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गुटीय राजनीति में बच्चों को मोहरा बनाना निंदनीय: कृष्णा

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  •  कोंटा ब्लॉक में आदिवासी बच्चों के भविष्य से हो रहा है खिलवाड़ : एनएसयूआई
  •  छात्राओं को कलेक्टर के पास किसने भेजा, इसकी जांच जरूरी: कृष्णा

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारियों की गुटीय कलह में छात्राओं को घसीटा जा रहा है। एनएसयूआई के सुकमा जिला अध्यक्ष कृष्णा ने इसे चिंतनीय मसला बताते हुए कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

        एनएसयूआई के सुकमा जिला अध्यक्ष कृष्णा ने कहा है कि दो गुटों की राजनीति मे कस्तूरबा गांधी आश्रम कोंटा की छात्राओं को शामिल करना जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं खंड स्त्रोत समन्वयक की मनमानी का नतीज़ा है। कस्तूरबा गांधी आश्रम के 35 बच्चों का 80 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय आकर कलेक्टर से शिकायत करना एक सोचनीय विषय है। कृष्णा ने कहा है कि आदिवासी छात्रो को गुमराह कर राजनीतिक संरक्षण लेकर इस तरह सुनियोजित तरीके से बच्चों को शिकायत करने भेजना और जिला के जिम्मेवार जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी का आंख मूंदकर तमाशा देखना दुर्भाग्यपूर्ण है।यह जांच का विषय है कि बच्चों किसने प्रेरित कर या फिर दबाव डालकर सुकमा भेजा था। अगर इस बीच बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना हो जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता? कोंटा बीआरसी राजनीतिक परिवार का फायदा उठाकर इस तरह के निर्णय लेने से नहीं डर रहे हैं। खुलेआम आदिवासी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। पोटा केबिन जैसी संस्था मे अपने चेहते भाजपा परिवार के लोगों को नियुक्त करना इनके राजनीतिक संरक्षण को बयां करता है।कृष्णा ने कहा है कि जल्द उन लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने कस्तूरबा गांधी आश्रम से सुकमा जाने बच्चों को परमिशन दिया था। इसकी जांच सूक्ष्ममता से हो एवं दोनों अधीक्षकों को संस्था बाहर कर देना चाहिए। कोंटा ब्लॉक में जो अधिकारी हैं उन्हें आदिवासी बच्चों के भविष्य से कोई सरोकार नहीं है। वे अपनी राजनीति पकड़ के कारण सभी बीईओ एवं बीआरसी तथा मंडल संयोजक आदिवासी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी वार्ड में अटल उद्यान का लोकार्पण कल

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जगदलपुर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड के मोहन नगर में वार्डवासियों व पार्षद संजय पांडे के प्रयासों तथा विधायक किरण देव और महापौर सफीरा साहू के सहयोग से सर्व सुविधायुक्त अटल उद्यान बनकर पूरी तरह तैयार है। इसका उद्घाटन 27 अक्टूबर को होगा।

विधायक और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरण देव लगातार नगर के 48 वार्डों विकास कार्यों के लिए विधायक निधि सहित राज्य शासन से राशि उपलब्ध करवा रहे हैं। वहीं महापौर सफीरा साहू भी लगातार महापौर निधि से सभी 48 वार्डों में विकास कार्यों के लिए राशि आबंटित कर रही हैं। वार्ड पार्षद संजय पांडे ने बताया कि उद्यान का लोकार्पण 27 अक्टूबर रविवार को प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण सिंह देव के मुख्य आतिथ्य में एवं बस्तर सांसद महेश कश्यप, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, महापौर सफीरा साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, भाजपा जिलाध्यक्ष रूपसिंह मंडावी सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में होगा।

मोहन नगर में विधायक निधि, महापौर निधि और पार्षद निधि से किए गए विभिन्न कार्यों का भी विधायक और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरण देव लोकार्पण करेंगे।

