City Media - Page 326 of 1851 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 326

105वीं जयंती पर याद किए गए लाला जगदलपुरी

0
  •  ग्रंथालय में हुआ भव्य साहित्यिक आयोजन

जगदलपुर लाला जगदलपुरी जिला ग्रंथालय के अध्यक्ष कलेक्टर हरिस एस व सचिव जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल के मार्गदर्शन मे योगेंद्र पांडे की अध्यक्षता में लाला जगदलपुरी की 105वीं जयंती मनाई गई। यह कार्यक्रम लालजी के साहित्यिक योगदान पर समर्पित था।

इस अवसर पर योगेंद्र पांडे, यशवर्धन राव, नरसिंह राव, आलोक अवस्थी और महापौर सफ़ीरा साहू अतिथि थे। कार्यक्रम में भोपाल से पधारे रामाराव वामनकर विशेष रूप से उपस्थित थे। वे दुष्यंत कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय भोपाल मध्यप्रदेश के अध्यक्ष हैं। लालाजी की हस्तलिखित रचनाओं की मूल प्रति संग्रहालय को सौंपी गई।लाला जी की रचनाओं को लिपिबद्ध कर चार पुस्तकों में संजोया गया है। विनय कुमार श्रीवास्तव ने इनका संपादन किया है। इन पुस्तकों का विमोचन शहर के साहित्यिक संगठनों छत्तीसगढ़ साहित्य समिति, साहित्य भारती और कादम्बरी संस्था व ग्रंथालय के छात्र छात्राओं के बीच किया गया। हाल ही में छत्तीसगढ़ पीएससी एग्ज़ाम में चयनित लाइब्रेरी के छात्र मुन्ना कश्यप और उदय कुमार का सम्मान जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल के हाथों किया गया गया। साथ ही साथ बस्तर के साहित्यकारों द्वारा पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।

धर्मपाल सैनी, योगेंद्र मोतीवाला, सुषमा झा, पूर्णिमा सरोज, मोहिनी ठाकुर, नरेंद्र पाढ़ी, कर्मजीत कौर, ख़ुदरेजा ख़ान, सुभाष पांडे, सुभाष श्रीवास्तव, श्री गौड़ और विजय सिंह ग्रन्थालय की कवियित्री छात्राएं उज्जैनी सेठी, पूजा ठाकुर साहित्यकारों का सम्मान व काव्य गोष्ठी लाला जी के जीवन का संस्मरण प्रस्तुत किया गया।

ग्रंथालय प्रभारी अखिलेश मिश्रा व संजय झा व अन्य साहित्यकार इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

एक लाख रूपये स्वीकृति से बनाया गया कुँवा के सुरक्षा जाली

0

कुसुमकसा ग्रामीणो के मांग पर  कुँवा के सुरक्षा जाली के लिये अपने जनपद निधि से जनपद सदस्य संजय बैस ने एक लाख रूपये स्वीकृति प्रदान किये ग्राम पंचायत कुसुमकसा के वार्ड 7 कुँवा चौक पर एक मात्र कुँवा उस कुँवा का पानी का उपयोग मोहल्ले वासी पीने के लिए आज भी करते आ रहे है कुँवा बहुत ही पुराना है उसका पानी सुपचाय और स्वादिष्ट पानी है पर कुँवा जमीन की सतह के बराबर होने के कारण लोगो को खतरा बना रहता था कई बार लोग इस कुँवा मे गिर भी गए है इन समस्या को देखते हुये मोहल्ले वासी जनपद सदस्य संजय बैस के पास अपनी समस्या रखे और संजय बैस ने गंभीरता से समस्या को समझते हुये अपने जनपद निधि से एक लाख रूपये स्वीकृति प्रदान करते हुये कुँवा की उचाई बड़ाकर सुरक्षा के हिसाब से कुँवा की चारो ओर सुरक्षा जाली भी लगाए कुँवा की ऊचाई बढ़ने के साथ सुरक्षा जाली लगने से जान माल का खतरा टल गया और पीने का पानी भी स्वच्छ और निर्मल भी रहेगा मोहल्लेवासी के द्वारा जनपद सदस्य संजय बैस का आभार व्यक्त किये सरपंच शिव राम सिंन्द्रामे ने कहा वास्ताव मे कुँवा बहुत उपयोगी है हमारे जनपद सदस्य जी द्वारा कुँवा के रखरखाव की राशि स्वीकृति कर इस मोहल्ले का नाम कुँवा चौक के कुँवा को सजाकर इस चौक के नाम की अमर कर दिए मोहल्ले के निवासी कन्हैया भौसर्य ने कहा की हमारी सदियों के मांग को जनपद सदस्य संजय बैस ने पूरा किया है ।

