98 वाहन चालकों पर 31400 रूपये का किया गया चालानी कार्यवाही
आम नागरिकों एवं वाहन चालकों को यातायात नियमों के पालन करने की किया गया अपील।
पुलिस अधीक्षक बालोद डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन पर, श्रीमान् अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर एवं समस्त राजपत्रित अधिकारी (पुलिस) के दिशा-निर्देश में जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारीयों एवं यातायात प्रभारी निरीक्षक दिलेश्वर चंद्रवंशी के द्वारा जिले में विषेश मोटर वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस मोटर वाहन चेकिंग का मुख्य उद्देष्य सड़क दुर्घटना में कमी लाना एवं लापरवाह वाहन चालकों पर सख्ती से कार्यवाही करना है।
दिनांक 17.11.2022 को जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारीयों द्वारा मोटरयान चेकिंग अभियान चलाकर कुल 98 लापरवाह वाहन चालकों के विरूद्व मोटरयान अधिनियम् के तहत् कार्यवाही कर 31400 रू. समन शुल्क वसूल किया गया। इस चेकिंग अभियान के दौरान वाहन चालको एवं आम नागरिकों को सीट बेल्ट लगाने एवं हेलमेट लगाने की समझाईश देकर यातायात संकेतो के बारे में बताया गया। समझाईश के साथ-साथ लापरवाह वाहन चालको जैसे तेज गति से वाहन चलाने, शराब सेवन कर वाहन चलाना, ओव्हरलोड़ माल/यात्री परिवहन, दोपहिया वाहन में तीन सवारी बैठाना, नम्बर प्लेट का स्पष्ट न लिखा होना, एवं मौके पर वाहन के दस्तावेज पेश नहीं करने, वाहन चलाते हुए मोबाईल से बात करना बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के वाहन चलाते पाये जाने वालों पर सख्ती से कार्यवाही किया गया है। इस प्रकार की चेकिंग से जनता का पुलिस पर विश्वास बढ़ेगा आम जनता एवं राहगीरों की सुरक्षा के लिए बालोद पुलिस सदैव तत्पर है।
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सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग एवं सघन वाहन चेकिंग लगातार इसी प्रकार किया जाएंगा। बालोद पुलिस आम नागरिकों से अपील करता है कि अपने नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने न देवे वाहन चलाते समय सीट बेल्ट एवं हेलमेट अवश्य लगावे।
नकली आदिवासी को जारी कर दिया गया असली जाति प्रमाण पत्र
मामला बस्तर फाइटर में फर्जी तरीके से नौकरी हथियाने का
एसडीएम ने जारी किया ओड़िशा मूल के युवक को जाति प्रमाण पत्र
अर्जुन झा बकावंड ओड़िशा मूल के एक युवक द्वारा बस्तरिहा आदिवासी बनकर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए बस्तर फाइटर में नौकरी पाने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। दरअसल इस मामले की जांच की जिम्मेदारी जिस अधिकारी को दी गई थी, अब उसी अधिकारी की भूमिका सवालों के घेरे में और जांच के दायरे में आ गई है। इस प्रकरण में इंसाफ की गुहार लगाते आ रहे असली आदिवासी समुदाय के युवक को अफसरशाही ने प्रशासनिक दांवपेंच में बुरी तरह उलझा कर रख दिया है। सूचना के अधिकार अधिनियम को ठेंगा दिखाते हुए अधिकारी इस आदिवासी युवक को परेशान कर रहे हैं। वहीं ओड़िशा मूल के जिस युवक पर फर्जी तरीके से नौकरी पाने का आरोप लगा है, उसे मामले की जांच के बीच आदिवासी होने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। इस युवक को जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाले वही अनुविभागीय दंडाधिकारी हैं, जिन्हें इस समूचे प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बकावंड तहसील के ग्राम छोटे देवड़ा निवासी भतरा अनुसूचित जनजाति समुदाय के युवक मानसिंह भतरा ने शिकायत की थी कि उसके गांव में आकर कुछ सालों से रह रहे ओड़िशा के युवक कमलोचन ने अपने पिता पाकलू और दादा दिशा को छोटे देवड़ा निवासी भतरा आदिवासी बताया और खुद को सोमारु भतरा का पुत्र बताते हुए फर्जी वंशवली के जरिए पटवारी से मिसल रिपोर्ट और उसके आधार पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर बस्तर फाइटर में नौकरी हथिया ली है। मानसिंह का कहना है कि वह सोमारु भतरा की बेटी घासनी का पुत्र है। सोमारु का एकमात्र पुत्र था, जिसका