कई परिवार हो गए बेघर, जान बचाने छतों पर चढ़े ग्रामीण
उड़ीसा के दो बांधों से छोड़ा गया है पानी
अर्जुन झा
जगदलपुर लगातार दो दिनों तक हुई झमाझम बारिश बस्तर के लोगों ले लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन गई है। ऊपर से ओडिशा के दो बांधों से छोड़ा जा रहा पानी बस्तर पर कहर बनकर टूट पड़ी है। ओड़िशा से आ रहे पानी के कारण बस्तर के लगभग सभी नदी नाले बौरा से गए हैं। हालात लगभग बेकाबू हो चले हैं। कई मकान टूट गए हैं, बस्तियों में पानी घुस गया है और जल स्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जान बचाने के लोग बहुमंजिली ईमारतों की छतों पर जा चढ़े हैं।
बंगाल के चक्रवाती तूफान के कारण लगभग पूरे बस्तर संभाग में दो दिन इस कदर बारिश हुई कि समूचा जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बस्तर के सारे नदी नाले उफान मार रहे हैं। बाढ़ के कारण कई गांवों का संपर्क कट गया है। रास्ते बंद हो जाने से आवागमन ठप हो गया है। बस्तर जिले में भारी बारिश से चारों ओर तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। ओडिशा के खातिगुड़ा डैम और मुरान बांध के गेट खोल दिए जाने से जगदलपुर शहर के अलावा दर्जनों गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। बाढ़ के बीच एक ऐसी तस्वीर निकलकर सामने आई है, जहां ग्रामीण प्रशासन से मदद की गुहार लगाते नजर आ रहे हैं।नगरनार के बेलगांव में शुक्रवार दोपहर से ही लगातार जलस्तर बढ़ने से कई घर जलमग्न हो चुके हैं। जिससे ग्रामीण अपने घरों के छतों पर आश्रय लिए हैं। ग्रामीण अपनी जान बचाने छतों का सहारा लेने मजबूर हो गए हैं। बेलगांव के ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर इसे सोशल मीडिया में वायरल किया है और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। इस वीडियो में महिलाएं भी दिख रही है, जो बता रही हैं किस तरह से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ में घर में रखा हुआ सारा सामान बह गया लेकिन प्रशासन मदद के लिए नहीं पहुंचा है। वीडियो में ग्रामीण बता रहे हैं कि, लगातार जल स्तर बढ़ता ही जा रहा है। वहीं जगदलपुर के लालबाग, पथरागुड़ा, डोंगाघाट क्षेत्र में सैकड़ों लोग इंद्रावती नदी का पानी घुसने से परेशान हैं। पूरे इलाके में तीन से चार फीट तक पानी चढ़ गया है। लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कई लोग अपने घरों की छतों पर बैठ कर खुद को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहे हैं। शहर के ही धरमपुरा क्षेत्र में रोड पर जल भराव होने से लोगों को आवागमन में कठिनाई हो रही है।हालांकि शहर महापौर संजय पांडेय अपनी टीम के साथ लोगों की मदद करने सुबह से ही प्रभावित वार्ड का दौरा कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक सलभ सिंहा के नेतृत्व में कलेक्टर के मार्ग दर्शन में लोगों को राहत पहुंचने पुलिस महकमा सक्रिय है।

टूटा 20 साल का रिकॉर्ड
जगदलपुर के लोगों के अनुसार बीस साल में ऐसी बाढ़ आई है। उड़ीसा के डेम खोलने से ऐसी विकट स्थिति बनी है। बकावंड ब्लॉक के दर्जनों पंचायत बेलगाम संगम के आसपास के इलाके तारापुर, भेज्जी, नगरनार क्षेत्र में इंद्रावती का पानी घुस आया है।अभी तक केवल कुछ घर गिरने फसल खराब होने के खबर है। कहीं से जनहानि की सूचना नहीं आई है। प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद होकर कार्य कर रहा है। बस्तर सांसद महेश कश्यप सहित बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल क्षेत्र में जाकर पीड़ितों की मदद कर रहे हैं।*बॉक्स**करपावंड में 3 मकान ढहे*विकासखंड बकावंड अंतर्गत ग्राम पंचायत करपावंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण 3 परिवारों के कच्चे मकान भरभरा कर गिर गए। मकान गिरने से परिवार बेघर हो गए हैं और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। करपावंड में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण भरत ठाकुर, गोमती पिता रतन और दीपा देवांगन के कच्चे मकान पूरी तरह से ढह गए हैं। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सदस्य घर से बाहर थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घर में रखा अनाज, बर्तन और घरेलू सामान मलबे में दबकर पूरी तरह खराब हो गया।पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना सरपंच और पटवारी को दे दी है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिलाने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही मदद नहीं की तो इन परिवारों के सामने भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। वहीं तहसीलदार बकावंड ने बताया कि राजस्व टीम को मौके पर भेजा जा रहा है, जांच के बाद नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी।









