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अखंड भारत के विभाजन के लिए कांग्रेस जिम्मेदार: संजय श्रीवास्तव

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  • भाजपा के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव का लोहारा में शानदार व्याख्यान
  • भारत के बंटवारे के लिए कांग्रेस जिम्मेदार: संजय
    डौंडी लोहारा भाजपा के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने अपने डौंडी लोहारा प्रवास के दौरान 1947 में हुए अखंड भारत के विभाजन की त्रासदी पर शानदार व्याख्यान दिया। उन्होंने विभाजन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।
    संजय श्रीवास्तव ने 14 अगस्त 1947 को हुए देश के विभाजन की विभीषिका के मार्मिक घटनाक्रम का सजीव चित्रण किया। कहा कि 77 वर्ष पूर्व हुए आजादी की मिठास पर विष घोलते विभाजन के दंश के मद्देनजर वर्तमान एवं आने वाली पीढ़ी को सचेत रहना होगा। भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि देश आज आजादी के 77 वर्ष पूर्ण कर 78वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। 20 वर्ष भाजपा के शासन एवं 58 वर्ष कांग्रेस ने देश में राज किया, किंतु विभाजन के समय को कांग्रेस ने याद नहीं किया। क्योंकि कांग्रेस के नेतृत्व में ही देश का विभाजन हुआ, इसकी पूर्ण दोषी कांग्रेस की नीतियां रही हैं। आजादी के बाद देश में परिस्थितिया बदली वर्ष 2022 में आजादी के 75 वर्ष को अमृत महोत्सव के रूप में हम मना रहे हैं देश प्रतिवर्ष आजादी को स्वतंत्रता दिवस को महोत्सव के रूप में मना रहा है, किंतु विभाजन के दौर में देश के 20 लाख लोगों की हत्या हुई, 1 करोड़ 40 लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा। कांग्रेस पार्टी इस घटना को याद नहीं करती। आज हम शांति से खुली हवा में सांस ले रहे हैं तो लाखों हत्या और करोड़ों लोगों के विस्थापन का दंश भी तो देश झेल रहा है। श्रीवास्तव ने कहा कि देश के शौर्य एवं गौरव को घर-घर तक पहुंचाने करोड़ों घरों में तिरंगा फहराने का कार्य केवल भारतीय जनता पार्टी ने किया है। भाजपा देश के काले अध्याय को स्मरण कर आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले लोगों के प्रति संवेदना रखती है। विश्व के लोकप्रिय एवं शक्तिशाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चिंता करते हैं कि देश के विभाजन का दंश झेला है इसकी पुनरावृत्ति ना हो, इसलिए हर भारतीय उनकी पीड़ा को समझे। वे सबके मन में देशभक्ति की भावना जागृत कर रहे हैं। सदैव हम हिंदू मुस्लिम भाई-भाई कहते हैं किंतु उस वक्त जिस पार्टी ने धर्म के आधार पर देश को दो टुकड़े किए क्या उस पार्टी को कटघरे में नहीं खड़ा करना चाहिए? 50 दशक से अधिक समय तक देश में राज करने वाली कांग्रेस ने कश्मीर को देश से पृथक रखा इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? आज मोदी जी ने देश में दो प्रधान, दो विधान, दो संविधान को समाप्त कर कश्मीर में शांति एवं लोकतंत्र की स्थापना की है।

श्रीवास्तव ने कहा कि केवल भारतीय जनता पार्टी ही ऐसी पार्टी है जो देश की आजादी के हुतात्माओं को श्रद्धांजलि देती है। कश्मीर में रह रहे 18 प्रतिशत कश्मीरी पंडितों की आबादी दो प्रतिशत रह गई, कश्मीर आतंक का पर्याय बन गया।प्रधानमंत्री मोदी जी ने धारा 370 हटाई, कश्मीर की वादियों में आज अमन की बयार बह रही है। 14 अगस्त को विभाजन स्मृति विभीषिका दिवस के रूप में हम प्रतिवर्ष मनाते आ रहे हैं।