नाम सुखराम था। कमलोचन नाम का कोई बेटा सोमारु का नहीं था। वहीं सुखराम का निधन हो चुका है। मानसिंह की शिकायत के बाद जब हल्ला मचा तब जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कराई। जांच की जिम्मेदारी बस्तर के अनुविभागीय दंडाधिकारी ओपी वर्मा को सौंपी गई। श्री वर्मा ने गांव जाकर मामले की जांच की। पंचायत प्रतिनिधियों ने भी पुष्टि की है कि मानसिंह सोमारु का बेटा नहीं है तथा वह भतरा आदिवासी समुदाय का भी नहीं है। एसडीएम ने जारी किया जाति प्रमाण पत्र मामले की जांच प्रक्रिया के बीच जांच अधिकारी और बस्तर के एसडीएम ओपी वर्मा ने कमलोचन को छोटे देवड़ा निवासी बताते हुए उसके नाम पर भतरा आदिवासी का जाति प्रमाण पत्र जारी किया है। एसडीएम की सील मुहर से यह जाति प्रमाण पत्र अक्टूबर 2022 में जारी किया गया है। इससे यह सवाल उठने लगा है कि जब ग्राम पंचायत ने भी कमलोचन के भतरा आदिवासी होने तथा सोमारु भतरा के परिवार से न होने की पुष्टि कर दी है तब भला किस आधार पर कमलोचन को ऐसा जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया ? वहीं इस नए खुलासे se जांच अधिकारी श्री वर्मा की भूमिका को लेकर भी संदेह व्यक्त किया जाने लगा है। भटक रहा है असली आदिवासी ओड़िशा मूल का युवक तो नकली भतरा आदिवासी बनकर सरकारी नौकरी का लाभ उठा रहा है, वहीं असली भतरा आदिवासी युवक मानसिंह इंसाफ के लिए दर दर की ठोकरें खाते भटकने मजबूर है। मानसिंह के साथ इंसाफ करना तो दूर रहा, उसके द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी जा रही जानकारी देने से भी साफ इंकार किया जा रहा है। मानसिंह ने नगर सेना कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सूचना के अधिकार के तहत आवेदन देकर अनावेदक कमलोचन को पूर्व में जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र और बस्तर फाइटर की नौकरी के लिए उसके द्वारा जमा कराए गए दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है। मगर उसे यह कहकर किसी भी तरह की जानकारी देने से मना कर दिया गया कि इसके लिए आपको कलेक्टरेट कार्यालय में आवेदन देना होगा।
जगदलपुर बाल दिवस के अवसर पर पुलिस विभाग द्वारा आयोजित बाल सुरक्षा सप्ताह के मद्देनजर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में शहर व आसपास के सैकड़ों स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया। स्कूली बच्चों का उत्साहवर्धन करने कुछ बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा। इस दौरान बच्चों को पुलिस विभाग,युनिसेफ सहित अन्य संस्थाओं के लोगों ने बाल उत्पीड़न कानून के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस विभाग की अधिकारी बेबियाना हेमरोज ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिला व बच्चों के सुरक्षा के संदर्भ में जारी 1098, 112 और बेड टच व गुड टच के बारें में बताया।
पुलिस अधीक्षक महोदय बालोद जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशानुसार थाना रनचिरई के द्वारा ग्राम भाठागांव (आर) में सामुदायिक पुलिसिंग के तहत दिनांक 16.11.2022 से 18.11.2022 तक 03 दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता के दूसरे दिन भी लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला है। आज दिनांक 17.11.2022 को कार्यक्रम में जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती गोमती साहू , ग्राम पंचायत भाठागांव सरपंच श्रीमती शशिकला साहू, ग्राम पंचायत अचौद श्रीमती उत्तरा चंद्राकर, ग्राम पंचायत कलंगपुर सरपंच श्रीमती पुष्पा सिन्हा, थाना रनचिरई स्टाफ एवं अन्य ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उप निरीक्षक यामन कुमार देवांगन थाना प्रभारी रनचिरई द्वारा लोगों को अभिव्यक्ति मोबाइल ऐप को डाउनलोड कर एप में महिला संबंधी शिकायत दर्ज करने एवं महिला सुरक्षा सम्बंधित टिप्स के बारे में जानकारी दिया गया एवं सायबर क्राइम जागरूकता अभियान से संबंधित olx fraud, Kbc fraud, फर्जी कॉल, तथा सोशल मीडिया में अनजान लोगों से दोस्ती कर ब्लैकमेलिंग का शिकार होने से बचने के संबंध में विस्तार से जानकारी देकर लोगों को जागरूक किया गया है।
