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अवैध कमाई का अड्डा बन गया है बस्तर संभाग में आदिम जाति कल्याण विभाग, वसूली का एक और ऑडियो आया सामने

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  • बीजापुर के बाद बस्तर जिले में भी आया मामला
  • विधायक को बदनाम करने की बड़ी साजिश की बू 

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग में आदिम जाति कल्याण विभाग में आदिवासी छात्र छात्राओं के हक और निवाले पर डाका डालने का खुला खेल चल रहा है। विभाग के एक और मंडल संयोजक द्वारा छात्रावास अधीक्षिका से मोटी रकम की डिमांड किए जाने का मामला सामने आया है। वसूली का एक ऑडियो टेप उजागर हुआ है, जिसमें मंडल संयोजक विधायक के नाम पर छात्रावास अधीक्षिका से सीधे एक लाख रुपए की डिमांड करता सुनाई दे रहा है। अधीक्षिका जब साफ कह देती है कि विधायक जी से कह देना – मुझे हटवाकर किसी और को यहां नियुक्त करवा दीजिए। इस जवाब से मंडल संयोजक हड़बड़ा जाता है और सफाई देने लग जाता है। इससे जाहिर होता है कि विधायक की आड़ में तथाकथित मंडल संयोजक अपना स्वार्थ साधने की कोशिश में था, मगर उसकी दाल गल नहीं पाई। वहीं दूसरी ओर अगर विधायक की डिमांड होती, तो विधायक अपने पीए अथवा किसी विश्वसनीय समर्थक से कहलवाते।

विधायक के आड़ में वसूली के इस मामले की उच्च स्तरीय जांच जरूरी h ताकि पता चल सके कि विधायक को बदनाम करने की ऎसी साजिश आखिर किसने रची है?

बस्तर संभाग के आश्रमों, कन्या परिसरों और छात्रवासों के अधीक्षक अधीक्षिकाओं से अवैध वसूली का खेल खुलेआम चल रहा है। यह वसूली इन संस्थाओं में रहकर पढ़ाई कर रहे छात्र छात्राओं की भोजन व्यवस्था व अन्य सुविधाओं के लिए शासन द्वारा दी जाने वाली राशि में से की जा रही है। बिचौलिये के रूप में काम करने वाले मंडल संयोजकों के माध्यम से कमीशन की वसूली कराई जा रही है। बीजापुर जिले में लीक हुए एक ऑडियो टेप में खुलासा हुआ था कि कमीशन की वसूली विभाग के सहायक आयुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी और आयुक्त के नाम पर की जा रही है। हालांकि मामला सामने आने के बाद बीजापुर कलेक्टर ने संबंधित मंडल संयोजक को निलंबित कर दिया है और एक अधीक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अब बस्तर जिले के बास्तानार ब्लॉक में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां का भी एक ऑडियो टेप उजागर हुआ है। इस ऑडियो टेप में मंडल संयोजक एक अधीक्षिका से कह रहा है कि विधायक जी ने एक लाख रुपए मंगाए हैं। रुपए जल्दी दे देना। जो नहीं दे रहे हैं, उन्हें हटवा दिया जाएगा। तुम नहीं दोगी तो कोई दूसरा ज्यादा देकर तुम्हारी जगह पर बिठा दिया जाएगा। इस पर अधीक्षिका जवाब देती है कि यह तो बहुत बड़ी रकम है, 10-20 होता तो चल जाता। तब मंडल संयोजक कहता है कि देख लो इसमें तुम्हारी ही भलाई है। इस पर अधीक्षिका पूछती है कि आपसे विधायक ने कहा है या उनके पीए ने? मंडल संयोजक जवाब देता है कि स्वयं विधायक जी ने कहा है। इसके बाद अधीक्षिका कहती है ठीक है भैया एक काम करो, मेरी जगह किसी और को नियुक्त करवा दो, मैं इतनी बड़ी रकम नहीं दे सकती। बच्चों के लिए इंतजाम करने में बड़ी दिक्कत होती है। ऊपर से 20 बच्चे और बढ़ गए हैं। अधीक्षिका के इस तेवर को देख मंडल संयोजक हड़बड़ा गया और कहने लगा – नहीं, नहीं तुम चिंता मत करो, मैं विधायक जी से बात कर लूंगा। इस ऑडियो टेप के संवाद से जाहिर होता है कि विधायक की आड़ में अवैध वसूली की कोशिश की जा रही है। जानकार कहते हैं कि अगर विधायक को किसी से रुपए लेने होंगे, तो वे अपने पीए अथवा किसी अति भरोसेमंद कार्यकर्ता के जरिए सीधी डीलिंग करते, किसी सरकारी कर्मचारी का सहारा क्यों लेते? कुल मिलाकऱ इस पूरे मामले में किसी बड़ी साजिश की बू आ रही है। इसकी उच्च स्तरीय जांच जरूरी है।

