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बस्तर वनमंडल : बिना साइन बोर्ड लगाए जगदलपुर वन परिक्षेत्र के अधिकारी करा रहे लाखों के निर्माण कार्य

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भ्रष्टाचार : लाखों रुपए के पुलिया निर्माण के कार्य बिना साइन बोर्ड के वन विभाग के अधिकारी करवा रहे कहावत है जंगल में मोर नाचा किसने देखा और यह कहावत अगर किसी विभाग में सबसे अच्छी तरीके से फलीभूत होती है तो वह विभाग वन विभाग ही है क्योंकि लाखों के निर्माण कार्य के अलावा कई ऐसे कार्य हैं जिसे वन विभाग के अधिकारी कागजों में पूरा कर राशि आहरण करने के लिए कुख्यात रहे हैं और इसमें काफी हद तक छोटे अधिकारियों को बड़े अधिकारियों का संरक्षण किसी न किसी तरीके से मिलता रहता है जिससे विभाग के लोग शासन को करोड़ों रुपए की क्षति किसी न किसी तरीके से नुकसान पहुंचाते हैं इसी प्रकार से शासन का स्पष्ट निर्देश होता है कि किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले साइन बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है

जिसमें निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी देनी होती है जैसे की लागत राशि मजदूरों को देने जाने दिए जाने वाले मजदूरी भुगतान का विवरण के अलावा कार्य की समय सीमा और निर्माण एजेंसी का नाम लिखा जाना होता है लेकिन वन विभाग के अधिकतर निर्माण कार्यों में वन विभाग के अधिकारी लगातार लापरवाही बरत रहे हैं ताजा मामला शहरी क्षेत्र से लगा आमागुड़ा से धुरगुड़ा जाने

वाले मार्ग में स्थित वन विभाग के इलाके में दिख रहा है जहां लाखों के पुलिया निर्माण का कार्य जगदलपुर वन परिक्षेत्र के अधिकारी बिना साइन बोर्ड लगाए ही करवा रहे हैं निर्माण कार्यों को शुरू करने से पहले इस प्रकार की लापरवाही शासकीय विभागों के अधिकारी जानबूझकर करते हैं ताकि निर्माण कार्यों के संबंध में कोई भी जानकारी क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों को ना मिल पाए और आसानी से ही कार्य पूरा हो जाए और भ्रष्टाचार करने की उनकी मंशा भी पूरी हो जाए जगदलपुर वन परिक्षेत्र द्वारा कराए जा रहे उक्त निर्माण के कार्य स्थल का दौरा करने पर यह भी पाया गया कि निर्माण स्थल पर वन विभाग का कोई भी अधिकारी अथवा कर्मचारी उपस्थित नहीं रहा जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्माण कार्य भी केवल मजदूरों के भरोसे ही वन विभाग करवा रहा है जबकि निर्माण स्थल पर विभाग के कर्मचारी अथवा इंजीनियर का होना अनिवार्य होता है इसे आसानी से कल्पना की जा सकती है कि जब शहरी क्षेत्र में इस प्रकार की लापरवाही वन विभाग के अधिकारी बरत रहे हैं तो दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे कार्यों में वन विभाग के अधिकारी कितनी संवेदनहीनता के साथ कार्य कर रहे होंगे कार्य पूरा होने के पश्चात वन विभाग के अधिकारी साइन बोर्ड लगाने के पैसे तक खा जाते हैं मगर साइन बोर्ड नहीं लगाते यह समझना समझ से परे है विभाग के बड़े अधिकारी इस प्रकार के निर्माण कार्य जो शहरी क्षेत्र में चल रहे हैं उनके शुरू होने से पहले या निर्माण कार्य के दौरान भी निर्माण स्थल का दौरा करते हैं या नहीं उनकी कार्यप्रणाली पर भी यह सवाल उठना भी लाजमी है इस मामले में वन विभाग के एसडीओ आशीष कुमार से चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों को शुरू करने से पहले साइन बोर्ड लगाने के संबंध में शासन से कोई भी दिशा निर्देश वन विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है और विभाग निर्माण कार्यों के शुरू होने या पूरा होने के बाद कभी भी साइन बोर्ड लगाने लगाने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र है |

बस्तर वनमंडल : बिना साइन बोर्ड लगाए जगदलपुर वन परिक्षेत्र के अधिकारी करा रहे लाखों के निर्माण कार्य

