City Media - Page 1710 of 1841 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 1710

अभी तो ये अंगड़ाई है, आगे बहुत लड़ाई है…नगरनार के लिए जाग उठा बस्तर, कांग्रेस बनी रहनुमा

0

जगदलपुर। बस्तर विकास का सपना यानी एनएमडीसी के नगरनार स्टील प्लांट को विनिवेशी करण से बचाने बस्तर जाग उठा है। इस प्लांट के डी मर्जर के खिलाफ शंखनाद हो चुका है। कांग्रेस ने आंदोलन की कमान संभाल ली है। नगरनार प्लांट बचाने के लिए पिछले दिनों हुई सर्वदलीय बैठक से केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने दूरियां बना ली लेकिन राज्य की सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस की ओर से लोकसभा में बस्तर का प्रतिनिधित्व कर रहे सांसद दीपक बैज ने मोर्चा का नेतृत्व स्वीकार कर लिया है।

उन्हें बस्तर का नगरनार स्टील प्लांट बचाने किए जाने वाले संघर्ष का अगुआ चुना गया है। कांग्रेस के विधायकों ने भी संघर्ष में कंधा से कंधा मिलाकर साथ देने की ठानी है तो भाजपा को छोड़कर अन्य दलों ने भी प्रभावित क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर इस संघर्ष को मुकाम तक पहुंचाने का फैसला किया है। नगरनार स्टील प्लांट को विनिवेश से बचाने के लिए आर्थिक नाकेबंदी के साथ ही पेसा कानून जैसे विकल्प पर विचार विमर्श किया गया है। गौरतलब है कि पूर्व में छत्तीसगढ़ में भाजपा शासन काल के समय भी नगरनार स्टील प्लांट के विनिवेश की आशंका को देखते हुए जबरदस्त आंदोलन किया गया था। जिसका नेतृत्व अब के मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस के तत्कालीन मुखिया भूपेश बघेल ने किया था।

अब जब भाजपा की केंद्र सरकार ने नगरनार स्टील प्लांट के डी मर्जर को हरी झंडी दे दी है तो कांग्रेस ने एक बार फिर से संघर्ष का रास्ता चुना है। बस्तर से लोकसभा सांसद दीपक बैज और छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम सहित बस्तर के सभी कांग्रेसी विधायक तथा अन्य जनप्रतिनिधि नगरनार स्टील प्लांट को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लोकसभा सांसद दीपक बैज और राज्यसभा सांसद फूलो देवी ने पहले से ही इस मामले में केंद्र सरकार तक अपनी भावना पहुंचा दी थी लेकिन केंद्र सरकार ने इस पर कोई जवाब दिए बिना ही नगरनार स्टील प्लांट के विनिवेश का रास्ता खोलने का कदम उठा लिया, जिससे बस्तर आंदोलित हो उठा है।

राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने स्तर पर बस्तर के विकास के लिए छोटे-छोटे स्टील प्लांट लगाने का विचार व्यक्त किया है। इस पर भी भाजपा की ओर से कटाक्ष किया जा चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तो यह सवाल भी उठा चुके हैं कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्टील प्लांट के लिए जमीन कहां से लाएंगे। उन्हें जवाब दिया जा चुका है कि जमीन बस्तर की ही होगी और इतने बड़े प्लांट नहीं लगाए जा रहे कि जमीन की कमी हो। यहां सवाल यह है कि जब पूर्व में भाजपा ही नगरनार स्टील प्लांट को बस्तर के विकास के लिए महत्वपूर्ण मान रही थी और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह कह चुके थे कि नगरनार स्टील प्लांट बस्तर विकास का एक बड़ा सहयोगी होगा। जब नगरनार स्टील प्लांट को बस्तर विकास के लिए मील का पत्थर माना जाता रहा है तो अब आखिर क्यों प्लांट के डी मर्जर की नौबत आ गई।

