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अब बस्तर जिला भी भरेगा तरक्की की ऊंची उड़ान

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  •  रावघाट रेल लाइन और बोधघाट परियोजना से पर्यटन और औद्योगिक विकास को लगेंगे पंख
  • बढ़ेगी सिंचाई क्षमता और रेल कनेक्टिविटी

अर्जुन झा

जगदलपुर दशकों तक नक्सलवाद का दंश झेल चुके बस्तर के विकास को अब नए पंख लगने वाले हैं। यहां से नक्सलवाद का सफाया होने के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार ने यहां की पुरानी परियोजनाओं को फिर से शुरू कर पूरे बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम शुरू कर दिया है। 46 साल पुरानी बोधघाट परियोजना और वर्षाे पुरानी रावघाट रेल लाइन भी इसी कड़ी में मुकाम हासिल करने की पहल हैं।

बस्तर में अब यातायात के साधनों का तेजी से विकास हो रहा है। आधारभूत संरचनाओं में भी प्रगति देखी जा रही है। बस्तर को लेकर मोदी सरकार लगातार कई बड़े फैसले कर रही है। इससे बस्तर के यातायात, पर्यटन और औद्योगिक विकास को पंख लगेंगे। रावघाट और जगदलपुर को रेल लाइन से जोड़ने की मंजूरी मिल गई है। 140 किमी लंबी रावघाट जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजना पर 3500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बस्तर के लोगों का मानना है कि इस रेल लाइन के पूरा होने से बस्तर का विकास दुर्ग भिलाई जैसा हो जाएगा। जैसे दुर्ग में भिलाई स्टील प्लांट के बनने से विकास हुआ है और वह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के समकक्ष हो गया है। उसी तरह बस्तर और रायपुर के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

परियोजना कराएगी विकास का बोध

यातायात और संचार सुविधा को बढ़ाने की पहल के साथ बस्तर संभाग में सिंचाई साधनों की समस्या को दूर करने और बस्तर क्षेत्र के चहुमुखी विकास के लिए बोधघाट बहुउद्देशीय बांध परियोजना निर्णायक साबित होगी। यह परियोजना लंबे समय से इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित है। इंद्रावती, गोदावरी नदी की बड़ी सहायक नदी है। गोदावरी जल विवाद अभिकरण के वर्ष 1980 के अवॉर्ड में भी अन्य योजनाओं के साथ इस परियोजना का उल्लेख है। इस अवॉर्ड में उल्लेखित अन्य परियोजनाओं का क्रियान्वयन दूसरे राज्यों द्वारा किया जा चुका है परंतु दूरस्थ अंचल में होने एवं नक्सल समस्या के कारण इस परियोजना को प्रारंभ नहीं किया जा सका। छत्तीसगढ़ सरकार बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना पर काम कर रही है।

बस्तर में होगा बिजली उत्पादन

बोधघाट बांध परियोजना से संभाग में सिंचाई साधनों का दायरा बढ़ने के साथ ही बस्तर के विकास को डबल रफ्तार मिलेगी। इस परियोजना से 125 मेगावाट बिजली उत्पादन, 4824 टन वार्षिक मत्स्य उत्पादन जैसे अतिरिक्त रोजगार, खरीफ एवं रबी मिलाकर 3 लाख 78 हजार 475 हेक्टेयर में सिंचाई विस्तार एवं 49 मिलियन घन मीटर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगा। वहीं इंद्रावती- महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना से कांकेर जिले की भी 50 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सहित कुल 3 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

अब बस्तर बनेगा आत्मनिर्भर

बस्तर को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दोनों परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम होगा। बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना, गोदावरी नदी की बड़ी सहायक इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित है। राज्य में इंद्रावती नदी कुल 264 किमी क्षेत्र में प्रवाहित होती है। यह परियोजना दंतेवाड़ा जिले की तहसील गीदम के ग्राम बारसूर से लगभग 8 किमी एवं जगदलपुर शहर से लगभग 100 किमी दूरी पर प्रस्तावित है। परियोजनाओं की अनुमानित लागत 49 हजार करोड़ रूपए है। जिसमें इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना की लागत लगभग 20 हजार करोड़ रुपए एवं बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना में लगभग 29 हजार करोड़ रुपए की लागत संभावित है। जिसमें हाइड्रोपावर इलेक्ट्रो मैकेनिकल कार्य, सिविल कार्य (सिंचाई) भी शामिल हैं। परियोजना में उपयोगी जल भराव क्षमता 2009 मि.घ.मी, कुल जल भराव क्षमता 2727 मि.घ.मी, पूर्ण जल भराव स्तर पर सतह का क्षेत्रफल 10440 हेक्टेयर सम्भावित है।