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भ्रष्टाचार : लाखों रुपए के पुलिया निर्माण के कार्य बिना साइन बोर्ड के वन विभाग के अधिकारी करवा रहे कहावत है जंगल में मोर नाचा किसने देखा और यह कहावत अगर किसी विभाग में सबसे अच्छी तरीके से फलीभूत होती है तो वह विभाग वन विभाग ही है क्योंकि लाखों के निर्माण कार्य के अलावा कई ऐसे कार्य हैं जिसे वन विभाग के अधिकारी कागजों में पूरा कर राशि आहरण करने के लिए कुख्यात रहे हैं और इसमें काफी हद तक छोटे अधिकारियों को बड़े अधिकारियों का संरक्षण किसी न किसी तरीके से मिलता रहता है जिससे विभाग के लोग शासन को करोड़ों रुपए की क्षति किसी न किसी तरीके से नुकसान पहुंचाते हैं इसी प्रकार से शासन का स्पष्ट निर्देश होता है कि किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले साइन बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है

सड़ो की बाईट निचे लेंगे |

जिसमें निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी देनी होती है जैसे की लागत राशि मजदूरों को देने जाने दिए जाने वाले मजदूरी भुगतान का विवरण के अलावा कार्य की समय सीमा और निर्माण एजेंसी का नाम लिखा जाना होता है लेकिन वन विभाग के अधिकतर निर्माण कार्यों में वन विभाग के अधिकारी लगातार लापरवाही बरत रहे हैं ताजा मामला शहरी क्षेत्र से लगा आमागुड़ा से धुरगुड़ा जाने वाले मार्ग में स्थित वन विभाग के इलाके में दिख रहा है जहां लाखों के पुलिया निर्माण का कार्य जगदलपुर वन परिक्षेत्र के अधिकारी बिना साइन बोर्ड लगाए ही करवा रहे हैं निर्माण कार्यों को शुरू करने से पहले इस प्रकार की लापरवाही शासकीय विभागों के अधिकारी जानबूझकर करते हैं ताकि निर्माण कार्यों के संबंध में कोई भी जानकारी क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों को ना मिल पाए और आसानी से ही कार्य पूरा हो जाए और भ्रष्टाचार करने की उनकी मंशा भी पूरी हो जाए जगदलपुर वन परिक्षेत्र द्वारा कराए जा रहे उक्त निर्माण के कार्य स्थल का दौरा करने पर यह भी पाया गया कि निर्माण स्थल पर वन विभाग का कोई भी अधिकारी अथवा कर्मचारी उपस्थित नहीं रहा जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्माण कार्य भी केवल मजदूरों के भरोसे ही वन विभाग करवा रहा है जबकि निर्माण स्थल पर विभाग के कर्मचारी अथवा इंजीनियर का होना अनिवार्य होता है इसे आसानी से कल्पना की जा सकती है कि जब शहरी क्षेत्र में इस प्रकार की लापरवाही वन विभाग के अधिकारी बरत रहे हैं तो दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे कार्यों में वन विभाग के अधिकारी कितनी संवेदनहीनता के साथ कार्य कर रहे होंगे कार्य पूरा होने के पश्चात वन विभाग के अधिकारी साइन बोर्ड लगाने के पैसे तक खा जाते हैं मगर साइन बोर्ड नहीं लगाते यह समझना समझ से परे है विभाग के बड़े अधिकारी इस प्रकार के निर्माण कार्य जो शहरी क्षेत्र में चल रहे हैं उनके शुरू होने से पहले या निर्माण कार्य के दौरान भी निर्माण स्थल का दौरा करते हैं या नहीं उनकी कार्यप्रणाली पर भी यह सवाल उठना भी लाजमी है इस मामले में वन विभाग के एसडीओ आशीष कुमार से चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों को शुरू करने से पहले साइन बोर्ड लगाने के संबंध में शासन से कोई भी दिशा निर्देश वन विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है और विभाग निर्माण कार्यों के शुरू होने या पूरा होने के बाद कभी भी साइन बोर्ड लगाने लगाने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र है |

बस्तर वनमंडल : बिना साइन बोर्ड लगाए जगदलपुर वन परिक्षेत्र के अधिकारी करा रहे लाखों के निर्माण कार्य
वरिष्ठ अधिकारियों का संरक्षण या लापरवाही