ये था बीजापुर का मामला

ऎसी ही वसूली का एक ऑडियो बीजापुर जिले से सामने आया था। आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रमों, कन्या परिसरों और छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र- छात्राओं को नियमित रूप से पौष्टीक भोजन, नाश्ता, साबुन, सेनेटरी नेपकिन, बिस्तर, गद्दे, चादर, कम्प्यूटर व अन्य सामग्री उपलब्ध कराने, भवनों के रख रखाव आदि के लिए शासन द्वारा प्रतिमाह हर छात्रावास व आश्रम को लाखों रुपयों का आवंटन उपलब्ध कराया जाता है। इस रकम पर विभागीय अधिकारियों की नजर गड़ी रहती है। छात्र छात्राओं को स्तरहीन चावल, दाल, सब्जी व नाश्ता देकर रकम अंदर कर ली जाती है। चादरों, बेडशीट की सालों धुलाई नहीं करवाई जाती, न बच्चों को नहाने व कपड़े धोने के साबुन दिए जाते हैं और न ही छात्रवृत्ति की पूरी रकम दी जाती है। इन मदों पर बोगस खर्च बताकर पूरी रकम आपस में बांट ली जाती है। हर अधीक्षक अधीक्षिका से हर माह 15 हजार रुपए से लेकर 50 हजार रुपए तक की वसूली की जाती है। वसूली की जिम्मेदारी विभाग के मंडल संयोजक को दी गई है, जो हर माह वसूली के ही काम में लगा रहता है। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में एक शिक्षक को मंडल संयोजक नियुक्त कर उसे वसूली में लगा दिया गया था। इस मंडल संयोजक कैलाश रामटेके की वसूली का एक ऑडियो वायरल हो गया था। यह ऑडियो मंडल संयोजक और किसी लक्ष्मी नामक छात्रावास अधीक्षिका के बीच फोन पर हुई बातचीत का बताया जा रहा है जिसमें मंडल संयोजक द्वारा लक्ष्मी से कहा जा रहा है कि तुम मेरा फोन क्यों नहीं उठाती? तुम रकम भेजो, मैं अपने भाई को भेज रहा हूं उसे दे देना। हर माह साहब तक पैसा पहुंचाना जरूरी है। महिला 10 यानि 10 हजार देने की बात कहती है, तो मंडल संयोजक पूरे 30 हजार की डिमांड करता है। इसी बीच मंडल संयोजक पूछता है कि पहले रुपए किसे देते थे, तब महिला बताती है कि विष्णु सर को देते थे। फिर मार्च अप्रैल के बकाया की बात होती है। किसी सीमा का जिक्र होता है। कथित संयोजक कहता है कि कमिश्नर को हर माह 50 हजार रुपए देना पड़ता है। इसी दौरान मंडल संयोजक यह भी कहता है कि जो रकम नहीं देगा, उसे हटा दिया जाएगा। ऑडियो में कमिश्नर, जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त तक को रकम देने की बात कही गई है।

कर्मचारियों की 20 को प्रस्तावित हड़ताल रद्द

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  •  वित्त मंत्री ने डीए भुगतान का दिया आश्वासन 

जगदलपुर 4 प्रतिशत लंबित डीए की मांग को लेकर वित्त मंत्री से दो दौर की चर्चा के बाद कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने 20 सितंबर की प्रस्तावित प्रदेश व्यापी हड़ताल को स्थगित कऱ दिया गया है।

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी महासंघ के बस्तर जिला संयोजक अजय प्रताप सिंह परिहार एवं छत्तीसगढ़ शिक्षक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रामकांत द्विवेदी ने संयुक्त बयान में बताया है कि वित्त मंत्री ने इसी माह डीए देने का वादा किया है। राज्य के चार लाख कर्मचारियों और डेढ़ लाख पेंशनरों को 1 जनवरी 2024 से 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिलाने की मुहिम में लगे छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों की वित्त मंत्री ओपी चौधरी से दो दौर की चर्चा के बाद संयुक्त मोर्चा ने 20 सितंबर को होने वाली प्रदेश व्यापी हड़ताल को स्थगित कर दिया है। राज्य के कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर डीए नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों और पेंशनरों में असंतोष है, जिसकी वजह से छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने 20 सितंबर को हड़ताल करने का ऐलान किया था। भाजपा ने विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में ‘मोदी की गारंटी’ देते हुए कहा था कि वह केंद्र के समान डीए देगी और बकाया एरियर्स की राशि जीपीएफ खाते में अंतरित करेगी। लेकिन वर्तमान में राज्य के कर्मचारी और पेंशनर डीए के मामले में केंद्र के कर्मचारियों से 4 प्रतिशत पीछे चल रहे हैं। कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर 9 सितंबर को प्रदेश व्यापी हड़ताल करने की घोषणा की थी किंतु 2 सितंबर को मुख्यमंत्री से चर्चा में मिले ठोस आश्वासन पर हड़ताल को 19 सितंबर तक स्थगित करते हुए संयुक्त मोर्चा की ओर से कहा गया था कि यदि 19 सितंबर तक डीए का आदेश जारी नही हुए तो 20 सितंबर को हड़ताल करेंगे। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने मोर्चा के प्रतिनिधियों को 13 सितंबर को चर्चा के लिए आमंत्रित कर प्रदेश की वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को चार प्रतिशत डीए देने की सहमति व्यक्त की, किंतु देय तिथि से डीए देने पर गतिरोध बना रहा। वित्त मंत्री एवं मुख्यमंत्री की आपसी चर्चा के बाद दूसरे दौर की चर्चा हेतु वित्त मंत्री के बुलाने पर मोर्चा के घटक संगठनों के प्रतिनिधियों की 17 सितंबर को देर रात वित्तमंत्री के साथ दूसरे दौर की हुई चर्चा में वित्त मंत्री ने कहा कि चार प्रतिशत डीए देने की घोषणा मुख्यमंत्री स्वयं अतिशीघ्र करेंगे तथा निकट भविष्य में शासन ऐसी योजना ला रहा है कि जिस दिन केंद्र सरकार डीए देने की घोषणा करेगी उसी दिन से राज्य सरकार के कर्मचारियों पर स्वमेव लागू हो जाएगा। डीए अब मांगना नहीं पड़ेगा। वित्त मंत्री की इसी वादे पर कि डीए का आदेश इसी माह जारी होने तथा भविष्य में केंद्र सरकार की घोषणा के साथ उसी तिथि पर डीए देने के आश्वाशन पर संयुक्त मोर्च ने 20 सितम्बर की हड़ताल को स्थगित कर दी है। वित्त मंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधि मंडल में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला, मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र सिंह राजपूत, संरक्षक तीरथलाल सेन, कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के संरक्षक ओपी शर्मा, लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष संजय सिंह, प्रदेश स्वास्थ कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष आलोक मिश्रा, प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष करण सिंह अटेरिया, छत्तीसगढ़ कोषालय कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, पटवारी संघ के संरक्षक कमलेश सिंह राजपूत, छत्तीसगढ़ शिक्षक कांग्रेस के प्रांतीय महामंत्री सुनील यादव, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के प्रांतीय प्रवक्ता नरेंद्र सिंह ठाकुर, पेंशनर एसोसिएशन एवं कर्मचारी कल्याण संघ के संगठन मंत्री विद्याभूषण दुबे, मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री मुन्नालाल निर्मलकर, लघु वेतन कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष पीआर साहू, विद्यालयीन शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी, छत्तीसगढ़ कर्मचारी संघ के उप प्रांताध्यक्ष अशोक कुमार नवरे, स्टेट गैरेज शासकीय कर्मचारी संघ के उप प्रांताध्यक्ष बालकृष्ण साहू, प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष गोपाल साहू एवं कार्यकारी प्रांताध्यक्ष प्रेमप्रकाश गजेंद्र, राज्य कर्मचारी संघ के पूर्व प्रांताध्यक्ष शशिकांत गौतम, शासकीय अनुदान प्राप्त शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष संजय दुबे, पेंशन धारी कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष डीपी मनहर, संचालनालय कर्मचारी संघ के राजेश वरकड़े, लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय प्रवक्ता देवाशीष दास, प्रदेश स्वास्थ कर्मचारी संघ के उप प्रांताध्यक्ष सूरज प्रसाद देवांगन, चेतन सिन्हा शामिल थे।

