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सेवा संकल्प अभियान: नुक्कड़ नाटकों से जनकल्याणकारी योजनाओं का संदेश

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नारायणपुर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत संचालित “नमो सेवा अनकही कहानियां” कार्यक्रम के तहत नगरपालिका क्षेत्र, बेनूर एवं ओरछा में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं ने नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन एवं विद्यार्थियों तक पहुंचाई।नुक्कड़ नाटकों में स्वच्छ भारत अभियान, पीएम-सूर्य घर योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि योजना तथा नक्सल मुक्त जिला बनाने के संकल्प जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

संवाद और अभिनय के माध्यम से योजनाओं के उद्देश्य, पात्रता एवं लाभों की जानकारी दी गई।कार्यक्रम में स्वच्छता, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, आर्थिक सशक्तिकरण तथा जनभागीदारी के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही शांति, शिक्षा, रोजगार और विकास को बढ़ावा देकर नक्सल मुक्त एवं समृद्ध समाज के निर्माण का संदेश भी दिया गया।स्थानीय संदर्भों और सरल संवादों से सुसज्जित प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया तथा योजनाओं की जानकारी को सहज और प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सरदार वल्लभभाई पटेल मैदान बालोद।बालोद में गूंजा सेवा और राष्ट्र निर्माण का संकल्पहजारों लोगों ने हाथों में मशाल थाम निकाली भव्य सेवा ज्योति यात्रा, 2047 तक विकसित भारत निर्माण का लिया प्रण

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बालोद, 7 अक्टूबर 2026। भारतीय जनता पार्टी जिला बालोद द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को सरदार वल्लभभाई पटेल मैदान में जिला स्तरीय विकसित भारत संकल्प सभा एवं सेवा ज्योति यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से हजारों की संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, माताएं-बहनें और क्षेत्रवासी शामिल हुए। हाथों में मशाल और हृदय में राष्ट्रसेवा का संकल्प लिए लोगों ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का प्रण लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी, मां भारती, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया।सुबह 9 बजे से ही कार्यक्रम स्थल पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देखते ही देखते विशाल जनसमूह में बदल गया। सरदार वल्लभभाई पटेल मैदान में राष्ट्रसेवा और भारत माता के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक संस्था ‘रंग झरोखा’ द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।एलईडी स्क्रीन पर हजारों लोगों ने सुना प्रधानमंत्री का उद्बोधनसभा स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्बोधन के लाइव प्रसारण के लिए विशाल एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की गई थी। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे हजारों लोगों ने प्रधानमंत्री का संबोधन एकाग्रता से सुना।अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने जीवन के अनुभवों और संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि जीत व्यक्ति को विनम्रता सिखाती है, जबकि हार दोबारा खड़े होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

उन्होंने अपने बचपन और स्कूल जीवन से जुड़े अनुभव भी साझा किए। प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा मैदान ‘हर-हर मोदी, घर-घर मोदी’ तथा ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा।राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने दिलाई विकसित भारत की शपथप्रधानमंत्री के लाइव कार्यक्रम के समापन के बाद राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने सेवा संकल्प अभियान को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश और समाज की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। सेवा किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज के जरूरतमंद अंतिम व्यक्ति तक सेवा और सहयोग पहुंचाना ही राष्ट्रसेवा का वास्तविक भाव है।उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों से राष्ट्रहित और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। इसके बाद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने उपस्थित जनसमूह को विकसित भारत एवं राष्ट्रसेवा के संकल्प की शपथ दिलाई। हजारों लोगों ने एक साथ हाथ उठाकर राष्ट्रसेवा, सामाजिक सरोकारों और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष चेमन देशमुख ने सेवा संकल्प अभियान एवं सेवा ज्योति यात्रा में शामिल सभी जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों का अभिवादन एवं आभार व्यक्त किया।मशाल की रोशनी में निकली भव्य सेवा ज्योति यात्रासंकल्प सभा के समापन के बाद राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा एवं जिला भाजपा अध्यक्ष चेमन देशमुख के नेतृत्व में हजारों लोगों ने हाथों में मशाल लेकर सेवा ज्योति यात्रा निकाली। सरदार वल्लभभाई पटेल मैदान से प्रारंभ हुई यह भव्य यात्रा दल्ली चौक, नया बस स्टैंड, गंगासागर तालाब, जयस्तंभ चौक होते हुए अटल चौक पहुंची।मशालों की रोशनी, राष्ट्रभक्ति के नारों और सेवा के संकल्प से बालोद शहर का वातावरण पूरी तरह राष्ट्रसेवा की भावना से सराबोर नजर आया। यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं ने समाजसेवा, राष्ट्रनिर्माण और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।

