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पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं के चहेते बन गए हैं रेखचंद जैन

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  • सभी दे रहे हैं जगदलपुर विधायक जैन की कर्मठता का प्रमाण पत्र
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रेखू को सांसद बैज से भी मिली सराहना

अर्जुन झा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ शासन के श्रम एवं नगरीय प्रशासन विभाग के संसदीय सचिव तथा जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं के चहेते बन गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आशीर्वाद तो श्री जैन पर शुरू से रहा है। मुख्यमंत्री के इस लाड़ले रेखू की कर्मठता और सक्रियता के स्वयं सीएम श्री बघेल, बस्तर के सांसद दीपक बैज समेत तमाम बड़े नेता कायल रहे हैं। मुख्यमंत्री बघेल विधायक श्री जैन को प्यार से रेखू कहकर बुलाते हैं। ये सभी नेता और जनप्रतिनिधि सार्वजनिक मंचों से भूपेश के रेखू की सक्रियता और कर्मठता की आएदिन खुलकर सराहना करते दिखाई दे जाते हैं। हाल ही में सांसद दीपक बैज ने जिस अंदाज में रेखचंद जैन की तारीफों के पुल बांधे, उससे साबित हो गया है कि जगदलपुर में श्री जैन की कोई काट नहीं है।बस्तर संभाग में कुल 11 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से दस सीटें अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं। सिर्फ जगदलपुर सीट ही सामान्य है, जहां से रेखचंद जैन विधायक चुने गए हैं। बस्तर संभाग में आदिवासियों की बहुलता है। सभी 11 विधानसभा क्षेत्रों में आदिवासियों की आबादी सर्वाधिक है। सामान्य वर्ग के लिए सुरक्षित जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में भी आदिवासी समुदाय के लोग और मतदाता बड़ी तादाद में निवासरत हैं। केवल जगदलपुर शहर तथा नगरनार समेत कुछ बड़े कस्बों में ही सभी जाति समुदायों की मिश्रित आबादी है। इसके बावजूद पिछले विधानसभा चुनाव में मारवाड़ी जैन समुदाय के रेखचंद जैन ने भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज की। विधायक चुने जाने के बाद से ही रेखचंद जैन जाति – धर्म, पंथ – समुदाय के भेद से परे रहकर तथा दलगत राजनीति की भावना से ऊपर उठकर जनसेवा में सतत जुटे हुए हैं। अपने निर्वाचन क्षेत्र के नागरिकों की सेवा करने, हर गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने, लोगों के हर सुख दुख में सहभागी बनने को ही श्री जैन ने अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है। अपने क्षेत्र के नागरिकों के प्रति समर्पण श्री जैन की विशेष पहचान बन गई है। विधायक श्री जैन ने चार साल के कार्यकाल में विधानसभा क्षेत्र के हर गांव को विकास का नया आयाम दिया है। सुदूर नक्सल प्रभावित अति संवेदनशील गांवों तक पहुंचकर श्री जैन उन गांवों और वहां के ग्रामीणों की समस्याओं को दूर करने में अच्छी कामयाबी पाई है। हर गांव में सीसी रोड, नालियां, पुलिया, शाला भवन, आंगनबाड़ी भवन, खाद गोदाम, राशन दुकान भवन, नए धान खरीदी केंद्रों की स्थापना, ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टेंकर की व्यवस्था जैसे तमाम इंतजाम संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कराए हैं। जगदलपुर शहर के विकास में भी श्री जैन के योगदान का यहां उल्लेख करना जरूरी है। श्री जैन पर मुख्यमंत्री श्री बघेल की सदैव विशेष कृपादृष्टि रही है और इसका भरपूर लाभ जगदलपुर शहर को भी मिला है। शहर में ढांचागत विकास कार्यों के लिए श्री जैन मुख्यमंत्री से अब तक करोड़ों रुपयों की स्वीकृति दिला चुके हैं और जगदलपुर का लगातार कायाकल्प हो रहा है।*बॉक्स**ग्रामीणों के लिए मसीहा हैं रेखचंद*अपने विधायक रेखचंद जैन को क्षेत्र के ग्रामीण मसीहा मानते हैं। जैन ग्रामीणों के हर सुख दुख में साथ खड़े नजर आते हैं। किसी परिवार में किसी सदस्य का निधन हो गया हो और इसकी खबर जैन को मिल जाए, तो वे बिना विलंब किए शोक संतप्त परिवार के बीच पहुंच जाते हैं और दुखी परिवार को शासन की ओर से यथा संभव आर्थिक सहायता भी दिलाते हैं। कुछ दिनों पहले ही नगरनार के तीन स्कूली बच्चों की तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। इन बच्चों के शरीर को जगदलपुर के महारानी अस्पताल लाया गया था। उस समय श्री जैन अपने कार्यालय में बैठकर क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्याएं सुनने में व्यस्त थे।. नगरनार हादसे की खबर मिलते ही श्री जैन सारा काम छोड़कर महारानी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने मौजूद परिजनों को ढाढ़स बंधया और तीनों बच्चों के पार्थिव देहों के साथ वे नगरनार गए। वहां उन्होंने तीनों बच्चों की आर्थियों को बारी बारी से कंधा दिया और अंत्येष्टि के बाद ही अपने घर लौटे। दूसरे दिन ही श्री जैन के प्रयासों से शासन ने तीनों परिवारों को चार – चार लाख रु. की सहायता दी।