ओड़िशा के वड्डे ने ठहराया मौतों का जिम्मेदार, तो मार डाले गए इतकल गांव के वड्डे परिवार के पांच लोग

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  • 18 माह में 14 मासूमों और 4 साल में 30 पुरुषों की मौत से आशंकित थे ग्रामीण
  •  इतकल गांव में एक परिवार के 5 लोगों की हत्या में प्रशासन भी भागीदार

अर्जुन झा-

जगदलपुर झाड़ फूंक और तंत्र मंत्र की गहरी पैठ आज भी बस्तर संभाग के गांवों में बनी हुई है। संभाग के सुकमा जिले में दो दिन पहले दिल दहलाने वाली जो घटना हुई है, उसके पीछे भी यही कारण रहा है। सुकमा के कोंटा विकासखंड की ग्राम पंचायत मुरलीगुड़ा के इतकल गांव में रविवार को एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या के मामले में जितना अंधविश्वास जिम्मेदार है, उससे कहीं ज्यादा जिम्मेदार जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हैं। मृतक परिवार का एक सदस्य वड्डे का काम करता था। वड्डे झाड़ फूंक से उपचार करने वाले को कहते हैं। इतकल गांव के लोग बीमार पड़ने पर इसी वड्डे के पास झाड़ फूंक कराने जाया करते थे। उसकी झाड़ फूंक के बाद भी जब बीमारी दूर नहीं हुई और मौतों का क्रम जारी रहा, तो कुछ ग्रामीणों ने पड़ोसी राज्य ओड़िशा के एक गांव में जाकर वहां के वड्डे से संपर्क किया तो उस वड्डे ने मौतों के लिए इतकल के वड्डे को जिम्मेदार ठहरा दिया। इसके बाद गांव लौटकर ग्रामीणों ने आम बैठक बुलाई और गांव के वड्डे परिवार की हत्या की योजना बना ली गई। इस निर्मम हत्याकांड के लिए हमारा सिस्टम भी पूरी तरह जवाबदेह है।

इतकल गांव में पिछले चार वर्ष में 30 पुरुषों और पिछले 18 माह में 14 मासूम बच्चों की मृत्यु हुई है। इतनी बड़ी संख्या में गांव में होने वाली मौतों से गांव के लोग हताश- परेशान थे और गांव में ही झाड़-फूंक कर अपनी समस्या का उपचार ढूंढते रहे। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। आखिरकार गांव में हो रही लगातार मृत्यु से उपजी ग्रामीणों की हताशा ने इस जघन्य हत्याकांड को जन्म दे दिया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगातार लोगों के मरने से गांव वाले परेशान थे। वे सभी अपना उपचार गांव के ही झाड़–फूंक करने वाले वड्डे से करवाते थे। इसके बाद भी गांव मौत का सिलसिला थम नहीं रहा था। दस दिन पहले इस गांव के कुछ लोग ओडिशा के एक वड्डे के पास इस परेशानी का उपाय ढूंढने गए थे। उस वड्डे ने ग्रामीणों को झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र करने के बाद बताया कि गांव में लगातार हो रही मृत्यु के पीछे तुम्हारे गांव का ही वड्डे जिम्मेदार है। इस बात ने हताश-परेशान ग्रामीणों के बीच चिंगारी भड़काने का काम किया। गांव के लोग भड़क उठे और एक सप्ताह पूर्व ही वड्डे के परिवार को गांव से बहिष्कृत कर दिया गया। इस बीच जब फिर से मंगलवार आने वाला था तो ग्रामीणों में गांव में हो रही मृत्यु को रोकने के लिए रविवार को वड्डे परिवार को बुलाकर बैठक की। इस बैठक में एक आपराधिक निर्णय लेते हुए वड्डे परिवार को मृत्युदंड की सजा सुना दी गई। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से पीटकर परिवार के पांच सदस्यों को बेरहमी से मार डाला।

