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बालोद शहर में घुसा दंतैल जंगली हाथी, दहशत में लोग

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  • वन विभाग अलर्ट मोड पर, ग्रामीणों को सतर्क रहने की नसीहत

बालोद सोमवार देर शाम एक दंतैल जंगली हाथी की शहर के अंदर घुस आया। हाथी अभी भी शहर के आसपास मंडरा रहा है। इससे लोगों में दहशत व्याप्त है। सबसे पहले हाथी को बालोद की सिंचाई कालोनी के आसपास देखा गया। फिर यह हाथी पुलिस कंट्रोल रूम, कलेक्टर बंगला के पीछे और ट्रांजिस्ट हॉस्टल की तरफ भी विचरण करते नजर आया। शहर में हाथी की आमद के बाद वन विभाग का अमला अलर्ट हो गया है। डीएफओ आयुष जैन ने देर रात हाथी को शहर के बाहर भेज देने की बात कही थी।

वहीं सोमवार को शाम ढलते ही यह हाथी बालोद वन परिक्षेत्र के औराभाठा परिसर में पहुंचा था। हाथी की मौजूदगी सेआसपास के देउरतराई, सिवनी, मालगांव, मड़वापथरा, देवारभाट, तालगांव, झलमला, सिवनी, सेमरकोना, अंधियाटोला, मुल्लेगुड़ा, धरमपुरा, नर्रागांव में दहशत फैल गई। इन गांवों के ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया था। रविवार व सोमवार की दरम्यानी रात दंतैल हाथी का लोकेशन तांदुला जलाशय के ओवरफ्लो वाले इलाके में पाया गया था। जिससे शहर के अंदर प्रवेश करने की आशंका बन गई थी। वहीं क्षेत्र में हाथी की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने झलमला से रानी मां मुख्य मार्ग में चलने वाले राहगीरों को सावधानी से आने जाने, जंगल न जाने, सतर्क और सुरक्षित रहने, तथा एक दूसरे को सतर्क करने व हाथी दिखने पर नजदीकी वन अमले को सूचित करने अपील की है।

शिक्षा के क्षेत्र में बस्तर को बनाना है केरल जैसा : सांसद दीपक बैज

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  • बस्तर सांसद शामिल हुए घाट धनौरा स्कूल के प्रवेश उत्सव में, किया शाला भवन का लोकार्पण

जगदलपुर बस्तर के सांसद दीपक बैज घाटधनोरा हाई स्कूल के प्रवेश उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उनका भव्य स्वागत किया गया। बैज ने स्कूल के नवप्रवेशी बच्चों को गणवेश व पुस्तकों का वितरण कर शाला प्रवेश कराया। साथ ही निशुल्क सरस्वती साइकल योजना के तहत 75 छात्राओं को बैज ने साइकल का वितरण भी किया। स्कूल प्रांगण में सांसद बैज द्वारा पौधरोपण किया गया। सांसद दीपक बैज ने 55.56 लाख रु. की लागत से निर्मित नवीन हाईस्कूल भवन का लोकार्पण भी किया।

उन्होंने जिला सांख्यिकी योजना के तहत ग्राम पंचायत सिंघनपुर में चोंड्डी मेटावाड़ा से सोनारपाल पहुंच मार्ग पर 1.50 मीटर स्पान आरसीसी पुलिया निर्माण लागत 3.99 लाख, सिंघनपुर के तारागांव में रंगमंच निर्माण लागत 1.50 लाख रु, बस्तर प्राधिकरण मद से तारागांव में नाली निर्माण लागत 7.50 लाख रुपए, सांसद मद से तारागांव में जगारगुड़ी के समीप सांस्कृतिक भवन निर्माण लागत 5 लाख रुपए, बस्तर प्राधिकरण योजना से ग्राम पंचायत कोंडालूर छिंदबहार में निर्मला घाट पचरी निर्माण लागत 6.20 लाख रुपए, बस्तर प्राधिकरण योजना से गुड़ापारा में सीसी सड़क निर्माण लागत 8 लाख रुपए का भूमिपूजन किया।

