दल्लीराजहरा – दल्लीराजहरा में कोरोना की रफ़्तार में कमी आई लेकिन दल्ली से लगे गावों में इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है |
डौंडी ब्लॉक में डौंडी एवं आसपास के क्षेत्र एवं दल्लीराजहरा में वार्डवार मिले संक्रमितों कि जानकारी इस प्रकार है –
|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||
सुबह सिटी मीडिया में अवैध रेत के संबंध में समाचार प्रकाशित किया गया प्रशासन में हरकत में आई
ग्राम रंगकठेरा तहसील गुंडरदेही में जिला खनिज विभाग की टीम ने दबिश देकर अवैध रूप से ट्रेक्टर के माध्यम से परिवहन करते हुए गामा साहू रंगकठेरा निवासी को पकड़ा और ट्रेक्टर को थाना गुंडरदेही के सुपुर्द किया। वही मुख्य सड़क पर गामा साहू के ब्यारा में लगभग 15 ट्रैक्टर रेट अवैध रूप से रखी हुई है जिस पर कोई करवाई नहीं की गयी। जिला खनिज की टीम धरसा रोड पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से भंडार किए हुए रेत तक तो पहुच पायी परन्तु कोई कार्यवाही नही कर पाय। मौके पर उपस्थित सरपंच पति नरेश साहू ग्राम कोटवार देवदास मानिकपुरी व पंचगण कुँवर दास टंडन और रोमेश यादव पूर्व सरपंच चंद्रभान निषाद व अश्वनी बांधे किसी ने भी रेत के अवैध भंडारण का सुपुर्द नहीं लिया। जिला खनिज विभाग कि टीम लगातार सरपंच पति और उपस्थित जनों से निवेदन करते रही कि ग्रामीण लोग ही सहायता नहीं करेंगे तो हम विभाग वाले कैसे कारवाई कर पाएंगे। सरपंच पति व कोटवार का कहना था कि अवैध रूप से भंडारी रेत का सुपुर्द नहीं ले सकते क्योंकि पूर्व में भी पूर्व सरपंच को इस तरह का सुपुर्दनामा किया गया था परंतु रेत माफिया द्वारा पुनः सुपुर्द किए गए रेत को चोरी कर लिया गया। कुल मिलाकर जिला खनिज की टीम अपने आप में असहाय नजर आ रही है वही मौके पर उपस्थित एक अन्य अवैध रेत परिवहनकर्ता द्वारा नदी से पुनः रेत निकालने की बात कही जो प्रत्यक्ष रुप से खनिज विभाग को चुनौती देने वाला है ।ग्राम रंगकठेरा अंतर्गत जगह जगह अवैध रूप से भंडारीत रेत देखे जा सकते हैं। जिला खनिज की टीम में शशांक सोनी (इंस्पेक्टर)अशोक गुप्ता, श्रीकांत यादव (सुपरवाइजर) थे।
जगदलपुर– भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा नगर मंडल मीडिया प्रभारी ममता सिंह राणा ने प्रदेश सरकार एवम जिला प्रशासन से कहा कि फ्रंटलाइन कोरोना वारियर्स के रूप में सतत सेवाएं दे रहे बस्तर जिले के पत्रकारों के लिए कोरोना का इलाज करने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग करती हूं ।प्रदेश सरकार से यह भी मांग करती हूं कि संक्रमित पत्रकारों के निजी /शासकीय अस्पतालों में हरसंभव इलाज करवाने की मांग करती हुँ। पत्रकारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाएं। बस्तर जिले में लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच विपरीत परिस्थिति में जन जन तक आवश्यक सूचनाएं खबरें पहुंचाने के नेक काम में पत्रकार भाई लगे हैं । जनता
की आवाज बन कर अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं और लगातार संक्रमण की चपेट में भी आ रहे हैं परंतु पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओ के अभाव में वे जूझने मजबूर है ।ऐसे में पत्रकारों के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखने की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार सहित जिला प्रशासन की है। पिछले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ में हमारे बहुत से पत्रकार भाई संक्रमित हुए और संक्रमण के चलते कई पत्रकारों की मृत्यु भी हो चुकी है ,जो की छत्तीसगढ़ के लिए अपूर्ण क्षति है ।प्रदेश सरकार से मैं यह कहना चाहती हूं कि पत्रकारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराए ,साथ ही कोरोना महामारी में दायित्व निभाते हुए जिन पत्रकारों ने अपनी जान गवाई है, उनके परिजनों को भूपेश सरकार उचित मुआवजा प्रदान करें, सरकार से मैं यह भी मांग करती हूं कि कोरोना ड्यूटी में लगे समस्त शासकीय कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए।