कांग्रेस और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का यह मत सामने आया है कि बस्तर विकास के लिए नगरनार स्टील प्लांट बहुत जरूरी है और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तो बस्तर में छोटे-छोटे स्टील प्लांट की स्थापना के लिए भी विचार व्यक्त कर चुके हैं। दरअसल भूपेश बघेल चाहते हैं कि बस्तर में इतने स्टील प्लांट लगें कि यहां का युवा उनमें रोजगार पा सके और लोग नक्सलवाद के कुचक्र का शिकार बनने के बजाय बस्तर विकास में सहभागी बनें। बस्तर में रोजगार की कमी और विकास के अभाव में ही नक्सलवाद को पंख लगे हैं। शोषण ने उन पंखों को और ताकत दी है। लेकिन अब कांग्रेस की राज्य सरकार का पूरा प्रयास है की बस्तर को ऐसे सुनियोजित विकास की दशा में आगे बढ़ाया जाए जिससे अमन चैन का माहौल भी बन सके।नगरनार स्टील प्लांट के विनिवेश का विरोध यहां की जनता इसीलिए कर रही है क्योंकि यह बस्तर विकास के सपने के तौर पर वर्षों से देखा जा रहा है। जब यह बनकर तैयार हो गया तो उसके विनिवेश का रास्ता खोलना बस्तर वासियों के साथ बहुत बड़े अन्याय के तौर पर देखा जा रहा है। अब यहां की जनता ने तय किया है कि केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ आर्थिक नाकेबंदी जैसे कदम उठाए जाएंगे। बिगुल बज चुका है। संघर्ष शुरु हो चुका है। अभी तो यह अंगड़ाई है आगे बहुत लड़ाई है… इस तर्ज पर कांग्रेस इस मुद्दे को आगे बढ़ा रही है तो भाजपा बस्तर की भावना के प्रतिकूल आचरण कर जनता से दूर हो रही है। वैसे भी बस्तर से भाजपा का बोरिया बिस्तर उठ चुका है। अब यही हाल रहा तो आगे भी उसे मुश्किल होगी।

कुछ वार्डो को बनाया जा सकता है कंटेंटमेंन जोन

0

जगदलपुर *महारानी अस्पताल के वीर गुंडाधुर वार्ड के सभागार में संसदीय सचिव, महापौर व सभापति सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोनावायरस जांच हेतु कंटेंटमेंन जोन बनाने हेतु चर्चा किया गया। संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि वैश्विक माहामारी कोविड-19 को लेकर सभी को गंभीरतापूर्वक कार्य करने की जिम्मेदारी सभी लोगों की है। इस हेतु स्वास्थ्य विभाग के गाईड लाईन को पालन करने की आवश्यकता है। ठंड़ के मौसम में इसके बढ़ने की संख्या ज्यादा है और जनता को ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ्य जांच कराना जरूरी है। मुख्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डां. चतुर्वेदी द्वारा कोरोनावायरस यानि कोविड -19 की उत्पत्ति सहित उसके विस्तार के संदर्भ में विस्तार से जानकारी दी। नगरपालिक निगम आयुक्त प्रेमसाय पटेल द्वारा वार्ड पार्षदों के कोरोना काल में दिये योगदान की तारीफ की।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद परिषद दल्ली राजहरा द्वारा कलेक्टर महोदय को केंद्रीय विद्यालय के स्थान में परिवर्तन न करने हेतु ज्ञापन दिया गया

0

दल्ली राजहरा – अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद परिषद दल्ली राजहरा द्वारा कलेक्टर महोदय को केंद्रीय विद्यालय के स्थान में परिवर्तन न करने हेतु ज्ञापन दिया गया जिसमें राकेश देवांगन पूर्व जिला संयोजक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बताया कि दल्ली राजहरा के साथ हमेशा से अछूता व्यवहार होता आ रहा है और जिलाधीश महोदय को इस मांग से अवगत