कई जनप्रतिनिधियों के पास हमने इसके लिए मांग किये थे पर किसी ने नहीं सुना हमारे जनपद सदस्य जी मोहल्ले की मांग को पुराकर मोहल्ले की मान को बढ़ाया है हम सभी उनका धन्यवाद देते है इस अवसर पर राजेंद्र पोटाई गिरवर रावटे देवनाथ माडिया बीरबल सिंन्द्रामे महेश कुरैटी मालिक सिंन्द्रामे तिहारु पंन्द्रामे हीरा पंन्द्रामे भगत नेताम नारद पंन्द्रामे ठालू नेताम नारायण बीर सिंग के सारः गांव के गणमान्य नागरिक उपस्तिथ रहे

राज्यस्तरीय किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में 28 खिलाड़ियों हुआ चयन

0
  • बालोद जिला किकबॉक्सिंग टीम का चयन
  • 75 खिलाड़ियो ने लिया हिस्सा
  • आगामी मुख्यमत्री कप राज्यस्तरीय किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में 28 खिलाड़ियों हुआ चयन
  • ⁠बालोद जिला किकबॉक्सिंग संघ ने आगामी 3 जनवरी से 5 जनवरी तक होने वाले ओ पी जिंदल विश्वविद्यालय रायगढ़ में होने वाले मुख्यमत्री कप ओपन राज्यस्तरीय किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में खिलाड़ियों के चयन प्रक्रिया के लिए टूर्नामेंट का आयोजन किया जिसमे जिले के डोंडी , बालोद, गुंडारदही ब्लॉक के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया

सारी प्रक्रिया छत्तीसगढ़ भा जा पा खेल एवं कला प्रमुख अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी अमन यादव के देख रेख में हुआ

किक बॉक्सिंग संघ के सचिव किशोर नाथ ने बताया बालोद ब्लॉक से 6 गुण्डारदाही ब्लॉक से 1 डोंडी से 1 तथा 20 खिलाड़ी राजहरा क्लब के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे है

बालोद जिला किकबॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष जन सेवक राकेश यादव ने खिलाड़ियों को आने वाले प्रतियोगिता के लिए कड़ी मेहनत करने को कहा और राज्य स्तरीय किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में पदक जीतकर बालोद जिले का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किए । बालोद जिला के चयनित खिलाड़ियों के नाम इस तरह हैं आयुष यादव,हर्षदीप साहू,जास्मीन साहू ,ट्विंकल,आरव ,इशांत ,अभिनव शर्मा, सिमरन सिंह, साधिके दुबे, हर्ष देवांगन, जिया जायसवाल ,सोनम साहू ,पल्लवी साहू,आदित्य देव ,वाणी, शुभम, हिमानी ,नेहा ठाकुर ,प्रफुल्ल, कप्स, अदिति ,काव्य, नैतिक कुकरे, बालोद जिले की टीम 3 जनवरी 2025 को सुबह ट्रेन साउथ बिहार से रायगढ़ के लिए रवाना होगी । इस अवसर पर क्लब के सहायक प्रशिक्षक हरबंस कौर , प्रणव शंकर साहू, मिलन उपस्थित रहे। चयनित खिलाड़ियों को खेल प्रेमी ने अपनी शुभकामनाएं प्रदान की।अमन यादव ने आगे बताया कि। किक बॉक्सिंग छत्तीसगढ़ शासन से मान्यता प्राप्त खेल है एवं छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ से भी मान्यता प्राप्त है साथ ही किकबॉक्सिंग भारत सरकार खेल युवा मंत्रालय से मान्यता प्राप्त है राज्य एवं राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को डाइट मनी खेल अलंकरण एवं खेल पुरस्कार कल लाभ मिलेगा

मुख्य अभियंता बनाए गए लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता रावटे