एक घर से उठती थीं कई आर्थियां

ग्रामीणों ने बताया कि चार साल के भीतर इतकल गांव में 30 लोग मृत्यु का ग्रास बन गए। एक ही घर से 3-4 लाशें उठने के बाद कुछ दिन तक मृत्यु का दौर रुक जरूर जाता था, लेकिन कुछ अरसा गुजरने के बाद फिर किसी न किसी की मौत हो जाती थी। गांव के सलवम परिवार के लोगों की ज्यादातर मौत हुईं है। सलवम जोगा, सलवम सुब्बा, सलवम रामा और सलवम लच्छी एक ही घर के थे, जिनकी मृत्यु अज्ञात कारणों से हुई। वहीं सलवम कन्ना, सलवम रत्तो और सलवम लच्छा एक ही घर के थे। मौसम रामा, मौसम सिंगा एक घर के थे, सलवम सुब्बा, कुंजा वीरा जैसे दर्जनों लोगों की मौत बिना किसी करण के हुई है। वहीं पोडियम सिलको ने बताया उनके घर के तीन बच्चे पोडियम रियांसी 2 महीने की थी, पोडियम सीको 6 महीने और पोडियम संतोष के 2 महीने के बेटे की भी किसी वजह से मौत हो गईहै।

गांव में महिला आबादी ज्यादा

लगातार कई लोगों की मौत के बाद अब गांव में 30 महिलाएं विधवा हो चुकी हैं। गांव में युवा पीढ़ी भी कम है। जब हमने पड़ताल की तो प

पाया कि गांव में 63 प्रतिशत महिलाएं हैं। गांव की खेती से लेकर गाय चराने और महुआ बीनने से लेकर बाजार जाने तक का काम महिलाएं ही करती हैं। गांव में दोरला आदिवासी जनजाति के लोग निवासरत हैं।

हर मंगलवार को मौत..!

पिछले तीन सप्ताह तक गांव में शोक का माहौल था। तीनों हफ्ते मगलवार के दिन ही लोगों की मौत की भी अजब कहानी सामने आई है। पहले मंगलवार को सलवम मुत्ता की शरीर दर्द के चलते मौत हों गई। उसके बाद वाले मंगलवार को पांडरूम नरैया की मौत पैर और घुटने दर्द के चलते हुई। उसके बाद के मंगलवार को कुंजाम मुकेश की 3 महिने की बेटी की मौत अज्ञात कारणों से हो गई। जिसके बाद आने वाले मंगलवार से पहले इतवार को ही गांव के लोगों ने शक और अंधविश्वास के चलते एक परिवार के पांच लोगों की हत्या कर दी। लेकिन महिने भर में हुई तीन मौतों के बाद भी स्वास्थ विभाग के कर्मियों ने इतकल गांव की ओर रुख नहीं किया। जबकि गांव से महज 4 किलोमीटर दूर ही बंढा गांव में अस्पताल है, जहां नर्स और डॉक्टर तैनात हैं।

पड़ताल में एक बड़ी बात समाने आई है कि दोरला जनजाति में पारिवार के भीतर ही विवाह करने का चलन है। यानि परिवार के भीतर से ही वर वधु का चयन होता है और शादी कर दी जाती है। इससे वैज्ञानिक तौर पर यह भी कहा जा सकता है कि गांव में हो रही बच्चों की मौतों के पीछे जेनेटिकल प्रॉब्लम कारक हो सकती है।

गांव के लोगों ने पारिवारिक विवाह की बात बताई। गांव में ज्यादातर युवकों की शादी उनके रिश्तेदार यानि बहन की बेटी, मामा की बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों से हुई है। इसके मद्देनजर गांव में स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों पर प्राइमरी हेल्थ केयर सेवा प्रदाताओं को उचित शिक्षा और प्रशिक्षण देकर जागरूकता अभियान चलाना चाहिए, ताकि ग्रामीणों में अमूमन होने वाली सिज़ोफ्रेनिया, सिकालिन, निमोनिया जैसी बीमारियों से उन्हें बचा जा सके।

दो वड्डे समेत 10 हिरासत में

सुकमा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोंटा के एडिशनल एसपी आकाश राव, एसडीओपी सुमीत गुप्ता और कोंटा थानेदार हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं पर जांच कर रहे हैं। मामले में अबतक 17 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। ओड़िशा के वड्डे राम और आंध्र प्रदेश के वड्डे के. रमेश पुलिस हिरासत में हैं। उनसे पूछताछ जारी है। इतकल गांव के भी 10 लोगों को हिरासत में लेकर उनसे भी पूछताछ की जा रही है। पू छताछ के बाद इन आरोपियों पर मामला पंजीबद्ध कर उन्हें जेल भेजने की तैयारी है।