This image has an empty alt attribute; its file name is image-11.png

कराया गया मांग पूरा न किये जाने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आंदोलन हेतु बाध्य होगी। मुख्य रुप से उपस्थित पूर्व नगर अध्यक्ष दुष्यंत ताम्रकर,नगर मंत्री उमाशंकर साहू ,रविंदर गुप्ता, नितिन कुमार,पंकज साहू,प्रवीण साहू,गजेंद्र देवांगन,गौरव कौमार्य,शुभम बरनवाल,मनन गुप्ता आदि विद्यार्थी उपस्थित है।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-12.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-10.png
This image has an empty alt attribute; its file name is shankar-1024x682.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is image-2-831x1024.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-3.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-8.png

जामड़ीपाट पाटेश्वर धाम आश्रम को बालोद जिला वन विभाग द्वारा द्वेषपूर्ण तरीके से कब्जा एवं बेदखली का नोटिस दिये जाने के विरुद्ध राज्यपाल को ज्ञापन।

0

विदित हो कि विगत दिनों बालोद जिला वन विभाग द्वारा वन क्षेत्र में जामडीपाट पाटेश्वर धाम आश्रम निर्माण के विरूद्व कब्जा व बेदखली शब्द का उपयोग करत हुए एकतरफा नोटिस दिया गया है। जबकि पाटेश्वर धाम की तरह छत्तीसगढ़ के वनक्षेत्र में अनेक देव स्थान व आश्रम स्थापित है, किन्तु नोटिस केवल पाटेश्वर धाम आश्रम को ही दिया गया है |

This image has an empty alt attribute; its file name is image-11.png

चूँकि इस क्षेत्र में कुछ समय से हिन्दू प्रतिकों पर लगातार प्रहार किया ज रहा है, इसलिए ऐसा प्रतीत होता है कि वनांचल क्षेत्र में हिन्दु धर्म संस्कृति व गहरी आस्थ के प्रतीक बन चुके 40 वर्ष पुराना आश्रम को द्वेषपूर्ण एक तरफा नोटिस देना कोई गहर शाजिश है। इसके अलावा स्थानीय ग्राम पंचायत से लेकर आदिवासी समाज को आश्रम के विरूद्व भड़का कर सामाजिक समरसता को छिन्न-भिन्न करने का प्रयास भी निंदनीय है |

This image has an empty alt attribute; its file name is image-12.png

महोदया जी, विगत कई वर्ष से जामड़ीपाट पाटेश्वर धाम द्वारा शासन प्रशासन से जमीन का पट्टा प्रदान करने हेतु आवेदन के माध्यम से आग्रह किया जा चुक है, किन्तु प्रशासन द्वारा आवेदन पर विचार करने की बजाय उन्हे बेदखली का नोटिस देन सोची समझी साजिश प्रतीत होता है।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-10.png

अतः आपसे निवेदन है कि यदि शीघ्र ही बालोद जिला वन विभाग सहित स्थानीय जिला प्रशासन इस संबंध में काई सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है तो समस्त हिन्द संगठनों सहित जनता को न्याय मांगने सड़क पर उतरना पड़ेगा, इसकी समस्त जिम्मेदार प्रशासन की होगी।

This image has an empty alt attribute; its file name is shankar-1024x682.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is image-2-831x1024.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-3.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-8.png

प्रबंधन के उदासीन रवैये के कारण पदनाम और कैरियर ग्रोथ के मुद्दे पर डिप्लोमा इंजीनियर मैं भारी आक्रोश, हड़ताल में होंगे शामिल

0

दल्ली राजहरा – लौह अयस्क खदान समूह के डिप्लोमा इंजीनियर की बैठक 22 नवंबर को साहू सदन दल्ली राजहरा में हुई। डिप्लोमा इंजीनियर को चिदंबर राव, राजेश कुमार साहू , मोहिद शफी, रवि नारायण राव, बी के मिश्रा, रवि शंकर देशमुख, रामपाल, डी एस चौहान, महेश खोड़के, ए के राजोरिया, सी एल लहरें , पी एस पटेल, मनोज कुमार भोई, वेंकट महिलांगे , राजकुमार मुंडा ने संबोधित किया।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-11.png