यात्रा के अटल चौक पहुंचने पर पूर्व प्रधानमंत्री एवं जन-जन के नेता श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान ‘अटल बिहारी वाजपेयी अमर रहें’ के नारों से पूरा अटल चौक गूंज उठा।4000 से अधिक माताएं-बहनें और कार्यकर्ता हुए शामिलसेवा ज्योति यात्रा में भाजपा के जिला पदाधिकारियों के साथ सभी मोर्चों, मंडलों एवं विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। विशेष रूप से महिला मोर्चा, ओबीसी मोर्चा एवं युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही। विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी भी यात्रा का हिस्सा बने।कार्यक्रम में 4000 से अधिक माताएं-बहनें, कार्यकर्ता एवं नागरिक शामिल हुए। यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। हाथों में मशाल और मन में सेवा का संकल्प लिए लोगों ने विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने तथा 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में अपनी भूमिका निभाने का प्रण लिया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ बीज निगम बोर्ड के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, भाजपा प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा, जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख, पूर्व जिला अध्यक्ष पवन साहू, कृष्णकांत पवार, बिलासपुर संभाग सह प्रभारी अभिषेक शुक्ला, जिला महामंत्री राकेश छोटू यादव एवं सौरभ लुनिया, जिला पंचायत अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के देवेंद्र माहला सहित जिलेभर से पहुंचे जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संपूर्ण संचालन जिला महामंत्री राकेश छोटू यादव ने किया।सेवा ज्योति यात्रा के समापन के साथ ही बालोद शहर में ‘सेवा, संगठन और राष्ट्र निर्माण’ का संदेश गूंजता रहा। विशाल जनभागीदारी ने यह संदेश दिया कि विकसित भारत का संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से साकार होने वाला राष्ट्रीय संकल्प है।

भाजपा ने निकाली भव्य सेवा ज्योति यात्रा

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नरेंद्र मोदी की राष्ट्र सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रम का आयोजन

मंत्री केदार कश्यप ने पीएम नरेंद्र मोदी को दी बधाई व शुभकामनाएं

नक्सलवाद के समूल खात्मे के लिए मंत्री कश्यप ने बस्तरवासियों की ओर से मोदी का माना आभार

जगदलपुर भारतीय जनता पार्टी द्वारा बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र सेवा के सफलतम 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में सेवा ज्योति यात्रा भव्य रूप से निकाली गई। धरमपुरा क्रीड़ा परिसर आरंभ हुई सेवा ज्योति यात्रा मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट के समक्ष पहुंच कर संपन्न हुई। यात्रा में केबिनेट मंत्री केदार कश्यप सहित हजारों भाजपा कार्यकर्ता व आमजन शामिल हुए।

इसके पूर्व धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन नबीन का संबोधन वर्चुअल माध्यम से हुआ। संबोधन उपरांत केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने वहां उपस्थित कार्यकर्ताओं व गणमान्य जनों को विकसित भारत का संकल्प दिलाया। मंत्री श्री कश्यप ने भाजपा नेताओं के साथ सेवा ज्योति प्रज्ज्वलित की और सेवा ज्योति यात्रा धरमपुरा से आरंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजर कर मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट में पूर्ण हुई। जहां अपने संबोधन में केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके अनवरत राष्ट्र सेवा व जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर बस्तरवासियों की ओर बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की। श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज ही के दिन गुजरात में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब से लेकर अब तक राष्ट्र के प्रति उनके सेवा और समर्पण की यात्रा देश के प्रधानमंत्री के रूप में अनवरत जारी है। राष्ट्र को सुरक्षित करने व विकास की ऊंचाई तक पहुंचाने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर सहित समूचे देश में नक्सलवाद का समूल नाश किया।