इन जिलों का होगा लाभ

बोधघाट बांध परियोजना से दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा जिले के 269 गांवों को बड़ा लाभ होगा। जबकि इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना से कांकेर जिले के अनेक गांवों में सिंचाई सुविधा का विस्तार हो सकेगा। बस्तर संभाग को विकसित, आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में दोनों परियोजनाएं एक महत्वपूर्ण कदम होंगी।

छेड़ा है, तो छोड़ेंगे नहीं, अब तो नक्सलवाद की जड़ें खोदकर ही दम लेंगे: गृहमंत्री विजय शर्मा

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  •  एएसपी आकाश राव गिरपुंजे की शहादत पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने जताया शोक 
  • बेहद गुस्से में हैं शर्मा, कहा- इस कायराना हरकत का देंगे माकूल जवाब 

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले के कोंटा इलाके में सोमवार को हुई नक्सली घटना से छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा बेहद गुस्से में हैं। विजय शर्मा और एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे की शहादत से दुखी भी हैं। उन्होंने साफ कह दिया है- छेड़ा है, तो उन्हें हम छोड़ेंगे नहीं। अब तो नक्सलवाद की जड़ें खोदकर ही दम लेंगे।

 

उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कोंटा क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरपुंजे की शहादत पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया है। विजय शर्मा ने कहा कि आकाश राव गिरपुंजे एक निष्ठावान, साहसी और कर्तव्यपरायण अधिकारी थे, जिन्होंने बस्तर के जंगलों में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान की परवाह किए बिना सेवाएं दीं। उनकी वीरगति को मेरा और पूरे छत्तीसगढ़वासियों की ओर से कोटि-कोटि नमन। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति दें।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने इस कायराना हमले में घायल हुए अन्य जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। उन्होंने बताया कि चिकित्सा दल उनकी देखभाल में तत्परता से जुटा हुआ है। उप मुख्यमंत्री ने इस निंदनीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लगातार हो रही सुरक्षा बलों की कार्रवाइयों से नक्सली बौखलाए हुए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि बस्तर से नक्सलवाद की काली छाया को पूरी तरह समाप्त करने का हमारा संकल्प अडिग है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं। नक्सलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और इस कायराना कृत्य का माकूल जवाब दिया जाएगा। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा- उन्होंने (नक्सली) हमें छेड़ा है, हम उन्हें छोड़ने वाले नहीं हैं, उनकी जड़ें खोदकर ही दम लेंगे।

ट्रेन से कटकर 02 मजदूरों को मौत

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दल्लीराजहरा – बालोद जिले क्षेत्र के दल्लीराजहरा एवं कुसुमकसा के बीच ट्रेन हादसे में 02 मजदूरों की मौके पर मौत हो गई ।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना दल्लीराजहरा से कुसुमकसा की बीच रेलवे लाइन का हैं ।जो 11 मजदूर झारखंड से रोजी- मजदूरी करने के लिए दल्लीराजहरा आ रहे थे । जो पैदल चलते हुए  दल्लीराजहरा आ रहे थे । थकावट लगने के कारण 05 मजदूर रेल्वे लाइन पर ही बैठ गए । इसी दौरान युवक को नींद आ गई ।

वहीं प्रातः काल 04 बजे आने वाली ट्रेन मजदूरों को अपने चपेट में ले लिया । जिसमें 02 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई । उसमें से 02 मजदूर बुरी तरह से घायल हो गए । स्थानीय लोगों की मदद से 108 एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया।

