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लौह अयस्क की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगा कर एएम/एनएस को बेवजह किया गया बदनाम

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झूठे आरोपों से एएम/एनएस की छवि हुई धूमिल

किरंदुल – विगत दिनों बैलाडीला से लौह अयस्क (आलू माल) तस्करी करते हुए, तीन ट्रक को वन विभाग द्वारा पकड़ा गया था। पकड़े गए आरोपियों द्वारा आर्सेलरमित्तल निप्पन स्टील की वेस्ट मटेरियल ट्रक में होने की बात कही गई थी। इस संबंध में एएम/एनएस द्वारा सारे आरोपों का खंडन करते हुए प्रेसविज्ञप्ति जारी किया गया। कंपनी ने कहा कि दिनांक 20-21 अप्रैल 2022 को विभिन्न समाचार पत्रों एवं न्यूज़ पॉर्टल्स में प्रकाशित हुई तथाकथित लौह अयस्क तस्करी से संबंधित ख़बरों में आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया कंपनी का नाम उल्लेखित करते हुए मामले में संलिप्तता का आरोप लगाया गया है। इस मामले में एएमएनएस इंडिया द्वारा अधिकारिक रूप से स्पष्टीकरण देते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी की जा रही है. कथित तीन ट्रकों में आयरन डस्ट के साथ आलू पत्थर की कथित अवैध परिवहन के मामले में आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया कंपनी की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई संलिप्तता नहीं है।

उक्त मामले में ज़ब्त किए गए ट्रकों एवं उसमें ले जाए जा रहे सामानों से कंपनी का कोई संबंध नहीं है। उक्त ट्रक ड्राइवर के पास एएमएनएस कम्पनी का कोई भी अधिकृत दस्तावेज नहीं है। यदि किसी भी प्रकार के काग़ज़ात प्रस्तुत किए गए हैं तो वह फ़र्ज़ी है, और जाँच का विषय है। कम्पनी का पक्ष लिए बिना कथित अवैध लौह तस्करी के मामले में कंपनी के नाम का उल्लेख करना पूरी तरह से ग़लत है। अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरे मामले की जांच जारी है और कंपनी को स्थानीय प्रशासन और जांच दल पर पूरा भरोसा है कि वो इस तरह की घटनाओं पर निष्पक्ष जाँच के बाद अपना निष्कर्ष निष्कर्ष निकलेंगे और क़ानूनी कार्यवाही करेंगे। हम विश्वास दिलाते हैं कि पूरे मामले की जांच के दौरान आवश्यकता होने पर कंपनी प्रशासन को पूरा सहयोग करेगी। इस सबंध में प्रकाशित ख़बरों में बिना किसी आधार के आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया कंपनी का होने की वजह से कंपनी की छवि धूमिल हो रही है। ऐसी भ्रामक खबरों के लगातार प्रकाशन की स्थिति में कंपनी द्वारा अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए न्यायिक प्रक्रिया के तहत उचित कार्रवाई का रास्ता चुना जा सकता है।

दल्लीराजहरा – डैम साइड के पुल में 2 दिन पुरानी लाश मिली

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डैम साइड के पुल में 2 दिन पुरानी लाश मिली | शव जसप्रीत सिंग उर्फ जस्सी उम्र 45 वर्ष की है | पोस्टमार्टम के रिपोर्ट से पता चला कि उसका लीवर खराब हो गया था और हार्ड में भी सूजन आ गया था |

स्टेशन मास्टर ने पुलिस को सूचना दी कि शव पड़ा है । वहाँ पहुँचने पर लोगो के द्वारा पता चला मृतक जस्सी है एवं साथ ही उनके परिवार के बारे में पता किये जाने पर उनका भाई वार्ड नं 2 चिखलाकसा में रहता है | उसके परिजन भिलाई के लिए निकल गए थे लाटाबोड़ पहुंचे थे कि शव के सम्बन्ध में सूचना मिलने पर वहां से आकर पहचान किये मृतक उनका भाई है |

सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्ति के परिजनों को 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी नही मिला न्याय