विभाजन के मार्मिक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए संजय श्रीवास्तव ने कि विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत आने वाली ट्रेनों में मुसाफिर की जगह लाशों के ढेर आते थे लगभग 33 हजार महिलाओं का अपहरण एवं 50 हजार महिलाओं का बलात्कार देश के इतिहास को कलंकित करता है।पाकिस्तान से खदेड़े गए लाखों हिंदुओं को पैदल चलकर भारत आना पड़ा, भूख प्यास से लाखों लोग मारे गए। श्रीवास्तव ने कहा कि 1905 में बंगाल के विभाजन का भरसक प्रयास करने वाले असफल रहे। 1922 में केरल में हुए नरसंहार में एक लाख हिंदुओं को घर छोड़कर जाना पड़ा 10 हजार हिंदुओं की निर्मम हत्या की गई। धर्म के आधार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले ऐसी राष्ट्र विरोधी कांग्रेस पार्टी को देश की जनता समझ रही है जो वर्ष 2014-19 और 24 में मिलकर भी 190 सीट लाती है और कांग्रेस के लोग हमें बताते हैं कि 240 सीट के बाद भी हम हार गए। संजय श्रीवास्तव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगातार हो रही घटनाएं तुष्टिकरण की राजनीति को प्रदर्शित करती हैं। जेएनयू में भारत के टुकड़े- टुकड़े गैंग का समर्थन करने वाले राहुल बाबा की सोच जनता के सामने है। आज भारत देश का कोई भी अल्पसंख्यक यह नहीं कहता कि उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार सबके विकास सबके प्रयास के साथ देश को शक्तिशाली एवं विश्व गुरु बनाने के पथ पर अग्रसर है। आने वाली पीढ़ियां देश में हुए काले अध्याय को जाने, इस उद्देश्य को लेकर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है ।

नगरनार संयंत्र को लेकर मोदी की गारंटी, शाह का वादा सिर्फ छलावा: जावेद खान

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  • संयंत्र को बेचे जाने की खबरों पर युकां के राष्ट्रीय प्रवक्ता की प्रतिक्रिया 

जगदलपुर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान ने नगरनार इस्पात संयंत्र की 50.79 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की तैयारी को लेकर मोदी सरकार और विष्णु देव साय सरकार को आड़े हाथों लिया है। जावेद खान ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान बस्तर दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की चुनावी सभाओं में बस्तर की जनता को नगरनार इस्पात संयंत्र को लेकर किए गए वादों और गारंटियों का जिक्र करते हुए कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने माई दंतेश्वरी की पावन धरा में माई दंतेश्वरी का जयकारा लगाकर बस्तर वासियों को विश्वास दिलाया था कि नगरनार इस्पात संयंत्र का विनिवेशीकरण नहीं किया जाएगा, पूर्व मुख्यमंत्री भुपेश बघेल झूठ फैला गए हैं। नगरनार इस्पात संयंत्र में सिर्फ बस्तर के लोगों का अधिकार है और किसी का अधिकार नहीं है। उनके झांसे में आकर बस्तरवासियों ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भी भाजपा को जीत दिलाई।

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह प्रदेश की भाजपा सरकार बस्तरवासियों को एकबार फिर बस्तर वासियों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। जावेद ने कहा कि नगरनार स्टील प्लांट की 50.79 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की रूपरेखा बनाई जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय अगले दो माह में इसके लिए बोलियां भी आमंत्रित करने जा रहा है। यह बस्तरवासियों की भावनाओं के साथ विश्वासघात और माई दंतेश्वरी की धरा में आकर झूठ बोलने के घोर पाप को दर्शाता है।जावेद ने कहा जबसे विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने हैं तब से यह बात हम कहते आ रहे हैं कि प्रदेश को एक कठपुतली मुख्यमंत्री मिले हैं, जो कहते जरूर हैं प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है परंतु उनके इंजन का संचालन भी मोदी- शाह के आवास से होता है। जिसका जीता-जागता उदाहरण नगरनार इस्पात संयंत्र के विनिवेशीकरण की तैयारी है। केवल विष्णु देव साय ही नहीं बस्तर सांसद महेश कश्यप, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव संहित बस्तर के 7 भाजपाई विधायकों और भाजपा नेताओं के भी मुंह में दही जम गया है। जावेद ने कहा बस्तरवासियों के साथ विश्वासघात को कांग्रेस पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और इन्हें बस्तर की जनता कभी माफ़ नहीं करेगी। आज बस्तर के भाजपा नेताओं का यह भी चेहरा बस्तर की जनता के सामने उजागर हो गया है।