यह हम बस्तरवासियों के लिए सबसे बड़ी सौगात है क्योंकि बस्तर ने ही नक्सलवाद का दंश सबसे अधिक भोगा है। इसके लिये श्री कश्यप ने समस्त बस्तरवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार भी व्यक्त किया।सेवा ज्योति यात्रा व वर्चुअल संबोधन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश लाटिया, भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, डॉ. सुभाऊ कश्यप, श्रीनिवास मिश्रा, खेमसिंह देवांगन,योगेंद्र पांडेय, रजनीश पाणिग्रही, परिस राम बेसरा, आर्येंद्र सिंह आर्य, सफीरा साहू, रामकुमारी यादव, ललिता बघेल, माहेश्वरी ठाकुर, प्रकाश झा, अविनाश श्रीवास्तव, निर्देश दीवान, अभिलाष यादव आदि सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व आमजन शामिल रहे।

पीढ़ियां बदलीं, पर नहीं बदली रथ बनाने की परंपरा; शिल्पकारों के साथ खड़े हुए कुमार जयदेव

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कारीगरों को 50 हजार की मदद, बकरे और रोज नाश्ते की भी व्यवस्था

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर दशहरा का विजय रथ सिर्फ लकड़ी, रस्सी और कीलों से तैयार नहीं होता, बल्कि इसके पीछे पीढ़ियों से चली आ रही आस्था, परंपरा और निस्वार्थ सेवा की कहानी जुड़ी है। इसी परंपरा को जीवित रखने झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव से पहुंचे बुजुर्ग बढ़ई कारीगर इन दिनों दिन-रात रथ निर्माण में जुटे हैं। उम्र 60 से 70 वर्ष के बीच, हाथों में हथौड़ी और सामने विशाल लकड़ियां। इन कारीगरों की मेहनत को सम्मान देने सुकमा जमींदार परिवार के सदस्य कुमार जयदेव आगे आए। रथ निर्माण स्थल पर कारीगरों से मुलाकात के दौरान कुमार जयदेव ने उनकी समस्याएं सुनीं। कारीगरों ने बताया कि बारिश और बाढ़ के कारण इस वर्ष वे करीब आठ दिन विलंब से पहुंचे। प्रशासन की ओर से राशन-पानी की व्यवस्था मिल रही है, लेकिन महंगाई के दौर में रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर कुछ परेशानी है।यह सुनकर जयदेव ने तत्काल 50 हजार रुपए की सहयोग राशि देने की घोषणा की। साथ ही दशहरा की परंपरा के अनुसार बकरे की व्यवस्था करने और कारीगरों के लिए रोज सुबह गर्म नाश्ते की व्यवस्था कराने की बात कही।

मजदूर नहीं, मेरे परिजन हैं आप

कारीगरों से संवाद के दौरान कुमार जयदेव ने कहा- आप यहां मजदूरी करने नहीं, बल्कि माई दंतेश्वरी की सेवा करने आए हैं। उन्होंने कारीगरों से कहा कि वे खुद को अकेला न समझें। उनका सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ये कारीगर अपने साथ घर से औजार और कई जरूरी संसाधन लेकर आते हैं। यहां तक कि रस्सी और रथ निर्माण में उपयोग होने वाली कई चीजें भी वे स्वयं तैयार करते हैं। ऐसे में उनकी सेवा को केवल मेहनत या मजदूरी के रूप में देखना बस्तर की परंपरा की भावना को छोटा करना होगा।

माई की सेवा हमारा धर्म

रथ निर्माण दल के मुखिया मोतीराम नाग, झाड़ उमरगांव ने बताया कि झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव के ग्रामीण पीढ़ियों से बस्तर दशहरा के लिए रथ निर्माण करने जगदलपुर आते हैं। उनके दादा-परदादा भी इसी सेवा में जुटते रहे और अब यह जिम्मेदारी उनकी पीढ़ी निभा रही है। इन कारीगरों का कहना है कि वे किसी विशेष मांग को लेकर यहां नहीं आते। उनके लिए यह माई की सेवा और पूर्वजों से मिली जिम्मेदारी है। बदलते समय में जब व्यवस्थाओं और खर्चों की जरूरत बढ़ी है, तब समाज और जनप्रतिनिधियों की ओर से मिलने वाला सहयोग उनके लिए सम्मान के साथ मनोबल भी बढ़ाता है।

