बस्तर विधायक जी ने छत्तीसगढ़ प्रभारी पी. एल. पुनिया एवं कैबबिनेट मंत्री शिवढ़हरिया जी और सह प्रभारी चंदन यादव जी से मिलकर बस्तर की प्रतिक चिन्ह एवं साफा, शॉल, देकर सम्मानित किया जिसमें मौजूद रहे दीपक बैज,मिथलेश स्वर्णकार,रवि घोष, शकील अहमद, राजीव शर्मा, दिनेश यदु,कविता साहू,जगमोहन बघेल,सुशील मौर्य,सफिरा साहू, एवं कार्यकर्त्तागण उपस्थित रहे |
49 वी जवाहरलाल नेहरू गणित विज्ञान व पर्यावरण प्रदर्शनी प्रतियोगिता में आदिवासी ब्लॉक डौंडी के गुजरा विद्यालय के विद्यार्थी निखिल ,पुष्पेंद्र, गौरव ,उमेंद्र हितेश ,मलेश्वर ढालेश्वरी व प्राची ने विज्ञान नाटिका प्रतियोगिता में ब्लॉक ,जिला, संभाग व राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया हैं।अब यह विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित हुए हैं यह छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए नेहरू साइंस सेंटर मुंबई में 18 नवंबर 2022 को अपने कार्यक्रम का प्रदर्शन करेंगे। उक्त कार्यक्रम विद्यालय की व्याख्याता श्रीमती अनीता सिंह के कुशल मार्गदर्शन में तैयार किया गया एवं एस. सिन्हा श्रीमती नेहा साहू तथा रितिका शर्मा का सहयोग रहा l
इस उपलब्धि पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास शाखा बालोद जिला शिक्षा अधिकारी बालोद ,गुजरा विद्यालय के प्राचार्य श्रीमती चित्रा भट्टाचार्या, समस्त शाला परिवार ,ग्राम गुजरा के समस्त ग्रामवासी व डौंडी ब्लाक के समस्त प्राचार्य गणों ने हर्ष व्यक्त किया तथा विद्यार्थियों को उनकी सफलता के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी |
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छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के खोखले दावों, बढ़ते अपराध, कुनीति और कुप्रबंधन की पोल खोलते राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पांडेय जी की यह स्वरचित कविता को सुनकर आप दंग रह जाएंगे। किस प्रकार राज्य की कांग्रेस सरकार ने बीते 4 वर्षों में प्रदेश को बदहाल और जनता को बेहाल कर दिया है। जरूर सुनें और ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
दंतेवाडा/ छत्तीसगढ:–भाजपा प्रदेश मंत्री व महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष दंतेवाडा ओजस्वी भीमा मंडावी ने कहा है कि एक तरफ मुख्यमंत्री बोल रहे हैं कि हम जनता की जेब में पैसा डाल रहे हैं और दूसरी तरफ अधिकारियो के घर से पैसा क्यों निकल रहा है अधिकारियों की गिरफ्तारी हो रही है, उनके यहां से जो निकल रहा है, वह आखिर कहां से आ रहा है? मंडावी जी ने कहा कि भाजपा अपनी लड़ाई लड़ने में सक्षम है।
भाजपा को किसी एजेंसी का सहारा लेने की कोई जरूरत नहीं है। जांच एजेंसी स्वतंत्र रूप से काम करती हैं। उनके काम पर वाद प्रतिवाद करने का कोई प्रश्न ही नहीं है। मंडावी ने कहा कि एजेंसी अपना काम कर रही है। अफसर अपना काम कर रहे हैं। पार्टी अपना काम कर रही है। अब तो नरवा गरवा घुरवा बाड़ी तक भ्रष्टाचार के दायरे में आ गए हैं। कलेक्टर जहां भी जांच के लिए जा रहे हैं, भ्रष्टाचार निकल रहा है। अब तो सवाल यह है कि ये सोना हीरा, नकदी निकल कहा से रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि वह भ्रष्टाचारियों का साथ क्यों ले रहे है। मंडावी ने कहा कि कांग्रेस सरकार का जो भ्रष्टाचार है, वह सबके सामने है। इस सरकार के भ्रष्टाचार को सामने लाने और जनता के हक में लड़ने का काम विपक्ष के रूप में भाजपा की जिम्मेदारी है और भाजपा यह लड़ाई मुस्तैदी से लड़ रही है। सरकार तो सिर्फ यह बताये कि भ्रष्टाचार को संरक्षण क्यों दे रही है। कांग्रेस सरकार जवाब देने की स्थिति में नहीं है, इसलिए भाजपा पर अनर्गल आरोप लगा रही है।
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कांग्रेस के छ्ग प्रभारी एवं सह प्रभारी ने देखे जगदलपुर में हुए विकास कार्य
क्षेत्रीय विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के कामकाज की खुलकर की सराहना
जगदलपुर. अभा कांग्रेस कमेटी के महासचिव व छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पूनिया तथा राष्ट्रीय सचिव एवं छ्ग सह प्रभारी चंदन यादव को जगदलपुर का विकास मॉडल खूब पसंद आया. दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के कामकाज और उनके द्वारा कराए गए विकास कार्यों को सराहा तथा कुछ सुझाव भी जैन को दिए.
