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बस्तर संभाग में सरेआम आदिवासियों की हत्याएं करा रही है भाजपा सरकार : सुशील मौर्य

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  •  पीडिया मुठभेड़ की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच हो
  • सामने आ गया भाजपा का आदिवासी विरोधी चेहरा

जगदलपुर बस्तर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा है कि आदिवासी विरोधी भाजपा की सरकार बनते ही छत्तीसगढ़ में निर्दोष आदिवासियों की हत्या का सिलसिला सा चल पड़ा है।बस्तर संभाग संभाग में फर्जी मुठभेड़ों की आड़ में आदिवासियों की सरेआम हत्याएं कराई जा रही हैं। भाजपा का आदिवासी विरोधी चेहरा सामने आ गया है।

बीजापुर जिले में बीते 10 मई को पीडिया के जंगलों में हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 12 आदिवासी ग्रामीणों की मौत को लेकर आदिवासी समाज द्वारा एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए इसे फर्जी मुठभेड़ बताया गया है। साथ आदिवासी समाज द्वारा आज 28 मई को बस्तर बंद का आह्वान किया गया था। इस बंद को बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ने समर्थन दिया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से आदिवासी समाज के साथ खड़ी रही है। आदिवासियों के उत्थान और बस्तर में शांति स्थापना के लिए पूर्ववर्ती हमारी कांग्रेस सरकार जो काम और प्रयास किए वह मील का पत्थर साबित हुए थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और हमारे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आदिवासियों के दर्द को करीब से देखा और उसे दूर करने के लिए शानदार पहल भी की। कांग्रेस सरकार के प्रयासों से बस्तर शांति का टापू बनने की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा था। दुर्भाग्य से हमारी सरकार चली गई और भाजपा सत्ता में आ गए। इसके बाद बस्तर और यहां के आदिवासियों के लिए बुरे दौर की शुरआत हो गई। कांग्रेस नेता सुशील मौर्य ने कहा है कि भाजपा सरकार आने के बाद बस्तर में अब तक जितनी भी मुठभेड़ें हुई हुईं हैं, उनमें ज्यादातर निरीह आदिवासी ही मारे गए हैं। यह आरोप प्रभावित परिवारों और उनके गांव वालों ने भी लगाए हैं। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने पीडिया मुठभेड़ को आदिवासियों का नर संहार निरुपित करते हुए कहा कि अब आदिवासी इसके विरुद्ध लामबंद हो गए हैं और इसका खामियाजा भारतीय जनता पार्टी को भोगना ही पड़ेगा।शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही निर्दोष आदिवासीयों की हत्या का सिलसिला लगातार जारी है। प्रदेश की भाजपा सरकार की आदिवासियों को खत्म करने की यह बड़ी साजिश है। सरकार नहीं चाहती कि आदिवासियों को जल, जंगल और जमीन का हक मिले। वह वन एवं खनिज संपदा को अपने पूंजीपति मित्रों के हवाले करना चाहती है। इस वजह से आदिवासियों को नक्सली बताकर फर्जी मुठभेड़ों में मरवा रही है। भाजपा की सरकार बनते ही बस्तर में भयावह वातावरण उत्पन्न हो गया है। सारे ग्रामीण खौफ में जी रहे हैं। जबकि पूरा बीजापुर जिला इस फ़र्जी मुठभेड़ के विषय से भलीभांति परिचित है। श्री मौर्य ने कहा है कि पीड़िया नक्सली -पुलिस मुठभेड़ को सभी वर्गों, ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों, मीडिया कर्मियों ने फर्जी मुठभेड़ करार दिया है। प्रदेश की भाजपा सरकार को इस फर्जी मुठभेड़ में मारे गए सभी निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की हत्या की हाईकोर्ट के जज की निगरानी में जांच करानी चाहिए। मौर्य ने कहा कि आदिवासी समाज द्वारा 28 मई को जो बस्तर बंद का आह्वान किया गया था, उसे कांग्रेस पार्टी पूर्ण समर्थन रहा है।

बालोद जिले डोंडी ब्लॉक के ग्राम ठेमाबुजुर्ग माँ दंतेश्वरी तालाब का उद्घाटन सफलतापूर्वक संपन्न