पीढ़ियां बदलीं, पर नहीं बदली रथ बनाने की परंपरा; शिल्पकारों के साथ खड़े हुए कुमार जयदेव

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कारीगरों को 50 हजार की मदद, बकरे और रोज नाश्ते की भी व्यवस्था

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर दशहरा का विजय रथ सिर्फ लकड़ी, रस्सी और कीलों से तैयार नहीं होता, बल्कि इसके पीछे पीढ़ियों से चली आ रही आस्था, परंपरा और निस्वार्थ सेवा की कहानी जुड़ी है। इसी परंपरा को जीवित रखने झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव से पहुंचे बुजुर्ग बढ़ई कारीगर इन दिनों दिन-रात रथ निर्माण में जुटे हैं। उम्र 60 से 70 वर्ष के बीच, हाथों में हथौड़ी और सामने विशाल लकड़ियां। इन कारीगरों की मेहनत को सम्मान देने सुकमा जमींदार परिवार के सदस्य कुमार जयदेव आगे आए। रथ निर्माण स्थल पर कारीगरों से मुलाकात के दौरान कुमार जयदेव ने उनकी समस्याएं सुनीं। कारीगरों ने बताया कि बारिश और बाढ़ के कारण इस वर्ष वे करीब आठ दिन विलंब से पहुंचे। प्रशासन की ओर से राशन-पानी की व्यवस्था मिल रही है, लेकिन महंगाई के दौर में रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर कुछ परेशानी है। यह सुनकर जयदेव ने तत्काल 50 हजार रुपए की सहयोग राशि देने की घोषणा की। साथ ही दशहरा की परंपरा के अनुसार बकरे की व्यवस्था करने और कारीगरों के लिए रोज सुबह गर्म नाश्ते की व्यवस्था कराने की बात कही।

मजदूर नहीं, मेरे परिजन हैं आप

कारीगरों से संवाद के दौरान कुमार जयदेव ने कहा- आप यहां मजदूरी करने नहीं, बल्कि माई दंतेश्वरी की सेवा करने आए हैं। उन्होंने कारीगरों से कहा कि वे खुद को अकेला न समझें। उनका सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ये कारीगर अपने साथ घर से औजार और कई जरूरी संसाधन लेकर आते हैं। यहां तक कि रस्सी और रथ निर्माण में उपयोग होने वाली कई चीजें भी वे स्वयं तैयार करते हैं। ऐसे में उनकी सेवा को केवल मेहनत या मजदूरी के रूप में देखना बस्तर की परंपरा की भावना को छोटा करना होगा।

माई की सेवा हमारा धर्म

रथ निर्माण दल के मुखिया मोतीराम नाग, झाड़ उमरगांव ने बताया कि झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव के ग्रामीण पीढ़ियों से बस्तर दशहरा के लिए रथ निर्माण करने जगदलपुर आते हैं। उनके दादा-परदादा भी इसी सेवा में जुटते रहे और अब यह जिम्मेदारी उनकी पीढ़ी निभा रही है। इन कारीगरों का कहना है कि वे किसी विशेष मांग को लेकर यहां नहीं आते। उनके लिए यह माई की सेवा और पूर्वजों से मिली जिम्मेदारी है। बदलते समय में जब व्यवस्थाओं और खर्चों की जरूरत बढ़ी है, तब समाज और जनप्रतिनिधियों की ओर से मिलने वाला सहयोग उनके लिए सम्मान के साथ मनोबल भी बढ़ाता है।

बस्तर से भी गहरा नाता रहा है नाना पाटेकर का

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नाना की फिल्म “आज की महाभारत” की शूटिंग हुई बस्तर की वादियों में