और वहीं 06 साथी आगे निकल गए थे । जो हादसा से बाल – बाल बच गए ।स्थानीय लोगों एवं उनके साथी द्वारा पुलिस को सूचना दिया गया ।पुलिस को सूचना मिलते ही घटना स्थल पहुंचकर घटना की जांच कर आगे की कार्यवाही जारी है।

सुकमा आईईडी ब्लास्ट पर मंत्री केदार कश्यप ने जताया दुख

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जगदलपुर सुकमा में आईईडी विस्फोट पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा- आज सुबह सुकमा जिले के एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे की शहादत अत्यंत दुखद है, और हमें यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे का हमारे केंद्रीय गृहमंत्री ने संकल्प लिया है और हमारे मुख्यमंत्री लगातार उस दिशा में काम कर रहे हैं।

प्रगतिशील समुदाय है भतरा समाज: सांसद महेश कश्यप

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  •  भतरा समाज विकास परिषद भवन के लोकार्पण

जगदलपुर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने हॉटगुड़ा जगदलपुर में भतरा समाज विकास परिषद भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस भव्य अवसर पर हजारों की संख्या में उपस्थित समाज के बंधुओं के बीच उन्होंने एक पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और भतरा समाज की रीति-नीति, परंपराओं एवं सामाजिक विकास के विभिन्न पहलुओं पर समाजजनों से संवाद किया। साथ ही नव निर्मित सामाजिक भवन के सामने 200 मीटर सीसी सड़क का भूमिपूजन भी किया।

अपने उद्बोधन में श्री कश्यप ने भतरा समाज की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक गरिमा एवं बस्तर के सामाजिक-सांस्कृतिक तानेबाने में इसकी विशेष भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा भतरा समाज न केवल बस्तर की संस्कृति का अभिन्न अंग है, बल्कि यह समाज अपनी परंपराओं, नैतिक मूल्यों और मेहनतकश जीवनशैली के लिए भी पहचाना जाता है। समाज का यह नया भवन सामूहिक सशक्तिकरण और सामाजिक विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह भवन सामाजिक एकता, संवाद और दिशा निर्धारण का केंद्र बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर के सर्वांगीण विकास में समाज की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है और भतरा समाज ने सदैव शांति, एकता एवं विकास के पथ पर अग्रसर होकर प्रेरणा दी है। उन्होंने युवाओं को भी अपने उद्बोधन में प्रेरित करते हुए कहा कि संस्कृति से जुड़कर, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह पर चलकर समाज को नई ऊंचाइयों पर ले जाना समय की मांग है। भतरा समाज के विस्तार एवं बस्तर रियासत से संबंध के बारे में सांसद श्री कश्यप ने बताया कि भतरा समाज का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संबंध बस्तर रियासत से जुड़ा हुआ है। ऐसा कहा जाता है कि जब बस्तर रियासत के राजा पुरी (ओडिशा) की यात्रा पर गए थे, तब उन्होंने भतरा समाज के कुछ सदस्यों को भी अपने साथ ले लिया था। यात्रा के पश्चात लौटते समय कुछ भतरा परिवार ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र और उसके आसपास के स्थानों पर ही रुक गए और वहीं बस गए। यही समुदाय आज उड़ीसा में फैले हुए भतरा समाज का आधार बना

समाज की जनेऊ परंपरा

भतरा समाज जनेऊ परंपरा के आरंभ को लेकर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि भतरा समाज में जनेऊ धारण करने की परंपरा भी राजा द्वारा ही प्रारंभ की गई थी। ऐसा माना जाता है कि ओडिशा में निवास स्थापित करने के समय बस्तर रियासत के राजा ने समाज को जनेऊ उपहार स्वरूप प्रदान किया। उसी समय से यह पवित्र धागा पहनने की परंपरा समाज में चली आ रही है, जो आज भी सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक संस्कार के रूप में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।नाइक-पाइक परंपरा के बारे में बताते हुए  कश्यप ने कहा भतरा समाज की एक अन्य महत्वपूर्ण और अद्भुत परंपरा नाइक-पाइक की है। यह परंपरा समाज की आध्यात्मिक और स्वास्थ्य संबंधी मान्यताओं से जुड़ी हुई है। यदि किसी व्यक्ति को अचानक कोई पीड़ा, बीमारी या घर-वापसी दोष जैसी समस्या होती है, तो नाइक-पाइक द्वारा विशेष विधि से पानी छिड़क कर और हाथ दोष अथवा कर्म दोष को दूर किया जाता है। समाज में यह विश्वास है कि इस प्रक्रिया से व्यक्ति पर से दोष समाप्त हो जाते हैं और वह पुनः स्वस्थ एवं सामान्य जीवन जीने लगता है।