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घटना 8/6/20 की है स्व. पन्नालाल पिता घूरउ राम साकिन शिकारीटोला (होदे कसा)राजमिस्त्री राजहरा से अपने घर लौट रहा था तो झरन मंदिर डड़सेना पुलिया के पास बी एस पी के अधीनस्थ कार्यरत हाइवा वाहन क्रमांक CG07AW 0991 ने लापरवाही पूर्वक चलाकर चपेट में ले लिया जिससे पन्नालाल की घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई।उक्त घटना के आक्रोश में प्रभावित परिवार और आम जनता ने विरोध करते हुए जाम व प्रदर्शन किया जिससे प्रशासनिक अधिकारी ,बी एस पी प्रबंधन और मृतक के आश्रितों के मध्य समझौता हुआ कि उचित मुआवजा और आश्रित को रोजगार  दिया जाएगा।ततपश्चात ही धरना और प्रदर्शन समाप्त किया गया था।

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बीएसपी प्रबंधन और प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण दो वर्ष व्यतीत होने के बाद भी पन्नालाल की पत्नी और दो बच्चे दर दर की ठोकर खाने के लिए मजबूर हैं, बच्चों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है बीएसपी प्रबंधन ने अब तक रोजगार उपलब्ध नहीं कराया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व दल्लीराजहरा को विकास बख्शी सामाजिक कार्यकर्ता व  आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपते हुए प्रभावित परिवार को रोजगार के साथ ही भरण पोषण की व्यवस्था करने की मांग की है। अतिशीघ्र मांग पूरा न होने पर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।

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उपचुनाव में नितिन ने पछाड़ा जेसिसि , गोंडवाना सहित दो अन्य पार्टि एवं दो निर्दलीय प्रत्यासियों को

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खैरागढ़। खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव का परिणाम कुछ रोज पूर्व ही चुनाव आयोग द्वारा घोषणा कर दी गयी है। जहां पर उपचुनाव में दस प्रत्यासीयों ने अपनी किस्मत आजमाते हुए अपना दमखम दिखाया था। जिसमें कांग्रेस पार्टी की महिला प्रत्यासी की एकतरफा जीत हुई है। फिलहाल ये तो होना ही था क्योंकि अधिकांशतः देखा गया है कि जिसकी भी सत्ता सरकार राज्य में रहती है वह उपचुनाव जीतकर ही रहता है। आइए हम बात करते हैं खैरागढ़ के उपचुनाव में एक ऐसे प्रत्याशी के बारे में जो बाकी सभी नौ प्रत्यासियों से उम्र एवं राजनीतिक अनुभव में सबसे कम था। किंतु शिक्षा में जितने वाली प्रत्यासी से ज्यादा शिक्षित था। हम बात कर रहे हैं स्वतंत्र प्रत्यासी नितिन कुमार भांडेकर की जो पेशे से खैरागढ़ में पत्रकारिता का कार्य करते हैं । जिन्हें एअरकंडीशनर का छाप मिला था। जो मतदाताओं के लिए बिल्कुल नया था। श्री भांडेकर मूलतः डोंगरगढ़ विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत पांडादाह में निवाश्रित हैं। आपको बता दें कि इन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव में अपना भाग्य आजमाया है।