पार्टी के लिए भी पूरी तरह हैं समर्पित

विधायक रेखचंद जैन कांग्रेस पार्टी के समर्पित सिपाही की भूमिका निभाने में भी पीछे नहीं रहते। प्रदेश संगठन ने उन्हें जब भी और जो भी दायित्व सौंपा, उसे पूरा करने के लिए रेखचंद जैन पूरी ताकत के साथ जुट जाते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बस्तर संभाग दौरे से जुड़े कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए वे प्रण प्राण से लग जाते हैं। पिछले दिनों जगदलपुर में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में आयोजित भरोसे का सम्मेलन की सफलता में सांसद दीपक बैज के साथ ही संसदीय सचिव रेखचंद जैन का भी अहम योगदान रहा।

सांसद बैज यूं ही नहीं करते किसी की तारीफ

बस्तर के सांसद दीपक बैज एक चिंतनशील, दूरदर्शी और जौहरी की तरह हीरे की परख करने वाले नेता माने जाते हैं। वे बहुत सोच समझ कर और कार्यों का गहन अध्ययन करने के बाद ही कार्य को अंजाम देने वाले नेताओं और जनप्रतिनिधियों की प्रशंसा करते हैं। दो दिन पहले ही सांसद बैज ने जगदलपुर में आयोजित मजदूर संगठनों के एक कार्यक्रम में विधायक रेखचंद जैन की दिल खोलकर तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि रेखचंद जैन सबसे ज्यादा मेहनती और अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की सतत सेवा करने वाले विधायक हैं। श्री बैज द्वारा की गई इस दो लाईन की तारीफ जैन के लिए अनमोल थाती बन गई है।आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर जगदलपुर विधानसभा सीट के लिए यह तारीफ बड़ा संदेश देती दिख रही है। इसका एक मतलब यह भी निकाला जा रहा है कि आगामी चुनाव में जैन की कांग्रेस से उम्मीदवारी पक्की हो गई है। श्री बैज के मुंह से रेखचंद जैन की प्रशंसा में निकले बोल इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं, क्योंकि सांसद श्री बैज को कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी के लीडरशिप डेवलपमेंट मिशन को अंजाम देने के लिए बस्तर की छह विधानसभा सीटों का प्रभारी नियुक्त किया है। इस मिशन का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति बहुल विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के प्रखर और विविध विषयों की अच्छी जानकारी रखने वाले नेताओं व कार्यकर्त्ताओं को आगे लाना है।

बस्तर में अंतर्कलह की आग में झुलस गई है भाजपा

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  • स्थानीय नेताओं की कार्यशैली से नाराज हैं पार्टी के आम कार्यकर्ता
  • कश्यप बंधुओं के रवैये ने फेर दिया सारे किए धरे पर पानी

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग में पूरी तरह उजड़ जाने के बाद भाजपा अंदरूनी कलह की आग से बुरी तरह झुलस चुकी है। पार्टी के आम जमीनी कार्यकर्ता और दर्जनों वरिष्ठ नेता यहां के चंद बड़े नेताओं की कार्यशैली से बेहद नाराज हैं। आलम यह है कि पार्टी के संभाग प्रभारी का दायित्व सम्हालने से भी भाजपा के बड़े नेता कतराने लगे हैं। एक सांसद संतोष पाण्डेय ही हैं, जो संभाग प्रभारी बनने के बाद से जैसे तैसे इस आग को बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। वह भी एक दौर था, जब बस्तर में भाजपा की जड़ें काफी मजबूत हो गई थीं। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने में बस्तर के कार्यकर्ताओं का अहम योगदान रहा। संभाग के गांव – गांव में भाजपा की फौज तैयार हो गई थीं। यहां से एक बड़े नेता केदार कश्यप को डॉ. रमन सिंह की सरकार में केबिनेट मंत्री बनाया गया था। अब इन्हीं कश्यप को पार्टी का प्रदेश महामंत्री बना दिया गया है। संभाग में भाजपा के पतन का दौर केदार कश्यप को मंत्री बनाए जाने के साल भर बाद ही शुरू हो गया था। कश्यप ने एक मंत्री के तौर पर बस्तर के हित में तो सराहनीय कार्य किए, मगर कार्यकर्ताओं को खुश रखने में वे जरा भी कामयाब नहीं हो सके। मंत्री बनने के बाद उनका रवैया कार्यकर्ताओं के प्रति बेहद निराशाजनक रहा। कार्यकर्ता धीरे धीरे पार्टी से बिदकने लगे और आज स्थिति ऐसी है कि समर्पित भाव से पार्टी का झंडा उठाने वालों की संख्या काफी घट गई है। ऐसा भी नहीं है कि सारे कार्यकर्त्ता और नेता पार्टी से दूर हो चले हैं। वे आज भी भाजपा से जुड़े हुए हैं, लेकिन बेमन से। केदार कश्यप के अलावा उनके भाई दिनेश कश्यप ने भी बस्तर संभाग में पार्टी के सांगठनिक विस्तार के लिए शुरुआती दौर में अच्छा काम किया, लेकिन बाद में उनके रवैये में आए बदलाव ने सारे किए धरे पर पानी फेर दिया। कश्यप बंधुओं ने पहले पहल पार्टी हित में अच्छी मेहनत जरूर की, लेकिन कार्यकर्ताओं और स्थानीय बड़े नेताओं को संतुष्ट तथा जोड़े रखने में वे बुरी तरह नाकाम साबित हुए। उनके व्यवहार के कारण ही आज भाजपा यहां पतन के गर्त में जा चुकी है।