अर्जुन झा

जगदलपुर बॉलीवुड और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका निधन मुंबई फिल्म जगत ही नहीं बल्कि बस्तर के लिए भी बेहद दुखद है। नाना का बस्तर से गहरा नाता और लगाव रहा है। उन्होंने बस्तर में लंबा समय गुजारा था और उनकी कुछ फिल्मों की शूटिंग भी बस्तर की खूबसूरत वादियों में हुई थी। नाना पाटेकर के निधन से बस्तर के उनके प्रशंसकों, कलाकारों और सिनेमा प्रेमियों में शोक की लहर है। मशहूर फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर का आज 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार उन्हें गोवा के डोना पाउला स्थित अपने आवास पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। उन्हें अचेत अवस्था में मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। नाना पाटेकर को गुरुवार तड़के करीब 3:30 बजे डोना पाउला स्थित मणिपाल अस्पताल लाया गया।

चिकित्सकों ने उन्हें होश में लाने के लिए लगभग 45 मिनट तक सीपीआर दिया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अस्पताल की ओर से मामले को मेडिको-लीगल केस के रूप में दर्ज किए जाने और मौत के सटीक कारण की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जानकारी सामने आई है। नाना पाटेकर के अचानक निधन की खबर सामने आते ही उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई। शुरुआती जानकारी में कार्डियक अरेस्ट को मौत की वजह बताया जा रहा है।हालांकि अंतिम चिकित्सकीय निष्कर्ष और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

थम गया पांच दशक का सफर

नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा में करीब पांच दशक तक अपने अभिनय का लोहा मनवाते रहे। वर्ष 1978 की फिल्म ‘गमन’ से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई। इसके बाद उन्होंने ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ सहित कई यादगार फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभाईं। उनकी संवाद अदायगी, प्रभावशाली आवाज और किरदारों को जीवंत कर देने वाली अभिनय शैली ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे अलग और प्रभावशाली कलाकारों में स्थान दिलाया। अभिनय के साथ उन्होंने निर्देशन और लेखन में भी काम किया।

दो बार बस्तर आए थे नाना

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से बस्तर के कलाकार जगत में भी शोक की लहर है। नाना पाटेकर का बस्तर से पुराना और खास जुड़ाव रहा है। वे वर्ष 1987-88 के दौरान दो बार बस्तर आए थे। बताया जाता है कि नाना पाटेकर ने धरमपुरा स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में समय बिताया था। इसके अलावा वे करीब एक महीने तक बस्तर में फिल्म शूटिंग के सिलसिले में रहे। इस दौरान फिल्म ‘आज की महाभारत’ की शूटिंग बस्तर की खूबसूरत वादियों में की गई थी। फिल्म में नाना पाटेकर के साथ सुरेश ओबेरॉय, दीप्ती नवल, भारत भूषण, नीता पुरी सहित कई अन्य कलाकार भी बस्तर पहुंचे थे। बस्तर से उनका लगाव था। नक्सलवाद पर बनी फिल्म में काम करने के पहले वे बस्तर के धुर नक्सल इलाकों में भ्रमण कर जमीनी स्थिति का पता करते थे। गंगा प्रोडक्शन की फिल्म ‘आज की महाभारत’ की शूटिंग बस्तर की खूबसूरत वादियों में की गई थी।बस्तर के उड़ीसा बॉर्डर से लगे धनपूंजी देवड़ा मंदिर चित्रकोट, तीरथगढ़, नया मुंडा एवं जगदलपुर शहर के कुछ स्थानों में शूटिंग की गई थी। आज उनके निधन पर बस्तर के उनके साथी दुखी हैं। सत्यजीत भट्टाचार्य, जी श्याम, मनमोहन, उस जमाने के उनके बाल कलाकार साथी प्रशंसक महेंद्र महापात्र भी उनसे बहुत प्रभावित थे। वे आज रूंधे गले से कहते हैं- बेदाग, बेबाक कलाकार का जाना उनके लिए बहुत दुखदाई रहा। फिल्म की शूटिंग के दौरान बस्तर के स्थानीय कलाकारों और थिएटर से जुड़े लोगों को इन दिग्गज कलाकारों से मिलने और उनके साथ काम करने का अवसर मिला। नाना पाटेकर की सहजता और कलाकारों के प्रति अपनापन आज भी बस्तर के रंगकर्मियों की यादों में ताजा है। नाना पाटेकर के निधन से बस्तर का थिएटर और कलाकार जगत भी गहरे शोक में हैं। उनके साथ जुड़ी ये पुरानी यादें आज बस्तर के कलाकारों के लिए एक अनमोल विरासत बन गई हैं।

