धर्म संस्कृति के रक्षा करने धर्मांतरण से बचना होगा- भंजदेव
भानपुरी– बस्तर विकासखंड के ग्राम बेसोली में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया प्रस्तावित राम मंदिर का भूमिपूजन बस्तर राजपरिवार सदस्य कमलचन्द भंजदेव व अध्यक्षता भाजपा प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने किया विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दीवान,भूषण गुप्ता,टिकेश्वरी मण्डावी उमाकांत कश्यप उपस्थित रहे। इस दौरान राजपरिवार सदस्य कमलचन्द भंजदेव ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में प्रत्येक गांव में राममंदिर का निर्माण होना चाहिए यह हमारे श्रद्धा का केंद्र है।धर्मांतरण के अराजक तत्व समाज मे विध्वंस कर रहे हैं आपस मे समाज को विभाजन कर रहे हैं इसलिए प्रत्येक व्यक्ति धर्मांतरण का विरोध करे जागरूक करें यह हमारी संस्कृति की रक्षा के लिये आवश्यक होगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केदार कश्यप ने कहा प्रत्येक हिन्दू जन के सहयोग से सभी के गिलहरी प्रयास से राम मंदिर निर्माण होगा मन्दिर निर्माण समिति के संरक्षक राजेश सागर व कमलेश दीवान ने बताया कि प्रस्तावित राम मंदिर का निर्माण भव्य रूप से समाज के सहयोग से होगा जिसका बजट लगभग 30 लाख रुपये होगा,समिति के सदस्यों ने निर्माण में सहयोग का अपील किया है।
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के मसले पर केंद्र सरकार को घेरा बस्तर के सांसद दीपक बैज ने
जगदलपुर बस्तर के कांग्रेस सांसद दीपक बैज ने एकबार फिर संसद में केंद्र सरकार को जमकर घेरा। इस दफे सांसद बैज ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति को लेकर न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच चल रहे टकराव जैसे हालात पर सवाल उठाए। इसके जवाब में कानून मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा कि खोजबीन सह चयन समिति जजों का पैनल तैयार कर भेजेगी, जिस पर कोलेजियम फैसला लेगी। लोकसभा में सांसद दीपक बैज ने भारत सरकार के न्याय मंत्री से सवाल पूछा कि क्या केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और सभी हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के प्रस्ताव को वापस भेज दिया है? अगर हां तो इसका ब्यौरा दिया जाए, जजों की नियुक्ति के मुद्दे को हल करने के लिए केंद्र सरकार ने क्या कदम उठाए हैं, कॉलेजियम के कार्यकरण और कार्यप्रणाली पर कोई आपत्ति जताई गई है, क्या सरकार जजों की नियुक्ति करने वाली समिति में केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधियों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है, यदि हां तो इस पर न्यायाधीशों की प्रतिक्रिया क्या है? इसके लिखित जवाब में विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा 18 प्रस्तावों पर पुनर्विचार करने कहा था। छह मामलों को एससीसी ने दोहराने का विनिश्चय किया है तथा सात मामलों पर हाईकोर्ट के कॉलेजियम से अद्यतन इनपुट मांगे हैं और पांच मामलों को उच्च न्यायालयों के पास भेजने का फैसला किया है। उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति भारतीय संविधान में की गई व्यवस्था के तहत सलाहकारी राय के अनुशरण में 1998 में तैयार किए गए प्रक्रिया ज्ञापन अधिकथित प्रक्रिया के तहत की जाती है।