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सीआरपीएफ की नौकरी करने पर परिवारों को छोड़ना पड़ा गांव

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  • नक्सलियों के फरमान से डरे दो परिवार दूसरे गांव में बस गए
  • सुरक्षा बल ज्वाईन किए आदिवासी युवाओं के परिवारों पर ज्यादती

बीजापुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में दो आदिवासी परिवारों को नक्सलियों ने महज इसलिए गांव, घर और खेती बाड़ी छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया, क्योंकि इन परिवारों के दो युवकों ने सीआरपीएफ की नौकरी ज्वाईन कर ली है। डरे सहमे ये परिवार अन्य गांव में जाकर ठौर तलाश रहे हैं। बीजापुर जिले के कुटरू थाना क्षेत्र के ग्राम दरभा गांव के दो आदिवासी परिवारों को नक्सलियों द्वारा गांव छोड़ने का फरमान जारी किए जाने के बाद ये परिवार दंतेवाड़ा जिले के चिकनपाल में शरण लेने पहुंच गए हैं। इन परिवारों का कसूर सिर्फ इतना है कि उनके दो सदस्य सीआरपीएफ में भर्ती होकर प्रशिक्षण ले रहे हैं। जिले के कुटरू थाना क्षेत्र का दरभा नक्सल प्रभावित गांव है, जहां नक्सलियों की गहरी पैठ है। जानकारी के अनुसार नक्सलियों ने दरभा के दो परिवारों को अपना घर, गांव खेती बाड़ी छोड़़कर जाने के लिए मजबूर कर दिया है। दोनों परिवारों के 11 सदस्य घर का सारा सामान समेटकर एक वाहन से चिकनपाल चले गए हैं, जहां वे सुरक्षित स्थान की तलाश कर रहे हैं। ये दोनों परिवार आदिवासी समुदाय के हैं और उनकी आजीविका खेती बाड़ी के भरोसे चलती है। उनके सामने सबसे बड़ी समस्या खेती बाड़ी छोड़ने की रही है, लेकिन जान बचाना भी जरूरी है। नक्सली फरमान नही मानते, तो जान से हाथ धोना भी पड़ जाता। इन‌ सब हालातों से मजबूर होकर इन परिवारों ने गांव छोड़ने का फैसला लिया है।

युवक को बंधक बनाकर दी वार्निंग

इस मामले में यह बात सामने आई है कि नक्सली परिवार के एक युवक को रस्सी से बांधकर जंगल की तरफ ले गए थे, जहां उसे परिवार सहित गांव छोड़ने व खेती-बाड़ी नही करने की हिदायत दी गई। इस फरमान के बाद दोनों परिवारों के लोग बारिश के मौसम में किन हालातों के बीच कैसे गुजर बसर करेंगे, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार की रात 30- 35 हथियारबंद नक्सली रंजीत कुंजाम के बड़े भाई को बंधक बनाकर ले जंगल ले गए। जंगल में मीटिंग कर गांव छोड़ने कहा गया और खेती-बाड़ी नहीं करने की हिदायत दी गई। नक्सलियों की चेतावनी के बाद कुंजाम परिवार सामानों के साथ जान बचाने के लिए गांव छोड़ गए।

पत्नी को पति की नौकरी की खबर नहीं

सूत्रों ने बताया कि दोनों परिवारों के करीब 11 सदस्य गांव छोड़कर चिकनपाल में बसने के लिए निकल गए हैं। दोनों परिवार दो पिकअप वाहनों पर सामान लादकर गांव से निकले। बताया गया है कि वे दंतेवाड़ा के नकुलनार के पास स्थित गांव चिकनपाल में अस्थाई बसेरा बनाने वाले हैं। जो दो युवक सीआरपीएफ में भर्ती हुए हैं उनमें से एक युवक की पत्नी को ही पति की नौकरी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उसने कहा कि मेरे पति सीआरपीएफ में कब भर्ती हुए मुझे भी नहीं मालूम। लेकिन बड़ी बात यह है कि माओवादियों को इसकी जानकारी हो गई थी।

