City Media - Page 804 of 1864 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 804

ईडी के डर से अनलोड नहीं कराई जा रही थीं शराब लदी गाड़ियां

0
  • छत्तीसगढ़ के शराब प्रेमियों को दो माह बाद अब जाकर राहत मिलेगी
  • दूसरे राज्यों से शराब लेकर आए ट्रक भनपुरी यार्ड में हो रहे खाली

अर्जुन झा

नगरनार छत्तीसगढ़ में ईडी के भय के चलते ही बाहर से आने वाली शराब का जायका यहां के मदिरा प्रेमियों को नहीं मिल पा रहा था। अब शराब प्रेमियों को इस संकट से एक दो दिन में ही छुटकारा मिल जाएगा। पसंदीदा ब्रांड की शराब की आपूर्ति सरकारी दुकानों में बहाल होने वाली है। दूसरे राज्यों से शराब लेकर पहुंचे ट्रक अब भनपुरी यार्ड में खाली होने लगे हैं। पिछले दो माह से छत्तीसगढ़ के सभी जिलों की शराब दुकानों में मध्यम और उच्च क्वालिटी की अंग्रेजी शराब तथा बीयर नहीं मिल रही थी। सिर्फ छत्तीसगढ़ में उत्पादित होने वाली अंग्रेजी शराब और बीयर को ही लोग मन मारकर खरीद रहे थे। इसकी वजह यह ईडी द्वारा राज्य के आबकारी विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों से की जा रही पूछताछ रही है। ईडी के भय के कारण तेलंगाना, महाराष्ट्र के मुंबई, मध्यप्रदेश के इंदौर, हिमाचल प्रदेश के जगजीत नगर, पंजाब, पांडिचेरी आदि राज्यों से जो शराब की गाड़ियां आई थीं, वे सभी गाड़ियां भनपुरी के शराब यार्ड में पिछले दो माह से खड़ी थीं। ट्रकों से माल न तो उतारा जा रहा था और न ही उसे गोडाउन में रखवाने की हिम्मत यहां के अधिकारी जुटा पा रहे थे।*बॉक्स**’डर’ ने लगाई ठेकेदारों को ढाई करोड़ की चपत* छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग द्वारा जिन चार ठेकेदारों को शराब खरीदने और राज्य में उसकी आपूर्ति करने का ठेका दिया गया था, उन्हें भी काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था। सूत्र बताते हैं कि इन ठेकेदारों को प्रतिदिन एक गाड़ी भाड़ा तीन हजार रु. प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करना पड़ रहा था। आबकारी विभाग से जुड़े लोगों ने जो जानकारी दी है कि पिछले दो माह से 125 गाड़ियां भनपुरी में गोडाउन के बाहर खड़ी थीं। इस लिहाज से ठेकेदारों को खड़ी गाड़ियों का प्रतिदिन लगभग चार लाख रु. का भाड़ा वहन करना पड़ रहा था। दो माह में इन बड़े ठेकेदारों को लगभग ढाई करोड़ की चपत ईडी के डर की वजह से लग चुकी है।आज 29 अप्रैल से गोदाम में माल उतरना प्रारंभ हुआ है।*बॉक्स**प्लेसमेंट एजेंसी को भी हुई बड़ी क्षति*सूत्र बताते हैं कि बाहर से आई शराब और बीयर का वितरण 3 – 4 दिनों में प्रदेश के जिलों की शराब दुकानों में शुरू हो जाएगा। प्लेसमेंट एजेंसी भी काफी परेशान थी। इस एजेंसी को भी इन दो महिनों में बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। सूत्रों ने बताया कि विभाग को हर शराब दुकान में दो काउंटर रखने पड़ते हैं। एक काउंटर सरकार के राजस्व के लिए और दूसरा काउंटर कथित ‘अदृश्य शक्ति’ के राजस्व के लिए। इस तरह हर दुकान में न्यूनतम चार कर्मचारी कार्यरत होते हैं, जिनके वेतन और दीगर खर्चो पर बड़ी रकम जाया हुई है। सरकार और कथित अदृश्य शक्ति को भी राजस्व की क्षति पहुंची है।

