बोहडीडेम में मिले शव की हुई शिनाख्त मौके पर पुलिस ने पहुंचकर शव को डेम से बाहर निकाला युवक की पहचान दल्ली राजहरा के युवा व्यवसायी कबीर तुली के रूप में की गई जोकि चिखलाकसा का निवासी है दल्ली राजहरा में सम्मानित व्यवसायी एवं ट्रांसपोर्ट परिवार से संबंध रखता है सहज सरल एवम व्यवहारिक युवा व्यवसायी का इस तरह असमय निर्धन होने से शहर के लोग अचंभित हैं पुलिस द्वारा अब जांच का विषय है कि युवा व्यवसायी द्वारा अपने वाहन से जाकर आत्महत्या की या उस कि हत्या की गई इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवम पुलिस द्वारा जांच के पश्चात की जाएगी
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दल्ली राजहरा-बोडीडेम में घुमने गए लोगो द्वारा अज्ञात लाश को देखकर जिसकी सूचना स्थानीय लोगों को दी गई जिसके बाद यह सूचना थाने को दी गई समाचार लिखे जाने तक मौके पर पुलिस नहीं पहुंची थी तैरती हुई लाश देखकर लोगों के मन में दहशत का वातावरण है बॉडी उल्टी होने के कारण पहचान नहीं हो पा रही है ।
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जगदलपुर वैसे तो बस्तर में डेंगू का प्रकोप पिछले तीन महीनों से जारी रहा है। लगातार आ रही खबरों और आंकड़ों से हम लगातार बस्तर में अलग अलग ?लॉक में स्थितियों की जानकारी लेते रहें है। लेकिन आज की स्थिति में डेंगू पर काफी हद तक काबू पाया जा चुका है। जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी श्री आर के चतुर्वेदी ने बताया कि बस्तर जिले का वातावरण और जलवायु मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल होता है जिसकी वजह से यहाँ हर बार लोगों को डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। डेंगू एक वायरल डीजिस हैं और यह एडिस मच्छर के द्वारा एक संक्रमित मच्छर से दूसरे स्वास्थ्य व्यक्ति में फैलता है। इसका लक्षण संक्रमण के 5 दिन बाद दिखाई देता है। जिसमें तेज बुखार, आँखों के पिछले हिस्से में दर्द, जोड़ों में दर्द और मांसपेशियों में ऐंठन जैसी स्थिति का सामना मरीज को करना पड़ता है। यह दर्द 3-4 दिन रहता है। 5 से 7 दिनों के भीतर वह ठीक हो जाता है। डेंगू से ग्रसित व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा द्रव्य आहार का सेवन करना चाहिए। आराम करना चाहिए और यदि बुखार है तो चिकित्सक की सलाह से दवाओं का सेवन करें। कई बार मरीज बिना किसी चिकित्सकीय सलाह लिए, कैसे भी दर्द निवारक दवाइयों का सेवन करके केस बिगाड़ लेते हैं, ऐसी स्थिति से बचना चाहिए। अपने आस पास के स्वास्थ्य केंद्र से आप अधिक जानकारी ले सकतें हैं। उन्होंने आगे बताया कि हमारे जिले में इसके उपचार कि समुचित व्यवस्था है। अगर किसी मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है तो मेडिकल कॉलेज में उसकी भी उड्डाम व्यवस्था है। रोग के नियंत्रण और रोकथाम के उपाय के लिए जब से हमें पहली बार डेंगू के मरीज मिलने शुरू हुए तब से ही सजगता से विभागीय कर्मी और अमला लगा हुआ है। जून के अंतिम सप्ताह से डेंगू के केसेस आने शुरू हुए थे तब से ही हमारे द्वारा रैपिड रीस्पान्ड टीम बनाया गया है, हमारा कंट्रोल रूम बनाया गया है और प्रतिदिन घर घर सर्वे करनें के लिए एक टीम गठित की गई है जो संक्रमण फैलाव रोकने का कार्य करती है, मरीजों का फॉलो अप का कार्य इनके द्वारा किया जाता है। प्रचार प्रसार और मरीजों की काउन्सीलिंग का कार्य भी निरंतर चल रहा