नगरनार संयंत्र को लेकर मोदी की गारंटी, शाह का वादा सिर्फ छलावा: जावेद खान

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  •  संयंत्र को बेचे जाने की खबरों पर युकां के राष्ट्रीय प्रवक्ता की प्रतिक्रिया 

जगदलपुर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान ने नगरनार इस्पात संयंत्र की 50.79 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की तैयारी को लेकर मोदी सरकार और विष्णु देव साय सरकार को आड़े हाथों लिया है। जावेद खान ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान बस्तर दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की चुनावी सभाओं में बस्तर की जनता को नगरनार इस्पात संयंत्र को लेकर किए गए वादों और गारंटियों का जिक्र करते हुए कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने माई दंतेश्वरी की पावन धरा में माई दंतेश्वरी का जयकारा लगाकर बस्तर वासियों को विश्वास दिलाया था कि नगरनार इस्पात संयंत्र का विनिवेशीकरण नहीं किया जाएगा, पूर्व मुख्यमंत्री भुपेश बघेल झूठ फैला गए हैं। नगरनार इस्पात संयंत्र में सिर्फ बस्तर के लोगों का अधिकार है और किसी का अधिकार नहीं है। उनके झांसे में आकर बस्तरवासियों ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भी भाजपा को जीत दिलाई। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह प्रदेश की भाजपा सरकार बस्तरवासियों को एकबार फिर बस्तर वासियों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। जावेद ने कहा कि नगरनार स्टील प्लांट की 50.79 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की रूपरेखा बनाई जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय अगले दो माह में इसके लिए बोलियां भी आमंत्रित करने जा रहा है। यह बस्तरवासियों की भावनाओं के साथ विश्वासघात और माई दंतेश्वरी की धरा में आकर झूठ बोलने के घोर पाप को दर्शाता है।जावेद ने कहा जबसे विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने हैं तब से यह बात हम कहते आ रहे हैं कि प्रदेश को एक कठपुतली मुख्यमंत्री मिले हैं, जो कहते जरूर हैं प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है परंतु उनके इंजन का संचालन भी मोदी- शाह के आवास से होता है। जिसका जीता-जागता उदाहरण नगरनार इस्पात संयंत्र के विनिवेशीकरण की तैयारी है। केवल विष्णु देव साय ही नहीं बस्तर सांसद महेश कश्यप, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव संहित बस्तर के 7 भाजपाई विधायकों और भाजपा नेताओं के भी मुंह में दही जम गया है। जावेद ने कहा बस्तरवासियों के साथ विश्वासघात को कांग्रेस पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और इन्हें बस्तर की जनता कभी माफ़ नहीं करेगी। आज बस्तर के भाजपा नेताओं का यह भी चेहरा बस्तर की जनता के सामने उजागर हो गया है।

हलषष्ठी पर्व पर व्रतधारी माताओं को एक पुत्र द्वारा पिछले 20 वर्षों से पसहर चाॅवल का किया जा रहा वितरण

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  • बालोद शहर में इस वर्ष 6000 महिलाओ को निःशुल्क पसहर चांवल का हुआ वितरण

