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संचालक के प्रस्ताव को लागू करे राज्य सरकार : अजय परिहार

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  • स्वास्थ्य कर्म संघ के उप प्रांताध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
  • कर्मचारियों की तमाम समस्याओं, मांगों से अवगत कराया सीएम को

जगदलपुर छ्ग प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के उप प्रांताध्यक्ष एवं बस्तर जिला अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह परिहार ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ज्ञापन प्रेषित कर राज्य के स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं का निराकरण और मांगों को जल्द पूरा करने का आग्रह किया है। परिहार ने ज्ञापन में कहा है कि छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य कर्मचारी न्यूनतम वेतन और अल्प सुविधाओं के बीच जनसेवा का कार्य कर रहे हैं। विभाग में अधिकांश संवर्ग एकल पद के हैं तथा 2- 3 स्टाफ वाले स्वास्थ्य केंद्रों और बड़े अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मचारी पूरी क्षमता से कार्य कर रहे हैं। शासन के समक्ष बार बार मांगें रखने पर भी निराकरण नहीं किया जा रहा है। संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, संचालक चिकित्सा शिक्षा, संचालक आयुष द्वारा संघ की मांग व शासन के निर्देश पर संचालनालय स्तर पर संचालक एवं संबंधित अधिकारियों की समिति गठित कर परीक्षण एवं आवश्यक व्यय भार की गणना कर सभी स्तर के कर्मियों के वेतनमान संशोधन संबंधित प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर प्रस्तावित वेतनमान का लाभ दिए जाने की मांग की परिहार ने की है। परिहार ने छग स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को केंद्र शासन के समान पेट्रोल भत्ता, मोबाईल भत्ता, जोखिम भत्ता एवं रेडियेशन भत्ता देने, स्टाफ नर्सों को पूर्वानुसार 3- 4 अग्रिम वेतनवृद्धि का लाभ जारी रखने तथा लाभान्वितों से वसूली पर रोक के आदेश जारी करने, पुलिस विभाग की तरह स्वास्थ्य कर्मचारियों को वर्ष में 13 माह का वेतन प्रदान करने, केंद्र शासन की भांति स्टाफ नर्स को नर्सिंग अधिकारी या वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी पदनाम देने, सभी कर्मचारियों को नियुक्ति दिनांक से ओल्ड पेंशन स्कीम का लाभ देने, कर्मचारियों का 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा कराकर उन्हें कैशलेस ईलाज की सुविधा दिलाने, चिकित्सकों की तरह स्वास्थ्य विभाग के नव नियुक्त कर्मचारियों को स्टायफंड प्रथा समाप्त कर पूर्ण वेतन देने, स्वास्थ्य कर्मचारियों को चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान देने एवं एकल पदों के लिए पदोन्नति चैनल बनाने, दैनिक वेतनभोगी, संविदा, अनियमित, जीवनदीप समिति, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों का शासन की घोषणा के अनुरूप नियमितीकरण करने तथा समान कार्य समान वेतन का लाभ देने, ड्रेसर को समयमान वेतनमान का लाभ देते हुए पदनाम आर्थोपेडिक टेक्नीशियन करने, आयुष विभाग में 1997 के पूर्व से कार्यरत अंशकालीन स्वच्छकों को नियमित करने की मांग की गई है।

