बालोद बालोद जिले के गुरुर थाना क्षेत्र में बीती रात एक यात्री बस धू धू कर जल उठी। सारे यात्री सुरक्षित हैं। जगतरा टोल प्लाजा के पास की है। अंबे ट्रेवल्स की बस यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान उसमें आग लग गई और कुछ ही देर में बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। बस में धुंआ भरने से यात्रियों में अफरा तफरी मच गई और वे तेजी से नीचे उतर आए। किसी भी यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा है।
अभाविप कार्यकर्ताओं ने मंदिर में चलाया स्वच्छता अभियान
- गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय की नई कार्यकारिणी घोषित
जगदलपुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बस्तर के कार्यकर्ताओं ने आज दलपत सागर के किनारे स्थित महादेव मंदिर में स्वच्छता अभियान चलाकर समूचे मंदिर परिसर की साफ सफाई की।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत एसएफएस सह संयोजक ईश्वर आचार्य ने बताया कि हमें हमारे आसपास के मंदिरों स्कूलों, महाविद्यालयों की साफ सफाई समय- समय पर करते रहना चाहिए। अपने आसपास साफ सफाई होने से स्वच्छ वातावरण बनता है और हमें एक अद्भुत सक्रिय ऊर्जा की अनुभूति प्राप्त होती है।अभाविप प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं नगर एग्रीविजन प्रमुख विवेक मंडल ने बताया कि सफाई अभियान के बाद बैठक भी हुई। बैठक में विद्यार्थी परिषद के इतिहास विकास, सैद्धांतिक, कार्य पद्धति व सक्षम इकाई जैसे विषयों पर चर्चा की गई। परिषद के आयाम कार्यों पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र का अधिकार है कि वह अपने व्यक्तित्व का विकास कर बेहतर रोजगार प्राप्त करने के लिए सरकार के सभी शैक्षणिक संसाधनों का उपभोग करे।

विद्यार्थी परिषद में नेताओं को नहीं महापुरुषों को आदर्श माना जाता है। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता परिसरों में विभिन्न मुद्दों पर लोकतांत्रिक पद्धति से आंदोलन कर अपनी समस्याओं को उचित मंच अथवा स्थान तक पहुंचाते हैं। गौरव भवानी अध्यक्ष, विद्याचरण यादव मंत्री, आदित्य वर्मा उपाध्यक्ष, कार्तिक कुमार सहमंत्री, अवजित बाला विश्वविद्यालय प्रमुख, प्रियम गुर्जर उपाध्यक्ष, शिवम् गुप्ता सह मंत्री, शिव सागर एसएफडी प्रमुख, दिनकर रजक एसएफडी सह प्रमुख, चंदन यादव एसएफएस प्रमुख, उत्पल कांत महाविद्यालय सह प्रमुख, निशा कुर्रे खेलो भारत प्रमुख, अनुसुइया सह प्रमुख, डिगेश्वरी कक्षा प्रमुख मनोनीत किए गए।
दंतेश्वरी मंदिर से निकली कलशयात्रा, शहर हुआ राममय
जगदलपुर अयोध्या में रामलला प्रतिमा की स्थापना को लेकर पूरे देश में उत्साह का माहौल है। आज संभाग मुख्यालय जगदलपुर में जागरण समिति के बैनर तले दंतेश्वरी मंदिर परिसर से भव्य कलश शोभायात्रा निकली गई। यात्रा शहर के विभिन्न मार्गो का भ्रमण करती हुई दलपत सागर के समीप श्रीराम मंदिर पहुंची, जहां महाआरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। शहर के अधिकांश मंदिरों को विशेष आकर्षण ढंग से सुसज्जित कर पूजा अर्चना की जा रही है। मंदिरों भजन कीर्तन के साथ हनुमान चालिसा पाठ किया जा रहा है। अयोध्या के मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शहर ही नहीं, बल्कि पूरा बस्तर संभाग भी राममय हो गया है। राम भक्तों में भारी उत्साह है।
तीन लाख दीपों की रोशनी से जगमगा उठा दलपत सागर
- एक दीया प्रभु श्रीराम के नाम दीपोत्सव में शामिल हुए जगदलपुरवासी