 

सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है समाज

भतरा समाज की ऐतिहासिक यात्रा, जनेऊ धारण की परंपरा, और नाइक-पाइक की आध्यात्मिक विधियां इस समाज की सांस्कृतिक समृद्धि का परिचायक हैं। ये परंपराएं आज भी समाज को उसकी जड़ों से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। लोकार्पण समारोह में भतरा समाज के जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, परगना नाइक पाइकगण, क्षेत्रीय विधायक, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, समाज के वरिष्ठजन, माताएं-बहनें एवं बड़ी संख्या में सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सांसद ने आश्वस्त किया कि वे समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास के लिए हर संभव सहयोग देने को प्रतिबद्ध हैं।

नगर निगम शुरू की आवासीय और व्यावसायिक भवनों की नापजोख

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  • जगदलपुर के करीब 35 हजार घरों एवं दुकानों की नपाई जारी

जगदलपुर नगर पालिक निगम जगदलपुर के महापौर संजय पांडे के दिशा निर्देश पर आयुक्त प्रवीण वर्मा के मार्गदर्शन एवं राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा एवं राजस्व अधिकारी विनय श्रीवास्तव व राजस्व उप निरीक्षक राजस्व कुलदीप पाणिग्रही के नेतृत्व मे सहायक राजस्व निरीक्षकों द्वारा नगर निगम जगदलपुर में स्थित समस्त आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों की नपाई कार्य जारी है।

नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 के तहत प्रति 5 वर्षो मे शहर की नपाई होनी चाहिए, मगर 14 वर्षो के उपरांत मेयर इन काउंसिल ने महापौर संजय पांडेय के निर्देशन मे निर्णय लिया है। आवासीय एवं व्यवसायिक भवनो की नपाई संपत्ति के सीमांकन और निर्माण नियमों का पालन सुनिश्चित के लिए की जा रही है। यह प्रक्रिया संपत्ति के सटीक माप और निर्माण के दौरान नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए की जाती है। 2011 मे हुए सर्वे के अनुसार जगदलपुर में 27128 आवासीय एवं व्यावसायिक भवन हुआ करते थे जिससे नगर निगम को राजस्व लगभग 6 करोड़ रुपए मिलते हैं। 2025 में 14 साल बाद समस्त आवासीय एवं व्यवसायिक भवनों की नपाई कार्य जारी है। यह कार्य 22 मई से प्रारंभ की गई है। जो 15 जुलाई तक चलेगा.

2025 सर्वे के अनुसार लगभग 35 हजार के आसपास आवासीय एवं व्यवसायिक भवन हैं। आज संपत्ति में लगभग 6 करोड़ नगर निगम को प्राप्त हो रहे थे, आने वाले समय में वह ल

12 करोड़ के आसपास पहुंच जाएगा। आज दिनांक तक 6000 के आसपास आवासीय एवं व्यवसायिक भवनो की नपाई कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

नागरिक दें सहयोग: पांडे

महापौर संजय पांडे ने कहा नगर निगम के कर्मचारी संपत्ति का सीमांकन करते हैं। नपाई के बाद नगर निगम एक रिपोर्ट तैयार करता है जिसमें संपत्ति की सीमाओं मापो और अन्य प्रासंगिक जानकारी शामिल होती है।नपाई के माध्यम से नगर निगम यह पता लगा सकता है कि कोई अवैध निर्माण हुआ है या नहीं। जगदलपुर के समस्त जनता से आग्रह है कि निगम का सभी सहयोग प्रदान करें।