वर्सन

इस संबंध में सूचना जरूर मिली है। दो परिवार गांव छोड़ गए हैं, लेकिन वे कोई कार्रवाई नहीं चाहते।

आलोक मिश्रा के नेतृत्व में 24 सूत्री मांगों को लेकर दिनांक 4 जुलाई 2023 से अनिश्चितकालीन आंदोलन का आह्वान

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छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांत अध्यक्ष आदरणीय आलोक मिश्रा के नेतृत्व में 24 सूत्री मांगों को लेकर दिनांक 4 जुलाई 2023 से अनिश्चितकालीन आंदोलन का आह्वान किया गया है जिस के समर्थन में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला बस्तर के सभी प्रकोष्ठो के अध्यक्ष, सभी ब्लॉक अध्यक्ष,समस्त नियमित कर्मचारी, अनियमित कर्मचारी, समस्त दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, समस्त डीएमएफटी कर्मचारी, मेडिकल कालेज डिमरापाल के समस्त कर्मचारी, समस्त आयुर्वेदिक विभाग कर्मचारियों के द्वारा मांगों के समर्थन में 4 जुलाई 2023 से अनिश्चितकालीन आंदोलन में उपस्थित होकर आंदोलन को सफल बनावे।समस्त कर्मचारियों से निवेदन है कि आंदोलन प्रांगण में सही समय पर उपस्थित होकर अपनी एकता का परिचय देवे।

मुख्यमंत्री से आरणयक ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने की मुलाक़ात की छप्पन भोग प्रसाद भेंट

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जगदलपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा व अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार के नेतृत्व मे बस्तर जिले के आरणयक ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट किया और मुख्यमंत्री श्री बघेल को पटका तथा गोंचा पर्व के दौरान भगवान जगरनाथ स्वामी को अर्पित छप्पनभोग प्रसाद भेंट किया। बस्तर जिले के आरणयक ब्राह्मण समाज ने गोंचा पर्व में छत्तीसगढ सरकार द्वारा किए गए सहयोग के लिए समाज की और से साधुवाद दिया गया और समाज भवन के लिए भूमि और राशि देने के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान चित्रकोट विधायक रजमान बेंजाम,अध्यक्ष ईश्वर खम्बारी, गोंचा समिति अध्यक्ष ललित पांडेय, गौरी प्रसाद मण्डल, गजेंद्र पानीग्राही, मुरली पानीग्राही, नरेंद्र पानीग्राही मौजूद थे। ज्ञात हो कि बस्तर के रियासत काल से आरणयक ब्राह्मण समाज जोकि 90 से अधिक गांव मे रहते हैं। अन्य समाजो के धार्मिक कर्मकांड उनसे से संपन्न होता हैं तथा वर्षों से भगवान विष्णु के अवतार भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथ यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराते आ रहे हैं।

भूपेश सरकार ने पंडरीपानी को दी बड़ी सौगात : अनिता पोयाम

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  • स्वामी आत्मानंद के आदर्शो पर चलें विद्यार्थी : योगेश पाणिग्रही

जगदलपुर पंडरीपानी की जनता, शाला प्रबंधन समिति के पदाधिकारी व सदस्यों तथा छात्र छात्राओं के लिए गर्व की बात है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पंडरीपानी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को स्वामी आत्मानंद हायर सेकंडरी स्कूल का दर्जा दिया है। इस स्कूल को सर्व सुविधायुक्त लाइब्रेरी की सौगात भी मुख्यमंत्री ने दी है, जिसका लाभ छात्र छात्राएं उठाएं उक्त उदगार जनपद अध्यक्ष अनिता पोयाम ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पंडरीपानी में आयोजित एक कार्यक्रम मे कही।