इस दौरान एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथि पौधारोपण भी करेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पार्षद और प्रदेश प्रवक्ता संजय पांडे ने वार्ड वासियों और भाजपा के कार्यकर्ताओं से अपील की है।

अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदर पर एफआईआर कराने कलेक्टर को पत्र

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  • जगदलपुर कमेटी में करोड़ों के फर्जीवाड़े का आरोप

जगदलपुर अंजुमन इस्लामिया कमेटी जगदलपुर के सदर (मुतवल्ली) और अन्य पदाधिकारियों पर कमेटी को मिली रकम की गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए बस्तर कलेक्टर को पत्र लिखा है।

दरअसल डॉ. सलीम राज के समक्ष जगदलपुर मुस्लिम जमात के अब्दुल वहाब खान, राजा खान समेत अन्य लोगों ने तथ्यों के साथ कमेटी के सदर हाशिम खान (मुतवल्ली) के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया है कि कमेटी को विभिन्न श्रोतों से मिलने वाली रकम का कोई लेखा जोखा नहीं रखा जाता। कमेटी का बैंक अकॉउंट तक नहीं खुलवाया गया है। सारी रकम सदर अपने पास रखते हैं और किस मद पर रकम खर्च करते हैं, इसका भी ब्यौरा जमात को नहीं दिया जाता। इससे नाराज होकर कमेटी के खजांची ने पहले से इस्तीफा दे दिया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कब्रिस्तान के अंदर दारुल उलूम का निर्माण कराया गया है, जो कि नियम विरुद्ध है। इसी तरह एक कमेटी मेंबर की बहू को शिक्षाकर्मी नियुक्त कर दिया गया है। इसके अलावा करोड़ों रुपयों का फर्जीवाड़ा किया गया है। इसी तथ्यपूर्ण शिकायत के आधार पर स्टेट वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज ने कलेक्टर को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच और संबंधित लोगों पर एफआईआर दर्ज कराने की गुजारिश की है। इसके लिए अब्दुल वहाब खान समेत अन्य लोगों ने छत्तीसगढ़ शासन एवं डॉ. सलीम राज के प्रति आभार व्यक्त किया है।

किसकी कृपा से मंडी सचिव पद से छग कृषि मंडी बोर्ड के एमडी पद तक पहुंच गए सवन्नी

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  •  क्या कभी किसी पटवारी को जिला कलेक्टर पद तक पहुंचते देखा है?
  • छत्तीसगढ़ कृषि विपणन मंडी बोर्ड में वह सब हो रहा है, जो और कहीं नहीं हुआ

रायपुर क्या आपने कभी किसी पटवारी को प्रमोशन पाते पाते कलेक्टर पद तक पहुंचते देखा है? आप भी कहेंगे ये कैसा बेहूदा सवाल है। मगर हैरान मत होइए जनाब, ये छत्तीसगढ़ है। यहां ऐसा अजूबा होना संभव है। पटवारी भले कभी कलेक्टर नहीं बन सकता। क्योंकि कलेक्टर बनने के लिए यूपीएससी एग्जाम फेस करना पड़ता है, मगर पटवारी के समकक्ष पद वाला एक छोटी सी कृषि उपज मंडी समिति का सचिव राज्य मंडी बोर्ड का मैंनेजिंग डायरेक्टर जरूर बन गया है।