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  • ग्राम ठेमाबुजुर्ग माँ दंतेश्वरी मंदिर तालाब का उद्घाटन किया गया।

‘सकल जैन समाज जल क्रांति’ के तहत इस तालाब के पुनर्जीवन की जिम्मेदारी फोर्स मोटर्स के चेयरमैन डॉ. अभय जी फिरोदिया ने ली है।

इस सुनहरे अवसर पर श्रीमति लाकेश्वरी देवहारी, श्रीमती तुलसा बाई सतिमा बाई, चंद्रकली बाई, कमितला बाई, संगीता बाई, रेखा बाई, तिरोंदी बाई शिव प्रसाद बारला,जीतेन्द्र कोठारी,जशराज यादव, भरत विश्वकर्मा, नदलाल,बलकरण, मनराखन, मंगलसिंग, चेतन सिंह,ज़िला कार्यक्रम समन्वयक प्रवीण साहू मान्यवरों के साथ सभी ग्रामवासी एवं किसान मौजूद रहे।

विश्वास, विकास, सुरक्षा के मूल मंत्र को जारी रखते हुए बनाएं पुनर्वास नीति : दीपक बैज

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  •  गृहमंत्री शर्मा की मांग पर पीसीसी चीफ का सुझाव
  •  दीपक बैज ने गृहमंत्री विजय शर्मा को लिखा पत्र
  • पीडिया मुठभेड़ की हाई कोर्ट के जज की निगरानी मे जांच की मांग 
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर नक्सल पुनर्वास नीति को लेकर अब छत्तीसगढ़ में सियासी जंग शुरू हो गई है। कांग्रेस जहां मुठभेड़ों और पुनर्वास नीति को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं सरकार पूरे एक्शन मोड में नजर आ रही है। पुनर्वास नीति को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा सवाल उठाए जाने पर कल गृहमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस से सुझाव मांगा था और आज पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने गृहमंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर सुझाव भी भेज दिया। पत्र में कांग्रेस ने और भी कई सवाल उठा दिए हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्र में लिखा है कि पीडिया मुठभेड़ हो या कांकेर के कोयलीबेड़ा मुठभेड़ की बात हो कांग्रेस पार्टी ने अपनी ओर से सवाल नहीं खड़ा किया, सवाल वहां के ग्रामीणों ने खड़ा किया है। कांग्रेस ने ग्रामीणों की मांग के बाद जांच कमेटी बनाई। जांच कमेटी में आदिवासी नेता शामिल थे। जांच कमेटी ने ग्रामीणों से बात करने के बाद जो तथ्य पाए वह दुखद हैं। ग्रामीण और साक्ष्य बता रहे हैं कि मुठभेड़ में मारे गए कुछ लोग निर्दोष थे। सरकार को इस मामले की जांच कराने से परहेज क्यों है? हाईकोर्ट के वर्तमान जज की देख-रेख में जांच करा ली जाe ताकि स्थितियां साफ हो सके। कांकेर मुठभेड़ में मारे गए लोगो के भी नक्सली होने पर सवाल खड़ा हुआ था। तब भी जांच की मांग हुई थी, सरकार ने जांच क्यों नहीं करवाई ? उप मुख्यमंत्री बस्तर में शांति के लिए जितने चिंतित आप हैं उतनी ही चिंतित कांग्रेस पार्टी भी है। कांग्रेस पार्टी बस्तर में शांति बहाली के सरकार के हर कदम के साथ खड़ी है लेकिन यह प्रयास बस्तर के मासूम आदिवासियों की जिंदगी की शर्त पर होंगे तो यह हमें मंजूर नहीं। बस्तर में कांग्रेस की सरकार ने विश्वास, विकास, सुरक्षा