श्रीमती पोयाम ने छात्र छात्राओं से आगे कहा कि हमारी मां पढ़ी लिखी नहीं थी, फिर भी उन्होंने हमें पढ़ाया। उसी का सुफल कि मैं स्वयं, मेरे दोनों भाई बस्तर सांसद दीपक बैज व लोहंडीगुड़ा के जनपद उपाध्यक्ष योगेश बैज आज इस मुकाम पर पहुंच सके हैं। इसका हमें गर्व है। स्कूल परिवार और आपके माता पिता भी गौरवान्वित हों ऐसा पढ़ाई करते हुए कामयाबी हासिल करें। जनपद अध्यक्ष अनिता पोयाम ने जनपद पंचायत निधि से 50 हजार रूपए की कीमत का वाटर फिल्टर स्कूल को देने की घोषणा की। शाला प्रबंधन व विकास समिति अध्यक्ष योगेश पाणिग्रही ने कहा कि हमें स्वामी आत्मानंद व अन्य महापुरुषों के आदर्श पर चलने की जरुरत है, क्योंकि उन्होंने देशहित में कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। पाणिग्रही ने छात्र छात्राओं को अनुशासित रहने और स्कूल व माता पिता, अपने गुरुजनों का नाम रौशन करने की प्रेरणा दी। पाणिग्रही ने छात्र छात्राओं से कहा कि हम सब एक परिवार हैं और किसी से डरने की जरूरत नहीं है। शाला प्रबंधन समिति चाहती है कि छात्र छात्राओं से हमें भी अच्छी सिख मिले। प्राचार्या शीला सिंह ने स्कूल की गतिविधियों के बारे में बताया और पिछले सत्र में कक्षा 12 वीं में 93 प्रतिशत और कक्षा 10 वीं मे 83 प्रतिशत परीक्षा परिणाम आने की जानकारी दी। शाला की वरिष्ठ शिक्षिका सुलभा मिश्रा ने अतिथियों, स्कूल परिवार, छात्र छात्राओं का आभार माना। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती, भारत माता व छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्रों की पूजा अर्चना कर की गई। पश्चात छात्र छात्राओं को पुस्तकों का वितरण किया गया। इस दौरान शाहिन शेख, सुलोचना भूआर्य, हेमलता शार्दुल, श्याम माली, रेखा नेगी, रेनी विनोद, आशीष दास, योगिता सिंह, सुषमा खुराना, कमला शर्मा, ममता खरे, लक्ष्मी ठाकुर, माया यदु, डॉ. दंतेश्वरी एस लक्ष्मी, मानता चौहान, पूजा कश्यप, कविता सिंह, नरेंद्र देवांगन मौजूद थे।

बालोद शहर में घुसा दंतैल जंगली हाथी, दहशत में लोग

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  • वन विभाग अलर्ट मोड पर, ग्रामीणों को सतर्क रहने की नसीहत

बालोद सोमवार देर शाम एक दंतैल जंगली हाथी की शहर के अंदर घुस आया। हाथी अभी भी शहर के आसपास मंडरा रहा है। इससे लोगों में दहशत व्याप्त है। सबसे पहले हाथी को बालोद की सिंचाई कालोनी के आसपास देखा गया। फिर यह हाथी पुलिस कंट्रोल रूम, कलेक्टर बंगला के पीछे और ट्रांजिस्ट हॉस्टल की तरफ भी विचरण करते नजर आया। शहर में हाथी की आमद के बाद वन विभाग का अमला अलर्ट हो गया है। डीएफओ आयुष जैन ने देर रात हाथी को शहर के बाहर भेज देने की बात कही थी।