किसी भी शासकीय कर्मचारी को पूरे सेवाकाल के दौरान औसतन तीन बार पदोन्नति मिल पाती है। तब कहीं जाकर वह हवलदार से टीआई, शिक्षक से सहायक खंड शिक्षा अधिकारी, पटवारी से नायब तहसीलदार, तृतीय श्रेणी क्लर्क से बड़े बाबू, ड्रेसर से कम्पाउंडर के दर्जे तक पहुंच पाता है। मगर छत्तीसगढ़ कृषि विपणन मंडी बोर्ड में तो उल्टी गंगा बहाई जा रही है। सत्ताधारी दल भाजपा के एक नेता का भाई होने का बड़ा फायदा एक साधारण से मंडी सचिव को इस कदर मिलता चला गया कि उन्हें मंडी बोर्ड के शीर्ष पद पर बिठा दिया गया है। ऐसा नहीं है कि ये महाशय अपनी काबिलियत के दम पर इस मुकाम तक पहुंचे हैं, दरअसल राजनैतिक प्रश्रय ने श्री सवन्नी को मंडी बोर्ड का एमडी बनाया है। नियम कायदों को ताक पर रखकर जिस तरह से श्री सवन्नी मंडी बोर्ड का संचालन कर रहे हैं, वह बेहद आपत्तिजनक है। 1985 में सचिव के रूप में नियुक्ति के बाद आश्चर्यजनक ढंग से आधा दर्जन से ज्यादा बार प्रमोशन लेते हुए आज एमडी बन बैठे हैं, वो भी संविदा नियुक्ति पर। यह तो गजब ही बात है। राज्य शासन में अनुसूचित जाति और जनजाति के दर्जनों ऐसे अधिकारी हैं, जो मंडी बोर्ड के एमडी का दायित्व बखूबी सम्हाल सकते हैं, मगर उन अधिकारियों का हक मारते भाजपा नेता के भाई को एमडी पद का तोहफा दे दिया गया है। भाजपा नेता के अग्रज को संविदा नियुक्ति दिलाकर तीन तीन संभागों का जिम्मा सौंप दिया गया है और लूट की उन्हें खुली छूट दे दी गई है। सरकारी खजाने को लूटने के लिए ये जनाब नए नए रास्ते बना रहे हैं ऐसा उनकी कारगुजारियों से साफ झलकता है। ये साहब लूट के खेल में माहिर अपने विश्वस्त लोगों की फौज बनाकर हर स्तर पर सिर्फ और सिर्फ लूट मचा रहे है तथा सत्ता और विपक्ष दोनों को मैनेज कर बेहद निश्चिंत हैं। सत्ताधारी दल में भाई ताकतवर नेता हैं। लिहाजा उन्हें यकीन है कि उनका कोई कुछ नही बिगाड़ सकता। हालांकि एक बड़े बुद्धिजीवी ने मुख्यमंत्री से कुछ दिन पहले ही मंडी बोर्ड के समस्त क्रियाकलापों की जांच कराने की मांग की थी। ताकि सरकारी मंडी का खजाना इन लुटेरों से बचाया जा सके। इस बुद्धिजीवी का कहना है कि सरकारी खजाना बचाने की कवायद कर रहे वित्त मंत्री ओपी चौधरी की टेबल पर सवन्नी की संविदा नियुक्ति को एक्सटेंशन देने के लिए छत्तीसगढ़ के कुछ लुटेरों ने फाइलें पहुंचाई है। इस बुद्धिजीवी ने मंत्री चौधरी आगाह किया है कि यह उनकी पूरी कुंडली है। छत्तीसगढ़ के लुटेरों को अवसर देने के जाय उनकी संपत्ति की जांच कराएं। यकीन मानिए देश के विभिन्न शहरों सहित विदेशों में निवेश का खुलासा होगा। उनका कहना है कि हम भी चाहते है विष्णु का सुशासन सिर्फ कागजों में नहीं धरातल पर भी दिखे। मुख्यमंत्री के प्रचुर इच्छाशक्ति है। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ आप छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा कर रहे हैं। निश्चित रूप से अपने छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए आप और आपका लगभग आधा मंत्रिमंडल पूरी ईमानदारी के साथ काम कर रहा हैं। परंतु असली सुशासन तभी आएगा जब दुष्टों का आप अंत करना शुरू करेंगे। इसकी शुरुआत मंडी बोर्ड से करिए जहां किसानों का पैसा है।बुद्धिजीवी ने कहा है- मुख्यमंत्री साय जी आपके सुशासन के रास्ते पर हम भी साथ हैं। हम थोड़ा आगे इसलिए चल रहे हैं ताकि आपके रास्ते से कांटे हटा सकें, आपकी राह आसान बना सकें। अभी तो सिर्फ एक कांटे से आपको अवगत कराया है।