जगदलपुर रविवार की शाम जगदलपुर का दलपत सागर लगभग तीन लाख दीयों की रोशनी से जगमगा उठा। नगर निगम व जिला प्रशासन की पहल पर नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों व विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पूर्व संध्या “एक दीया प्रभु श्रीराम के नाम” दीपोत्सव के इस कार्यक्रम को लेकर शहर के सभी वर्गों में गजब का उत्साह देखने को मिला। वहीं रानी घाट में पूजा अर्चना के बाद एक साथ तीन लाख दीयों की रोशनी में दलपत सागर की सुंदरता भी कई गुना बढ़ गई। इस दौरान दलपत सागर के किनारों में जलते दीपक और जगमग रोशनी ने जल, थल और नभ में अनूठी छटा बिखेर दी। दलपत सागर के आसपास दीप उत्सव पर जमकर आतिशबाजी भी की गई, जिससे पूरा माहौल उल्लास से भर उठा। सभी लोगों ने सात बजे भव्य आतिशबाजी के साथ दीपक जलाए।

कार्यक्रम के फ्लोटिंग मंच पर रामायण मंडली द्वारा रामचरित मानस का गायन किया गया। पद्मश्री धर्मपाल सैनी, महापौर सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संजय पाण्डे, पूर्व विधायक लच्छूराम कश्यप, वन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी और सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे, डीएफओ उत्तम गुप्ता, अपर कलेक्टर सीपी बघेल, नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी व जनप्रतिनिधियों ने पूजा अर्चना कर दीपोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान बंगाली समाज के सदस्यों द्वारा शंखनाद किया गया।
कोंडागांव में सामग्री खरीदी के नाम पर पचास लाख का फर्जीवाड़ा
- पूर्व जिला पंचायत सीईओ पर अनियमितता का आरोप
- डेढ़ साल पहले कलेक्टर ने की थी कार्रवाई की अनुशंसा
अर्जुन झा
जगदलपुर बस्तर संभाग के कोंडागांव जिला पंचायत में पचास लाख रुपए के फर्जीवाड़ा का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। पूर्व जिला पंचायत सीईओ पर बीआरजीएफ योजना मद के 50 लाख रू. से अधिक की राशि की गड़बड़ी का खुलासा जांच में हुआ है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कोंडागांव के पूर्व कलेक्टन द्वारा सीईओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य शासन को डेढ़ वर्ष पूर्व प्रतिवेदन भेजा जा चुका है। राजनैतिक हस्तक्षेप के चलते मामला अब तक मंत्रालय में लटका हुआ है। खबर है कि उक्त दागी अधिकारी अब सत्ताधारी दल के नेताओं के शरणागत होकर अपनी खाल बजाने की जुगत में लग गए हैं, लेकिन विधायक लता उसेंडी ने अधिकारी को किसी भी हाल में न बख्शने का फैसला किया है।
वर्तमान में उक्त दागी अधिकारी सुकमा जिला पंचायत के प्रभारी सीईओ के पद पर पदस्थ हैं। बस्तर के एक पूर्व मंत्री के दबाव में कार्रवाई की फाईल मंत्रालय में डेढ़ वर्षों से अटकी है। खबर है कि सत्ता परिवर्तन के बादbकार्रवाई से बचने अधिकारी अपने पुराने आका से संपर्क कर मामले को रफादफा कराने में जुट गए हैं।कोंडागांव जिले में वर्ष 2019- 20 में पूर्व जिला पंचायत सीईओ के संरक्षण में बीआरजीएफ मद की राशि की जमकर बंदरबांट होने का मामला उजागर हुआ है। जांच में हुए खुलासे के मुताबिक सामग्री की खरीदी की ही नहीं गई और दस्तावेजों में सामग्री खरीदी दर्शाकर लाखों रूपयों की घपलेबाजी कर ली गई। जबकि योजना बंद होने पर राशि को शासन को वापस की जानी थी। उक्त राशि का उपयोग करने को लेकर शासन से अनुमति लेना जरूरी था। लेकिन तत्कालीन सीईओ ने ऐसा न करते हुए शासन के आदेशों को दरकिनार कर शासकीय राशि की बंदरबांट कर ली। उक्त जिला पंचायत सीईओ वर्तमान में सुकमा में प्रभारी जिला पंचायत सीईओ के पद पर पदस्थ हैं। सुकमा में भी कुछ ऐसा ही खेल राजनीतिक संरक्षण में खेले जाने का आरोप भाजपा नेताओं ने लगा रहे हैं।
जांच में साबित हुआ था फर्जीवाड़ा
