दिनांक 31.10.2022 को सहायक उप निरीक्षक नन्दलाल चौरसिया व प्रधान आरक्षक पुणेन्द्र कुमार साहू जी सेवानिवृत्त हुए जिन्हे पुलिस कार्यालय बालोद में Farewell Function आयोजित कर विदाई दी गई। विदाई समारोह में उपस्थित श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जितेंद्र कुमार यादव, अति. पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर, डीएसपी सुश्री नवनीत कौर, रक्षित निरीक्षक मधुसूदन सिंह नाग, व समस्त ऑफिस स्टाफ के द्वारा रिटायर हुए स.ऊ.नि नन्दलाल चौरसिया प्र.आर. पुणेन्द्र साहू के नई पारी की शुरुआत हेतू केक कटिंग सेलिब्रेशन के साथ उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें श्री फल व स्मृति चिन्ह भेंट कर ससम्मान विदाई दी गई।
स.ऊ.नि नन्दलाल चौरसिया, व प्र.आर. पुणेन्द्र कुमार साहू जी पुलिस विभाग में आरक्षक पद पर वर्ष 1980-83 में भर्ती हुए व पदोन्नत होकर विभाग में 41 वर्ष की सेवा देते हुए लंबी सर्विस सफर तय किए, तथा संपूर्ण सेवाकाल अवधि में पूरी लगन एवं निष्ठापूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन किए। सेवानिवृत्त दोनों अधि/कर्मचारी के द्वारा विदाई सम्मान समारोह के दौरान सेवाकाल से जुड़ी बेहतर अनुभवों को भी साझा किया गया।
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भाजपा प्रदेश मंत्री व महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष दंतेवाड़ा ओजस्वी भीमा मंडावी जी ने समस्त छत्तीसगढ़ वासियों को छत्तीसगढ़ राज्य के 22वे स्थापना दिवस के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मंडावी जी ने आगे कहा कि जब बात आती है छत्तीसगढ़ की स्थापना की तो हमारे मन में यें बात जरुर आती है कि आखिर किस आधार पर और किसने छत्तीसगढ़ राज्य का नाम रखा है तो सबसे पहले जान लेते है, छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना को जानने से पहले इसकी नामकरण के बारे में जानते हैं,कि छत्तीसगढ़ राज्य का नाम छत्तीसगढ़ किसने रखा था। तो इस पर कई मत है जिस पर मतभेद है चलिए जान लेते है आखिर किसका क्या मत है – वेगलर के अनुसार – वेगलर के अनुसार के अनुसार सबसे पहले जरा संघ के काल में इस क्षेत्र में 36 परिवार पलायन कर इस क्षेत्र में बस गए थे जिसके अनुसार छत्तीसगढ़ शब्द बना।
हीरालाल जी के अनुसार – हीरालाल जी के अनुसार महाजनपद काल में छत्तीसगढ़ महाजनपद के अंतर्गत आता था बाद में इसी से अपभ्रंश होकर छत्तीसगढ़ शब्द बना। इतिहासकार चिस्म के अनुसार मंडावी जी ने कहा की छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक इतिहासकार हुए जिसका नाम चिस्म था इनके अनुसार कलचुरी शासक के एक राजा कल्याण साय ने जमाबंदी प्रथा के द्वारा इस क्षेत्र में 36 गढ़ बनाया जो शिवनाथ नदी के उत्तर में 18 और दक्षिण में 18 गढ़ थे इसी के आधार पर 18 -18 मिलाकर छत्तीसगढ़ शब्द बना।
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छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कैसे हुआ मंडावी जी ने कहा छत्तीसगढ़ राज्य को अस्तित्व में लाने के लिए क्षेत्र के अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया जिसके बदौलत छत्तीसगढ़ 1 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आया। तो आइए जानते हैं आखिर किन का महत्वपूर्ण योगदान रहा और किस संविधान संशोधन के तहत छत्तीसगढ़ राज्य को राज्य का दर्जा मिला -छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के नींव के रूप में सर्वप्रथम 2 नवंबर 1861 में मध्य प्रांत का गठन हुआ जिसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र शामिल था और इन तीनों की राजधानी नागपुर को बनाया गया और छत्तीसगढ़ में रायपुर बिलासपुर और संबलपुर जिलों का गठन किया गया। इसके बाद 1862 मध्य प्रांत में 5 संभाग बनाए गए जिसमें छत्तीसगढ़, इसके बाद 1905 में बंगाल विभाजन के समय वर्तमान छत्तीसगढ़ राज्य का स्वरूप सामने आया। इस प्रकार छत्तीसगढ़ का प्रथम मानचित्र तैयार हुआ।