बीजापुर। माओवादियों के दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता विकल्प के बिज्जा को लेकर जारी किए गए अपने बयान के बाद अब माओवादियों के ही गंगालूर एरिया कमेटी के सचिव दिनेश मोड़ियम ने भी एक प्रेसनोट जारी कर गश्त के दौरान सावनार, तोड़का और कोरचोली गांव में 31 महिलाओं के साथ मारपीट करने का आरोप जवानों पर लगाया हैं साथ ही गंगालूर क्षेत्र के पुसनार, बुरजी, हिरोली, डुमीरपालनार और पालनार से मूल आदिवासियों को खदेड़कर वहां शासन द्वारा कैम्प स्थापित करने के प्रयास का भी आरोप लगाया है।
नक्सल नेता दिनेश मोड़ियम द्वारा जारी प्रेस नोट में उल्लेख किया गया है कि 30 अक्टूबर को सावनार, तोड़का और कोरचोली गांव में गश्त पर गए जवानों द्वारा दो गर्भवती महिला समेत 31 महिलाओं के साथ मारपीट की गई है। नक्सली नेता का आरोप है कि सावनार निवासी पुनेम लक्खू को पुलिस गिरफतार कर एंकाउंटर करने जंगल ले जा रही थी। इसी दौरान महिलाओं द्वारा विरोध करने पर गर्भवती महिला हेमला आयती, पुनेम ज्योति समेत हेमला पीड़े, हेमला लक्खे, कुरसम लख्मी, पोटा बायती, लक्खे हेमला, गुटो हेमला, आयती, मारी, हेमला सुक्खी, हेमला मासे, हेमला बोदी और हेमला सुकली समेत 31 महिलाओं से मारपीट की गई। इनमें से हेमला गुट्टो का सिर फटने से वह लहूलुहान हो गई थी। वही दूसरी ओर दंतेवाड़ा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे लोन वर्राटू अभियान को बेबुनियाद बताते हुए निर्दोष ग्रामीणों को जबरन समर्पण करवाकर पुलिस द्वारा दिखावा करने का आरोप लगाते हुए इस अभियान के तहत 127 माओवादियों के आत्मसमर्पण को माओवादी नेता ने सफेद झूठ करार देते हुए पुलिस और प्रशासन का दुष्प्रचार बताया है। साथ ही गंगालूर थाना प्रभारी और चेरपाल में पदस्थ कंपनी कमांडर को बर्खास्त करने की मांग करते हुए गिरफतार किए गए चार ग्रामीणों को रिहा करने के साथ ही डीआरजी जवान गोपी, सन्नू, मनेष, सागर, चलूर, मलेष, मंगल, मनीराम, पंडरू व प्रमोद को नौकरी से बर्खास्त करने की मांग की गई है।
पिछले दो महीनों से बस्तर के बीहड़ों में लगातार हो रही हत्याओं के बाद आखिर माओवादियों ने अब मान लिया है कि संगठन में बगावत की लहर तेज हो चली है,यही नही बल्कि बड़े कैडर के नक्सली ही बगावत कर संगठन की गोपनीय बातें और नक्सली नेताओ की सूचनाएं पुलिस तक पहुंचा रहे है, जिसे रोकने संगठन द्वारा निचले स्तर से उपर के मेम्बरों पर पोलित मेम्बरों को सतत् निगरानी बरतने के निर्देश जारी किए गए है। माओवादियों का यह कबूलनामा माओवादी प्रवक्ता विकल्प द्वारा जारी प्रेसनोट से बाहर आया है।
जिसमें पश्चिम बस्तर डीवीसी विज्जाल उर्फ बदरू की हत्या के जिम्मेदारी ली गई है और प्रेस नोट के जरिए इसका जिक्र भी किया गया है कि बिज्जाल की हत्या किन परिस्थितियों और कारणों में की गई, साथ ही हत्या के लिए जिम्मेदार कारणों पर माओवादियों की तरफ से संगठन स्तर पर किए गए विश्लेषण का जिक्र भी है।प्रेस नोट में जहां एक तरफ डीवीसी विज्जाल को संगठन की मुखालफत का आरोपी बताया गया है। जिसमें माओवादी कैडर्स की गोपनीय बैठकों की सूचना पुलिस तक पहुंचाने, बड़े माओवादी नेताओं के गोपनीय सूचनाएं देने, कम्यूनिकेशन सेट नंबर, कोड लिस्ट की जानकारी पुलिस को मुहैया कराने के आरोप है। इतना ही नहीं विज्जाल पर संगठन से जुड़ी महिला मेम्बर के साथ नाजायज संबंध बनाने, दैहिक शोषण के आरोप भी संगठन द्वारा उस पर लगाए गए थे।