    बालोद  हलषष्ठी पर्व जिसे हम कमरछठ पर्व के नाम से भी जानते हैं इस दिन माताए अपने पुत्र की लम्बी आयु के लिए व्रत रखती है, जिसमें विधि विधान के साथ व्रतधारी माताएं पूजाअर्चना करती हैं एवं इसी पसहर चांवल से अपना व्रत खोलती है इस व्रत में मुख्य रूप से पसहर चाॅवल का ही महत्व रहता है तथा इसका उपयोग किया जाता है। यह पसहर चाॅवल विगत 20 वर्षों से वार्ड क्रमांक-02 सहित आस पास के क्षेत्रों में माताओं को कमरछठ पर्व के अवसर पर एक पुत्र के रूप में बालोद नगर पालिका के वरिष्ठ पार्षद कमलेश सोनी व उनके युवा साथियों के द्वारा वितरण किया जाता है इसी तारतम्य में इस वर्ष बालोद नगर के लगभग 6000 से अधिक महिलाओ को इस वर्ष घर पहुंचाकर हलषष्टी पर्व के 8 दिन पूर्व ही कमलेश सोनी एवं उनके साथियों ने उपलब्ध कराया वहीं सुबह से शाम तक शहर को स्वच्छ रखने वाली स्वच्छता दीदियों को मणिकांचन केंद्र में उपस्थित महिलाओ को भी पसहर चांवल दिया गया जिस पर स्वच्छता दीदी निर्मला पटेल सहित उनकी सभी महिला सदस्यों ने आभार जताया यह सराहनीय कार्य 20 वर्षो से अनवरत चल रहा है ऐसे सेवा कार्य के लिए सभी व्रतधारी माताओं ने पसहर चाॅवल उपलब्ध होने पर पार्षद कमलेश सोनी एवं उनके साथियों को अपना आर्शीवाद दिया और जनहित के इन कार्यों में हमेशा तत्त्पर रहने अपनी शुभकामनाए भी दी पसहर चावल वितरण करने वालो में प्रमुख रूप से सुरेश निर्मलकर अमित चोपड़ा विनोद जैन मोनू नरेंद्र सोनवानी पार्षद राजू पटेल सरोजनी डोमेंद्र साहू लेखन बसंती साहिरो दीपक देवांगन राजेश साहू विमल साहू हितेश्वरी कौशिक कमल पंपलिया लोकेश साहू अम्बिका यादव सुनिता मनहर प्रतिमा यादव प्राची विक्रम ललवानी दयालराम बघेल शेखर वर्मा मन्नू झोरी जीतू निर्मलकर काजल सोनी रोहिणी साहू भोजेश्वरी साहू कमलेश गौतम महेश पाठक पिंटू सारथी एवन साहू गिरीश नायडू चिंता राम साहू हरीश दुबे शेखर यादव मयंक योगी सुनील यादव पिंटू साहू तुलेश साहू चेतन निर्मलकर ज्ञानेश सोनकर राहुल साहू टिकेश साहू संतोष साहू धनराज साहू सचिन मंडावी मुरली साहू एवम सैकड़ों की संख्या में व्रत धारी माताएं बहनो के अलावा गणमान्य नागरिक गण भी उपस्थित रहे

जन्म स्थान से कोसों दूर रह रहे सीआरपीएफ के जवानों को गांवों में मिल गईं पचासों बहनें

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  • ग्रामीण महिलाओं ने जवानों को महसूस नहीं होने दी बहन की कमी
  • स्नेह पाकर छलक पड़ी सुरक्षा जवानों की आंखें

अर्जुन झा-

जगदलपुर दिल को छू लेना वाला था वह दृश्य, सबकी आंखें छलकी पड़ रही थीं। माहौल जज्बाती था, नम थी जवानों की आंखें और भीगे हुए थे अनजान बहनों के नयन। जवान तो इस कदर भावुक हो चले थे कि उनके पत्थर दिल होने की जन धारणा धराशायी हो गई। बम, गोला, बारूद, बंदूक, गोली की भाषा बोलने और समझने वाले जवानों के हाथों में जैसे ही रेशम की डोर बंधी, उनकी इंसानियत बाहर निकल आई।