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जहां पर कई राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पार्टियाँ तीन से पांच महीने पूर्व ही अपने कार्यकर्त्ताओं सहित चुनाव की तैयारियों में लग गए थे। ऐसे में श्री भांडेकर ने चुनाव लड़ने का सोचा भी नहीं था। किंतु जब फार्म लेने हेतु सिर्फ दो दिवस ही शेष थी ऐसे में इन्होंने फार्म लेकर आखरी दिवस को फार्म भर कर सबको चौका दिया था। तत्पश्चात इनके पास महज 9 दिन ही शेष था अपने मुहर का पूरे विधानसभा में प्रचार प्रसार करने। जबकि भांडेकर अपने तीन कार्यकर्ताओं के भरोसे पूरे 9 दिन चुनावी मैदान में उतरकर प्रचार प्रसार किये। वहीं फारवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी से विप्लव साहू विगत कई महीनों से उपचुनाव के घोषणा के पूर्व ही धुवांधार दौरा कर प्रचार करते हुए अपने सामाजिक वोट बटोरने में लग गए थे। वहीं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने भी अपनी कमर कस रखी थी। खैरागढ़ में जे सी सी जे पार्टी से पूर्व दिवगंत विधायक देवव्रत सिंह के आकस्मिक निधन की वजह से हो रहे उपचुनाव में जे सी सी जे पार्टी ने भी अपनी शाक कायम रखने राजमहल से रिश्तेदारी रखने वाले प्रत्यासी को मैदान में उतार दिया था। जिन्होंने दिवंगत पूर्व विधायक के नाम पर मतदाताओं को रिझाने का भरसक प्रयास भी किया। वहीं राष्ट्रीय जनसभा पार्टी, अंबेडकर राइट पार्टी ऑफ इंडिया, जे सी सी जे, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी , एवं दो अन्य निर्दलीय प्रत्यासी जिनमें एक महिला प्रत्यासी वर्तमान में जनपद सदस्य थी।

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वहीं फारवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी से जो प्रत्यासी थे वह भी जिला पंचायत सदस्य थे। सभी प्रत्याशियों ने जीतोड़ मेहनत करते हुए हर तरह से मेहनत करते हुए पूरे विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करते हुए मतदाताओं को रिझाने के भरपूर प्रयास किया था। पर हम आपको बता दें कि श्री भांडेकर सिर्फ 9 दिन तक ही प्रचार प्रासार किये जिसमें वह खैरागढ़ , छुईखदान, गंडई, साल्हेवारा सिर्फ एक ही बार गए। इन्होंने 291 बूथों में सिर्फ तीन चार बूथ में ही भ्रमण किया था जहां पर इनके द्वारा चौक चौक में बैठे दो चार लोगों तक ही पहुंच पाए थे।

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भांडेकर के विषय में यही कयास लगाया जा रहा था कि ये अन्य नौ प्रत्यासियों में कमजोर प्रत्यासी हैं जो 50 से 60 मत ही अपने झोली में डाल पाएंगे। किंतु खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव का जब परिणाम आया तो लोकतंत्र के चौथा स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकार ने यहां भी चौथा स्थान प्राप्त कर अपनी उपस्थिति दर्ज कर दी। जबकि चार बड़ी चर्चित राजनीतिक पार्टियों एवं अन्य दो निर्दलीय प्रत्यसियों को भी पीछे छोड़ दिया। ताज्जुब की बात है कि भांडेकर अन्य विधानसभा क्षेत्र में रहने के कारण उक्त उपचुनाव में अपना स्वंय का मत नहीं डाल पाए थे। लेकिन छः अन्य प्रत्यसियो को महज 9 दिन की मेहनत से पीछे कर देना खैरागढ़ सहित प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। हमारे अनुसार शायद भांडेकर वो बाजीगर हैं जो हारकर भी जीत गए हैं।

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मधुशाला में ताला लगने की बजाय करोड़ों की चोरी, ऊपर से भूपेश की सीनाजोरी : विक्रम ध्रुवे

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डौंडी/दल्ली राजहरा-भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि विक्रम ध्रुवे जी ने प्रदेश में करोड़ों की शराब चोरी होने के मामले में भूपेश बघेल सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ में मधुशाला में ताला तो नहीं लगा लेकिन 12 करोड़ के शराब घोटाले की लीपापोती जरूर सामने आई है। अज्ञात लोगों पर मामले बनाये गए हैं जबकि यह खेल सुनियोजित योजना का परिणाम है। वे कौन से अज्ञात लोग हैं जो सरकारी शराब धंधे में करोड़ों की शराब पी गए और बहके भी नहीं! सरकार का शराब मार्केटिंग सिस्टम कौन से नशे में था जो इतनी बड़ी रकम का गोलमाल होता रहा और पता तक नहीं चला कि सरकार के खजाने में सेंध कहां से लग रही है और यह कारनामा करने वाले कौन हैं? लाखों की रकम की लूट भी हो गई।शराब घोटाला मामले में ज्यादातर आरोपी अज्ञात हैं, जिनका पता चलना इस सरकार के रहते संभव नहीं है। भूपेश बघेल इस चोरी पर कुछ कहने की जगह सीनाजोरी कर रहे हैं कि केंद्र से पैसा नहीं मिल रहा जबकि केंद्र सरकार राज्य की आय के आधे से भी अधिक हर साल दे रही है।