प्रतियोगिता में कुल 64 टीमें भाग ले रही हैं, विजेता टीम को प्रथम पुरस्कार 10,001 रू0, द्वितीय पुरस्कार 6001 रू0, तृतीय पुरस्कार 3001 रू0, चतुर्थ पुरस्कार 1501 रू0 तथा अन्य आकर्षक पुरस्कार प्रदाय किया जाना है। प्रतियोगिता के अंतिम दिन क्वाटर फाइनल, सेमी फाइनल और फाइनल का मैच होना है। समापन में कुँवर सिंह निषाद संसदीय सचिव व विधायक गुण्डरदेही, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोनादेवी देशलहरा, पुलिस अधीक्षक बालोद जितेन्द्र कुमार यादव, अति. पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर, जनपद सदस्य व थाना क्षेत्र के सरपंचगण उपस्थित होंगे।
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महिला एवं बाल अपराध संरक्षण अधिकार अधिनियम, चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 के संबंध में जानकारी साझा की गई
आज दिनांक 17.11.2022 को कलेक्टर कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव के निर्देशन एवं अति पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर, डीएसपी राजेश बागड़े, गीता वाधवानी के मार्गदर्शन एवं डॉ. भानुप्रताप साव के नेतृत्व में साइबर सेल प्रभारी दिलेश्वर चंद्रवंशी व सायबर टीम बालोद और चाइल्ड हेल्पलाइन बालोद द्वारा बाल सुरक्षा सप्ताह अभियान के तहत् स्कूल के बच्चो को पुलिस थाना/चौकी का भ्रमण करने तथा पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दिया गया।
जिला बालोद के थाना गुरूर में शास.पूर्व माध्य.शाला कोलियामार के छात्र-छात्राओं को थाना गुरूर का भ्रमण कराया गया जिसमें रोजनामचा कक्ष, रीडर कक्ष, बंदीगृह कक्ष, बाल मित्र कक्ष,सी.सी.टी.एन.एस.कक्ष की कार्यप्रणाली की जानकारी दिया गया एवं छात्रा साक्षी ठाकुर को थाना प्रभारी के पद व कार्यप्रणाली को अवगत कराते हुये, पद का सम्मान दिया गया। बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा किशोर न्याय अधिनियम 2015 लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट 2012) मानव/बाल तस्करी के संबंध में जानकारी,सखी सेंटर महिलाओं की सुरक्षा संरक्षण, व घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 की जानकारी साझा की जाकर नागरिको को जागरुक किया गया। उक्त कार्यक्रम में थाना गुरूर से सउनि भुजवल साहू, प्र.आर.राजेश टंडन, म.प्र.आर.नर्मदा कोठारी, सायबर सेल बालोद से प्रधान आरक्षक रूम लाल चुरेंद्र, आर. योगेश कुमार गेडाम, महिला सेल बालोद से सउनि सीता गोस्वामी, म.आर. दुलेश्वरी साहू एवं जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग बाल संरक्षण अधिकारी (आई.सी.पी.एस) नारेन्द्र साहू, चाइल्डलाइन बालोद से समन्वयक वेद प्रकाश साहू, पूजा साहू, शिव साहू उपस्थित रहे।
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अपने – अपने पार्टी प्रत्याशी की नामांकन रैली में हुए शामिल
दोनों दिग्गज नेताओं के लिए नाक की लड़ाई है कांकेर जिले की इस विधानसभा सीट का उप चुनाव
अभय शर्मा
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट के लिए होने जा रहे उप चुनाव की सियासी जंग में गुरुवार को छत्तीसगढ़ के मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने ताल ठोंक दी। भूपेश बघेल कांग्रेस प्रत्याशी सावित्री मंडावी की और डॉ. रमनसिंह भाजपा प्रत्याशी ब्रम्हानंद नेताम की नामांकन रैली में शामिल हुए। इस दौरान रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय के बाहर दोनों दलों के सैकड़ों वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। यह उप चुनाव भूपेश बघेल और डॉ. रमन सिंह के लिए नाक की लड़ाई साबित होने वाली है। विधायक एवं विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी के निधन से रिक्त हुए भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट के लिए कांग्रेस और भाजपा ने शंखनाद कर दिया है।