मैदानी कर्मियों को मिले यात्रा भत्ता

अजय प्रताप सिंह परिहार ने मुख्यमंत्री से मैदानी कर्मचारियों को उनके वेतन लेवल के अनुपात में निश्चित यात्रा भत्ता देने तथा कठिन व कठिनतम क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों को प्रोत्साहन राशि देने, अनिवार्य ड्रेस कोड वाले स्वास्थ्य कर्मचारी, स्टाफ नर्स, चतुर्थ श्रेणी व अन्य को संचालक के प्रस्ताव अनुसार 6 हजार रु. धुलाई भत्ता प्रतिवर्ष देने, सर्टिफिकेट पैरामेडिकल कोर्स का उन्नयन कर डिप्लोमा, डिग्री कोर्स प्रारंभ करने, सभी स्वीकृत पदों हेतु 25 प्रतिशत पदोन्नति पद स्वीकृत करने की मांग रखी गई है। साथ ही तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति हेतु शासन के व्यय पर प्रशिक्षण दिलाने, चिकित्सक विहीन स्वास्थ्य केंद्रों में अन्य राज्यों की भांति स्टाफ नर्स व फर्मासिस्ट को सामान्य ईलाज की अनुमति प्रदान करने, वेलनेस सेंटर में कार्यरत स्वास्थ्य अधिकारियों एवं द्वितीय एएनएम को नियमित करने विकासखंड स्तर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन पूर्वानुसार बीईटीओ के माध्यम से कराने की मांग की है। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं की विभागीय पदोन्नति जून 2020 के अनुसार बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक स्टाफ नर्स को जीएनएम प्रशिक्षण केंद्रों में सिस्टर ट्यूटर के पद पर पदोन्नत करने, रेडियोग्राफर, एक्स-रे टेक्नीशियन, रेडियोथेरेपी को मूल वेतन का 25 प्रतिशत विकिरण भत्ता देने, डीकेएस अस्पताल के स्वशासी समिति प्रस्तावित आदर्श सेवा भर्ती नियम लागू कर सभी कर्मचारियों का नियमितीकरण करने, भारी वाहन लाईसेंसधारी वाहन चालकों को लेवल-6 वेतनमान देने का भी आग्रह परिहार ने मुख्यमंत्री से किया है।

गांव-गांव जाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे हैं बेंजाम

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  • लोगों की मांगों और सुझावों को सुन समाधान कर रहे हैं विधायक
  • तुमचो विधायक, तुमचो गांव मुहिम चला रहे हैं एमएलए राजमन बेंजाम

लोहंडीगुड़ा चित्रकोट के विधायक राजमन बेंजाम द्वारा चलाया जा रहा ‘तुमचो विधायक तुमचो गांव’ अभियान ग्रामीणों को खूब रास आ रहा है। इस अभियान के तहत विधायक श्री बेंजाम गांव – गांव जाकर चौपाल लगाते हैं और ग्रामीणों की मांगें, समस्याएं एवं सुझाव सुन सुझाव अनुरूप समस्याओं व मांगों का निदान कर रहे हैं। विधायक की इस कार्यशैली से ग्रामीणों में खुशी की लहर देखी जा रही है।अभियान के तहत विधायक राजमन बेंजाम लोहंडीगुड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत नेंगानार एवं मांदर पहुंचे और वहां जन चौपाल लगाकर लोगों से रूबरू हुए। श्री बेंजाम गांव के हर वर्ग के ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर चर्चा में मशगूल नजर आए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ पत्ते के दोने में स्वल्पाहार भी ग्रहण किया। विधायक ने ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों को सुना। ग्रामीणों की मांग पर श्री बेंजाम ने तत्काल ग्राम नेंगानार में देवगुड़ी के पास 5 लाख रु. की लागत से सामुदायिक शेड निर्माण की स्वीकृति की घोषणा की। श्री बेंजाम ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे आप लोगों ने जनसेवा के लिए चुना है और जीवन की आखिरी सांस तक मैं आप लोगों की सेवा करता रहूंगा।