0
  • फिलहाल जगदलपुर में पदस्थ हैं जीआर रावटे 

जगदलपुर लोक निर्माण विभाग (सिविल) के बस्तर में पदस्थ अधीक्षण अभियंता जीआर रावटे को मुख्य अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नत किया गया है।  रावटे लगनशील और मेहनती प्रशासनिक अधिकारी हैं। उनकी पदोन्नति से महकमे और शुभचिंतकों में खुशी की लहर फैल गई है। उन्हें लगातार बधाई संदेश मिल रहे हैं।

इंजीनियर जीआर रावटे लोक निर्माण विभाग में लंबे समय से सेवाएं देते आ रहे हैं। वे लंबे समय तक वीआईपी और संवेदनशील माने जाने वाले राजनांदगांव

जिले में अधीक्षण अभियंता के पद पर पदस्थ रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में राजनांदगाव जिले में कराए गए सड़क, पुल पुलिया और भवनों के निर्माण की गुणवत्ता की आज भी तारीफ होती है। वहां के जनप्रतिनिधि आज भी रावटे के कार्यकाल को याद करते हैं। जगदलपुर में लोक निर्माण विभाग का ईई पद सम्हालने के बाद जीआर रावटे ने शासन द्वारा स्वीकृत हर निर्माण कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ और तय समय में पूरा कर दिखाया। उनके नेतृत्व में विभाग के कामकाज में अच्छी कसावट आई है। बस्तर जिले के पहुंच विहीन गांव भी आज अच्छी और मजबूत सड़कों की सुविधा से लैस हो गए हैं। विभाग के सीनियर अफसरों के साथ ही कलेक्टर बस्तर भी जीआर रावटे की कार्यप्रणाली से बड़े खुश रहे हैं। बीच में अधीक्षण अभियंता जीआर रावटे को कुछ विभागीय दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से उनकी पदोन्नति अटकी हुई थी। मगर सारे छींटे अब साफ हो चुके हैं और विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में जीआर रावटे की पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया। समिति ने उन्हें पदोन्नति के लिए सर्वथा उपयुक्त बताते हुए उनके प्रमोशन की सिफारिश की। उसके बाद जीआर रावटे को शासन ने मुख्य अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नत कर दिया है। प्रमोशन मिलने के बाद रावटे को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। विभागीय अधिकारियों के साथ ही कई जनप्रतिनिधि और आदिवासी समाज के लोग भी जीआर रावटे को बधाई देने उनके सरकारी आवास पर पहुंच रहे हैं।

सांसद संतोष पाण्डेय की सादगी और हीरा ठाकुर का जज्बा

0
  •  मेहनती व्यक्ति को साधन व संसाधन नहीं, जज्बे की होती है दरकार
  • स्टार सेलून में न जाकर नुक्कड़ वाले हीरा ठाकुर हजामत बनवाते हैं सांसद 

अर्जुन झा-

जगदलपुर सादगी और जज्बे का अनूठा संगम हमें नई दिल्ली में देखने को मिला है। सादगी एक छत्तीसगढ़िया सांसद की और जज्बा नई दिल्ली में नुक्कड़ पर सलून चलाने वाले युवक की।

ऐसे ही जज्बे से लबरेज हैं हमारे हीरा ठाकुर भाई। हीरा भाई युवा हैं और इनका खुद का सलून है। सलून ऐसा जो दिल्ली के नार्थ एवेन्यू के एक गार्डन में है, जहां लक्जरी कुर्सी तो नहीं लेकिन ईटों से बनी कुर्सी जरूर है, जो लग्जरी कुर्सी से भी कहीं ज्यादा कंफर्टेबल है और जहां राजनांदगांव के युवा सांसद संतोष पाण्डेय विगत पांच वर्षों से इनके नियमित ग्राहक के रूप में हजामात बनवाने और सेविंग कराने हीरा भाई सेलून में जाते हैं।