बस्तर प्रवास पर आए पुनिया और श्री यादव ने रेखचंद जैन के साथ नगर भ्रमण कर विकास कार्यों का जायजा लिया. उन्होंने मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना कर माता से बस्तर व छत्तीसगढ़ की सुख, शांति, समृद्धि की कामना की. मार्निंग वाक के साथ साथ इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में खेल सुविधाओं के विस्तार एवं शहर में चल रहे अन्य विकास कार्यों के संबंध में जानकारी ली. दलपत सागर जलाशय के सौंदर्य को निहारने के साथ ही कांग्रेस नेता श्री पुनिया व श्री यादव ने जलाशय में कराए गए सौंदर्यीकरण कार्य की तारीफ करते हुए अगले चरण के प्रस्तावित कार्यों के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव जैन को दिए. अप्रत्याशित हमले में घायल शहर के वरिष्ठ पत्रकार रितेश पाण्डे से महारानी अस्पताल में मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. पीएल पूनिया एवं चंदन यादव ने शनिवार को सुबह जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नेताओं के साथ मार्निंग वाक करते हुए शहर विकास का जायजा लिया एवं विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार की तारीफ की. इसके बाद उन्होंने बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ एवं बस्तर की खुशहाली की कामना की. बेमिसाल है गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ प्रभारी महासचिव श्री पुनिया ने विकास कार्यों की तारीफ करते हुए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में जो गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की अवधारणा के अनूरूप कार्य किया जा रहा है वह अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है. छत्तीसगढ़ राज्य को इस अवधारणा से विकास का नया आयाम मिलेगा. दूसरे राज्यों को भी इस अवधारणा पर अमल करना चाहिए. इस अवसर पर श्री पुनिया व श्री यादव के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया, राज्यसभा सदस्य फुलोदेवी नेताम, सांसद बस्तर दीपक बैज, बस्तर आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन, महापौर सफीरा साहू, नगर निगम की सभापति कविता साहू, छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के महामंत्री रवि घोष, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा, बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बलराम मौर्य समेत अन्य नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
सेल चेयरमैन श्रीमती सोमा मंडल के आज राजहरा आगमन पर यूनियनों के साथ हुई मुलाकात बैठक में सीटू राजहरा की ओर से सचिव प्रकाश सिंह क्षत्रिय व कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र सिंह ने प्रतिनिधित्व किया । सीटू की ओर से सचिव प्रकाश सिंह क्षत्रिय ने खदान कर्मचारियों की मांगो को रखते हुए कहा कि सेल को अप्रत्याशित लाभ के बावजूद कर्मचारियों को वेज रिवीजन का एरियर्स नहीं देना गलत है।बेसिक व डीए का एरियर्स हमारा अधिकार है।