प्रेस नोट में इस बात का उल्लेख है कि मनकेली गांव में जन्मे विज्जाल जब संगठन में शामिल हुआ था, तब उसकी गतिविधियां पूरी तरह से पार्टी के प्रति समर्पित थी। जनता को गोलबंद करने तथा पार्टी गतिविधियों, अनुशासन का पालन करने के कारण उसकी योग्यता को देख संगठन ने उस पर विश्वास जताया था। उसे डीवीसी स्तर की जिम्मेदारी इस भरोसे के साथ सौंपी गई थी कि वह माओवाद संगठन के उद्देष्यों को आगे तक लेकर जाएगा, परंतु विज्जाल संगठन की उम्मीदों पर खड़ा उतरने के बजाए पार्टी से गद्दारी शुरू कर दी। 2017-18 में पुलिस के संपर्क में आकर उसने कई दफा संगठन को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।
माओवादी नेता के हवाले से कहा गया है कि पार्टी में मेम्बरों की गलतियों को माफ करने का प्रावधान है, लेकिन संगठन की मुखालफत से बढ़कर संगठन के सदस्यों की हत्या, गिरफतारी की साजिष रचने के साथ महिला नक्सलियों का दैहिक शोषण जैसे संगीन आरोप के चलते उसे माफ करना संभव नहीं था इसीलिए उसे फांसी की सजा दी गयी।विज्जाल का उदाहरण देते माओवादी नेता का कहना है कि माओवादी संगठन परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। जिसमें पार्टी के सभी सदस्यों को सभी तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार रहने की आवष्यकता है। यहां आवश्यक हो गया है कि संगठन अपने स्तर पर निचले स्तर से लेकर उपर तक सतत् निगरानी बरतें ताकि संगठन में उत्पन्न भीतरघात की लहर को समय रहते रोका जा सके। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विज्ज़ा की हत्या के बाद माओवादियों के बड़े नेताओं द्वारा संगठन के जनता ना सरकार अध्यक्षों को एक बयान जारी कर विज्ज़ा के हत्या को लेकर सफाई दिया है।
Award letter number CCNW/PO-427000 9384 / PR No. 1130016028/ 610. Dtd-29.02.2020 के ठेके में श्रमिकों की हाजरी और वेतन में गड़बड़ी की गई थी जिसकी शिकायत भारतीय मजदूर संघ ने स्थानीय प्रबंधन को थी और श्रमिकों को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रबंधन को तत्काल कार्यवाही करने को कहा था ,जिस पर प्रबंधन द्वारा जांच करने पर भारतीय मजदूर संघ द्वारा ठेकेदार अनिल यादव पर
लगाये गये आरोपो को सही पाया और उस पर उचित कार्यवाही करने का संघ को आश्वासन दिया। किंतु ठेकेदार अनिल यादव द्वारा सभी आरोपों को गलत बताया जा रहा था, जो कि सरासर ग़लत है, ठेकेदार अनिल यादव द्वारा श्रमिकों की हाजरी और वेतन में गड़बड़ी की गई थी जो कि प्रमाणित हो चुका है। और यह बात इससे भी प्रमाणित होती है कि शिकायत के बाद अभी तक ठेकेदार अनिल यादव द्वारा श्रमिकों के खाते में लगभग 40000 रुपए प्रत्येक श्रमिकों के खाते में डाला जा चुका है और बाकी पैसे को जल्द ही डालने की बात कही जा रही है। इसमें फिर ठेकेदार अनिल यादव द्वारा यह कहना कि उसके द्वारा किसी प्रकार की गड़बड़ी
