दल्लीराजहरा लिटिल बड्स एकेडमी इंग्लिश मीडियम हाई स्कूल थाना चौक में समस्त स्टाफ एवं बच्चों के द्वारा युवा दिवस के अवसर विद्यालय में स्कूली छात्रों को नशा मुक्ति कार्यक्रम के तहत शपथ ग्रहण करवाया गया। इस अवसर स्कूल की प्राचार्या श्रीमती विजया खान, स्कूल संचालक शेख नबी खान, कल्पना घोष,संजुक्ता भंज, प्रतिमा प्रधान,उषा भारद्वाज,जीनत परवीन,गुरसिमरन कौर,यासमीन, अंजू सिंग विद्यालय के शिक्षिकाओ ने बच्चों क़ो नशा मुक्ति के लिए संकल्प दिलाया
समाज की संरक्षण की जिम्मेदारी युवाओं क़ो संजूकता भंज के द्वारा युवा दिवस के अवसर संबोधित करते हुये बताया कि युवा पीढ़ी देश का भविष्य है जो कि अभी धीरे-धीरे नशे की लत की तरफ बढ़ती नजर आ रहे हैं यहा बहुत ही चिंता का गंभीर विषय है, युवाओं को यहां समझना चाहिए कि आज के युवा देश का भविष्य और इन्ही पर पर्यावरण की संरक्षण की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम मे समस्त स्कूल स्टाफ ने छात्रों को नशा मुक्ति के लिए शपथ दिलाया ।
कांकेर शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय कांकेर में एक दिवसीय कार्यशाला 12 अगस्त को आयोजित की गई। समकालीन भारतीय शिक्षा की समस्याओं का समाधान विषय पर आधारित इस कार्यशाला का उद्घाटन डॉ. पल्लवी क्षीरसागर ने किया। मार्गदर्शन के लिए शिक्षाविद एवं विशेषज्ञ के रूप में डाइट कांकेर के सेवानिवृत्त प्राचार्य सीआर सोनवानी एवं सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी टीआर साहू उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूर्वा शर्मा ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-अर्चना पश्चात संस्था की प्राचार्य डॉ. पूर्वा शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। मुख्य अतिथि डॉ. पल्लवी क्षीरसागर ने कार्यशाला की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए इस महाविद्यालय में प्रशिक्षार्थियों से रूबरू चर्चा करने पुनः दोबारा आने की बात कही। विषय विशेषज्ञ टीआर सोनवानी एवं टीआर साहू ने कार्यशाला की महत्ता को रेखांकित किया। शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय कांकेर के 50 प्रशिक्षार्थियों के पांच ग्रुप बनाए गए थे, जिन्होंने बारी-बारी से अपना पेपर प्रजेंट किया। प्रश्नकाल में अन्य प्रशिक्षार्थियों द्वारा प्रश्न भी किए गए तथा विशेषज्ञों ने इसकी समीक्षा की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. आस्था शर्मा के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. कृष्णमूर्ति शर्मा, दिनेश साहू, रामरुद्र गिरि, डेमिन साहू, उषा किरण, शोभित कोर्राम, कमलेश एक्का, वासुदेव मंडावी सहित सुनीता एवं मंगत राम का कार्य सराहनीय रहा।
जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के.ने कहा है कि शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के तहत विकासखंड स्तरीय समिति में सभी अनुविभागीय दंडाधिकारी अपने अनुभाग क्षेत्र में सतर्कता के साथ शिक्षकों और शालाओं का युक्तियुक्तकरण करेंगे। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेगा पालक-शिक्षक बैठक के लिए नियुक्त किए गए जिला स्तरीय अधिकारी व संकुल नोडल अधिकारी शालाओं एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे।