दोगुने पंजीयन से बनेगा बस्तर के खेल का नया रिकॉर्डबस्तर एथलेटिक्स संघ अध्यक्ष संग्राम सिंह राणा ने जिले के खिलाड़ियों से किया आह्वान—हर खिलाड़ी बने बस्तर ओलंपिक का हिस्सा

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जगदलपुर। बस्तर ओलंपिक 2026 को लेकर बस्तर जिला एथलेटिक्स संघ ने खिलाड़ियों को जोड़ने की मुहिम तेज कर दी है। संघ के अध्यक्ष संग्राम सिंह राणा ने जिले के सभी खिलाड़ियों से अधिक से अधिक संख्या में पंजीयन कराने तथा पूरे उत्साह के साथ बस्तर ओलंपिक में भाग लेने का आह्वान किया है। संग्राम सिंह राणा ने कहा कि पिछले वर्ष बस्तर जिले में 95,243 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया था। इस वर्ष लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना 1,90,486 पंजीयन कराने का है। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बस्तर के हर गांव और हर खिलाड़ी को खेल के बड़े मंच से जोड़ने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि बस्तर की मिट्टी में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि इन प्रतिभाओं को पंजीयन से लेकर खेल के मैदान तक पहुंचाया जाए। बस्तर ओलंपिक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आगे बढ़ने और नई पहचान बनाने का अवसर प्रदान कर रहा है। संघ अध्यक्ष ने जिले के खिलाड़ियों से अपील की कि हर खिलाड़ी स्वयं पंजीयन कराए और कम से कम एक अन्य खिलाड़ी को भी बस्तर ओलंपिक से जोड़े। उन्होंने कहा कि जब बस्तर का हर खिलाड़ी मैदान में उतरेगा, तभी दोगुने पंजीयन का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। संग्राम सिंह राणा ने कहा, “इस बार हमारा लक्ष्य सिर्फ दोगुना पंजीयन करना नहीं, बल्कि बस्तर के हर खिलाड़ी की भागीदारी सुनिश्चित करना है। आइए, मिलकर ऐसा रिकॉर्ड बनाएं कि बस्तर ओलंपिक 2026 बस्तर की खेल शक्ति और नए बस्तर की नई पहचान बने।”

निःशुल्क दिव्यांगजन शिविर में नारायणपुर के 17 दिव्यांगजनों को मिला कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण

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नारायणपुर जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग की पहल से जिले के 17 दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देश पर जिले के आईईडी ब्लास्ट से प्रभावित एवं विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांगजनों को जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर में आयोजित विशाल दिव्यांगजन शिविर में शामिल कराया गया।5 अक्टूबर को आयोजित शिविर में आईईडी ब्लास्ट से प्रभावित जिले के तीन दिव्यांगजन शामिल हुए। इनमें एक दिव्यांगजन को कृत्रिम पैर प्रदान किया गया।

जबकि दो दिव्यांगजनों के पूर्व से लगे कृत्रिम पैरों की जांच कर आवश्यक सुधार की सुविधा उपलब्ध कराई गई।इसी क्रम में 6 अक्टूबर को आयोजित शिविर में चिन्हांकित 14 विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार विभिन्न कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इनमें दो दिव्यांगजनों को कैलिपर्स सहित एल्बो, एक को कृत्रिम पैर, छह को जूता सपोर्ट सहित आवश्यक उपकरण तथा एक दिव्यांगजन को बैसाखी प्रदान की गई। वहीं चार दिव्यांगजनों के पूर्व से लगे कृत्रिम अंग एवं उपकरणों की जांच कर आवश्यक सुधार किया गया।जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग की इस पहल से दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उपकरण उपलब्ध हुए हैं, जिससे उन्हें दैनिक गतिविधियों में अधिक सुविधा और आत्मनिर्भरता में सहायता मिलने की उम्मीद है।

माड़ मैत्री अभियान की नई मिसाल: अबूझमाड़ के मंडाली में पुलिस-आईटीबीपी ने लगाया पशु चिकित्सा शिविर, 72 पशुओं का उपचार