नहीं की गई है।सरासर ग़लत है एटक के कार्यकारी अध्यक्ष होने का प्रभाव दिखा कर श्रमिकों की मेहनत के पेसो को हजम किया है जिसकी जितनी भी निन्दा की जाए कम है क्योंकि एक तरफ एटक का कार्यकारी अध्यक्ष बनकर श्रमिक हित की बात करना और दुसरी तरफ ईस तरह श्रमिकों के हक के पैसों को हजम कर जाना ठेकेदार अनिल यादव और एटक के कार्यकारी अध्यक्ष के दोहरे चरित्र को उजागर करता है। इतना सब होने के बाद ठेकेदार अनिल यादव द्वारा श्रमिकों को अभी तक पेमेंट स्लिप नहीं दिया जा रहा है और न ही उनको उनके पुराने किये गये कार्य की मासिक हाजरी की जानकारी दी जा रही है जिससे श्रमिकों को पता चल सके कि
ठेकेदार अनिल यादव द्वारा उनके खाते में पैसा कितना और किस लिए डाला जा रहा है और श्रमिकों को पता चल सके कि अभी और कितना पैसा ठेकेदार अनिल यादव से लेना है, किंतु अभी तक किसी तरह की जानकारी नहीं देना समझ से परे है?और ठेकेदार द्वारा श्रमिकों को खाते में पैसा क्यो डाला जा रहा है उसकी भी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है |
इससे साफ पता चल रहा कि पकड़े जाने पर ठेकेदार अनिल यादव द्वारा श्रमिको का पैसा वापस किया जा रहा है फिर भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है |
भारतीय मजदूर संघ के सचिव लखन लाल चौधरी ने आगे बताया कि ईस ठेके में पाई गई आर्थिक अनियमितता गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है और ईस पर ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारी के ऊपर किसी प्रकार की कार्यवाही का न होने से कर्मचारियों में असंतोष पनप रहा है। क्योंकि ईस तरह कंपनी के पैसों का खुलेआम बंदरबांट किया जा रहा है और किसी प्रकार की कार्यवाही न होने से ऐसे भ्रष्ट ठेकेदारों का मनोबल बढ़ता जा रहा है क्योंकि एक तरफ कंपनी पैसों की कमी का हवाला देकर नियमित कर्मचारियों की सुवीधाओ में एक एक कर कटौती करतीं जा रही है और दुसरी तरफ ऐसे ठेकेदार कंपनी का पैसा खुलेआम लुट रहे हैं,और
(विशेष –जीवन प्रमाण पत्र, ITI, स्कालरशिप , ऑनलाइन फार्म एवं प्रोजेक्ट बनाया जाता है)
नियमित कर्मचारि अपने को ठगा महसूस कर रहा है कि यही महारत्न कंपनी है, जिसमें ठेकेदार मनमानी कर रहा है,और कंपनी के अधिकारी उसे मौन सहमति दे रहे हैं। इसलिए संघ ईसके लिए जिम्मेदार अधिकारी पर भी कार्यवाही करने की मांग करता है जिससे सभी नियमित कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों में एक अच्छा संदेश जाएगा,आज कि स्थिती में तो ऐसा लग रहा है कि भ्रष्टाचार के खेल में श्रमिकों के वेतन का बंदरबांट हो गया, लेकिन न तो ठेकेदार दोषी है न कोई अधिकारी अभी किसी ऊपर किसी प्रकार की कार्यवाही का न होना एक बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है कि पता नहीं ईस बंदरबांट में कितने लोग शामिल हैं? भारतीय मजदूर संघ प्रबंधन से मांग करता है कि ईस पुरे मामले शामिल ठेकेदार अनिल यादव और उससे संबंधित अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जावे अन्यथा संघ कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होगा,चाहे इसके लिए संघ को किसी भी तरह का आन्दोलन ही क्यो न करना पड़े। क्योंकि कंपनी के नियम सबके लिए समान है फिर एटक के कार्यकारी अध्यक्ष के ऊपर कार्रवाई का नहीं करना प्रबंधन के कुछ अधिकारी की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। साथ ही इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी पर भी कार्यवाही करने की मांग संघ करता है। नहीं तो ईसी तरह कंपनी के कुछ भ्रष्ट अधिकारी ठेकेदारों के साथ मिलकर कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाते रहेंगे और फिर कंपनी ईसकी भरपाई नियमित कर्मचारियों की सुवीधाओ में कटौती कर करेंगी, इसलिए ईस पर कार्यवाही कर तत्काल अंकुश लगाया जाए। धन्यवाद लखन लाल चौधरी सचिव खदान मजदूर संघ राजहरा शाखा