डिप्लोमा इंजीनियरों ने एक सुर में कहा कि प्रबंधन पदनाम और केरियर ग्रोथ के मुद्दे पर डिप्लोमा इंजीनियरों का शोषण कर रही है। प्रबंधन को यह जानना चाहिए कि यह मुद्दा कहीं ना कहीं हमारे सामाजिक सम्मान एवं प्रतिष्ठा से जुड़ा है। देश के अन्य संस्थानों में अपने ही बराबर योग्यता वाले अन्य साथियों से पदनाम एवं प्रमोशन में पीछे होने के कारण इस वर्ग के कर्मचारियों के साथ उनके परिवार भी बहुत दुखी हैं, क्योंकि किसी व्यक्ति के तरक्की में उसके परिवार की भी खुशी छुपी होती है।

राजेश कुमार साहू ने कहा कि आज सेल में डिप्लोमा इंजीनियर की स्थिति यह है कि जूनियर को डिग्रेड करके S-3 ग्रेड में ज्वाइन कराया जा रहा है, एवं उनका पदनाम सम्मानजनक नहीं है। साथ ही जो वरिष्ठ डिप्लोमा इंजीनियर है वह वर्कर के अधिकतम ग्रेड S-11 में 8 से 10 वर्ष से रुके हुए हैं। उसके आगे ग्रेड भी नहीं है। उन्हें आर्थिक क्षति भी हो रही है। कुछ डिप्लोमा इंजीनियर की अभी भी 5 से 10 वर्षों की सेवा अवधि बची हुई है। प्रबंधन डिप्लोमा इंजीनियर को जवाबदारी तो पूरी दे रहा है, लेकिन जहां डिप्लोमा इंजीनियर को कुछ देने की बात आती है तो यह कह कर टाल देता है कि यह मामला कारपोरेट ऑफिस का है।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-12.png

डिप्लोमा इंजीनियर को सम्मानजनक पदनाम ना मिलने के कारण यह लोग हतोत्साहित हो रहे हैं, और उनमें आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-10.png

उन्होंने आगे कहा कि हम डिप्लोमा इंजीनियर को आज ग्रैजुएट इंजीनियर के प्रारंभिक पद पर लगभग 10 वर्षों में पहुंचना चाहिए था वह आज 25- 30 वर्ष बाद भी वहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। अभी भी लोगों के 5 से 10 वर्ष बचे हुए हैं। जबकि इतने वर्षों में देश के किसी भी संस्थान में ऐसा नहीं होता है पर इसके बारे में कोई नहीं सोच रहा है। इसलिए पदनाम और कैरियर ग्रोथ के मुद्दे पर हड़ताल में शामिल होने के लिए ना चाहते हुए भी मजबूर हैं।

This image has an empty alt attribute; its file name is shankar-1024x682.jpg

उन्होंने आगे कहा कि हम डिप्लोमा इंजीनियर को आज ग्रैजुएट इंजीनियर के प्रारंभिक पद पर लगभग 10 वर्षों में पहुंचना चाहिए था वह आज 25- 30 वर्ष बाद भी वहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। अभी भी लोगों के 5 से 10 वर्ष बचे हुए हैं। जबकि इतने वर्षों में देश के किसी भी संस्थान में ऐसा नहीं होता है पर इसके बारे में कोई नहीं सोच रहा है। इसलिए पदनाम और कैरियर ग्रोथ के मुद्दे पर हड़ताल में शामिल होने के लिए ना चाहते हुए भी मजबूर हैं।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-2-831x1024.png