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नारायणपुर अबूझमाड़ के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक जनकल्याणकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नारायणपुर पुलिस एवं 29वीं वाहिनी आईटीबीपी ने माड़ मैत्री अभियान के तहत ओरछा क्षेत्र के मंडाली गांव में संयुक्त रूप से पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। शिविर में पशुपालकों को निःशुल्क पशु स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हुए कुल 72 पशुओं की जांच एवं उपचार किया गया।यह शिविर पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार पटेल (आईपीएस), नारायणपुर तथा 29वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमान अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। शिविर में 29वीं वाहिनी आईटीबीपी के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पी.बी. सिंह के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने ग्रामीणों के पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया।शिविर में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भागीदारी निभाई।

पशु चिकित्सा टीम ने 23 गाय, 20 बकरी, 27 मुर्गियां एवं 2 श्वानों सहित कुल 72 पशुओं की जांच कर उनका उपचार किया। साथ ही पशुपालकों को आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण भी किया गया तथा पशुओं की देखभाल एवं रोगों की रोकथाम संबंधी उपयोगी जानकारी दी गई।नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी द्वारा संचालित माड़ मैत्री अभियान के माध्यम से अबूझमाड़ के दुर्गम इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याण से जुड़ी सेवाओं को भी ग्रामीणों तक पहुंचाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल से स्थानीय समुदाय और सुरक्षा बलों के बीच विश्वास एवं सहयोग का रिश्ता और मजबूत हो रहा है।शिविर के सफल आयोजन पर मंडाली गांव के ग्रामीणों ने नारायणपुर पुलिस एवं आईटीबीपी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी जनहितकारी गतिविधियां दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही हैं।

दल्ली राजहरा में आवारा मवेशियों से बढ़ी परेशानी, हिंदू सेना ने नगर पालिका मुख्य अधिकारी एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम

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दल्लीराजहरा नगर में लगातार बढ़ रही आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर हिंदू सेना दल्ली राजहरा ने नगर पालिका परिषद को आवेदन सौंपकर कड़ी चेतावनी दी है। संगठन ने अध्यक्ष संगीता रजक मातृशक्ति नगर अध्यक्ष शंकर साहू ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ज्ञापन देकर 15 दिवस के भीतर कार्रवाई की मांग की है।आवेदन में कहा गया है कि नगर के मुख्य मार्गों, चौक चौराहों, बाजार क्षेत्रों और आवासीय इलाकों में बड़ी संख्या में आवारा मवेशी खुले रूप से विचरण कर रहे हैं। इससे आम नागरिकों, वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटना की स्थिति बन रही है।हिंदू सेना ने कहा कि सनातन धर्म में गौ माता का पूजनीय स्थान है, इसके बावजूद गौवंश खुले में भटकने को विवश है।

इससे उन्हें चोट लगने, दुर्घटना का शिकार होने और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में रहने का खतरा बना रहता है। मवेशियों के कारण नगर की स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।संगठन ने मांग की है कि नगर में घूम रहे आवारा मवेशियों को तत्काल सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान पर रखा जाए और मवेशियों को खुले में छोड़ने वाले पशु मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।हिंदू सेना ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिवस के भीतर ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो नगर पालिका कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी। इसकी प्रतिलिपि अनुविभागीय दंडाधिकारी को भी दी गई है।जिसमें मुख्य रूप से हिंदू सेना के जिला अध्यक्ष श्रीमती नंदा पसीने प्रदेश महामंत्री निलेश श्रीवास्तव नगर अध्यक्ष शंकर साहू नगर अध्यक्ष मात्र शक्ति संगीता रजक नगर महामंत्री पुष्पा शांडिल्य नगर पालिका परिषद एल्डरमेन महेंद्र पिपरे सर्व समाज अध्यक्ष श्रीमती पुरोबी वर्मा ,वरिष्ठ भाजपा नेत्री श्रीमती किरण सिन्हा पूर्व मंडल उपाध्यक्ष मंजीत कौर गिरधर सिन्हा, गोलू जायसवाल, सोनू मानिकपुरी उपस्थित थे

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