ग्रामीणों की मांग पर की घोषणाएं

सांसद बैज ने ग्राम पंचायत तुमपानी में ग्रामीणों व सरपंच की मांग पर 6 लाख रुपये की लागत से मिट्टी मुरमीकरण कराने की घोषणा की।. उन्होंने पीएचई विभाग को नलजल योजना जल्द से जल्द शुरू करने व नवीन बोरिंग खनन हेतु निर्देशित किया। इसके अलावा ग्राम पंचायत सालेपाल के ग्राम सरगीभाटा मे मुरमीकरण हेतु 6 लाख रुपए व सरगीपदर में सीसी सड़क निर्माण कार्य हेतु 6 लाख रुपए, ग्राम पंचायत बारूपाटा मे 300 मीटर सीसी सड़क निर्माण मुख्यमार्ग से मोहन घर तक बनाने हेतु घोषणा की। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायत पर बिजली विभाग को तत्काल नया ट्रांसफार्मर लगाने हेतु निर्दशित किया। दीपक बैज ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में शिक्षकों की कमी के कारण आउट सोर्सिंग के माध्यम से बाहर से आए हुए शिक्षकों की भर्ती की जाती थी। बस्तर के अंदरूनी इलाकों में 3000 स्कूलों को बंद कर दिया गया था। जिसके कारण छात्र छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो गया था। छत्तीसगढ़ में आज हमारी सरकार आने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में अनेकों कार्य किए गए। शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए 14000 से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती की गई।साथ ही स्थानीय सोर्स के माध्यम से अतिथि शिक्षक भर्ती करने का काम हमारी सरकार के द्वारा किया गया । अंदरूनी इलाकों में बंद किए गए हजारों स्कूलों को बच्चों के भविष्य को देखते हुए दोबारा खोला गया। ताकि बस्तर के छात्र छात्राओं का भविष्य उज्वल हो सके। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप हर जिले हर ब्लॉक में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले गए। ताकि निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चे भी अंग्रेजी बोल सकें और अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सकें।आज हमारी सरकार में आवश्यकतानुसार शालाओं का उन्नयन कार्य भी लगातार किया जा रहा है। कार्यक्रम में तोकापाल ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सहदेव नाग, सुखदेव सेठिया, जनपद सदस्य सुभाष बघेल, जनपद सदस्य शंकर बघेल, सरपंच धनोरा केशव राम, सरपंच सिंघनपुर बनमाली, सरपंच कोंडालुर सुकमती बघेल, सरपंच देऊरगांव मंधर, पूर्व सरपंच कार्तिक बघेल, बाबूलाल, फोतका दादा, भंवरलाल मौर्य, होंडा, रमेश मंडावी, मंडल संयोजक पवन सेठी, लखमूराम, तोकापाल के बीईओ तोकापाल, बीआरसी, प्राचार्य घाटधनोरा, छापर भानपुरी, पोटानार, रान सरगीपाल सहित शिक्षक शिक्षिकाएं, पालक एवं छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

उपभोक्ता आयोग ने फाइनेंस कंपनी पर ठोंकी 8 लाख की देनदारी

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  • जिला उपभोक्ता आयोग जगदलपुर ने महिंद्रा फायनेंस कंपनी के खिलाफ सुनाया सख्त फैसला

जगदलपुर जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा पारित एक आदेश में महिंद्रा फाइनेंस कंपनी को आदेश दिया गया है कि वह परिवादी को क्षतिपूर्ति के रूप में 5 लाख 41हजार 284 रु. और उस पर वाद प्रस्तुति दिनांक से 7 प्रतिशत ब्याज,1लाख रूपए का जुर्माना, मानसिक क्षति हेतु 20 हजार रु. तथा वाद व्यय हेतु 5 हजार रु. का भुगतान करे। जगदलपुर निवासी परिवादी कृष्णा सोनी ने महिंद्रा फाइनेंस कंपनी से ट्रैक्टर क्रय किया था। महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के द्वारा उक्त ट्रेक्टर पूर्व में दो अन्य लोगों को बेचा गया था और फाइनेंस की किश्तें जमा न कर पाने के कारण ट्रैक्टर को अपने अधिपत्य में लेकर कृष्णा सोनी को बेच दिया गया था। किंतु ट्रैक्टर के नामांतरण की कार्यवाही महिंद्रा फाइनेंस कंपनी द्वारा नहीं करवाई गई थी, जिससे शिकायतकर्ता को गंभीर क्षति पहुंची थी। जिला उपभोक्ता आयोग ने माना है कि महिंद्रा फाइनेंस कंपनी द्वारा पूर्व में फाइनेंस पर बेचे गए दूसरे व्यक्ति से ट्रैक्टर को सरफेसी अधिनियम तथा मोटर यान अधिनियम के विपरीत अनाधिकृत रूप से अपने आधिपत्य में लिया गया था और फिर किसी अन्य व्यक्ति को बेचना घोषित कर वापस अपने अधिपत्य में लेकर परिवादी को बेचा गया था। लंबे समय तक महिंद्रा फाइनेंस कंपनी द्वारा परिवादी के निवेदन पर नाम ट्रांसफर न करवाए जाने के कारण परिवादी ने जिला उपभोक्ता आयोग में मामला पेश किया था। आयोग द्वारा ट्रैक्टर के पूर्व क्रेता को, परिवादी को 2 लाख 80 हजार की राशि वापस प्रदान करने तथा 1 माह के भीतर उक्त ट्रेक्टर का नामांतरण परिवादी के नाम पर कराने आदेश पारित किया गया। जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष सुजाता जसवाल, सदस्य आलोक कुमार दुबे और सीमा गोलछा की संयुक्त खंडपीठ ने उक्त आदेश जारी किया है।