इसके तहत उच्च न्यायालयों में जजों की रिक्तियां होने के छह माह पूर्व पूर्व रिक्तियों को भरने का प्रस्ताव शुरू कर दिया जाना अपेक्षित है। सन 2021 में सुप्रीम कोर्ट में नौ और विभिन्न हाईकोर्ट में 120 न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई। इसी तरह 2022 में उच्चतम न्यायालय में तीन एवं उच्च न्यायालयों में 165 जजों की नियुक्ति की गईं हैं। विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से जारी जवाब में बताया गया है कि 1 फरवरी 2023 की स्थिति में 34 न्यायाधीशों की स्वीकृत पद संख्या में से उच्चतम न्यायालय में 27 न्यायाधीश कार्यरत हैं और हाल ही में उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम से सात रिक्तियों की सिफारिशें ग्रहण की गई हैं। इसी तरह उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की स्वीकृत पद संख्या 1108 है और वर्तमान में 775 न्यायाधीश कार्यरत हैं तथा न्यायाधीशों के 333 पद उच्च न्यायालयों में रिक्त हैं। इन रिक्तियों में से उच्च न्यायालय कॉलेजियम द्वारा सिफारिश किए गए 142 प्रस्ताव प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में हैं। 191 रिक्तियों की सिफारिशें उच्च न्यायालय कॉलेजियम से प्राप्त की जानी हैं। उच्च न्यायालयों में रिक्तियों को भरा जाना कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच की सतत, एकीकृत और समन्वयकारी प्रक्रिया है। केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर विभिन्न संवैधानिक प्राधिकारियों से परामर्श और अनुमोदन अपेक्षित है।विद्यमान रिक्तियों को भरने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया है। पदोन्नति, पदत्याग सेवनिवृत्ति आदि के कारण उच्च न्यायालयों में रिक्तियों के कारण हैं। उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की कॉलेजियम प्रणाली न्यायाधीशों की नियुक्ति को और भी पारदर्शी, व्यापक और जवाबदेह नियुक्ति तंत्र के साथ बदलने तथा अधिक वस्तुनिष्ठता लाने के लिए सरकार ने 2015 में संविधान संशोधन विधेयक और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम प्रभाव में लाया था। इन दोनों अधिनियमों को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई थी। उच्चतम न्यायालय ने दोनों अधिनियमों को असंवैधानिक और शून्य घोषित कर दिया था।विद्यमान कॉलेजियम प्रणाली को प्रवर्तनशील घोषित किया गया था। उच्चतम न्यायालय ने एनजेएसी रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि भारत सरकार भारत के मुख्य न्यायमूर्ति से परामर्श कर प्रक्रिया ज्ञापन को अंतिम रूप दे।
अय्यप्पा शरणम् के नारों से गूंज उठा विधायक कार्यालय श्रद्धालुओं को मिष्ठान एवं पेयजल वितरण कर सभी श्रद्धालुओं का अभिवादन किया गया विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने अय्यप्पा स्वामी जी का विधि विधान से पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ एवं बस्तर के सुख शांति समृद्धि की कामना की अय्यप्पा स्वामी मंदिर के 36वें स्थापना दिवस के अवसर पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा इस अवसर पर विधायक
जगदलपुर एवं संसदीय सचिव (नगरीय प्रशासन एवं श्रम विभाग) रेखचंद जैन ने कहा की अय्यप्पा स्वामी जी का आशीर्वाद बस्तर एवं छत्तीसगढ़ पर सदा बना रहे बस्तर में सदा सुख शांति समृद्धि कायम रहे यही कामना अय्यप्पा स्वामी जी से करते हैं विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ वरिष्ठ पार्षद राजेश राय, पार्षद कोमल सेना, बलराम यादव, मनोनीत पार्षद कौशल नागवंशी, अमरनाथ सिंह, सुरेन्द्र झा,हरीश साहू, राजीव गांधी युवा मितान क्लब के जिला संयोजक सुशील मौर्य वरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह महामंत्री हेमू उपाध्याय,साकेत शुक्ला, अनुराग महतो, शायमा अशरफ,एस नीला अवधेश झा,विजय सिंह, कुलदीप सिंह भदौरिया,विनोद कुकडे, धर्मेन्द्र चौहान,लव मिश्रा,अंकित सिंह, अभिषेक,नीलम कश्यप समेत बड़ी संख्या में नेता कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बुरूंदवाड़ा सेमरा पंचायत में हो रही है कचरा प्रबंधन केंद्र की स्थापना