के मूल मंत्र को लेकर शांति बहाली के जो प्रयास शुरू किए थे उसके फलस्वरूप बस्तर में शांति की स्थापना भी हुई। नक्सली गतिविधियां 80 प्रतिशत तक कम हुई। वर्तमान सरकार ने उस पर अविश्वास क्यों जताया? वर्तमान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिल रही है तो उसका बड़ा कारण है पूर्ववर्ती सरकार ने दूरस्थ रिमोट क्षेत्रों जो कैंप बनाए और इन कैम्पो के माध्यम से सुरक्षा बलो ने स्थानीय ग्रामीणों का भरोसा जीता है। कांग्रेस सरकार के पहले सुरक्षा बलो के कैम्पो में रसद सामग्री तक सरकार नहीं पहुंचा पाती थी। विश्वास, विकास, सुरक्षा का परिणाम था कि दूरस्थ क्षेत्रों में कैम्प के साथ अंदरूनी इलाकों में सड़कें, पुल-पुलिया बनाये गए, बंद पड़े 350 से अधिक स्कूलों को खोला गया, स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाई गयी, मुख्यमंत्री हाट बजार क्लिनिक के माध्यम से लोगों का इलाज किया गया। जल, जंगल, जमीन पर आदिवासियों के अधिकारों को और मजबूत बनाने का प्रयास हुआ। वन अधिकार पट्टे सामुदायिक वन अधिकार पट्टे बांट कर उनमें एक नया भरोसा पैदा किया गया। 67 से अधिक वनोपजों की खरीदी कर आदिवासियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया गया। बस्तर का हर आदिवासी नक्सली नहीं है। इस भावना के साथ कांग्रेस की सरकार ने काम किया था। सुरक्षाबलों और सरकार ने बस्तर के लोगों का भरोसा जीता जिसका परिणाम हुआ वहां नक्सली गतिविधियों में 80 प्रतिशत की कमी आई।15 सालों तक भाजपा के रमन राज में हुये फर्जी एनकाउंटर से आदिवासियों का भरोसा डिगा था। हिडमा मड़कम, मीना खल्को की हत्याओं से पूरे छत्तीसगढ़ का आदिवासी आहत हुआ था। जंगल में रहने वाला हर आदिवासी नक्सली है, यह सोच घातक है। इसी सोच का परिणाम था कि हजारों निर्दोष आदिवासी जेल में वर्षों तक बंद रहे। कांग्रेस सरकार ने उनको रिहा करने हेतु जस्टिस पटनायक कमेटी बनाकर रिहाई का मार्ग प्रशस्त किया। दुर्भाग्यजनक है कि आपकी सरकार फिर उसी सोच पर आगे बढ़ रही निर्दोष आदिवासी जेलों में बंद किये जा रहे। पीडिया बीजापुर में दो दर्जन से अधिक लोगों को जेलों में बंद किया गया है। किसी मुठभेड़ के बाद यदि एक भी निर्दोष आदिवासी की हत्या की खबर सामने आती है तो भरोसा टूटता है आपके लिए यह एक संख्या हो सकती है लेकिन वह किसी का बेटा, पिता, पति, भाई भी होता है हमारे आदिवासी समाज का अभिन्न अंग होता है। ज़ब एक भी निर्दोष की हत्या की खबर सामने आती है तो समूचा बस्तर कराह उठता है। पंद्रह सालो तक सुरक्षा बलो और नक्सलियों के दो पाटो के बीच बस्तर का आदिवासी पिस रहा था, पांच सालो में उसमें कमी आयी थी, दुर्भाग्य है आपकी सरकार की अनिर्णय वाली नीति के कारण फिर से एक बार वही हालात बन गए है। आदिवासी झूठ नहीं बोलता यदि गांव के लोग सवाल खड़ा कर रहे तो उससे भागिए मत उसकी जाँच करवाइये। पीडिया में मारे गये 6 लोगों का आपराधिक रिकार्ड गृहमंत्री जारी कर रहे, शेष लोग क्यों मारे गए यह सरकार बताए?