कलेक्टर ने मंगलवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा की बैठक में उक्त निर्देश दिए। बैठक में शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण हेतु जिला व विकासखंड स्तरीय समिति के दायित्व पर भी चर्चा की गई। साथ ही युक्तियुक्तकरण हेतु शालाओं का चिन्हांकन एवं शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण-अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन तथा प्रक्रिया पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने जन चौपाल, जन शिकायत के प्रकरणों के निराकरण में अद्यतन प्रगति लाने कहा। साथ ही विभागीय कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए एनआरएलएम, बैंक सखी ट्रांजेक्शन प्रोग्रेस की वास्तविक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम आवास योजना के प्रगतिरत कार्यों को 30 सितम्बर तक पूर्ण करवाने कहा। मनरेगा के अन्तर्गत स्वीकृत कार्यो, अपूर्ण कार्यो की प्रगति, लेबर-मटेरियल भुगतान की स्थिति, वित्तीय वर्ष के आधार पर लंबित कार्यो, एससीए मद अन्तर्गत स्वीकृत कार्यो की प्रगति, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित केंद्र व स्टेट की योजनाओं में नाॅन डीबीटी प्रोग्रेस की समीक्षा किए। उन्होंने खाद्य विभाग राशनकार्डो की नगरीय निकाय विकासखंड में नवीनीकरण की स्थिति मिलरवार धान उठाव, जमा चावल एवं जमा की समीक्षा की। कलेक्टर ने 85 प्रतिशत से नीचे चावल जमा करवाने वाले मिलर्स को नोटिस देने के निर्देश दिए। बैठक में नक्सल पीड़ित व्यक्ति एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत सहायता देने हेतु संबंधित विभागों को जानकारी तत्काल देने के निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सहायिका व मिनी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति, सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र में वाल पेंटिंग, पोषण वाटिका विकसित कराने, पारिवारिक पोषण देखरेख की समीक्षा की। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युतीकरण की जांच करने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को निर्देश दिए। उन्होंने नवप्रवेशित छात्र- छात्राओं हेतु जाति प्रमाण जारी करने का लक्ष्य, उल्लास पोर्टल में एंट्री, शाला त्यागी बच्चों के चिन्हाकंन, ध्वनि प्रदूषण, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम खादी एवं ग्रामोद्योग की समीक्षा की।
लपेटे में अधिकारी कर्मचार
कलेक्टर ने संयुक्त कार्यालय में करवाए गए औचक निरीक्षण में कार्यालयों के अधिकारियों की अनुपस्थिति के लिए सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए अनुपस्थित रहने पाए गए अधिकारी कर्मचारियों का एक दिन का अवैतनिक करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि 29 अगस्त राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर एलबेंडाजोल की दवाई खिलाई जाएगी। साथ ही शेष छुटे हुए बच्चों को 4 सितम्बर को कृमि नाशक दवाई खिलाई जाएगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे, अपर कलेक्टर सीपी बघेल सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
जगदलपुर स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह की तैयारियों के लिए अंतिम रिहर्सल लालबाग मैदान में किया गया। मुख्य अतिथि की भूमिका में अपर कलेक्टर सीपी बघेल रहे। उन्होंने परेड की सलामी ली। साथ में कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने भी परेड की सलामी ली।
कलेक्टर विजय दयाराम के ने तैयारियों का जायजा लेकर समय पर सभी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इस परेड का नेतृत्व डीएसपी दीपमाला कुर्रे, सेकंड कमांड डोमेंद्र सिन्हा कर रहे हैं। परेड में 15 टुकडियां शामिल हो रही हैं, जिनमें सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन, सीआरपीएफ 80 बटालियन, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, 19वीं पोखरण वाहिनी, जिला बल पुलिस, वन विभाग, नगर सेना, जिला बल, एनसीसी और स्काउट गाइड के जवान शामिल हैं। जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस के मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा होंगे। रिहर्सल में स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी अवलोकन किया गया। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग, नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल योगेश देवांगन, एसडीएम भरत कौशिक सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