बकावंड में सामुदायिक भवन के नाम पर फिर लाखों की बंदरबांट

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  • ब्लॉक मुख्यालय में एक और भ्रष्टाचार का मामला उजागर
  • जनपद मुख्यालय की ग्राम पंचायत में शासकीय धन की हुई हेराफेरी

बकावंड जनपद पंचायत मुख्यालय बकावंड में ग्राम पंचायत के माध्यम से कराए जाने वाले निर्माण कार्यों में गड़बड़ी और शासकीय धन की बंदरबांट का सिलसिला बदस्तूर जारी है। जनपद पंचायत के अधिकारी और इंजीनियर की नाक के नीचे हेराफेरी का खुला खेल चल रहा है। अधिकारी ऐसे कृत्यों पर अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं।बकावंड में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए वर्ष 2021- 22 में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अति पिछड़ा क्षेत्र विकास प्राधिकरण मद से 6 लाख 50 हजार रुपए की स्वीकृति मिली थी। इसकी कार्य एजेंसी बकावंड ग्राम पंचायत को बनाया गया था। सामुदायिक भवन निर्माण में ग्राम पंचायत द्वारा अल्प मात्रा में सीमेंट और अधिक मात्रा में रेत का इस्तेमाल किया गया है। सीमेंट की क्वालिटी भी ठीक नहीं थी। वहीं सरिया, छड़ आदि भी घटिया स्तर की उपयोग की गई है। गुणवत्ता हीन निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किए जाने की चुगली नव निर्मित सामुदायिक भवन अभी से करने लगा है। भवन का लोकार्पण उद्घाटन अभी हुआ नहीं है और दीवारों पर दरारें और छत पर क्रेक नजर आने लगे हैं। तेज बारिश होने पर कुछ ही दिनों में भवन के पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने की प्रबल संभावना है। सरपंच, सचिव और जनपद पंचायत के इंजीनियर की मिलीभगत के चलते ऐसा घटिया निर्माण कार्य कराया गया है। भवन इस कदर बदहाल है कि बारिश के दिनों जान माल की हानि होने से इंकार नहीं किया जा सकता। बकावंड ब्लॉक मुख्यालय में जितने भी निर्माण कार्य कार्य कराए गए हैं, उन सभी में गुणवत्ता का जरा भी ध्यान नहीं रखा गया है। ग्रामीणों ने सामुदायिक भवन समेत तमाम निर्माण कार्यों की जांच की मांग उठाई है।

ईडी और आईटी के रडार पर अब आ रहा है छ्ग का कृषि विभाग

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  • विभाग के सचिव ने मातहत अधिकारियों को किया अलर्ट
  • विभाग में कभी भी धावा बोल सकती हैं केंद्रीय जांच एजेंसियां