बीजेपी का प्रभारी बनने से भी परहेज

राजनीतिक पंडितों की मानें तो आज आलम यह है भाजपा का बस्तर संभाग व जिला प्रभारी बनने से भी बाहर के नेता परहेज करने लगे हैं। बस्तर की मनोरम वादियां देश विदेश के लोगों को आकर्षित करती और अपने दामन में पनाह देने के लिए बुलाती हैं, मगर भाजपा के बाहरी नेता सांगठनिक कार्यों के सिलसिले में बस्तर की जिम्मेदारी सम्हालने से दूर भागते हैं। भाजपा का बस्तर संभाग प्रभारी जैसी महति जिम्मेदारी उठाने के लिए भी कोई राजी नही होता। एक संतोष पांडेय ही हैं, जो राजनांदगांव की सांसदी सम्हालते हुए बड़ी मुश्किल से बस्तर संभाग का प्रभारी बनने को राजी हुए हैं। श्री पाण्डेय अपने संसदीय क्षेत्र राजनांदगांव की जिम्मेदारी तो कुशलता पूर्वक सम्हाल ही रहे हैं, बस्तर भाजपा में लगी अंदरूनी कलह की आग को भी बुझाने का जतन कर रहे हैं। वे इसी सिलसिले में अक्सर संभाग के दौरे पर आते रहते हैं। पाण्डेय नाराज चल रहे कार्यकर्ताओं को मनाने के साथ ही संभाग में दरक चुकी भाजपा की बुनियाद को दुरुस्त करते हुए आम नागरिकों को भाजपा से जोड़ने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रभारी ओमप्रकाश माथुर बेहद कड़क मिजाज नेता माने जाते हैं। माथुर के साथ बस्तर दौरे पर आने के लिए संगठन के बड़े नेता इसलिए राजी नहीं हुए, क्योंकि वे यहां के चंद नेताओं की रग रग और उनकी कार्यशैली से वाकिफ हैं। केवल सांसद एवं पार्टी के संभाग प्रभारी संतोष पाण्डेय ही माथुर के साथ बस्तर दौरे पर आने के लिए राजी हुए। पार्टी के बड़े नेताओं एवं राज्य स्तर के पदाधिकारियों ने पार्टी के छ्ग प्रभारी ओम प्रकाश माथुर के साथ बस्तर दौरे से कन्नी काट ली। ऐसे बड़े नेताओं का कहना है कि बस्तर के एक पूर्व मंत्री ऒर उनकी बिरादरी के कार्यकलापों से कोई खुश नहीं है। संगठन के बड़े नेता बस्तर के इन बंधुओं से अब मुक्ति भी चाहने लगे हैं। ऐसे में माना जा जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व अब देर सबेर ही सही इन बंधुओं पर कोई ठोस निर्णय जरूर लेगा। जानकारी मिली है कि बस्तर दौरे पर आए भाजपा प्रभारी ओमप्रकाश माथुर भी इन दोनों नेताओं के बारे में निगेटिव रिपोर्ट लेकर यहां से गए हैं। कहा जाता है कि श्री माथुर की रिपोर्ट को भाजपा का शीर्ष नेतृत्व पत्थर की लकीर मानकर चलता है। ऐसे में माना जा रहा है कि बस्तर में भाजपा के लिए उम्मीद की किरण जगाने के लिए बंधुओं को संगठन से दूर जरूर किया जाएगा।