हजारों पेड़ लगा कर मनाया गया नियोगी जी के जन्मदिवस

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जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ ने आज दिनाँक 18/09/24 दिन बुधवार को मनाया शहीद कॉ.शंकर गुहा नियोगी जी का जन्मदिवस इस अवसर पर जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ ने पूरे डोंडी लोहारा विधानसभा में जंहा जंहा पर जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के साथी है उन सभी जगहों पर जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में नियोगी के बनाये गए 17 विभाग मे से एक विभाग *अपने जंगल को पहचानो कार्यक्रम के तहत* वृक्षारोपण का कार्यक्रम रखा गया इसी कड़ी में आज दल्ली राजहरा में भी यह कार्यक्रम शहीद स्मारक शहीद चौक व शहीद अस्पताल में आयोजन किया जिसमे शीशम, लाल चंदन, सफेद चंदन, कटहल, रातरानी, अशोक, करन, के साथ विभिन्न प्रकार के वृक्षों का रोपण किया गया जिसमें सर्वप्रथम शहीद स्मारक में सुबह 10 बजे यह वृक्षारोपण का कर्यक्रम किया गया जिसमें मुख्यरूप से श्रीमती आशागुहा नियोगी जी,श्रीमती अमर बाई (छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा), डॉ शैबाल जाना जी (शहीद अस्पताल) डॉ पवित्र कुमार गुहा जी (गुहा अस्पताल) डॉ राजीव लोचन जी (संजीवनी अस्पताल), डॉ अमित तिवारी जी (आरोग्य अस्पताल), डॉ पांडुरंग सर (शहीद अस्पताल) डॉ ओम देवांगन मैडम (शहीद अस्पताल) स्वप्निल श्रीवास्तव जी (BSP), निकोसे सर (अरमुरकसा नर्सरी),

चन्द्रप्रकाश सिन्हा (पार्षद वार्ड नं 14) अशोक शर्मा (शहीद अस्पताल) के हाथों से शहीद स्मारक पर वृक्षारोपण कराया गया जंहा पर डॉ शैबाल जाना ने बताया कि नियोगी किस तरह प्रकृति से जुड़े रह कर पेड़ जंगल के मत्व को समझ के लोगो के बीच मे परोसते थे जिसमें एक है नीबू का महत्व जब शहीद अस्पताल में लोग आते थे तो उनको नीबू के रस का शर्बत पिलाय जता था और सजा के पेड़ के लिए कलकत्ता के रिषर्च सेंटर से मार्गदर्शन लिया।

शहीद स्मारक के बाद शहीद अस्पताल के ओ.पी.डी. में और ब्लड बैंक के पास भी वृक्षारोपण किया गया जिसमें स्थानीय शहीद अस्पताल के डॉ शैबाल जाना सर, डॉ लालवानी सर, डॉ दीपू सर, डॉ कुंडू मैडम, शंजीता गुहा नियोगी (नियोगी जी की पोती) डॉ उमेश सर, , डॉ योगी लालवानी जी, फुलेश्वरी सोनवानी जी, धनीराम जी, डिगेश जी, सूरज जी, सूरज मेश्राम जी, रवि जैसावल (पर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष) राजेन्द्र तिवारी (ठेकेदार) के हाथों कराया गया जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम अपने जंगल को पहचानो* कार्यक्रम में मुख्य रूप से जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ से जीत गुहा नियोगी, तंद्रागुहा नियोगी, बसन्त रावटे, यादराम कोर्राम, विजय सिंग, शिवा सिंग, शरद, के साथ सैकड़ो जन मुक्ति मोर्चा के साथी सम्मिलित हुए…

 

स्वास्थ्य केन्द्र अर्जुन्दा में डियुटी में उपस्थित डॉक्टर एवं ड्रेसर के साथ गाली गलौज एवं मारपीट करने वाले आरोपी गिरफ्तार

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  •  दो अन्य आरोपी जो घटना के बाद से फरार है जिसकी पता तलाश जारी है।
  • धारा 296, 351(2),221,132,3(5),115(2) बी0एन0एस0 एवं चिकित्सक सेवक तथा0 चिकित्सा सेवा संस्थान अधि0 2010 की धारा 03 के तहत् आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है, प्रार्थी डॉ0 लेखराम कोसरे जो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अर्जुन्दा में चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदस्थ है कि दिनांक 15.09.2024 को रात्रि में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अर्जुन्दा में रात्रि डियुटी में पदस्थ थे कि रात्रि करीबन 11.15 बजे कुछ अज्ञात व्यक्ति जिसमें से एक व्यक्ति के चेहरे पर चोंट आया हुआ था उसके साथ आये साथी के द्वारा अस्पताल में घुसकर मां बहन की अश्लील गलौज कर अस्पताल में डॉक्टर नहीं है व ड्रेसर नहीं है कहकर गाली गलौज कर रहे थे उस दौरान प्रार्थी वार्ड में सात दिवस के बच्चे का ईलाज कर रहा था जो शोर-शराबा सुनकर बाहर आकर पुछताछ किया जो जो अज्ञात व्यक्ति अपना नाम सुर्यकांत शर्मा, प्रवीण चंदेल, सन्नी तिवारी अर्जुन्दा का होना बताये। जिसमें से सुर्यकांत शर्मा घायल अवस्था में था जिसके चेहरे, दाहिनें आंख व नाक के पास गिरने से चोंट आयी थी जिसे प्रार्थी द्वारा वार्ड में ले आओ मैं बच्चे को देखकर आ रहा हुं बोलने पर ड्रेसर मेश साहु व प्रार्थी द्वारा समझाने पर भी नहीं समझ रहे थे व वाद-विवाद कर गाली गलौज कर रहे थे। पहले हमको देखो फिर दूसरे मरीज को देखना बोलने लगे। प्रार्थी व ड्रेसर मेश साहु को शासकीय सेवक होते जानते हुए भी अस्पताल में ही मां बहन की अश्लील गालौज कर बिमार बच्चे को देखने से रोक कर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाते हुए दोनों के साथ हाथा पाई व मारपीट करने लगे। उस समय ये तीनों शराब के नशे में थे। प्रार्थी व ड्रेसर मेश साहु के साथ तीनों एक राय होकर मां बहन की गन्दी-गन्दी गाली देकर हाथ मुक्का से मारपीट किये है कि रिपोर्ट पर अपराध धारा सदर पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान प्रार्थी डॉ0 लेखराम कोसरे व ड्रेसर मेश साहु का मेडिकल मुलाहिजा कराया गया है। प्रकरण सदर के आरोपी सन्नी उर्फ सन्नीजीत तिवारी के विरूद्ध पर्याप्त अपराध सबुत पाये जाने से दिनांक 17.09.2024 के 18.30 बजे विधिवत गिर0 किया गया है। मामला अजमानतीय जुर्म का होने से गिरफ्तारी की सूचना परिजनो को देकर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण के दो अन्य आरोपी सकुनत से फरार है जिसकी पता तलाश जारी है।