माइंस कर्मचारियों के दासा में की गई कटौती का जिक्र करते हुए कहा कि माइंस कर्मियों को पूर्व की तरह 10% दासा बहाल किया जाए । बहुमत के आधार पर किए गए वेज रिवीजन से कर्मचारी नाखुश हैं, इसलिए सीटू के सुझाव अनुसार दो अतिरिक्त इंक्रीमेंट देकर वेतन समझौते को दुरुस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि ठेका मजदूरों की बड़ी संख्या सेल के उत्पादन में योगदान दे रही है इसलिए ठेका कर्मियों का लंबित वेज रिवीजन भी जल्द से जल्द पूरा किया जाए । और उन्हें उचित लाभ दिया जाए । नाइट शिफ्ट एलाउंस,एचआरए इत्यादि पर भी जल्द फैसला करने की मांग की गई ।
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ग्रेज्युटी सीलिंग एवं पेंशन स्कीम पर प्रबंधन द्वारा लिए गए एकतरफा फैसले की ओर चेयरमैन का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा गया कि ये परिपाटी सेल की स्वस्थ परंपरा के विरुद्ध है, इसलिए एनजेसीएस में चर्चा के बगैर कोई भी एक तरफा फैसला नहीं लिया जाना चाहिए। यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि उत्पादन और उत्पादकता को कर्मचारियों के लाभ के साथ जोड़ते हुए नई इंसेंटिव स्कीम बनाई जानी चाहिए।
क्योंकि वर्तमान इंसेंटिव स्कीम आउटडेटेड हो चुकी है। सभी मुद्दों पर विस्तार पूर्वक चर्चा के बाद यूनियन की ओर से एक ज्ञापन सेल चेयरमैन को सौंपा गया । जिसमें वेज रिवीजन को जल्द से जल्द पूरा करने, 39 माह के एरियर का भुगतान, माइंस कर्मियों को 10% दासा, कर्मचारियों को सम्मानजनक पदनाम , ग्रेज्युटी सीलिंग वापस लेने, आंदोलन के दौरान कर्मचारियों को पर की गई दंडात्मक कार्यवाही को रद्द करने, माइंस में मैन पावर की कमी को दूर, राजहरा माइंस हॉस्पिटल एवं टाउनशिप की हालत को सुधार करने, नाइट शिफ्ट एवं एचआरए पर जल्द से जल्द फैसला करने के साथ ही ठेका मजदूरों के लिए बेहतर वेतन भत्ता एवं सुविधाएं लागू करने की मांग की गई है।इस ज्ञापन में विशेष रुप से कहा गया कि खदान के कर्मचारियों को चिकित्सा एवं शिक्षा हेतु अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है, इसलिए खदान कर्मचारियों को इस मद में प्रतिपूर्ति की राशि अलग से देने की व्यवस्था की जाए । बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए चेयरमैन श्रीमती सोमा मंडल एवं डायरेक्टर इंचार्ज अनिर्बन दासगुप्ता ने कहा कि यूनियन द्वारा उठाए गए मुद्दे जायज है एवं जल्द से जल्द सभी मुद्दों का निराकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने माइंस की कार्य पद्धति और कार्य संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि भिलाई इस्पात संयंत्र की संपूर्ण लौह अयस्क जरूरत को आईओसी राजहरा के कर्मचारी एवं अधिकारी पूर्ण करेंगे । इस बैठक में सेल चेयरमैन श्रीमती सोमा मंडल के साथ डायरेक्टर इंचार्ज अनिर्बन दास गुप्ता, डायरेक्टर टेक्निकल एके सिंह, ईडी माइंस तपन सूत्रधर, सीजीएम माइंस समीर स्वरुप, सीजीएम पर्सनल निशा सोनी, जीएम पर्सनल एसके सोनी, डीजीएम पर्सनल विकास चंद्रा, समेत तमाम अधिकारी गण एवं सभी यूनियन प्रतिनिधियों के साथ सीटू से प्रकाश सिंह क्षत्रिय एवं ज्ञानेंद्र सिंह मौजूद रहे। ज्ञानेन्द्र जा कार्यकारी अध्यक्ष सीटू राजहरा।
इंद्रावती विकास प्राधिकारण के उपाध्यक्ष पद के साथ दिया गया केबिनेट मंत्री का दर्जा
प्राधिकरण अध्यक्ष की जिम्मेदारी खुद सम्हालेंगे सीएम भूपेश बघेल
विस चुनावों से पहले इस नियुक्ति के निकाले जा रहे हैं कई मायने