जगदलपुरापत्रकारों को जेल भेजने वाले कोंटा थाने के दरोगा जी को अब खुद जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ गया है। मामला बस्तर संभाग के सुकमा जिले के कोंटा के चिंतालूर थाने का है।
कोंटा के चिंतालूर में पत्रकारों के वाहन में गांजा रख कर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने के मामले पर पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई की है। चिंतालूर टीआई अजय सोनकर को निलंबित तो कर ही दिया गया है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भी भेज दिया गया है। पत्रकारों की शिकायत पर मामले की जांच में पुष्टि हुई कि थानेदार अजय सोनकर ने पत्रकारों को झूठे मामले में फंसाया था।
थाने के सीसीटीवी के डीवीआर को भी निकाल कर टीआई अजय सोनकर ने अपने पास रख लिया था। उन्होंने अपनी करतूत पर पर्दा डालने के लिए ऐसा किया था। मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई थी। कमेटी की जांच के निष्कर्ष के आधार पर टीआई अजय सोनकर पर एफआईआर दर्ज करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है। सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने इस बात की तस्दीक की है। टीआई अजय सोनकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया। उनके खिलाफ धारा 324, 331 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कांग्रेसी कुशासन ने नगर निगम की तमाम व्यवस्थाओं की कमर तोड़ दी
जल भराव समस्या कांग्रेस की देन, सत्ता सुख भोगते बैठे रहे कांग्रेस नेता
जगदलपुर कांग्रेस पार्टी लगातार साढे़ नौ साल तक नगर निगम में काबिज रही और जनता से सीधे जुड़ी सभी व्यवस्थाओं व नगर निगम के कामकाज की कमर तोड़कर रख दी। बीते पांच साल प्रदेश में रही कांग्रेस सरकार में बस्तर संभाग में सभी 12 के 12 विधायक कांग्रेस के थे, इसके बावजूद संभाग मुख्यालय जगदलपुर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने व मूलभूत सुविधाओं के लिए एक भी ठोस योजना बनाने में कांग्रेस और कांग्रेसी नेता असफल रहे। यह कांग्रेस की कमतरी व कमजोरी को स्पष्ट बताता है। वही कांग्रेस पार्टी आज नगर निगम की अव्यवस्थाओं की दुहाई देकर हल्ला मचाते हुए राजनीति कर रही है। कांग्रेस नेताओं के लगाए आरोप खुद कांग्रेस को ही नकारा साबित कर रहे हैं।
यह कहना है भाजपा नेता आलोक अवस्थी का।भाजपा मीडिया प्रभारी व नगर निगम राजस्व सभापति आलोक अवस्थी ने कांग्रेस को जवाब देते हुए कहा है कि कांग्रेस ने साढ़े नौ साल नगर निगम में इतने पाप किए हैं, जिसे सुधारने व धोने में थोड़ा समय लगेगा। भाजपा नगर सरकार जनता के बीच पहुंच कर ज़मीनी स्तर पर लगातार काम कर रही है। नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में हालिया संपन्न जन समस्या निवारण पखवाड़ा इसका जीवंत प्रमाण है। आलोक अवस्थी ने कहा कि इस वर्ष अधिकाधिक बरसात से शहर में जलभराव की अप्रिय स्थितियों को लेकर कांग्रेसी नेता छाती पीट रहे हैं। उनसे सीधा सवाल है कि नगर निगम में साढ़े नौ साल के लंबे कार्यकाल में कांग्रेस व कांग्रेसियों ने इस गंभीर विषय के निदान के लिए क्या किया? क्यों नगर निगम में आसीन रही कांग्रेस के निर्वाचित जनप्रतिनिधि जन समस्याओं से आंखें मूंदे सिर्फ सत्ता का सुख भोगते रहे? जनता से किनारा करने वाली कांग्रेस को इन्हीं कारणों से जनता जनार्दन ने उखाड़ फेका है। आलोक अवस्थी ने कहा कि निगम की बागडोर संभालने के बाद इन दो महीनों में भाजपा नगर सरकार ईमानदारी से कर्मठता के साथ शहर व जनता के हितार्थ लगातार कार्य कर रही है। समस्याओं के निराकरण के लिए अविलंब सीधे जनता के मध्य जा रही है। जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के