आदिवासियों का भरोसा न टूटे
बैज ने कहा है कि आप बस्तर में शांति बहाली के लिए मुझसे सलाह मांग रहे तो मैं आपको बता दूं बस्तर को शासक बनकर नहीं अपना समझ कर देखिए। जो विश्वास पिछली सरकार ने आदिवासियों का अर्जित किया था उसको मत तोड़िये, ज़ब तक बस्तर के लोगों का भरोसा अर्जित नहीं कर पाएंगे इस लड़ाई को नहीं जीत पाएंगे। पूर्ववर्ती सरकार के विश्वास, विकास, सुरक्षा के मूलमंत्र को जारी रखा जाए। सुरक्षा बलों को निर्देश दिया जाए कि किसी भी एनकाउंटर में निर्दोष आदिवासी की हत्या न हो, किसी भी निर्दोष आदिवासी को जेल में न डाला जाए। सरकार का आचरण लोगों का भरोसा जीतने वाला हो। इसी मूलमंत्र के रास्ते चल कर पूर्ववर्ती सरकार ने बस्तर में शांति की स्थापना में बड़ी सफलता हासिल की थी, यही मार्ग श्रेयष्कर होगा।

आपकी बेचारगी ठीक नहीं
दीपक बैज ने कहा है -विजय शर्मा जी आप प्रदेश के गृहमंत्री हैं।आपकी अनिर्णय वाली स्थिति, अकुलाहट वाली स्थिति और बेचारगी ठीक नहीं है।कभी आप नक्सलियों से सुझाव मांगते हैं, कभी नक्सलियों के घर लाल भाजी खाने का प्रस्ताव रखते हैं, कभी हाथ जोड़कर विपक्ष से सुझाव मांगते हैं। आप इतने बेबस क्यों हैं।गृह विभाग सम्हल नहीं रहा है तो छोड़ क्यों नहीं देते?

गौ अभ्यारण बनने से गायों को मिलेगी पर्याप्त सुरक्षा, चिकित्सा एवम भोजन : स्वाधीन जैन

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  • अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता स्वाधीन जैन ने मुख्यमंत्री का माना आभार
    दल्लीराजहरा छत्तीसगढ़ की सड़कों पर खुलेआम घूम रही गायों की सुरक्षा और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विष्णुदेव सरकार राज्य में गौ अभ्यारण्य योजना ला रही है। सीएम विष्णु देव साय ने इस संबंध में कार्ययोजना तैयार करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा गौ अभ्यारण्य बनाने की घोषणा पर अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी स्वाधीन जैन ने मुख्यमंत्री को बधाई और धन्यवाद दिया है तथा उनका आभार माना है। प्रदेश मीडिया प्रभारी स्वाधीन जैन ने कहा कि मुझे इस बात की अत्यंत खुशी है कि विष्णुदेव साय की सरकार सड़कों पर घूम रही गायों की सुरक्षा, देखभाल और संरक्षण के लिए गौ अभ्यारण्य बनाएगी। इससे निश्चित रूप से सड़कों पर भूखी- प्यासी घूम रही गायों को नियमित भोजन, देखभाल और चिकित्सा सुविधा मिलेगी और सड़क दुर्घटनाओं पर भी रोक लगेगी।

सुप्रसिद्ध आदिवासी वैद्य हेमचंद मांझी को पद्मश्री सम्मान मिलने से बौखलाए नक्सली, दी धमकी

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  • मांझी के खिलाफ टांगे बैनर, चस्पा किए पर्चे
  • हेमचंद मांझी को बताया कॉर्पोरेट घरानों का दलाल 
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले के प्रसिद्ध आदिवासी वैद्य हेमचंद मांझी को पद्मश्री सम्मान सम्मान मिलना नक्सलियों को शायद चुभने लगा है। यही वजह है कि मांझी को नक्सली संगठन ने कॉर्पोरेट घरानों का दलाल बताते हुए खुली धमकी दे डाली है। हेमचंद मांझी के खिलाफ गांवों में बैनर टांगे गए और पर्चे चस्पा किए गए हैं।
    नक्सली संगठन भाकपा माओवादी की पूर्व बस्तर डिवीज़न कमेटी ने पर्चे में आरोप लगाया है कि कॉर्पोरेट घरानों के लिए काम करने वाला हेमचंद मांझी निको जायसवाल कंपनी का सेवक है। आमदई पहाड़ को बेचने वाले हेमचंद मांझी को देश की राष्ट्रपति द्वारा पद्‌मश्री पुरस्कार दिए जाने का हम विरोध करते हैं। आगे लिखा है कि जल- जंगल-जमीन को बचाने के लिए संघर्ष करें।नारायणपुर जिले के छोटे बोंगर मुंडाटीका निवासी हेमचंद मांझी प्रसिद्ध वैद्यराज और जनता के सेवक हैं। वे जड़ी बूटियों से जटिलतम रोगों का भी सफल ईलाज करते आ रहे हैं। उनकी जनसेवा को देखते हुए देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है।