आदिवासियों के सच्चे हितैषी हैं भूपेश बघेल

विधायक राजमन बेंजाम ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके नेतृत्व वाली छ्ग की कांग्रेस सरकार द्वारा राज्य के आदिवासियों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, पशु पालकों, युवाओं, विद्यार्थियों के हित में चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा है कि हमारे संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आदिवासियों के परम हितैषी और शुभचिंतक हैं। मुख्यमंत्री बघेल की उदारता का सबसे बड़ा उदाहरण उनके द्वारा कराए जा रहे आदिवासियों के आस्था स्थल देवगुड़ी और मातागुड़ियों का जीर्णोद्धार, संरक्षण एवं संवर्धन है। मुख्यमंत्री आदिवासी संस्कृति और रीति रिवाजों की पुर्नस्थापना के लिए भी उल्लेखनीय पहल कर रही हैं। आदिवासी तीज त्यौहारों के आयोजन के लिए हमारी कांग्रेस सरकार प्रदेश की आदिवासी बहुल ग्राम पंचायतों को राशि भी उपलब्ध करा रहे हैं। श्री बेंजाम ने कहा कि प्रदेश की सत्ता में पंद्रह साल तक रहने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं ने आदिवासियों की भलाई के बारे में कभी नहीं सोचा। श्री बेंजाम ने कहा कि जो दल और नेता आदिवासियों की उपेक्षा करते हैं, वे कभी सत्ता में नहीं आ सकते। श्री बेंजाम के इस वक्तव्य से कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और लोग भूपेश बघेल, सांसद दीपक बैज एवं विधायक राजमन बेंजाम जिंदाबाद के नारे लगाने लगे।कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

मनाया गया माटकसा के दोनों स्कूलों का संयुक्त प्रवेश उत्सव

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  • समारोह में पदोन्नत शिक्षक शंकर साहू का किया गया सम्मान भी

अंबागढ़ चौकी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शासकीय प्राथमिक शाला व माध्यमिक शाला माटकसा में संयुक्त रूप से शाला प्रवेश उत्सव तथा पदोन्नत शिक्षक शंकर साहू की विदाई एवं सम्मान में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष तेजकुंवर नेताम थीं। अध्यक्षता शेरपार की सरपंच खिलेश्वरी गुणेंद्र ने की। विशिष्ट अतिथि जिला सचिव कन्हैया सिंह राजपूत, उप सरपंच मनीराम नेताम, ईश्वरी मंडावी, दुर्गा बघेल, अनिता सहारे, पंच रमदसिया पुसरिया व गोरे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र की पूजा अर्चना कर किया। कक्षा पहली व छठवीं के नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत अतिथियों ने तिलक लगाकर एवं मुंह मीठा कराकर किया। पाठ्य पुस्तक एवं गणवेश का वितरण किया गया। मुख्य अतिथि श्रीमती नेताम ने नवप्रवेशी बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी और राज्य में बच्चों के अधिकारों से अवगत कराया। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, पर्यावरण संरक्षण, साफ सफाई व अन्य गतिविधियों में भी शामिल होने की प्रेरणा दी । कार्यक्रम को सरपंच खिलेश्वरी गुणेंद्र व कन्हैया राजपूत ने भी संबोधित किया।

शिक्षक शंकर साहू को दी बिदाई

प्राथमिक शाला माटकसा से पदोन्नत होकर माध्यमिक शाला शेरपार में पदास्थ होने पर शिक्षक शंकर साहू को मुख्य अतिथि श्रीमती नेताम, प्राथमिक व माध्यमिक शाला परिवार, ग्रामवासियों, महिला स्वसहायता समूह, मध्यान्ह भोजन स्व सहायता समूह द्वारा शाल, श्रीफल, पेन, डायरी, प्रतीक चिन्ह, काष्ठ प्रतिमा व अन्य सामग्री भेंटकर सम्मानित किया गया। ज्ञात हो कि शिक्षक शंकर साहू विगत 13 वर्षों से इसी शाला में सेवाएं दे रहे थे। इस दौरान यहां के बच्चों का शैक्षणिक स्तर बहुत अच्छा रहा तथा खेलकूद व अन्य गतिविधियों में भी बच्चों का उल्लेखनीय योगदान रहा। शिक्षक शंकर साहू का व्यवहार शिक्षकों, बच्चों तथा ग्रामवासियों के साथ हमेशा सहयोगात्मक रहा। शंकर साहू की कार्यकुशलता व उनके उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए ग्रामवासियों ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की तथा ससम्मान विदाई दी। शंकर साहू ने शिक्षकों, ग्रामवासियों व स्कूली बच्चों को उनके सम्मान के लिए धन्यवाद ज्ञापित कर हमेशा उनके हर सुख-दुख में शामिल रहने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संकुल समन्वयक जेआर साहू, प्रधान पाठक अनिल कुमार रामटेके, प्रधान पाठक चंदन बिहरी कुशल कुमार हदगिया, शिक्षिका ज्योति उके, श्वेता नामदेव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती साहू, कंगला राम सोरी, बेदूराम कृषाण, बहुरसिंग गोटी, श्रीराम रावटे, नागसाय खरे, तिहारु राम सोरी, मनराखन गोटी, सदाराम कोरेटी, मंगलू राम गोटी, संत्री बाई सोरी, जैन बाई कृषाण, कमला बाई कुमेटी, मोतिन बाई खड़हा, महेंद्र कुमार गोटी, मुरहा राम सोरी, मुरहा राम नेताम, सहित काफी संख्या में ग्रामवासी व स्कूली बच्चे, विद्यालय के पूर्व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन प्रधान पाठक अनिल कुमार रामटेके ने व आभार प्रदर्शन संकुल समन्वयक जेआर साहू ने किया।

