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Breaking News युवक की बिजली पोल में चिपक जाने से मौत

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लोहारा – ग्राम चिपरा में जनक नाम का युवक बिजली पोल में चिपक के मौके में मौत
आज आंधी तूफ़ान की वजह से बिजली की समस्या उत्पन्न हो गई थी जिसे युवक

पंचायत के गली लाइन का काम कर रहा था युवक र्बिजली की मरम्मत हेतु चढ़ा था बताया गया कि यहाँ 5 गांव का कनेक्शन आकर मिलता है |मामले की जानकारी मिलते ही डौण्डी लोहारा थाना प्रभारी प्रशांत पैकरा व विद्युत विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे पुलिस को 100 नंबर में कॉल कर लोहारा के अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया |

Breaking News छत्तीसगढ़ भाजपा की कमान अब पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय के हाथों में

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***पहले भी प्रदेश अध्यक्ष की संभाल चुके हैं जिम्मेदारी

रायपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने छत्तीसगढ़ भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में घोषित कर दिए | विष्णुदेव साय पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के बेहद करीबी माने जाते है |

साय पहले भी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। यह उनका तीसरा कार्यकाल होगा। इससे पहले 2006 से 2009 और फिर 2013 तक पार्टी की कमान उनके हाथ में रही। विष्णुदेव साय की नियुक्ति को आदिवासी वर्ग को साधने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. ओबीसी वर्ग से नेता प्रतिपक्ष चुने जाने के बाद यह लगभग साफ हो गया था कि राज्य संगठन की बागडोर आदिवासी वर्ग को सौंपा जाएगा. प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन के पहले जे पी नड्डा बीजेपी के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए. तब यह सुनिश्चित हो गया था कि अब बीजेपी हाईकमान ही प्रदेश अध्यक्ष को मनोनीत करेगा.

नड्डा के अध्यक्ष बनने के बाद से ही राज्य में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी. चूंकि ओबीसी वर्ग से धरमलाल कौशिक नेता प्रतिपक्ष बनाए गए थे, ऐसे में यह लगभग तय हो गया था कि आदिवासी वर्ग से ही प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति होगी. पिछले लोकसभा चुनाव में जब प्रदेश के निवर्तमान सांसदों के टिकट काटे जाने को लेकर चर्चाएं शुरू हुईं तो सबसे पहले विष्णु देव साय ने अपना नाम रखा और चुनाव न लड़ने की सहमति जताई थी। संगठन नेता इसके पीछे एक दलील यह देते हैं कि जिस आदिवासी वोट बैंक के बूते राज्य की सत्ता की दहलीज तक बीजेपी पहुंचती रही है, साल 2018 के चुनाव में यह वोट बैक बीजेपी से पूरी तरह खिसक गया. सभी सीटें कांग्रेस की झोली में चली गई. ऐसे में आदिवासी कोटे से ही अध्यक्ष बनाकर बीजेपी एक संदेश भी देना चाहती थी.

साल 2006 से 2019 तक विष्णुदेव साय प्रदेश अध्य़क्ष की बागडोर संभाल चुके हैं. 2013 में विधानसभा चुनाव में तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष रामसेवक पैकरा के चुनाव जीतने के बाद भी राष्ट्रीय नेतृत्व ने विष्णुदेव साय को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी.

भिलाई इस्पात संयत्र एवं उसके बंधक खदानों में कार्यरत कर्मियों के लिए कोरोना वायरस महामारी से सम्बंधित निकाले गए परिपत्र के विरोध में संघ का ज्ञापन।

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उपरोक्त विषयान्तर्गत संघ द्वारा आपके समक्ष निम्न तथ्यों के आधार पर संदर्मित प्रपत्र क्रमांक (1) का विरोध करता है –