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ध्रुवे ने कहा कि गंगा जल हाथ में लेकर राज्य में शराबबंदी लागू करने का वादा करने वाली कांग्रेस की सरकार ने साढ़े तीन साल नाटक करते करते गुजार दिए। बाकी का समय भी इसी तरह कमेटी कमेटी खेलकर गुजारा जायेगा। कांग्रेस की नीयत में शुरू से ही खोट रही है। कांग्रेस ने शराब को अवैध कमाई का जरिया बना रखा है। शराब की दुकानें बढ़ गईं लेकिन राजस्व कम हो गया।इसका सीधा अर्थ है कि कांग्रेस के राज में समानांतर व्यवस्था संचालित हो रही है। जितनी खपत रिकार्ड में दर्ज हो रही है उससे कई गुना शराब बिना रिकार्ड के बिकने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

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ध्रुवे ने  कहा कि कांग्रेस की सरकार ने कोरोना काल में भी इसी कमाई के लिए शराब दुकान खोलने की हड़बड़ी दिखाई थी। इसके बाद शराब पर कोरोना के नाम पर सेस लगाकर करोड़ों की रकम वसूली। स्वास्थ्य पर एक पैसा भी खर्च नहीं किया। अब करोड़ों के शराब घोटाले में अज्ञात आरोपियों पर मामलों के जरिये अपनी करतूतों पर पर्दा डाला जा रहा है। शराब का गोरखधंधा कही नियमित प्रक्रिया तो नहीं ?सरकार अब नई शराब दुकाने प्रदेश भर के कई होटलों में खोलने जा रही है

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और अब केशलूर से बारसूर तक फैला दीपक का उजियारा…

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(अर्जुन झा)

जगदलपुर। वास्तविक विकास के लिए तरसते बस्तर का इंतजार खत्म हुआ। वह घड़ी आ गई है जब बस्तर में विकास का उजियारा फैलता जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में सांसद दीपक बैज बस्तर के कायाकल्प में लगातार जुटे हुए हैं। पहले बस्तर में काम केवल सुनाई देता था। अब सांसद के लगातार प्रयासों से बस्तर में काम दिखने लगा है।

सांसद दीपक बैज के प्रयासों से बस्तर की बंद रेल सेवाओं की बहाली के साथ ही रायपुर जगदलपुर फोरलेन को मंजूरी पिछले दिनों ही मिल गई थी। अन्य सड़क योजनाओं के विकास और विस्तार पर भी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात में सांसद दीपक बैज को सकारात्मक जवाब मिला था।जिसका परिणाम है कि आज राजधानी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के हाथों जिन सड़क विकास के कार्यों का श्रीगणेश हुआ, उनमें मुख्य रूप से बस्तर के सपने जुड़े हुए हैं। सांसद बैज की कोशिशों से केशलूर रेलवे क्रासिंग में ओवरब्रिज व बारसूर से गीदम सड़क मरम्मत की स्वीकृति मिली है। जगदलपुर से कोंटा नेशनल हाईवे 30 के केशलूर रेलवे क्रासिंग में हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती थी, जिसके कारण क्षेत्र के लोगों व आम नागरिकों को जाम से बढ़ती गम्भीर समस्याओं का सामना करना पड़ता था।अब सांसद श्री बैज के लगातार व अथक प्रयासों से वहां ओवर ब्रिज की स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही बारसूर से दंतेवाड़ा सड़क मरम्मत की भी स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। बस्तर सांसद दीपक बैज बस्तर की सड़कों तथा अन्य मुद्दों को लेकर लगातार सड़क से संसद तक सक्रियता के साथ मुखर होकर जनहित में संघर्ष कर रहे हैं, जिसका नतीजा है कि इन दो ओवरब्रिज व सड़क मरम्मत की मंजूरी मिल चुकी है। आने वाले समय में और भी सड़कों की काया पलट होगी। सांसद दीपक बैज ने इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त कर धन्यवाद ज्ञापित किया है। विदित है कि इन विकास कार्यों का रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तथा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा शिलान्यास के साथ ही बस्तर के विकास में एक नया अध्याय जुड़ गया है क्योंकि सड़क मार्ग का विकास और विस्तार क्षेत्रीय विकास में सबसे बड़ा सहायक होता है। सांसद दीपक बैज सड़क, रेल और वायुसेवा के विस्तार के जरिये बस्तर का सुनहरा भविष्य गढ़ने गंभीरता से विनम्र प्रयास कर रहे हैं जिसका सुफल है कि बस्तर विकास के दीपक के उजाले से दमकने लगा है।