नहीं हटाए जाएंगे डीएमएफटी मद से नियुक्त स्वास्थ्य कर्मी

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  • सीएमएचओ ने सिविल सर्जन और बीएमओ को जारी किया आदेश

जगदलपुर जिला चिकित्सालय और जिले के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत जिला खनिज संस्थान न्यास ( डीएमएफटी ) मद के स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाएं यथावत जारी रहेंगी। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने आदेश जारी कर दिया है। ज्ञात हो कि सबसे पहले स्व. बलिराम कश्यप मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल जगदलपुर प्रबंधन ने अपनी संस्था में कार्यरत डीएमएफटी मद के सभी कर्मियों की सेवाएं 1 जुलाई से समाप्त कर उन्हें काम से निकाल दिया था। इसके बाद जिला चिकित्सालय जगदलपुर और जिले के बकावंड, बस्तर, तोकापाल, नानगुर, लोहंडीगुड़ा, दरभा, बड़े किलेपाल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी कार्यरत डीएमएफटी मद के स्वास्थ्य कर्मियों को हटाने का आदेश जारी कर दिया गया था। इस विभागीय फैसले का छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने कड़ा विरोध किया था। संघ के उप प्रांताध्यक्ष एवं बस्तर जिला अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह परिहार ने कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इन कर्मियों को न हटाने की गुजारिश की थी। श्री परिहार ने कहा था कि नौकरी छीन ली जाने से इन कर्मियों के परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट पैदा हो जाएगा, रोटी के लाले पड़ जाएंगे और उनके बच्चों की पढ़ाई छूट जाएगी। जिला प्रशासन तथा मुख्य चिकित्सा एवं जिला चिकित्सा अधिकारी ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए कर्मचारियों को हटाने का फैसला वापस ले लिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चतुर्वेदी ने इस संबंध में जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन एवं अधीक्षक तथा सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों को आदेश जारी कर कहा है कि डीएमएफटी मद के कर्मियों को कार्य पर यथावत रखा जाए। इससे कर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इन कर्मियों ने कलेक्टर, जिला पंचायत के सीईओ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा छ्ग स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के उप प्रांताध्यक्ष व जिला अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह परिहार के प्रति आभार व्यक्त किया है। वहीं अजय प्रताप सिंह परिहार ने कहा है कि वे कर्मचारी हित में सदैव आवाज उठाते रहेंगे।

और अब ओम नमः शिवाय, कोई तो काम आए

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(अर्जुन झा)