दल्लीराजहरा के युवक ने शादी समारोह ग्राम हर्राटोला में मामूली विवाद पर गाँव के युवक थानसिंह की कार से कुचल हत्या कर देने का मामला सामने आया है | घटना सोमवार दिनांक 26 अप्रेल राजनांदगांव जिले के मोहला थाना क्षेत्र ग्राम हर्राटोला की है | जिसमे दल्लीराजहरा के वार्ड क्र 09 हाईस्कूल सेक्टर का युवक अशोक कुमार यादव पिता शंकर लाल यादव ग्राम हर्राटोला बाल सिंह के घर शादी समारोह में शामिल होने गया था विवाह समारोह के दौरान गाँव के युवक थानसिंह और आरोपी अशोक कुमार के बीच मामूली बात पर दोनों के बीच झगड़ा हो गया जिसे बड़ी मुश्किल से घर वालों द्वारा शांत कराया गया लेकिन आरोपी अशोक कुमार ने विवाद को गंभीरता से
लेते हुए युवक को जान से मारने की धमकी दी और जैसे तैसे मामला शांत हुआ | समारोह संपन्न होने के बाद युवक थानसिंह अपने साथी चैनसिंह के साथ घर जाने के लिए निकला उसी समय आरोपी अशोक भी निकला | आरोपी अशोक पर तो जान से मारने का भुत सवार था | आरोपी अशोक ने जैसे ही उस युवक थानसिंह को जाते हुए देखा अपनी कार सीजी 07 एमबी 8692 निकाली और तेज गति से चलाते हुए उसकी ओर ले गया और उसे कार से कुचल कर मार डाला यहाँ तक कि उसके साथ चैनसिंह को भी मारने की कोशिश की लेकिन वह जान बचाकर भाग गया आरोपी के भाग जाने के बाद थानसिंह को मोहला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया किन्तु डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया |
मृतक के साथी चैनसिंह की गवाही पर आरोपी अशोक कुमार यादव के खिलाफ धारा 302, 307, 3 (2) (5) के तहत आरोपी की गिरफ़्तारी कर रिमांड पर भेजा गया एवं कार की जप्ती की गई |
रेल्वे स्टेशन राजहरा में पेसेंजरों की कोविड 19 चेक करने हेतू कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जिला बालोद के आदेश से राम प्रसाद खुरश्याम जो कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डौंडी में लैब टेक्नोलॉजिस्ट के पद पर पदस्थ है स्टाफ सतीश कुमार ध्रुव एवं रेल्वे कर्मचारी रविकांत नायडू, अमृत पाल, सुनील कुमार, राजेश, दिवेन्द्र नागेशी, जया दास के साथ डियूटी पर तैनात होकर ट्रेन से आने जाने वाले व्यक्तियों का कोरोना जांच कर रहे थे लगभग 12.15 बजे दिन में दुर्ग से राजहरा पेसेंजर ट्रेन आयी थी उसमें से उतरने वाले यात्रियों का कोरोना टेस्ट कर रहे थे उसी समय दीपक साहू पिता मोहन लाल साहू वार्ड नं0 11 चिखलाकसा को कोरोना टेस्ट कराने कहे जाने पर स्वयं टेस्ट नहीं कराउंगा कहकर उत्तेजित होकर उपस्थित अन्य यात्रियों को भी भड़काते हुए कोरोना टेस्ट नही कराने उकसाने लगा, स्वास्थ्य विभाग द्वारा शासन का आदेश होना बताने पर तथा आदेश को भी दिखाये जाने पर भी दीपक साहू जांच कराने से इंकार करते हुए कोरोना टेस्ट बकवास है कोई टेस्ट मत कराओ शासन दिखावा करवा रही है कहने लगा । दीपक साहू के द्वारा अन्य लोगो को भड़काने के साथ स्वास्थ्य विभाग एवं रेल्वे विभाग के लोगो को घृणित शब्दो के साथ दुर्व्यवहार किया |
स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा किये जा रहे शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाते हुए कोविड 19 संक्रमण के रोकथाम हेतू लागू नियमों/ आदेशों का अवहेलना कर आपदा अधिनियमों का उल्घंन किया गया है | आरोपी दीपक साहू पिता मोहन लाल साहू द्वारा स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया गया तथा सैंपलिंग कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया था जांच में सहयोग करने वाले व्यक्तियों को भी भड़काने का कार्य किया तथा अन्य लोगो की जांच करने से मना गया जिसके कारण कोविड 19 के मरिजों की जांच नहीं हो पायी । जिसकी शिकायत दल्लीराजहरा पुलिस थाने में की गई जिसके आधार पर पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध धारा 186, 188, 269 व 270 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज किया गया |
संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा दल्ली राजहरा के द्वारा डायरेक्टर इंचार्ज भिलाई इस्पात संयंत्र भिलाई को यह मांग पत्र मुख्य महाप्रबंधक खदान लौह अयस्क खदान समूह राजहरा के माध्यम से दिया गया ।
जिसमें संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा दल्ली राजहरा के नेताओं ने मुख्य महाप्रबंधक खदान से कहा कि देश पिछले एक वर्ष से कोविड-19 महामारी तथा विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है इस गंभीर संकट के दौरान सेल कर्मचारियों के योगदान की प्रबंधन द्वारा सराहना कई स्तरों पर किया गया है ।परंतु सभी यूनियनों द्वारा कर्मचारियों के वेतन समझौता जल्द से जल्द करने तथा हॉस्पिटल सुविधाओं में सुधार, कोविड-19 कर्मचारियों की मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार के आश्रित सदस्य की अनुकंपा नियुक्ति तथा अनुग्रह राशि कोविड-19 जोखिम को शामिल करते हुए कर्मचारियों का 50 लाख का बीमा कोविड-19 कर्मियों के पूरे आश्रित सदस्य को चिकित्सा व अन्य सुविधा जारी रखने जैसे संवेदनशील मांगो पर प्रबंधन द्वारा पूरी तरह उदासीनता बरतने के कारण सेल के विभिन्न इकाइयों में कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता गया है।
भिलाई के विभिन्न विभागों में कोविड-19 से अब तक 175 तथा लौह अयस्क खदान समूह राजहरा में 8 से भी अधिक कर्मियों की कोरोना से मृत्यु व सेल के अन्य इकाइयों से भी इसी तरह बड़े पैमाने पर कर्मियों व उनके परिजनों के मृत्यु हो जाने के पश्चात भी प्रबंधन द्वारा संक्रमण रोकने व चिकित्सा हेतु ठोस उपाय नहीं करने तथा कर्मियों के उपरोक्त जायज मांगों की अनदेखी कर उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया गया है जिससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता गया। जिसकी परिणीति सेल के विभिन्न इकाइयों में विभिन्न प्रकार के आंदोलनों के रूप में अभिव्यक्त हो रहा है। पिछले दिनों भिलाई एवं बोकारो इस्पात संयंत्र के विभिन्न विभागों में हुआ टूल डाउन आंदोलन भी कर्मचारियों के इसी स्वभाविक व सामूहिक आक्रोश की अभिव्यक्ति के रूप में हुआ है ।
किंतु प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों की जायज मांगों पर सकारात्मक पहल करने के बजाय भिलाई एवं बोकारो इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों पर विभिन्न दमनात्मक कार्यवाही किया गया है प्रबंधन द्वारा किया गया यह दमनात्मक कार्रवाई कंपनी के भविष्य व औद्योगिक संबंध के दृष्टिकोण से उचित नहीं है।
प्रबंधन के इस रवैये का लौह अयस्क खदान समूह दल्ली राजहरा की संयुक्त खदान मजदूर संघ (एटक), हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन (सीटू), मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक), खदान मजदूर संघ (बी एम एस), छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ दल्ली राजहरा कड़ा विरोध करते हैं तथा प्रबंधन से यह मांग करते हैं कि भिलाई इस्पात संयंत्र व बोकारो इस्पात संयंत्र कर्मचारियों पर किए गए दमनात्मक कार्रवाई तत्काल वापस लिया जाए । अन्यथा खदानों के कर्मचारी भी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
प्रबंधन से चर्चा इन प्रतिनिधियों ने किया कमलजीत सिंह मान, राजेंद्र बेहरा, दान सिंह चंद्राकर, राजेश कुमार साहू , पुरुषोत्तम सिमैया, प्रकाश छत्रिय, विनोद मिश्रा, मंडल जी , गणेश राम चौधरी , तिलक राम मानकर, लखन चौधरी आदि ने भाग लिया.