गजब बात यह कि सांसद संतोष पाण्डेय तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इंसपायर्ड हैं ही, हीरा ठाकुर भी मोदीजी के मुरीद हैं। हीरा ठाकुर मोदीजी के मिशन डिजिटल इंडिया को बढ़ावा भी दे रहे हैं। वे सिर्फ यूपीआई से पेमेंट लेते हैं। हीरा ठाकुर की इसी पहल ने सांसद संतोष पाण्डेय को उनका मुरीद बना दिया है। अगर कोई व्यक्ति पार्षद ही बन जाता है, उसके तेवर आसमान छूने लग जाते हैं, मगर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र से दूसरी दफे सांसद चुनकर आए संतोष पाण्डेय के तेवर ऐसे नहीं हैं। सादगी, सौम्यता और जमीन पर बने रहना उनकी पहचान हैं। सांसद संतोष पाण्डेय के पास किसी चीज की कमी नहीं है। वे चाहें, तो उनके घर में नाई आकर हजामत बना सकता है या फिर वे स्वयं किसी फाइव स्टार सलून की सेवा ले सकते हैं। मगर संस्कारधानी नांदगांव का संस्कार जो है, शिवनाथ नदी के पानी की तासीर जो है, वो भला कैसे कदम डगमगाने देंगे। लिहाजा सांसद संतोष पाण्डेय नुक्कड़ वाले हीरा ठाकुर के पास ही सेविंग कराने और हजामत बनवाने जाते हैं। आज भी जब लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हुई तो सांसद संतोष पाण्डेय जा धमके हीरा ठाकुर के पास। उन्होंने हीरा ठाकुर से ढेर सारी बातें की। सांसद संतोष पाण्डेय बताते हैं कि हीरा भाई बहुत से युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं कि मेहनत करने के लिए आपको अवसर बहुत मिलते हैं बस यह जरुरी है कि आप उसे कैसे, कब और कहां चुनते व भुनाते हैं। सांसद संतोष पाण्डेय की यह सादगी और हीरा ठाकुर की लगन, जज्बा और मेहनत वास्तव में सराहनीय हैं।

सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार पर मंत्री केदार कश्यप का कड़ा प्रहार, कहा- होगी सख्त कार्रवाई

0
  • शिकायत पर वनमंत्री कश्यप ने लिया संज्ञान, दौड़े दौड़े पहुंचे अफसर
  • नजर आया मंत्री केदार कश्यप का कड़क अंदाज 

अर्जुन झा

जगदलपुर अमूमन शांत और हंसमुख नजर आने वाले वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप कड़क मिजाज भी हैं। उनकी कड़क मिजाजी भ्रष्टाचार और जनहित से जुड़े मसलों पर ज्यादा नजर आती है। मंत्री केदार कश्यप के ऐसे ही सख्त तेवर तब देखने को मिले, जब ग्रामीणों ने उनसे शिकायत की कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार करते हुए गुणवत्ता की अनदेखी की गई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले मंत्री केदार कश्यप तुरंत एक्शन में आ गए। उन्होंने अधिकारियों को फोन लगाकर सड़क का परीक्षण करने और दोषी लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। फिर क्या था- अधिकारी दौड़े दौड़े पहुंच गए सड़क नापने।

मामला बस्तर संभाग के अति नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले से जुड़ा है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप का यह गृह जिला है और वे यहीं से विधायक चुनकर आए हैं। नारायणपुर जिले के टेमरू गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण किया जा रहा है। सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों में काफी असंतोष है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के मुताबिक सड़क निर्माण में गुणवत्ता को पूरी तरह नजर अंदाज किया जा रहा है। स्तरहीन निर्माण सामग्री उपयोग में लाई जा रही है और ऊपर से सड़क की चौड़ाई एवं मोटाई भी कम रखी जा रही है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की शिकायत मंत्री केदार कश्यप से करते हुए ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को फोन लगा दिया। सुबह सुबह मंत्रीजी का फोन आ जाए, तो अफसरों की नींद उड़ना स्वाभाविक है। ऐसा ही विभागीय अधिकारियों के साथ भी हुआ। मंत्री ने अफसरों को सड़क निर्माण में हो रही लापरवाही पर फटकार लगाते हुए तुरंत मौके पर जाकर जांच करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा। अधिकारी ट्रेक शूट में ही सुबह सुबह टेप, रस्सी आदि लेकर दौड़े दौड़े पहुंच गए टेमरू गांव। उन्होंने सड़क की चौड़ाई, मोटाई नापी और सड़क खोदकर निर्माण सामग्री का परीक्षण किया। सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और लापरवाही की शिकायत क्षेत्रीय विधायक एवं वनमंत्री केदार कश्यप से की गई। वनमंत्री ने त्वरित संज्ञान में लेते हुए अधिकारियों को जांच पड़ताल के लिए निर्देशित किया। जिस पर आज सुबह विभागीय अधिकारी सड़क निर्माण का जायजा लेने के लिए पहुंचे। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि मंत्री केदार कश्यप के निर्देशों का पालन करते हुए सड़क निर्माण कार्य में सुधार करवाया जा रहा है। लापरवाही बरतने पर ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