जगदलपुर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने ग्राम पंचायत बुरुंदवाड़ा सेमरा में निर्माणाधीन मटेरियल रिकवरी फेसिलिटी का निरीक्षण किया। एचडीएफसी बैंक परिवर्तन सेंटर फॉर एन्वायरमेंट एजुकेशन एवं जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से 6 करोड़ रुपए की लागत से बुरूंद वाड़ा सेमरा में कचरा प्रबंधन केंद्र स्थापित किया जा रहा है। श्री जैन ने इस दौरान कचरा प्रबंधन हेतु 10 पंचायतों को ई – रिक्शा प्रदान की।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि महात्मा गांधीजी के स्वच्छ ग्राम पंचायत अभियान को हमारी भूपेश बघेल सरकार साकार कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप अब शहरी क्षेत्रों की तरह ग्रामीण क्षेत्रों में भी घर घर कचरा संग्रहण का कार्य किया जाएगा। पूरे छत्तीसगढ़ में यह मटेरियल रिकवरी फेसिलिटी प्रथम केंद्र है। उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं सचिवों से अनुरोध किया कि अपनी अपनी ग्राम पंचायतों में अधिक से अधिक से अधिक जागरुकता अभियान चलाएं, जिससे कि अधिक मात्रा में कचरे का प्रबंधन हो सके और स्वच्छता दीदियों को भी अपनी आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सके।
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन, जनपद अध्यक्ष अनिता पोयाम, जनपद सदस्य इंदिरा राव बुरुंदवाड़ा सेमरा सरपंच बुधरी बघेल, उप सरपंच रामेश्वर बिसाई, आड़ावाल सरपंच जयंती कश्यप, सरपंच कुरंदी 2 धनमती पुजारी, सरपंच बाबू सेमरा उषा नाग, सरपंच मारकेल 2 रजनी नाग, सरपंच मारकेल बलराम कोकडू, सरपंच खम्हारगांव लैखन बघेल, सरपंच नकटी सेमरा दुशासन नाग सरपंच आमागुड़ा भगनराम बघेल, पत्रकार संतोष सिंह, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, वरिष्ठ नेता सूर्य नारायण नायडू, शंकर राव, विकास राव, एचडीएफसी बैंक से चिन्मय रथ, दिपेश शर्मा एवं सीईई सेंटर फॉर एन्वायरमेंट एजुकेशन से अक्षय भोयटे और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गौतम पाटिल समेत पंचायत सचिव एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
तीनों बहादुर युवकों की जांबाजी को सैल्यूट किया बस्तर पुलिस ने
जगदलपुर आत्महत्या के इरादे से नदी में कूद गई एक युवती की जान तीन आदिवासी युवकों ने टॉर्च की रौशनी की मदद से बचा ली। इन तीनों युवकों की जांबाजी को बस्तर पुलिस ने सैल्यूट किया है।
पारिवारिक कलह से परेशान एक युवती ने बीती रात कुडनार पुल से नदी में कूदकर जान देने की कोशिश की। नदी पुल के नीचे से किसी महिला के रोने की आवाज सुनकर पुल के पास टहल रहे युवकों सूरज नागे, चंदन ठाकुर व तुषार नागे ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद जगदलपुर कोतवाली थाना प्रभारी एमन साहू, परपा थाना प्रभारी धनंजय सिन्हा व सायबर सेल प्रभारी लालजी सिन्हा के साथ पुलिस टीम कुडकनार पुल पहुंची। नदी में उतरकर युवती को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। घटना स्थल में सूरज नागे , चंदन ठाकुर ,तुषार नागे से पुल के नीचे उतरकर युवती को बाहर निकालने हेतु थाना प्रभारी एमन साहू ने आग्रह किया। रात गहरा चुकी थी और काफी अंधेरा था। तीन चार टॉर्च की रौशनी में युवती को नदी से निकालने की कोशिश युवकों ने शुरू कर दी। कुछ ही देर में युवकों ने युवती को सकुशल बाहर निकाल लाया। तीनों बहादुर युवकों के प्रति पुलिस विभाग ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