वहीं सोमवार को शाम ढलते ही यह हाथी बालोद वन परिक्षेत्र के औराभाठा परिसर में पहुंचा था। हाथी की मौजूदगी सेआसपास के देउरतराई, सिवनी, मालगांव, मड़वापथरा, देवारभाट, तालगांव, झलमला, सिवनी, सेमरकोना, अंधियाटोला, मुल्लेगुड़ा, धरमपुरा, नर्रागांव में दहशत फैल गई। इन गांवों के ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया था। रविवार व सोमवार की दरम्यानी रात दंतैल हाथी का लोकेशन तांदुला जलाशय के ओवरफ्लो वाले इलाके में पाया गया था। जिससे शहर के अंदर प्रवेश करने की आशंका बन गई थी। वहीं क्षेत्र में हाथी की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने झलमला से रानी मां मुख्य मार्ग में चलने वाले राहगीरों को सावधानी से आने जाने, जंगल न जाने, सतर्क और सुरक्षित रहने, तथा एक दूसरे को सतर्क करने व हाथी दिखने पर नजदीकी वन अमले को सूचित करने अपील की है।

शिक्षा के क्षेत्र में बस्तर को बनाना है केरल जैसा : सांसद दीपक बैज

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  • बस्तर सांसद शामिल हुए घाट धनौरा स्कूल के प्रवेश उत्सव में, किया शाला भवन का लोकार्पण

जगदलपुर बस्तर के सांसद दीपक बैज घाटधनोरा हाई स्कूल के प्रवेश उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उनका भव्य स्वागत किया गया। बैज ने स्कूल के नवप्रवेशी बच्चों को गणवेश व पुस्तकों का वितरण कर शाला प्रवेश कराया। साथ ही निशुल्क सरस्वती साइकल योजना के तहत 75 छात्राओं को बैज ने साइकल का वितरण भी किया। स्कूल प्रांगण में सांसद बैज द्वारा पौधरोपण किया गया। सांसद दीपक बैज ने 55.56 लाख रु. की लागत से निर्मित नवीन हाईस्कूल भवन का लोकार्पण भी किया।

उन्होंने जिला सांख्यिकी योजना के तहत ग्राम पंचायत सिंघनपुर में चोंड्डी मेटावाड़ा से सोनारपाल पहुंच मार्ग पर 1.50 मीटर स्पान आरसीसी पुलिया निर्माण लागत 3.99 लाख, सिंघनपुर के तारागांव में रंगमंच निर्माण लागत 1.50 लाख रु, बस्तर प्राधिकरण मद से तारागांव में नाली निर्माण लागत 7.50 लाख रुपए, सांसद मद से तारागांव में जगारगुड़ी के समीप सांस्कृतिक भवन निर्माण लागत 5 लाख रुपए, बस्तर प्राधिकरण योजना से ग्राम पंचायत कोंडालूर छिंदबहार में निर्मला घाट पचरी निर्माण लागत 6.20 लाख रुपए, बस्तर प्राधिकरण योजना से गुड़ापारा में सीसी सड़क निर्माण लागत 8 लाख रुपए का भूमिपूजन किया।