कांग्रेस ने स्व. मनोज मंडावी की धर्मपत्नी सावित्री मंडावी को मैदान पर उतारा है। वहीं भाजपा ने इस सीट से एक बार विधायक रह चुके ब्रम्हानंद नेताम पर दांव खेला हैं। दोनों ही प्रत्याशी गोंड़ आदिवासी समुदाय से आते हैं। भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र में इस आदिवासी समाज के मतदाताओं की बहुलता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज हेलीकाप्टर से कांकेर पहुंचे और सावित्री बघेल की नामांकन रैली में शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोश देखते ही बन रहा था। कार्यकर्त्ता बाजे गाजे के साथ पहुंचे थे और भूपेश बघेल व सावित्री मंडावी जिंदाबाद तथा स्व. मनोज मंडावी अमर रहे जैसे नारे लगा रहे थे। सावित्री मंडावी की नामांकन रैली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा, जिला प्रभारी मंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया, कांकेर के विधायक शिशुपाल सोरी, अंतागढ़ के विधायक अनूप नाग, केशकाल के विधायक संतराम नेताम, सिहावा की विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभद्रा सलाम समेत अन्य वरिष्ठ उपस्थित थे। मुख्यमंत्री बघेल ने भानुप्रतापपुर में चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार ने समूचे बस्तर संभाग की घोर उपेक्षा की। आदिवासियों को उनके मूल अधिकारों से वंचित कर दिया। ऐसी आदिवासी विरोधी भाजपा को सबक सिखाने का यही सही मौका है। श्री बघेल ने स्व. मनोज मंडावी का स्मरण करते हुए कहा कि स्व. मंडावी जुझारू नेता थे। अपने क्षेत्र के विकास तथा आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए वे हमेशा संघर्षरत रहे। स्व. मंडावी के अधूरे सपने को पूरा करने तथा उनके मिशन को आगे बढ़ाने के लिए सावित्री मंडावी को चुनकर विधानसभा में भेजें। श्री बघेल ने कहा कि भानुप्रतापपुर से सावित्री बहन नहीं, बल्कि भूपेश बघेल चुनाव लड़ रहा है, ऐसा मानकर चलें। इधर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी अपने प्रत्याशी ब्रम्हानंद नेताम को विजयी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने आदिवासियों का अधिकार छीना है। कोर्ट में भूपेश सरकार सही ढंग से अपना पक्ष नहीं रख पाई। इस वजह से आदिवासियों के आरक्षण में कटौती हुई है। डॉ. रमन ने कहा कि ब्रम्हानंद अनुभवी नेता हैं। वे पहले भी इस क्षेत्र के विधायक रह चुके हैं। उनका कामकाज आप देख चुके हैं। इसलिए एक अनुभवी नेता को चुनना इस क्षेत्र के हित में होगा। गोंड़, हल्बा मतदाता निर्णायक भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र में गोंड़ और हल्बा जनजाति के मतदाताओं की बहुलता है। क्षेत्र के हर चुनाव में इन आदिवासी मतदाताओं की भूमिका निर्णायक होती है। वहीं दोनों ही पार्टियों के प्रत्याशी गोंड़ आदिवासी समुदाय से आते हैं। जो भी दल इन आदिवासी मतदाताओं को ज्यादा से ज्यादा संख्या में अपने पक्ष में करने में कामयाब होगा, ताज उसी दल के प्रत्याशी के सिर पर सजेगा। बस्तर संभाग में अभी आदिवासियों के आरक्षण में कटौती का मुद्दा गरमाया हुआ है। भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। नेशनल हाईवे पर चक्काजाम और कांग्रेस विधायकों के निवास के समक्ष भाजपाई आंदोलन भी कर चुके हैं। वहीं कांग्रेस आरक्षण कटौती पर पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को दोषी बता रही है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार ने जानबूझकर इस मसले को उलझाया है।
राज्य युवा आयोग के पूर्व सदस्य ने बीजापुर विधायक पर उठाए सवाल
बीजापुर। राज्य युवा आयोग के पूर्व सदस्य अजय सिंह ने बीजापुर के कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी की कार्यशैली पर तंज कसते कहा है कि अगर विधायक ने अपना रवैया नहीं बदला तो आने वाले चुनाव में उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। अजय ने कहा कि वे शहीद महेंद्र कर्मा को वे अपना राजनीतिक गुरु मानते हैं। आज वे जीवित रहते, तो उनकी बात जरूर सुनते, उन्हें समझते, आज मेरा ओहदा ऊंचा होता। शायद आज मैं पार्टी से निष्कासित भी नही होता। झीरम घटना में प्रथम पंक्ति के नेताओं की शहादत के बाद से प्रदेश कांग्रेस नेतृत्वविहीन हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी स्व. महेंद्र कर्मा को आदर्श मानते थे, लेकिन सत्तासीन होने के बाद मुख्यमंत्री भी अपनों को पराया कर विरोधियों को तवज्जो देने लगे हैं। अजय का कहना है कि पन्द्रह साल तक विपक्ष में रहते सत्तापक्ष के खिलाफ बीजापुर से कोई मुखर था तो वो स्वयं थे। उन्हें जब जब जहां मंच मिलता सत्तापक्ष को ललकारने में वे कभी पीछे नही रहे। आज जो जिला संगठन में है, उन्होंने कभी विरोध नही किया, लेकिन विपक्ष के नेता के रूप में वे हमेशा से मुखर रहे।