जगदलपुर छत्तीसगढ़ शासन ने बस्तर के एक और कांग्रेस नेता को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. शहर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजीव शर्मा को इंद्रावती विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त कर केबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है. प्राधिकरण के अध्यक्ष का दायित्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वयं सम्हालेंगे. श्री शर्मा को नई जिम्मेदारी दी जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में ख़ुशी की लहर फैल गई है. उनकी नियुक्ति की खबर मिलते ही यहां जमकर आतिशबाजी की गई और मिठाई बांटी गई. बस्तरवासियों की लंबित मांग अंततः पूरी हो गई है. प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने इंद्रावती विकास प्राधिकरण का गठन काफी पहले ही कर दिया था, लेकिन इसमें नियुक्तियों का मामला लटका हुआ था. अब इंद्रावती विकास प्राधिकरण में नियुक्तियां भी कर दी गई हैं। इस मामले में खास बात यह है कि प्राधिकरण के अध्यक्ष का पद खुद सीएम ने अपने पास रखा है। वहीं बस्तर के लोकप्रिय व दबंग नेता माने जाने वाले कांग्रेस के शहर जिला अध्यक्ष राजीव शर्मा को प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है. श्री शर्मा को केबिनेट मंत्री का भी दर्जा दिया गया है। उल्लेखनीय है कि राजीव शर्मा को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बेहद करीबी माना जाता है. ठीक विधानसभा चुनावों से पहले श्री शर्मा को सौंपी गई इस बड़ी जिम्मेदारी के कई मायने भी निकाले जा रहे हैं। राजैनितिक गलियारों में चर्चा है कि राजीव शर्मा के पास संगठन की ताकत तो पहले से थी ही, अब उन्हें इस पद पर बिठाकर संवैधानिक ताकत भी सीएम ने दे दी है। राजीव शर्मा प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद के साथ-साथ शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष का काम भी पूर्ववत देखते रहेंगे। इधर नियुक्ति के बाद राजीव शर्मा ने कहा है कि विपक्ष और सरकार में रहने के बाद जनता की भलाई के लिए जो काम किए गए हैं उसी तर्ज पर आगे भी इंद्रावती के लिए काम किया जाएगा। इधर श्री शर्मा की नियुक्ति की खबर आने के बाद बस्तर में जश्न का माहौल है। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन के बाहर जमकर पटाखे छोड़े, एक दूसरे का मुंह मीठा कराया और खूब जश्न मनाया। इंद्रावती विकास प्रधिकरण के गठन से आम जनता भी खुश नजर आ रही है. लोगों को उमीद है कि अब इंद्रावती नदी से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान निकलेगा। इंद्रावती को मिलेगा जीवनदान दम तोड़ती इंद्रावती नदी को बचाने के लिए प्राधिकारण का गठन किया गया है. प्राधिकरण में नियुक्तियों के बाद उम्मीद की जा रही है कि इस नदी को नया जीवन देने की दिशा में अब तेजी से काम होगा. इंद्रावती नदी को बस्तर की जीवनदायिनी कहा जाता है, लेकिन ओड़िशा सरकार ने जोरानाला के पास एक एनिकेट बनाकर इसकी धार को कमजोर बना दिया है। जोरा नाला एनिकट के चलते गर्मी के दिनों में तो इंद्रावती पूरी तरह से सूख जाती है। यह स्थिति पिछले एक दशक से बनी हुई है। ऐसे में बस्तर के लोग लगातार इंद्रावती को बचाने के लिए प्रयासरत थे। पूर्ववर्ती सरकारों ने इस ओर से कोई ध्यान नहीं दिया. प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के तत्काल बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर के लोगों की मांगों को देखते हुए 30 मई 2019 को इंद्रावती विकास प्राधिकरण के गठन की घोषणा की थी और 26 अगस्त 2021 को इसे कानूनी रूप से दस्तावेजों में अंकित भी कर दिया। इसके बाद अब प्राधिकरण की कमान सीएम ने खुद अपने हाथों में ले ली है। इसलिए राजीव को कमान