अवसर था सीआरपीएफ की 188वीं बटालियन पुसपाल घाट द्वारा आयोजित रक्षाबंधन समारोह का। बटालियन के कमांडेंट भवेश चौधरी के मार्गदर्शन में आज 19 अगस्त को बस्तर के अति संवेदनशील क्षेत्र पुसपाल घाट में रक्षाबंधन त्यौहार को ग्राम पुसपाल, पालम, रतेंगा, परिपतपारा, बदरेंगा व कोरमेल के स्व सहायता समूहों की बहनों के साथ बल के जवानों ने धूमधाम से मनाया। देश और बस्तर वासियों की रक्षा कर रहे सीआरपीएफ जवानों के बीच राखी बांधने पहुंची बहनों ने सीआरपीएफ के जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर प्रेम स्नेह विश्वास और सुरक्षा का त्यौहार मनाया। बदले में जवानों ने बहनों की हर पल रक्षा करने के लिए तत्पर रहने का वचन दिया। इस अवसर पर सहायक कमांडेंट बन्ना राम ने अपने संबोधन में कहा कि रक्षाबंधन का यह पवित्र बंधन केवल धागों का नहीं बल्कि स्नेह, विश्वास और सुरक्षा का गठजोड़ का भी महापर्व है। हर भाई आज यह संकल्प ले कि वह ने केवल अपनी बहन, बल्कि हर बहन और उसके गांव व इलाके की रक्षा करेगा आओ हम सब मिलकर एक ऐसा समाज बनाएं जहां हर बहन सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे। घर से हजारों मील दूर बस्तर के सुदूर एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रक्षा का सूत्र लेकर आई हमारी बहनों ने अपने सीआरपीएफ के भाईयों के प्रति जो प्यार और सम्मान दिया है, उसके लिये हम सभी हृदय से आभारी हैं। हम आपकी सुरक्षा और आपके स्वभिमान की रक्षा की शपथ लेते हैं। रक्षाबंधन के इस पवित्र एवं पावन अवसर पर बहनों द्वारा कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते समय सभी जवान भावुक एवं भाव विभोर हो गए। इस अवसर पर निरीक्षक जीडी सुधीर कुमार, 188वीं बटालियन के समन्वय अधिकारी कंपनी टू सी प्रवीण कुमार, जवान तथा पुलिस चौकी घोठिया के चौकी प्रभारी बुधाराम कोमरे, गांव व की बहनें, सरपंच, पंच पटेल, नवयुवक उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत मे सभी बहनों को अधिकारी व जवानों द्वारा उपहार प्रदान किए गए तथा जलपान कराया गया। इस कार्यक्रम की ग्रामवासियों ने काफी प्रशंसा की।

यही तो है सच्चा रखवाला

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  • रक्षाबंधन पर अपने प्यारे डॉगी को राखी बांधी जाती है इस परिवार में

अर्जुन झा

जगदलपुर आज इंसान से ज्यादा भरोसेमंद जानवर हो गए हैं। आदमी एकबार दगा दे सकता है, मगर जानवर अपने मालिक को कभी दगा नहीं दे सकता। उसमें भी कुत्ता सबसे ज्यादा स्वामी भक्त होता है। कुत्तों की वफादारी के ढेरों उदाहरण हमारे सामने हैं। जगदलपुर के एक भाजपा नेता के परिवार में एक डॉगी बिल्कुल पारिवारिक सदस्य की तरह रहता है। पूरा परिवार इस डॉगी की वफादारी का कायल है। परिवार के सदस्यों का कहना मानने और उनकी सुरक्षा के लिए यह डॉगी हर पल तत्पर रहता है। परिवार के हर सदस्य से इस डॉगी को भरपूर प्यार मिलता है। यही वजह है कि हर साल रक्षा बंधन के अवसर पर परिवार की बेटी अपने भाई के साथ साथ इस डॉगी को भी राखी बांधती है। राखी बांधने से पहले डॉगी की आरती करती है और उसके माथे पर तिलक लगाती है।

जिला प्रभारी मंत्री विजय शर्मा के सामने लोहंडीगुड़ा और बकावंड के बीईओ ने किया सांस्कृतिक कार्यक्रम घोटाला

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  • तय स्कूलों की प्रस्तुति न दिलाकर दूसरे स्कूलों को कर दिया शामिल
  • स्वतंत्रता दिवस समारोह में कर दिया बड़ा फर्जीवाड़ा

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर जिले में शिक्षा विभाग के मैदानी अधिकारी अपने ही वरिष्ठ अफसर की आंखों में धूल झोंकने से बाज नहीं आ रहे हैं। हद तो तब हो गई जब दो खंड शिक्षा अधिकारियों ने जिले के प्रभारी मंत्री के सामने सांस्कृतिक कार्यक्रम घोटाला करने का दुस्साहस कर दिखाया।

स्वतंत्रता दिवस का जिला स्तरीय मुख्य समारोह जगदलपुर के लालबाग मैदान पर आयोजित था। इस समारोह में स्कूली विद्यार्थियों के संस्कृति कार्यक्रम की प्रस्तुति के लिए जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल ने 11 अगस्त को एक आदेश निकाला था। स्वतंत्रता दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति हेतु जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों के नाम तय किए थे। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश के साथ जारी स्कूलों की सूची में रुकमणी कन्या आश्रम डिमरापाल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भगतसिंह जगदलपुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कन्या, लोहंडीगुड़ा,