महेश खोड़के और रवि नारायण ने कहा कि हम चाहते हैं :-

(1). सन 2017 में इस्पात मंत्रालय द्वारा जूनियर इंजीनियर पदनाम एवं कैरियर ग्रोथ (प्रमोशन) अन्य संस्थानों की तरह लागू करने के आदेश के बावजूद भी प्रबंधन द्वारा लटकाया जा रहा है. डिप्लोमा इंजीनियरों ने स्पष्ट कहा कि पदनाम और कैरियर ग्रोथ नहीं तो एक दिवसीय हड़ताल में शामिल होने के पश्चात आगे अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए भी बाध्य होंगे।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png

(2). सेल चेयरमैन श्री अनिल कुमार चौधरी ने नए वर्ष 2020 की शुभकामना बधाई संदेश में यह घोषणा की थी कि कर्मचारियों को सम्मानजनक पद जल्द दे दिया जाएगा लेकिन यह वर्ष भी समाप्ति की ओर है और उच्च प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को सम्मानजनक पदनाम नहीं दिया जा रहा है।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-3.png

ए के राजोरिया और आर. एस. देशमुख ने कहा कि यहां पर उपस्थित सभी डिप्लोमा इंजीनियरों ने भी यह बात स्पष्ट कहा कि सबसे ज्यादा समस्या प्रबंधन की डिप्लोमा इंजीनियर के प्रति विरोधी नीतियों से है, जो कि समझ से परे है कि डिप्लोमा इंजीनियर को जब देश में सभी संस्थानों में चाहे वह पब्लिक सेक्टर हो या प्राइवेट सेक्टर या गवर्नमेंट सभी जगह जब जूनियर इंजीनियर पदनाम (ज्वाइनिंग से ही) मिल रहा है साथ ही जैसी प्रमोशन पॉलिसी सब जगह है हम लोग भी तो वही मांग रहे हैं हम कोई अलग से नहीं मांग रहे, कुछ अधिक नहीं मांग रहे हैं फिर भी इस प्रकार से लटकाना कहीं ना कहीं कंपनी का नुकसान करना ही दर्शाता है। जबकि हम डिप्लोमा इंजीनियर हमारी पूरी क्षमता के साथ कंपनी के प्रत्येक जिम्मेदारी को लेते हुए उत्पादन के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपना सर्वोच्च लगा दे रहे हैं। यदि प्रबंधन हमें सम्मानजनक पदनाम जल्द नहीं देता है तो आने वाले समय में डिप्लोमा इंजीनियर उग्र कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे जिसकी पूरी जवाबदारी उच्च प्रबंधन की होगी।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-8.png

चिदंबर राव

राजेश साहू ने इस्पात मंत्रालय द्वारा 1 मई 2017 को जारी एक आदेश (No. 8(37)/2016-SAIL-PC, Government of India, Ministry of Steel, SAIL Division, Udyog Bhavan, New Delhi) की प्रति दिखाते हुए कहा कि इस आदेश में साफ-साफ लिखा गया है कि SAIL के डिप्लोमा इंजीनियर को BHEL और BSNL की तर्ज पर जूनियर इंजीनियर पदनाम प्रदान किए जाने की कार्यवाही की जावे, किन्तु इस्पात मंत्रालय के इतने स्पष्ट आदेश के बावजूद डिप्लोमा इंजीनियर को आज तक जूनियर इंजीनियर पदनाम नहीं दिया गया है, जो दिखाता है कि प्रबंधन इस्पात मंत्रालय के आदेश को भी नकारता रहा है, जिसके कारण डिप्लोमा इंजीनियर्स काफी हतोत्साहित हुए हैं। लौह अयस्क खदान समूह के डिप्लोमा इंजीनियर्स द्वारा सम्मानजनक पदनाम न दिए जाने के मुद्दे को इस्पात मंत्री के समक्ष उठाने का निर्णय ले चुके हैं और जल्द ही इस्पात मंत्री को इस संबंध में ज्ञापन देंगे।