(1) कोरोना महामारी एक वैश्विक महामारी है लेकिन बीएसपी प्रबंधन के द्वारा संदर्मित प्रपत्र क्रमांक (1) के अध्ययन से ऐसा लगता है कि ये महामारी बीएसपी और उसके बंधक खदानों के कर्मचारियों द्वारा जानबूझ कर किया गया कोई अपराध है। (2) बीएसपी प्रबंधन क्या यह मानता है की कोरोना महामारी किसी भी एरिया में केवल एक बार ही आएगा? अगर ऐसा है तो प्रबंधन एक शपथपत्र जारी करके घोषणा करे कि जिसके परिवार में अथवा जिस एरिया में एक बार कोरोना वायरस का संक्रमण हो चुका है या जिस कर्मचारी एवं उसका परिवार एक बार क्वारंटाइन हो चूका है उस कर्मचारी का परिवार अथवा कन्टेनमेंट जोन घोषित उक्त एरिया दुवारा संक्रमित नहीं होगा। और अगर प्रबंधन उक्त शपथपत्र देते हुए ऐसा कोई घोषणा नहीं कर सकता है तो उसे अपने संदर्भित प्रपत्र क्रमांक (1) के कंडिका (1) में उल्लेखित शर्त तत्काल प्रभाव से हटाना चहिये। (3) आज एक तरफ केंद्र सरकार का MHA विभाग 14 डेज क्वारंटाइन की बात करता है लेकिन दुसरे तरफ छत्तीसगढ़ राज्य सरकार और प्रशासन 28 दिन क्वारंटाइन की बात कर रहा है। अतएव अब बीएसपी प्रबंधन इस बात का नीतिगत निर्णय लेवे की राज्य सरकार के आदेश का पालन उसके क्षेत्र में नहीं होगा और इस नीतिगत निर्णय की लिखित घोषणा करे की 14 दिन क्वारटाइन की ही आवश्यकता है और बीएसपी प्रबंधन छत्तीसगढ़ सरकार के आदेश को नहीं मानता है और अपने सभी प्रभावित कर्मियों को स्पष्ट और कड़ा आदेश देता है कि 14 दिन के पश्चात वे कार्यस्थल पर उपस्थित होवें और अगर स्थानीय राज्य शासन/प्रशासन कोई कानूनी कारवाई करता है तो बीएसपी प्रबंधन सम्बंधित कर्मचारी की जमानत लेगा और उसका केस लडेगा। लेकिन अगर बीएसपी प्रबंधन ऐसा करने में सक्षम नहीं है तो वो अपने संदर्मित प्रपत्र क्रमाक (1) के कंडिका (1) को तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय करे और एक बार की बंदिश को हटाए, साथ ही 14 दिन की उल्लेखित अवधि को भी तत्काल प्रभाव से विलोपित किया जाने और राज्य सरकार के द्वारा घोषित अवधि को परिपत्र में जोड़ा जावे। (4) महोदय, दिनाक 21.02.2020 को माननीय केंद्रीय इस्पात मंत्री के राजहरा प्रवास के दौरान जब इस्पात मंत्री महोदय ने “ONE COMPANY, ONE RULE” पर माननीय सेल चेयरमैन से पुछा था तब सेल चेयरमैन ने बीएसपी प्रबंधन के उच्च अधिकारीयों की उपस्थिति में इसका पालन करने की बात की थी। किन्तु संदर्मित प्रपत्र क्रमांक (1) एवं (2) के अध्ययन से यह साफ होता है कि सेल चेयरमैन का उक्त कथन पूर्णतः झूठ एवं ग्रामक था। संदर्मित प्रपत्र क्रमांक (2) में यह स्पष्ट लिखा है कि केंद्र सरकार के MIIA विभाग के दिशा-निर्देशानुसार उक्त परिपत्र के द्वारा कर्मियों की छुट्टियों को नियमित करने का निर्णय परिपत्र में लेखित निर्देशों के मुताबिक किया जावेगा। महोदय संघ यह प्रश्न पूछता है कि जब संदर्मित प्रपत्र क्रमांक (2) को प्रकाशित करने वाली सेंट्रल मार्केटिंग आर्गेनाईजेशन भी सेल की ही एक इकाई है, ऐसे में सेल के विभिन्न इकाईओं द्वारा निकाले गए परिपत्र क्रमांक (1) एवं (2) में इतनी असमानता क्यों? क्या इससे यह स्पष्ट नहीं होता है कि सेल चेयरमैन का कथन पूर्णतः असत्य एवं भ्रामक है? (5) स्टैंडिंग आर्डर (माइंस) में भी महामारी के दौरान कर्मियों को विशेष छुट्टी देने का स्पष्ट प्रावधान है। ऐसे में अगर स्टैंडिंग आर्डर (माइंस) के किसी भी नियम में कोई परिवर्तन करना है तो ऐसा करने से पहले सभी श्रम संगठनों से सहमति और ALC (C)/RLC (C) से अनुमोदन लेना आवश्यक है। ऐसे में संघ यह मांग करता है कि बीएसपी प्रबंधन ने कब श्रम संगठनों से सहमति ली. किन-किन श्रम संगठनों ने सहमति दी और ALC (Cy RLC (C) महोदय ने कब और किस आदेश के तहत ऐसा परिवर्तन करने की अनुमति बीएसपी प्रबंधन को दी इसे सार्वजानिक किया जावे।