परंपरागत आदिवासी कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने के नाम पर लूट
फर्जी बिलों और पावतियों के जरिए शासन के धन की जमकर बंदरबांट
अर्जुन बकावंड छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वकांक्षी योजना में से एक है कोदो, कुटकी, रागी जैसे लघु धान्य अनाज की पैदावार को बढ़ावा देना। ये लघु धान्य गुणवत्तायुक्त भोज्य पदार्थ और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। मगर जनपद पंचायत कर्मियों और जनप्रतिनिधियों ने इस योजना को भी अवैध कमाई का जरिया बना लिया है। बस्तर जिले में परंपरागत आदिवासी कृषि प्रणाली को पुनर्जिवित करने तथा गरीब तबके के आदिवासी किसानों की बाड़ियों में मक्का और सब्जियों की खेती को प्रोत्साहित कर उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के उद्देश्य से राज्य शासन ने एकीकृत बाड़ी विकास कार्यक्रम आरंभ किया है। इस कार्यक्रम में भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। किसानों को रत्तीभर भी लाभ पहुंचाए बगैर उनके नाम से लाखों रु. के वारे न्यारे किए जा रहे हैं।
अकेले बकावंड जनपद क्षेत्र में ही लाखों का फर्जीवाड़ा किया गया है। एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के तहत आदिवासी किसानों को बाड़ियों के सुधार के लिए अनुदान और कोदो, कुटकी, कुलथी, मक्का आदि के बीज उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। राज्य शासन अब कोदो, कुटकी, रागी जैसी फसलों को भी समर्थन मूल्य के दायरे में लाकर किसानों को अधिकाधिक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य शासन के आदेश के अनुसार वर्ष 2022 – 23 में गुणवत्तायुक्त कोदो, कुटकी एवं रागी का क्रय 15 दिसम्बर 2022 से 25 फरवरी 2023 तक लघु वनोपज संघ द्वारा किया जा रहा है। कोदो, कुटकी एवं रागी लघु धान्य वार्षिक फसलें है, जिनके लिए राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत कोदो 30 रूपए प्रति किलोग्राम, कुटकी 31 रूपए तथा रागी 35.78 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी किसानों से की जा रही है। शासन द्वारा किसानों से कोदो, कुटकी एवं रागी खरीदी करने के लिए क्रय मानक निर्धारित किया गया है। निर्धारित मानक अनुसार किसानों से गुणवत्तायुक्त कोदो, कुटकी एवं रागी को क्रय महिला स्व- सहायता समूह द्वारा भी किया जा रहा है। साथ ही कोदो एवं रागीे प्रति एकड़ 3.5 क्विंटल तथा कुटकी प्रति एकड़ 2 क्विंटल का ही क्रय किया जाएगा। खरीदी गई लघु धान्य फसलों का भुगतान प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों द्वारा सीधे किसानों के खातों में किया जाता है। वहीं दूसरी ओर परंपरागत आदिवासी कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्रीय मद की रकम से अच्छी योजना शुरू की है। एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के तहत बस्तर जिले के अनेक विकासखंडों में यह योजना चलाई गई, मगर योजना मद की राशि की बंदरबांट जनपद पंचायत के कर्मियों और जनप्रतिनिधियों ने कर ली है। इसके तहत बीपीएल श्रेणी के आदिवासी किसानों