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भ्रष्टाचार : लाखों रुपए के पुलिया निर्माण के कार्य बिना साइन बोर्ड के वन विभाग के अधिकारी करवा रहे

कहावत है जंगल में मोर नाचा किसने देखा और यह कहावत अगर किसी विभाग में सबसे अच्छी तरीके से फलीभूत होती है तो वह विभाग वन विभाग ही है क्योंकि लाखों के निर्माण कार्य के अलावा कई ऐसे कार्य हैं जिसे वन विभाग के अधिकारी कागजों में पूरा कर राशि आहरण करने के लिए कुख्यात रहे हैं और इसमें काफी हद तक छोटे अधिकारियों को बड़े अधिकारियों का संरक्षण किसी न किसी तरीके से मिलता रहता है जिससे विभाग के लोग शासन को करोड़ों रुपए की क्षति किसी न किसी तरीके से नुकसान पहुंचाते हैं इसी प्रकार से शासन का स्पष्ट निर्देश होता है कि किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले साइन बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है जिसमें निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी देनी होती है जैसे की लागत राशि मजदूरों को देने जाने दिए जाने वाले मजदूरी भुगतान का विवरण के अलावा कार्य की समय सीमा और निर्माण एजेंसी का नाम लिखा जाना होता है लेकिन वन विभाग के अधिकतर निर्माण कार्यों में वन विभाग के अधिकारी लगातार लापरवाही बरत रहे हैं ताजा मामला शहरी क्षेत्र से लगा आमागुड़ा से धुरगुड़ा जाने वाले मार्ग में स्थित वन विभाग के इलाके में दिख रहा है जहां लाखों के पुलिया निर्माण का कार्य जगदलपुर वन परिक्षेत्र के अधिकारी बिना साइन बोर्ड लगाए ही करवा रहे हैं निर्माण कार्यों को शुरू करने से पहले इस प्रकार की लापरवाही शासकीय विभागों के अधिकारी जानबूझकर करते हैं ताकि निर्माण कार्यों के संबंध में कोई भी जानकारी क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों को ना मिल पाए और आसानी से ही कार्य पूरा हो जाए और भ्रष्टाचार करने की उनकी मंशा भी पूरी हो जाए |

जगदलपुर वन परिक्षेत्र द्वारा कराए जा रहे उक्त निर्माण के कार्य स्थल का दौरा करने पर यह भी पाया गया कि निर्माण स्थल पर वन विभाग का कोई भी अधिकारी अथवा कर्मचारी उपस्थित नहीं रहा जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्माण कार्य भी केवल मजदूरों के भरोसे ही वन विभाग करवा रहा है जबकि निर्माण स्थल पर विभाग के कर्मचारी अथवा इंजीनियर का होना अनिवार्य होता है |

इसे आसानी से कल्पना की जा सकती है कि जब शहरी क्षेत्र में इस प्रकार की लापरवाही वन विभाग के अधिकारी बरत रहे हैं तो दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे कार्यों में वन विभाग के अधिकारी कितनी संवेदनहीनता के साथ कार्य कर रहे होंगे |

कार्य पूरा होने के पश्चात वन विभाग के अधिकारी साइन बोर्ड लगाने के पैसे तक खा जाते हैं मगर साइन बोर्ड नहीं लगाते,
यह समझना समझ से परे है विभाग के बड़े अधिकारी इस प्रकार के निर्माण कार्य जो शहरी क्षेत्र में चल रहे हैं उनके शुरू होने से पहले या निर्माण कार्य के दौरान भी निर्माण स्थल का दौरा करते हैं या नहीं उनकी कार्यप्रणाली पर भी यह सवाल उठना भी लाजमी है |

इस मामले में वन विभाग के एसडीओ आशीष कुमार से चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों को शुरू करने से पहले साइन बोर्ड लगाने के संबंध में शासन से कोई भी दिशा निर्देश वन विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है और विभाग निर्माण कार्यों के शुरू होने या पूरा होने के बाद कभी भी साइन बोर्ड लगाने लगाने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र है |

बिना खनिज अनुज्ञा पत्र के गोदावरी इस्पात कंपनी द्वारा खनिज परिवहन पर कार्यवाही की मांग : शिवसेना