उपरोक्त तथ्यों के प्रकाश में संघ यह मांग करता है कि संदर्भित प्रपत्र क्रमांक (1) को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जावे और प्रपत्र क्रमांक (2) के समानांतर पुनः एक संशोधित परिपत्र निकला जावे जिसमे न तो 14 दिन की समय सीमा का उल्लेख हो और न ही एक बार की बन्दिश। साथ ही जो भी कर्मचारी अथवा उसका रिहायशी क्षेत्र (हेड क्वाटर के अंदर) केंद्र/राज्य सरकार के बनाये नियमानुसार क्वारंटाइन में आता है या कन्टेनमेंट जोन में आता है तो ऐसे सभी कर्मियों को केंद्र/राज्य सरकार के बनाये नियमानुसार तय समयसीमा तक की स्पेशल क्वारंटाइन लीव मंजूर की जावे या उक्त सम्पूर्ण अवधि तक प्रभावित कर्मियों को वर्क फ्रॉम होम की मंजूरी दी जावे।

Breaking अधिकारी द्वारा महिला के साथ यौन प्रताड़ना, अपराध दर्ज पर कार्यवाही नहीं, महिला अब भी न्याय के लिए भटक रही

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छुरिया – राजनांदगाव | ज्ञात हो कि कु. सबरीन अंजूम पिता शहजाद उल्लाह खान, वार्ड न. 10 छुरिया की निवासी है जो कि पूर्व में आदिम जाति सहकारी समित बम्हनी चारभाठा कमांक 153 पुरिया में 10.7.2017 से समिति मे कम्प्यूटर और टेबल वर्क का कार्य कर रही थी जिसका वेतन सिर्फ 3000.00 रू. मासिक था कार्य के दौरान समिति प्रबंधक दिनेश सिंह ठाकुर पिता जयनारायण ठाकुर अपने मो. 8839651809 पीड़िता से अभद्र अनर्गल बाते करने लगा एवं नौकरी में रखने के बदले यौन संबंध (शारिरीक शोषण) की मांग करने लगा । मोबाईल पर लगातार गदी बाते कही जाने लगा ।

पीड़िता के मना करने पर अचानक दिनांक 5.7.2018 को पीड़िता की सेवा समाप्त कर दी गयी। इससे पीड़िता दुखी होकर दिनेश सिंह के विरूद्ध छुरिया थाना मे उसी माह 25.7. 2018 को दोपहर 3.12 बजे रिपोर्ट दर्ज हुआ जिसमें सबूत के आधार पर जो कि मोबाइल रिकार्डिंग है जिसे सबूत के लिये थाना प्रभारी को दी थी जिस पर मामला पंजीबद्ध होने के पश्चात् आरोपी पर धारा 354 व 509 के तहत मामला दर्ज किया गया परन्तु आज पर्यन्त तक आरोपी के उपर काई कार्यवाही नहीं हुई जिससे न ही पीड़िता को न्याय मिला। पीड़िता द्वारा थाने में रिकार्डेड सीडी, प्रथम सूचना रिपोर्ट और नोटिस अनुविभागीय अधिकारी दिया गया है | 

उक्त मामले को 2 वर्ष होने वाला है किन्तु पीड़िता को अभी तक न्याय नहीं मिला और वह न्याय के लिए दर दर भटक रही है और शासन से गुहार लगा रही है यदि आरोपी को इसी प्रकार छोड़ दिया गया तो कल फिर कोई और यौन प्रताड़ना की शिकार होगी |