केंद्र सरकार द्वारा घोषित महारत्न कंपनी सेल में कर्मियों का वेतन पुनरीक्षण समझौता विगत बावन महीनों से लंबित है। पूर्व में सेल प्रबंधन द्वारा वेतन पुनरीक्षण हेतु राशि अलग से रखी गयी थी किन्तु अचानक सेल प्रबंधन ने डीपीई गाइड लाइन का हवाला देते हुए कहा कि चूंकि सेल घाटे में है इसलिए डीपीई गाइड लाइन के मुताबिक कर्मियों का वेतन समझौता फिलहाल नहीं हो सकता है और इसलिए सेल प्रबंधन द्वारा इस मद हेतु आबंटित राशि वापस ली जाती है। सेल प्रबंधन ने उक्त निर्णय एनजेसीएस के सदस्य श्रम संगठनों से बिना पूछे ले लिया। सेल प्रबंधन के उक्त निर्णय का विरोध भी किया गया क्योंकि डीपीई का गाइड लाइन कर्मियों पर लागू ही नहीं होता है। किन्तु कंपनी के हित को ध्यान में रखते हए सेल कर्मियों एवं श्रम संगठनों ने किसी तरह का कोई आंदोलन नहीं किया और यह विश्वास जताया कि वित्तीय स्थिति ठीक होने पर सेल प्रबंधन इसी डीपीई माइड लाइन के हिसाब से कर्मियों के लिए एक सम्मानजनक वेतन समझौता करेगा जिससे कर्मियों को डीपीई गाइड लाइन के अनुसार अधिकतम लाभ मिलेगा। किन्तु वित्तीय स्थिति में सुधार होते ही सेल प्रबंधन ने कर्मियों और श्रम संगठनों के विश्वास को ठेस पहुंचाते हुए वेतन समझौते के लिए आनाकानी शुरू कर दी जिससे कर्मियों के मन में कंपनी प्रबंधन के विरुद्ध न केवल अविश्वास की भावना पनपने लगी बल्कि श्रम संगठनों को भी सेल प्रबंधन के द्वारा किये जा रहे आनाकानी के कृत्य में स्पष्ट रूप से कर्मी विरोधी मानसिकता झलकने लगी।
इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध खदान मजदूर संघ मिलाई के राजहरा शाखा के सचिव लखन लाल चौधरी ने बताया कि सेल प्रबंधन के कर्मी विरोधी मानसिकता के वजह से सेल के विभिन्न इकाईओं में कर्मियों ने टूल डाउन करके विरोध जताया जिससे कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा। सेल प्रबंधन के इस दृषित मानसिकता के वजह से भारतीय मजदूर संघ ने दिनांक 03.05.2021 को सेल के सभी इकाईओं में एक दिवसीय हड़ताल का आश्वान करते हुए 16.04.2021 को इस सम्बन्ध में सेल प्रबंधन एवं सभी सम्बंधित विभागों को नोटिस दे दिया। इस सम्बन्ध में दिनांक 29.04.2021 को आरएलसी (केंद्रीय) रायपुर में एक समझौता वार्ता रखा जिसमे संघ के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से सेल प्रबंधन के कर्मी विरोधी मानसिकता का विरोध करते हुए कहा कि कोई भी श्रम संगठन हड़ताल करने के पक्ष में नहीं रहता है किन्तु प्रबंधन के कर्मी विरोधी अडियल नीति एवं मानसिकता के कारण मजबूर होना पड़ता है। भा.म.संघ. भी हड़ताल को आखरी विकल्प मानता है लेकिन वर्तमान में सेल प्रबंधन के अड़ियल नीति और कर्मी विरोधी मानसिकता के कारण हड़ताल जैसे कदम उठाने हेतु मजबूर है।