रायपुर छत्तीसगढ़ की भाजपा राजनीति को सिरे चढ़ाने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, पंचायत मंत्री गिरिराज सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पसीना बहा रहे हैं लेकिन भाजपा को इतने में संतुष्टि नहीं मिल रही। एक कहावत बहुत प्रचलित है कि चोर चोरी से जाए, हेराफेरी से न जाये। इसका आशय यह है कि आचार विचार बदला नहीं करते। जिसके स्वभाव में जो होता है, वह उससे परे नहीं हो सकता। ऐसे ही राजनीति में जिस पार्टी का जो आचरण है, वह एकदम से नहीं बदल सकता।कांग्रेस पर भाजपा तुष्टिकरण का आरोप लगाती है तो कांग्रेस उस पर साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की तोहमत लगाती है। कांग्रेस कहती है कि भाजपा राजनीति में भगवान राम और बजरंगबली के नाम से स्वार्थ सिद्ध करने की फिराक में रहती है तो भाजपा कहती है कि हिंदू वोट बैंक के लिए राहुल गांधी शिवभक्त बन जाते हैं, जनेऊधारी ब्राम्हण बन जाते हैं। कांग्रेस भी जवाब देने में देर नहीं करती कि प्रधानमंत्री मोदी मस्जिद पहुंच जाते हैं। अब बात तुष्टिकरण की हो अथवा संतुष्टिकरण की हो, धर्मांतरण की हो या धर्मावतरण की हो, राजनीति अपनी लीक पर चलती रही है और चलती रहेगी। मौजूदा समय के हिसाब से देखें तो कर्नाटक चुनाव में भगवान राम और हनुमानजी का आशीर्वाद भाजपा को नहीं मिला। अब छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में चार माह बाद चुनाव होने हैं। तीनों ही राज्यों में धार्मिक अनुष्ठान काफी मायने रखते हैं।छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार ने राष्ट्रीय रामायण महोत्सव कराकर भाजपा की धड़कन तेज कर दी है। तब सूत्र बता रहे हैं कि भाजपा के रणनीतिकारों ने इस बार भोलेनाथ की शरण लेने का टास्क अपने विस्तारकों के जरिये कार्यकर्ताओं तथा विचार परिवार के लोगों को दिया है। सावन मास शुरू हो गया है। इस बार सावन दो मास का रहेगा। छत्तीसगढ़ धार्मिक चेतना से ओतप्रोत राज्य है। यहां की संस्कृति में राम- कृष्ण- महादेव की त्रिवेणी बहती है। छत्तीसगढ़ में हर शहर, गांव, गली मोहल्ले, टोले, मजरे में शिवालय हैं। यहां की राजनीति में महादेव शिव शंकर की एंट्री हो रही है। सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ के सभी शिव मंदिर , पुजारी, पुजारी और शिवालयों से जुड़ी समितियों के सदस्यों की सूची मंगाई जा रही है। मतलब भाजपा इस बार भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने की योजना बना रही है। एक विख्यात कथा वाचक प्रदीप मिश्र के शिव महिमा वाचन के बाद छत्तीसगढ़ में शिवलिंग स्थापना की होड़ मच गई है। यहां पहले से ही शिव भक्तों की कोई कमी नहीं है। अब शिव चर्चा के माध्यम से इसका फायदा चुनाव में लेने शिवालयों पर भाजपा सुनियोजित तरीके से सक्रिय हो रही है। कितना फायदा मिलेगा, यह तो भोलेनाथ ही जानें लेकिन छत्तीसगढ़ में धर्म आधारित राजनीति का विस्तार साफ दिख रहा है। रामायण महोत्सव कराने वाले अब कृष्ण लीला की तरफ बढ़ गए तो मुकाबला बेहद रोचक हो सकता है।

बीजापुर के इसुलनार के जंगलों में नक्सली – पुलिस में मुठभेड़

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  • सुरक्षा बलों ने ध्वस्त कर दिया माओवादियों द्वारा बनाया गया कैंप
  • 3-4 नक्सलियों के मारे जाने की संभावना जताई पुलिस ने
  • मुठभेड़ के बाद भागे नक्सली, मौके से विस्फोटक व सामग्री बरामद