लोकसभा सांसद कांकेर द्वारा दल्लीराजहरा कन्टेनमेंट जोन एवं मौजूदा क्वारेंटाइन सेंटर की बदहाली पर जिला कलेक्टर को शीघ्र प्रतिक्रिया देने को कहा

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विषयांतर्गत लेख है, कि दल्लीराजहरा में कोविड- 19 के संक्रमण के कारण वार्ड नं. 1, 2, 5, 9 और 24 को प्रतिबंधित (सील) किया गया है । प्राप्त जानकारी के अनुसार दल्लीराजहरा में कन्टेंटमेंट जोन एवं मौजूदा क्वारेंटीन सेंटर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव होना पाया गया है । ज्ञात हो कि अधिकांश वार्डो में गरीब तबके के लोग निवासरत् है । वार्डो को सैनेटाइज नहीं किया जा रहा है न ही आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान की जा रही है, और न ही वार्डो में फैली गंदगी को हटाई जा रही है, जिससे जनाआक्रोश बढ़ती जा रही है ।
अतः जनसुविधा को दृष्टिगत् रखते हुए कन्टेंटमेंट जोन एवं मौजूदा क्वारेंटीन सेंटर में आवश्यक मूलभूत सुविधा शीघ्र उपलब्ध कराना चाहेंगे ।

कोरोना के लड़ाके आयुष चिकित्सा अधिकारियों का छलका दर्द.. स्वास्थ्य मंत्री को लिखा खत

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कोरोना के लड़ाके आयुष चिकित्सा अधिकारियों का छलका दर्द.. स्वास्थ्य मंत्री को लिखा खत.. बताया पहली पंक्ति में कर रहे माहमारी से मुकाबला, दूर कीजिये वेतन विसंगतियां.. और कीजिए नियमतीकरण का वादा पूरा करे

रायपुर ।
वैश्विक महामारी कोविड-19 से समूचा जगत जूझ रहा है. लाखों मरीज अस्पतालों में है जबकि लाखों मरीजों की मौत हो चुकी है. आज जब पूरा मानव जगत इस भारी संकट में फंसा हुआ है तो देव स्वरूप चिकित्सक हमें इस जानलेवा बीमारी से सुरक्षित रखने का भरसक प्रयास कर रहे हैं. वे अपनी जान की परवाह किए बिना फ्रंट लाइन पर खड़े रहकर कोरोना से मुकाबला कर रहे हैं. तमाम जोखिम के बीच भी वे अपनी फर्ज अदायगी से पीछे नही हट रहे. जाहिर है ऐसे में इन कोरोना योद्धाओं की हर मांग सुनी जानी चाहिए और जो मांगे की लंबे अरसे से अनदेखी की गई है उन्हें पूरा किया जाना चाहिए.

आयुष चिकित्सक कोरोना काल समाप्त होने के पश्चात इस्तीफा देने का मन बना चुके हैं।

हम चिरायु के आयुष चिकित्सक इस विकट परिस्थिति में राज्य के जनता के जीवन को सुरक्षित रखने के लिए अपना जान जोखिम में डाल रहे हैं। सरकार का रुख भले हमारे लिए सकारात्मक न हो फिर भी हम कोरोना के समाप्ति तक अपनी सेवा देते रहेंगे। लेकिन सरकार के रूख से हममे बहुत निराशा है और हम सभी आयुष चिकित्सक कोरोना काल समाप्त होने के पश्चात इस्तीफा देने का मन बना चुके हैं।

वेतन विसंगति से जूझ रहा संघ

बात करें छत्तीसगढ़ प्रदेश में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत सेवारत आयुष अधिकारियों की तो वे भी इस संकटकाल में सरकार का सारथी बनकर आगे बढ़ रहे है. वे पूरी मुस्तैदी से कोविड-19 से दो-दो हाथ कर रहे हैं. लेकिन दुनिया का दर्द मिटाते इन आयुष अधिकारियों का दर्द भी सामने आया है. उन्होंने सूबे के सेहत मंत्री टीएस सिंहदेव को खत लिखकर अपनी वेतन विसंगतियों को दूर करने की गुहार लगाई है. दो पन्ने के इस पत्र में उन्होंने विस्तार से अपनी समस्याओं को सामने रखा है.

