहार उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मे उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती गीतिका साहू एवं प्राचार्य श्रीमती वैशीका पॉल की उपस्थिति में लगभग 1 घंटे तक बच्चों को साइबर क्राइम के संबंध में जानकारी दी गई। उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती साहू ने कई सोशल मीडिया प्लेटफार्म के बारे में जानकारी दी।पुलिस विभाग के साइबर क्राइम एक्सपर्ट दीपक कुमार ने भी बच्चों को बारीकी से साइबर अपराध रोकथाम के बारे में बताया तत्पश्चात प्रश्नोतरी हुआ जिसमें बाल विहार स्कूल के हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के छात्र-छात्राओं से प्रश्नोतरी गए। जिन छात्र-छात्राओं ने सकारात्मक जवाब दिया उन छात्र-छात्राओं को पुलिस प्रशासन पुरस्कार भी दिया गया। इस दौरान बाल विहार स्कूल के चेयर पर्सन , शिक्षक शिक्षिकाए,व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

कोरोना रक्षक पालिसी के 5 लाख रूपए अदा करेगी बीमा कंपनी

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  • दो बीमित लोगों ने जिला उपभोक्ता आयोग में दायर किया था मामला
  • बीमा कराने के बाद कोरोना की चपेट में आ गए थे दोनों शख्स

जगदलपुर कोरोना रक्षक बीमा कराने वाले महिला और पुरुष कोरोना महामारी की चपेट में आ गए, लेकिन क्लेम करने के बाद भी बीमा कंपनी ने बीमा राशि का भुगतान नहीं किया। जिला उपभोक्ता आयोग जगदलपुर ने बीमा कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए निर्देशित किया है कि बीमा कंपनी बीमित दोनों लोगों को क्लेम की राशि 5 लाख रुपए के साथ ही मानसिक क्षति और वाद व्यय के लिए अतिरिक्त 13हजार रुपए का भुगतान मय ब्याज करे। जिला उपभोक्ता आयोग जगदलपुर ने एक प्रकरण में बीमा कंपनी को कोरोना रक्षक पॉलिसी की राशि 5 लाख रूपए तथा इस राशि पर दावा निरस्त किए जाने की तिथि से 7 प्रतिशत की दर से ब्याज, मानसिक क्षति हेतु 10हजार रुपए एवं परिवाद व्यय की राशि 3 हजार रुपए आवेदकों अदा करने का आदेश पारित किया है। कोंडागांव निवासी शिल्पा गुप्ता एवं राजकुमार गुप्ता ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी से कोरोना रक्षक पॉलिसी के तहत अपना ढाई – ढाई लाख रु. का बीमा करवाया था। ये दोनों लोग कोविड-19 के दौरान कोरोना से ग्रस्त होकर अस्पताल में भर्ती रहे। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद दोनों को होम कोरेंटाइन में रखा गया था। स्वस्थ होने के बाद दोनों बीमित व्यक्तियों ने जब बीमा कंपनी के समक्ष दावा प्रस्तुत किया, तो बीमा कंपनी ने क्षतिपूर्ति राशि देने से इंकार कर दिया था। इससे क्षुब्ध होकर दोनों व्यक्तियों ने जिला आयोग के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की थी। जिला आयोग ने माना है उपरोक्त पॉलिसी कोविड-19 से संबधित है और बीमा कंपनी द्वारा पॉलिसी वैध एवं प्रभावी रहने के बावजूद आवेदकों को बीमा की राशि 5 लाख अदा न कर सेवा में कमी एवं व्यवसायिक कदाचरण किया है। जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष सुजाता जसवाल, सदस्य आलोक कुमार दुबे और सीमा गोलछा की संयुक्त खंडपीठ ने उक्ताशय का आदेश पारित किया है।

रिकॉर्ड में शत प्रतिशत काम, जमीन पर जीरो, और हो गया भुगतान

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  • मंत्री कवासी लखमा के निर्वाचन क्षेत्र में पीएचई विभाग की करतूत
  • जल प्रदाय योजना का काम कराए बिना करोड़ों के कर दिए वारे न्यारे