तहत सभी 48 वार्डों में शिविर लगाकर जनता की परेशानियों को दूर करने का ईमानदार प्रयास हाल ही में किया गया। जिसका विरोध भी कांग्रेस व कांग्रेसी नेता राजनीतिक दुर्भावना ग्रस्त होकर करते रहे। प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक किरण देव के निर्देश पर भाजपा नगर सरकार जनता के सेवार्थ दिन रात संकल्प के साथ कार्य में जुटी है। कांग्रेस व उनके पार्षद, नेतागण झूठा धरना और प्रायोजित आंदोलन का सहारा लेकर केवल आरोप लगाने का खेल ही कर रहे हैं। कांग्रेस मित्रों को सलाह है कि जनता के बीच भी जाएं और राजनीति में जनसेवा धर्म का भी थोड़ा पालन करें।
हैंडपंपों से निकल रहा लाल पानी, सोलर पंप हो गया है बेहाल
नाला और तालाब का पानी इस्तेमाल कर रहे हैं ग्रामीण
–अर्जुन झा–
बकावंड दीया तले अंधेरा वाली कहावत शायद बकावंड के लिए ही बनी है। ब्लॉक मुख्यालय बकावंड में पेयजल उपलब्ध कराने वाले लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी, जनपद सीईओ और तमाम अन्य अधिकारियों के रहते हुए भी यहां व्यवस्था नाम की चीज नहीं है। सभी अधिकारी अपने कर्तव्य से मुंह फेरे बैठे हैं। भरे सावन में इस ब्लॉक मुख्यालय के अमड़ीगुड़ा पारा के पचासों परिवारों को पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। बस्ती के दोनों हैंडपंप लाल पानी उगल रहे हैं और सोलर पंप भी बेहाल है। मजबूरन लोगों को नाला, तालाब और कुएं का दूषित पानी इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
अनुविभाग और विकासखंड मुख्यालय होने तथा यहां बड़े बड़े अधिकारियों के कार्यालय होने के बावजूद बकावंड के लोगों को तरह तरह की परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। यह ग्रामीणों की बदकिस्मती तो है ही, अधिकारियों की लापरवाही का बड़ा नमूना भी है। कल ही हमने गंदगी के ढेर पर बैठे बकावंड की तस्वीर प्रशासन के सामने रखी थी। अब एक और नई त्रासदी की खबर सामने आई है। यह त्रासदी है बकावंड ग्राम पंचायत के अधीन अमड़ीगुड़ा पारा की, जहां के लोगों को भरे सावन के महीने में पीने के पानी के लिए दर दर भटकना पड़ रहा। सर्वाधिक परेशान हमारी माता बहनें हो रही हैं। उन्हें कुआं, तालाब और नाले से पानी लाना पड़ रहा है। अमड़ीगुड़ा पारा में पिछले कई दिनों से पीने के पानी की समस्या बनी हुई है, जिसके चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत बकावंड के अमड़ीगुड़ा पारा मैं दो हैंडपंप एक सोलर पंप हैं, लेकिन ये किसी काम के नहीं रह गए हैं। सही देखरेख नहीं होने के कारण दोनों हैंडपंप खराब हो गए हैं और लाल पानी उगल रहे हैं। यह पानी पीने की बात तो दूर आचमन करने लायक भी नहीं है। वहीं सोलर पंप से पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
बमुश्किल आधा घंटा चलने के बाद सोलर पंप का दम फूल जाता है और वह बंद हो जाता है। अमड़ीगुड़ा पारा की महिलाएं तालाब एवं नाला से पानी लाने के लिए मजबूर हैं। अमड़ीगुड़ा पारा की इला कश्यप, अंबिका कश्यप, नर्सिला भारती, पार्वती निषाद, गोरीमणि निषाद, भगवती बघेल, रूपशिला बघेल, राधा देवांगन, पूरन मारकंडे, फूलमती यादव, भारती यादव, चंद्रावती नाग, सोमवारी कश्यप व अन्य महिलाएं इसे लेकर बेहद नाराज हैं। उनका कहना है कि पंचायत सचिव को जानकारी देने के बाद भी हैंडपंपों और सोलर पंप को ठीक नहीं कराया जाता है।बस्ती तक तक नल जल योजना पहुंची जरूर है, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया है। पानी की टंकी का काम भी अभी तक अधूरा पड़ा है। जिसके कारण पानी की परेशानी हर घर में है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां के जनप्रतिनिधि और अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति के लिए है ग्रामीण मरते हैं, तो मरने दो, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