को बाड़ी सुधार के लिए आर्थिक मदद और कोदो, कुटकी, मक्का बीज के किट्स उपलब्ध कराए जाने थे। बीज किट आपूर्ति का काम ऐसे जनप्रतिनिधियों को दे दिया गया, जो मेडिकल स्टोर, कॉपी, पुस्तक दुकान, जनरल स्टोर्स आदि के संचालक हैं। कृषि बीज खाद आदि व्यवसाय से उनका दूर दूर का भी नाता नहीं है। इन जनप्रतिनिधियों ने किसानों को बीज के एक दो पैकेट दे दिए और फर्जी बिल और किसानों से फर्जी पावती लेकर पूरी रकम आहरित कर ली। जनपद पंचायत बकावंड में बड़ा खेल छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के विभिन्न विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में कोदो, कुटकी, मक्का, रागी की खेती के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। बस्तर जिले की बकावंड जनपद की ग्राम पंचायत कोसमी, उड़ियापाल, मोंगरापाल में फर्जी बिल, पावती आदि जमा कर फर्जी हितग्राहियों के नाम से बड़ी रकम का आहरण कर लिया गया है। 800 रु. का सामान देकर निकाल लिए 16 हजार रु.! मंडल भाजपा बकावंड के अध्यक्ष धनुर्जय कश्यप ने कहा है कि कोसमी ग्राम पंचायत में ही लगभग सोलह हितग्राही गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले आदिवासी किसानों को कोदो, कुटकी, मक्का बीज किट तथा बाड़ी सुधार के नाम से फावड़ा, कुदाल, तगाड़ी जैसे मामूली औजारों का वितरण कर हर हितग्राही के नाम पर 16 हजार 500 रु. का आहरण जनपद पंचायत के कर्मियों और जनप्रतिनिधियों ने कर लिया है। जबकि संबंधित किसानों को जो बीज किट और औजार उपलब्ध कराए गए हैं, उनकी कुल कीमत बमुश्किल आठ – नौ सौ रु. से ज्यादा नहीं है। इस तरह जनप्रतिनिधियों और जनपद कर्मियों ने केंद्र सरकार के लाखों रु. की अफरा तफरी की है। धनुर्जय कश्यप ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने और परंपरागत खेती को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने सार्थक पहल की है, लेकिन बकावंड जनपद के कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर इस योजना को पलीता लगाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी है। श्री कश्यप ने कहा कि कलेक्टर अपनी निगरानी में इस मामले की जांच कराएं। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो किसानों को साथ लेकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
बालोद – बालोद से धमतरी मार्ग पर ग्राम साकरा पुल पर 10:30 बजे के आसपास बोलेरो एवं कार दुर्घटनाग्रस्त प्राप्त जानकारी के अनुसार कार भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर की थी जिसमें बालोद भाजपा जिला महामंत्री किशोरी साहू एवं अभिषेक शुक्ला भाजपा जिला की बैठक में सम्मिलित होने गुरुर जा रहे थे सामने से आ रही बोलेरो का सॉफ्ट टूटने से गाड़ी को खींचकर कार से जाकर टकरा गई बोलेरो के ड्राइवर राकेश सलामें द्वारा बताया गया कि वह पुरूर अपने निवास से लोहारा जा रहा था साकरा पुल के पहले उसके गाड़ी का सॉफ्ट टूट गया जिसके कारण गाड़ी अनियंत्रित होकर कार से टकरा गई ईश्वर की कृपा कहीं की कोई जनहानि नहीं हुई। कार का एयर बैग खुल गया ।