कोंडागांव के तत्कालीन कलेक्टर दीपक सोनी को उक्त मामले की शिकायत मिली थी। तब उन्होंने शिकायत के आधार पर कोंडागांव जिला पंचायत सीईओ प्रेमप्रकाश शर्मा को जांच के आदेश 15 दिसंबर 2021 को दिए थे। कलेक्टर से मिले आदेश पत्र क्र. 8204, 15 दिसंबर 2021 के परिपालन में जिला पंचायत सीईओ श्री शर्मा ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर मामले की जांच कराई। उप संचालक बीआर मौर्य की अध्यक्षता में कोषालय अधिकारी संजय सोनवानी, डीपीएम केजलाल सिन्हा द्वारा मामले की जांच की गई। जांच में 50 लाख रू. से अधिक की अनियमितता पाई गई थी। जांच कमेटी ने 17 फरवरी 2022 को जिला पंचायत सीईओ को जांच रिपोर्ट सौंपी थी। जांच रिपोर्ट जिला पंचायत सीईओ श्री शर्मा ने 18 फरवरी 2022 को कोंडागांव तत्कालीन कलेक्टर को सौंप दी थी। मामले में कार्रवाई के लिए कलेक्टर द्वारा राज्य शासन को डेढ़ वर्ष पूर्व प्रतिवेदन भेजा गया था। मगर मामला मंत्रालय की फाईलों में ही दबा रह गया है। बताते हैं कि बस्तर संभाग के ही एक केबिनेट मंत्री ने मामले को दबाने में अहम भूमिका निभाई थी। लाखों रू. की अनियमितता के मामले में कोंडागांव के पूर्व जिला पंचायत सीईओ एवं वर्तमान में सुकमा में प्रभारी जिला पंचायत सीईओ से उनका पक्ष जानने के लिए उनके मोबाईल फोन पर कई बार संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। कोंडागांव जिला पंचायत के सीईओ प्रेमप्रकाश शर्मा ने बताया कि पूर्व कलेक्टर के आदेशानुसार मामले की जांच कराई गई थी। जांच में तत्कालीन सीईओ द्वारा पचास लाख से अधिक की राशि की अनियमितता पाई गई थी। जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपा गया था। कलेक्टर द्वारा कार्यवाही के लिए राज्य शासन को प्रतिवेदन भेजा जा चुका है।
वर्सन
शासन को लिखेंगे पत्र
कोंडागांव जिला पंचायत के पूर्व सीईओ द्वारा लाखों रुपयों की अनियमितता की जाने संबंधी मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। मामले में कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई तो होगी ही, पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
-लता उसेंडी, विधायक, कोंडागांव
आरईएस विभाग सुकमा में चोरी -चोरी, चुपके -चुपके वाला खेल
- गुपचुप ढंग से चहेते ठेकेदार को दे दिया आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण का ठेका
कोंटा भ्रष्टाचार को लेकर सरकार भले ही जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू करने का दावा कर रही है, लेकिन सुकमा जिले के कुछ सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण धरातल पर यह दावा खोखला साबित हो रहा है। कुछ कर्मचारियों के कारण आमजन को भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने में सरकार की कोशिश नाकाम साबित होती नजर आ रही है। सुकमा जिले के अंतिम छोर में स्थित कोंटा नगर में कई आंगनबाड़ी भवन काफी जर्जर हो चुके थे। इन जर्जर भवनों में बिठाकर उनकी देखरेख और शिक्षा की व्यवस्था की जाती रही है। ऐसा करके मासूम बच्चों की जान को मुसीबत में डाल दिया गया था। इस मसले को लेकर समय- समय कई पत्रकारों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए अखबारों प्रकाशित किया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने इसमें रूचि लेकर तत्काल आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण हेतु कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग सुकमा को एजेंसी बनाकर कोंटा नगर पंचायत में पांच आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य हेतु आदेशित किया। आरईएस विभाग के अधिकारियों द्वारा निविदा प्रक्रिया के सभी नियमों को दरकिनार करते हुए अपने चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने एवं अपनी जेब भरने के उद्देश्य से गुप्त तरीके से टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया गया। टेंडर की जानकारी ज्यादातर ठेकेदारों को नही होने के कारण वे निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित रह गए। इससे 5 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कार्य का ठेका एक प्रतिशत ज्यादा पर एक ही ठेकेदार दीपक सिंह चौहान को दे दिया गया। इस निविदा प्रक्रिया को सूचना पटल में प्रकाशित नहीं किया गया और नगर पंचायत कोंटा से एनओसी लिए बिना निविदा प्रक्रिया को पूरा किया गया। इससे न सिर्फ शासन को लाखों रुपए की हानि हुई, बल्कि इस गुप्त टेंडर एवं कमीशनखोरी के कारण गुणवत्ताहीन भवन निर्माण होना तय है। गुप्त तरीके से लाखों का टेंडर जारी कर शासन को चूना लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं आरईएस के अधिकारी।
भंगाराम मंदिर में एकसाथ विराजेंगे शिव और हनुमान जी आज
- भंगाराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा, रुद्राभिषेक आज
जगदलपुर भंगाराम शिव मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर परिसर में ही हनुमान मंदिर का भी निर्माण की किया गया है। शिवजी के साथ हनुमान जी की भी प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। भंगाराम शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा हेतु श्रीधाम वृंदावन से पधारे आचार्य पं. अनिरुद्ध शास्त्री ने बताया की शिव प्राण प्रतिष्ठा समारोह के द्वितीय दिवस आज शिवजी और हनुमान जी का अन्नाधिवास, फलाधिवास, शय्याधिवास पूर्ण करने के पश्चात देवी देवताओं का पूजन और एकादशी व्रत होने के उपलक्ष में गोपाल जी का अभिषेक व पुष्पार्जन हुआ। सायं 5 बजे से हवन और आरती और रात्रि शैयाधिवास से आज का कार्य पूर्ण हुआ। 22 जनवरी को शिव प्राण प्रतिष्ठा रुद्राभिषेक, मंदिर के शिखर पर कलश स्थापना के बाद पूर्णाहुति दी जाएगी। 23 जनवरी को 11.30 से महाभंडारा का अयोजन भंगाराम शिव मंदिर र निर्माण समिति द्वारा किया जाएगा। सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में आने की अपील की गई है।
कड़ी नाकेबंदी के बाद भी नहीं थम रही है धान की तस्करी
- नाकों और निगरानी दलों को चकमा दे जाते हैं तस्कर
- बकावंड के सीमावर्ती क्षेत्र में 306 क्विंटल धान जप्त
अर्जुन झा
बकावंड लाख बंदिशों और कड़ी निगरानी के बाद भी पड़ोसी राज्यों से धान लाकर बस्तर और कोंडागांव जिलों के सरकारी खरीदी केंद्रों में खपाने का सिलसिला नहीं थम रहा है। हर दूसरे दिन धान का अवैध परिवहन करते मिनी ट्रक व ट्रेक्टर पकड़े जा रहे हैं। ओड़िशा का धान छत्तीसगढ़ में बेचे जाने का क्रम लगातार जारी है।
ओड़िशा, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना की सीमाएं बस्तर संभाग के बस्तर, सुकमा और कोंडागांव जिलों से लगी हुई हैं। इसका बेजा फायदा व्यापारी और कोचिया उठा रहे हैं। ये लोग उक्त राज्यों के किसानों से उन राज्यों में प्रचलित दर से थोड़ी अधिक दर पर धान खरीद लेते हैं। उसके बाद उस धान को छत्तीसगढ़ के सरकारी खरीदी केंद्रों में ऊंची दर पर बेचने में सफल हो जाते हैं। बीते वर्षों के कड़वे अनुभवों को देखते हुए इस साल सीमाई इलाकों में जांच चौकियां स्थापित की गई हैं तथा निगरानी दलों का गठन किया गया है। बावजूद धान तस्कर अपने मंसूबों में सफल हो जाते हैं। बस्तर के कलेक्टर विजय दयाराम के मार्गदर्शन में धान तस्करी पर नकेल कसने पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नतीजतन बस्तर जिले में बड़े पैमाने पर धान के अवैध परिवहन के मामले पकड़े जा रहे हैं। कलेक्टर विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में बकावंड के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा ओड़िशा से लगे सीमावर्ती क्षेत्र में अवैध धान परिवहन पर नियंत्रण हेतु जांच नाका के माध्यम से लगातार कार्यवाही की जा रही है। अनुविभागीय अधिकारी नंदकुमार चौबे ने बताया कि अब तक जांच दल द्वारा अवैध धान परिवहन करने वाले तक 9 लोगों पर कार्रवाई की जा चुकी है तथा 306 क्विंटल से अधिक धान जप्त किया गया है। धान का अवैध परिवहन करते पकड़े गए चार वाहनों को मंडी अधिनियम के तहत जप्त किया गया है। शुक्रवार की रात जांच दल ने ओडिशा राज्य की तरफ से आ रही तीन गाड़ियों में 160 बोरी अवैध धान को जप्त कर करपावंड थाना के सुपुर्द किया। ज्ञात हो कि धान उपार्जन अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों से अवैध रूप से धान लाकर सीमावर्ती धान खरीदी केंद्रों में विक्रय करने का सिलसिला हर साल चलते रहता है। इसे देखते हुए शासन के निर्देशानुसार जिले के सीमावर्ती जांच नाकों में अवैध धान की आवक पर विशेष निगरानी रखने हेतु जांच नाका और निगरानी दल बनाए गए हैं। सभी दलों को अवैध रुप से बगैर दस्तावेज धान के अवैध परिवहन करने वालों पर नियमानुसार
ऐसे चलता है यह काला खेल
बस्तर संभाग के बस्तर, सुकमा और कोंडागांव जिलों की सीमाएं ओड़िशा, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश से लगी हुई हैं। बस्तर और कोंडागांव जिलों में ओड़िशा से ज्यादातर धान लाया और खपाया जाता है। जांच चौकियां स्थापित होने के बावजूद अब तक कई टन अवैध धान और धान लेकर आ रहे दर्जनों मिनी ट्रक एवं ट्रेक्टर पकड़े जा चुके हैं। स्थानीय एवं ओड़िशा के व्यापारी व कोचिया ओड़िशा के किसानों से 2 हजाए रू. से 21 सौ से 23 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद लाते हैं और बस्तर एवं कोंडागांव जिलों के खरीदी केंद्रों में स्थानीय किसानों के नाम से उसे खपाने में सफल हो जाते हैं। इस काले खेल में शामिल व्यापारी और कोचिया अंदरूनी एवं सुनसान रास्तों के जरिए धान लदे वाहनों को बस्तर व कोंडागांव जिलों में प्रवेश कराने में सफल हो जाते हैं। इस खेल में स्थानीय धान खरीदी केंद्र प्रभारियों और समिति प्रबंधकों की भी मिलीभगत रहती है। कमाई का हिस्सा सभी के बीच बंटता है।
नगर पंचायत चिखलाकसा क्षेत्रअंतर्गत हर मंदिरों मे चलाए स्वच्छता अभियान
नगर पंचायत चिखलाकसा क्षेत्रअंतर्गत मंदिरो मे चलाए गया स्वच्छता अभियान की गई सफाई नगर पंचायत चिखलाकसा क्षेत्रअंतर्गत सभी मंदिरो का स्वच्छ तीर्थ अभियान के तहत स्वच्छता अभियान चलाया गया। तथा साफ सफाई की गई। सफाई अभियान में मुख्य नगर पालिका अधिकार श्री अरविंद नाथ योगी जी, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती भिखी मसिया जी, उपाध्यक्ष अब्दुल इब्राहिम जी। उप अभियंता राकेश कुमार पाठक जी, समस्त जनप्रतिनिधि और कर्मचारी उपस्थित हों कर वार्ड क्रमांक 7 शिव मंदिर, वार्ड क्रमांक 6 राम मंदिर सफाई कर श्रम दान किए।
अंतागढ़ शिशु मंदिर के बच्चों ने निकाली शोभा यात्रा
अंतागढ़ अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर में भगवान राम के प्राणप्रतिष्ठा को लेकर देश के कोने कोने में उत्साह का माहौल है, अंतागढ़ में सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों ने शोभायात्रा निकाली शोभा यात्रा से पहले बच्चों ने स्कूल में दीपों से भारत माता की आकृति बनाई उसके बाद श्री राम का रूप धारण किए बच्चों ने शिशु मंदिर से ग्राम की देवी मां शीतला मंदिर तक पैदल शोभा यात्रा निकालकर मंदिर में पूजा अर्चना की। जगह जगह भक्तों ने इन बच्चों की आरती और पूजा अर्चना की।