फ्री हेल्थ चेकअप कैंप में बच्चों को दिए जा रहे बीमारियों से बचने के टिप्स

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  •  रोटरी क्लब ने चाइल्ड हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन

जगदलपुररोटरी क्लब ऑफ़ जगदलपुर एवं स्कूल हेल्थ प्रो के माध्यम से संचालित जगदलपुर के रोटरी भवन में बुधवार को फ्री हेल्थ चेकअप कैंप व फ्री हेल्थ अवेयरनेस कैंप का आयोजन किया गया। 21 सितंबर तक चार दिवसीय एडवांस्ड मेडिकल चेकअप कैंप बच्चों के लिए आयोजित किया गया है। कैंप में सेवाएं दे रहे सभी डॉक्टर्स एम्स से प्रशिक्षित हैं।

इस कैंप में 60 से अधिक जांच कराए जा रहे हैं। पूरे कैंप का नेतृत्व डॉक्टर तन्मय मोतीवाला कर रहे हैं। डॉ. मोतीवाला चाइल्ड सर्जन हैं। पहले दिन डॉ. राधेश्याम सिंह ने दर्जनों छात्र-छात्राओं को हेल्थ चेकअप किया और उन्हें फ्री हेल्थ टिप्स की जानकारी भी दी। कैंप में बताया गया कि किस प्रकार के क्रियाकलाप बच्चों को दिनचर्या में करना चाहिए।डॉक्टर ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चे अपना खास ध्यान रखें। मौसम बदलने के साथ ही बीमारियों का प्रकोप भी शुरू हो जाता है। सबसे पहले बच्चे इनकी चपेट में आते हैं। इसलिए इस मौसम में सर्दी खांसी जुकाम जैसे तरह-तरह के वायरल और दूसरी बीमारियों से बचने के लिए खास ख्याल रखें। रोटरी क्लब द्वारा चाइल्ड हेल्थ से जुड़े कई तरह के स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस कैंप मे 10 स्कूलो से 900 से अधिक बच्चों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। इस कैंप में जरूरतमंद बच्चों को नि:शुल्क जांच और प्राइवेट स्कूलों के सक्षम बच्चों के लिए नॉमिनल फीस लेकर जांच किया जा रहा है। इस कैंप में डॉ. हिमांशु, डॉ. तन्मय, डॉ. अमन, डॉ राधेश्याम, डॉ. मधु, डॉ. सौरभ, डॉ. रिद्धिमा, डॉ. अंजलि, दिलीप, आकिब, उज्जवल, श्याम अपनी सेवा दे रहे हैं। रोटरी क्लब अध्यक्ष सीए विवेक सोनी ने बताया छत्तीसगढ़ में यह केम्प पहली बार आयोजित किया जा रहा है। जिसमें पूरे भारत से एम्स से प्रशिक्षित डॉक्टर इस कैंप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस कैंप का उद्देश्य भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों का पूर्व परीक्षण एवं रोकथाम करना है। इस कैंप में 60 से अधिक जांच समस्त बच्चों के किए जा रहे हैं। इस दौरान मुख्य रूप से सचिव साइन वर्गीस, हर्षवर्धन कौशिक, सौरभ अरोरा, सुमन भावसार, साहिल बरबटिया, अशोक लक्कड़, सौरभ अरोरा, संग्राम सिंह राणा, राहुल मोदी, कुलजीत सिंह, सन्नी लुक्कड़, नवीन भावसार सहित अन्य रोटेरियन मेंबर्स उपस्थित थे।

ट्रांसपोर्टरों की लड़ाई का फायदा मिल मालिकों ने उठाया, घाटे में ट्रांसपोर्टर

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  • भाड़ा कम होने से नुकसान हो रहा है ट्रांसपोर्टरों का

जगदलपुर।स्थानीय पत्रकार भवन में बस्तर परिवहन संघ एवं झाड़ेश्वर समिति नगरनार के सदस्यों ने कहा कि मिल मालिक ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों की आपसी लड़ाई का फायदा उठा रहे हैं और बस्तर के ट्राला व्यवसायियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