बीजापुर बीजापुर थाना क्षेत्र के ग्राम इसुलनार के जंगल में नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच मंगलवार को सुबह मुठभेड़ हो गई। इसमें तीन – चार नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। सुरक्षा बलों ने नक्सली कैंप को ध्वस्त कर घटना स्थल से विस्फोटक, नक्सली साहित्य व अन्य सामान बरामद किए हैं।प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन की कंपनी नंबर 2 के कमांडर वेल्ला मोड़ियाम, डिवीजन मिलिट्री इंचार्ज राहुल तेलम, गंगालूर एसी सचिव दिनेश मोड़ियम, डीव्हीसीएम भास्कर, एसीएम वर्गीस एवं 40-50 सशस्त्र माओवादियों की उपस्थिति की सूचना पर मंगलवार सुबह संयुक्त बल सर्चिंग के लिए रवाना हुआ था। इसी दौरान इसुलनार के जंगलों में घात लगाए बैठे नक्सलियों ने पुलिस पार्टी पर स्वचालित हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस पार्टी ने आत्मरक्षार्थ सुरक्षित आड़ लेकर जवाबी कार्यवाही की।पुलिस के बढ़ते दबाव से माओवादियों के हौसले पस्त हो गए और वे कैम्प छोड़कर भाग खड़े हुए। फायरिंग रूकने के बाद मौके पर सर्चिंग की कार्यवाही की गई। सर्चिंग में एक नग टिफिन बम, 20 मीटर कार्डेक्स वायर, 15 मीटर फ्यूज वायर, 4 डेटोनेटर, 8नग जिलेटिन, 12 नग बैटरी 12, सोलर प्लेट, पिटठू बैग मय मैगजीन पोच 2 नग, नक्सली साहित्य एवं दैनिक उपयोग की अन्य सामग्री बरामद की गई। घटनास्थल की जमीन, झाड़ियों एवं पत्तों पर खून के धब्बे एवं आसपास घसीटने के निशान मिले हैं। इसके आधार पर 3-4 माओवादियों के मारे जाने व घायल होने की प्रबल संभावना है।

सीआरपीएफ की नौकरी करने पर परिवारों को छोड़ना पड़ा गांव

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  • नक्सलियों के फरमान से डरे दो परिवार दूसरे गांव में बस गए
  • सुरक्षा बल ज्वाईन किए आदिवासी युवाओं के परिवारों पर ज्यादती

बीजापुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में दो आदिवासी परिवारों को नक्सलियों ने महज इसलिए गांव, घर और खेती बाड़ी छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया, क्योंकि इन परिवारों के दो युवकों ने सीआरपीएफ की नौकरी ज्वाईन कर ली है। डरे सहमे ये परिवार अन्य गांव में जाकर ठौर तलाश रहे हैं। बीजापुर जिले के कुटरू थाना क्षेत्र के ग्राम दरभा गांव के दो आदिवासी परिवारों को नक्सलियों द्वारा गांव छोड़ने का फरमान जारी किए जाने के बाद ये परिवार दंतेवाड़ा जिले के चिकनपाल में शरण लेने पहुंच गए हैं। इन परिवारों का कसूर सिर्फ इतना है कि उनके दो सदस्य सीआरपीएफ में भर्ती होकर प्रशिक्षण ले रहे हैं। जिले के कुटरू थाना क्षेत्र का दरभा नक्सल प्रभावित गांव है, जहां नक्सलियों की गहरी पैठ है। जानकारी के अनुसार नक्सलियों ने दरभा के दो परिवारों को अपना घर, गांव खेती बाड़ी छोड़़कर जाने के लिए मजबूर कर दिया है। दोनों परिवारों के 11 सदस्य घर का सारा सामान समेटकर एक वाहन से चिकनपाल चले गए हैं, जहां वे सुरक्षित स्थान की तलाश कर रहे हैं। ये दोनों परिवार आदिवासी समुदाय के हैं और उनकी आजीविका खेती बाड़ी के भरोसे चलती है। उनके सामने सबसे बड़ी समस्या खेती बाड़ी छोड़ने की रही है, लेकिन जान बचाना भी जरूरी है। नक्सली फरमान नही मानते, तो जान से हाथ धोना भी पड़ जाता। इन‌ सब हालातों से मजबूर होकर इन परिवारों ने गांव छोड़ने का फैसला लिया है।