मार्कफेड की श्रमिक नीविदा में भारी भ्रष्टाचार, द्विवेदी ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

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भारतीय जनता पार्टी सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक शशि कांत द्विवेदी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मार्कफेड में हो रही अनियमितताओं को उजागर करते हुए इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित रायपुर (मार्कफेड) द्वारा कुछ दिनों पूर्व संग्रहण केंद्रो में कार्य करने हेतु अर्धकुशल एवम् अकुशल श्रमिको के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी।किंतु उक्त निविदा अनियमितता की भेट चढ गई।हुआ यह कि उक्त निविदा कारों द्वारा जो निविदा भरी गई थी उसमें कई त्रुटियां थी । यथा किसी भी निविदा में दो तरह के ऑनलाइन या ऑफलाइन फॉर्म भरे जाते हैं ।एक टेक्निकल बिड दूसरा प्राइस बीड। यदि टेक्निकल बीड में किसी प्रकार की कमी रहती है तो प्राइस बीड खोला ही नहीं जाता। किंतु मार्कफेड में 13 जिलों के लिए जो निविदा जारी की गई थी उसमें उन्हीं फर्म की निविदा स्वीकृत की गई जिनके टेक्निकल बीड में कुछ न कुछ खामियां थी या संवैधानिक देयताओं की पूर्ति नहीं की जा रही थी । वैधानिक दर की पूर्ति नहीं होने के बावजूद भी उक्त निविदाओं को मार्कफेड द्वारा स्वीकृत कर दिया गया था लेकिन भारी आपत्तियों के चलते मजबूरन उक्त निविदा कारों की निविदाएं मार्कफेड द्वारा निरस्त कर दी गई।मार्कफेड मुख्यालय द्वारा पुनः अल्पकालीन निविदा जारी किया गया। लेकिन उक्त निविदा का निराकरण करने के पूर्व ही जिन निविदाकारों की निविदाएं वैधानिक दर नहीं होने के कारण निरस्त कर दी गई थी उन्हीं निविदाकारों को ही उसी दर पर पुनः कार्यादेश जारी कर दिया गया । इस प्रकार अपात्र हो चुकी निविदा कारों की निविदाओं को आधार मानकर पुनः कार्यादेश जारी किया जाना कहां तक उचित है। इसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है। भारतीय जनता पार्टी सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक शशिकांत द्विवेदी ने इसकी उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की है।

ग्राम चेचालगुर में वरिष्ठ कांग्रेसी के पुत्र के विवाह समारोह में शामिल हुए संसदीय सचिव रेखचंद जैन

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धुरवा जनजाति के पारंपरिक विवाह रीति रिवाजों में शामिल हो निभाई विभिन्न रस्में

विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने सूदूर संवेदनशील वनांचल ग्राम चचालगुर में कांग्रेस परिवार के वरिष्ठ सदस्य सामनाथ ध्रुव के सुपुत्र हेमंत ध्रुव के विवाह समारोह में शामिल हुए एवं वर हेमंत ध्रुव तथा वधु साहदेई को सफल सुखद दीर्घ एवं यशस्वी वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद प्रदान किया |

इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन धुरवा जनजाति के पारंपरिक विवाह के रस्मों रिवाज में शामिल हुए एवं विभिन्न रस्मों को ना केवल खुद देखा वरन् उसमें शामिल हुए और इन रस्मों को निभाया भी |

विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की आज जब आधुनिकता की चकाचौंध में लोग अपने रस्मो रिवाज को भूलते जा रहे हैं तथा आधुनिक विवाह के रस्मों रिवाज को अपना रहे हैं इस तरह के आयोजन में शामिल होना अपने आप में सुखद अनुभूति है उन्होंने कहा की हमारे बस्तर में हमारी जनजातियां आज भी अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं तथा अपने रीति रिवाजों का पालन कर रहे हैं वे नव दम्पत्ति के सफल सुखद दीर्घ एवं यशस्वी दाम्पत्य जीवन की कामना करते हैं |

इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ जनपद सदस्य एवं ब्लाक अध्यक्ष नीलू राम बघेल, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री हेमु उपाध्याय विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा इंटक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विजय सिंह, नरसिंह ध्रुव,चैन सिंह ध्रुव, महादेव ध्रुव समेत ग्रामीण उपस्थित रहे |

कमीशन खोरी की लालच में प्रदेश सरकार ने 23 लाख बच्चों के रेडी टू ईट अतिरिक्त पोषण आहार पर डाला डाका :- केदार कश्यप

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16 हजार स्व सहायता समूह से भूपेश सरकार ने छिनी रेडी टू ईट कार्य, हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना कर ठेकेदारों को सौंपा कार्य, कमिशन खोरी हावी

बस्तर जिले में 85 हजार और संभाग में साढ़े तीन लाख गर्भवती महिला और बच्चे को मिल रहा था रेडी टू ईट पोषण आहार का प्रत्यक्ष लाभ

कोरोना काल में बड़ी गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या, 1 वर्ष में 300 दिन पोषण आहार देना अनिवार्य, सिर्फ दाल चावल के भरोसे आंगनबाड़ी केंद्र

जगदलपुर/ पुरे प्रदेश सहित आदिवासी क्षेत्र बस्तर और सरगुजा संभाग के आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और 6 वर्ष से कम आयु वर्ष तक के बच्चों के लिए रेडी टू ईट अतिरिक्त पोषण आहार की शुरुआत पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने किया था, 1 अप्रैल 2022 से छत्तीसगढ़ में बंद पड़ी रेडी टू ईट मामले में सरकार को घेरते हुए पूर्व मंत्री और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश की भूपेश सरकार कमीशन खोरी की लालच में छत्तीसगढ़ के 23 लाख कुपोषित बच्चे और ढाई लाख गर्भवती महिलाओं के पोषण आहार पर डाका डालकर निजी कंपनी के ठेकेदारों को मालामाल करने और 16 हजार स्व सहायता समूह कार्यकर्ताओं के हाथों से काम छीनने का गंभीर आरोप लगाया।

आगे केदार कश्यप जी ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना कर प्रदेश की कांग्रेस सरकार 25 लाख रेडी टू ईट अतिरिक्त पोषण आहार हितग्राहियों का हक मारने का काम कर रही है, ज्ञात हो कि प्रदेश में लगभग 33% बच्चे कुपोषित और 43% बच्चे एनीमिया से ग्रसित है कोरोना काल में पोषण आहार का समय पर वितरण नहीं होने से संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है, रेडी टू ईट पोषण आहार का सुचारू वितरण 50 हजार 311आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 16000 सोलह का समूह कार्यकर्ताओं के द्वारा किया जा रहा था जो कि गर्भवती बच्चों और कुपोषित बच्चों के लिए अति आवश्यक है प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार ने कमीशन की लालच में स्व सहायता समूह से वितरण बंद करा कर निजी कंपनी के ठेकेदारों को सौंपना दुर्भाग्यपूर्ण है।