एक करोड़ के ईनामी नक्सली हिड़मा के घर में घुसे गृहमंत्री अमित शाह, सीएम साय और डिप्टी सीएम शर्मा

0
  •  नक्सल्स गढ़ में कदम रखने वाले पहले गृहमंत्री बन गए अमित शाह
  •  हिड़मा के गृहग्राम पूवर्ती के पड़ोसी गांव गुंडेम में पहुंच गए शाह

अर्जुन झा-

जगदलपुर जहां नक्सलियों की इजाजत के बिना एक परिंदा भी पर नहीं मार सकता और जो इलाका हिड़मा जैसे कई खतरनाक नक्सलियों का जन्मभूमि एवं कर्मभूमि है, वहां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छग के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा जा धमके। ऐसे खतरनाक इलाके में कदम रखने वाले देश के पहले गृहमंत्री बन गए हैं अमित शाह। वैसा ही जज्बा और हौसला हमारे छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा भी कई बार दिखा चुके हैं।

बस्तर प्रवास पर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नक्सल प्रभावित इलाके में जाने की योजना तो पहले से तय थी, लेकिन वे सीधे नक्सल नर्सरी में चले जाएंगे, ऐसा किसी ने नहीं सोचा था।बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले सर्वाधिक नक्सल प्रभावित हैं। उसमें भी सुकमा और बीजापुर के सरहदी इलाके तो और भी ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं। इसी सरहदी इलाके में स्थित है नक्सल नर्सरी पूवर्ती, जहां कुख्यात नक्सली हिड़मा सहित अन्य कई खतरनाक नक्सली पैदा हुए हैं। हिड़मा किस कदर खतरनाक है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उस पर पूरे एक करोड़ रुपए का ईनाम घोषित हो चुका है। इसी नक्सल नर्सरी में महज सात किलोमीटर दूर स्थित गांव गुंडम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार दोपहर पहुंचे थे। उनके साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा भी थे। धुर नक्सल प्रभावित गांव गुंडम में महुआ पेड़ के नीचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने खटिया पर बैठकर गुंडम के ग्रामीणों के साथ आत्मीय चर्चा की। उन्होंने शासन की सभी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया। अमित शाह ने ग्रामीणों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की पहल पर हमने नक्सल आतंक को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है, जिसका परिणाम है कि आज नक्सलवाद एक छोटे से दायरे में सिमट कर रह गया है। केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि नक्सल आतंक के भय से ग्रामीणों को मुक्त कराने के लिए बस्तर के विभिन्न स्थानों में सुरक्षा सुरक्षा बालों के कैंप स्थापित किए गए हैं। बस्तर अंचल में अमन और शांति का वातावरण स्थापित हो रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से ज्यादा से ज्यादा योजनाओं से जुड़ कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की। शाह ने ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपने बच्चों को स्कूल अवश्य भेंजे। आपके बच्चे पढ़ लिख लेंगे, शिक्षित हो जाएंगे और शिक्षा से ही समस्याओं का समाधान निकलेगा। अमित शाह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि गुंडम के नजदीक स्थापित कैंप में अस्पताल की सुविधा भी है जहां निशुल्क उपचार हेतु ग्रामीण निसंकोच होकर जाएं और झाड़-फूंक के भरोसे न रहें। उन्होंने ग्रामीणों को निशुल्क 35 किलो चांवल, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया और इनका लाभ लेने की अपील भी की। अमित शाह गांव की स्थित प्राथमिक शाला में भी जा पहुंचे। वहां बच्चों से पढ़ाई संबधी जानकारी ली और नियमित स्कूल आने के लिए बच्चों को प्रेरित किया। वहीं उन्होंने महिलाओं को भी शिक्षा के लाभ से अवगत कराया। गृहमंत्री अमित शाह ने ग्रामीणों हेतु जन सुविधा शिविर लगाकर आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज बनाने के निर्देश कलेक्टर को दिए। उन्होंने कहा कि शासन कि समस्त योजनाओं का लाभ लेने के लिए बैंक पासबुक अनिवार्य है। इसलिए सभी का बैंक पासबुक जरूरी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक वर्ष के भीतर गांव में सड़क, बिजली, स्कूल, अस्पताल, पेयजल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी।