है। कलेक्टर महोदय की दिशानिर्देश के द्वारा, हमने इसके लिए अंतर्विभागीय समन्वय की बैठक में राजस्व विभाग, नगर निगम, आई सी डी एस और और शिक्षा विभाग जैसा अमला भी हमारे साथ मिलकर काम कर रहा है। इसके बदौलत हम बहुत अच्छी योजना बनाकर कार्य कर रहें हैं, जिसमें डेंगू आज की स्थिति में काफी नियंत्रित हुआ है। पिछले एक हफ्ते में डेंगू के मामलों में गिरावट देखी गई है। जांच भी लगातार उतना ही किया जा रहा है। हम उ्मीद कर सकतें हैं कि डेंगू का संक्रमण जो हमारे शहर और आस पास के इलाकों में हो रहा है, उससे बहुत जल्दी पूरी तरह से निजात पा ली जाएगी। उन्होंने आगे आंकड़ों की चर्चा करते हुए कहा कि पिछले एक हफ्ते में कुल 20 के औसत के आसपास डेंगू के प्रकरण पूरे जिले में हैं। वहीं मलेरिया के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि मलेरिया हमारे लिए एक एंडेमीक डीसिस के रूप में है। मलेरिया के उन्मूलन के लिए शासन के दिशानिर्देशानुसार हम कटिबद्ध हैं। इसके लिए 2020 में विशेष अभियान मलेरिया मुक्त बस्तर के नाम से प्रारंभ हुआ। जिसके तहत बस्तर जिले में इसका प्रभाव बहुत व्यापक रहा। इसकी वजह से एपीआई में लगातार गिरावट दर्ज किया गया है। पूरे छत्तीसगढ़ में समस्त आदिवासी इलाकों में यह अभियान चलाया गया है। इस अभियान के तहत हमारे विभाग ने प्रत्येक घर प्रत्येक व्यक्ति की जांच करके हमें पता चला कि बहुत से ऐसे लोग थे जिन्हे मलेरिया का कोई लक्षण नहीं था, परंतु उन लोगों में भी पैरासाइट पाया गया। इससे हमें पता चल कि 50 से 60 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जिनके शरीर लक्षण रहित मलेरिया के पैरासाइट के कैरियर के रूप में कार्य कर रहें हैं। वही संक्रमण का बहुत बड़ा स्त्रोत था। तो इस अभियान के दौरान ऐसे लोगों की पहचान हुई, और अब तक 6 चरणों में इस अभियान को संचालित किया गया है। और इसमें 20 के आसपास हमारा वार्षिक परजीवी सूचकांक था, वह पिछले वर्षकरीब 8 तक आ चुका था। वर्तमान 2021-22 में यह सूचकांक 2 तक आ चुका है। यह कहा जा सकता है की यह हमारे जिले के लिए एक बहुत बड़ी सफलता है। भविष्य में हमें एनिमिया और कुपोषण पर भी अच्छा असर इस नियंत्रण की वजह से दिखाई देगा।
रायपुर : संयम, तपस्या त्याग , का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मधुबन हनुमान नगर ,कालीबाड़ी निवासी सुश्री प्राची पारख ने चातुर्मास में 30 उपवास कर राष्ट्र संत श्री ललितप्रभ जी महाराज सा का आशीर्वाद प्राप्त किया , राष्ट्र संत ने स्वयं सुश्री प्राची पारख के निवास में दर्शन देकर अनुमोदना की और पारणा करवाया। गौरतलब है की राष्ट्र संत श्री ललितप्रभ जी महाराज सा और मुनि डॉ शांतिप्रिय जी महाराज सा के सानिध्य में आयोजित लोक कलयाणकारी चातुर्मास में तपस्वी सुश्री प्राची पारख के मास क्षमण की तपस्या पर श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट , जैन दादाबाड़ी , रायपुर व दिव्य चातुर्मास समिति , रायपुर ने अभिनन्दन किया है। इस अवसर पर सुश्री प्राची पारख के परिजन मदनलाल जी पारख , मनोज पारख , नवीन पारख , संभव पारख श्रीमति नगीना पारख , श्रीमती रेखा पारख उपस्थित थे।