अर्जुन झा

सुकमा/ जगदलपुर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सुकमा कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों ने गजब कारनामा कर दिखाया है। विभागीय दस्तावेजों में पेयजल व्यवस्था से जुड़े जिन कार्यों को शत प्रतिशत पूर्ण बताते हुए करोड़ों रुपयों का भुगतान दर्शाया गया है, उन कार्यों का धरातल पर अता पता ही नहीं है।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सुकमा के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा के निर्वाचन क्षेत्र में इस काली करतूत को अंजाम दिया है। केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन और राज्य सरकार की नल जल योजना के तहत कोंटा विकासखंड के गांवों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के लिए करोड़ों रुपयों की स्वीकृति लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सुकमा को मिली थी। इस राशि से कोंटा विकासखंड की ग्राम पंचायत एलमागुंडा के ग्राम नयापारा, ग्राम पंचायत गंगालेर के ग्राम रेडलापल्ली, ग्राम पंचायत गोलापल्ली के ग्राम गोलापल्ली, ग्राम पंचायत गोरगुंडा के ग्राम नेलवाड़ा, ग्राम पंचायत इंजाराम के ग्राम असिरगुड़ा, ग्राम पंचायत करीगुंडम के ग्राम निमलगुड़ा, ग्राम पंचायत किस्टाराम के ग्राम इंटमपाड़, ग्राम पंचायत मनीकोंटा के ग्राम पेड़ाकुरटी, ग्राम पंचायत नागलगुंडा के ग्राम नागलगुंडा, ग्राम पंचायत सिंगराम के ग्राम जबेली, ग्राम पंचायत सिंगराम के ग्राम कोराजगुड़ा और ग्राम पंचायत सिंगराम के ही ग्राम रासाटोंग में पेयजल आपूर्ति के लिए नलकूप लगाने, सोलर पंप की स्थापना करने, ओवरहेड टंकी बनवाने और पाईप लाईन बिछवाने का काम करने के लिए करोड़ों रुपए मंजूर हुए थे। योजना के तहत घर घर नल कनेक्शन देकर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था। इन गांवों में जल जीवन मिशन और नल जल योजना का काम रत्तीभर भी नहीं कराया गया है। जबकि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सुकमा के सहायक यंत्री और उप यंत्रियों ने विभागीय दस्तावेजों में में शत प्रतिशत कार्य पूर्ण हो जाने का उल्लेख करते हुए तथाकथित ठेकेदार को करोड़ों रुपयों के भुगतान का उल्लेख किया है। इन गांवों के ग्रामीणों ने दावा किया है कि पीएचई के अधिकारियों ने उनके गांवों में आज तक कोई कार्य करवाया ही नहीं है। ग्रामीण आज भी शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं।*बॉक्स**युवक नग्न नहीं हुए, भ्रष्ट तंत्र को नंगा किया*आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी तंत्र किस कदर भ्रष्टाचार करता है, इसका यह ज्वलंत उदाहरण है। अधिकारियों के ऐसे करनामों के कारण ही आदिवासियों का धैर्य टूटता जा रहा है। 18 जुलाई को राजधानी रायपुर में अनुसूचित जाति जनजाति के युवकों द्वारा किया गया नग्न प्रदर्शन इसी टूटते धैर्य का दुष्परिणाम था। दरअसल इन युवकों को अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के लोगों के हक पर डाका डालने वाले भ्रष्ट तंत्र के नंगे नाच का पर्दाफाश करने के लिए इस तरह का शर्मनाक प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा। यह चुनौती और चेतावनी कांग्रेस पार्टी, राज्य की कांग्रेस सरकार, छत्तीसगढ़ भाजपा नेतृत्व और केंद्र सरकार के लिए है।राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर कार्यवाही कर उन्हें जेल भेज दिया है, लेकिन यह स्थिति निर्मित क्यों हुई है इस पर दोनों पार्टियों, दोनों सरकारों तथा बड़े अफसरों को चिंतन मंथन करने की जरूरत है। भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच जितना विचाराधीन रखेंगे, अब लोग उसको बर्दाश्त नहीं करेंगे। समय आ गया है की त्वरित निर्णय लिया जाए। नहीं तो यह अभी प्रदर्शन राजधानी रायपुर में हुआ है यह प्रदेश के सभी जिला और ब्लॉक मुख्यालय घेरते समय नहीं लगेगा।

भाजपा मंडल महामंत्री महेंद्र सिंह ने शासकीय नेमीचंद जैन महाविद्यालय दल्लीराजहरा में M.sc रसायन शास्त्र की कक्षा प्रारंभ

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दल्लीराजहरा :- भाजपा मंडल महामंत्री महेंद्र सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि शासकीय नेमीचंद जैन महाविद्यालय दल्लीराजहरा में M.sc रसायन शास्त्र की कक्षा प्रारंभ करने हेतु छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय का आदेश 14 जुलाई 2023 को जारी किया गया है। दल्लीराजहरा में M.sc रसायन शास्त्र की कक्षा शुरू करने का हम स्वागत करते हैं। परंतु इस आदेश में स्पष्ट लिखा है कि महाविद्यालय को इसका खर्च स्वयं के स्ववित्तीय योजना/ जनभागीदारी मद से करना होगा राज्य शासन कोई भी अनुदान नही दिया जायेगा। यह गलत है। कांग्रेस के दोहरे चरित्र को दर्शाता है। आगामी चुनाव को देखते हुवे भूपेश सरकार ने यह लॉलीपॉप दल्लीराजहरा वासियों को देने का प्रयास किया है। यहाँ के स्थानीय कांग्रेस के नेता इसका श्रेय लेने की होड़ में लगे हैं। परंतु यह लोग यह नही बता रहे कि इसके लिए फंड कहा से आयेगा। अब इस कोर्स को शुरू करने जनभागीदारी फीस बढ़ा दी जायेगी। जिससे छात्रों व उनके माता पिता पर अतिरिक्त भार बढ़ जायेगा। आम जनता कॉंग्रेस के इस चुनावी लॉलीपॉप को अच्छे से समझ रही है। दल्लीराजहरा के जनता का अपमान करने वाली कांग्रेस सरकार को जनता चुनाव में सबक सिखाएगी।

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