कश्यप ने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार मंत्री मौन है और अधिकारी औने पौने जवाब देकर मामले से बचने की कोशिश कर रहे हैं यह 23 लाख कुपोषित बच्चे और ढाई लाख गर्भवती महिलाओं के साथ अन्याय हैं।

1 अप्रैल से भूपेश सरकार ने बंद कराए रेडी टू ईट पोषण आहार, दाल चावल के भरोसे आंगनवाड़ी केंद्र

1अप्रैल से प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट अतिरिक्त पोषण आहार का मिलना बंद है इस मामले में पूर्व मंत्री केदार कश्यप जी ने कहा कि 1 वर्ष में बच्चों को कम से कम 300 दिन तक पोषण आहार दिया जाना जरूरी है, दाल चावल से बच्चों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता है प्रदेश सरकार को तत्काल प्रभाव से स्व सहायता समूह के माध्यम से रेडी टू ईट पोषण आहार का वितरण करवा कर व्यवस्था सुचारू करना चाहिए।

कांग्रेस सरकार में हाईकोर्ट के आदेश की धड़ले से अवहेलना, ठेकेदार प्रथा हावी

रेडी टू ईट पोषण आहार का वितरण राज्य सरकार ने बीज विकास निगम के माध्यम से निजी कंपनी को काम देने का फैला लिया है, हाई कोर्ट में 258 महिलाओं द्वारा दायर याचिका में कोर्ट ने सरकार से कहा कि अंतरिम आदेश तक स्व सहायता समूह के माध्यम से वितरण कराने को आदेशित किया है परंतु सरकार निजी कंपनी के ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने में ज्यादा रुचि दिखा रही है।

कोरोना काल में बड़ी गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या, जिम्मेदार कोन

कश्यप ने कहा कि कोरोना काल में पोषण आहार का नियमित वितरण नहीं होने से गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या काफी बढ़ा हुआ है, पोषण आहार समय पर वितरण नहीं हुई तो कुपोषित बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना है परंतु सरकार के पास कोई आंकड़ा नहीं हैं।

केंद्रीय मंत्रियों के दौरों के मुकाबले बस्तर में कवासी लखमा हैं न…

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(अर्जुन झा)

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने केंद्रीय मंत्रियों के छत्तीसगढ़ दौरे पर अपने अंदाज में हमला बोला है। वैसे तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित समूची कांग्रेस अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रही है। सवाल उठ रहे हैं कि जब छत्तीसगढ़ का पैसा नहीं दे रहे हैं तो यहां क्यों आ रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि केंद्र के मंत्री राजनीतिक पर्यटन पर आ रहे हैं। बस्तर के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा का कहना है कि प्रदेश में 11 में से 9 लोकसभा सांसद भाजपा के हैं। इसके बावजूद 9 केंद्रीय मंत्रियों को छत्तीसगढ़ भेजकर केंद्र सरकार क्या संदेश देना चाहती है, यह छत्तीसगढ़ की जनता समझ रही है। खैरागढ़ में भी केंद्र के दो मंत्री और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री भाजपा के समर्थन में प्रचार में पहुंचे थे लेकिन जनता ने कांग्रेस को जीत दिलाई। छत्तीसगढ़ की जनता का भरोसा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर है। यहां केंद्रीय मंत्रियों का स्वागत है लेकिन उनकी दाल नहीं गलेगी। उनका दौरा पूरी तरह से अगले साल होने वाले चुनाव के पहले की कसरत है। प्रदेश के आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा का कहना है कि यूपीए सरकार के समय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बीआरजीएफ में पंचायतों को करोड़ों रुपया दिया था, जिसे नरेन्द्र मोदी सरकार ने बंद कर दिया। प्रधानमंत्री दो बार जावंगा और जांगला आए लेकिन बस्तर को कोई सौगात नहीं मिली। आज पंचायतों को राशि बंद होने से विकास कार्यों के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।छत्तीसगढ़ के 9 भाजपा सांसद और 15 साल सत्ता में रहकर राज करने वाले नेताओं पर लगता है केंद्र सरकार को भरोसा नहीं है। इसीलिए छत्तीसगढ़ में बाहरी नेताओं का दौरा और उन पर भरोसा भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व कर रहा है।