विधानसभा चुनावों से ठीक से पहले राजीव शर्मा को संवैधानिक ताकत देने के पीछे के कई मायने हैं। दरअसल प्रदेश में जब भाजपा की सरकार थी तब राजीव शर्मा ने पूरी ताकत से भाजपा के खिलाफ काम किया था। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद भी राजीव ने कोई नया पद नहीं लिया और संगठन के लिए काम करते रहे। इस दौरान कई उपचुनावों, निकायों और पंचायतों चुनावो में बस्तर से बेहतर नतीजे दिए। इसके अलावा गंभीर राजनैतिक मुद्दों का भी बड़ी कुशलता के साथ उन्होंने समाधान निकाल दिया। अब ठीक चुनावों से पहले इंद्रावती नदी से जुड़े गंभीर मामले में भी उनके अनुभव का लाभ लेकर समाधान निकालने के लिए ही उन्हें उपाध्यक्ष बनाया गया है। माना जा रहा है कि वे प्राधिकरण में सीएम के प्रतिनिधि के तौर पर ओड़िशा सरकार से भी लड़ाई लड़ेंगे। चूंकि यह पूरा मामला दो राज्यों के बीच का है। ऐसे में सीएम भी चाह रहे थे कि उनके प्रतिनिधि के तौर पर कोई दमदार व योग्य नेता ओड़िशा सरकार से बात करे। ओड़िशा सरकार के समक्ष छत्तीसगढ़ का पक्ष पूरी दमदारी के साथ रखने में राजीव शर्मा को सक्षम माना जाता है. यहीं कारण है कि राजीव को प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है और उन्हें केबिनेट मंत्री के दर्जे से भी नवाजा गया है।
अत्यंत ही हर्ष का का विषय है कि लौह नगरी दल्ली राजहरा के बी एस पी प्राथमिक शाला क्रमांक _6 मैदान में दिनांक 1 नवंबर 2022 से 9 नवंबर 2022 तक परमपूज्य कनिष्ठ जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी आत्मानंद सरस्वती जी का संगीतमय रामकथा प्रवचन का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम आयोजन समिति के सदस्य श्री भानुपताप साहू ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि कार्यक्रम के प्रथम दिवस 1 नवंबर 2022 को दोपहर 12 बजे भव्य शोभायात्रा गायत्री शक्ति पीठ प्रांगण से नगर भ्रमण करते हुए कार्यक्रम स्थल के लिए प्रस्थान करेगी।प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 9: 30 बजे तक रुद्राभिषेक का कार्यक्रम होगा ।प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक संगीतमय रामकथा का प्रवचन एवम प्रतिदिन शाम 7 बजे संध्या आरती होगा।अतः समस्त नगरवासी सपरिवार एवम इष्ट मित्रों सहित इस भव्य रामकथा प्रवचन के आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में पधारकर रामकथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करें।
आज भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष महोदय स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के नगर आगमन पर सर्वप्रथम उनका हार्दिक अभिनन्दन एवं स्वागत किया तत्पश्चात संघ के प्रतिनिधिमंडल में शामिल राजहरा शाखा के सचिव लखनलाल चौधरी और राजहरा शाखा के उपाध्यक्ष संजय यादव ने सेल चैयरमैन को महारत्न सेल के इकाई भिलाई इस्पात संयंत्र के बंधक खदानों में कार्यरत कर्मियों के हितार्थ ज्ञापन सौंपा। लखन लाल चौधरी ने बताया कि संघ ने अपना ज्ञापन सौंपकर सेलचैयरमैन को कहा की