नंदकुमार साय के कांग्रेस में आने का दूरगामी असर होगा

छत्तीसगढ़ में भाजपा की नींव रखने वाले नेताओं में शुमार वरिष्ठ नेता नंद कुमार साय के इस्तीफे का दूरगामी असर पड़ेगा। साय अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद तथा पार्टी के अहम पदों पर रह चुके हैं। नंद कुमार साय आदिवासी समुदाय से आते हैं। उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे कर कांग्रेस प्रवेश किया है। नंद कुमार साय का कहना है कि मैं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शो पर चलते आ रहा था। उन्होंने ही मुझे राजनीति सिखाई और राजनीति में आगे बढ़ाया। श्री वाजपेयी राष्ट्रभक्त और दूरदर्शी सोच रखने वाले जननेता थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ समेत तीन राज्यों का गठन किया। तब छत्तीसगढ़ राज्य की विधानसभा में भाजपा के पास बहुमत नहीं था। ऐसे में कांग्रेस के अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनाए गए और मुझे वर्तमान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दी। मैंने अजीत जोगी के खिलाफ मोर्चा खोले रखा। प्रदर्शन किए उस समय दबाव की राजनीति थी। प्रदर्शन के दौरान मेरे पैर को भी तोड़ा गया, लाठीचार्ज हुआ। उसके बाद भी मैं डगमगाया नहीं। श्री साय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में पहुंचाना ही मेरा लक्ष्य था। 2003 के चुनाव में मुझे अजीत जोगी के खिलाफ मरवाही विधानसभा क्षेत्र से टिकट दे दिया गया। जबकि मैं लगातार कह रहा था कि मैं मरवाही जीत नहीं पाऊंगा, मुझे तपकरा विधानसभा की सीट से टिकट दिया जाए, लेकिन मेरी एक न सुन तपकरा सीट से मेरा टिकट काट दिया गया। मरवाही में मेरी हार हुई। मेरे मान सम्मान को लगातार ठेस पहुंचाई गई। लगातार आज 20 वर्षों के बाद भी भारतीय जनता पार्टी प्रदेश इकाई द्वारा मेरी अनदेखी ही की गई। अंततः दुखी होकर मुझे इस्तीफा देना पड़ा। श्री साय आदिवासी हैं और बस्तर संभाग आदिवासी बहुल है। एक आदिवासी नेता के भाजपा से छिटक जाने से बस्तर का आदिवासी समुदाय विचलित है और भाजपा को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।

नगर पालिका की उपेक्षा के कारण वार्ड नंबर 12 की जनता मूलभूत सुविधा से वंचित

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वार्ड नं 12 दुर्गावती नगर दल्लीराजहरा के सामुदायिक शौचालय विगत 3 तीन दिन से बंद है लोग खुले में शौच जाने को मजबूर है पर शासन को लाखों करोड़ों खर्च कर स्वचछता के अवॉर्ड लेने से फुरसत नहीं है जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है वार्ड वासियों एवं भाजपा कार्यकर्ता श्रीमति ललिता विश्वकर्मा द्वारा बताया गया की वार्ड 12 में एक मात्र सामुदायिक शौचालय है वो भी पानी की व्यवस्था ना होने से लोग खुले में शौच जाने को मजबूर है सामुदायिक शौचालय के लिए एक बोर खनन की व्यवस्था करने की मांग शासन से की है सामुदायिक शौचालय में पेयजल आपूर्ति हेतु नल कनेक्शन से जोड़ दिया गया है जो की 500लीटर टंकी में पानी रहते तक सुविधा उपलब्ध होता है

टंकी खाली होते ही लोग पानी के अभाव में खुले में शौच जाते है जबकि 24घंटे सुविधा उपलब्ध कराया जाना चाहिए, रविवार को शाम को नल खोलने वाले छुट्टी मानते हैं तो रविवार शाम से शौचालय नही खुलता एवं सोमवार को सुबह 9.30 बजे नल को खोलते है जिससे कि लोग शौचालय का लाभ पानी के अभाव में नही कर पाते है ना ही पीने की पानी की व्यवस्था हो पाती है जबकि टैक्स पूरे माह 30 दिवस का लिया जाता है जबकि महीने में 4,5 रविवार को नल खोलने वाली छुट्टी मनाते रहते है जनता पानी के लिय भटकते रहते है, बोलने पर कहते है शासन से छुट्टी मिलता है, जबकि अन्य वार्डो में रविवार को कोई छुट्टी नही रहता है30 अप्रैल 2023 दिन रविवार को पेयजल हेतु बोर खराब हो जाने के कारण विगत तीन दिनो से पेयजल, निस्तरी, एवम शौच की समस्या हो गई है नगर पालिका के पास ना ही तीन दिनों मे नए मोटर खरीद पाए नही बोर पंप को सुधरवाने की अतिरिक्त व्यवस्था किया गया है, जनपतिनिधि भी प्रयास नहीं कर पा रही है उनको अपने विकास से मतलब है जनता परेशान है, वही जब से रेल लाइन गुजरा है तब से वार्ड 12 के वार्डवासियों को मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है लोग पटरी पार कर आते जाते है स्कूल वाले बच्चे भी रेलवे ट्रैक पार कर आते है जिससे रेल के आवाजाही से किसी दुर्घटना, अनहोनी होने की संभावना बनी रहती है, रेलवे पुल से नीचे आते है तो पानी गिरने से कीचड़ के कारण आने जाने में असुविधा होती है, पानी हमेशा बहते रहता है, शासन से 15 वे वित्त आयोग से सी सी रोड का कार्य प्रस्तवित है पर अभी तक स्वीकृति आदेश जारी नही किया गया, जो की आम नागरिकों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है, वार्ड वासियों एवं श्री मति ललिता विश्वकर्मा द्वारा शासन से सामुदायिक शौचालय हेतु पृथक से बोर खनन,की मांग, तथा बिगड़े मोटर को तत्काल सुधार कर या नया मोटर लगाकर पेयजल सुदृढ़ करने की मांग की गई है, एवम नल को सप्ताह में सात दिवस सुबह शाम नल खोलने की मांग किया गया है वही वार्ड 12 के आने जाने के लिए रेलवे ट्रेक के ऊपर पैदल पुल एवम पुल के नीचे आने जाने के लिए सीसी रोड निर्माण, की मांग शासन से किया गया है। वही भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी ने कहा कि समस्या का निवारण जल्द नही किया गया तो वार्ड वाशियो के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा ।