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भानूप्रतापपुर, विगत दिनों कर्मचारी फेडरेशन के हड़ताल के दौरान कच्चे आरी डोंगरी में लोहा खदान की लीज धारक गोदावरी इस्पात कंपनी द्वारा बिना अनुज्ञा पत्र के लौह अयस्क रायपुर परिवहन कराया जा रहा था। जो कि एक जघन्य अपराध है। जिसकी कच्चे नाका में जांच होने पर मामले का खुलासा हुआ। जिसकी जांच वन विभाग द्वारा किया जा रहा है किंतु लगभग दो महीना बीतने के बाद। किसी अज्ञात दबाव के चलते वन विभाग द्वारा इस मामले की जांच को अंजाम पर नहीं पहुंचाया जा रहा है। गोदावरी इस्पात कंपनी द्वारा बिना अनुज्ञा पत्र के लौह अयस्क रायपुर ले जाने के मामले की जांच की मांग को लेकर शिवसेना द्वारा वन मंडल अधिकारी पूर्व मंडल भानूप्रतापपुर को ज्ञापन सौंपकर संपूर्ण मामले की जांच कर बिना अनुज्ञा पत्र के लौह अयस्क रायपुर ले जाने वाली गोदावरी इस्पात कंपनी पर कार्यवाही की मांग किया।शिवसेना मांग करती है कि इस मामले की तत्काल जांच की जाए।

सोरगांव में सीएसी के मार्गदर्शन व ऊर्जावान प्रभारी शिक्षक धनेश्वर सिंह ध्रुव के प्रयास से पोषण वाटिका तैयार किया

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भानपुरी खंड बस्तर के सोरगांव संकुल के अंतर्गत संचालित प्राथमिक शाला सोरगांव में सीएसी के मार्गदर्शन व ऊर्जावान प्रभारी शिक्षक धनेश्वर सिंह ध्रुव के प्रयास से पोषण वाटिका अर्थात किचन गार्डन तैयार किया गया है जिसमे मौसमी सब्जी जैसे बरबट्टी, भिंडी, मूली, तोरई, पपीता व झीरा भाजी आदि का फसल लिया जा रहा है। आज भी स्कूली बच्चों के लिए किचन गार्डन से ही समूह की महिलाओं ने ताजा बरबट्टी तोड़कर मध्यान्ह भोजन में उपयोग किए।

फसल उगाने से पहले समूह की महिलाएं और शिक्षक पोषण वाटिका तैयार करने के लिए मिट्टी तैयार करती हैं। इस क्षेत्र के सीएसी डमरू दास पंत ने बताया कि इस संकुल के लगभग तीन चार स्कूलों में पोषण वाटिका तैयार की गई हैं। और अगले वर्ष जहां भी अहाता बना है वहां भी इसी तरह का पोषण वाटिका तैयार करने हेतु शिक्षकों से अपील किया जाएगा। पोषण वाटिका से ताजा सब्जी तो मिलता ही है और रसायनिक खाद रहित सब्जी उगाने का प्रयास रहता है।

संयुक्त टीम ने किया कोंडागांव मटन मार्केट का औचक निरीक्षण

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अमरेश झा

कोंडागाँव के सयुंक्त टीम द्वारा कोंडागाँव मटन मार्केट का सुबह 7 बजे आकस्मिक निरिक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कटने के लिए लाये गए 52 बकरी – बकरो का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें अस्वस्थ पाए गए 5 बकरी को तत्काल पशुचिकित्सालय भेजकर उपचार करवाया गया। सयुंक्त टीम के द्वारा पशुवध गृह के समस्त मालिको का पंजीयन करवाने का निर्णय लिया गया एवं सोमवार को नगरपालिका में पंजीयन हेतु आवेदन प्रस्तुत करने निर्देश दिये गये जिसके उपरांत अपंजीकृत दुकानदारों पर कार्यवाही की जावेगी। भारत सरकार के निर्देशानुसार समस्त पशुवध गृह का पंजीयन किया जाना प्रस्तावित है जिससे उचित रूप से सभी पशुओ का एंटिमोर्टेम परीक्षण में पास होने पर ही मटन विक्रय हेतु काटा जाएगा। डॉ नीता मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में मनुष्यों में होने वाले 60 प्रतिशत बीमारी पशुओ से आते है इसलिए समस्त पशुओ का स्वस्थ परीक्षण करना अनिवार्य है। अव्यवस्थित परिसर में फैली गंदगी पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी दिनेश डे ने बताया कि सभी पशुवध गृहो के मालिकों को पंजीयन उपरांत व्यवस्थित तरीके से काउंटर आवंटित किये जाएंगे एवं परिसर की सफाई हेतु विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया जाएगा।