जिला अध्यक्ष भारतीय गौरक्षा मंच द्वारा पाटेश्वर धाम आश्रम में वन विभाग की कार्रवाई को अमानवीय करार दिया

0

जिला अध्यक्ष भारतीय गौ रक्षा मंच नागेंद्र चौधरी ने बालोद जिले के पाटेश्वर धाम आश्रम में वन विभाग की कार्रवाई को अमानवीय करार देते कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा है कि जिस प्रकार नोटिस भेजा जा रहा है उससे साफ ज्ञात होता है कि यह दुर्भावनावश किया जा रहा है। पाटेश्वर धाम आश्रम वालोद जिला ही नहीं वरन पूरे देश में अपना एक अलग स्थान

This image has an empty alt attribute; its file name is image-11.png

रखता है। आज पाटेश्वर धाम में कौशल्या जन्मभूमि मंदिर का निर्माण हो रहा है जो पूरे विश्व में ख्याति अर्जित कर रही है। यहां संचालित होने वाला सीता रसोई आश्रम में दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियों को भोजन प्रसादी प्रदान की जाती है। ऐसे ही अनेक रचनात्मक कार्य

This image has an empty alt attribute; its file name is image-12.png

आश्रम परिसर में संचालित किए जाते हैं। ऐसे पुण्य भूमि पर वन विभाग की कार्रवाई शोभा नहीं देती है। पाटेश्वर आश्रम में सन 1975 में पूज्य सदगुरुदेव श्री रामजानकीदास जी महात्यागी का आगमन हुआ था उस दिन से आश्रम अस्तित्व में है।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-10.png

क्षेत्र के पुराने निवासियों द्वारा भी बताया जाता है कि आश्रम में गुरुदेव के आगमन से दैवीय कार्य और भी बढ़ा और रामायण व सनातन धर्म का प्रसार हुआ। आश्रम के पहाड़ पर स्थित पाटेश्वर बाबा सैकड़ों वर्षों से पूजे जाते रहे हैं, जहां वर्तमान में ग्रामीणों व भक्ते ने सीढ़ी बना कर आवागमन को सुगम बनाया। आज वर्तमान में आश्रम के संचालक रामवालकदास दास जी महात्यागी हैं जिनके द्वारा अमेकधार्मिक व जनहित के कार्य संचालितकिए जाते हैं।

This image has an empty alt attribute; its file name is shankar-1024x682.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is image-2-831x1024.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-3.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-8.png

Breaking Corona Alert – जाने ! आज दल्लीराजहरा में कितने कोरोना संक्रमित मिले

0

एक नजर – दल्लीराजहरा के किस वार्ड से कितने संक्रमित मिलें |

This image has an empty alt attribute; its file name is image-11.png

आज जिन वार्डों में कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है वे इस प्रकार है – वार्ड क्र 01  से 01, वार्ड क्र 04  से 01, वार्ड क्र 05   से 01,  वार्ड क्र 08  से 02, वार्ड क्र 11  से 01,  वार्ड क्र 18  से 01, वार्ड क्र 20  से 01, वार्ड क्र 21  से 02 और वार्ड क्र 24  से 01  की पुष्टि हुई है |  

This image has an empty alt attribute; its file name is image-12.png

इस प्रकार एंटीजन से 04, और आरटीपीसीआर से 07  की रिपोर्ट के आधार पर कुल 11 लोग कोरोना संक्रमित मिले |

This image has an empty alt attribute; its file name is image-10.png

विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया सिटी मीडिया भी नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध करता है कि घरों से कम से कम निकले एवं सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें जिससे स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख बड़ी हानि से बचे |

This image has an empty alt attribute; its file name is shankar-1024x682.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is image-2-831x1024.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-3.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-8.png

केंद्र सरकार से बदला लेने के लिए आर्थिक नाकेबंदी से सख्त कदम उठाने की जरूरत_रेखचंद जैन