निर्मल विद्यालय जगदलपुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कन्या बकावंड के नाम शामिल थे। जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश के तहत इन्ही स्कूलों के छात्र छात्राओं को ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल किया जाना था, मगर बकावंड और लोहंडीगुड़ा के खंड शिक्षा अधिकारियों ने इस आदेश की धज्जियां उड़ा दी। उन्होंने अपने पसंदीदा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय टाईप-4 की छात्राओं की प्रस्तुति लालबाग के परेड ग्राउंड में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के सामने दिलवा दी। मजे की बात यह रही कि इस प्रतियोगिता में बकावंड को द्वितीय और लोहंडीगुड़ा को तृतीय स्थान भी मिल गया। जबकि आदेश हुआ था शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कन्या बकावंड और लोहंडीगुड़ा के नाम से।सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति में भी इस तरह का फर्जीवाड़ा समझ से परे है। यह प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है शिक्षा विभाग के मनमर्जी चलाने वाले अधिकारियों की नाफरमानी पर। ये अधिकारी अपने सीनियर अधिकारी की भी आंखों में धूल झोंकने लगे हैं।

भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने बटालियन के जवानों को बांधी राखी

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  •  बहनों का स्नेह पाकर सजल हो उठे परदेशी भाइयों के नयन

जगदलपुर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की सदस्याओं ने रविवार को जगदलपुर स्थित पांचवी बटालियन कैंप पहुंचकर जवानों के साथ रक्षाबंधन उत्सव मनाया। महिला मोर्चा की सदस्यों ने जवानों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी आरती की एवं उन्हें मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन उत्सव मनाया। इस स्नेहिल वातावरण में परदेशी भाइयों के नयन सजल हो उठे।

घर से दूर नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों की आंखें अपने बीच महिला मोर्चा की बहनों को पाकर नम हो उठी।महापौर सफीरा साहू ने कहा कि हमारे इन सैनिक भाइयों के कारण ही हम सुरक्षित हैं। सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए रक्षा सूत्र सैनिक भाइयों की कलाइयों में पहनाना हमारा कर्तव्य होना चाहिए। महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुधा मिश्रा ने कहा हर जवान नक्सल मोर्चे पर तैनात है घर से दूर है। लेकिन हम सब बहनें आप सभी के साथ खड़ी हैं। महिला मोर्चा की हमेशा सोच रही है जवान भाइयों की कलाई सूनी न रहे और उन्हें बहन की कमी महसूस न होने पाए। कार्यक्रम का संचालन जिला प्रभारी लक्ष्मी कश्यप ने एवं आभार प्रदर्शन प्रदेश कार्यसमिति सदस्य ममता सिंह राणा ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अल्का सेंगर, किरण सेन, श्वेता गुप्ता,नीलू भागवतकर, काजल वर्मा, धनमती प्रजापति, नेहा ध्रुव, स्वेता बघेल, रीमा प्रजापति, सुलमनी डहरिया, सुनीता सहगल, माधवी मंडल, परमजीत कौर, धीरज कश्यप, सुलता महाराणा सहित महिला मोर्चा की बहने एवं सैनिक उपस्थित थे।

युक्तियुक्तकरण आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई संयुक्त शिक्षक संघ ने

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  • सेटअप अनुसार करने एवं ऑनलाइन अवकाश आदेश को रद्द करने की मांग

जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिला शाखा बस्तर द्वारा जिला अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार तिवारी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर बस्तर को ज्ञापन सौंपा गया।