प्रदेश में अराजकता का माहौल, साय सरकार को तुरंत बर्खास्त किया जाए: दीपक बैज

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  •  सरकार की विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते खुद इस्तीफा दें सीएम

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि राज्य में रोज-रोज घट रही घटनाएं यह साबित करने के लिये पर्याप्त हैं कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ चुकी है तथा आपराधिक घटनाओं को रोक पाना सरकार के बूते की बात नहीं है। ऐसी नकारी और निक्कमी सरकार को तत्काल बर्खास्त कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाना चाहिए। जब जनता अपने जान माल की सुरक्षा तथा अपराधियों और आपराधिक घटनाओं के विरोध में खुद सड़कों पर उतर आए तथा राज्य के हालात अराजक हो जाएं,तब ऐसी सरकार को बर्खास्त कर देने में ही जनता की भलाई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बलरामपुर में महिलाओं ने पुलिस पर हमला कर दिया। सरकार की अकर्मण्यता का नतीजा है जनता को अब पुलिस और सरकार पर भरोसा नहीं रह गया है। जनता सरकार की क्षमता और पुलिस की दुर्भावना पूर्वक कार्यवाहियों के खिलाफ विद्रोह पर उतर आई है। पुलिस की अक्षमता और सरकार के अनिर्णय के कारण बलौदाबाजार में एसपी, कलेक्टर कार्यालय जला दिए गए, सूरजपुर में अपराधी के घर पर हमला करने गई भीड़ ने एसडीएम को पीटने के लिये दौड़ा दिया, उनको भागकर जान बचानी पड़ी। कवर्धा में पुलिस से न्याय की उम्मीद छोड़ चुकी जनता ने एक व्यक्ति को उसके घर में जिंदा जला दिया। सीतापुर में पुलिस की लापरवाही के खिलाफ अपराधी पर कार्यवाही की मांग को लेकर जनता ने 24 घंटे चक्काजाम कर दिया था तब जाकर पुलिस ने कार्यवाही की। यह सारी घटनाएं बताती हैं कि भाजपा के राज में अराजकता फैली हुई है। सरकार चलाने वाले कानून व्यवस्था को नहीं संभाल पा रहे हैं। दीपक बैज ने कहा कि सरकार की विफलता की जवाबदेही मुख्यमंत्री की है। मुख्यमंत्री का नियंत्रण सरकार पर नहीं है। सरकार बेपटरी हो चुकी है। 4 एसपी और कलेक्टर, दर्जनों वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को हटाने के बाद भी सरकार कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रही तब मुख्यमंत्री, गृह मंत्री को हटाने में क्यों हिचकिचा रहे हैं? मुख्यमंत्री को ऐसा लगता है कि उनके गृहमंत्री की गलती नहीं है तो सरकार की नाकामी की जिम्मेदारी खुद लेकर तत्काल इस्तीफा दें।

किरण देव ने किया राष्ट्रपति का स्वागत

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जगदलपुर दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर पहुंचे राष्ट्रपति महामहिम श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का राजभवन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।

कमिश्नर कोर्ट के फैसले को रद्दी की टोकरी में डाला सुकमा जिला प्रशासन ने

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  •  18 साल बाद भी इंसाफ नहीं मिला राय परिवार को 