पंडित सुंदरलाल शर्मा ने 1918 को छत्तीसगढ़ राज्य का स्पर्श रेखा चित्र पांडुलिपि में खींचा इस प्रकार इन्हें छत्तीसगढ़ का प्रथम संकल्पनाकार या स्वप्न दृष्टा कहा जाता है। 1924 में रायपुर के जिला परिषद में पृथक छत्तीसगढ़ की मांग उठी। इस प्रकार छत्तीसगढ़ को एक पृथक छत्तीसगढ़ राज्य बनाने की मांग चलती रहे और आजादी के समय छत्तीसगढ़ राज्य मध्य प्रांत और बरार का हिस्सा था।और 1 नवंबर 1956 को जब मध्य प्रदेश का गठन होगा तब छत्तीसगढ़ को मध्यप्रदेश में शामिल कर दिया गया।
भारतीय मजदूर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल जिला मंत्री मुश्ताक अहमद के साथ अनुविभागीय दण्डाधिकारी (रा.) डौण्डी लोहारा को ज्ञापन सौंपकर बालोद से कुसुमकसा होते हुए मानपुर तक निर्माणाधीन सड़क को निर्माण चालू रहतेआम जनता के आवागमन के लिए उचित व्यवस्था कराये जाने का अनुरोध किया । जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने बताया कि बालोद से मानपुर तक नेशनल हाईवे सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। बड़े खेद के साथ लिखना पड़ रहा है कि बरसात के पूर्व आरम्भ किये गये इस सड़क निर्माण में तब से लेकर वर्तमान समय तक आम राहगिरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बरसात के दिनों में स्थित इतनी भयंकर थी कि आये दिन दुर्घटना हो रही थी फिर भी संबंधीत विभाग द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया और लगातार इस मार्ग में दुर्घटनायें होती रही। बरसात के लिए में इस मार्ग में भारी वाहनों के चलने से सड़क की मट्टी टीले के रूप में बन जाती है, जिससे दुपहिया वाहन व चार पहिया कार चालकों को काफी दिक्कतोंका सामना करना पड़ रहा है। फिर भी संबंधित विभाग व ठेकेदार जिनके दिशा निर्देश में सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, उनके द्वारा इसे ठीक करने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। जो काफी निन्दनीय है। संबंधित विभाग को सिर्फ यही करना था कि ठेकेदार को बोल कर सुबह शाम जे.सी.बी. मशीन से मिट्टी को बराबर कराया जाना था। जिससे आम राहगिर बिना डर भय के निर्माणाधीन सड़क में चल सकती थी। मगर स्थिति आज भी जस की तस है। आम जनता अपनी जान हथेली में रख कर इसी सड़क से आने जाने को बेबस है।
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रात में इस निर्माणाधीन सड़क की स्थिति बहुत ज्यादा भयंकर हो जाती है। एक ओर सड़कों में मिट्टी के इतने बड़े बड़े गडढ़े और मिट्टी के टिले बने हुए है और दूसरी ओर बड़ी गाड़ियों के तेज गति से ओवरटेक करने के कारण कभी भी किसी की भी जान जा सकती है। साथ ही इस निर्माणाधीन सड़क में जहाँ जहाँ पर पुलिया का निर्माण किया जा रहा है, वहाँ की स्थिति और भी ज्यादा खराब है, एक तरफ से आने वाले को दूसरी ओर का कुछ भी दिखाई नहीं देता, संबंधित विभाग और ठेकेदार द्वारा जहां पुलीया निर्माण हो रहा है वहां जनता के आने जाने के लिए सही तरीके से सड़क का डायवर्सन करना था मगर नहीं किया गया,अरमुरकसा के पास बन रही पुलीया के पास जैसे मौत का कुंआ बना हुआ है। इसमे भी सुधार करने कीसख्तआवश्यकता है।