बस्तर परिवहन संघ एवं झाड़ेश्वर समिति नगरनार द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान बीपीएस अध्यक्ष अमर सिंह सियाल ने कहा कि नगरनार स्टील प्लांट की स्थापना बस्तर के लोगों के हित के लिए की गई है, किंतु उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। स्टील प्लांट की शुरुआत हुई थी, उस दौरान परिवहन का रेट तीन 3100 रुपए हैदराबाद के लिए तथा रायपुर के लिए 1450 रुपए तय किया गया था। आज व्यापारियों ने हैदराबाद के लिए 1300 रुपए तथा रायपुर के लिए 950 रुपए तय कर दिया है। यह सीधे-सीधे ट्राला व्यवसायियों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। श्री सियाल ने कहा कि ट्राला व्यवसायियों के साथ वह खड़े हैं तथा माल खरीददारों के विरुद्ध जरूरत पड़ने पर सड़क की लड़ाई भी लड़ी जाएगी। झड़ेश्वर समिति के सचिव रघु मानिकपुरी ने भी इसी प्रकार के वक्तव्य दिए तथा बस्तर परिवहन संघ के सचिव राजेश झा ने भी अपने उद्गार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यह परिवहन व्यवसाय से जुड़े ट्रांसपोर्टरों की आपसी खींचतान का नतीजा है कि ट्राला व्यवसायियों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है और परिवहन से उन्हें कोई लाभ भी नहीं मिल रहा है। अमर सिंह सियाल, रघु मानिकपुरी एवं राजेश झा ने परिवहन से जुड़े व्यवसायियों से कहा है कि अपने हितों के लिए टकराव न करें और एकजुट रहकर सभी एक दूसरे का साथ दें। पत्रकार वार्ता के दौरान झाड़ेश्वर समिति के अध्यक्ष बनमली नाग, झड़ेश्वर समिति एवं बीपीएस के पदाधिकारी श्री विश्वास, सुधा मिश्रा, गीता मिश्रा, रामेश्वर बिसाई, खगेश्वर कश्यप के अलावा बड़ी संख्या में ट्राला परिवहन से जुड़े सदस्य भी उपस्थित थे।

संघ के नेताओं ने ली मंत्रियों की क्लास

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रायपुर राजधानी के रोहिणपुरम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आरएसएस के पदाधिकारियों के साथ प्रदेश के पांच मंत्रियों की बैठक हुई। बैठक में डिप्टी सीएम एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव भी बैठक में मौजूद रहे। खबर है कि निगम मंडलों, आयोग प्राधिकरण संसदीय सचिवों की नियुक्ति और बचे 2 मंत्री पद पर चर्चा इस बैठक में हुई है। नवरात्रि में नियुक्तियां हो सकती हैं।

राहुल गांधी के खिलाफ विवादित बोल पर भड़के कांग्रेसी मंत्री और शिवसेना विधायक फूंका पुतला

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  •  अमर्यादित भाषा बोलना भाजपा की ओछी राजनीति का प्रतीक: सुशील मौर्य
  • भाजपा नेताओं की बदजुबानी लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा: रेखचंद जैन 

जगदलपुर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जीभ काटने और उन्हें आतंकवादी कहे जाने से कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भड़क उठे हैं। जगदलपुर में आज कांग्रेसियों ने बुलढाणा महाराष्ट्र के शिवसेना विधायक और रेल राज्यमंत्री का पुतला दहन कर इन नेताओं की गिरफ्तारी की मांग की।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर बस्तर जिला शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा देश का नंबर वन आतंकी कहने तथा महाराष्ट्र के शिवसेना (शिंदे) विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा राहुल गांधी की जीभ काटकर लाने वाले को 11 लाख रुपए का इनाम देने जैसे अमर्यादित व बयान दिए जाने के विरोध में कांग्रेस पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री व शिवसेना विधायक का पुतला दहन किया। शहर जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को रेल राज्यमंत्री द्वारा आतंकी कहना और महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना शिंदेगुट के विधायक द्वारा राहुल गांधी की जीभ काटकर लाने वाले को 11 लाख इनाम देने जैसी बयानबाजी करना ओछी राजनीति का प्रतीक बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्री आज मोदी की भाषा बोल रहे हैं। भाजपा के नेताओं मंत्रियों ने हमेशा अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। ऐसे बयानों से कांग्रेस कार्यकर्ता आहत हैं। कांग्रेस पार्टी ऐसे कृत्य का पुरजोर विरोध करती है। राहुल गांधी के विरुद्ध यह नफरती अभियान किसके इशारे पर हो रहा है। राहुल गांधी के खिलाफ ऐसी हिंसात्मक बयानबाजी करने वाले ही असली आतंकी हैं। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि भाजपा नेता नवनीत बिट्टू एवं शिवसेना (शिंदे) विधायक संजय गायकवाड़ को तुरंत माफी मांगनी चाहिए साथ ही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को ऐसे बयानबाजी करने वाले नेताओं पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए।जगदलपुर के पूर्व विधायक रेखचन्द जैन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता मंत्रीगण भाषा की मर्यादाओं को लांघते हुए राष्ट्रीय पदों की गरिमाओं को तार तार तो कर ही रहे हैं साथ ही भाजपा नेताओं की बदजुबानी, हिंसक बयानबाज़ी व अमर्यादित भाषा हमारे लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। अपनी राजनीति चमकाने और दूसरे को नीचा दिखाने के लिए भाजपा के नेता मंत्रीगण हमेशा अमर्यादित भाषा बोलते हैं।