ग्रामीणों की मांग पर की घोषणाएं

सांसद बैज ने ग्राम पंचायत तुमपानी में ग्रामीणों व सरपंच की मांग पर 6 लाख रुपये की लागत से मिट्टी मुरमीकरण कराने की घोषणा की।. उन्होंने पीएचई विभाग को नलजल योजना जल्द से जल्द शुरू करने व नवीन बोरिंग खनन हेतु निर्देशित किया। इसके अलावा ग्राम पंचायत सालेपाल के ग्राम सरगीभाटा मे मुरमीकरण हेतु 6 लाख रुपए व सरगीपदर में सीसी सड़क निर्माण कार्य हेतु 6 लाख रुपए, ग्राम पंचायत बारूपाटा मे 300 मीटर सीसी सड़क निर्माण मुख्यमार्ग से मोहन घर तक बनाने हेतु घोषणा की। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायत पर बिजली विभाग को तत्काल नया ट्रांसफार्मर लगाने हेतु निर्दशित किया। दीपक बैज ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में शिक्षकों की कमी के कारण आउट सोर्सिंग के माध्यम से बाहर से आए हुए शिक्षकों की भर्ती की जाती थी। बस्तर के अंदरूनी इलाकों में 3000 स्कूलों को बंद कर दिया गया था। जिसके कारण छात्र छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो गया था। छत्तीसगढ़ में आज हमारी सरकार आने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में अनेकों कार्य किए गए। शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए 14000 से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती की गई।साथ ही स्थानीय सोर्स के माध्यम से अतिथि शिक्षक भर्ती करने का काम हमारी सरकार के द्वारा किया गया । अंदरूनी इलाकों में बंद किए गए हजारों स्कूलों को बच्चों के भविष्य को देखते हुए दोबारा खोला गया। ताकि बस्तर के छात्र छात्राओं का भविष्य उज्वल हो सके। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप हर जिले हर ब्लॉक में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले गए। ताकि निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चे भी अंग्रेजी बोल सकें और अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सकें।आज हमारी सरकार में आवश्यकतानुसार शालाओं का उन्नयन कार्य भी लगातार किया जा रहा है। कार्यक्रम में तोकापाल ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सहदेव नाग, सुखदेव सेठिया, जनपद सदस्य सुभाष बघेल, जनपद सदस्य शंकर बघेल, सरपंच धनोरा केशव राम, सरपंच सिंघनपुर बनमाली, सरपंच कोंडालुर सुकमती बघेल, सरपंच देऊरगांव मंधर, पूर्व सरपंच कार्तिक बघेल, बाबूलाल, फोतका दादा, भंवरलाल मौर्य, होंडा, रमेश मंडावी, मंडल संयोजक पवन सेठी, लखमूराम, तोकापाल के बीईओ तोकापाल, बीआरसी, प्राचार्य घाटधनोरा, छापर भानपुरी, पोटानार, रान सरगीपाल सहित शिक्षक शिक्षिकाएं, पालक एवं छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

उपभोक्ता आयोग ने फाइनेंस कंपनी पर ठोंकी 8 लाख की देनदारी

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  • जिला उपभोक्ता आयोग जगदलपुर ने महिंद्रा फायनेंस कंपनी के खिलाफ सुनाया सख्त फैसला

जगदलपुर जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा पारित एक आदेश में महिंद्रा फाइनेंस कंपनी को आदेश दिया गया है कि वह परिवादी को क्षतिपूर्ति के रूप में 5 लाख 41हजार 284 रु. और उस पर वाद प्रस्तुति दिनांक से 7 प्रतिशत ब्याज,1लाख रूपए का जुर्माना, मानसिक क्षति हेतु 20 हजार रु. तथा वाद व्यय हेतु 5 हजार रु. का भुगतान करे। जगदलपुर निवासी परिवादी कृष्णा सोनी ने महिंद्रा फाइनेंस कंपनी से ट्रैक्टर क्रय किया था। महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के द्वारा उक्त ट्रेक्टर पूर्व में दो अन्य लोगों को बेचा गया था और फाइनेंस की किश्तें जमा न कर पाने के कारण ट्रैक्टर को अपने अधिपत्य में लेकर कृष्णा सोनी को बेच दिया गया था। किंतु ट्रैक्टर के नामांतरण की कार्यवाही महिंद्रा फाइनेंस कंपनी द्वारा नहीं करवाई गई थी, जिससे शिकायतकर्ता को गंभीर क्षति पहुंची थी। जिला उपभोक्ता आयोग ने माना है कि महिंद्रा फाइनेंस कंपनी द्वारा पूर्व में फाइनेंस पर बेचे गए दूसरे व्यक्ति से ट्रैक्टर को सरफेसी अधिनियम तथा मोटर यान अधिनियम के विपरीत अनाधिकृत रूप से अपने आधिपत्य में लिया गया था और फिर किसी अन्य व्यक्ति को बेचना घोषित कर वापस अपने अधिपत्य में लेकर परिवादी को बेचा गया था। लंबे समय तक महिंद्रा फाइनेंस कंपनी द्वारा परिवादी के निवेदन पर नाम ट्रांसफर न करवाए जाने के कारण परिवादी ने जिला उपभोक्ता आयोग में मामला पेश किया था। आयोग द्वारा ट्रैक्टर के पूर्व क्रेता को, परिवादी को 2 लाख 80 हजार की राशि वापस प्रदान करने तथा 1 माह के भीतर उक्त ट्रेक्टर का नामांतरण परिवादी के नाम पर कराने आदेश पारित किया गया। जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष सुजाता जसवाल, सदस्य आलोक कुमार दुबे और सीमा गोलछा की संयुक्त खंडपीठ ने उक्त आदेश जारी किया है।