संयुक्त खदान मजदूर संघ राजहरा का प्रतिनिधि मंडल माइंस हॉस्पिटल राजहरा की समस्याओं को लेकर डॉ मनोज डहरवाल, प्रभारी माइंस हॉस्पिटल राजहरा एवं मुख्य महाप्रबंधक (खदान एवं रावघाट) श्री समीर स्वरूप से चर्चा की। सचिव कमलजीत सिंह मान ने कहा कि माइंस हॉस्पिटल के मेल एवं फीमेल वार्ड में सुविधाओं का अभाव है, वहां पंखे कूलर आदि ठीक ढंग से नहीं चलते हैं। कूलर खराब पड़े हुए हैं। माइंस में आने वाले मरीजों को उचित सुविधा मिले, इसके लिए वार्डो को आधुनिक बनाया जाए। वार्डो में एयर कंडीशनर लगवाया जाय ताकि मरीजों को सुविधा हो तथा वार्ड में उन्हें आराम मिल सके।
अस्पताल में उपलब्ध अल्ट्रासाउंड मशीन काफी लंबे समय से खराब है, जिसकी मरम्मत के लिए बीच-बीच में उच्च प्रबंधन से यूनियन द्वारा इसके संबंध में चर्चा की जाती रही है, लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीन अभी दो ढाई साल के बाद भी ठीक नहीं हो पाई है।
अभी पिछले महीने एक्स रे मशीन खराब हो गई है, जिसके कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों की समस्या को देखते हुए जल्द से जल्द अल्ट्रासाउंड मशीन एवं एक्सरे मशीन को राजहरा माइंस हॉस्पिटल में मरम्मत कर उपलब्ध करवाया जावे।
प्रतिनिधियों ने आगे कहा कि माइंस हॉस्पिटल में अनेक सामान्य उपयोग की दवाइयां भी कई बार उपलब्ध नहीं रहती हैं, जैसे एमोक्सिसिलिन टेबलेट, खांसी का सिरप आदि उपलब्ध नहीं रहता है। माइंस हॉस्पिटल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की जानी चाहिए जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, ई एन टी एवं चाइल्ड स्पेशलिस्ट तुरंत आना चाहिए। इसी प्रकार नर्सिंग स्टाफ की बहुत कमी है तथा आने वाले 2 सालों में कुछ नर्स रिटायर हो जावेगी, जिससे उनकी और भी कमी हो जाएगी। इसलिए नर्सिंग स्टाफ की भर्ती की जावे। हॉस्पिटल में ड्रेसर व अटेंडेंट की भी कमी है ड्रेसर और अटेंडेंस की नियुक्ति की जावे। कैजुअल्टी में महिलाओं के वॉशरूम में अंदर से सिटकनी तक नहीं है, जो कि कभी कभी अप्रिय स्थिति पैदा कर देता है। दरवाजे की भी हालत एकदम जर्जर है, इस संबंध में सिविल विभाग में शिकायत दर्ज कराई गई है लेकिन आज तक ठीक नहीं हुआ।
प्रतिनिधियों ने यह मांग की कि वार्ड में ईसीजी मशीन की व्यवस्था की जावे। हॉस्पिटल में अभी पैथोलॉजी में कल्चर टेस्ट, विडाल टेस्ट आदि टेस्ट नहीं हो रहे हैं। पैथोलॉजी लैब में आवश्यक अधिक से अधिक टेस्ट हो सके इस प्रकार की व्यवस्था की जावे।
चर्चा में कमलजीत सिंह मान, दान सिंह चंद्राकर, आर पी बारेठ, तोरण लाल साहू, राजेश कुमार साहू, कुलदीप सिंह, पवन कुमार गंगबोईर, मोतीलाल जार्ज, श्रीनिवासलू, अखिलेश मसीह, सोमित कुमार साहू, समसुद्दीन अंसारी, धनराज साहू, आरबी सिंह, ओ पी शर्मा, श्याम सुंदर, प्रीतम पटेल, अरविंद पाठक आदि उपस्थित थे।
कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लाक मुख्यालय से पश्चिम दिशा की ओर महज 8 किलोमीटर दूर ग्राम झाटीबन आलोर की पहाड़ी में स्तिथ मां लिंगेश्चरी के गुफा का द्वार वर्ष में एक बार ही खोला जाता है इस वर्ष भादो माह की शुक्ल पक्ष की 12 वी तिथि 07 सितंबर दिन बुधवार को यह द्वार खोला जायेगा, गुफा के पट खुलने का इंतजार क्षेत्र वासियों के साथ साथ समस्त देश वासियो को रहता है क्योकि माँ लिंगेश्वरी के दरबार में संतान की मनो कामना के साथ साथ अनेक कामनाओ को लेकर श्रद्धालु यहां पहुंचते है ।