अर्जुन झा

जगदलपुर केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और इनकम टैक्स विभाग (आईटी ) की टीमें विधानसभा चुनाव से पहले एकबार फिर छत्तीसगढ़ में खलबली मचा सकती हैं। इस बार इन दोनों एजेंसियों के निशाने पर प्रदेश का कृषि महकमा और उसके आला अफसर हो सकते हैं। इस आशय की भनक लगने के बाद कृषि विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग के शीर्ष अधिकारी विशेष बैठक लेकर ने मातहत अधिकारियों को सतर्क रहने का हुक्म दे दिया है। छत्तीसगढ़ में कथित कोयला घोटाला, आबकारी घोटाला और ट्रांसपोर्टिंग घोटाले की जांच अभी प्रवर्तन निदेशालय कर ही रहा है। इन मामलों में अनेक बड़े अफसर, नेता नप चुके हैं तथा कई नपने की बारी में हैं। ईडी के ताबड़तोड़ छापों से राज्य की अफसरशाही और सियासी गालियारे में भूचाल आ गया था। इन छापों के बाद जो चर्चा चल रही है उसके अनुसार ईडी और आईटी की वक्र दृष्टि अब छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विभाग की ओर भी पड़ गई है।कृषि विभाग के विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एपीएस आईएएस डॉ. कमलप्रीत सिंह ने पिछले सप्ताह एडिशनल डायरेक्टर और डिप्टी डायरेक्टर कृषि की बैठक में स्पष्ट संदेश दिया है कि ईडी और इनकम टैक्स विभाग की नजर कृषि विभाग और उनके अधिकारियों पर है। शिकायतें भी बहुत हुई हैं, अतः सतर्क रहें, कभी भी ये दोनों जांच एजेंसियां आपकी खातिरदारी के लिए आपके दफ्तर या निवास पर दबिश सकती हैं। सावधानी पूर्वक काम करें। विभाग को बदनामी से बचाएं।विश्वसनीय सूत्र यह भी बता रहे हैं कि इस बैठक के बाद विभाग के अधिकारियों के चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगी हैं, उनका खाना, पीना, सोना हराम हो गया है।

कोंटा क्षेत्र के ढाई दर्जन ग्रामीणों ने थाम लिया कांग्रेस का दामन

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  • मंत्री कवासी लखमा ने फूलों का हार पहनाकर किया स्वागत

जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र कोंटा के ग्राम लिटिरास के 31 ग्रामीण सोमवार की सुबह उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा के रायपुर स्थित बंगले में कांग्रेस में शामिल हो गए। मंत्री ने सभी ग्रामीणों का पुष्पहार पहनाकर स्वागत कर उन्हें कांग्रेस में प्रवेश कराया। कांग्रेस प्रवेश करने वाले ग्रामीणों ने बताया कि 25 साल से कांग्रेस के विधायक बनते आ रहे कवासी लखमा ने क्षेत्र के विकास में काफी काम किया है। उनके द्वारा कोंटा विधानसभा क्षेत्र के अंदरूनी गांवों तक विकास पहुंचाया गया है।उनके ग्रामीणों के साथ सरल सहज व्यवहार से प्रभावित होकर हम लोग कांग्रेस प्रवेश कर रहे हैं। मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि आपके गांव लिटिरास में जो भी समस्या है, उसे बताएं जल्द ही गांव की समस्या को दूर किया जाएगा।

कांग्रेस प्रवेश करने वालों में धनसाय राम, दशमू नाथ, दुलारू नाग, सोनसाय नाग, सुदूराम नाग, अनिल नाग, लखमू नाग, बुधराम नाग, लाईकन नाग, जलदेव नाग, रामधर नाग, रूपधर नाग, विजय कुमार, आशाराम यादव, सीताराम नाग, राजेश नाग, जब्बा नाग, बलिराम नाग, सानूराम नाग, सहदेव नाग, भूपेंद्र नाग, रामनाथ नाग, दुर्गेश नाग, आयताराम मरकाम, रविशंकर करटामी, मादई, रामबती, अंजू, बुटकी, सेरंगी व सुशीला शामिल हैं।

गुजरा हुआ जमाना, आ सकता है दोबारा क्या रमन पर दांव लगायेगी भाजपा

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(अर्जुन झा)