अर्जुन झा

जगदलपुर अपने वरिष्ठ अधिकारी की धज्जियां अधिकारी कैसे उड़ाते हैं, इसका एक बड़ा उदाहरण सुकमा जिले में सामने आया है। जहां एक व्यक्ति की निजी जमीन पर स्टेडियम बनवा दिया गया और भूमि स्वामी को न तो बदले में दूसरी जमीन दी गई और न ही उसकी जमीन का मुआवजा दिया गया। हद तो तब हो गई जब कमिश्नर कोर्ट के फैसले को भी सुकमा जिला प्रशासन ने दरकिनार कर दिया।

सुकमा जिले के कोंटा अनुभाग के दोरनापाल के मिठ्ठ पद राय को क्या कभी इंसाफ मिलेगा? यह हम नहीं कह रहे ब्लकि क्षेत्र की जनता कह रही है। क्योंकि राय परिवार के आधिपत्य की जमीन को वर्ष 2006 में अधिग्रहण कर लिया गया था, किंतु वर्ष 2024 bhi गुजरने को है, लेकिन आज तक उन्हें न तो बदले में दूसरी जमीन दी गई और न ही अधिग्रहित जमीन का मुआवजा दिया गया है।दोरनापाल निवासी मिठ्ठपद राय परिवार वर्ष 2006 से 2021 तक न्याय पाने के लिए तहसील कार्यालय से कमिश्नर कार्यालय तक लंबी लड़ाई लड़ी और कमिश्नर का आदेश भी मिट्ठपद राय परिवार के पक्ष में 2021 में आया फिर भी पीड़ित परिवार को सुकमा कलेक्टर से न्याय नहीं मिल पाया।नगर पंचायत दोरनापाल जो पूर्व में ग्राम पंचायत दोरनापाल था तथा उस दौरान तहसील कोंटा जिला सुकमा थे। यहां मिट्ठपद राय के आधिपत्य की भूमि खसरा क्रमांक 118/3 रकबा 0.176 और खसरा क्रमांक 124/294/2 रकबा 0.292 एकड़ में स्टेडियम का निर्माण किया गया।अधिग्रहण के बाद शासकीय नियमानुसार भूमि के एवज में मुआवजा दिया जाना था वह नहीं दिया गया और न ही अधिग्रहित भूमि के बदले कोई दूसरी जमीन दी गई।

सामने आई थी प्रशासन की गलती

पीड़ित मिट्ठपद राय के परिजनों द्वारा तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह के समक्ष इस आशय का आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया कि उक्त भूमि पर शासन द्वारा स्टेडियम निर्माण किया गया है। जनदर्शन से मिले पत्र के आधार पर जांच शुरू हुई, जिसमें प्रशासन की गलती सामने आई। बस्तर संभाग के कमिश्नर ने अपने आदेश में कहा है कि शासकीय स निर्माण हेतु सर्वप्रथम शासकीय अधिकारियों द्वारा स्थल का चयन किया जाना है यदि उस चयनित स्थल पर किसी व्यक्ति के स्वामित्व की निजी भूमि आती है तो उसे अधिग्रहण के माध्यम से अधिग्रहित किया जाता है। यदि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान कोई व्यक्ति जिसकी भूमि अधिग्रहित की जाने वाली है तो वह आवेदन देकर अपनी अधिग्रहित जमीन के बदले अन्य जमीन या शासकीय जमीन से अदला बदली करा सकता है।

जल जीवन मिशन ने लाया ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव, महिलाओं को बड़ी राहत

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  •  65 घरों वाले छोटे पाराकोट के हर घर को मिल रहा है शुद्ध पेयजल 

जगदलपुर जल जीवन मिशन भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इस योजना ने न केवल ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल सुलभ करवाया है, वरन उनके स्वास्थ्य में भी सुधार किया है। इससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी बड़ा परिवर्तन आया है।