अब होगा हर घर में नल, हर नल में जल ―विधायक चंदन कश्यप

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अमरेश झा

नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक व छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल जल प्रदान योजना कार्य का भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए और कांगा लागत 175.95 लाख टेकापाल लागत 69.65 लाख छोटेकुरूषनार लागत 75.26 लाख का भूमिपूजन किए साथ ही कांगा हाई स्कूल में सरस्वती योजना के तहत बालिकाओं को सायकल भी वितरण किए साथ टेकापाल में 200 मीटर का सी सी रोड पुंगारपाल में रंगमंच लागत 2 लाख और छोटेकुरूषनार में 200 मीटर सी सी रोड 6 लाख का घोषणा किए।

इस दौरान विधायक ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल हर नल में जल देने का लक्ष्य है हमारे सरकार की और इस योजना से सभी वर्ग के लोगो के घर तक फ्री में नल कनेक्शन होगा और प्रत्येक घर तक पानी पहुंचेगा जिससे ग्राम वाशी को काफी लाभ मिलेगा साथ ही इस क्षेत्र में बीते कई सालो से भाजपा ने राज किया लेकिन भाजपा के मंत्री केदार कश्यप और उनके कार्यकताओं के क्षेत्र के लोगों को सिर्फ और सिर्फ शोषण करने का काम किया है ना तो इस क्षेत्र में विकाश कार्य हुए थे नहीं ही इस क्षेत्र के लोगो की तकलीफ दिखती थी जबसे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भूपेश बघेल की सरकार आई है तब से लगाते क्षेत्र में विकाश कार्य हो रहे है

साथ विधायक प्रतिनिधि वरुण सेठिया ने भी तीखी अंदाज से भाजपा के पूर्व मंत्री केदार कश्यप को साधते हुए कहा की 15 साल क्षेत्र में राज किए लेकिन सिर्फ क्षेत्र के लोगो को ठगने का काम किया है और मंत्री रहते हुए अपने पत्नी को फर्जी पेपर दिला सकता है उसी तरह से क्षेत्र में विकाश कार्य करने का फर्जी कम किया है और सिर्फ कार्यकर्ताओ का जेब भरने का काम किया है

इसी बीच ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुखराम पोयम ने भी संबोधित करते हुए कहा की जबसे क्षेत्र में चंदन कश्यप विधायक बने है तबसे क्षेत्र में लगातार विकास कार्य हो रहे है और मै आपको बता दूं कि विधायक की मंशा है की क्षेत्र में लगातार विकाश कार्य हो जबसे विधायक बने है तब से मर्दापाल क्षेत्र में तहसील स्वामी आत्मानंद स्कूल आई टी आई हॉस्पिटल रोड पुल पुलिया प्रत्येक गांव में माता मंदिर घोटुल और प्रत्येक घर में जल जीवन मिशन के तहत पानी पहुंचने का और इसी प्रकार की सरकार की कई योजनाओ को जनता तक पहुंचने का काम कर रहे है

टेकापाल के उपसरपंच जगर नाथ ने कहा की छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार और क्षेत्र में चंदन कश्यप विधायक बने है तब से हमे आदिवासी भाई को पुलिस वाले नक्सली बोल कर परेशान नहीं कर रहे हैं और विधायक जी को जो भी समस्या को अवगत कराते है उसे तत्काल समस्या का निवारण करते है

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुखराम पोयम, विधायक प्रतिनिधि वरुण सेठिया,जिला सदस्य रेशमा दीवान,जनपद सदस्य शिव कोर्राम प्रमिला बघेल,जगरनाथ रति मोती भोयर मोती कश्यप,हरी मंडावी,रमेश मंडावी,पवन बघेल,रसूल,गंदरु राम यादव,रति नाग,

अब होगा हर घर में नल, हर नल में जल ―विधायक चंदन कश्यप

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अमरेश झा

नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक व छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल जल प्रदान योजना कार्य का भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए और कांगा लागत 175.95 लाख टेकापाल लागत 69.65 लाख छोटेकुरूषनार लागत 75.26 लाख का भूमिपूजन किए साथ ही कांगा हाई स्कूल में सरस्वती योजना के तहत बालिकाओं को सायकल भी वितरण किए साथ टेकापाल में 200 मीटर का सी सी रोड पुंगारपाल में रंगमंच लागत 2 लाख और छोटेकुरूषनार में 200 मीटर सी सी रोड 6 लाख का घोषणा किए।