दल्लीराजहरा – दल्लीराजहरा गाडर पूल के पास नशे में धुत्त वेन चालक ने खड़ी ट्रक में वेन घुसा दी | जिससे वेन चालक को सिर में गंभीर चोट लगी है दुर्घटना के पश्चात् आसपास के लोगों द्वारा बड़ी मुश्किल से आधे पौन घंटे बाद वेन के दरवाजे को तोड़कर चालक को बाहर निकाला गया और उसे शहीद अस्पताल ले जाया गया है जहाँ उसका इलाज चल रहा है और
सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थिति को देखते हुए किसी अन्य बड़े अस्पताल रेफ़र किये जाने की सम्भावना है | वेन का सामने का हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है | प्राप्त जानकारी के अनुसार वेन चालक टेबुलर शीट का निवासी है उसका नाम गोपी है |
वेन का नंबर CG07 M 0743 गजाधर साहू के नाम से रजिस्टर्ड है | पुलिस मौके पर उपस्थित थी |
(विशेष –जीवन प्रमाण पत्र, ITI, स्कालरशिप , ऑनलाइन फार्म एवं प्रोजेक्ट बनाया जाता है)
दल्लीराजहरा – नगरपालिका परिषद् दल्लीराजहरा के गौठान में स्व सहायता समूह द्वारा गोबर से बनाये गए दीये इस दिवाली घर- आंगन रोशन करने की तैयारी के फलस्वरूप नगरपालिका में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सीएमओ एवं पार्षदगणों की उपस्थिति में गोबर के दीये का विक्रय करने का कार्य का शुभारंभ किया गया | जहाँ पर दीये की कीमत 2 रुपये रखी गई है |
गोबर के दीये की खासियत यह है कि एक तो पर्यावरण संरक्षण और दूसरा दीपावली में उपयोग करने के बाद जैविक खाद बनाने उपयोग में लाया जा सकता है दीया के अवशेष को
गमला या कीचन गार्डन में भी उपयोग किया जा सकता है। इस तरह मिट्टी के दीए बनाने और पकाने में पर्यावरण को होने वाले नुकसान के स्थान पर गोबर को दीए को इकोफ्रेंडली माना जा रहा है।
इस कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष शिबू नायर मुख्य नगरपालिका अधिकारी एन आर रत्नेश, लेखापाल, वार्ड पार्षद ममता नेताम रुखसाना बेगम एवं जनप्रतिनिधि प्रदीप कुमार रामू शर्मा मोनू जायसवाल पप्पू पंजवानी रमेश भगत आदि लोग उपस्थित थे |
(विशेष –जीवन प्रमाण पत्र, ITI, स्कालरशिप , ऑनलाइन फार्म एवं प्रोजेक्ट बनाया जाता है)
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन ब्लॉक इकाई- मोहला के सक्रिय सदस्य जितेंद्र मंडावी जी के आकस्मिक निधन होने से मंडावी जी के गृहग्राम- मार्री बंगला देवरी में उनके परिवार से
(विशेष –जीवन प्रमाण पत्र, ITI, कॉलेज, ऑनलाइन फॉर्म्स एवं प्रोजेक्ट वर्क से संबंधित कार्य किये जाते है)
सौजन्य भेंट करके फेडरेशन परिवार ब्लॉक ईकाई-मोहला व जिला फेडरेशन की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।
फेडरेशन के जिलाध्यक्ष-शंकर साहू ने अनुकंपा नियुक्ति व मृत्यु के उपरांत मिलने वाली विभिन्न मुद्दों की जानकारी परिवार के सदस्यों को दिया गया तथा उनके परिवार को फेडरेशन द्वारा हर समस्या में साथ देने का वचन भी दिया।