विभिन्न भूमिका में आयुष अधिकारी

आयुष चिकित्सकों ने बताया है कि अलग-अलग भूमिका के साथ मैदान में डटे उनके कोरोना योद्धा चिकित्सक रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी), कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, आइसोलेशन कार्य एक्टिव सर्विलांस, फ्लू ओपीडी, डिस्ट्रिक्ट क्वारंटीन सेंटर सेल, घनी बस्तियों में संदिग्ध रोगी ट्रैकिंग और ऐसे लोगों की सतत निगरानी करने में दिन रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

छह वर्षों से लंबित है मांगे

उन्होंने बताया कि इस वैश्विक आपदा के बीच आयुष अधिकारियों की तकनीकी योग्यता और जुझारू
पन की प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में सिद्ध हो चुकी है. इस तरह अब आप भी हमारे प्रति जो शासकीय व विभागीय दायित्व है उन्हें पूरा कीजिए. उन्हीने बतया है कि छत्तीसगढ़ को कोरोना मुक्त करने मे लगे चिरायु चिकित्सक सरकार के दोहरी नीति के शिकार हो रहे है. विगत छह वर्षो से सेवारत चिरायु के चिकित्सक सरकार से वेतन विसंगति की मांगो के निराकरण को लेकर प्रयत्नशील है. राज्य में संविदा आयुष चिकित्सक एवं स्वास्थ्य विभाग कार्यरत चिकित्सक वेतनमान के एक तिहाई या आधे मे कार्यरत चिरायु चिकित्सक राज्य शासन से सुधार की अपेक्षा मे है.

जीवन संकट में डालने का मिले पारितोषिक

संघ के राजकीय अध्यक्ष डॉ अनुराग साहू के नेतृत्व मे अनेको बार इस ओर शासन का ध्यान केन्द्रित करने का प्रयास हुआ बावजूद इन कोरोना वारियर्स के इन जायज मांगो की पूर्ति में शासन का रवैया उदासीन बना हुआ है. इन्हें अपना जीवन संकट में डालने के बावजूद किसी भी तरह का राहत नही मिल पा रहा है. प्रदेश शासन से आशा है की आयुष चिकित्सकों के पर मंडरा रहे वेतन विसंगति के आशंकाओं के बादल को दूर करते हुए पूरी इच्छाशक्ति के साथ संघ हितैषी फैसला ले. सरकार व सम्बन्धित प्राधिकरण इनके साथ हो रहे पक्षपातपूर्ण नीति को दुर करते हुये जीविकोपार्जन रुपी संकट को दुर करते हुये इन्हे राज्य संविदा ( आयुष) के समकक्ष वेतन प्रदान कर नियमितीकरण करे।

जिले के नव पदस्थ कलेक्टर जनमजेय महोबे से नपा दल्ली राजहरा के अध्यक्ष शीबू नायर जी प्रतिनिधि मंडल के साथ सौजन्य भेट कर नगर की समस्याओ से अवगत कराया

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बालोद जिले के नव पदस्थ कलेक्टर जनमजेय महोबे से नगरपालिका दल्ली राजहरा के अध्यक्ष शीबू नायर जी प्रतिनिधि मंडल के साथ सौजन्य भेट कर नगर की समस्याओ से अवगत कराया |


शीबू नायर जी ने नगर के कन्टेनमेंट जोन मे जनता की परेसानीयो को देखते हुए लॉक डाऊन को शिथिल करने की माँग की |
दल्ली राजहरा से शासन को करोडो की रायल्टी प्राप्ति होती है परंतु दल्ली राजहरा नगर को उसका लाभ नही मिलता दल्ली राजहरा नगर विकास हेतू डी एम एफ फंड से राशि की माँग की
नगर मे पेयजल की गम्भीर समस्या को देखते हुए15 नग बोर खनन हेतू 20 लाख की माँग रखी
नगर मे अपराधिक गतिविधियों मे अंकुश लगने हेतू नगर के 5 प्रमुख चौक मे सी सी कैमरा लगाने हेतू 5 लाख की माँग की |

उक्त मांगो पर जिलाधीश महोदय ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया
प्रतिनिधि मंडल मे श्री मती संगीता नायर अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सन्तोष पांडेय जिलाध्यक्ष सेवादल श्रीमति रुखसाना बेगम पार्षद श्रीमति विजय लक्ष्मी पार्षद स्वपनिल तिवारी पार्षद श्रीमति ममता पांडेय एल्डर मेन थी |

भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष द्वारा जिले में जनहित समस्याओं को देखते हुए कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपा गया

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भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष द्वारा कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपा गया जिसमे जिले के विभिन्न जनहित समस्याओं के समाधान एवं वर्तमान परिस्थिति कोरोना संक्रमण काल उत्पन्न समस्याओं से अवगत कराया गया |


(1) अन्य राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों के लिए बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में भोजन, पानी, बिजली, स्वारण्य, शौचालय एवं सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था की जावे।
(2) जिला कोविड-19 हॉस्पिटल में स्टाफ के लिए पर्याप्त पी.पी.ई. किट व मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाएँ तत्काल मुहैया कराया जाये।
(3) किसानों को ग्रीष्मकालीन फसल (धान/सब्जी) की ओलावृष्टि व आंधी तूफान के कारण हुई नुकसान का अतिशीघ्र मुआवजा दिया जाये।
(4) रबी फसल के धान/सब्जी को वाजिम दाम पर खरीदी की जाये।
(5) शहर/ग्रामीण में लो वोल्टेज व अघोषित बिजली कटौती को तत्काल बंद। किया जावे।
(6) शहरवासियों के लिए जल आवर्धन (फिल्टर प्लांट) योजना अतिशीघ्र प्रारंभ कर शहर में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाये।

ज्ञापन देते समय भाजपा जिलाध्यक्ष भाजपा कार्यकर्ता


(7) जिले के अंदर संचालित रेत खदानों में निर्धारित दर से अधिक रायल्टी पर तत्काल प्रतिबंध लगाई जावे।
(8) संक्रमण काल में जिले के किसानों को न्याय योजनांतर्गत मिलने वाली शेष 3 किस्तों की राशि किसानों को एकमुश्त प्रदान की जाये।

अत: उक्त आवश्यक मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए तत्काल कार्यवाही करने की कृपा करें इन पर तथा कलेक्टर द्वारा उक्त समस्याओं के आधार पर आश्वासन दिया गया कि त्वरित कार्यवाही की जाएगी | ज्ञापन देते समय भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णकांत पवार, तोमन साहू, सुरेश निर्मलकर, प्रेम साहू एवं लोकेश श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे |

Big Breaking बालोद जिले में अब एक गर्भवती महिला कोरोना संक्रमित पाई गई

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बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक में ग्राम माहूद की एक गर्भवती महिला कोरोना संक्रमित पाई गई | उक्त महिला बालोद के क्वारेंटाइन सेंटर में थी | कोरोना रिपोर्ट के आधार पर पॉजिटिव मिली | आगे की कार्यवाही शासन द्वारा की जा रही है |

Big Breaking News दल्ली राजहरा से पथराटोला मार्ग के पास खेत में ग्राम पत्थराटोला का युवक मृत अवस्था में मिला मृत्यु का कारण अज्ञात है

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दल्ली राजहरा के पास ग्राम पत्थराटोला का प्रीत हतगिया पिता भीष्म नाम का युवक मृत पाया गया है युवक की उम्र लगभग 35 वर्ष है जोकि राजमिस्त्री का कार्य करता था और वर्तमान समय में स्वयं का भी घर का निर्माण कार्य चल रहा था | पिता की मृत्यु पहले ही हो चुकी है घर में माँ के अलावा पत्नी व दो बच्चो के साथ रहता था |

सुबह गांव वाले शौच के लिए खेत की ओर गए तब उससे देखा गया शव पर चींटियां रेंग रही थी शव को नुकसान पहुंचा रही थी घटना मेन रोड से 200 मीटर की दुरी पर खेत में हुई है गले में रस्सी बंधी देख लोगों द्वारा आत्महत्या की आशंका व्यक्त की जा रही है

स्वयं का भी घर का निर्माण कार्य चल रहा था

किंतु सही स्थिति की जानकारी पुलिस के जांच के पश्चात ही स्पष्ट हो पाएगा हुई गांव वालों द्वारा कोतवाल को सूचित कर दिया गया और कोतवाल ने पुलिस को सूचना दे दी गई थी पर सुबह 8 बजे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी

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