किसी भी इस्पात उद्योग के सुचारु संचालन एवं संवर्धन हेतु खदानों की भूमिका अहम् होती है और आज भिलाई इस्पात संयंत्र के चहुंमुखी उत्थान में इसके बंधक खदानों एवं उसमें कार्यरत कर्मियों का अहम योगदान रहा है। किन्तु सेल प्रबंधन एवं स्थानीय प्रबंधन द्वारा हमेशा से खदान कर्मियों को दोयम दर्जा दिया जाता रहा है जिसका प्रमाण सेल निगमित कार्यालय द्वारा समय समय पर बनाये जाने वाले विभिन्न नीति हैं जिसमें खदान कर्मियों की हमेशा से उपेक्षा की जाती रही है और प्राथमिकता केवल स्टील प्लांट को ही दी जाती रही है। आज आपके इस प्रवास पर भारतीय मजदूर संघ की तरफ से खदान कर्मियों के साथ साथ सभी कर्मियों के हितार्थ कुछ मांगें इस ज्ञापन के माध्यम से आपके समक्ष प्रेषित की जाती है और यह आशा की जाती है कि आप एवं सेल निगमित कार्यालय इनपर विचार करते हुए समुचित सकारात्मक कदम उठावेगा। संघ द्वारा की जा रही मांगें इस प्रकार से हैं –
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(1) NJCS में एक वर्ष से अधिक समय से लंबित आधे अधूरे वेतन समझौते के MOU का पुनरीक्षण करते हुए भा.म.सं. के28% पर्क्स की मांग को स्वीकार किया जावे तथा लंबित एचआरए, रात्रि पाली भत्ता, 39 माह के एरियर्स, आदि पर जल्द से जल्द निर्णय लेते हुए वेतन समझौते को अंतिम रूप प्रदान कर लागू किया जावे। (2) आज स्थानीय प्रबंधन द्वारा कार्यस्थल पर कर्मियों की सुरक्षा को नजरअंदाज करते हुए केवल उत्पादन को ही प्राथमिकता दी जा रही है। कई प्रकरणों में कार्यस्थल पर घटी दुर्घटना को छुपाने का भी प्रयास किया जाता है और कर्मियों को अनफिट अवधि की हाजिरी देकर उनका मुँह बंद करवाते हुए दुर्घटना को छुपा लिया जाता है जिसके फलस्वरूप भविष्य में दुर्घटना से होने वाले किसी भी नुकसान पर कर्मियों को किसी तरह का लाभ मिलने की सम्भावना खत्म हो जाती है। संघ, प्रबंधन के इस अमानवीय कृत्य की निंदा करता है और आशा करता है कि आप एवं सेल निगमित कार्यालय के अधिकारीगण इस प्रथा को बंद करेंगे और कार्यस्थल पर कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
(3) प्रबंधन द्वारा असुरक्षित कार्यप्रणाली अपनाने के वजह कई दुर्घटनाएं घट चूँकि हैं जिसमें कुछ में कर्मियों की असामयिक मृत्यु भी हुई है और कुछ में कर्मी बाल बाल बचे हैं किन्तु प्रबंधन द्वारा किसी तरह के सुरक्षात्मक कदम उठाने से अबतक परहेज किया जाता रहा है और अभी भी लापरवाही बरतना जारी है। सर्वे ऑफ गाड़ियों का परिचालन, कार्यस्थल पर सुरक्षा के मापदंडों की अवहेलना करना, विस्फोटकों के उपयोग में सुरक्षा के मापदंडों का पालन नहीं करना, आदि आदि ऐसे कई उद्धरण हैं जिसके फलस्वरूप कार्यस्थल पर कर्मियों की जान हमेशा खतरे में रहती है किन्तु प्रबंधन के दवाब में कर्मीगण असुरक्षित कार्य करने हेतु मजबूर होते हैं। (4) आज खदानों में कंपनी के आवास पूर्ण रूप से जर्जर हो चुके हैं और उनकी मरम्मत करवाने में कंपनी की कोई रूचि भी नहीं दिखती है। सेल प्रबंधन द्वारा कर्मियों को हाउस मेंटेनेंस के नाम पर दी जाने वाली राशि से इन जर्जर हुए आवासों की मरम्मत संभव नहीं है और स्थानीय प्रबंधन द्वारा स्टाफ और सामानों की कमी की बात कहते हुए मेंटेनेंस से पल्ला झाड़ लिया जाता है। इस तारतम्य में संघ आपसे यह मांग करता