उपरोक्त जानकारी मीडिया में शंकर साहू जिलाध्यक्ष छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन जिला-राजनांदगांव ने दी है।
जगदलपुर। शहर के अधिकांश इलाकों के राजनीतिक रसूख रखने वाले लोगों की वजह से नगर ट्रांसपोर्ट नगर में तब्दील हो गया है वही ट्रांसपोर्टरों को कथित तौर पर पुलिस का अभयदान भी मिला हुआ है जिसके कारण उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया जाता है।
नगर निगम द्वारा ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बनाए जाने का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है और इसके परिपेक्ष में शहर की अधिकांश छोटी-छोटी गलियां भारी वाहनों के कारण बंद हो जाती है तो दूसरी तरफ लोगों का चलना फिरना भी दूभर हो जाता है इन सब के बावजूद इन ट्रांसपोर्टरों को किसी प्रकार की समझाइश नहीं दी जाती। भले ही पुलिस लाख दावा करे कि भारी वाहनों का प्रवेश दिन में वर्जित है किंतु यह दावे सिर्फ कागजी घोड़े ही साबित हो रहे हैं। सर्वाधिक दिलचस्प बात है कि बस्तर पुलिस की यातायात शाखा को यह सब जानकारी है किंतु राजनीतिक दबाव के कारण किसी प्रकार की कार्यवाही उनके द्वारा नहीं की जाती है जिससे लोगों में एक प्रकार का भय हमेशा से ही बना रहता है। नगर के विजयवार्ड लाला जगदलपुर गली, पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड ,सुभाष वार्ड, इंदिरा वार्ड और दंतेश्वरी वार्ड के निवासियों को इन दिनों खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इन वार्डों में बिना मापदंडों के पालन किए संचालित किए जा रहे गोदामों के संचालकों की लापरवाही से यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है ।गोदामों के सामानों की ढुलाई करने वाले ड्राइवरों पर किसी भी प्रकार का नियंत्रण नहीं होने पर दोनों वार्डो में यहां-वहां भारी वाहनों को खड़ा कर दिया जाता है जिससे वार्ड के रहवासियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है साथ ही साथ ऊपरवर्णित वार्डों में लगातार दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं आए दिन लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं ।बाहर से आए असामाजिक और संदिग्ध किस्म के ड्राइवरों द्वारा वार्ड में बेतरतीब तरीके से वाहनों को लोगों के घरों के सामने पार्क कर दिया जाता है और शाम ढलते ही नशाखोरी की जाती है जिसमें शराब के अलावा नशीली दवाइयों और गांजे का सेवन भी किया जाता है जिससे वार्ड की महिलाएं भी खासी परेशान हैं तथा वार्ड के जनप्रतिनिधियों का वरदहस्त भी ट्रांसपोर्टरों को मिला हुआ है जिसके कारण इन नियंत्रण नहीं हो रहा है और लोगों में आक्रोश पैदा हो रहा है ।नगर निगम जगदलपुर की ट्रांसपोर्ट नगर योजना ठंडे बस्ते में जाने के कारण यह स्थिति लगातार कई वर्षों से निर्मित हो रही है और उम्मीद की जा रही है कि वर्तमान नगर निगम के कार्यकाल में ट्रांसपोर्ट नगर की सौगात मिल सकती है।
दल्लीराजहरा कोकान रोड में ERTIGA कार CG07 BD 8775 पलट गई | कार में चालक के अलावा एक अन्य व्यक्ति भी बैठा था लेकिन दोनों सही सलामत है किसी को भी चोट नहीं लगी | कार जब पलटी थी पूरी तरह से उलटी हो गई थी आसपास के राहगीरों द्वारा कार में बैठे