कलेक्टर चंदन कुमार को शुभकामनाएं देते दी विदाई

0

जगदलपुर रविवार को बस्तर के निवर्तमान कलेक्टर चंदन कुमार को संसदीय सचिव व विधायक जगदलपुर रेखचंद जैन के साथ नगर निगम के पदाधिकारियों तथा पार्षदों ने उज्जवल भविष्य की मंगल कामना करते उन्हें बुके भेंटकर शुभकामनाएं देते विदाई दी। इस दौरान श्री जैन व अन्य ने चंदन कुमार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का स्मरण कर उन्हें अविस्मरणीय बताया। विधायक जैन के साथ नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, एमआइसी सदस्य उदयनाथ जेम्स, राजेश राय, सुशीला बघेल, पार्षद पंचराज सिंह, बलराम यादव, सूर्या पाणि, कमलेश पाठक, कोमल सेना, लता निषाद, सुखराम नाग, कांग्रेस नेत्री एस नीला आदि मौजूद थे।

श्रमिकों के पसीने से ही तैयार होती है संयंत्रों की बुनियाद : जैन

0
  • मेहनतकशों के सम्मान में बोरे बासी खाई संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने
  • विश्व मजदूर दिवस के कार्यक्रमों में शामिल हुए जगदलपुर के विधायक

जगदलपुर राज्य शासन के श्रम एवं नगरीय प्रशासन विभाग के संसदीय सचिव तथा जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन ने मजदूर दिवस के मौके पर बोरे बासी समस्त जनों से मेहनतकशों के सम्मान में बोरे बासी खाकर श्रमिकों का सम्मान किया। संसदीय सचिव श्री जैन सोमवार को श्रमिक दिवस पर अपने निवास में अपनी धर्मपत्नी संगीता जैन और बच्चों के साथ बोरे बासी का सेवन किया। इसके बाद जैन शहर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर जैन ने कहा कि बोरे बासी न केवल स्वास्थ्य के लिहाज से अनुकूल है, बल्कि इसके सेवन से हमारे छत्तीसगढ की सदियों पुरानी खान पान की संस्कृति भी संरक्षित होती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2022 में राज्य में एक मई मजदूर दिवस को बोरे बासी दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था। तबसे छत्तीसगढ़ के अलावा देश विदेश में रह रहे भारत के नागरिक भी बोरे बासी के महत्व से परिचित हुए हैं। राज्यभर में व देश के अनेक राज्यों में तो बोरे बासी के सेवन का चलन बढ़ा ही है, सात समंदर पर दूसरे देशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों के साथ विदेशी नागरिक भी अब बोरे बासी खाने लगे हैं। श्रम विभाग के संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि चिलचिलाती धूप पड़ रही हो या घनघोर बारिश हो रही हो, या फिर सिहराती ठंड पड़ रही हो, हमारे छत्तीसगढ़ के मजदूर साथी बिना मौसम की परवाह किए दिनभर कठोर परिश्रम करते हैं। दोपहर के समय जब वे घर से लाई गई बोरे बासी को नून, गोंदली या अमारी व चेंच भाजी के साथ खाते हैं, तब उनकी सारी थकान काफूर हो जाती है। वे तरोताजा और ऊर्जा से भरपूर होकर फिर से हाड़तोड़ परिश्रम करने में जुट जाते हैं। संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मजदूरों की परिश्रम शक्ति का कोई मुकाबला नहीं है। हमारे राज्य की विशेष पहचान यहां के किसानों, कामगारों, घरेलू व खेतिहर श्रमिकों, राजमिस्त्रियों रेजाओं जैसे मेहनतकशों के दम पर बनी है। छत्तीसगढ़ के मजदूरों की मांग पूरी दुनिया में है। छोटे मोटे कल कारखानों से लेकर विशालकाय संयंत्रों की पूर्ण रूप से स्थापना मजदूरों के श्रम के बिना संभव ही नहीं है। हमारे मजदूर भाई बहनों की मेहनत को पूरी दुनिया सलाम करती है और छत्तीसगढ़ के मजदूरों की डिमांड समूची दुनिया के देशों में है।इन श्रमवीरों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का बोरे बासी दिवस एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए समस्त बस्तरवासियों को हर साल बोरे- बासी दिवस मनाना और अपने नित्य के खानपान में बासी को जरूर शामिल करना चाहिए।

राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान बेमौसम बारिश से अरमुरकसा के ग्रामीणों के घरों में घुसा पानी, रात जागकर गुजारनी पड़ीं।

0

दल्लीराजहरा नेशनल हाइवे सड़क निर्माण कार्य अरमुरकसा के ग्रामीणों का बना जी का जंजाल सड़क निर्माण होने उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है सड़क निर्माण के दौरान खोदे गए गड्ढे वह ऊंची सड़क के कारण अचानक हुई बारिश से लोगो के घरों में पानी घुस गया है ग्राम पंचायत अरमुरकसा के लोगो के लिए ये आफत की बारिश हो गई है । रात भर पानी भरने के कारण सड़क के किनारे रहने वाले ग्रामीण घर पर सो नहीं सके लोग अपने घरों से रात भर पानी निकालने वह अपने समान मकान को बचाने में में लगे रहे वहीं दूसरी ओर सांप बिच्छू की भी घर मे न घुस जाएं इसकी चिंता होती रही क्षेत्र के जनपद सदस्य संजय बैंस मौके पर पहुंचकर लोगो के मदद के लिए स्वयं अपने साथियों के साथ पानी को बाहर निकालने के लिए भीड़ गए जनपद सदस्य संजय बैंस ने ने बताया की मैं नेशनल हाइवे के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया था की अरमुरकसा की सड़क बस्ती से ऊंचा हो गया है पानी निकलने के लिए कोई रास्ता नहीं है नाली निर्माण करना बहुत आवश्यक है पर ध्यान नहीं दिए जिसका परिणाम पूरे अरमुरकसा के लोगो को परेशानी हो ररही है संजय बैंस ने कहा की नेशनल हाइवे के अधिकारी और ठेकेदार को सिर्फ अपनी सड़क बनाने से मतलब है लोगो के समस्याओं से कोई मतलब नहीं है नेशनल हाइवे के लोग यथा शीघ्र निराकरण नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दिए है जनपद सदस्य संजय बैंस के साथ सरपंच सरोज बाई मनीष जेठवानी एवम ग्राम वासी चैन सिंग पुरुषोत्तम गंगदेव पतिराम संतानु स्वरूप प्रेम दयाल आशो बाई सावन बाई ने तत्काल व्यवस्था को सुधारने की प्रशासन से गुहार लगाई।

विगत दिनों रैली में घायल एन.एस.यू.आई. के साथी से मिलने अस्पताल पहुंचे युवा कांग्रेस प्रभारी यासीन मेमन

0

जगदलपुर 29/04/23 बस्तर जिला युवा कांग्रेस की संभाग स्तरीय बैठक उपरांत जगदलपुर शहर जिला युवा कांग्रेस प्रभारी यासीन मेमन ने विगत दिनों रैली में घायल एन.एस.यू.आई के साथी से दंतेश्वरी ट्रामा सेन्टर में पहुंच मुलाकात की और उनका हालचाल जाना इस दौरान उनके साथ शहर जिला युवा कांग्रेस की टीम भी मौजूद रही। मेमन ने घायल साथी के परिवारजनों से मुलाकात कर आर्थिक रूप से मदत की साथ ही आगे भी हर संभव मदद करने का आश्वासन भी दिया…इस दौरान युवा कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष अजय बिसाई,उपाध्यक्ष संदीप दास,सायमा अशरफ,महासचिव अनुराग महतो,गौरव अयंगर,दीपक सिंह, एन एस यू आई जिला अध्यक्ष नीलम कश्यप सहित अन्य पदाधिकारी एलगण मौजूद रहे।

बीएसपी कर्मचारियों के घर पर गिरे पेड़ को विगत 08 दिन से नहीं हटवा रही नगर प्रशासन विभाग, सांसद प्रतिनिधि मुश्ताक अहमद