है कि नए आवासों को बनाने की स्वीकृति दी जावे जिससे कि कर्मियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवास की सुविधा मुहैया हो सके। (5) एक कंपनी एक नियम की नीति का कड़ाई के साथ पालन किया जावे जिसके तहत सभी कर्मियों के लिए समान छुट्टी, समान सुविधा आदि उपलब्ध हो सके। (7) सेल प्रबंधन द्वारा एक तरफा निर्णय लेते हुए ग्रेचुटी पर जो सीलिंग की गयी है उसे तत्काल हटाया जावे। (8) अस्पतालों की जर्जर व्यवस्था, डॉक्टरों एवं स्टाफ की कमी, आदि आदि समस्याओं के वजह से आज खदान कर्मियों को समुचित और सही स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कई बार इस सम्बन्ध में स्थानीय प्रबंधन से चर्चा की जा चुकी है किन्तु उनके द्वारा केवल आश्वासन ही दिया जाता रहा है। स्वाथ्य सेवा के इस जर्जर व्यवस्था का खामियाजा कर्मियों को भुगतना पड़ता है जिसमें कार्यरत कर्मियों अथवा उनके परिजनों की कई बार मौत भी हुई है। इस तारतम्य में संघ यह पुरजोर मांग करता है कि सभी कर्मियों एवं उनके वैध आश्रित परिजनों के लिए कंपनी द्वारा मेडिक्लेम की सुविधा उपलब्ध कराइ जावे जिससे कि कर्मी अपना अथवा अपने परिजनों का इलाज सही तरीके से करा सकें। (9) आज वेतन समझौता में 15% एमजीबी और 35% पर्क्स की बात हो, बोनस समझौता में अधिकारीयों की तरह पीबीटी में से एक निश्चित प्रतिशत की बात हो अथवा कर्मियों के सुविधा में बढ़ोतरी की बात हो सेल निगमित कार्यालय द्वारा यही कहा जाता रहा है कि ऐसा करने से कंपनी को नुकसान होगा और कंपनी बिक जावेगी। संघ निगमित कार्यालय के इस कर्मी विरोधी सिद्धांत का पुरजोर विरोध करता है और स्पष्ट रूप से आपके समक्ष यह कहने में कोई हिचक नहीं करता है कि कर्मियों को उनके सही अधिकार और सुविधा मुहैया कराने से कंपनी ना तो बिकेगी और न ही घाटे में जावेगी बल्कि इससे कंपनी के उत्पादन और उत्पादकता में बढ़ोतरी ही होगी। आज अगर कंपनी को नुकसान हो रहा है तो उसकी वजह कर्मचारी नहीं बल्कि वो अधिकारी हैं जो खुलकर भ्रष्टाचार का रहे हैं, अपने चहेते ठेकेदार के लिए किसी भी कानून को मानने से परहेज करते हैं, और प्रमाणिकता के साथ शिकायत करने पर भी न तो कंपनी के विजिलेंस विभाग द्वारा कारवाई की जाती है और न ही प्रबंधन में बैठे अधिकारीगण कोई कारवाई करते हैं। दूसरी तरफ अगर कोई कर्मी थोड़ी सी भी गलती कर दते है तो उसपर कंपनी के हितों के विरुद्ध काम करने की बात कहते हुए अनुशासनात्मक कारवाई कर दी जाती है और उसका स्थानांतरण तक कर दिया जाता है जिसे की रूटीन ट्रांसफर कहने में कंपनी के मुखिया को कोई परहेज नहीं होता। वही मुखिया अधिकारीयों के द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से चुप्पी साध लेता है। प्रबंधन के इस दोहरे मापदंड के वजह से आज खदान के उच्च अधिकारीयों के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायलय में खदान के उच्च अधिकारीयों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण से लेकर PIL तक दर्ज की गयी है जिसकी सुनवाई चल रही है। अगर सेल एवं स्थानीय प्रबंधन का यही दोहरा मापदंड चलता रहा तो संघ को यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि आने वाले समय में संभवतः स्थानीय प्रबंधन के 50% से अधिक अधिकारी भ्रष्टाचार के मामले में न्यायलय का चक्कर काटते नजर आवेंगे। अतः