युवक को बंधक बनाकर दी वार्निंग

इस मामले में यह बात सामने आई है कि नक्सली परिवार के एक युवक को रस्सी से बांधकर जंगल की तरफ ले गए थे, जहां उसे परिवार सहित गांव छोड़ने व खेती-बाड़ी नही करने की हिदायत दी गई। इस फरमान के बाद दोनों परिवारों के लोग बारिश के मौसम में किन हालातों के बीच कैसे गुजर बसर करेंगे, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार की रात 30- 35 हथियारबंद नक्सली रंजीत कुंजाम के बड़े भाई को बंधक बनाकर ले जंगल ले गए। जंगल में मीटिंग कर गांव छोड़ने कहा गया और खेती-बाड़ी नहीं करने की हिदायत दी गई। नक्सलियों की चेतावनी के बाद कुंजाम परिवार सामानों के साथ जान बचाने के लिए गांव छोड़ गए।

पत्नी को पति की नौकरी की खबर नहीं

सूत्रों ने बताया कि दोनों परिवारों के करीब 11 सदस्य गांव छोड़कर चिकनपाल में बसने के लिए निकल गए हैं। दोनों परिवार दो पिकअप वाहनों पर सामान लादकर गांव से निकले। बताया गया है कि वे दंतेवाड़ा के नकुलनार के पास स्थित गांव चिकनपाल में अस्थाई बसेरा बनाने वाले हैं। जो दो युवक सीआरपीएफ में भर्ती हुए हैं उनमें से एक युवक की पत्नी को ही पति की नौकरी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उसने कहा कि मेरे पति सीआरपीएफ में कब भर्ती हुए मुझे भी नहीं मालूम। लेकिन बड़ी बात यह है कि माओवादियों को इसकी जानकारी हो गई थी।

वर्सन

इस संबंध में सूचना जरूर मिली है। दो परिवार गांव छोड़ गए हैं, लेकिन वे कोई कार्रवाई नहीं चाहते।

आलोक मिश्रा के नेतृत्व में 24 सूत्री मांगों को लेकर दिनांक 4 जुलाई 2023 से अनिश्चितकालीन आंदोलन का आह्वान

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छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांत अध्यक्ष आदरणीय आलोक मिश्रा के नेतृत्व में 24 सूत्री मांगों को लेकर दिनांक 4 जुलाई 2023 से अनिश्चितकालीन आंदोलन का आह्वान किया गया है जिस के समर्थन में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला बस्तर के सभी प्रकोष्ठो के अध्यक्ष, सभी ब्लॉक अध्यक्ष,समस्त नियमित कर्मचारी, अनियमित कर्मचारी, समस्त दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, समस्त डीएमएफटी कर्मचारी, मेडिकल कालेज डिमरापाल के समस्त कर्मचारी, समस्त आयुर्वेदिक विभाग कर्मचारियों के द्वारा मांगों के समर्थन में 4 जुलाई 2023 से अनिश्चितकालीन आंदोलन में उपस्थित होकर आंदोलन को सफल बनावे।समस्त कर्मचारियों से निवेदन है कि आंदोलन प्रांगण में सही समय पर उपस्थित होकर अपनी एकता का परिचय देवे।

मुख्यमंत्री से आरणयक ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने की मुलाक़ात की छप्पन भोग प्रसाद भेंट

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जगदलपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा व अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार के नेतृत्व मे बस्तर जिले के आरणयक ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट किया और मुख्यमंत्री श्री बघेल को पटका तथा गोंचा पर्व के दौरान भगवान जगरनाथ स्वामी को अर्पित छप्पनभोग प्रसाद भेंट किया। बस्तर जिले के आरणयक ब्राह्मण समाज ने गोंचा पर्व में छत्तीसगढ सरकार द्वारा किए गए सहयोग के लिए समाज की और से साधुवाद दिया गया और समाज भवन के लिए भूमि और राशि देने के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान चित्रकोट विधायक रजमान बेंजाम,अध्यक्ष ईश्वर खम्बारी, गोंचा समिति अध्यक्ष ललित पांडेय, गौरी प्रसाद मण्डल, गजेंद्र पानीग्राही, मुरली पानीग्राही, नरेंद्र पानीग्राही मौजूद थे। ज्ञात हो कि बस्तर के रियासत काल से आरणयक ब्राह्मण समाज जोकि 90 से अधिक गांव मे रहते हैं। अन्य समाजो के धार्मिक कर्मकांड उनसे से संपन्न होता हैं तथा वर्षों से भगवान विष्णु के अवतार भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथ यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराते आ रहे हैं।