जिला मंत्री ने कहा कि हम भलीभांति समझे हैं, कि सड़कों का निर्माण देश के विकास में एक अहम भूमिका निभाता है, आम जनता की सुविधा के लिए भी सड़क का निर्माणकराया जाना बहुत आवश्यक है, मगर यह सड़क निर्माण तो आम जनता के लिए काल बनता जा रहा है। इसलिए संघ की मांग है कि तत्काल संबंधित विभागवठेकेदार को निर्देशित करें की सड़कों में टिला नुमा जमी मिट्टी को अविलंब जे.सी.बी. मशीन से सुबह शाम समतल कराया जाये। और प्रतिदिन इसकी निगरानी संबंधित विभाग के अधिकारी करें।
क्योंकि सरकार राज्य की हो या केन्द्र की सड़कों का निर्माण देश व आमजनता के विकास के लिए किया जा रहा है, मगर ईस निर्माणाधीन सड़क में आम जनता की सुरक्षा का ध्यान बिलकुल भी नहीं रखा जा रहा है। इसलिए संघ ने अनुविभागीय दंडाधिकारी से अनुरोध किया है कि सड़क निर्माण के साथ साथ आमजनता की जिन्दगी का भी ख्याल रखा जाये। संघ के प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से जिला मंत्री मुश्ताक अहमद, जिला उपाध्यक्ष रामेश्वर साहू, खदान मजदूर संघ संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष एम पी सिंग, उपमहासचिव लखनलाल चौधरी उपस्थित थे।
बकावंड-करपावंड-कोलावल मार्ग व जगदलपुर बाईपास रोड निर्माण को तय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश
जगदलपुर. कलेक्टर चंदन कुमार ने रविवार को जिले में चल रहे सड़क विकास कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बस्तर जिले को ओड़िशा राज्य से जोड़ने वाले बकावंड- करपावंड- कोलावल मार्ग और जगदलपुर शहर के बाईपास रोड के पुनः निर्माण का निरीक्षण कर समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए। बकावंड- करपावंड- कोलावल से ओड़िशा सीमा को जोड़ने वाली 26 किमी लंबी सड़क का निर्माण 21 करोड़ 44 लाख रु. की लागत से किया जा रहा है। कलेक्टर कुमार ने सड़क निर्माण को दिसंबर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ओड़िसा राज्य की सीमा तक जाकर सड़क विकास कार्य का अवलोकन किया। इसके उपरांत लगभग 41 करोड़ की लागत से 19.29 किमी लंबी जगदलपुर बाईपास रोड के पुनः निर्माण कार्य का अवलोकन कर इस कार्य को जून माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता एके सिंह, एसडीओ आरके बतरा, देवांगन एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कुसुमकसा बालोद रेलवे पटरी के पास अज्ञात युवक की ट्रेन से कटी हुई बॉडी देखी गई | स्थानीय लोगों द्वारा शव की शिनाख्त नहीं की जा सकी इसके पश्चात आम सूचना जारी कर इनके परिजन को कृपया अवगत कराने का अनुरोध किया गया है | रेलवे ट्रैक पर शव होने की सूचना राजहरा थाना को दे गई हैं तथा राजहरा थाना में सूचित करे मो. 9479192508 | पुलिस घटनास्थल में पहुंच मौत का कारण ट्रेन की चपेट में आने से पाया गया हैं मौके पर जीआरपी एवं स्थानीय पुलिस की उपस्थिति में का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा
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जगदलपुर. बस्तर क्षेत्र के विधायक एवं बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया का सम्मान साफा, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया. इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं छ्ग सह प्रभारी चंदन यादव, केबिनेट मंत्री शिव डहरिया, सांसद दीपक बैज, केबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त इंद्रावती विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, महापौर सफीरा साहू, नगर निगम की सभापति कविता साहू, सुशील मौर्य, मिथिलेश स्वर्णकार, रवि घोष, शकील अहमद, दिनेश यदु, जगमोहन बघेल एवं अन्य कांग्रेसी उपस्थित थे.