बढ़ा डायरिया का खतरा
बरसात का मौसम जन स्वास्थ्य के लिहाज से बड़ा ही संवेदनशील होता है। इस मौसम में डायरिया जैसी जल जनित बीमारी की शिकायत काफी बढ़ जाती है। नाला, तालाब का पानी पीने से अमड़ीगुड़ा पारा में भी डायरिया का खतरा बढ़ गया है। अधिकारी शायद इसी का ही इंतजार कर रहे हैं। तभी तो जनपद सीईओ और पंचायत सचिव एक दूसरे पर बात टाल रहे हैं। सीईओ कह रहे हैं कि मैं सचिव को बोल देता हूं और सचिव बात पंप मेकेनिक पर टालते दिख रहे हैं।
वर्सन
सचिव को कह देता हूं
अमड़ीगुड़ा पारा में पानी की समस्या की बात मेरे संज्ञान में आई है। मैं अभी पंचायत सचिव को बोल देता हूं, वह देख लेगा।
जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष शंकर साहू का कहना है कि युक्तियुक्तकरण नीति के दिशा निर्देश नेप के उद्देश्यों के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्तर में 5 कक्षाएं होती हैं। कक्षा 3 से 5 तक हिंदी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण विज्ञान 4 विषयों को पढ़ाया और सिखाया जाना है। जिसके लिए न्यूनतम 5 शिक्षकों की आवश्यकता पड़ेगी। सेटअप- 2008 में 1 प्रधानपाठक और 2 शिक्षक के पद थे। लेकिन युक्तियुक्तकरण नीति के दिशा निर्देश अनुसार अब 1 प्रधान पाठक और 1 शिक्षक तथा दर्ज संख्या के आधार पर शिक्षक संख्या का निर्धारण किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष शंकर साहू बताया कि मिडिल शिक्षा स्तर में कक्षा 6-8 की कक्षाओं की पढ़ाई होती है। इन कक्षाओं में विषय आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है। सेटअप-2008 में 1 प्रधानपाठक और 4 शिक्षक का पद स्वीकृत था। लेकिन अब 1 प्रधानपाठक और 3 शिक्षक रहेंगे व 6 विषय पढ़ाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष शंकर साहू ने कहा कि हाई व हायर सेकंडरी स्तर पर क्लास 9 से 12 की पढ़ाई दो स्टेज में होती है। क्लास 9-10 में सभी 6 विषयों का अध्ययन कराया जाता है।क्लास 11-12 में विषयों को चुनने की आजादी होती है। सभी विषय एवं कक्षा के लिये शिक्षकों की पदस्थापना आवश्यक है। लेकिन विषय शिक्षक नहीं रहने के स्थिति में अन्य शिक्षक/व्याख्याता,ग्रेजुएशन/पोस्ट ग्रेजुएशन के शैक्षणिक योग्यता अनुसार पढ़ाते हैं। युक्तियुक्तकरण नीति बनाते समय इन तथ्यों को ध्यान में नहीं रखा गया है। राज्ञा शासन को छात्रहित मे कार्य करना चाहिए। फेडरेशन के अनुसार प्रदेश में कम से कम 19000 से ज्यादा मिडल और प्राइमरी स्कूल है। वर्तमान में मिडिल स्कूल का सेटअप 1 प्रधानपाठक व 4 शिक्षक की है। इस सेटअप को परिवर्तित को अभी विभाग द्वारा 1 प्रधान पाठक और 3 शिक्षक कर दिया गया है। जिससे हर स्कूल से 1 पद हमेशा के लिए स्कूल शिक्षा विभाग से खत्म हो जाएगा । यही प्राइमरी स्कूल के सेटअप में भी किया गया है। वहां वर्तमान में 1 प्लस 2 का सेटअप है। इसे बदलकर 1 प्लस 1 का सेटअप किया जा रहा है। इससे प्राइमरी स्कूल का भी एक पद समाप्त हो जाएगा। इस हिसाब से लगभग 19000 पद एक झटके में खत्म हो जाएंगे। इसके साथ ही ऐसे स्कूल जहां बच्चो को संख्या 10 से कम है वो स्कूल पूरी तरह से बंद हो जाएंगे। 10 से कम बच्चे वाले स्कूलों की संख्या कम से कम 3900 के आसपास बताई है। स्कूल बंद होने से स्कूल के सभी पद हमेशा के लिए शिक्षा विभाग से खत्म हो जाएंगे। इसमे कम से कम 11700 पद समाप्त हो जाएंगे। इस तरह कुल 30700 शिक्षकों के पद एक साथ खत्म हो जाएंगे। इससे प्रमोशन और सीधी भर्ती के पद समाप्त होंगे। साथ ही स्कूल बंद होने से वहां पर काम करने वाले रसोईया, स्वपीर एवं अन्य भी बेरोजगार हो जाएंगे। मध्यान्ह भोजन चलाने वाली समिति से भी काम छिन जाएगा। स्कूल बंद होने से बच्चों को दूर के स्कूलों में जाना पड़ेगा। जो कि प्राइमरी के बच्चों के लिए संभव नही है। युक्तियुक्तकरण नीति का शिक्षक, विद्यार्थी, स्वपीर, रसोईया, मध्यान्ह भोजन समिति पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। फेडरेशन का कहना है कि युक्तियुक्तकरण नीति अनुसार यदि एक ही परिसर में प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय है, तो वह पूर्व माध्यमिक विद्यालय में समायोजित हो जाएगा।