विजय शर्मा भी दिखा चुके हैं हौसला

अमित शाह नकसल गढ़ में कदम रखने वाले देश के पहले गृहमंत्री बन गए हैं। इससे पहले किसी भी केंद्रीय गृहमंत्री ने ऐसा साहस नहीं दिखाया था। हालांकि तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साये में अमित शाह गुंडम पहुंचे थे, मगर हौसला भी अपनी जगह है। इसी तरह विष्णु देव साय और विजय शर्मा नक्सल गढ़ की जमीन पर कदम रखने वाले पहले मुख्यमंत्री और गृहमंत्री साबित हुए हैं। हालांकि विजय शर्मा इससे पहले भी पूवर्ती तथा बीजापुर के कुछ गांवों में जा चुके हैं। बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित आदिवासियों से उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के आत्मीय संबंध जग जाहिर हैं। श्री शर्मा ने इन आदिवासियों की पीड़ा को करीब से महसूस भी किया है। यही वजह है कि वे अपना पर्सनल फोन नंबर तक वहां के ग्रामीणों के साथ शेयर करने से नहीं चूकते और समय समय पर पीड़ित आदिवासियों से बात भी करते हैं। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की नेकदिली तब और सामने आई थी, जब नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आकर हाथ पैर गंवा बैठे आदिवासियों को कृत्रिम हाथ पैर श्री शर्मा की पहल पर लगाए गए थे। वह पल बड़ा ही भावुक था, जब अपने कृत्रिम पैरों से चलकर लोग विजय शर्मा का आभार जताने उनके बंगले में पहुंचे थे।

बढ़ेगा जवानों का हौसला

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के धुर नक्सल प्रभावित गांव गुंडम में आना कई मायनों में लाभकारी होगा। सबसे पहली बात तो यह कि आम ग्रामीणों और आदिवासियों के मन में शासन प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ेगा और वे भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। दूसरी अहम बात यह है कि नक्सल मोर्चे पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के जवानों का हौसला भी बढ़ेगा और वे दोगुने उत्साह के साथ अपना मिशन पूरा करने में लग जाएंगे।

सर्व नाई सेन समाज के पुनः बस्तर जिलाध्यक्ष बने मनोज ठाकुर

0

जगदलपुर यहां आयोजित सर्व नाई सेन समाज की बैठक में बस्तर जिलाध्यक्ष के रूप में पुनः मनोज ठाकुर की नियुक्ति की गई है।

समाज के भवन में आयोजित बैठक में मनोज ठाकुर दूसरी बार निर्विरोध अध्यक्ष नियुक्त हुए हैं। पिछले कार्यकाल में मनोज ठाकुर ने बखूबी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। जिसको देखते हुए समाज के सभी सदस्यों ने पुनः मनोज ठाकुर के नाम पर सहमति प्रदान की।मंगलवार को दोपहर 2 बजे कुम्हारपारा में सर्व नाई सेन समाज की बैठक आयोजित की गई। जिसमें सर्वसम्मति से एक बार फिर से सर्व नाई सेन समाज के वर्तमान जिला अध्यक्ष मनोज ठाकुर को दोबारा निर्विरोध अध्यक्ष नियुक्त किया गया। अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद मनोज ठाकुर ने समाज के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि वह सर्व नाई सेन समाज के हित के लिए कार्य करते रहेंगे। इसके बाद ससमाज के द्वारा कुम्हार पारा से दंतेश्वरी मंदिर तक बाइक रैली का आयोजन किया गया। जहां दंतेश्वरी मंदिर में नवनियुक्त अध्यक्ष मनोज ठाकुर ने माता दंतेश्वरी की पूजा अर्चना की। समाज के वरिष्ठजन और पूर्व अध्यक्ष भी साथ थे। समाज के सभी सदस्यों, पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम श्रीवास, वरिष्ठ भास्कर राव, राजू राव, सियाराम ठाकुर, राधे ठाकुर, वसंत राव, वेकंट राव, अपना राम, देव राव, कृष्ण कुमार श्रीवास, सरोज श्रीवास, कृष्ण ठाकुर, संजय श्रीवास, सतीश श्रीवास, रामबाबू सविता, सोनू सविता, लल्लन कुमार, विनोद ठाकुर, राजू ठाकुर, राजा ठाकुर, रमन्ना राव, राकेश ठाकुर, अनिल ठाकुर, प्रेमजीत ठाकुर महेंद्र ठाकुर, सुजीत ठाकुर, रमेश श्रीवास, उमेश ठाकुर, डीजे राम, बी रामा राव, मनोज कुमार, मिथिलेश, मोनू ठाकुर, गिरधर ठाकुर, बाबू साहब, संतोष ठाकुर, राजा ठाकुर, बाबू साहब संतोष कुमार और समाज के अन्य लोग उपस्थित थे।