अभिषेक माहेश्वरी सचिव, तारकेश्वर पटेल, प्रज्ञा मेश्राम एवं राकेश शर्मा उपाध्यक्ष चुने गए
नियमित क्रमोन्नति वेतनमान, संवर्ग पुनरीक्षण तथा सदस्यों के हितों का संवर्धन संगठन के मूल उद्देश्य
जगदलपुर.छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के संघ के पुनर्गठन हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी उपस्थित हुए। मार्गदर्शक के रूप में राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हो चुके वरिष्ठ अधिकारीभी पहुंचे थे। बैठक में राज्य पुलिस सेवा एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। सर्वसम्मति से 2005 बैच के राज्य पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी ओमप्रकाश शर्मा को एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया तथा उपाध्यक्ष पद पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश शर्मा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रज्ञा मेश्राम का चयन किया गया। सचिव के पद पर 2013 बैच के अधिकारी अभिषेक माहेश्वरी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायपुर चुने गए। सहसचिव पद पर 2014 बैच के अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा व डीएसपी सोहन ठाकुर का चयन किया गया। कोषाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी 2007 बैच के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर तथा 2013 बैच के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरेपुन्जे का चुनाव किया गया।कार्यालय प्रभारी डीएसपी मनोज ध्रुव, सह कार्यालय प्रभारी डीएसपी गुरु नारायण प्रधान बनाए गए। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि सीधी भर्ती से प्रत्येक बैच के एक अधिकारी का नामांकन उसी बैच के अधिकारी द्वारा किया जाकर सूचित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स से प्रशांत श्रीवास्तव, निरीक्षक संवर्ग से आशीष शुक्ला व रक्षित निरीक्षक संवर्ग से गुरजीत सिंह को कार्यकारिणी सदस्य पद पर चयन हेतु सहमति व्यक्त की गई। एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव ने फोन से पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी। शीघ्र ही नई कार्यकारिणी की बैठक होगी तथा संघ के सदस्यों की सेवा एवं संवर्ग से जुड़े विषयों पर तथा सदस्यों के हितों से संबंधित मुद्दों पर एजेंडा तय किया जाएगा। मार्गदर्शक मंडल के रूप में मनोज खिलारी, जेआर ठाकुर, पंकज चंद्रा, रवि कुर्रे, विजय पांडे समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सांसद दीपक बैज एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने घाटों पर पहुंचकर व्रतधारी परिवारों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं
भगवान सूर्यदेव से बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की
जगदलपुर. शहर सहित जिले के कस्बों में सूर्यदेव की आराधना के महापर्व छठ की अनुपम छटा बिखरी. बिहार उत्तरप्रदेश मूल के महिला, पुरुषों, बच्चों और युवाओं ने नए परिधानों में सजधज कर सूर्यास्त की बेला में नदी तालाबों के घाटों में पहुंचकर अस्ताचलगामी सूर्यदेव को अर्ध्य अर्पित किया. व्रतधारी महिला और पुरुषों ने पूजा अर्चना कर छठी मैया से आशीर्वाद मांगा. घाटों में खासी रौनक़ रही. मेला जैसा नजारा देखने को मिला. सांसद दीपक बैज, क्षेत्रीय विधायक रेखचंद जैन तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने घाटों पर पहुंचकर सूर्यदेव एवं छठी मैया के उपासकों को बधाई व शुभकामनाएं दी. अंचल में सूर्य उपासना का महापर्व छठ धूमधाम से मनाया गया. चार दिनों तक चले इस महापर्व की शुरुआत उगते सूर्य को अर्ध्य अर्पण से हुई. इसी दिन से जगदलपुर तथा आसपास के छोटे शहरों में रह रहे पूर्वांचल राज्य बिहार उत्तरप्रदेश के लोगों ने कठिन व्रत आरंभ किया. नित्य पूजन तप में लीन रहते हुए व्रतियों ने अंतिम दिन अपने अपने परिवार के सदस्यों के साथ बांस से बनी नई टोकरियों और सूपों में ईख तथा कई तरह के फल व मिष्ठान्न लेकर नदी तालाबों के घाटों में पहुंच डूबते सूर्यदेव को अर्ध्य अर्पित किया. घाटों में शाम ढलने के साथ ही भारी चहल पहल शुरू हो गई थी. हर घाट में मेले जैसा नजारा था. लंबे व्रत के बावजूद व्रतधारियों के चेहरों में चमक नजर आ रही थी. अर्ध्य अर्पण के साथ ही घाट सूर्यदेव एवं छठी मैया के जयकारे से गूंज उठे. सूर्यदेव और छठी मैया की स्तुति में पारम्परिक लोकगीत एवं भजन पूरे समय गाए जाते रहे. सांसद दीपक बैज तथा विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन भी अन्य जनप्रतिनिधियों व नेताओं के साथ घाटों पर पहुंचे. इस अवसर पर सांसद दीपक बैज ने कहा कि पूर्वांचल में मनाया जाने वाला यह महापर्व अब पूरे भारत में मनाया जाने लगा है. सूर्य की आराधना का यह महापर्व हमें प्रकृति की पूजा का संदेश देता है. संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने प्रकृति पूजा एवं लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूरा विश्व जहां उगते सूरज की पूजा करता है, वहीं हमारी भारतीय संस्कृति में डूबते हुए सूर्य की भी आराधना की जाती है. क्योंकि हमारा दृढ़ विश्वास है कि रात कितनी भी घनी और काली हो, सुबह सूरज हम सभी के जीवन में उजाला करने जरूर उदीयमान होगा. उन्होंने कामना की कि भगवान भास्कर आप सभी के जीवन में सुख शांति समृद्धि लाएं. इस अवसर पर नगर निगम की सभापति कविता साहू, पार्षद राजेश राय, विक्रम सिंह डांगी, कमलेश पाठक, सूर्या पाणी, सुखराम नाग, कोमल सेना, मनोनीत पार्षद सुरेंद्र झा, हरीश साहू, कौशल नागवंशी सांसद प्रतिनिधि एवं राजीव युवा मितान क्लब के जिला संयोजक सुशील मौर्य, जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गौरनाथ नाग, पत्रकार संतोष सिंह, विधि विभाग के जिला अध्यक्ष अवधेश झा, युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष संदीप दास, महेश द्विवेदी, विक्की निषाद, सायमा अशरफ, एस नीला समेत अन्य लोग उपस्थित थे.