भूपेश सरकार ने पंडरीपानी को दी बड़ी सौगात : अनिता पोयाम

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  • स्वामी आत्मानंद के आदर्शो पर चलें विद्यार्थी : योगेश पाणिग्रही

जगदलपुर पंडरीपानी की जनता, शाला प्रबंधन समिति के पदाधिकारी व सदस्यों तथा छात्र छात्राओं के लिए गर्व की बात है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पंडरीपानी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को स्वामी आत्मानंद हायर सेकंडरी स्कूल का दर्जा दिया है। इस स्कूल को सर्व सुविधायुक्त लाइब्रेरी की सौगात भी मुख्यमंत्री ने दी है, जिसका लाभ छात्र छात्राएं उठाएं उक्त उदगार जनपद अध्यक्ष अनिता पोयाम ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पंडरीपानी में आयोजित एक कार्यक्रम मे कही।

श्रीमती पोयाम ने छात्र छात्राओं से आगे कहा कि हमारी मां पढ़ी लिखी नहीं थी, फिर भी उन्होंने हमें पढ़ाया। उसी का सुफल कि मैं स्वयं, मेरे दोनों भाई बस्तर सांसद दीपक बैज व लोहंडीगुड़ा के जनपद उपाध्यक्ष योगेश बैज आज इस मुकाम पर पहुंच सके हैं। इसका हमें गर्व है। स्कूल परिवार और आपके माता पिता भी गौरवान्वित हों ऐसा पढ़ाई करते हुए कामयाबी हासिल करें। जनपद अध्यक्ष अनिता पोयाम ने जनपद पंचायत निधि से 50 हजार रूपए की कीमत का वाटर फिल्टर स्कूल को देने की घोषणा की। शाला प्रबंधन व विकास समिति अध्यक्ष योगेश पाणिग्रही ने कहा कि हमें स्वामी आत्मानंद व अन्य महापुरुषों के आदर्श पर चलने की जरुरत है, क्योंकि उन्होंने देशहित में कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। पाणिग्रही ने छात्र छात्राओं को अनुशासित रहने और स्कूल व माता पिता, अपने गुरुजनों का नाम रौशन करने की प्रेरणा दी। पाणिग्रही ने छात्र छात्राओं से कहा कि हम सब एक परिवार हैं और किसी से डरने की जरूरत नहीं है। शाला प्रबंधन समिति चाहती है कि छात्र छात्राओं से हमें भी अच्छी सिख मिले। प्राचार्या शीला सिंह ने स्कूल की गतिविधियों के बारे में बताया और पिछले सत्र में कक्षा 12 वीं में 93 प्रतिशत और कक्षा 10 वीं मे 83 प्रतिशत परीक्षा परिणाम आने की जानकारी दी। शाला की वरिष्ठ शिक्षिका सुलभा मिश्रा ने अतिथियों, स्कूल परिवार, छात्र छात्राओं का आभार माना। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती, भारत माता व छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्रों की पूजा अर्चना कर की गई। पश्चात छात्र छात्राओं को पुस्तकों का वितरण किया गया। इस दौरान शाहिन शेख, सुलोचना भूआर्य, हेमलता शार्दुल, श्याम माली, रेखा नेगी, रेनी विनोद, आशीष दास, योगिता सिंह, सुषमा खुराना, कमला शर्मा, ममता खरे, लक्ष्मी ठाकुर, माया यदु, डॉ. दंतेश्वरी एस लक्ष्मी, मानता चौहान, पूजा कश्यप, कविता सिंह, नरेंद्र देवांगन मौजूद थे।

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