संघ आपसे यह मांग और अपेक्षा करता है कि आप भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त अधिकारीयों की शिकायत होने पर स्थानीय प्रबंधन द्वारा कठोर कदम उठाया जाना सुनिश्चित करें। (10) आज महारत्न सेल के इकाई भिलाई इस्पात संयंत्र एवं उसके बंधक खदानों में ठेका श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। किन्तु यह बड़े ही खेद की बात है कि नियमित कर्मियों की संख्या में निरंतर गिरावट करते हुए सेल निगमित कार्यालय एवं स्थानीय प्रबंधन द्वारा लगातार ठेका श्रमिकों से नियमित प्रकृति के कार्य भी कराये जा रहे हैं किन्तु आज भी ठेका श्रमिकों को कई ठेके में सही वेतन, सही सुविधाएं, वैधानिक रूप से मिलने वाले सुविधाएं आदि से वंचित रखा जा रहा है और शिकायत करने पर भी प्रबंधन द्वारा समुचित कारवाई नहीं की जाती हैं। आज भी कई ठेके के समाप्ति के बाद भी श्रमिकों को वेतन भुगतान नहीं हुआ है, बोनस और छुट्टी के पैसे का भुगतान नहीं होता है और ठेकेदार द्वारा प्रबंधन को यही कहा जाता है कि चूँकि ठेके के शर्तों में इनका उल्लेख नहीं है अतः वे इसे देने के लिए बाध्य नहीं हैं। महोदया, संघ आपसे यह मांग करता है कि सेल निगमित कार्यालय द्वारा यह सुनिश्चित किया जावे कि प्रत्येक ठेके में श्रमिकों के वैधानक हक का उल्लंघन न हो जिससे कि औद्योगिक सौहार्द बना रहे एवं किसी तरह का कोई विवाद न हो जिससे उत्पादन एवं उत्पादकता पर किसी तरह का विपरीत प्रभाव पड़े। अंत में संघ की तरफ से आपको यह आश्वस्त किया जाता है कि अगर सेल एवं स्थानीय इकाई प्रबंधन संघ के साथ परस्परिक सहयोग की नीति अपनाते हुए कर्मियों के हितार्थ नीतियां बनावेगा, अथवा कंपनी के उन्नति में कर्मी हित को सर्वोपरि मानते हुए किसी भी बदलाव को क्रियान्वित करना चाहेगा तो संघ का पूर्ण समर्थन हमेशा मिलता रहेगा किन्तु कर्मी हितों पर कुठाराघात करते हुए एवं एक वर्ग विशेष को अधिकाधिक लाभ पहुंचाने की नीति पर चलने का प्रयास करेगा तो संघ प्रबंधन का हर संभव तरीके से विरोध करेगा। इन मुद्दों पर अगर निगमित कार्यालय संघ से चर्चा करना छाएगा तो संघ का प्रतिनिधिमण्डल इसका स्वागत करते हुए चर्चा के लिए हमेशा तैयार रहेगा। लखन लाल चौधरी सचिव राजहरा शाखा
दंतेवाड़ा/ छत्तीसगढ भाजपा प्रदेश मंत्री व महिला अनुसुचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष ओजस्वी भीमा मंडावी जी ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा की जब से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भूपेश बघेल बघेल की सरकार बनी है तब से छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ठप है। मंडावी जी ने आगे कहा की
छत्तीसगढ में लगातार अपराध बढ़ रही है और रुकने का नाम बिल्कुल भी नही ले रही है। मंडावी जी ने आगे कहा की पूरी तरीके से झूठ की नीव पर बनी छत्तीसगढ में कांग्रेस की सरकार को छत्तीसगढ की जनता, किसान और युवा साथी कभी माफ नहीं करेगी और 2023 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाएगी। मंडावी जी ने आगे कहा की छत्तीसगढ़ में ना युवाओं को रोजगार मिला रहा और ना ही बेरोजगारी भत्ता ये कांग्रेस राज छत्तीसगढ़ गड़बो नवा छत्तीसगढ़ की ओर आगे ना बढ़ कर डूबोबो छत्तीसगढ़ की और आगे बढ़ रही है ।
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