0

सांसद प्रतिनिधि मुश्ताक अहमद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि विगत दिनों हुए प्राकृतिक आपदा से नगरवासियों का पूरा जीवन अस्त-व्यस्त होकर रह गया था बिजली गुल थी पर नगरवासियों ने संयम बनाकर रखा हुआ था उन्हें पता था कि ईस तरह की आपदा किसी के नियंत्रण में नहीं होती है और इस आपदा से निपटने में जिस तत्परता के साथ बीएसपी के विद्युत विभाग ने किया है वह काबिले तारीफ है और लगातार काम करके नगर को फिर से रौशन किया है जो एक चुनौती थी और उसमें ये सफल रहे, ईस पुरे अभियान में जितने भी लोग शामिल रहे हो चाहे वो किसी भी विभाग के हो मगर सबने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य किया है और उसी का परिणाम है कि सभी नगरवासियों को फिर से विद्युत आपूर्ति शुरू हो सकी है। हम सभी का धन्यवाद करते हैं।और ईन श्रमवीरो को सलाम करते हैं।आज कि स्थिति में सबकुछ सामान्य हो चुका है।सारे नगर के लोग वापस अपने दिनचर्या में लौट चुके हैं शिवाय वार्ड क्रमांक 01 के क्वार्टर नंबर 306/A और B में निवासरत नियमित कर्मचारी प्राण सिंह मरकाम और स्वर्गीय बुधराम का परिवार, ईनके मकान में जिस दिन आंधी तूफान आया था वर्षों पुराना पीपल का बड़ा पेड़ गिर गया था और ईनके मकान को पूरी तरह चपेटे में ले लिया था और स्थिति ऐसी है कि कोई अंदर आ नहीं सकता और कोई अंदर जा नहीं सकता। पेड़ को हटाने के लिए घरवालों और मोहल्ले वालों ने महाप्रबंधक नगर प्रशासन व्ही के श्रीवास्तव से अनुरोध किया और कहा हम बीएसपी कर्मियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी हमारी कंपनी की है और ईन सब विषम परिस्थितियों में नगर प्रशासन विभाग को हमारे समस्याओं का समाधान करना चाहिए मगर महाप्रबंधक नगर प्रशासन द्वारा आज 08 दिन बीतने के बाद भी किसी प्रकार की कार्यवाही का न करना बहुत ही खेदजनक है। जब 5 दिन बीतने के बाद भी महाप्रबंधक नगर प्रशासन द्वारा किसी प्रकार का सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो मोहल्ले वालों और वार्ड क्रमांक 01 की पार्षद ने आपस में चंदा करके उस गिरे पेड़ को हटाने के लिए निजी श्रमिकों से बात किया और उन्होंने कार्य भी प्रारंभ किया मगर अचानक उन्होंने ईसे बीएसपी का क्षेत्र है यह कार्य बीएसपी करेगी अगर हम करेंगे तो बीएसपी से अनुमति लेनी होगी ऐसा बोलकर वह लोग भी बिना उस पेड़ को हटाये चलें गये और आज 08 दिन से वो दो परिवार बहुत मुश्किल से रह रहे हैं और महाप्रबंधक नगर प्रशासन को किसी भी तरह की चिंता नहीं है। ईस बीच पीड़ित परिवार और मोहल्ले वालों ने बताया कि हम बहुत बार महाप्रबंधक नगर प्रशासन से मिलकर निवेदन कर चुके हैं मगर उनके द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की जा रही है। सांसद प्रतिनिधि मुश्ताक अहमद ने पीड़ित परिवार और मोहल्ले वालों को आश्वस्त किया कि अगर महाप्रबंधक नगर प्रशासन द्वारा तत्काल गिरे हुए पेड़ को नहीं हटाया जाता है तो नगर प्रशासन विभाग का घेराव किया जायेगा और उनसे सवाल किया जायेगा कि अगर ऐसी स्थिति उनके मकान की होती तो तब ऐसी स्थिति रहती क्या,आज चूंकि पीड़ित परिवार बीएसपी का एक सामान्य कर्मचारी हैं इसलिए ईस तरह का बर्ताव किया जा रहा है जोकि कहीं से भी न्याय संगत नहीं और बहुत ही निंदनीय है।मुश्ताक अहमदसांसद प्रतिनिधि

कायस्थों की कलम और दिमाग की कोई सानी नहीं : दीपक बैज

0
  • भगवान चित्रगुप्त के प्रकटोत्सव में शामिल हुए बस्तर के सांसद बैज
  • समाज के लोगों ने बाईक रैली निकालकर दिया शिक्षा का संदेश