सरकार की प्रशंसा में इतने डूबे मंत्री लखमा, देवती कर्मा को बता दिया CM - द  हांका छत्तीसगढ़

कवासी लखमा का कहना है कि बस्तर के सभी उपचुनाव और खैरागढ़ उपचुनाव में कांग्रेस की जीत ने यह साबित कर दिया है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जितनी भी योजनाएं हैं, वह सब जमीन से जुड़े लोगों के हित में हैं। इसलिए लगातार कांग्रेस पर जनता का भरोसा कायम है, मुख्यमंत्री ने हर वर्ग की चिंता की। बस्तर के आदिवासियों का जीवन वनोपज पर आधारित है। इसलिए सबसे पहले तेन्दूपत्ता की दर 4 हजार रुपये की गई जो सबसे ज्यादा है। इसके अलावा लघु वनोपज के जितने भी वन उत्पाद बस्तर में आदिवासी और गरीब ग्रामीण संग्रहण करते हैं, उनका मुख्यमंत्री ने न केवल समर्थन मूल्य घोषित किया है बल्कि उसकी खरीदी की व्यवस्था भी की है। साथ ही वन उत्पाद से उत्तम क्वालिटी का सामान बनाकर उसकी पैकेजिंग और मार्केटिंग दोनों कर हजारों लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है। अब यहां का उत्पाद पैकेट और बोतल में देश दुनिया में पहुंच रहा है। यही कारण है कि आदिवासी क्षेत्र की जनता भूपेश सरकार से खुश है। श्री लखमा का कहना है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पर ही जनता भरोसा कर रही है। इसलिए भाजपाईयों को अन्य प्रदेश में अपनी ताकत लगानी चाहिए। 9 मंत्री छत्तीसगढ़ आकर यदि जनता को सौगात देते हैं तो ही उनका आना सार्थक होगा। बस्तर की सभी 12 विधानसभा सीट पर कांग्रेस के विधायक हैं। जो अपने-अपने क्षेत्र में जनता की भलाई के लिए काम कर रहे हैं। सभी लोग राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचा रहे हैं। स्वयं मुख्यमंत्री पूरे छत्तीसगढ़ का दौरा कर सीधे जनता से रूबरू हो रहे हैं। इसलिए कांग्रेस बस्तर ही नहीं पूरे छत्तीसगढ़ में मजबूत हैं। ऐसे में भाजपा के केंद्रीय नेताओं को दूसरी जगह मेहनत करनी चाहिए। कवासी लखमा का कहना है कि मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को पूरी तरह से जनता के हित में काम करने और गरीब जनता की भलाई के लिए शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने को कहा है। यही कारण है कि अब गांव का ग्रामीण सीधे दफ्तरों में और थानों में पहुंचकर बेखौफ होकर अपनी बात रख रहा है। कलेक्टर और एसपी गांवों में चौपाल लगाकर जनता की बात सुन रहे हैं। मुख्यमंत्री की कार्यशैली से पूरे छत्तीसगढ़ में लोगों की आमदनी बढ़ी है और जनता खुश है। मंत्री कवासी लखमा ने बस्तर और आदिवासियों के विकास की जो झलक दिखाई है, उसकी चर्चा बस्तर में चल रही है कि यदि भाजपा ने केंद्रीय मंत्रियों के छत्तीसगढ़ दौरे से चुनावी तैयारी का खाका पेश किया है तो कांग्रेस भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में पूरी तरह तैयार है। कवासी लखमा भी बस्तर में मोर्चाबंदी के लिए तैयार हैं। बस्तर में कांग्रेस का मखमली बिस्तर बिछा हुआ है और कोशिश है कि यह बिछा रहेगा। भले ही भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी बस्तर में कितना भी डेरा क्यों न डाल लें।

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