सुशासन के एक साल, लोक निर्माण विभाग-2 ने पूरे कर दिखाए सालभर में 15 निर्माण कार्य

0
  • सड़कों के निर्माण से लोगों को हो रही बारहमासी आवागमन में सहूलियत 

जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन के एक साल की उपलब्धियों के तहत लोक निर्माण विभाग क्रमांक-02 बस्तर जगदलपुर द्वारा 15 विकास कार्य पूर्ण कर नागरिकों को आधारभूत संरचना की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

इन कार्यों में बजट में स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य में बस्तर के बोदरा से चैड़ीघाट मार्ग निर्माण लंबाई 4 किमी, भैसगांव ठोटीपारा से अलवाली मार्ग निर्माण 4 किमी, जिला नारायणपुर के तिरथा चैक (गुरिया चैक) से सुधापाल मार्ग निर्माण 3 किमी और सोरगांव से जामगांव मार्ग निर्माण पुल पुलिया सहित 5.50 किमी, बस्तर के गुनपुर, जाटनपाल, गुटीगुड़ा पारा मार्ग का पुल- पुलियों सहित निर्माण 2.80 किमी, बुड़गीभाटा से चीतापुर मार्ग लंबाई 7 किमी. पुल-पुलिया, राजपुर गुनपुर अलवाही मार्ग निर्माण लंबाई 5 किमी, दरभा से धुरवारास सड़क निर्माण लंबाई 2 किमी, कोयपाल से कलेपाल मार्ग निर्माण लंबाई 4 किमी, बस्तर के एनएच 16 से पटेलपारा मार्ग निर्माण लंबाई 3 किमी, देऊरगांव मांगरापाल मार्ग निर्माण लंबाई 5 किमी, फरसागुड़ा बेसोली मार्ग निर्माण लंबाई 2 किमी को पूरा किया गया। इन सड़कों और पुल-पुलियों के बन जाने से इलाके के लोगों को बारहमासी आवागमन में सहूलियत हो रही है। साथ ही उक्त क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य इत्यादि सुविधाओं के विस्तार को बढ़ावा मिला है। इसके अलावा बजट में स्वीकृत भवन निर्माण कार्य के तहत बस्तर नगर पंचायत बस्तर में नवीन विश्राम गृह भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जबकि जमा मद से स्वीकृत विकासखंड बस्तर के ऑडिटोरियम का नवीनीकरण एवं विस्तार का कार्य और भानपुरी में नवीन तहसील कार्यालय भवन के निर्माण को पूर्ण किया गया है।

पोटा केबिन हॉस्टल में छात्रा की भूख से मौत? मचा सियासी बवाल; रोका गया कांग्रेस की टीम को

0
  • भूख से मौत होने का आरोप लगाते कांग्रेस ने जमकर मचाया हंगामा
  • मामला सुकमा के बाला टिकरा पोटाकेबिन का

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले में एक छात्रावासी छात्रा की मौत से सियासी तूफान खड़ा हो गया है। कांग्रेस का आरोप है की मासूम छात्रा की मौत भूख से हुई है। वहीं मामले को इस कदर गोपनीय रखा जा रहा है कि किसी के भी पोटा केबिन में जाने और वहां की अन्य छात्राओं से बात करने पर भी पाबंदी लगा दी है।