उसके बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी हेमचंद मांझी को बधाई देते हुए कहा कि 5 दशकों से ज्यादा समय से बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों को प्राकृतिक और किफायती स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रहे अबूझमाड़ के प्रख्यात वैद्यराज हेमचंद माझी जड़ी बूटी की दवाइयों से अपने ज्ञान और सेवाभव की बदौलत मरीजों का उपचार कर रहे हैं। नक्सली संगठन ने इस पर भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पर्चे में लिखा है कि अगर हेमचंद मांझी पूरे बस्तर और छत्तीसगढ़ के लोगों की जान की परवाह है तो देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों पद्मश्री पुरस्कार से क्यों नवाजे गए? हेमचद मांझी अपने वर्ग का आदमी नहीं है। यह तो कॉर्पोरेट घरानों के हाथों बिक चुका है। अपना बस्तर आदिवासी समुदाय के लोगों की भूमि है और छत्तीसगढ़ धान का कटोरा के नाम से प्रसिद्ध है। बस्तर में जंगल पर निर्भर लोग रहते हैं। धान के कटोरा छत्तीसगढ़ के किसान आत्महत्या करने क्यों मजबूर हैं? आगे लिखा है कि बस्तर और छत्तीसगढ़ की धरती खनिज संपदा से भरी हुई है और यहां के लोग कठोर मेहनती हैं। बस्तर की जनता का जीवन सीधा और सरल है। यहां के लोग अपनी पुस्तैनी जमीन का महत्व को समझ नहीं पाते हैं। जिससे कॉपोरेट घरानों के हाथों आसानी से बिक जाते हैं। इस वजह से लूटेरे वर्गों की गिद्ध दृष्टि बस्तर की संपदा पर पड़ी हुई है। अगर हेमचंद मांझी निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा कर रहा है तो स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई सुविधा और अस्तित्व की जो लड़ाई जनता लड़ रही है, उसके पक्ष में आकर क्यों खड़ा नहीं होता?2020 से पूरे बस्तर संभाग में जन आंदोलन चल रहा है। हेमचंद मांझी जिस जिले में पैदा हुआ है, वहां पर भी छोटे डोंगर थाना अंतर्गत मढ़ोनार पंचायत में ही मढोनार जन आंदोलन 1साल 5 महिने से चल रहा है, लेकिन एक दिन भी धरना स्थल पर जाकर हेमचंद मांझी ने आंदोलन का समर्थन नहीं किया। फिर वह कैसे प्रसिद्ध वैद्यराज और जन सेवक हो सकता है?मढोनार स्थल पर धरना बैठे लोग अपने घर-द्वार छोड़ पेड़ों की छांव तले गर्मी, बारिश ठंड से जूझते हुए जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। फिर हेमचंद मांझी जनता के पक्ष में क्यों खड़ा नहीं हो रहा है। हेमचंद मांझी गरीब, आदिवासी जनता का सेवक नहीं है। छत्तीसगढ़ के मरीजों का इलाज करके उनकी जान बचाने वाले डॉक्टरों, नर्सो को पुरस्कार देना बहुत दूर की बात है, उनकी पहचान तक नहीं होती है। लेकिन न चल पाने वाला हेमचंद मांझी बुजुर्ग अधभक्त सोच रखने वाले ने जड़ी बूटी दवाई देकर पुजारी के नाम से इतना बड़ा
कौन सा काम किया है, जो इसको पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