अगर सेल प्रबंधन को कंपनी और कर्मियों की सचमुच में चिंता है तो वह कर्मियों को डीपीई गाइड लाइन के मुताबिक 150 एमजीवी और 3546 वेरिएबल पर्कस देने के लिए तैयार हो जाये और इसकी घोषणा तत्काल रूप से एनजेसीएस की बैठक बुलाकर कर देवे। किन्तु सेल प्रबंधन की मानसिकता कमी विरोधी है और सेल प्रबंधन द्वारा कर्मियों एवं अधिकारीयों के बीच एक दीवार खींचने का प्रयास किया जा रहा है जिसके फलस्वरूप सेल प्रबंधन द्वारा बनिए की दुकान की तरह मोल भाव किया जा रहा है। 23.04.2021 को हुई बैठक में सेल अध्यक्ष द्वारा 11.2540 एमजीबी देने की बात की गयी और पर्कस के सम्बन्ध में कोई वर्षा ही नहीं की गयी। साथ ही विगत बावन महीनों के बकाया राहत राशि देने में भी सेल प्रबंधन द्वारा आनाकानी की जा रही है। सेल प्रबंधन के इन कृत्यों को भा.म.सं.स्पष्ट रूप से कर्मी विरोधी मानसिकता मानता है और अगर सेल प्रबंधन द्वारा 03.05.2021 के पहले किसी तरह का कोई सकारात्मक पहल होते नहीं दिखता है तो भा.म.सं. दिनांक 03.05.2021 को सेल के सभी इकाईओं में घोषित हड़ताल करने हेतु मजबूर होगा जिससे होने वाले किसी भी तरह के नुकसान के लिए केवल और केवल सेल प्रबंधन ही जिम्मेदार होगा।
समझौता वार्ता के अंत में आरएलसी (केंद्रीय) रायपुर श्री अखिलेश राय ने प्रबंधन को कर्मियों के हितार्थ 03.05.2021 से पहले सकारात्मक पहल करने की सलाह देते हुए दो दिन बाद पुनः समझौता वार्ता रखने की बात कही जिसपर प्रबंधन के तरफ से उपस्थित प्रतिनिधियों ने शीघ ही इस सम्बन्ध में सेल कॉर्पोरेट ऑफिस तक बात पहुंचाते हुए सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया।
अंत में लखन लाल चौधरी ने कहा कि अगर सेल प्रबंधन अपने कर्मी विरोधी मानसिकता पर अड़ा रहता है तो मा.म.सं. अपने पूर्व घोषित कार्यक्रमानुसार 03.05.2021 को सेल के सभी इकाईओं में हड़ताल करेगा। उन्होंने सभी खदान कर्मियों से अपील की कि कोरोना काल के विषम परिस्थिति के वजह से किसी तरह का कोई पोस्टर अथवा पैम्फलेट छपवाना संभव नहीं हो पा रहा है एवं भा.म.सं. के प्रतिनिधि अपने विचारों से अवगत करने हेतु कर्मियों से वन तो वन संपर्क नहीं बना पा रहे हैं किन्तु उन्हें विश्वास है कि मा.म.सं. द्वारा कर्मियों के हित हेतु हड़ताल करने के निर्णय को कर्मियों का समर्थन प्राप्त होगा और 03.05.2021 को कार्मिगं हड़ताल को शत प्रतिशत सफल बनावेंगे जिससे सेल प्रबंधन को अपने कर्मी विरोधी मानसिकता का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
कोरोना संक्रमण के दौर में जहाँ एक ओर लोगों का अस्तित्व संक्रमण के समय अपनी जान जोखिम में डाल लोगों की सहायता में जुटे हुए है |
इस वैश्विक महामारी के समय में शासन प्रशासन व स्वास्थ्य कर्मी अपनी व्यवस्थाओं से लोगों का जीवन बचाने में लगे हुए है, इसके बावजूद कोरोना संक्रमण से लगातार कई लोगों को अपने परिजनों अथवा स्नेहीजनों को खो रहे है | रिश्ते भी अपने आप में इतने मजबूर हो गए है कि अपनों के सूख दुःख में शामिल नहीं हो पा रहे है | सभी को अपनी जान एवं परिवार की चिंता लगी है |
ऐसे ही एक घटना कल चिखलाकसा वार्ड क्र 09 लाल बहादुर शास्त्री वार्ड में घटी जिसमे एक परिवार की इकलौती बेटी अंजना मिश्रा उम्र 43 वर्ष को कोरोना संक्रमण के कारण अपने जीवन से हाथ धोना पड़ा | बताया जाता है कि 3-4 दिनों से सर्दी खांसी हुआ था दो दिन बाद बुखार आने पर 27 तारीख को माइंस ऑफिस गेट के पास कोविड सेंटर जांच केंद्र में जाकर जांच कराने पर पॉजिटिव रिजल्ट आया इसके बाद वह होम आइसोलेशन में रही | 28 तारीख को रात्रि 10 बजे तबियत ख़राब होने पर 108 को फ़ोन कर बुला स्थानीय शहीद अस्पताल में भर्ती हुई | रात्रि 1:30 बजे उसकी मृत्यु हो गई | 5-6 माह पूर्व उसके पिता की भी मृत्यु हो गई थी | घर पर केवल वृद्ध माँ थी |