रायपुर भाजपा की राजनीति के चाणक्य अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की चुनावी कमान संभाल ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 जुलाई को रायपुर आ रहे हैं। मोदी यहां जनता से मुखातिब होंगे लेकिन उनके आने के पहले 5 और 6 जुलाई को चुनिंदा नेताओं के साथ छत्तीसगढ़ भाजपा की आंतरिक बैठक करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री शाह रायपुर पहुंच रहे हैं। वह प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में या फिर किसी आलीशान होटल में नवंबर 2023 में होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को लेकर बैठक लेंगे। कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार की योजनाओं का तोड़ तलाशने की जिम्मेदारी भाजपा ने अमित शाह को सौंपी है। शाह के इस दौरे से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के भविष्य की संभावनाएं भी जुड़ी हुई बताई जा रही है। आम तौर पर कहा जाता है कि गुजरा हुआ जमाना आता नहीं दोबारा, लेकिन छत्तीसगढ़ में गुजरा हुआ जमाना लौटकर आने के आसार नजर आ रहे हैं। क्योंकि यहां रमन सिंह के कद का कोई नेता भाजपा के पास नहीं है। वे सत्ता से हटने के बाद निराश नहीं हुए। चुनाव में जीत हार तो एक प्रक्रिया है। भाजपा को लगातार तीन बार उन्हीं के नेतृत्व में सफलता मिली है। यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने जो चमत्कारी वादे किए थे, उनके सामने तो कोई भी ठहर नहीं सकता था। रमन सिंह इतने बड़े वादे करने की स्थिति में नहीं थे। वरना वे कांग्रेस को अवसर ही नहीं देते। केंद्र में भाजपा की सरकार होने के कारण वे पार्टी की राष्ट्रीय स्थिति के मुताबिक ही कार्य कर सकते थे। कांग्रेस विपक्ष में थी, इसलिए उसने किसान का कर्जा माफ और 2500 रुपये में धान खरीदी का वादा किया और सत्ता में आने पर इन वादों को पूरा कर दिया। अब कांग्रेस के इन वादों की पूर्ति ने भाजपा के सामने तगड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता, हर किसान से प्रति एकड़ 20 क्विंटल के मान से संभावित 2800 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदी, गोबर खरीदी, आदिवासी बहुल राज्य में तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए बनाई गई योजना भाजपा पर भारी पड़ रही हैं। ऐसी तमाम योजनाओं के तोड़ के लिए शाह मंथन करेंगे। कहा जा रहा है कि है कि छत्तीसगढ़ में रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कुछ बुद्धिजीवियों से उनकी अलग से इस बाबत चर्चा हो सकती है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ भाजपा गुटबाजी का शिकार है यहां जितने भी प्रभारी बनाए गए हैं उनकी जो रिपोर्ट दिल्ली पहुंची है, वह इस पर चिंता व्यक्त कर रही है और जो पार्टी की सर्वे रिपोर्ट और इंटेलिजेंट ब्यूरो की रिपोर्ट दिल्ली पहुंची है उससे केंद्र सरकार में बैठे रणनीतिकारों और केंद्रीय संगठन के लिए यह चुनौती है कि भूपेश बघेल सरकार को हटाने के लिए जनता को अपने संकल्प पत्र में किन ठोस वादों को प्राथमिकता दी जाए। एक चुनौती यह भी है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में चेहरे को लेकर भी असमंजस की स्थिति है। 15 साल सरकार में रहे लोग फिर तेजी से सक्रिय हैं और उनका कहना है कि डॉ. रमन सिंह को चेहरा घोषित किया जाए, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व अब तक सामूहिक नेतृत्व के आधार पर चुनाव लड़ने की बात कर रहा है और मुख्य चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रहेगा, ऐसा बयान बार बार आ रहा है। वैसे रमन सिंह पिछले साल से जिस तरह सक्रियता दिखा रहे हैं उससे साफ जाहिर है कि वह अपने स्तर पर दौड़ से बाहर नहीं हुए हैं और मोदी सरकार ने जिस तरह से रमन सिंह का तगड़ा सुरक्षा इंतजाम बरकरार रखा है और संगठन में उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर अमित शाह के बाद जेपी नड्डा की कार्यकारिणी में भी बनाए रखा है उससे उनकी अहमियत का अंदाजा लगाया जा सकता है। फिर कांग्रेस के निशाने पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ही रहते हैं, इससे भी स्पष्ट संकेत मिलता है कि मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम यह मानकर चल रहे हैं कि इस बार भी कांग्रेस का मुकाबला रमन सिंह की 15 साल की पूर्ववर्ती सरकार से ही है।

टैंकरों को लेकर संतोष बाफना न लें झूठा श्रेय : आयुष मोहंती

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  • जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप और सदस्य धरमू मंडावी ने उपलब्ध कराए हैं टैंकर