संघ के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी ने कहा कि युक्तियुक्तकरण से छत्तीसगढ़ की शासकीय शालाओं में शिक्षा का स्तर पूरी तरह से कमजोर हो जाएगा एवं शिक्षक बड़ी संख्या में प्रभावित और परेशान होंगे। युक्तियुक्तकरण में शिक्षा विभाग के सेटअप, नई शिक्षा नीति एवं शिक्षा के अधिकार कानून का पालन नहीं किया गया है। नियमानुसार शालाओं में स्वीकृत सेटअप अनुसार ही पद स्थापना होती है। स्कूल शिक्षा विभाग में सभी शालाओं का सेटअप 2008 स्वीकृत एवं प्रभावशील है। लेकिन युक्तियुक्तकरण में सेटअप को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है, जो कि पूर्णतः नियम विरुद्ध और अनुचित है। प्राथमिक शाला में 60 दर्ज संख्या में प्रधान पाठक सहित दो शिक्षक जबकि 5 कक्षा, प्रति कक्षा में 4 विषय, इस तरह 20 कालखंड होते हैं जो कि दो शिक्षको के लिए संभव ही नहीं है। माध्यमिक शाला में 105 दर्ज संख्या में प्रधान पाठक सहित चार शिक्षक, 6 विषय 18 कालखंड होते हैं। विषय आधारित अध्यापन होता है। जहां सभी विषय विशेषज्ञ होना जरूरी है। यही स्थिति हाई स्कूल, हायर सेकंडरी में भी बन रही है। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर विभिन्न प्रकार की ऑफलाईन, ऑनलाइन जानकारी, बैठक, प्रशिक्षण, सर्वे आदि कार्य किया जाता हैं। इससे निश्चित ही शिक्षा की गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। 10 से कम दर्ज संख्या वाली शालाओं को बंद करने या एक ही परिसर की शालाओं को समायोजन करने पर अनुशासन व्यवस्था कमजोर होगी एवं संस्था प्रमुख अतिशेष होंगे। रसोइये व स्वीपर भी हटेंगे। कम दर्ज संख्या वाली शालाओं को बंद करना शिक्षा पर मौलिक अधिकार का हनन होगा। यदि आज दर्ज संख्या कम है तो आगे बड़ भी सकती है। साथ ही पदोन्नती हेतु पद कम हो जाएंगे। इससे शिक्षकों को नुकसान होगा। कनिष्ठ परिक्षावधीन शिक्षक या शिक्षामित्र को छोड़कर वरिष्ठ शिक्षक को अतिशेष करना सर्वथा अनुचित है। ऎसी स्थिति में युक्तियुक्तकरण पूर्ण रूप से विसंगतिपूर्ण और शिक्षा को कमजोर करने वाला, शिक्षकों के अधिकारों को हनन करने वाला है।

इसलिए संघ ने इसका कड़ा विरोध किया है। ज्ञापन में युक्तियुक्तकरण के आदेश पर रोक लगाते हुए व्याख्याता, प्राचार्य सहित सभी लंबित पदोन्नति को पूर्ण करने एवं स्वतंत्र विभागीय स्थानांतरण करने के पश्चात ही युक्तियुक्तकरण 2008 के प्रचलित सेटअप अनुसार किया जाए। कम दर्ज संख्या वाली शालाओं को बंद करने एवं एक ही परिसर की शालाओं का समायोजन करने के नियम को निरस्त करने, जिसपर भाजपा के चुनाव घोषणा पत्र मोदी की गारंटी के अनुसार 57 हजार रिक्त पदों पर शिक्षक भर्ती शुरू करने की मांग की गई है। युक्तियुक्तकरण को मोदी की गारंटी का उलंघन करार दिया गया है। विसंगतियों को दूर करने के बाद अतिशेष होने की स्थिति में जो भी कनिष्ठ शिक्षक हैं, चाहे वे परीक्षावधीन हो या शिक्षामित्र उन्हे अतिशेष किया जाए। वरिष्ठ को अतिशेष करना उसके अधिकार का हनन होगा। ऑनलाइन अवकाश स्वीकृति को तत्काल प्रभाव से बंद कर पूर्व की भांति ऑफलाइन व्यवस्था लागू किया करने की भी मांग की गई है। प्रतिनिधि मंडल में जिला अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी, संभागीय उपाध्यक्ष चैतेंद्र पाणिग्रही धनशय नाग, नीलम शोरी, ब्लॉक अध्यक्ष हतदास शांडिल्य,हरीश देवांगन, संजू दास, गुलशन सेठिया,पदम कश्यप, लोकेश्वर सिंह भारद्वाज, दुर्योधन बैध, टीकम साहू, लखुराम कश्यप, लक्ष्मीनाथ कश्यप, नीरज कुंजाम, मंगल राम बघेल, चिंतेश्वर धुरु, पंचम राम नेगी, पुरुषोत्तम नेताम, जगन बघेल, कृष्णा मौर्य, संदीप बघेल, रविंद्र ठाकुर, सुनील बोबडे, राकेश शर्मा, श्वेता तिवारी, दिलीप शोरी, गोमती बंछोर, बैरन बरवा, जयमाला चौहान, चक्रधर पांडे, सुखराम बघेल, गंगाराम बघेल, धानसिंग बघेल, प्रेमसिंह नायक, श्याम सुंदर बकड़े, यहुत कुमार पटेल, गोवर्धन पटेल, मनीष देव, दयालुराम दीवान, पदम कश्यप सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद थे