शव का अंतिम क्रियाकर्म के लिए मोहल्ले वासियों द्वारा चिखलाकसा के अजजा मोर्चा के जिलाध्यक्ष व् सांसद प्रतिनिधि विक्रम ध्रुवे को दोपहर 12 बजे सुचना दी गई | शासन से पीपीई किट की व्यवस्था कर घर के पास पहुंचे किन्तु संक्रमण के डर से वार्ड का कोई भी सदस्य सामने नहीं आया इसके पश्चात् विक्रम ध्रुवे द्वारा उनके परिजनों से चर्चा कर स्वयं ही अपने टीम के साथ पीपीई किट पहनकर उक्त महिला को अपनी बहन मानकर मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया | उनके साथ नगर पंचायत उपाध्यक्ष अब्दुल इब्राहीम मुस्लिम होने के बावजूद अंतिम संस्कार में सहयोग दिया एवं बाबूलाल एवं कैलाश ने सहयोग प्रदान किया | विक्रम ध्रुवे द्वारा बताया गया कि हमारे युवा साथी कोरोना विपत्ति के समय क्षेत्र की जनता का हर संभव सहयोग करने के लिए तत्पर है |
आज बस्तर साँसद दीपक बैज के पहल पर मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़ी बैठक हुई। यह बैठक साँसद,विधायक,एवँ जिला प्रशासन के साथ 5 बजे मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में रखा गया लगभग 2 घंटे से भी ज्यादा देर तक चली इस महत्वपूर्ण बैठक में कोरोना काल मे स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मरीजों एवँ उनके परिजनों को किसी प्रकार की दिक्कत ना हो व छोटी छोटी कमियों एवँ स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मा0 मुख्यमंत्री भुपेश बघेल जी के मानसा अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा। जिसमे प्रमुख रूप से बस्तर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, हस्तशिल्प विकास बोर्ड अध्यक्ष चंदन कश्यप,चित्रकोट विधायक श्री राजमन बेंजांम की उपस्थिति में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए :-
मरीज़ो की संख्या को देखते हुए तत्काल वेंटिलेटर ख़रीदी करने का निर्णय
आक्सीजन की कमी ना हो इस लिए लिक्विड आक्सीजन और ऑक्सीजन प्लांट हेतु भेजेंगे शासन को प्रस्ताव जल्द ही स्वीकृति मिलने की उम्मीद
कोरोना की गंभीर परिस्थिति को देखते हुए डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में करेंगे एम.बी.बी.एस.डॉक्टरों की भर्ती
आक्सीजन में वेंटिलेटर के कंट्रोल पैनल के लिए देंगे 27 लाख
वार्ड बाय एवँ स्टाफ नर्सो की ड्यूटी संख्या में करेंगे बढ़ोतरी व जरूरत पड़ी तो और भी करेंगे भर्ती
पी पी ई किट,ग्लब्स व अन्य आवश्यक सामग्री की कमी ना हो इस हेतु तत्काल क्रय करने के निर्देश
भोजन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश
बफर जोन में जाने की अब अटेंडरों को नहीं होगी अनुमति व मरीज़ो के सहायता के लिए बढ़ाये जाएंगे कर्मचारी अस्पताल केम्पस में प्रवेश हेतु जारी किए जाएंगे आईडी कार्ड
इस दौरान प्रशासनिक अमला कलेक्टर रजत बंसल,पुलिस अधीक्षक दीपक झा,सीईओ जिला पंचायत इंद्रजीत चन्द्रवाल,मेडिकल कालेज डीन डॉक्टर यूएस पैकरा, अधीक्षक डॉ केएल आजाद,तहसीलदार व कोविड वार्ड प्रभारी राहुल गुप्ता,सी.एच.एम.ओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बस्तर के पूर्व सांसदों के नाम को धूमिल करने का प्रयास ना करें विभाग के जिम्मेदार अधिकारी