नगर के हित में है यह: राणा

राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा ने कहा नपाई यह सुनिश्चित करती है कि संपत्ति के निर्माण में सभी निर्माण नियमों का पालन किया जा रहा है। नपाई के माध्यम से संपत्ति का सीमांकन स्पष्ट होता है। नपाई संपत्ति के मूल्य निर्धारण मे भी मदद करती है। वर्तमान मे केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना नक्शा कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य मे तीन शहरो का चयन किया गया है। जिसके अंतर्गत नगर निगम जगदलपुर भी शामिल है। इसके तारतम्य में एजेंसी के द्वारा ड्रोन के माध्यम से फोटोग्राफ़ी की जा रही है।जगदलपुर के समस्त भूमि स्वामी एवं कर दाताओ से अपील है कि निगम के इस कार्य मे सहयोग करें।

मच्छरदानी वितरण में अनावश्यक विलंब व शासकीय राशि का दुरूपयोग कर मितानिनों को पंहुचाई जा रही असुविधा–राजेश चौधरी

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  • सप्ताह भर के भीतर हितग्राहियों को मच्छरदानियों का वितरण नहीं किए जाने पर सीएमएचओ कार्यालय का किया जाएगा घेराव

जगदलपुर आज जगदलपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षददल सहित कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित रोगों की रोकथाम हेतु मच्छरदानी वितरण में अनावश्यक विलंब कर शासकीय राशि का दुरूपयोग करने व मितानिनों को पंहुचाई जा रही असुविधा को लेकर मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया

नगर निगम नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने कहा स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत मलेरिया विभाग के द्वारा इस हितग्राहियों को मच्छरदानी वितरण हेतु मच्छरदानी खरीदी की गई है,तथा उन मच्छरदानियों का वितरण तत्काल ना करते हुए संबंधित वार्डों में मितानिनों के घरों पर तथा अन्य भवनों में भंडारण किया गया है भंडारण स्थल पर चूहों के द्वारा मच्छरदानियों को नुकसान पहुंचा जा रहा है और विभाग निष्क्रियता की पराकाष्ठा पार कर चुका है, जिसके कारण मितानिनों को बहुत ही असुविधाओ का सामना करना पड़ रहा है इस विषय को लेकर आज कांग्रेस पार्षददल एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है।तथा स्वास्थ्य अधिकारी महोदय को बताया गया कि एक सप्ताह के भीतर जल्द से जल्द हितग्राहियों को मच्छरदानियों का वितरण न किए जाने पर कांग्रेस पार्टी के द्वारा सीएमएचओ कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

इस दौरान पार्षद सूर्य पानी लोकेश चौधरी जस्टिन भवानी,पूर्व पार्षद लता निषाद,बी ललिता एवं सचिव साइमा अशरफ आदि उपस्थित रहे।

जिला चिकित्सालय बालोद के जीवन दीप समिति कार्यकारिणी सभा की बैठक संपन्न

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  • कलेक्टर एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधि हुए शामिल

अस्पताल परिसर मंे कैंटिन निर्माण करने तथा अस्पताल के मुख्य गेट के सामने लगाए गए अवैध गुमटी, हाॅटल आदि को हटाने का लिया गया निर्णय

बालोद, 09 जून 2025 कलेक्टर एवं जिला अस्पताल बालोद के जीवन दीप समिति के अध्यक्ष श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला अस्पताल के सभाकक्ष में जीवन दीप समिति कार्यकारिणी सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक सहित जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं जीवन दीप समिति कार्यकारिणी सभा के मनोनित सदस्य सर्व यशवंत जैन, चेमन देशमुख, देवलाल ठाकुर, राकेश यादव, कृष्णकांत पवार, विनोद कौशिक के अलावा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. महेश सूर्यवंशी, मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ. आरके श्रीमाली एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों तथा चिकित्सकगण उपस्थित थे। बैठक में जिला अस्पताल की सुरक्षा, परिवेश एवं अन्य आवश्यक कारणों से जिला अस्पताल के मुख्य गेट के सामने अवैध रूप से लगाए गए गुमटी, हाॅटल आदि को हटाने के अलावा जिला अस्पताल परिसर मंे मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए भोजन, जलपान आदि की बेहतर सुविधा प्रदान करने कैंटिन निर्माण करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में जिला अस्पताल बालोद में चिकित्सकों एवं आवश्यक मानवीय संसाधनों के अलावा अन्य जरूरी चीजों की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर से बेहतर बनाने के उपायों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। जिससे की जिला अस्पताल बालोद में मरीजों की बेहतर इलाज के साथ-साथ उन्हें अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा सके।