जगदलपुर कायस्थ समाज के लोगों ने यहां लालबाग स्थित चित्रांश भवन में अपने इष्टदेव भगवान चित्रगुप्त का प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया। समाज के लोगों ने नगर में बाईक रैली निकालकर जनमानस को सामाजिक बुराइयों के खिलाफ और शिक्षा का संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बस्तर के सांसद दीपक बैज थे।सांसद दीपक बैज भगवान चित्रगुप्त की पूजा अर्चना कर बस्तर एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना की। समाज के बच्चों ने गायन, रंगोली, चित्रकला, नृत्य आदि विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

सायं 5 बजे समाज के सदस्यों ने बाईक रैली निकाली।रैली में 300 महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने भाग लिया। बाईक रैली में शामिल लोग हाथों में पीले ध्वज लिए हुए थे। ध्वज ने सोने पे सुहागा का काम किया। रैली के दौरान निरंतर डीजे से भजनों का प्रसारण हो रहा था। रैली चित्रगुप्त मंदिर से प्रारंभ होकर जयस्तंभ चौक, सिरासर चौक, दंतेश्वरी चौक, गुरुनानक चौक, हनुमान चौक, चांदनी चौक, शहीद पार्क चौक, निर्मल विद्यालय चौक होती हुई चित्रगुप्त मंदिर में समाप्त हुई। संध्या 7 बजे की विशेष महाआरती में बस्तर के सांसद दीपक बैज शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बैज ने समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी भगवान चित्रगुप्त के अंश हैं और बस्तर के विकास में कायस्थ समाज का सदैव विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा की यमराज देवता तो बाद में आते हैं, उनसे पहले भगवान चित्रगुप्त ही सबका लेखा जोखा तैयार कर लेते हैं। कायस्थों के बिना देश और समूचा मानव समाज कदापि आगे नहीं बढ़ सकता। बैज ने कहा कि कायस्थों की कलम एवं दिमाग की कोई सानी नहीं है। प्रत्येक कार्यालय में महज एक कायस्थ कर्मी कार्यरत हो, तो उस कार्यालय में हर व्यक्ति का कार्य ईमानदारी से होता है। उन्होंने कहा कि देश की दिशा और दशा कायस्थों के कंधों पर ही टिका रहता है।

याद किया लाला जगदलपुरी को

बस्तर के महान कवि लाला जगदलपुरी को याद करते हुए सांसद दीपक बैज ने कहा कि लालाजी कायस्थ समाज ही नहीं, वरन समूचे बस्तर एवं छत्तीसगढ़ के गौरव थे। वे सदैव अमर रहेंगे। उन्होंने अपनी कलम से बस्तर और छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। इस अवसर पर सांसद बैज के साथ सुशील मौर्य तथा कायस्थ समाज के अध्यक्ष अर्जुन श्रीवास्तव, सचिव गजेंद्र श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव, सहसचिव अजय श्रीवास्तव, राजनारायण श्रीवास्तव, ओमप्रकाश श्रीवस्तान, सुरेश दलाई, नरेश दलाई, आदर्श दलाई, राजू श्रीवास्तव, संस्कार श्रीवास्तव ,दिनेश श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

ईडी की छापेमारी के साईड इफेक्ट बस्तर के शराब प्रेमियों पर

0
  • नहीं चढ़ता बस्तर की सरकारी दुकानों में बिक रही शराब का नशा
  • अच्छी क्वालिटी की शराब के लिए ओड़िशा तक दौड़ लगाते हैं शराबी