आपको बता दे की देवी देवताओं की धार्मिक आस्था के लिए विश्व प्रसिद्ध बस्तर के खूबसूरत वादियों में ग्राम झाटीबन आलोर के पहाड़ों के बीच एक गुफा में माँ लिंगेश्वरी विराजमान हैं, जहां प्रतिवर्ष हजारो की संख्या में स्थानीय भक्तो के साथ साथ भिन्न भिन्न प्रांतो से संतान की मनोकामना के लिए माथा टेकने सपरिवार आते है, अधिकांश नि: संतान दम्पति संतान प्राप्ति के लिए यहां आते हैं, समिति के सदस्य और पुजारियों द्वारा सुबह सुबह लिंगेश्वरी मां की विधिविधान पूर्वक पूजा अर्चना की जाती है और श्रद्धालुओं को माँ लिंगेश्वरी के दर्शन गुफा के द्वार के पास से कराये जाते है श्रद्धांलुओं के दर्शन पश्चात रात में गुफा पट बंद कर दिया जाता है और श्रद्धांलुओं को माँ के दर्शन के लिए एक वर्ष का इंतजार करना पड़ता है ।
गुफा के द्वार खुलते ही होता है क्षेत्र के भाग्य का फैसला माँ लिंगेश्वरी सेवा समिति झाटी बन आलोर ने बताया की प्रति वर्ष द्वार बंद करने के दौरान गुफा के अंदर रेत बिछाई जाती है और द्वार खोलने पर बिछी हुई रेत में जो पद चिन्ह जिस दिशा की ओर दिखाई देते है वह उस क्षेत्र के विकास, सुख शांति, खुशहाली और भय आतंक विवाद को दर्शाता है जैसे गाय, हाथी, शैर के पद चिन्ह क्षेत्र की धन धान्य और खुशहाली को दर्शाता है वही तेंदुआ, बिल्ली, मनुष्य के पैर का निशान वाद विवाद, भय एवं आतंक को दर्शाता है ।
संतान की मन्नत मांगने वाले पति पत्नी को नाखुन से फाड़ कर खाना होता है खीरा
माँ लिंगेश्वरी के दरबार में सन्तान प्राप्ति के लिए भक्तो द्वारा खीरा को माँ लिंगेश्वरी को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है और पुजारी द्वारा पुजा अर्चना पश्चात पत्नी की झोली में वापस दिया जाता है उसी पहाड़ी में बैठकर पति द्वारा नाखुन से खीरे के दो भाग कर एक भाग पति और एक भाग पत्नी को खाना होता है ।
एक दिन खुलने वाली गुफा में सामाजिक समरसता
माँ लिंगेश्वरी मंदिर के पट खुलने से पूर्व से लेकर पट के बन्द होने तक सभी समाज के लोगो की अलग अलग जिमेदारिया बटी हुई है यादव समाज के द्वारा मंदिर स्थल में पानी और सामग्री लाकर खीर और आटे का प्रसाद बनाकर चढाया जाता है वही माली के द्वारा फुल की व्यवस्था, कुम्हार समाज के द्वारा हंडी दीया धुप आरती की व्यवस्था, अंधकुरी समाज के द्वारा बाजा मोहरी बजाया जाता है एवं अन्य समाज को भी अलग अलग जिम्मेदारी दी जाती है समस्त समाज द्वारा अपने कार्यो का निर्वाह श्रद्धा पूर्व किया जाता है उसी के पश्चात माँ लिंगेश्वरी मेला सम्पूर्ण माना जाता ।
मन्नत माँगने और पूर्ण होने वाले श्रद्धालओ की संख्या. साल में एक दिन खुलने वाली माँ लिंगेश्वरी गुफा के द्वार में 2016 से 2019 तक 4 वर्षो में 3690 श्रद्धांलुओं संतान की मनोकामना लेकर माथा टेका था जिसमे से 1204 श्रद्धांलुओं की मन्नत पूर्ण हुई थी वही विगत दो वर्षो से कोरोना महामारी के चलते गुफा के द्वार को भक्तो के लिए बंद रखा गया था इस वर्ष माँ लिंगेश्वरी का द्वार 7 सितम्बर खोला जायेगा जिसमे श्रद्धांलुओं के अत्याधिक पहुंचने की सम्भावना बताई जा रही है ।
दिनांक 03.09.2022 बैंक सुरक्षा मापदंडों को बेहतर बनाने, एटीएम कॉर्ड का सुरक्षित उपयोग, डेबिट,क्रेडिट कार्ड पिन, व अकाउंट से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा न करने, खाताधारकों को अवेयर करने जैसी महत्तवपूर्ण विषयों पर चर्चाएं हुई।