चालक एवं उसके साथी को निकाला गया और बाद में क्रेन के माध्यम से कार को सीधा किया गया | सूत्रों के अनुसार कार की गति बहुत ज्यादा स्पीड में थी और कार को मोड़ते समय गति पर नियंत्रण न रख पाने के कारण कार पलट गई |
प्राप्त जानकारी के अनुसार गाड़ी हॉस्पिटल सेक्टर की बताई जा रही है और जिसे भोलू नामक युवक द्वारा चलाया जा रहा था | कार सरिता चंद और पता दुर्ग के नाम पर रजिस्टर्ड है |
दल्लीराजहरा –दिवाली त्यौहार जैसे जैसे नजदीक आ रहा है लोगों की बढती भीड़ और कोरोना के निर्देशों का पालन ना करना एक तरह से कोरोना महामारी को आमंत्रण देना है अभी कुछ दिन से आकड़ों को देखकर ऐसा लग रहा था कि दल्ली में कोरोना अब नियंत्रण में है किन्तु ऐसा नहीं है दल्लीराजहरा में आज कोरोना के संक्रमितों में बढ़ोतरी के साथ 25 संक्रमित मिले
आज जिन वार्डों में कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है वे इस प्रकार है – वार्ड क्र 01 से 03, वार्ड क्र 04 से 01, वार्ड क्र 05 से 03, वार्ड क्र 06 से 02, वार्ड क्र 08 से 02, वार्ड क्र 14 से 01, वार्ड क्र 15 से 01, वार्ड क्र 16 से 01, वार्ड क्र 17 से 02, वार्ड क्र 18 से 02, वार्ड क्र 19 से 03, वार्ड क्र 23 से 01, वार्ड क्र 25 से 02, और वार्ड क्र 27 से 01 मरीजों की पुष्टि हुई है |
इस प्रकार एंटीजन से 08 और RTPCR से 17 की रिपोर्ट के आधार पर आज कुल 25 लोग कोरोना संक्रमित मिले |
विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया सिटी मीडिया भी नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध करता है कि घरों से कम से कम निकले एवं सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें जिससे स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख बड़ी हानि से बचे |
दल्लीराजहरा – ईओडब्ल्यू का अफसर बताकर धौंस जमाते हुए दल्लीराजहरा के वन विभाग में कार्यरत अधिकारी से लाखों रुपये वसूलें गए है | आरोपी ने पहले वन विभाग में कार्यरत अधिकारी को फ़ोन कर आर्थिक अपराध शाखा में गंभीर अपराध पाए जाने और मामले में जेल जाने का भय दिखाकर अलग अलग किस्तों में 10 लाख रुपये वसूल लिए गए |
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी विनोद वर्मा जो कि पहले ईओडब्ल्यू में पदस्थ था उसी समय वन मण्डल परिक्षेत्र अधिकारी राजेश नांदुरकर दल्लीराजहरा को फ़ोन कर बताया कि तुम्हारे खिलाफ अपराध शाखा में शिकायत मिली है और इस केस में जेल भी जाना पड़ सकता है लेकिन वह इस मामले को सुलझा सकता है और इसके बदले पैसे की मांग की और छः किश्तों में करीब 10 लाख रुपये ले लिए |
जब मामला पुलिस में गया उसके बाद ईओडब्ल्यू चीफ से जानकारी मिली कि इस प्रकार की शिकायते दो तीन महीनों से मिल रही थी | इसमें पूरा गिरोह शामिल था जो अब तक लगभग 25 लाख रुपये से अधिक रकम लुट चुके है | आरोपी विनोद वर्मा पहले ईओडब्ल्यू में पदस्थ इस कारण उसे इन सब मामलों के बारे में जानकारी थी | इसके अलावा एसआई सत्येन्द्र सिंह वर्मा और पत्रकार और खुद को आरटीआई कार्यकर्ता बताने वाले राकेश तराटे भी इसमें शामिल थे और सभी निलंबित है | पुलिस द्वारा छानबीन के बाद दो लोग को गिरफ्तार किया जा चूका है और तीसरा अभी भी फरार है |