अर्जुन झा

जगदलपुर केंद्र सरकार की एजेंसी ईडी द्वारा की गई छापेमारी बस्तर संभाग के शराब प्रेमियों पर भारी पड़ती दिख रही है। छापे की कार्रवाई के बाद से संभाग की सरकारी दुकानों में बेची जा रही शराब का असर बहुत ही कम हो गया है। इस शराब का नशा नहीं चढ़ता और मदिरा प्रेमियों को कड़क नशा देने वाली शराब के लिए ओड़िशा तक की दौड़ लगानी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर इसका बेजा फायदा शराब तस्कर उठाने लगे हैं। बस्तर और शराब के बीच सदियों से पुराना नाता रहा है। शराब को खासकर आदिवासी समुदाय के लोगों के जीवन का अनिवार्य हिस्सा माना जाता रहा है। जन्म से लेकर मृत्यु तक हर संस्कार और यहां तक कि पूजा पाठ में भी शराब के बिना पूर्ण नहीं माने जाते। यही वजह है कि सरकार ने भी आदिवासियों को निजी जरूरतों के लिए एक तय मात्रा में शराब बनाने की छूट दे रखी है। बस्तर संभाग के हाट बाजारों में भी महुआ शराब बेची जाती है। इसके साथ ही बस्तर संभाग में पचासों सरकारी शराब दुकानें भी संचालित हैं। संभाग की सरकारी दुकानों में बिक रही शराब कुछ अरसे से यहां के मदिरा प्रेमियों को रास नहीं आ रही है। इसकी वजह है इस शराब का कम असरकारक होना है। मदिराप्रेमी बताते हैं कि सरकारी दुकानों की शराब पीने से पहले जैसा नशा नहीं चढ़ता। एक पौव्वा पीकर मस्त हो जाने वाले लोग पूरी बोतल गटक जाते हैं, तब भी उन्हें नशा नहीं चढ़ता। यहां की सरकारी दुकानों से खरीद कर शराब पीने को लोग अब पैसे की बर्बादी मानने लगे हैं। आलम यह है कि जो लोग बिना शराब सेवन किए रह नहीं पाते, वे लोग अब अपनी लत पूरी करने के लिए पड़ोसी राज्य ओड़िशा की वैध शराब दुकानों और अवैध दारू अड्डों तक की दौड़ लगाने लगे हैं। वहां उन्हें कम पैसों में ज्यादा नशा देने वाली शराब मिल जाती है। लोग मोटर साईकिलों और दीगर साधनों से बस्तर संभाग के बकावंड ब्लॉक की सीमा से लगे ओड़िशा की शराब दुकानों तक जाकर वहां से अपनी जरूरत के मुताबिक शराब खरीद लाते हैं। मगर इसके लिए उन्हें समय जरूर जाया करना पड़ता है। सूत्र बताते हैं कि प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) द्वारा पिछले दिनों राजधानी रायपुर में आबकारी विभाग के अफसरों के ठिकानों और कुछ दफ्तरों पर छापेमारी की गई थी। इसके बाद से ही बस्तर संभाग की सरकारी दुकानों की शराब भी आश्चर्यजनक ढंग से बेजान हो चली है। छापे की कार्रवाई के बाद से यहां की सरकारी दुकानों में बिकने वाली देसी, मसाला और अंग्रेजी शराब की गुणवत्ता में काफी गिरावट आ गई है। शराब इस कद्र घटिया स्तर की होती है कि कितनी भी पी जाएं, लेकिन सुरूर नजर ही नहीं आता। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि ईडी के छापों का साइड इफेक्ट बस्तर संभाग के शराब प्रेमियों पर पड़ रहा है। दरअसल उत्पादन प्रभावित होने से जिले में शराब की सप्लाई कम हुई है। खासतौर पर कई लोकप्रिय ब्रांड की शराब सरकारी दुकानों में उपलब्ध नहीं है। अंग्रेजी दुकानों में केवल सस्ती गोवा ब्रांड शराब ही मिल रही है। ऐसे में मदिरा के शौकीन ओडिशा तक जाने मजबूर हो रहे हैं।*बॉक्स**कुख्यात तस्कर की पौ बारह*इस प्रकार की परेशानी मदिरा प्रेमियों को पूरे बस्तर संभाग में हो रही है। सरकारी शराब दुकान में अच्छी मदिरा नहीं मिलने का नाजायज फायदा शराब तस्कर उठा रहे हैं। ये तस्कर छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ ही दूसरे राज्यों से तस्करी कर लाई गई शराब को बस्तर में खपाने लगे हैं। इन तस्करों ने गांव – गांव और शहर – शहर में अपने कोचिए नियुक्त कर रखे हैं, जिनके माध्यम से वे तस्करी कर लाई गई शराब को आसानी से बिकवा कर मोटी कमाई कर रहे हैं। इस मामले में बस्तर संभाग के बीजापुर के एक कुख्यात शराब तस्कर का नाम सबसे आगे चल रहा है। जानकार बताते हैं कि बीजापुर का यह तस्कर मध्यप्रदेश और हरियाणा से तस्करी कर बड़े पैमाने पर बस्तर में अवैध शराब बस्तर संभाग में खपा रहा है। यह तस्कर अपने कोचियों के माध्यम से शराब की बिक्री करवा रहा है।