12 बेजुवान जानवरो को ट्रक ने रौंदा रोका छेका योजना की खुली पोल

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बड़ी खबर – बालोद जिले के अर्जुंदा मुख्य मार्ग पर रात 3 बजे के आस पास सड़क बैठी गायों को ट्रक कुचलकर कर फरार हो गया जिससे सड़क पर बैठी 13 गायों में से 12 की मौत हो गई जिसके जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पालतू जानवर पिछले दिनों हुए बारिश के कारण सूखे एवं मच्छरों से बचाव के लिए सड़कों पर बैठ जाते हैं इसी वजह से बारिश के दिनों में अक्सर सड़को पर गायों की झुंड लगातार देखने को मिलता है । जिससे आए दिन दुर्घटना की संभावना बनी रहती है वही आज हुए इस घटना ने फिर से गौ पालकों की मानवता के साथ साथ प्रशासन को लचरता का पोल खोल दिया है वही मामले पर स्थानीय लोगो पुलिस को घटना की जानकारी दी है वही पुलिस द्वारा अरजुंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने लगे सीसीटीवी की फुटेज चेक कर रही है। प्रशासन द्वारा लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर गौठानओ का निर्माण कराया जा रहा है किंतु सुविधाओं के अभाव में उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है इसी तरह रोका छेका योजना भी पूरी तरह फ्लॉप साबित हो रही है इस तरह सड़कों पर जानवरों के आने से सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है आम आदमी भी इस पर सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है प्रशासन सिर्फ योजनाओं को लागू करने में फीता काटने में सक्रियता दिखाती है उनके क्रियान्वयन में कोई भी सक्रियता नहीं दिखती। जमीनी हकीकत नहीं दिखती।

पत्नी पूनम और बेटे के साथ बटकी में बासी खाई सांसद बैज ने

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  • श्रमिक दिवस पर सांसद दीपक बैज ने किया श्रमवीरों को नमन
  • नून, प्याज और हरी मिर्च के साथ सपरिवार उठाया बासी का लुत्फ

जगदलपुर बटकी में बासी अउ चुटकी में नून, मे गावत हों दादरिया, तै कान देके सुन ओ, चना के दार राजा, चना के दार रानी यह दादरिया गीत छत्तीसगढ़ में बेहद लोकप्रिय रहा है। हर वक्त इस गाने को सुन लोग झूमते रहते हैं। आज भी आकाशवाणी रायपुर से इस गीत का प्रसारण होता है। अब इस गीत को सार्थक कर हैं बस्तर के सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल और अन्य कांग्रेस नेता। बस्तर संभाग में 1 मई को श्रमिक दिवस के मौके पर सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने अपने अपने परिवार के सदस्यों के संग बैठकर नून, प्याज, हरी मिर्च के साथ बासी का आनंद लिया। बासी के संग नमक व गोंदली ( प्याज ) के महत्व को अपनी आवाज से जन – जन तक पहुंचाने वाले ‘छत्तीसगढ़ के मोहम्मद रफी’ के खिताब से नवाजे गए मशहूर छत्तीसगढ़ी गायक शेख हुसैन आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके गाए गीत अजर अमर हो गए हैं। शेख हुसैन गया गीत ‘बटकी में बासी अउ चुटकी में नून, ते कान देके सुन ओ…. चना के दार राजा, चना के दार रानी..’ आज 1 मई को बस्तर समेत पूरे प्रदेश में अपनी सार्थकता सिद्ध करता दिखा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में 1 मई को श्रमिक दिवस के साथ ही बोरे बासी दिवस भी मनाने का फैसला किया है। बीते साल की तरह इस साल भी कांग्रेस के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने नून, प्याज और हरी मिर्च के साथ बासी खाकर श्रमिकों की कर्मशीलता को नमन किया। बस्तर के सांसद दीपक बैज ने अपनी धर्मपत्नी पूनम बैज और पुत्र के संग अंतराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर मेहनतकश मजदूरों के सम्मान में प्याज, हरी मिर्च, नून और चटनी के साथ बासी का लुत्फ़ उठाया। सांसद श्री बैज ने अपनी अर्धांगिनी पूनम बैज को बासी खाते हुए शेख हुसैन का दादरिया गीत गाकर सुनाया या नहीं, यह तो पता नहीं चल पाया, लेकिन बासी खाते समय वे कोई गाना जरूर गुनगुना रहे थे ऐसा उनके करीबियों का कहना है। सांसद श्री बैज, पूनम बैज और उनके पुत्र ने अलग – अलग बटकियों में बासी खाते नजर आए।