बैठक में निर्धारित एजेंडे के आधार पर विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। कलेटक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि चिकित्सीय कार्य मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी होती है। इसलिए अस्पताल के प्रत्येक चिकित्सक एवं अधिकारी-कर्मचारियों को विपरित परिस्थितियों में भी मरीजों से मधुर एवं आत्मीय व्यवहार करना चाहिए। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि यदि चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों का मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ व्यवहार सौम्य एवं संयमित हो तो मरीजों को तत्काल राहत मिलने के साथ-साथ बहुत सारी समस्याओं से तत्काल राहत मिल जाता है। बैठक में कलेक्टर ने जिला अस्पताल में रेडियोलाॅजिस्ट के स्वीकृत कुल पद के विरूद्ध वर्तमान में कार्यरत रेडियोलाॅजिस्ट की संख्या के संबंध में भी जानकारी ली। इसके अलावा बैठक में उपस्थित सदस्यों ने ’हमर लैब’ तथा रक्तदान आदि की स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और अस्पताल अधीक्षक को रक्तदान हेतु जनजागरूकता अभियान के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला अस्पताल में माईनर एवं मेजन आॅपरेशन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा जीवन दीप समिति के सदस्यों ने अस्पताल में सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा एवं हाईमास्ट लाईट लगाने की आवश्यकता बताते हुए अधिकारियों को इस पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के उपायों के संबंध में भी चर्चा की गई। इसके अलावा बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के उपायों के संबंध में चर्चा करते हुए अधिकारियों को इसके लिए जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को जिला खनिज न्यास निधि से जिला अस्पताल में जरूरी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु तत्काल प्रस्ताव पे्रषित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में उपस्थित जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों एवं जीवन दीप समिति के सदस्यों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिला अस्पताल की व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु जन सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए दान दाताओं से मदद की अपील के लिए भी पहल करने को कहा। इसके अलावा जिला चिकित्सालय बालोद से अन्य अस्पताल में रेफर करने की आवश्यकता पड़ने पर एम्बुलेंश के लिए शुल्क की दर भी निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में वर्षा ऋतु के मद्देनजर सर्पदंश से होने वाले जनहानि की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में एंटी वेनम आदि की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जीवन दीप समिति के सदस्यों के द्वारा अस्पताल में बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कृत करने तथा मरीजों से फीडबैक लेनेे के संबंध में भी आवश्यक सुझाव दिए गए। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि सभी के सहयोग से जिला अस्पताल बालोद की व्यवस्थाओं को उत्कृष्ट बनाया जाएगा। जिले एवं अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

 

वन मंत्री केदार कश्यप ने दिखाए सख्ती, तब अफसरों में आई चुस्ती; वन भूमि को कब्जामुक्त करने मुहिम

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  •  वन भूमि से कब्जे हटाने में जुटे वन अधिकारी

जगदलपुर बस्तर जिले के भानपुरी, बस्तर एवं करपावंड परिक्षेत्र में वन भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत वन मंत्री केदार कश्यप से क्षेत्रवासियों ने की। ग्रामीणों की शिकायत पर मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर सीसीएफ और डीएफओ को बुलाकर उदासीनता नहीं बरतने और जल्द कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा।