अर्थात वहां का प्राथमिक प्रधान पाठक महज एक शिक्षक हो जाएगा। इसका परिणाम यह होगा कि भविष्य में एक पद इस तरह विलुप्त हो जाएगा। इसी तरह जहां पूर्व माध्यमिक व हाईस्कूल एक ही परिसर में हैं वह हाईस्कूल प्राचार्य के निरीक्षण में रहेगा। प्रधान पाठक महज एक शिक्षक रह जाएगा। जहां प्राथमिक, हाईस्कूल या हायर सेकंडरी स्कूल है, वहां के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक प्रधान पाठक महज एक शिक्षक रह जाएंगे। ऐसे में प्रधान पाठक पद नाममात्र का रह जाएगा। दिशा निर्देश के चलते एक ही परिसर में संचालित एक से अधिक विद्यालय के समायोजन से चाहे वह प्राथमिक से उच्चतर माध्यमिक तक के स्कूल हों उनके एक हो जाने से समग्र शिक्षा के नाम पर मिलने वाले फंड भी तदानुसार एक परिसर के लिए एक होने की संभावना है। युक्तियुक्तकरण नीति में विद्यार्थी शिक्षक और पालक हित को नजरअंदाज किया गया है। सरकार के इस निर्णय से दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।
कांकेर :- शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय कांकेर में एक दिवसीय कार्यशाला 2024 दिनांक 12.08.2024 को गरिमापूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। “समकालीन भारतीय शिक्षा के समस्याओं का समाधान” विषय पर आधारित इस कार्यशाला का उद्घाटन डॉ. पल्लवी क्षीर सागर जी के कर कमलों से हुआ, जिसमें शिक्षाविद एवं विशेषज्ञ के रूप में डाइट कांकेर के सेवानिवृत्त प्राचार्य सी.आर. सोनवानी जी एवं सेवा निवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी टी. आर. साहू जी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पूर्वा शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-अर्चना पश्चात संस्था के प्राचार्य डॉ. पूर्वा शर्मा द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। मुख्य अतिथि डॉ. पल्लवी क्षीर सागर ने कार्यशाला की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए इस महाविद्यालय में प्रशिक्षार्थियों से रूबरू चर्चा करने पुनः दुबारा आने की बात कही। विषय विशेषज्ञ टी.आर.सोनवानी एवं टी. आर. साहू ने कार्यशाला की महत्ता को रेखांकित किया।
शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय कांकेर के 50 प्रशिक्षार्थियों का पाँच ग्रुप बनाया गया था, जिन्होंने बारी-बारी से अपना पेपर प्रजेंट किया। प्रश्नकाल में अन्य प्रशिक्षार्थियों द्वारा प्रश्न भी किया गया तथा विशेषज्ञों ने इसकी समीक्षा भी की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. आस्था शर्मा के आभार प्रदर्शन के बाद हुआ।
इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. कृष्णमूर्ति शर्मा, दिनेश साहू, रामरुद्र गिरि, डेमिन साहू, उषा किरण, शोभित कोर्राम, कमलेश एक्का, वासुदेव मंडावी सहित सुनीता एवं मंगत राम का कार्य सराहनीय रहा।
चिखलाकसा /दल्ली राजहरा- शा. उ.मा. वि. चिखलाकसा के शाला प्रबंधन एवं विकाश समिति के अध्यक्ष बने भरत पटेल पूर्व न पं. चिखलाकसा के उपाध्यक्ष रह चुके स्कुल के विकास को और बढ़ावा दिलाने व गांव के लिए हमेशा सक्रिय रहने के कारण सभी ग्रामवाशी जनप्रतिनिधि मे ख़ुशी का माहौल है पंचायत परिसर मे इनका स्वागत किया गया जिसमे नगर पंचायत अध्यक्ष भिखी मसिया उपाध्यक्ष अब्दुल इब्राहिम पार्षद -संगीता साहू, ताराचंद पथोड़े, राजू रावटे, तिहारु आर्य, कुंती देवांगन, सुनीता गुप्ता, लीला डडसेना, विमला जैन, विजय डडसेना, युवा मोर्चा मंडल महामंत्री बृजमनी यादव आदि लोग उपस्थित रहे |