लखेश्वर बघेल ने भी खाई बोरे बासी बस्तर के विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने मेहनतकशों के समान में बोरे बासी खाई। बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खानपान की गौरवशाली परंपरा रही है, जो अब और समृद्ध हो रही है। छत्तीसगढ़ के खानपान में बोरे बासी की अपनी अलग पहचान है। इससे हमारा अभिमान और श्रम का सम्‍मान जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासियों, मजदूरों और समाज के मेहनतकश वर्ग के हित में महत्वपूर्ण कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें बोरे बासी को खानपान में जोड़ने की पहल भी शामिल है। बघेल ने कहा कि हम छत्तीसगढ़ियों ने बोरे बासी खाकर इस समृद्ध, शांत और श्रेष्ठ राज्य का निर्माण किया है।

मोटर सायकल व कार चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

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आरोपी के कब्जे से एक स्कार्पियो कार व पांच मोटर सायकल जुमला कीमती 4,00,000 रूपये बरामदमामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी मोहम्मद शकील खान पिता सैनुल खान उम्र 43 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 04 राजहरा ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि इनका बाबा बाडी वर्क्स का दुकान है, दिनांक 23.04.2023 को सुबह करीबन 10.00 बजे सोहेल हैदर फारूकी अपने स्कार्पियो कार क्रमांक सीजी 04 डीबी-8577 कीमती 3,00,000 रूपये को मरम्मत के लिये बाबा बाडी वर्क्स शाप लाया था,

जिसका मरम्मत कार्य बाद स्कार्पियो वाहन को अपने दुकान के सामने खड़ा किया था, जिसे कोई अज्ञात व्यक्ति चोरी कर ले गया है कि रिपोर्ट पर थाना राजहरा में अपराध धारा 379 भादवि पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण सदर के माल मुल्जिम पता तलाश के दौरान मुखबीर से सूचना मिला कि एक व्यक्ति कार एवं मोटर सायकल की बिकी हेतु ग्राहक की तलाश कर रहा है कि सूचना पर संदेही आरोपी गब्बुद्दीन खान उम्र 38 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 23 राजहरा हाल पता सलिया पारा भानुप्रतापपुर जिला कांकेर को अभिरक्षा में लेकर जुर्म स्वीकार करने पर आरोपी गब्बुद्दीन अली पिता स्व नियामत अली उम्र 38 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 23 मदर टेरेसा वार्ड राजहरा हाल पता- सलिया पारा भानुप्रतापपुर जिला कांकेर से पुछताछ किया गया जो प्रकरण में चोरी गये स्कार्पियो वाहन कमांक सीजी 04 डीबी-8577 कीमती 3,00,000 रूपये को बाबा बाडी वर्क्स शाप राजहरा के सामने से चोरी कर भानुप्रतापपुर ले जाकर अपने निवास में रखा था इसके अलावा 01 एक नग बजाज कंपनी का पल्सर मोटर सायकल कमांक सीजी 07 एएन- 8224 कीमती 25,000 रूपये को नेहरू नगर मिलाई से चोरी कर रियाज आटो सर्विस रेल्वे स्टेशन के पास मरम्मत के लिये दिया था. 02. मोटर सायकल हीरो होण्डा स्प्लेण्डर प्लस कमांक सीजी 07 ए 7988 कीमती 20,000 रूपये को संबलपुर मुर्गा बाजार से चोरी कर थाना डौण्डी क्षेत्र के ग्राम पिच्चेटोला में किराना दुकान के पास रखा था, 03 मोटर सायकल हीरो होण्डा कमांक सीजी 19 बीके 1032 कीमती 20,000 रूपये को बिजली आफिस चिखलाकसा के पास से चोरी कर भानुप्रतापपुर रेल्वे स्टेशन के पास रखा था 04. एक बिना नम्बर का हीरो एचएफ डीलक्स मोटर सायकल कीमती 15,000 रूपये को हास्पिटल सेक्टर दल्लीराजहरा से चोरी कर भानुप्रतापपुर मे देवार पारा पीपल झाड़ के पास छोड़े थे, 05 मोटर साकयल हीरो होण्डा एचएफ डीलक्स कमांक सीजी 19 बीजी 0922 कीमती 20,000 रुपये को रेल्वे स्टेशन दल्लीराजहरा से चोरी कर अपना दाबा कुसुमकसा के सामने खड़ा किया था। उपरोक्त चोरी गये स्कार्पियो वाहन एवं मोटर सायकल जुमला कीमती 4,00,000 रूपये को आरोपी द्वारा रखे गये स्थान से आरोपी के कब्जे से जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया है।प्रकरण की विवेचना, चोरी गये मशरूका की जप्ती कार्यवाही तथा आरोपी की गिरफ्तारी कार्यवाही में थाना राजहरा से निरीक्षक वीणा यादव, सहायक उपनिरीक्षक नंदकिशोर सिन्हा, प्रधान आरक्षक अश्वनी दिल्लीवार, आरक्षक एसकुमार तारम, रविकुमार यादव भूपेन्द्र हरदेल, अजय माहला. सुरेन्द्र देशमुख, जीवन नाग, प्रमोद निषाद की सराहनीय भूमिका रही है।

सांसद मोहन मंडावी के जन्मदिवस पर उनके निवास पहुंच संघ के प्रतिनिधिमंडल ने दी बधाई, मुश्ताक अहमद सांसद प्रतिनिधि