बकावंड में सामुदायिक भवन के नाम पर फिर लाखों की बंदरबांट

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  • ब्लॉक मुख्यालय में एक और भ्रष्टाचार का मामला उजागर
  • जनपद मुख्यालय की ग्राम पंचायत में शासकीय धन की हुई हेराफेरी

बकावंड जनपद पंचायत मुख्यालय बकावंड में ग्राम पंचायत के माध्यम से कराए जाने वाले निर्माण कार्यों में गड़बड़ी और शासकीय धन की बंदरबांट का सिलसिला बदस्तूर जारी है। जनपद पंचायत के अधिकारी और इंजीनियर की नाक के नीचे हेराफेरी का खुला खेल चल रहा है। अधिकारी ऐसे कृत्यों पर अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं।बकावंड में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए वर्ष 2021- 22 में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अति पिछड़ा क्षेत्र विकास प्राधिकरण मद से 6 लाख 50 हजार रुपए की स्वीकृति मिली थी। इसकी कार्य एजेंसी बकावंड ग्राम पंचायत को बनाया गया था। सामुदायिक भवन निर्माण में ग्राम पंचायत द्वारा अल्प मात्रा में सीमेंट और अधिक मात्रा में रेत का इस्तेमाल किया गया है। सीमेंट की क्वालिटी भी ठीक नहीं थी। वहीं सरिया, छड़ आदि भी घटिया स्तर की उपयोग की गई है। गुणवत्ता हीन निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किए जाने की चुगली नव निर्मित सामुदायिक भवन अभी से करने लगा है। भवन का लोकार्पण उद्घाटन अभी हुआ नहीं है और दीवारों पर दरारें और छत पर क्रेक नजर आने लगे हैं। तेज बारिश होने पर कुछ ही दिनों में भवन के पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने की प्रबल संभावना है। सरपंच, सचिव और जनपद पंचायत के इंजीनियर की मिलीभगत के चलते ऐसा घटिया निर्माण कार्य कराया गया है। भवन इस कदर बदहाल है कि बारिश के दिनों जान माल की हानि होने से इंकार नहीं किया जा सकता। बकावंड ब्लॉक मुख्यालय में जितने भी निर्माण कार्य कार्य कराए गए हैं, उन सभी में गुणवत्ता का जरा भी ध्यान नहीं रखा गया है। ग्रामीणों ने सामुदायिक भवन समेत तमाम निर्माण कार्यों की जांच की मांग उठाई है।

ईडी और आईटी के रडार पर अब आ रहा है छ्ग का कृषि विभाग

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  • विभाग के सचिव ने मातहत अधिकारियों को किया अलर्ट
  • विभाग में कभी भी धावा बोल सकती हैं केंद्रीय जांच एजेंसियां