आज दिनांक 03.09.2022 को श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जितेंद्र कुमार यादव के निर्देशन में अति. पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर, व एसडीओपी प्रतीक चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में निरीक्षक साइबर सेल प्रभारी दिलेश्वर चंद्रवंशी के नेतृत्व में जिला बालोद के समस्त बैंक प्रबंधकों के मध्य मीटिंग मिनट्स आयोजित की गई। उक्त मीटिंग में बैंक प्रबंधकाें से उनके बैंक के अंदरूनी एवं बाहरी परिसर में CCTV कैमरा लगाने एवं उसकी उचित रखरखाव, बैंक व एटीएम में अनिवार्य रूप से सुरक्षा गार्ड तैनात करने तथा आपातकालीन साइरन लगाने, नजदीकी पुलिस कंट्रोल रूम एवं थाना का मोबाईल नंबर सभी बैंक एटीएम में लिखे होने,
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बैंकिग परिसर में संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने व ऐसी सूचना त्वरित नजदीकी पुलिस थाने को देने, जैसे बैकिंग एटीएम सुरक्षा मापदंडो का जायजा लेकर उनके उचित सुरक्षा हेतु समस्त प्रबंधकों को सुझाव दिए गए, तथा ऑनलाइन/फाइनेंशियल फ्रॉड से बचाव हेतु अवेयरनेस खाता से संबंधित गोपनीय जानकारी एटीएम पिन, कार्ड नंबर, सीवीवी कोड, किसी अनजान व्यक्ति को साझा न करने, थर्ड पार्टी मोबाईल बैंकिंग UPI फोनपे, गुगलपे, जैसे एप्स का सुरक्षित उपयोग करने बैंक खाताधारकों की फाइनेशियल सुरक्षा व सुझाव को लेकर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चाएं हुई। मीटिंग में जिले के समस्त बैंक प्रबंधक व साइबर सेल टीम बालोद उपस्थित हुए।
पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरिश राठौर जिला बालोद व नगर पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की के मार्गदर्शन में अवैध शराब एवं जुआ सट्टा के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत थाना राजहरा में दिनांक 02.09.2022 को मुखबीर सूचना के आधार पर थाना राजहरा स्टाफ के द्वारा वार्ड 25 पुराना सब्जी मंडी मैदान के पास आरोपी गुरूदेव सिंह पिता सुदर्शन सिंह उम्र 28 वर्ष साकिन वार्ड क0 04 टेबलर सेट राजहरा थाना राजहरा जिला बालोद के कब्जे से 24 पौवा देशी प्लेन शराब जुमला 4320 एम0एल0 कीमती 1920 रूपये एवं शराब बिकी की नगदी रकम 600 रूपये को जप्त किया जाकर आरोपी के विरूद्ध अपराध धारा 34()क,ख आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही किया गया। उक्त अभियान कार्यवाही में थाना राजहरा से सउनि सूरज साहू, आरक्षक मनोज साहू का सराहनीय भूमिका रही।
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लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के अधीन मुख्यालय स्तर पर बस्तर, बलौदाबाजार, बलरामपुर, बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग, जाजगीर-चांपा, कबीरधाम, कोरबा कोरिया, महासमुंद, मुगेली रायगढ़ रायपुर, राजनांदगांव सरगुजा, सूरजपुर, कांकेर में चीफ, डिप्टी एवं अस्सिटेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल की नियुक्ति के लिये रिक्त पदों पर अर्हता प्राप्त व्यक्तियों से निर्धारित प्रपत्रों में आवेदन पत्र दिनांक 05 सितंबर 2022 शाम 5.00 बजे तक आमंत्रित किये गए हैं। विस्तृत विज्ञापन एवं आवेदन पत्र का प्रारूप छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के www. cgslsa.gow.in से डाउनलोड किया जा सकता है अथवा छत्तीसगढ़ ईसराज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जगदलपुर जिला – बस्तर के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है, तथा आवेदन, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जगदलपुर जिला- बस्तर के समक्ष जमा किया जा सकता है।