जगदलपुर / शिवसेना । सर्वविदित हैकि बस्तर ज़िला के डिमरापाल में पूर्व सांसद व वरिष्ठ भाजपा नेता स्व. बलिराम कश्यप जी के नाम पर चिकित्सा महाविद्यालय और पूर्व सांसद व वरिष्ठ कांग्रेस नेता शहीद महेंद्र कर्मा जी के नाम पर चिकित्सालय स्थापित है।
यहां से काफ़ी लंबे समय से शिक़ायत आती हैकि सिटी स्कैन मशीन बंद है और उसपर जांच नही होती है, जिसकारण उपचार हेतु सामान्य दिनों में भी और अभी कोविड संक्रमण से उत्पन्न महामारी के दौर में भी आम जनता जांच हेतु निजी तंत्र पर निर्भर होने मज़बूर हो जाते हैं। पिछले वर्ष संक्रमण के दौर में निजी संस्थाओं द्वारा महामहिम राज्यपाल के आदेश के बावजूद तय शुल्क से अधिक वसूल कर रहे थे। आपदा को अवसर में बदल कर अवैध कमाई करने वाले ऐसे दो संस्थान के विरुद्ध सबूत के साथ शिक़ायत करने के उपरांत भी आजतक कार्यवाही नही हुई। इनमें से एक संस्थान डॉ. चिखलिकर स्कैन एंड रिसर्च सेंटर तथा दूसरा यूव्ही डायग्नोस्टिक सेंटर है।
इस वर्ष भी जब कोविड संक्रमण का द्वितीय दौर आया तब निजी संस्थान के द्वारा अधिक शुल्क लेने का मामला सामने आया था, जिसपर ज़िला कलेक्टर की टीम ने डॉ. चिखलीकर स्कैन एंड रिसर्च सेंटर में दबिश भी दी थी।
शासकीय सिटी स्कैन की सुविधा आख़िर लंबे समय से बंद क्यों है, यह जिम्मेदार अधिकारी की नाकामयाबी का जीता जागता सबूत हो सकता है।जिसकी भरपाई बस्तर की वहीं आम जनता आज कर रही है जिन्होंने मतदान करके पूर्व व वर्तमान समय में सांसद व विधायक बनाया है। शिवसेना ने साफ़ शब्दो मे कहा हैकि जिम्मेदार अधिकारी अपनी लापरवाही के चलते बस्तर के दो दिग्गज व महान नेताओं के नाम को धूमिल करने का प्रयास ना करें।
उनके लापरवाही के कारण शासकीय तंत्र की नाकामयाबी का बोझ आमजनता पर इस कदर पड़ रहा हैकि उन्हें आपदा के समय भी सिटी स्कैन के नाम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ वहन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसी ग़रीब व मध्यम वर्गीय परिवार के लिए 3 – 4 हज़ार रुपये बहुत मायने रखते हैं, यदि सिटी स्कैन की सुविधा शासकीय तौर पर उपलब्ध होगी तो संकट के इस दौर में वे उन पैसों का अन्य उपयोग कर सकते हैं।
शिवसेना के ज़िला अध्यक्ष अरुण कुमार पाण्डेय् ने कहा कि यदि यह राज्य का विषय है तब कांग्रेस नेता वर्तमान सांसद दीपक बैज जी एवं शहर विधायक व संसदीय सचिव रेखचंद जैन जी एवं यदि यह मामला केंद्र से संबंधित है तब भाजपा नेता पूर्व सांसद दिनेश कश्यप जी व पूर्व शहर विधायक संतोष बाफना जी से वे हाथ जोड़कर निवेदन करते हैकि कृपया व्यवस्था को सुधार कर शासकीय सिटी स्कैन सेवा आरंभ करवाने में अपनी भूमिका निभाए और बस्तर की आमजनता को अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत दें।
उन्होंने इसी तरह कोविड संक्रमण के बढ़ते मामले पर ज़िला प्रशासन का ध्यानाकर्षण करते हुए कहा कि गंभीर होकर समय रहते ही बस्तर ज़िला के अंतर्गत आने वाले समस्त विकासखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं व कमी की समीक्षा कर लेनी चाहिए। आम जनता के प्राणों की रक्षा के लिए समय रहते ही चिकित्सकीय सुविधाओं व व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर ध्यान देना आवश्यक होगा।