इस दिशा में बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड के ग्राम छोटे पाराकोट में भी जल जीवन मिशन द्वारा जलापूर्ति सुनिश्चित होने से ग्रामीणों के जीवन में बदलाव आया है।65 घरों वाला छोटा से गांव पाराकोट के ग्रामीण शहरी चकाचौंध से दूर खेती एवं वनोपज से अपना गुजारा करते हैं। गांव के चारों ओर जंगल हैं, जहां की हरियाली और वहां से आने वाली ठंडी बयार मन को मोह लेती है। छोटे पाराकोट के ग्रामीणों का कहना है कि हम लोग कई साल से जल संकट से जूझ रहे थे। पहले कुएं से फिर बोरिंग से पानी लाते थे। पानी की व्यवस्था करने के फेर में विशेषकर महिलाओं के जीवन परेशानी भरा रहता था। जिससे ग्रामीण महिलाओं में चिड़चिड़ापन, तबीयत खराब रहना आम बात थी। जब से जल जीवन मिशन के द्वारा इस गांव में नल से जलापूर्ति शुरू हुई तब से लोगों के जीवन में बदलाव आया है। गांव में 2 सोलर सिस्टम के साथ 10 किलो लीटर की टंकी लगी है। इसी से पूरे गांव में पानी की आपूर्ति की जाती है। गांव के सरपंच धनीराम कश्यप बताते हैं कि जल जीवन मिशन द्वारा हर घर जल के लिए कनेक्शन देने के साथ ही पानी की नियमित आपूर्ति की जा रही है। गांव को हर घर जल का प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया है। हमारे गांव में पानी की बहुत परेशानी थी, महिलाएं पानी लेने दूर बोरिंग में जाया करती थीं। गर्भवती महिलाओं को पानी लाने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब हमारे गांव के सभी घरों में नल लग चुका है सभी महिलाएं बहुत खुश हैं। उन्हें काफी सहूलियत हो रही है। ग्रामीण महिला फूलो का कहना है कि मैं बहुत खुश हूं अपने घर में पानी सुलभ होने से अब मुझे सिर पर पानी का घड़ा नहीं उठाना पड़ता है। परिवार के सभी लोगों के लिए पानी की घर पर ही उपलब्धता सुनिश्चित होने से खेती- किसानी के काम में अतिरिक्त समय का सदुपयोग कर रहे हैं।

सुकमा में पुलिस – नक्सली मुठभेड़

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जगदलपुर सुकमा जिले के कंगालतोंग के इलाक़े में पुलिस नक्सलियों के बीच मुठभेड़चल रही है। मुठभेड़ में कई नक्सलियों के हताहत होने की खबर आ रही है।दोनों तरफ से सुबह से रूक रूक कर फायरिंग हो रही है। डीआरजी जवानों और नक्सलियों में मुठभेड़ चल रही है। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने की मुठभेड़ की पुष्टि की है।

पथरागुड़ा पारा में ईशर गौरा महापर्व की तैयारी

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जगदलपुर आदिवासी ध्रुव गोंड समाज की मासिक बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया कि इस वर्ष भी सामाजिक एवं सर्व समाज के आपसी सहयोग से वीर सावरकर वार्ड पथरागुड़ा में ईश्वर गौरा महापर्व को गरिमामय ढंग से मनाया जाएगा।

ज्ञात हो कि पिछले वर्ष भी सामाजिक सहयोग से यह पर्व मनाया गया था। जिसमें समाज के होनहार महिलाओं और युवाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। ज्ञात हो कि इस पर्व को गोंड और हल्बा समाज द्वारा सदियों से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर संभागीय संरक्षक एसएस चंद्रवंशी, परिक्षेत्र संरक्षक लिलेश्वर ध्रुव, मुड़ा अध्यक्ष अशोक मंडावी, उप मुड़ादार करन सिंह ध्रुव, हेमंत चंद्रवंशी, विक्रम चंद्रवंशी, ओम प्रकाश ध्रुव, राधेश्याम ध्रुव, महिला प्रभाग से दयावती ध्रुव, सुरुजबती नेताम, गौरी ध्रुव सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

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