जगदलपुर टैंकर को लेकर कांग्रेस ने पूर्व भाजपाई विधायक संतोष बाफना को झूठा श्रेय न लेने की नसीहत दी है। युवा कांग्रेस आईटी सेल के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष आयुष मोहंती ने कहा है कि संतोष बाफना बेगानी शादी में में दीवाना बन रहे हैं।आयुष मोहंती ने एक बयान में कहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप और सदस्य धरमू मंडावी ने परपा और जमावाड़ा गांवों के लिए पेयजल टैंकर जिला पंचायत निधि से उपलब्ध कराए हैं। पूर्व विधायक संतोष बाफना गांव में इन टैंकरों के साथ फोटो खिंचवाकर यह बताने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं कि टैंकर उन्होंने उपलब्ध कराया है। आयुष ने कहा कि बाफना कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों की उपलब्धि को अपना बताकर झूठा श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि परपा और जमावाड़ा के ग्रामीणों को यह बात अच्छे से मालूम है कि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कश्यप और जिला पंचायत सदस्य मंडावी की बदौलत ये टैंकर प्राप्त हुए हैं। आयुष मोहंती ने बाफना को नसीहत दी है कि वे बेगानी शादी अब्दुल्ला बनने की और झूठा श्रेय लेने की कोशिश न करें। आयुष ने यह भी कहा है कि छत्तीसगढ़ में पंद्रह सालों तक राज कर चुकी भाजपा के जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने बस्तर के आदिवासियों के हित में कोई काम नहीं किया। अगर काम किया होता, तो प्रदेश की जनता उन्हें सत्ता से बेदखल नहीं करती। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ विकास का नया आयाम गढ़ रहा है, बस्तर और यहां के आदिवासियों का समग्र कल्याण हो रहा है। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा सुविधाओं के मामले में बस्तर समृद्ध हुआ है। बस्तर के आदिवासियों के मान सम्मान, उनकी आस्था का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। बस्तर के जिला प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन, बस्तर के विधायक लखेश्वर बघेल, चित्रकोट के विधायक राजमन बेंजाम ईमानदारी और निष्ठा के साथ बस्तर जिले के लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रणप्राण से जुटे हुए हैं। इन वजहों से छत्तीसगढ़ में फिर से कांग्रेस की सरकार बनने वाली है। इस विचलित होकर भाजपा के लोग छल प्रपंच का सहारा लेने लगे हैं।

छत्तीसगढ़ माईंस श्रमिक संघ और छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा दल्ली राजहरा ने 1 जुलाई 1992 के भिलाई गोलीकांड में शहीद हुए मजदूरों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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आंदोलन कर रहे मजदूरों पर पुलिस ने बरसाई थी गोलियां। इस दुखद और खौफनाक घटना ने ना केवल भिलाई को बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। श्रमिक नेता शंकर गुहा नियोगी की हत्या के आरोपियों को सजा दिलाने और मजदूरों को जीने लायक वेतन और विभिन्न फैक्ट्री से काम से निकाले गए श्रमिकों को वापस काम पर लेने समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन की शुरुआत भिलाई के जामुल क्षेत्र से हुई थी। उसके बाद छावनी, शारदा पारा, खुर्सीपार और सेक्टर-1 मैदान में प्रदर्शन किया गया। उसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगों को अनसुना कर दिया। उस समय के तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी उस दौरान रायपुर आए थे। लेकिन उन्हें जिम्मेदारों(उद्योगपतियों ) ने श्रमिक नेताओं से नहीं मिलने दिया। जिसकी वजह से श्रमिकों को रेलवे ट्रैक पर आने के लिए मजबूर होना पड़ा। 1 जुलाई 1992 के दिन करीब सुबह 9 बजे श्रमिकों ने सारनाथ एक्सप्रेस को रोक दिया था। जिसके सूचना प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंची, फिर बातचीत का दौर हुआ, लेकिन कई दौर की बैठकें होने के बावजूद कोई हल नहीं निकला। उसके बाद शाम होते होते असमाजिक तत्वों द्वारा पुलिस पर अचानक पथराव शुरू कर जानबूझकर हालात बिगाड़ दिये गए। जिसके बाद जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई, इस गोलीकांड में 16 मजदूरों की मौत मौके पर और दो अन्य मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। केशव गुप्ता, रामकृपाल गुप्ता, असीम दास, मधुकर राम, रामाज्ञा चौहान, मनहरण वर्मा, जोगा यादव, पुरानिक लाल, प्रेमनारायण, कुमार वर्मा, इंद्रदेव चौधरी, हिरऊराम, लक्ष्मण वर्मा, धिरपाल ठाकुर, किशोरी मल्लाह, लोमन उमरे, के.एन. प्रदीप कुट्टी, जी.खेतरो, तत्कलीन थाना प्रभारी टीके सिंह भी शामिल थे। इस तरह 18 मजदूर और एक SI नेवई थाने की मौत हुई थी।