हिंदू राष्ट्र के लिए इस्तेमाल
नक्सली संगठन ने आगे लिखा है कि इंदिरा गांधी के जमाने से 20 साल की उम्र से लेकर अभी 80- 90 साल का बुजुर्ग को पद्मश्री पुरस्कार देकर उसका इस्तेमाल मोहन भागवत, विजय शर्मा, विष्णुदेव साय का पर्दा न खुले इसके लिए और हिंदू राष्ट्र निर्माण करने लिए किया जा रहा है। आमदई पहाड़ में सर्वे करने से लेकर फर्जी जनसुवाई तक हेमचंद गांझी का ही हाथ है। आमदई पहाड़ पर निको कंपनी के लिए रास्ता बनाना, पुलिस जवानों का मनोबल को बढ़ाया और नया पुलिस कैम्प खोलने के लिए उद्‌द्घाटन करने वाला मुखिया हेमचंद मांझी ही है। सागर साहू, कोमल मांझी, हरी मांझी, गिरी जैसे लोगों को निको जायासवाल कंपनी का दलाल ग्रुप बनाकर आमदई पहाड़ को खदान खोलने का काम शुरू किया गया। हेमचंद मांझी को निको कंपनी कि ओर से 11 करोड़ भी दिया गया है। हेमचंद मांझी को कॉरिटीकरण, सैनिकीकरण, ब्राम्हणीय हिन्दुत्व फासीवादी नीति को अमल करने वाला बताया गया है।

पं. जवाहर लाल नेहरू के योगदान को कभी नहीं भूल सकता हमारा देश : सुशील मौर्य

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  • शहर जिला कांग्रेस ने दी पं. नेहरू को श्रद्धांजलि 
    जगदलपुर आज बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर द्वारा संभाग मुख्यालय राजीव भवन में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि मनाई गई। इस दौरान पं. नेहरू की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू दूरदर्शी नेता थे। जब उन्होंने देश की बागडोर संभाली थी, उस समय देश के सामने कई तरह की चुनौतियां थीं। उन चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर किया। पंडित नेहरू एक युग थे, जिन्होंने नए भारत की आधारशिला रखी। छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र की स्थापना पं नेहरू ने सोवियत रूस के सहयोग से कराई थी। देशहित में उनके योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। इस दौरान पूर्व विधायक रेखचंद जैन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सतपाल शर्मा, अंगद प्रसाद त्रिपाठी, नरेंद्र तिवारी, पम्मी जसवाल, रविशंकर तिवारी, लक्ष्मण दादा, घनश्याम तिवारी, संजय पाणिग्रही, रिका कर्मा एवं अन्य उपस्थित थे।

आयुष्मान कार्ड बनाने 29 व 30 मई को महाअभियान

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  • बस्तर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में लगेंगे शिविर 
    जगदलपुर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत छूटे हुए समस्त हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु 29 एवं 30 मई को दो दिवसीय महाअभियान का आयोजन जिले के समस्त ग्राम पंचायतों में किया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से एपीएल राशन कार्डधारी परिवार को 50 हजार रुपए तथा बीपीएल राशन कार्डधारी परिवार को 05 लाख रुपए तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आयुष्मान कार्ड होना आवश्यक है। वर्तमान में जिले में 183676 हितग्राहियों आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु शेष हैं।

जिला प्रशासन ने जिले की आम जनता को महा अभियान के दौरान अपने और अपने परिवार के सभी सदस्यों का आयुष्मान कार्ड अवश्य बनाने की अपील की है। योजना से संबंधित अन्य जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य कार्यकर्ता व मितानिन से संपर्क कर सकते हैं। महाअभियान में एनआरएलएम अंतर्गत समस्त महिला स्व सहायता समुह के सदस्यों व उनके परिवार के प्रत्येक सदस्य मनरेगा जाॅब कार्डधारी समस्त हितग्राही व उनके परिवार के प्रत्येक सदस्य, समस्त आगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका व उनके परिवार के प्रत्येक सदस्य तथा समस्त मितानिन व उनके परिवार के प्रत्येक सदस्य का शत- प्रतिशत आयुष्मान कार्ड पंजीयन करवाने के लिए कहा गया है। ग्राम पंचायतों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, महिला एवं पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता,पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और बीसी सखी द्वारा ग्राम पंजीयन संबंधी कार्यवाही की जाएगी। वहीं प्रचार-प्रसार व हितग्राहियों को शिविर स्थल तक लाने हेतु मितानिन, आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं मदद करेंगी। रिपोर्टिंग व पर्यवेक्षण का कार्य संबंधित क्षेत्र के आरएमए एवं सेक्टर सुपरवाईजर द्वारा किया जाएगा।