जो कि भाजपा की ओछी राजनीति का परिचायक है। इस तरह की बयानबाजी पर भाजपा अपने मानसिक दिवालियापन का प्रदर्शन कर रही है।जिस तरह से राहुल गांधी एक के बाद एक सीढ़ी चढ़कर सियासत में आगे बढ़ रहे हैं, उससे भाजपा नेताओं में खलबली मची है। इसीलिए बीजेपी नेताओं द्वारा राहुल गांधी पर विवादास्पद बयान दिए जा रहे हैं। राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता नही पच रही है।श्री जैन ने कहा कि रेल राज्य मंत्री व महाराष्ट्र से शिवसेना विधायक का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। क्या मंत्री व विधायक राहुल गांधी के परिवार को नहीं जानते। भारत को आजाद कराने से लेकर देश के विकास तक का काम कांग्रेस और राहुल गांधी के परिवार ने किया है।भाजपा के नेता उस परिवार के युवराज को आतंकवादी कह रहे हैं। जो कि अति निंदनीय कृत्य है जिसके लिए भाजपा के नेताओं को अपने शब्द वापस लेते हुए राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उदयनाथ जेम्स, उपनेता प्रतिपक्ष राजेश राय, निगम अध्यक्ष कविता साहू, हनुमान द्विवेदी, अंगद प्रसाद त्रिपाठी, रक्षण राव, गौरनाथ नाग, अतिरिक्त शुक्ला, वेंकट राव, हेमू उपाध्याय, रविशंकर तिवारी, अमरनाथ सिंह, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, चंपा ठाकुर, पार्षद विक्रम सिंह डांगी, कोमल सेना, सूर्यपानी, ललिता राव, कमलेश पाठक, आभास महंती, सुनीता सिंह, सुषमा सुता, सुखराम नाग, सुशीला बघेल, महामंत्री महेश द्विवेदी, निकेत झा, सेमियल नाथ, अंजना नाग, अपर्णा वाजपेयी, पापिया गाईंन, अल्पसंख्यक अध्यक्ष रोजविन दास, अवधेश झा, ब्लॉक अध्यक्ष राजेश चौधरी, युंका अध्यक्ष अजय बिसाई, विक्रांत सिंह, उपाध्यक्ष संदीप दास, अनुराग महतो, शादाब अहमद, एस नीला, सायमा अशरफ, मनीता राउत, सुलो कश्यप, हेमंत कश्यप, ज्योति राव, सलीम अली, उस्मान रज़ा, पंकज केंवट, कृपाशंकर राय, साहिल हियाल, खिरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।

दल्ली राजहरा की जामा मस्जिद से निकला जश्ने ईद मिादुन्नबी का जुलूस

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दल्ली राजहरा जश्न ए ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौक़े पर दल्ली राजहरा जामा मस्जिद से निकाला गया जुलूस ए मोहम्मद। जुलूस ने शहर का भ्रमण किया।

जुलूस में भाई चारे व शांति का परिचय दिया गया।मुस्लिम समाज के सदर नैय्यूम खान, मुस्लिम समाज के जुबैर अहमद, मो. नबी खान, अब्दुल मतीन कुरैशी, मो. इमरान अब्दुल जब्बार, मो. फारूक, मो. फिरोज, अब्दुल वासिक, शकील खान, हासिम कुरैशी, रफीक अली, मुस्ताक अहमद, शेख इसराला, मो. इलियास, मो. आजाद, अयान अहमद, शब्बीर कुरैशी, अब्दुल फैजान, जुनैद अली, शेख शोएब, शेख साहिल, मो. मुस्तफा, मो. रजा, मो नूर शेख, अरशद, मो. लाइक, अब्दुल सोयेब, सूफियान, शेख आलम, अब्दुल फरहान, मुजामिल अहमद, तालिब कुरैशी, अयाज मेमन, राजू कुरैशी, शेख अद्न्ना, सेफा खान, मो. फरीद, फैजान अंसारी, फ़राज़ हुसैन,अकरम हुसैन, शेख इब्राहिम, मुस्ताक अहमद अंसारी, मो असलम कुरैशी, मो मोहसिन नूर, आलम अंसारी, मो ओवेश व पूरे मुस्लिम समाज के लोग जश्ने ईद मिादुन्नबी के जुलूस में शामिल होकर खुशी मनाई व भाईचारे का परिचय दिया।

ईद मिलाद उन नबी क्यों मनाई जाती है?

ईद मिलाद-उन-नबी का महत्व इस्लामिक धर्म में बहुत अधिक है. यह त्योहार पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के जन्मदिन के अवसर के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें इस्लामिक धर्म का आखिरी पैगंबर माना जाता है. साथ ही, यह त्योहार इस्लामिक लोगों को एकता के सूत्र में बांधता है और उन्हें पैगंबर की शिक्षाओं को याद करने का अवसर प्रदान करता है.

ईद ए मिलाद कैसे मनाते हैं?

दुनिया भर के मुसलमान विशेष प्रार्थना करके और अल्लाह का आशीर्वाद मांगकर इस त्यौहार को मनाते हैं। इस अवसर पर भक्त दान-पुण्य करते हैं और अपने घरों, मस्जिदों और सड़कों को रंग-बिरंगी रोशनी और हरे झंडों से सजाते हैं।

क्यों मनाई जाती है ईद-मिलाद-उन-नबी, जानें पैगंबर मुहम्मद के जन्म से जुड़ा इतिहास

क्या आपको पता है ईद आने वाली है? नहीं बकरा ईद और मीठी ईद के अलावा भी एक ईद होती है और यह बहुत खास है। ईद-मिलाद-उन-नबी की खासियत के बारे में आज जानते हैं।

इस्लामिक कैलेंडर में एक ऐसा दिन भी आता है जिसे पैगंबर मुहम्मद के जन्मदिन के तौर पर मनाया जाता है। यही दिन है ईद-मिलाद-उन-नबी। मान्यता है कि इसी दिन पैगंबर को अल्लाह ने धरती पर भेजा था। यह इस्लामिक कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-उल-अवल में मनाया जाने वाला त्योहार है और इसे भी ईद की तरह ही पाक माना जाता है।

अधिकतर लोग बकरा ईद और मीठी ईद के बारे में जानते हैं, लेकिन आपको बता दें कि इस्लामिक धर्म के लिए यह भी बहुत महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है।

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