मृतक के परिजन व श्रमिक संगठन के हजारों मजदूर अपने शहीद साथियों को प्रतिवर्ष याद करते हुए हर साल पावर हाउस रेलवे स्टेशन पर श्रद्धांजलि देने आते हैं। छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघद दल्ली राजहरा के मीडिया प्रभारी रवि सहारे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दिया और बताया कि दल्ली राजहरा के छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ और छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारी एवं सदस्य सोमनाथ उइके ,राजा राम बरगद .रामचरण नेताम सुरेंद्र साहू ,सतीश, महेश, नारद,रूप सिंह साहू, राजा सिंह ,रीखी राम, महेश भारती , तिलक सिंह राजपूत ,कृष्णा यादव ,योगेश कुमार यादव, राजकुमार ,अमर सिंह ठाकुर, महेंद्र साहू ,श्रवण ,देवेंद्र कोर्राम , रवि कुमार,गोल्डी, बबलू रामटेके , रूपेश कुमार आदि कामरेड साथियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किए ।

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आदिवासियों की सरकार है भूपेश बघेल सरकार : राजमन बेंजाम

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  • चित्रकोट के विधायक बेंजाम ने बास्तानार -2 और पनेड़ा में नल जल योजना के लिए किया भूमिपूजन

लोहंडीगुड़ा चित्रकोट के विधायक राजमन बेंजाम ने बास्तानार विकासखंड के ग्राम बागमुंडी पनेड़ा में 185 लाख रु. की लागत से एवं ग्राम पंचायत बास्तानार -2 में 209 लाख की लागत से जल जीवन मिशन के तहत प्रस्तावित सिंगल विलेज नलजल प्रदाय कार्य का भूमिपूजन किया।विधायक बेंजाम ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जो काम हो रहा है इसमें एक बड़ी पानी टंकी का निर्माण होगा और पाइप लाइन के माध्यम से घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विधायक राजमन बेंजाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की हमारी कांग्रेस सरकार आदिवासियों की भलाई का काम निरंतर करती आ रही है। सही मायने में कहा जाए तो भूपेश बघेल सरकार आदिवासियों की सरकार है। उन्होंने ग्रामीणों से जल जीवन मिशन के कार्य को अच्छे से पूर्ण कराने के लिए ठेकेदार को सहयोग करने हेतु आग्रह करते हुए कहा कि बिना ग्रामीणों के सहयोग से कोई काम सफल नहीं होता। कार्य को अच्छे से कराने के लिए ग्रामीणों सहयोग बहुत जरूरी है। बेंजाम ने आगे कहा कि भाजपा के 15 सालों के कामकाज की तुलना मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के चार साल के कार्यों से की जाए तो निश्चित ही इन चार वर्ष में विकास कार्य ज्यादा हुए हैं। पिछली सरकार के जनप्रतिनिधियों ने अगर ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यान में रखकर कार्य किया होता, तो आज हमें इतनी मेहनत करनी नही पड़ती। उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग सहित पूरे प्रदेश के आदिवासी बहुल इलाकों में पिछले साढ़े चार के दौरान हमारी कांग्रेस सरकार द्वारा कराए गए कार्यों पर नजर डालें तो स्पष्ट हो जाता है कि भूपेश बघेल सरकार वास्तव में आदिवासीयों की ही सरकार है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि आगामी चुनाव में भाजपा के बहकावे में न आते हुए आदिवासी हितैषी कांग्रेस को ही पुनः सत्ता सौंपें। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सुंदर सोढ़ी, सरपंच बागमुंडी पनेड़ा चमरा राम, सरपंच बास्तानार 2 कनकलता वेक, उपसरपंच शत्रुघन कवासी, जोगा गावड़े, दिनेश कुमार, गुलूड़ी गावड़े समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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