किसानों और पशु पालकों के नाम पर राशि स्वीकृत कराकर हड़प ली पशु चिकित्सा अधिकारी ने

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  •  उन्नत मादा वत्स भरण पोषण की आड़ में खेल
  • ग्रामीणों को अब तक मिल नहीं पाई स्वीकृत राशि
    -अर्जुन झा-
    बकावंड ग्रामीणों की अशिक्षा और अज्ञानता का अधिकारी और कर्मचारी किस कदर बेजा फायदा उठाते हैं, इसका एक बड़ा नमूना बकावंड ब्लॉक के पशु चिकित्सा विभाग में देखने को मिला है। यहां विभाग के अधिकारी ने दर्जनों ग्रामीणों को शासन की योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके नाम से स्वीकृत राशि हजम कर ली है। राज्य शासन ने दुधारू पशु गाय भैंस पालन और मांस के लिए भेंड़ बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए व्यक्ति मूलक उन्नत मादा वत्स पालन एवं भरण पोषण योजना लागू कर रखी है। इसके तहत हितग्राही ग्रामीण पशु पालकों और किसानों को उन्नत नस्ल वाले गाय, भैंस, बकरी एवं भेड़ें उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके साथ ही पशु पालन हेतु शेड निर्माण, चारा आदि की व्यवस्था के लिए राशि भी स्वीकृत की जाती है।

पशु चिकित्सा विभाग बकावंड के पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ डॉ. पीएस देशमुख द्वारा ब्लॉक के कई ग्रामीणों के नाम पर इस योजना के तहत सन 2019-20 में प्रकरण तैयार करवाए गए थे। इसके साथ ही संबंधित हितग्राहियों और विभागीय अधिकारी के नाम पर जिला सहकारी बैंक शाखा में ज्वाइंट खाते खुलवाए गए थे। तब हितग्राहियों से कहा गया था कि खाते में योजना की राशि जमा हो जाएगी।

मगर आज तक किसी भी हितग्राही को रकम नहीं मिल पाई है। ऐसे ही एक पीड़ित हितग्राही बकावंड निवासी कमलेश कुमार कश्यप पिता तुलाराम कश्यप के नाम पर वर्ष 2019 -20 में विभागीय व्यक्ति मूलक योजना उन्नत मादा वत्स भरण पोषण योजना के तहत लगभग 17 हजार रुपए की राशि स्वीकृत हुई थी।राशि का भुगतान पशु चिकित्सा विभाग द्वारा किया जाना था, मगर पांच साल बीत जाने के बाद भी हितग्राही को राशि का भुगतान नहीं हुआ है। वहीं हितग्राही कमलेश कुमार ने बकावंड के पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ चिकित्सक डॉ. पीएस देशमुख पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस योजना की राशि लेने हेतु जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा बकावंड में हितग्राही एवं विभागीय अधिकारी के नाम पर ज्वाइंट अकाउंट खुलवाया गया था। इस राशि के लिए बोलने पर अधिकारी पांच साल से चक्कर कटवाते आ रहे हैं। अधिकारी ab धौंस देने लगे हैं कि जहां जाना है जाओ, कहीं भी शिकायत कर लो। कमलेश का कहना है कि अन्य किसानों के साथ भी ऐसा ही धोखा हुआ है। कमलेश और अन्य पीड़ित किसानों ने पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ अधिकारी के कारनामे की जांच और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।


वर्सन
हितग्राही से बात कर लूंगा मैं सोमवार को प्रकरण देखकर हितग्राही से बात कर लूंगा। सब ठीक हो जाएगा।
– डॉ. पीएस देशमुख,
सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी, बकावंड

माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, द्वारा गोवंश अभ्यारण बनाए जाने की घोषणा के निर्णय का विश्व हिंदू परिषद नगर अध्यक्ष शंकर साहू द्वारा किया गया स्वागत