मंत्री कश्यप के निर्देश पर विभाग के अधिकारियों ने जेसीबी चलाकर अवैध कब्जे हटाए। रविवार को परिक्षेत्र में अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई की गई।जानकारी के अनुसार सुबह से ही वन अमला गश्ती पर निकला। अतिक्रमण के विरुद्ध गांव-गांव में मुनादी की गई। ट्रैक्टर मालिकों के जंगल जोताई करने पर आदतन जंगल जोताई करने वाले वाहन मालिकों की पहचान कर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। साथ ही इन पर मुखबिर के माध्यम से नजर रखी जाएगी। बकावंड रेंज के उलनार बीट के मैदानी अधिकारी एवं कर्मचारी मॉर्निंग गश्त पर रहे। बस्तर परिक्षेत्र अंतर्गत कुगारपाल सर्किल के परिसर चेराकुर के वन क्षेत्र में सामूहिक रूप से परिक्षेत्र के सभी अधिकारी कर्मचारी एवं समस्त ग्रामवासियों द्वारा अतिक्रमित क्षेत्रों का मौका निरीक्षण कर कार्रवाई की जा रही है। वनमंत्री केदार कश्यप के निर्देश अनुसार वन परिक्षेत्र करपावंड के मोकागांव बीट के कक्ष क्रमांक आरएफ 1146, आरएफ 166 में किए गए अतिक्रमण स्थल का शनिवार को वन विभाग जगदलपुर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक आरसी दुग्गा और वन मंडलाधिकारी बस्तर उत्तम कुमार गुप्ता द्वारा निरीक्षण के दौरान तत्काल अतिक्रमण स्थल में बनाए गए मेढ़ को जेसीबी की सहायता से समतलीकरण करने और भूजल संरचनाओं के तहत कंटॉवर ट्रेंच बनाए जाने के निर्देश दिए गए। इसके परिपालन में रविवार को वन प्रबंधन समिति मोकागांव के सदस्यों, परिसर रक्षक मोकागांव, परिक्षेत्र सहायक धनपुर एवं वन परिक्षेत्र करपावंड के समस्त कर्मचारियों द्वारा मोकागांव बीट कक्ष क्रमांक आरएफ 166 में अतिक्रमण स्थल में बनाए गए मेढ़ को समतलीकरण और भू-जल संरचनाएं बनाई जा रही है। परिक्षेत्र के अन्य अतिक्रमण स्थलों में भी मुख्य वन संरक्षक जगदलपुर वृत्त और वन मंडलाधिकारी बस्तर के निर्देशानुसार कार्रवाई प्रस्तावित है। जिनमें शीघ्र ही नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

अवैध कार्य मंजूर नहीं: कश्यप

वनमंत्री केदार कश्यप ने मामले को लेकर कहा कि बस्तर में किसी भी प्रकार का अवैध कार्य स्वीकार्य नहीं है। जो बस्तर के वन भूमि पर अवैध कब्जा जमा कर बैठे हैं उनसे निवेदन है सरकार का सहयोग करते हुए स्थल कब्जा मुक्त करें।

राजनीतिक स्वार्थ के लिए भाजपा, आरएसएस के सामने घुटने टेके अरविंद नेताम ने: विक्रम मंडावी

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  • बस्तर के आदिवासी कभी माफ नहीं करेंगे नेताम को 
  • गलत बयानी के लिए दीपक बैज और आदिवासी समाज से मांगें माफी 

जगदलपुर बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम और मंत्री केदार कश्यप द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के संदर्भ में दिए गए बयान को आदिवासी समाज को अपमानित करने वाला बयान बताया है।