अर्जुन झा

जगदलपुर केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और इनकम टैक्स विभाग (आईटी ) की टीमें विधानसभा चुनाव से पहले एकबार फिर छत्तीसगढ़ में खलबली मचा सकती हैं। इस बार इन दोनों एजेंसियों के निशाने पर प्रदेश का कृषि महकमा और उसके आला अफसर हो सकते हैं। इस आशय की भनक लगने के बाद कृषि विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग के शीर्ष अधिकारी विशेष बैठक लेकर ने मातहत अधिकारियों को सतर्क रहने का हुक्म दे दिया है। छत्तीसगढ़ में कथित कोयला घोटाला, आबकारी घोटाला और ट्रांसपोर्टिंग घोटाले की जांच अभी प्रवर्तन निदेशालय कर ही रहा है। इन मामलों में अनेक बड़े अफसर, नेता नप चुके हैं तथा कई नपने की बारी में हैं। ईडी के ताबड़तोड़ छापों से राज्य की अफसरशाही और सियासी गालियारे में भूचाल आ गया था। इन छापों के बाद जो चर्चा चल रही है उसके अनुसार ईडी और आईटी की वक्र दृष्टि अब छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विभाग की ओर भी पड़ गई है।कृषि विभाग के विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एपीएस आईएएस डॉ. कमलप्रीत सिंह ने पिछले सप्ताह एडिशनल डायरेक्टर और डिप्टी डायरेक्टर कृषि की बैठक में स्पष्ट संदेश दिया है कि ईडी और इनकम टैक्स विभाग की नजर कृषि विभाग और उनके अधिकारियों पर है। शिकायतें भी बहुत हुई हैं, अतः सतर्क रहें, कभी भी ये दोनों जांच एजेंसियां आपकी खातिरदारी के लिए आपके दफ्तर या निवास पर दबिश सकती हैं। सावधानी पूर्वक काम करें। विभाग को बदनामी से बचाएं।विश्वसनीय सूत्र यह भी बता रहे हैं कि इस बैठक के बाद विभाग के अधिकारियों के चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगी हैं, उनका खाना, पीना, सोना हराम हो गया है।

कोंटा क्षेत्र के ढाई दर्जन ग्रामीणों ने थाम लिया कांग्रेस का दामन

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  • मंत्री कवासी लखमा ने फूलों का हार पहनाकर किया स्वागत

जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र कोंटा के ग्राम लिटिरास के 31 ग्रामीण सोमवार की सुबह उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा के रायपुर स्थित बंगले में कांग्रेस में शामिल हो गए। मंत्री ने सभी ग्रामीणों का पुष्पहार पहनाकर स्वागत कर उन्हें कांग्रेस में प्रवेश कराया। कांग्रेस प्रवेश करने वाले ग्रामीणों ने बताया कि 25 साल से कांग्रेस के विधायक बनते आ रहे कवासी लखमा ने क्षेत्र के विकास में काफी काम किया है। उनके द्वारा कोंटा विधानसभा क्षेत्र के अंदरूनी गांवों तक विकास पहुंचाया गया है।उनके ग्रामीणों के साथ सरल सहज व्यवहार से प्रभावित होकर हम लोग कांग्रेस प्रवेश कर रहे हैं। मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि आपके गांव लिटिरास में जो भी समस्या है, उसे बताएं जल्द ही गांव की समस्या को दूर किया जाएगा।

कांग्रेस प्रवेश करने वालों में धनसाय राम, दशमू नाथ, दुलारू नाग, सोनसाय नाग, सुदूराम नाग, अनिल नाग, लखमू नाग, बुधराम नाग, लाईकन नाग, जलदेव नाग, रामधर नाग, रूपधर नाग, विजय कुमार, आशाराम यादव, सीताराम नाग, राजेश नाग, जब्बा नाग, बलिराम नाग, सानूराम नाग, सहदेव नाग, भूपेंद्र नाग, रामनाथ नाग, दुर्गेश नाग, आयताराम मरकाम, रविशंकर करटामी, मादई, रामबती, अंजू, बुटकी, सेरंगी व सुशीला शामिल हैं।

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