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दल्लीराजहरा ग्राम पंचायत अरमुरकसा में कला मंच के अतिरिक्त कक्ष का भूमिपूजन जनपद सदस्य संजय बैंस के मुख्यातिथि में हुवा कार्यक्रम की अधक्ष्यता सरपंच सरोज बाई बालेंद्र विशेष अतिथि ग्राम पटेल रतन लाल तराम जी रहे सर्व प्रथम अतिथियों के द्वारा पूजा अर्चना कर अतिरिक्त कक्ष का फीता काटकर लोकार्पण किया ग्राम वासी कला मंच पर अतिरिक्त कक्ष पाकर प्रफूलित हुए अतिथियों का स्वागत सत्कार के पश्चात ग्राम सरपंच सरोज बाई ने कहा की हमारे शीतला मंदिर के कला मंच में कोई रूम नही होने से परेशानी हो रही थी जिसे हमारे जनपद सदस्य संजय बैंस जी ने पूरा कर दिया मैं सभी ग्राम वासियों के तरफ से धन्यवाद देती हु कार्यक्रम को संबोधन करते हुए पुरुषोत्म नायक ने कहा की हम चुनाव के समय बैंस जी से एक ही मांग अनलिया पारा में हुवा था की हम को कला मंच में एक कमरा की आवश्यकता है हमारे यहा सुख और दुख के कार्यक्रम होता है तो हमारे कोई कक्ष नही है आप ने हमारी बातो को गंभीरता से लिया और आज विकास के माध्यम से हम सबको एक अतिरिक्त रूम मिला है
पूरे अरमुर कसा के तरफ से आभार मनाता हु कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यतिथ संजय बैंस ने कहा की सर्व प्रथम आपका सभी का आभार व्यक्त करता हु आपके दिए हुए सम्मान के लिए और मुझे खुशी है की आपने जो मुझसे उम्मीद किए थे उसे पूरा करने में अपने वादा निभाया इस अतिरिक्त रूम बनने से पूरे गांव का काम आएगा हम अपने छोटे बड़े आयोजन अच्छे से कर पाएंगे मां शीतला के आशीर्वाद से अरमूरकसा में चुनाव की शुरुवात किया था आज मां शीतला के आशीर्वाद से ही शीतला मंदिर का कक्ष मिला है पूरे गांव वासी को बधाई हम सब इस एक जुटता का परिचय देंगे तभी गांव का विकास हो पाएगा आप लोगो के गांव में स्ट्रीट लाइट भी नही थी गांव वालो के मांग पर वो भी पूरा हो गया अब जल्द आपको नल के माध्यम से आपके घरों में भी पानी मिलेगा आभार व्यक्त ग्राम पटेल रतन लाल ने किया कार्यक्रम का संचालन चैन सिंग जी ने किया कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के सभी पंच नमक लाल अलेंद्रा नर सिंग सिवाना आशो बाई नायक अनुसुइया पिस्दा सगना बाई अलेंद्र एवम सभी ग्राम वासी उपस्थिति रहे ।
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बस्तर – करपावंड स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम के छात्र छात्राओं ने विभिन्न रंगां रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति के साथ द्धितीय शाला वार्षिक उत्सव मनाया गया । इस. क्षेत्र गरीब बच्चों के अंग्रेज़ी माध्यम के पढने की ललक को देखकर छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय अंग्रेज़ी माध्यम ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित किया गया है और निश्चित रूप से इसका लाभ भी गरीब छात्रों को मिल रहा है । पहले समपन्न वर्ग के बच्चे ही अंग्रेजी माध्यम स्कूल मे मोटे रकम देकर पढा़ते थे । अब सरकारी अंग्रेजी स्कूल खुलने से सभी वर्ग के बच्चे पढ़ते हैं ।
और ऐसा कार्यक्रम से गरीब वर्ग के छात्रों को भी देखकर प्रभाव पढ़ेगा । कार्यक्रम में अंग्रेजी भाषण के साथ अंग्रेजी के कुछ गीत गाने भी छात्रों ने प्रस्तुत किया । इससे ऐसा लगता है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी अंग्रेजी बोलना सीखेंगे ।कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शामोराम कश्यप एवं सदनराम दास ने मां सरस्वती के छाया चित्र पर माल्या अर्पण के साथ हुआ । सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पंजाबी गीत छत्तीसगढ़ी नृत्य हल्बी नृत्य उड़िया नृत्य ने सभी का मनोरंजन किया । इस शाला वार्षिक उत्सव में छात्रों के पालक भी उपस्थित हुए ग्राम पंचायत करपावंड के गणमान्य लोगों ने भी पहली बार आनन्द लिया । इस अवसर पर संस्था के उप प्राचार्य अर्चना कश्यप .हिंदी माध्यम कविता साहु अंग्रेजी माध्यम हेडमास्टर रश्मि त्रिपाठी , नैना साव , एम एस भारती शोभावती बघेल , समस्त हिन्दी अंग्रेज़ी माध्यम स्टाफ दोनों माध्यम के शिक्षक कर्मचारी छात्र / छत्राएं उपस्थित थे ।