इस दौरान विधायक ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल हर नल में जल देने का लक्ष्य है हमारे सरकार की और इस योजना से सभी वर्ग के लोगो के घर तक फ्री में नल कनेक्शन होगा और प्रत्येक घर तक पानी पहुंचेगा जिससे ग्राम वाशी को काफी लाभ मिलेगा साथ ही इस क्षेत्र में बीते कई सालो से भाजपा ने राज किया लेकिन भाजपा के मंत्री केदार कश्यप और उनके कार्यकताओं के क्षेत्र के लोगों को सिर्फ और सिर्फ शोषण करने का काम किया है ना तो इस क्षेत्र में विकाश कार्य हुए थे नहीं ही इस क्षेत्र के लोगो की तकलीफ दिखती थी जबसे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भूपेश बघेल की सरकार आई है तब से लगाते क्षेत्र में विकाश कार्य हो रहे है

साथ विधायक प्रतिनिधि वरुण सेठिया ने भी तीखी अंदाज से भाजपा के पूर्व मंत्री केदार कश्यप को साधते हुए कहा की 15 साल क्षेत्र में राज किए लेकिन सिर्फ क्षेत्र के लोगो को ठगने का काम किया है और मंत्री रहते हुए अपने पत्नी को फर्जी पेपर दिला सकता है उसी तरह से क्षेत्र में विकाश कार्य करने का फर्जी कम किया है और सिर्फ कार्यकर्ताओ का जेब भरने का काम किया है

इसी बीच ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुखराम पोयम ने भी संबोधित करते हुए कहा की जबसे क्षेत्र में चंदन कश्यप विधायक बने है तबसे क्षेत्र में लगातार विकास कार्य हो रहे है और मै आपको बता दूं कि विधायक की मंशा है की क्षेत्र में लगातार विकाश कार्य हो जबसे विधायक बने है तब से मर्दापाल क्षेत्र में तहसील स्वामी आत्मानंद स्कूल आई टी आई हॉस्पिटल रोड पुल पुलिया प्रत्येक गांव में माता मंदिर घोटुल और प्रत्येक घर में जल जीवन मिशन के तहत पानी पहुंचने का और इसी प्रकार की सरकार की कई योजनाओ को जनता तक पहुंचने का काम कर रहे है

टेकापाल के उपसरपंच जगर नाथ ने कहा की छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार और क्षेत्र में चंदन कश्यप विधायक बने है तब से हमे आदिवासी भाई को पुलिस वाले नक्सली बोल कर परेशान नहीं कर रहे हैं और विधायक जी को जो भी समस्या को अवगत कराते है उसे तत्काल समस्या का निवारण करते है

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुखराम पोयम, विधायक प्रतिनिधि वरुण सेठिया,जिला सदस्य रेशमा दीवान,जनपद सदस्य शिव कोर्राम प्रमिला बघेल,जगरनाथ रति मोती भोयर मोती कश्यप,हरी मंडावी,रमेश मंडावी,पवन बघेल,रसूल,गंदरु राम यादव,रति नाग,

शशांक तिवारी बने बालोद जिला बजरंग दल संयोजक

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दल्ली राजहरा :- विश्व हिंदू परिषद जिला बालोद की बैठक सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित किया गया इस बैठक में विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष सरल मोदी प्रांत सह मंत्री नंदू राम साहू बजरंग दल छत्तीसगढ़ के प्रांत संयोजक ऋषि मिश्रा राजनांदगांव विभाग के मंत्री अरुण गुप्ता विश्व हिंदू परिषद बालोद जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता की प्रमुख उपस्थिति में कल बालोद जिला बजरंग दल के नए जिला संयोजक के रूप में दल्ली राजहरा नगर के युवा व हिंदू धर्म समाज के मजबूती के लिए सक्रियता से कार्य करने वाले शशांक तिवारी को बालोद जिला संयोजक बजरंग दल का नवीन दायित्व दिया गया शशांक तिवारी को जिला संयोजक बजरंग दल बनाए जाने पर बालोद जिला विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष बलराम गुप्ता कार्यकारी अध्यक्ष दुष्यंत गिरी गोस्वामी जिला उपाध्यक्ष बंसी रावटे, जिला उपाध्यक्ष निलेश श्रीवास्तव, जिला कोषाध्यक्ष स्वाधीन जैन, जिला मंत्री राज सोनी, जिला मातृशक्ति संयोजिका श्रीमती सत्या साहू,