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दल्लीराजहरा:- भारतीय जनता पार्टी की सरकार गोवंश अभ्यारण्य योजना की शुरुआत करने जा रही है। यह अभ्यारण्य शहरों से दूर गावों और जंगलों में बनाया जाएगा। इस पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सीएम विष्णुदेव साय को बधाई दी है।साथ ही कहा की सड़कों पर खुले में घूमने वाले गोवंशों की सुरक्षा और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए साय सरकार प्रदेश में गौवंश अभ्यारण्य योजना ले कर आ रही है। सीएम विष्णु देव साय ने अधिकारियों को इस संदर्भ में कार्ययोजना बनाने के आवश्यक निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव द्वारा गौवंश अभ्यारण्य बनाने की घोषणा पर , विश्व हिंदू परिषद दल्ली राजहरा के नगर अध्यक्ष शंकर साहू ने कहा कि यह बताते हुए मुझे बहुत हर्ष हो रहा है कि विष्णुदेव सरकार गौवंशो की सुरक्षा, देखभाल और सड़कों पर घूमने वाले गौवंशो की सुरक्षा के लिए गौवंश अभ्यारण बनाएगी। इससे निश्चित ही सड़कों पर भूखे-प्यासे भटकने वाले गौवंशों को नियमित आहार, देखभाल और चिकित्सकीय सुविधा मिलेगी वरन दुर्घटनाओं पर भी लगाम लगेगी।

भाजपा जिन राज्यों में विपक्ष में है वहां क्या वो मुजरा करती है

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  • मोदी के बयान पर दीपक बैज का चुभता सवाल

जगदलपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्ष को मुजरा करने वाला कहने की कड़ी निंदा करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव में करारी हार के संकेत मिलने के बाद बौखला गए हैं। उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई है। इसीलिए वे आम जनता के मूल मुद्दों पर और अपनी सरकार की नाकामी पर चर्चा करने से बचने के लिए ऊल जुलूल बयान देकर जनता का ध्यान भटाका रहे हैं।

दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस के दमदार न्याय पत्र की घोषणाओं भाजपा नेताओं की मानसिक स्थिति बिगड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विपक्ष को मुजरा करने वाला बताना देश के समस्त विपक्षी दलों और आम जनता का अपमान है। यह अस्वीकार्य है कांग्रेस पार्टी इसकी कड़ी निंदा करती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा जिन राज्यों में विपक्ष की भूमिका में है क्या वहां मुजरा करती है? छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के केंद्रीय नेता छत्तीसगढ़ में आकर क्या मुजरा करते थे? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 साल से देश की सत्ता में हैं और जनता के वादों को पूरा करने में असफल साबित हुए हैं। लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार अपनी कामयाबी नहीं बता पाई है। इसीलिए वह चुनावी मंचों के माध्यम से कभी मटन मछली मुसलमान हिंदू मुस्लिम तो कभी मुजरा जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके लोकतंत्र का अपमान कर रहे हैं, जनता का उपहास उड़ा रहे हैं। दीपक बैज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुजरा शब्द का इस्तेमाल करना मातृशक्ति का भी अपमान है। मोदी सरकार के दौरान इस देश की मातृशक्ति हताश और परेशान रही है। बलात्कारियों के पक्ष में भाजपा के नेता खड़े होते रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान पूरे देश ने देखा है किस प्रकार से मातृशक्ति नंगे पैर बच्चों को कंधों पर लेकर पैदल सड़कों पर भटकती रही है। डेढ़ करोड़ से अधिक महिलाओं से हाथ से कम छिन गया। दीपक बैज ने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से लोकतंत्र को सबसे ज्यादा खतरा हुआ है। लोकतंत्र में मिले अधिकार का इस्तेमाल करते हुए अगर किसान आंदोलन करे तो भाजपा नेताओं ने आतंकवादी टुकड़े-टुकड़े गैंग, नक्सली बता देते हैं, युवा रोजगार मांगे तो देशद्रोही बता देते हैं महिलाएं अपने साथ हो रहे शोषण और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाएं तो उन्हें जलील किया जाता है। विपक्ष अगर जनता की आवाज उठाता है तो उसके खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की जाती है। यह बेहद निंदनीय है नरेंद्र मोदी को अपने मुजरा वाले बयान के लिये देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

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