0

जगदलपुर।विधायक व संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने नगरनार स्टील प्लांट डी-मर्जर व विनिवेशीकरण रोकने के लिए बुलाई गई बैठक में केंद्र की मोदी सरकार पर करारा हमला

बोलते हुए कहा कि नगरनार स्टील प्लांट डी-मर्जर के साथ बैलाडीला की खदानों को बेचा जाएगा,इसके लिए आर्थिक नाकेबंदी जैसे कठोर कदम भी उठाए जाएंगे। इस दौरान संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने सांसद दीपक बैज को सर्वदलीय समीति के अध्यक्ष बनाए जाने की वकालत की है।

खन्दक की लड़ाई में माओवादियों ने खेला आंकड़ो का दांव!

0

नक्सलियों का दावा-20 वर्षों में 4464 हमलों में मारे गए 2958 जवान और 294 माओवादियों की मौत

पहली बार नक्सलियों ने जारी किया बीस वर्षों का ब्योरा, एक साल तक पीएलजीए वर्षगाठ का किया ऐलान

बीजापुर:–बीजापुर। पुलिस और सुरक्षा बलों की घेराबंदी के बीच अपने आधार इलाकों में सिमट चुके माओवादियों ने पैठ मजबूत रखने आंकड़ों के जरिए संगठन की जमीनी हकीकत की पड़ताल में जुटे हैं। इसका खुलासा माओवादियों की केंद्रीय कमेटी की तरफ से जारी उस प्रेस नोट में हुआ है, जिसमें बीते 20 वर्षों में बस्तर में सक्रिय नक्सलवादियों की तरफ से किए गए हमलों, सफलता-अफसलता का ब्योरा रखने की कोशिश की गई है। जिसमें केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय के हवाले से जारी प्रेसनोट में बीते बीस सालों में बस्तर में हुए नक्सली हमलों में नक्सलियों ने पुलिस व सुरक्षा बलों को अधिक और नक्सली संगठन को नुकसान कम होने का दावा किया है। दरअसल बस्तर में पिछले पांच दशकों से चल रहे माओवादियों के खूनी खेल के बीच अब माओवादियों द्वारा 2 दिसंबर 2020 से लेकर 1 दिसंबर 2021 तक लगातार एक साल तक पीएलजीए यानि माओवादियों के पीपुल्स लिब्रेशन गुरिल्ला आर्मी के स्थापना के 20 वीं वर्षगांठ मनाने का ऐलान किया है।

वही दूसरी ओर माओवादियों के केंद्रीय कमेटी द्वारा एक प्रेसनोट और पर्चा जारी कर पिछले बीस वर्षों में जवानों पर किए गए हमलों के अलावा अन्य लोगों की हत्याओं समेत 20 वर्षों में मारे गए माओवादियों के आंकड़ों का ब्योरा सार्वजनिक किया है। माओवादियों द्वारा जारी पर्चे में पीएलजीए द्वारा अंजाम दिए गए घटनाओं का उल्लेख करते हुए जवानों से लूटे गए हथियारों समेत कारतूसों का विवरण पर्चे में दिया गया है। माओवादियों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के तहत् सन 2001 से लेकर सितंबर 2020 तक माओवादियों की गुरिल्ला आर्मी द्वारा जवानों पर छोटी और बड़े हमले मिलाकर 4464 हमले किए गए। माओवादियों के अनुसार इन हमलों में कुल 2958 जवान मारे गए हैं तो वही 3507 जवानों के घायल होने का दावा किया गया है। जबकि इन 20 सालों में माओवादी संगठन द्वारा 294 नक्सल सदस्यों के मारे जाने का दावा किया गया है। माओवादियों के केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने एक प्रेस नोट जारी कर 26 नवंबर को प्रस्तावित अखिल भारतीय हड़ताल को समर्थन देने की बात करते हुए केंद्र सरकार को जनविरोधी मजदूर, कर्मचारी और किसान विरोधी सरकार करार दिया है।