किराड़ समाज की बेटी पूर्व मेयर विभा पटेल ने की सांसद फूलोदेवी से भेंट

0
  • श्रीमती नेताम को विभा ने दी सामाजिक स्थिति की जानकारी

डौंडीलोहारा छत्तीसगढ़ प्रदेश किराड़ समाज के वार्षिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भोपाल नगर निगम की पूर्व मेयर तथा मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल ने प्रदेश किराड़ समाज के अध्यक्ष जयेश ठाकुर के साथ राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर ऊर्जा विकास निगम के चीफ इंजीनियर भुवनेश पटेल, इंदिरागांधी कृषि विश्वविद्यालय के डीन एमपी ठाकुर सहित पदाधिकारी अन्य उपस्थित थे। पूर्व मेयर विभा पटेल ने राज्यसभा सदस्य फूलोदेवी नेताम को किराड़ समाज की सामाजिक स्थिति, संस्कृति और परंपराओं के साथ ही छत्तीसगढ़ प्रदेश के अलग-अलग जिलों में किराड़ समाज की आबादी की जानकारी दी तथा आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ में रहने वाले किराड़ समाज के लोगो को मूलभूत सुविधाएं तथा प्रदेश सरकार की योजनाओं का भी लाभ प्राप्त हो, इस दिशा में आवश्यक कार्यवाही करें। उन्होंने समाज के लोगों के हितों की रक्षा करने की बात भी कही। इस अवसर पर विभा पटेल ने समाज के लोगों से मुलाकात कर प्रदेश की सामाजिक गतिविधियों के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की, प्रदेश किराड़ समाज की आवश्यकताओं को जाना तथा समाधान की दिशा में सहयोग करने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान समाज के प्रमुख लोगों में एमपी ठाकुर व केके ठाकुर रायपुर, सुशील महादुले भिलाई, श्याम सिंह ठाकुर दुर्ग, राजेश ठाकुर राजनांदगांव, रामनारायण ठाकुर डौंडी लोहारा, अरविंद झाड़े, सतीश झाड़े, मुरलीधर सूर्यवंशी, कृष्णकुमार गडेकर व प्रभुदास ठाकुर भिलाई, विजय ठाकुर दल्ली राजहरा, संतोष ठाकुर भिलाई, मितेश बद्रोंटे बलौदाबाजार, दिनेश चौहान रायपुर, मनोहर सूर्यवंशी भिलाई, हरिराम नरवरे भिलाई, विजयेंद्र रोंगरे व सुनील सूर्यवंशी दुर्ग, राजकुमार झापटे भिलाई, जयेश ठाकुर डौंडी लोहारा, लखन लाल सूर्यवंशी, एसएस राजपूत व मनोज ठाकुर भिलाई, कृपाल सिंह बालोद, ओंकार पटेल छिंदवाड़ा, महेंद्र किरार राजनांदगांव, ईश्वरसिंह ठाकुर बालोद, निखिल लोहारे व महेश सूर्यवंशी भिलाई, पंकज चौरिया व मुकेश सूर्यवंशी रायपुर, प्रवीण ठाकुर बालोद, रितेश बद्रोंटे रायपुर, ईश्वर सिंह बालोद सहित अन्य उपस्थित थे।

कल बोरे बासी खाकर श्रम का सम्मान करेंगी मेयर सफीरा साहू

0

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों में बोरे बासी भी शामिल है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पिछले वर्ष से बोरे बासी के खानपान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1 मई को मजदूर दिवस के मौके पर बोरे बासी दिवस के रूप में मनाया गया था । इस भी वर्ष 1 मई सोमवार को महापौर सफीरा साहू के नेतृत्व में बोधघाट स्थित एसआरएलएम सेंटर में बोरे बासी दिवस का आयोजन किया जाएगा। महापौर श्रीमती साहू ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ का यह पारंपरिक व्यंजन है। विशेषकर गर्मी के दिनों में बोरे बासी खाकर घर से मजदूर भाई बहन काम पर जाते हैं। श्रमिक दिवस पर इस व्यंजन का स्वाद लेकर हम हमारे श्रम के प्रति सम्मान को कृतज्ञता व्यक्त करेंगे ।

MOST POPULAR

HOT NEWS