सह संयोजिका योगिता साहू, शंकर साहू अध्यक्ष दल्ली राजहरा,ढाल साहू अध्यक्ष डौंडीलोहारा, लोकेश साहू अध्यक्ष गुरुर, भरत साहू अध्यक्ष गुंडरदेही, श्रीमती श्वेता राजपूत मातृ शक्ति संयोजिका गुरुर, श्रीमती नंदा पसीने सह संयोजिका दल्ली राजहरा, संयोजिका दल्ली राजहरा श्रीमती जानकी यादव, श्रीमती रोम राय,रामु भारती,कौशल शर्मा, बोधन भट्ट,परस साहू,चंद्रभान निषाद,मनीष महोबिया,तेजेन्द्र बंटी, त्रिलोकी ठाकुर, मंत्री खूब लाल चंद्राकार ,चिमन देशमुख रमेश हरदेल हेमंत देशमुख, कार्यकारी अध्यक्ष दिलीप बांडे,कार्य.अध्यक्ष अर्जुन राय ,विजय सिंह, विजय साहू, विजय कुशवाहा, नितिन सहारे ,विक्की जयसवाल,कुणाल कथूरिया,गजेंद्र दास,सहित विश्व हिंदू परिषद बालोद जिला के सभी कार्यकर्ताओं ने शशांक तिवारी को बधाई दिया व इस नियुक्ति पर खुशी जाहिर की।

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शोभारानी ठाकुर को प्रज्ञ शिक्षक अलंकरण सम्मान

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जगदलपुर । शकुंतला फाउंडेशन छत्तीसगढ़ द्वारा रायपुर के वृंदावन हॉल में राष्ट्र निर्माता शिक्षकों के सम्मान के लिए प्रज्ञ शिक्षक अलंकरण सम्मान समारोह आयोजित किया गया जिसमें छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से आए हुए शिक्षकों का सम्मान किया है

यह सम्मान उन शिक्षकों को दिया गया जो अपनेशिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे है ।

सम्मान समारोह में दंतेवाड़ा बस्तर गरियाबंद बेमेतरा कवर्धा दुर्ग रायपुर सरगुजा धमतरी और आदि जिलों शिक्षक आए हुए थे, आजादी के अमृत महोत्सव को देखते हुए 75 शिक्षकों का सम्मान किया गया और साथ ही इसमें कुछ समाजसेवी जो कि समाज
को कुछ बेहतरीन शिक्षा दे रहे थे उन्हें भी सम्मानित किया गया।

नगर के नेगीगुड़ा कस्तूरबा गांधी आश्रम में अधीक्षिका के रूप में कार्यरत शोभारानी ठाकुर को शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने के लिए ये सम्मान प्रदान किया । ज्ञात रहे कि शोभा रानी ठाकुर शिक्षक की कार्य के अतिरिक्त नगर में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं

मधु तिवारी, पूर्णिमा सरोज, प्रज्ञा सिंह, कमल राजपुरोहित के साथ डॉ गीता सिंह, डॉ आनंद सिंह, डॉ उदयभान सिंह चौहान, रजनी वर्मा, अनीता मंडावी सीमा कठाने, रीठा साहू, गंगा शरण पासी, प्रेमलता ठाकुर, शहनाज लोकेश वर्मा, निभा रानी मधु भारती वर्मा आदि का सम्मान किया गया।

सम्मान समारोह में सेवानिवृत्त 78, वर्ष की सुश्री विद्या नायडू जी भी को शाल श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया । इस सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि हेमचंद विश्वविद्यालय की कुलपति महोदया डॉ अरूणा पलटा अध्यक्षता श्रीमती शकुंतला ठाकुर विशिष्ट अतिथि नितिन भंसाली दिनेश टांक थे। शकुंतला फाउंडेशन से अध्यक्ष स्मिता सिंह संरक्षक संरक्षक संजय सहगल, सदस्य सुषमा पटनायक, यशवंत साहू, राजेंद्र प्रसाद, दिनेश ठाकुर आदि उपस्थित थे सभी शिक्षकों ने सम्मान समारोह आयोजित करने के लिए शकुंतला फाउंडेशन छत्तीसगढ़ का आभार व्यक्त किया ।

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