साथ ही 2 दिसंबर से पीएलजीए की 20 वीं वर्षगांठ मनाने की बात का उल्लेख करते हुए एक आंकड़ा प्रस्तुत किया गया है। जिसमें पिछले 20 वर्षों के नफा और नुकसान का ब्योरा दिया गया है। पर्चो के अनुसार जवानों पर अब कि 4464 हमले किए गए। साथ ही राजनीति से जुड़े 222 राजनेताओं की हत्या करने के साथ ही मुखबिरी के नाम पर 1105 संगठन से गद्दारी करने वाले 143 और सलवा जुडूम समेत अन्य संगठन जो नक्सल संगठन की खिलाफत करते थे इनमें से 516 लोगों की हत्या की जिम्मेदारी माओवादियों ने ली है, इसके अलावा जवानों पर किए गए हमलों के बाद 2308 हथियार और करीब डेढ़ लाख से अधिक कारतूस बरामद करने का खुलासा माओवादियों द्वारा किया गया है। वही इन 20 वर्षों में विभिन्न मुठभेड़ों के दौरान नक्सल संगठन से जुड़े 294 माओवादियों के मारे जाने का खुलासा भी किया गया है, जिनमें सर्वाधिक 2018 में 42, 2019 में 16, 2020 में सितंबर तक 11,2017 में 17, 2016 में 19, 2013 में 25,2011 में 26, 2010 में 28, 2009 में 15, 2008 में 19और 2007 में 23 माओवादियों के मारे जाने की बात कही गई है। विदित हो कि पहली बार माओवादियों द्वारा एक साथ 20 वर्षां का आंकड़ा जारी किया गया है, जिसमें जवानों पर हमलों के साथ -साथ स्वयं के नुकसान और हथियारों की लूट समेत राजनेताओं की हत्याओं का जिक्र किया गया है, साथ ही संगठन के खिलाफ जाने वाले और माओवादियों का विरोध करने वालों की हत्याओं का जिक्र करते हुए 20 वर्षों की तमाम घटनाओं की जिम्मेदारी ली गई है। साथ ही पहली बार एक साल तक वर्ष गांठ मनाने की अपील भी की गई है।

बॉक्स

वहीं दूसरी ओर इस मामले में बीजापुर एसपी कमलोचन कश्यप का कहना है कि सुरक्षा बल के जवानों के हांथो पिछले 20 वर्षों में माओवादियों को बड़ा नुकसान पहुंचा है बावजूद विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए माओवादियों के आंकड़ों को नक्सल संगठन द्वारा छुपाया जा रहा है साथ ही मुठभेड़ों में घायल होने वाले माओवादियों की संख्या भी नहीं उल्लेख नही किया गया है,जबकि हमेशा खासकर बस्तर में सुरक्षा बल के जवान नक्सलियों पर भारी रहे हैं और जब भी आमने सामने की लड़ाई होती है तो नक्सली पीठ दिखा कर भाग जाते हैं ऐसे में माओवादियों द्वारा जारी किये गए आंकड़े महज स्वयं की क्षति को छुपाने मात्र की कोशिश है।

सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 3 नक्सली को किया ढेर

0

जगदलपुर – आज रावघाट थाना क्षेत्र के तहत कोसरौंडा एसएसबी के सामने सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसकी पुष्टि एसएसबी डीआईजी वी विक्रमण ने की है। सुरक्षा बलों ने 3 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। इस मुठभेड़ में एक एसएसबी 33  बटालियन का जवान घायल हो गया है। घायल जवान को पैर में गोली लगी है। सुरक्षा बलों ने 3 नक्सलियों को मार दिया है, जिसमें 2 पुरुष, 1 महिला नक्सली शामिल हैं। नक्सलियों के पास से एके 47, एसएलआर, 12 बोर बंदूक और स्वचालित बंदूक बरामद हुई है |

MOST POPULAR

HOT NEWS