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सांसद प्रतिनिधि मुश्ताक अहमद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आज कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद मोहन मंडावी के जन्मदिवस के अवसर पर भारतीय मजदूर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल उनको जन्मदिवस की बधाई देने उनके निवास स्थान पर पहुंचा और सांसद मोहन मंडावी को पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर बधाई दी और उनके दीर्घायु होने की कामना की। चूंकि सांसद मोहन मंडावी दंतेवाड़ा जिला के अरनपुर ग्राम में घटित नक्सली हमले से दुखी थे।

इसलिए उन्होंने उनके जन्मदिवस पर प्रस्तावित सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया था और अपना जन्मदिवस नहीं मनाने का निर्णय लिया था।आज बहुत सादे समारोह में चुनिंदा कार्यकर्ताओं और परिवार के साथ भेंट मुलाकात का कार्यक्रम हुआ। सांसद मोहन मंडावी ने अपने जन्मदिवस और 01 मई श्रम दिवस के अवसर पर सभी श्रमवीरो को मजदूर दिवस की बधाई दी। ईस अवसर पर मुख्य रूप से सांसद प्रतिनिधि मुश्ताक अहमद, खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष एम पी सिंग, उपमहासचिव लखनलाल चौधरी, राजहरा शाखा के अध्यक्ष किशोर कुमार मायती , समाजसेवी कृष्णा सिंह उपस्थित थे।मुश्ताक अहमदसांसद प्रतिनिधि

पत्नी पूनम और बेटे के साथ बटकी में बासी खाई सांसद बैज ने

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  • श्रमिक दिवस पर सांसद दीपक बैज ने किया श्रमवीरों को नमन
  • नून, प्याज और हरी मिर्च के साथ सपरिवार उठाया बासी का लुत्फ

जगदलपुर बटकी में बासी अउ चुटकी में नून, मे गावत हों दादरिया, तै कान देके सुन ओ, चना के दार राजा, चना के दार रानी यह दादरिया गीत छत्तीसगढ़ में बेहद लोकप्रिय रहा है। हर वक्त इस गाने को सुन लोग झूमते रहते हैं। आज भी आकाशवाणी रायपुर से इस गीत का प्रसारण होता है। अब इस गीत को सार्थक कर हैं बस्तर के सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल और अन्य कांग्रेस नेता। बस्तर संभाग में 1 मई को श्रमिक दिवस के मौके पर सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने अपने अपने परिवार के सदस्यों के संग बैठकर नून, प्याज, हरी मिर्च के साथ बासी का आनंद लिया। बासी के संग नमक व गोंदली ( प्याज ) के महत्व को अपनी आवाज से जन – जन तक पहुंचाने वाले ‘छत्तीसगढ़ के मोहम्मद रफी’ के खिताब से नवाजे गए मशहूर छत्तीसगढ़ी गायक शेख हुसैन आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके गाए गीत अजर अमर हो गए हैं। शेख हुसैन गया गीत ‘बटकी में बासी अउ चुटकी में नून, ते कान देके सुन ओ…. चना के दार राजा, चना के दार रानी..’ आज 1 मई को बस्तर समेत पूरे प्रदेश में अपनी सार्थकता सिद्ध करता दिखा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में 1 मई को श्रमिक दिवस के साथ ही बोरे बासी दिवस भी मनाने का फैसला किया है। बीते साल की तरह इस साल भी कांग्रेस के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने नून, प्याज और हरी मिर्च के साथ बासी खाकर श्रमिकों की कर्मशीलता को नमन किया। बस्तर के सांसद दीपक बैज ने अपनी धर्मपत्नी पूनम बैज और पुत्र के संग अंतराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर मेहनतकश मजदूरों के सम्मान में प्याज, हरी मिर्च, नून और चटनी के साथ बासी का लुत्फ़ उठाया। सांसद श्री बैज ने अपनी अर्धांगिनी पूनम बैज को बासी खाते हुए शेख हुसैन का दादरिया गीत गाकर सुनाया या नहीं, यह तो पता नहीं चल पाया, लेकिन बासी खाते समय वे कोई गाना जरूर गुनगुना रहे थे ऐसा उनके करीबियों का कहना है। सांसद श्री बैज, पूनम बैज और उनके पुत्र ने अलग – अलग बटकियों में बासी खाते नजर आए।

लखेश्वर बघेल ने भी खाई बोरे बासी

बस्तर के विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने मेहनतकशों के समान में बोरे बासी खाई। बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खानपान की गौरवशाली परंपरा रही है, जो अब और समृद्ध हो रही है। छत्तीसगढ़ के खानपान में बोरे बासी की अपनी अलग पहचान है। इससे हमारा अभिमान और श्रम का सम्‍मान जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासियों, मजदूरों और समाज के मेहनतकश वर्ग के हित में महत्वपूर्ण कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें बोरे बासी को खानपान में जोड़ने की पहल भी शामिल है। बघेल ने कहा कि हम छत्तीसगढ़ियों ने बोरे बासी खाकर इस समृद्ध, शांत और श्रेष्ठ राज्य का निर्माण किया है।