विधायक विक्रम मंडावी ने कहा है कि अरविंद नेताम अपनी गलत बयानी के लिए सार्वजनिक माफी नहीं मांगेंगे तो उनके खिलाफ अदालती कार्रवाई की जाएगी। उनके विरुद्ध सार्वजनिक रूप से सामाजिक मंचो पर आवाज उठाई जाएगी। श्री मंडावी ने कहा कि अपने राजनैतिक हित के लिए अरविंद नेताम ने स्तरहीन आरोप लगा कर एक सच्चे आदिवासी नेता की छवि धूमिल करने का काम किया है। विधायक ने कहा कि पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज को अपनी धार्मिक आस्था के लिए अरविंद नेताम, केदार कश्यप या आरएसएस से सार्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है। विधायक विक्रम मंडावी ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अरविंद नेताम को सांसद बनाकर केंद्रीय मंत्री बनाया, उनकी पत्नी छबीला नेताम को कांग्रेस पार्टी ने सांसद बनाया उनके भाई शिव नेताम को कांग्रेस पार्टी ने मंत्री और उनकी बेटी प्रीति नेताम को कांग्रेस पार्टी ने दो बार कांग्रेस का टिकट दिया था। उस वक्त तक कांग्रेस पार्टी उनके लिए ठीक थी, लेकिन अरविंद नेताम और उनके पूरे परिवार ने सत्ता लोलुपता के लिए भाजपा, आरएसएस और उद्योगपतियों के सामने घुटने टेकने का काम किया हैं। विधायक विक्रम मंडावी ने आगे कहा दीपक बैज प्रकृति पूजक आदिवासी हैं। वे बूढ़ादेव, महादेव के उपासक हैं। जीवन के चौथे पहर वान प्रस्थ की अवस्था में अरविंद नेताम आरएसएस की पाठशाला से झूठ बोलने की जो शिक्षा नागपुर से लेकर आए हैं, उसका बस्तर के ही आदिवासी नेता पर प्रयोग कर रहे हैं। पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज दंतेश्वरी माई के अनन्य भक्त हैं। वे बस्तर दशहरा कमेटी के अध्यक्ष के रूप से 5 सालो तक प्रतिवर्ष 75 दिनों माई की सेवा करते रहे। कांग्रेस सरकार के समय सांसद के रूप में उन्होंने आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा दिया, देवगुड़ी, घोटुल के संरक्षण एवं संवर्धन का काम किया है। अरविंद नेताम आरएसएस की पाठशाला से भले आए हों, लेकिन उसके पीछे अडानी और उद्योगपतियो की वह खीझ है जो दीपक बैज के नेतृत्व में बस्तर से खनिज संपदा के लूट के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलनो को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। श्री मंडावी ने कहा कि एनएमडीसी नगरनार संयंत्र के बेचे जाने के खिलाफ की गई पदयात्रा हो या बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती को बचाने की पदयात्रा। हाल ही में बस्तर की खनिज संपदा की बंदरबांट के खिलाफ किरंदुल से दंतेवाड़ा तक की गई पदयात्रा में हजारों की संख्या में बस्तरवासियों ने इकट्ठा होकर बस्तर के हक की लड़ाई में अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। उसके बाद से ही बस्तर को लूटने की योजना बनाने वाले लोग तिलमिला गए हैं। बस्तर के ही वरिष्ठ आदिवासी नेता को मोहरा बनाकर पीसीसी अध्यक्ष के खिलाफ अनर्गल प्रलाप करवा रहे हैं। राज्य में जब से भाजपा की सरकार बनी है प्रदेश के शहरी एवं मैदानी क्षेत्रों में भी धर्मांतरण की घटनाएं बढ़ गई हैं। विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि भाजपा खुद धर्मांतरण को बढ़ावा देकर फिर वर्ग संघर्ष करवाती है। विपक्ष में रहते हुए धर्मांतरण के नाम पर फसाद करने वाले भाजपाई पिछले सवा साल से प्रदेश में हुई धर्मांतरण की घटनाओं पर चुप्पी साधे बैठे हैं। यही नहीं खबरें तो यह भी आ रही है कि धर्मांतरण कराने वालों को सत्तारूढ़ दल का संरक्षण मिला हुआ है। जशपुर, बस्तर में धर्मांतरण की घटनाओं के बाद भाजपा की खामोशी इस बात का प्रमाण है कि इन घटनाओं को उसका समर्थन है। साय सरकार ने अपनी पहली बैठक में ही वह दावा किया था कि नया धर्म स्वातंत्र विधेयक का ड्राफ्ट तैयार है। 60 दिन के भीतर लागू हो जाएगा, लेकिन सवा साल बीतने के बाद आ मौन है। कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को चुनौती देती है। धर्मातरण को लेकर विशेष तौर पर छत्तीसगढ़ को लेकर श्वेत पत्र जारी करें। रमन सरकार में कितने चर्च बने थे और कांग्रेस के भूपेश बघेल सरकार के दौरान कितने चर्च बने थे स्थितियां स्पष्ट हो जाएंगी। भाजपा की जब-जब प्रदेश में सरकार रही स्वयं धर्मातरण को बढ़ावा देती है। ताकि इस मुद्दे पर बयानबाजी करके मतों का ध्रुवीकरण कर सके। भाजपा को हिंदुत्व और सनातन से कोई मतलब नहीं है। वह केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस प्रकार की चीजों को प्रचारित प्रसारित करती है।

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