नगरनार स्टील प्लांट में विनिवेश की तैयारी, बिकेगा 60.79 फीसदी हिस्सा

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  •  शेयर होल्डर्स को अच्छा मुनाफा दे रहे हैं शेयर्स

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर के नगरनार में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम एनएमडीसी द्वारा स्थापित स्टील प्लांट बहुत जल्द निजी हाथों मेंचला जाएगा। एनएमडीसी स्टील में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 60. 79 प्रतिशत है, जिसे वह बेचने जा रही है।शेष 39.21 प्रतिशत हिस्सेदार आम शेयर धारक हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय छत्तीसगढ़ स्थित एनएमडीसी स्टील यानि नगरनार इस्पात संयंत्र के लिए अगले दो महीनों में वित्तीय बोलियां आमंत्रित कर सकता है। दो वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी है।एक अधिकारी ने कहा कि सरकार का मानना है कि नई विनिवेश योजना के तहत एनएमडीसी स्टील उपयुक्त कंपनी है। संयंत्र नया है और यह शेयरधारकों के लिए ज्यादा मूल्य तैयार कर सकता है। हम अगले दो महीनों में इसके लिए बोलियां मंगाने की संभावना तलाश रहे हैं। सरकार ने अक्टूबर 2022 में प्रवर्तक कंपनी एनएमडीसी से छत्तीसगढ़ के नगरनार स्टील प्लांट को अलग कर दिया था। 1 दिसंबर 2022 में सरकार ने एनएमडीसी स्टील की रणनीतिक बिक्री के लिए अभिरुचि पत्र आमंत्रित किए थे और प्रस्तावित सौदे के लिए कई कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई थी। फरवरी 2023 में एनएमडीसी स्टील को 30.25 रुपये शेयर भाव पर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कराया गया। दो दिन पहले कंपनी का शेयर 0.98 फीसदी बढ़त के साथ 53.82 रुपए पर बंद हुआ था। एनएमडीसी स्टील का बाजार पूंजीकरण 15 हजार 773 करोड़ रुपए रहा। एनएमडीसी स्टील में सरकार की 60.79 फीसदी हिस्सेदारी है और 39.21 फीसदी आम शेयर धारकों के पास है। सरकार ने कंपनी में अपनी 50.79 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के साथ ही प्रबंधन का नियंत्रण भी छोड़ने का निर्णय किया है। अधिकारी ने कहा कि कंपनी सूचीबद्ध है और उसके पास 37 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसलिए वह अपने शेयरधारकों के लिए ज्यादा मूल्य जुटा सकती है। हम चालू वित्त वर्ष में समूची प्रक्रिया पूरी होने की संभावना तलाश रहे हैं।

इस साल जुलाई में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण या विनिवेश के संदर्भ में मंत्रिमंडल के निर्णय में कोई बदलाव नहीं होगा। बजट बाद बातचीत के दौरान यह पूछने पर कि सरकार के एजेंडे में निजीकरण पर ध्यान बना रहेगा, वित्त मंत्री ने कहा था, निजीकरण या विनिवेश पर निर्णय मंत्रिमंडल का होता है और इसका सम्मान किया जाएगा। लेकिन इसका समय सरकार परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तय करेगी।उन्होंने कहा था कि कैबिनेट द्वारा मंजूर इनमें से किसी या कई कंपनियों के विनिवेश का समय सरकार द्वारा तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद एयर इंडिया और ओडिशा में एक स्टील प्लांट का विनिवेश किया गया था। आम बजट में वित्त वर्ष 2025 के लिए विनिवेश सहित विविध पूंजी प्राप्तियों का लक्ष्य 50,000 करोड़ रुपये रखा गया है। वित्त वर्ष 2024 के संशोधित अनुमान में इससे 30,000 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान लगाया गया था।

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