ओमप्रकाश शर्मा अध्यक्ष, अभिषेक माहेश्वरी सचिव तथा तारकेश्वर पटेल श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम एवं राकेश शर्मा उपाध्यक्ष चुने गए
500 से भी अधिक संख्या है राज्य में राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों की
नियमित क्रमोन्नति वेतनमान, संवर्ग पुनरीक्षण तथा सदस्यों के हितों के उद्देश्यों को लेकर पुनर्गठन हुआ राज्य पुलिस सेवा एसोसिएशन का
सुखनंदन राठौड़ व आकाश गिरेपुंजे कोषाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी बनाए गए
छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के संघ के पुनर्गठन हेतु बैठक आज आयोजित की गई। उक्त बैठक में बड़ी संख्या में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी उपस्थित हुए। मार्गदर्शक के रूप में राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हो चुके वरिष्ठ अधिकारीगण भी शामिल हुए। उक्त बैठक में राज्य पुलिस सेवा एसोसिएशन की नवीन कार्यकारिणी का चयन किया गया। जिसमें कि सर्वसम्मति से 2005 बैच के राज्य पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी ओम प्रकाश शर्मा को एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया तथा उपाध्यक्ष पद पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तारकेश्वर पटेल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश शर्मा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम का चयन किया गया। सर्वसम्मति से संघ के सचिव के पद पर 2013 बैच के अधिकारी अभिषेक माहेश्वरी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायपुर का चयन किया गया। सहसचिव के पद पर 2014 बैच के अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा व DSP सोहन ठाकुर का चुनाव किया गया। कोषाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी के पदों पर 2007 बैच के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुखनंदन राठौर तथा 2013 के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरेपुन्जे का चुनाव किया गया। कार्यालय प्रभारी के रूप में DSP मनोज ध्रुव सह कार्यालय प्रभारी के रूप में DSP गुरु नारायण प्रधान का चुनाव किया गया। बैठक में यह सहमति बनी कि सीधी भर्ती से प्रत्येक बैच के एक अधिकारी का नामांकन उसी बैच के अधिकारी द्वारा किया जा कर सूचित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स से प्रशांत श्रीवास्तव, निरीक्षक संवर्ग से आशीष शुक्ला व रक्षित निरीक्षक संवर्ग से गुरजीत सिंह को कार्यकारिणी के सदस्य के पद पर चयन हेतु सहमति व्यक्त की गई। इस अवसर पर एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव द्वारा दूरभाष के माध्यम से नवीन कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की । कार्यकारिणी के गठन के उपरांत शीघ्र ही कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की जाएगी तथा संघ के सदस्यों की सेवा तथा संवर्ग से जुड़े विषयों पर तथा सदस्यों के हितों से संबंधित मुद्दों पर कार्यकारिणी अपना एजेंडा तैयार करेगी। उक्त बैठक में मार्गदर्शक मंडल के रूप में मनोज खिलारी श्री जे आर ठाकुर पंकज चंद्रा, रवि कुर्रे, विजय पांडे समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हुए।
बस्तर सांसद दीपक बैज जी एवं बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल बकावंड स्थित सरगीपाल में वरिष्ठ कांग्रेसी वीरेंद्र सेठिया जी के सुपुत्र स्व. लिलेन्द्र सेठिया के आकस्मिक निधन होने पर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया दुःख की घड़ी में संवेदनाओं के दो शब्द शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करते हैं, ईश्वर इन्हें इस दुःख से उबरने की शक्ति प्रदान करें |