ईडी के डर से अनलोड नहीं कराई जा रही थीं शराब लदी गाड़ियां

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  • छत्तीसगढ़ के शराब प्रेमियों को दो माह बाद अब जाकर राहत मिलेगी
  • दूसरे राज्यों से शराब लेकर आए ट्रक भनपुरी यार्ड में हो रहे खाली

अर्जुन झा

नगरनार छत्तीसगढ़ में ईडी के भय के चलते ही बाहर से आने वाली शराब का जायका यहां के मदिरा प्रेमियों को नहीं मिल पा रहा था। अब शराब प्रेमियों को इस संकट से एक दो दिन में ही छुटकारा मिल जाएगा। पसंदीदा ब्रांड की शराब की आपूर्ति सरकारी दुकानों में बहाल होने वाली है। दूसरे राज्यों से शराब लेकर पहुंचे ट्रक अब भनपुरी यार्ड में खाली होने लगे हैं। पिछले दो माह से छत्तीसगढ़ के सभी जिलों की शराब दुकानों में मध्यम और उच्च क्वालिटी की अंग्रेजी शराब तथा बीयर नहीं मिल रही थी। सिर्फ छत्तीसगढ़ में उत्पादित होने वाली अंग्रेजी शराब और बीयर को ही लोग मन मारकर खरीद रहे थे। इसकी वजह यह ईडी द्वारा राज्य के आबकारी विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों से की जा रही पूछताछ रही है। ईडी के भय के कारण तेलंगाना, महाराष्ट्र के मुंबई, मध्यप्रदेश के इंदौर, हिमाचल प्रदेश के जगजीत नगर, पंजाब, पांडिचेरी आदि राज्यों से जो शराब की गाड़ियां आई थीं, वे सभी गाड़ियां भनपुरी के शराब यार्ड में पिछले दो माह से खड़ी थीं। ट्रकों से माल न तो उतारा जा रहा था और न ही उसे गोडाउन में रखवाने की हिम्मत यहां के अधिकारी जुटा पा रहे थे।*बॉक्स**’डर’ ने लगाई ठेकेदारों को ढाई करोड़ की चपत* छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग द्वारा जिन चार ठेकेदारों को शराब खरीदने और राज्य में उसकी आपूर्ति करने का ठेका दिया गया था, उन्हें भी काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था। सूत्र बताते हैं कि इन ठेकेदारों को प्रतिदिन एक गाड़ी भाड़ा तीन हजार रु. प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करना पड़ रहा था। आबकारी विभाग से जुड़े लोगों ने जो जानकारी दी है कि पिछले दो माह से 125 गाड़ियां भनपुरी में गोडाउन के बाहर खड़ी थीं। इस लिहाज से ठेकेदारों को खड़ी गाड़ियों का प्रतिदिन लगभग चार लाख रु. का भाड़ा वहन करना पड़ रहा था। दो माह में इन बड़े ठेकेदारों को लगभग ढाई करोड़ की चपत ईडी के डर की वजह से लग चुकी है।आज 29 अप्रैल से गोदाम में माल उतरना प्रारंभ हुआ है।*बॉक्स**प्लेसमेंट एजेंसी को भी हुई बड़ी क्षति*सूत्र बताते हैं कि बाहर से आई शराब और बीयर का वितरण 3 – 4 दिनों में प्रदेश के जिलों की शराब दुकानों में शुरू हो जाएगा। प्लेसमेंट एजेंसी भी काफी परेशान थी। इस एजेंसी को भी इन दो महिनों में बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। सूत्रों ने बताया कि विभाग को हर शराब दुकान में दो काउंटर रखने पड़ते हैं। एक काउंटर सरकार के राजस्व के लिए और दूसरा काउंटर कथित ‘अदृश्य शक्ति’ के राजस्व के लिए। इस तरह हर दुकान में न्यूनतम चार कर्मचारी कार्यरत होते हैं, जिनके वेतन और दीगर खर्चो पर बड़ी रकम जाया हुई है। सरकार और कथित अदृश्य शक्ति को भी राजस्व की क्षति पहुंची है।

कलेक्टर चंदन कुमार को शुभकामनाएं देते दी विदाई

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जगदलपुर रविवार को बस्तर के निवर्तमान कलेक्टर चंदन कुमार को संसदीय सचिव व विधायक जगदलपुर रेखचंद जैन के साथ नगर निगम के पदाधिकारियों तथा पार्षदों ने उज्जवल भविष्य की मंगल कामना करते उन्हें बुके भेंटकर शुभकामनाएं देते विदाई दी। इस दौरान श्री जैन व अन्य ने चंदन कुमार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का स्मरण कर उन्हें अविस्मरणीय बताया। विधायक जैन के साथ नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, एमआइसी सदस्य उदयनाथ जेम्स, राजेश राय, सुशीला बघेल, पार्षद पंचराज सिंह, बलराम यादव, सूर्या पाणि, कमलेश पाठक, कोमल सेना, लता निषाद, सुखराम नाग, कांग्रेस नेत्री एस नीला आदि मौजूद थे।

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