मामला सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड अंतर्गत बाला टिकरा के पोटा केबिन का है। वहां दूसरी कक्षा की आदिवासी छात्रा रौशनी नाग की रहस्यमय परिस्थितियों में हो गई। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया है। सुकमा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि छात्रा की मौत का कारण स्पष्ठ नहीं हो पाया है। बिसरा मेडिकल कालेज भेजा गया है। अब मेडिकल कॉलेज की रिर्पोट का इंतजार है। सुकमा जिले के बालाटिकरा पोटा केबिन में कक्षा दूसरी की छात्रा रोशनी नाग की अचानक मौत हो गई थी जिसके बाद राजनैतिक बवाल मच गया। विपक्षी दल कांग्रेस की जांच टीम को पुलिस ने पोटाकेबिन से पहले ही रोक दिया। इसके विरोध में कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता वहां करीब घंटे भर तक नारेबाजी करते रहे और कांग्रेस नेताओं ने पोटा केबिन प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। वही सीएमएसओ ने कहा कि पीएम के दौरान बच्ची के शरीर में किसी भी प्रकार की आंतरिक व बाहरी चोट नहीं पाई गई है। अब मेडिकल कालेज की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद ही मौत की वजह पता चल पाएगी। उधर कांग्रेस ने छात्रा की मौत को लेकर मोर्चा खोल दिया है।मंगलवार को छिंदगढ़ ब्लाक के बालाटिकरा स्थित कन्या पोटा केबिन में मामले की जांच के लिए जा रहे कांग्रेस पार्टी के जांच दल को पोटा केबिन से 20 मीटर पहले ही पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। वे लगातार नारेबाजी करते रहे। वही जांच कमेटी के संयोजक राजू राम नाग ने सवाल उठाया कि पोटा केबिन में जाने के लिए हमें क्यों रोका जा रहा है? इसका मतलब कुछ गड़बड़ है। व, हीं राजू साहू ने कहा कि आश्रम प्रबंधन की घोर लापरवाही है, हम लोगों को पता चला है कि बच्ची की मौत भूख के कारण हुई है। हमारी टीम सिर्फ छात्राओं से बातचीत करना चाहती थी, उसके बाद भी हमे रोका जा रहा है। प्रशासन ये सब राजनीतिक दबाव के चलते कर रहा है। क्योंकि पोटा केबिन की अधीक्षिका भाजपा नेता की पत्नी हैं और वे पोटा केबिन में रहती भी नहीं हैं। काफी देर तक हंगामा करने के बाद कांग्रेस जांच दल ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा और अधीक्षिका, डीएमसी तथा डीईओ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। ऐसा न होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान आयशा हुसैन, गीता कवासी, महादेव मुचाकी, समीर खान, राजेेश नारा, गुलाम मुर्तुजा, लखमा राम नाग मौजूद रहे।

वर्सन

सच छुपाने की कोशिश

में यहां की सरपंच हूं और महिला भी हूं मुझे पोटा केबिन में जाने नहीं दे रहे हैं। जबकि मैंने कहा कि सिर्फ छात्राओं से बातचीत करूंगी और वहां अध्यनरत छात्राओं की तबीयत कैसी है उसके बारे में जानना है। आखिर उपोटा केबिन में ऐसा क्या है जो हमे जाने नहीं दिया जा रहा है?

संजना नेगी,सरपंच छिंदगढ़ 

वर्सन

सिर में सूजन थी

रोशनी नाग की सुबह 5.30 बजे अचानक तबीयत खराब हुई उसे जब छिंददगढ़ अस्पताल लाया गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। जिला अस्पताल में दो डाक्टरों की टीम ने पीएम किया। किसी भी प्रकार चोट के निशान नहीं मिले हैं और न ही कोई और कारण दिखा। हां रोशनी के सिर पर हल्की सूजन जरूर थी। इसलिए हमने बेहतर जांच के लिए मेडिकल कालेज सैंपल भेज दिया है। 7 दिनों के भीतर रिर्पोट आ जाएगी। उसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

डॉ.कपिल कश्यप,  सीएमएचओ सुकमा

MOST POPULAR

HOT NEWS