जगदलपुर छग सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के नेतृत्व में दंतेवाड़ा शक्तिपीठ से निकली वनवासियों की पदयात्रा चौथे दिन गुरूवार को जगदलपुर पहुंची। पदयात्रा में शामिल लोगों ने कहा कि विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने के बाद राज्यपाल के पास भेजा गया है लेकिन फाईल रोक कर हस्ताक्षर नहीं कर रही है, जिससे आदिवासी समाज में नाराजगी है। 30 जनवरी को दंतेवाड़ा से निकली पदयात्रा में दक्षिण बस्तर के तीन जिले दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के अनेक आदिवासी नेता शामिल हैं। अब बस्तर जिले के आदिवासी भी कल 3 फरवरी को रायपुर के लिए रवाना होने वाली पदयात्रा में शामिल हो जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष कुंदन सिंह ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष बेकोहुंगा, जनपद सदस्य जगरा बेंजाम, राजकुमार तामो ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि आदिवासी समाज की एक ही मांग है 32 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए जो पहले प्राप्त होता था। लंबे समय तक रायपुर में धरना के बाद राजभवन से बातचीत के लिए बुलावा आया लेकिन राज्यपाल के अस्वस्थ होने के कारण भेंट मुलाकात नहीं हो सकी और हमारी मांग नहीं सुनी गई। इसलिए अब 14 दिन में 385 किमी की पदयात्रा कर बस्तर संभाग के अनेक आदिवासी समाज राज्यपाल से मिलकर गुहार लगाएंगे कि वे फाईल पर हस्ताक्षर करें और वापस भेज दें। आदिवासी नेताओं ने कहा कि यह पदयात्रा पूरी तरह सामाजिक लोगों की है। हमने साफतौर पर राजनीतिक लोगों से कह दिया है कि वे हमारी पदयात्रा में आकर इसे राजनीतिक रंग न दें। राजभवन रायपुर के लिए निकली पदयात्रा के वाहन में जो पोस्टर लगा है उसमें 3 मांगों का उल्लेख है। पहला 32 प्रतिशत आरक्षण, दूसरा बस्तर संभाग में जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण लागू करने और तीसरा नगरनार स्टील प्लांट निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग शामिल है। चर्चा के दौरान आदिवासी समाज के युवाओं ने कहा कि राज्यपाल खुद आदिवासी वर्ग से है इसलिए उन्हें विधानसभा के फैसले का सम्मान करते हुए आदिवासी हित में तत्काल हस्ताक्षर कर देना चाहिए। आज उनके प्रति आदिवासी युवाओं में नाराजगी है। संवैधानिक प्रमुख होने के नाते उन्हें बस्तर ही नहीं बल्कि संपूर्ण छत्तीसगढ़ के आदिवासी वर्ग के कल्याण और उत्थान के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।
पदयात्रा में चल रहे लोग दोपहर को शहर पहुंचे उनका स्वागत आदिवासी पार्षद सुशीला बघेल, दयाराम कश्यप, नेहा धु्रव, सुखराम नाग, यशवंत धु्रव समेत कांग्रेस के युवा नेता हेमंत धु्रव ने किया। वहीं उनका हौसला बढ़ाते रायपुर तक की पदयात्रा में पूरे समाज का समर्थन मिलने की बात कही गई। पदयात्रियों को नगर निगम के टाउन हॉल में ठहराया गया है। रैली में शामिल आदिवासी नेता बलदेव मंडावी, प्रकाश बैंको, जी.बदरैया ने कहा कि पदयात्रा में शामिल होने वाले ग्रामीण कुछ किमी चलकर वापस अपने घर लौट रहे हैं और आगे बढ़ते काफिले में अन्य गांव के लोग शामिल हो रहे हैं। इसलिए पदयात्रा में बहुत बड़ी संख्या नहीं है लेकिन सभी गांव और सभी जिले के सर्व आदिवासी समाज का भरपूर समर्थन मिल रहा है।