अजय की मानें तो आज बीजापुर में संगठन का अस्तित्व खत्म हो चुका है, हर बात विधायक पर आकर रुक जाती है। अजय सिंह ने कहा है कि संगठन का हर कार्यकर्ता विधायक की कार्यशैली से नाखुश है, लेकिन वे भी खुलकर विरोध नही कर पा रहे हैं। उनका मानना है कि विधायक समय रहते अपने रवैये को सुधार लेते हैं, तो संगठन दोबारा मजबूत हो सकता है। अगर वे सुधार नही लाते तो आने वाले चुनाव में बड़े नुकसान के लिए विधायक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
स्कूली बच्चों एवं आम नागरिकों को यातायात नियमों के पालन करने की किया गया अपील
पुलिस अधीक्षक बालोद डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर उप पुलिस अधीक्षक राजेश बांगडे के मार्गदर्शन में एवं निरीक्षक दिलेश्वर चंद्रवंशी के नेतृत्व में यातायात कार्यालय बालोद में नेत्र एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का लगाया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देष्य ठंडी मौसम का आ जाने से होने वाले मौसमी बीमारी का चेक करने के लिए पुलिस अधिकारी/कर्मचारीयों जो ड्यूटी में व्यस्तता होने के कारण अपना नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं करवा पाते उनका पुलिस विभाग के द्वारा स्वास्थ्य जांच किया गया, ताकि वे ड्यूटी के दौरान एवं अपने निजी जीवन में स्वस्थ्य रहे और अपने कर्तव्यों का निर्वाहन अच्छी तरह से कर सकें। इस शिविर में जिला चिकित्सालय बालोद के नेत्र एवं स्वास्थ्य अधिकारीयों द्वारा यातायात पुलिस एवं साइबर सेल बालोद के लगभग 30-35 अधिकारी एवं कर्मचारीयो ने नेत्र एवं स्वास्थ्य जांच कराया गया जांच के दौरान 05 अधिकारीयों/कर्मचारीयों के शुगर बीपी अधिक होने से डॉक्टरों की टीम ने दवाईयां देकर नियमित स्वास्थ्य चेक कराने की सलाह दिया गया। नेत्र जांच में 03 अधिकारीयों/कर्मचारीयों का नेत्र संबंधी परेशानी होने पर चशमा लगाने की सलाह दिया गया। इस कार्यक्रम में निरीक्षक दिलेश्वर चंद्रवंशी प्रभारी साइबर एवं यातायात, जिला चिकित्यालय बालोद के डॉ. लिपि चंद्राकर चिकित्सा अधिकारी, डॉ. डाली शीवांगी आयुष चिकित्सक, किशोर साहू स्टाफ नर्स,चन्द्रप्रकाश मिरी नेत्र सहायक अधिकारी, अभिमन्यु करपाल लैब टेक्नीषियन, मनीष कुमार चंद्राकर वार्डब्वाय व यातायात एवं साइबर के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहें।
शा.पुर्व माध्यमिक शाला उमरादाह में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्तवाधान में सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा था जिसमें आज यातायात सड़क सुरक्षा के विषय में परिचर्चा हेतु यातायात की पाठषाला लगायी गयी। इस कार्यक्रम के दौरानचेतन सोनकर यातायात स्टॉफ के द्वारा बच्चाों को सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में विस्तार से बताया गया तथा यातायात की कार्य करने के तरीकों के बारे में बताया गया । बालोद पुलिस यातायात नियमों के पालन करने ,तेज गति से वाहन नहीं चलाने, बिना सीट बेल्ट लगाये वाहन नहीं चलाने, दोपहिया वाहन में तीन सवारी बैठाकर नहीं चलने, वाहन चलाते हुए मोबाईल से बात नहीं करने की समझाईष दिया गया साथ ही स्कूली बच्चों को घर जाकर अपने माता-पिता, सहपाठ़ीयों मित्रों, शुभचिंतकांे को भी यातायात नियमों के बारे में जानकारी बॉटने के लिए प्रेरित किया गया। स्कूली बच्चों एवं आम जनता से अपील किया गया कि अपने नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने न देवे वाहन चलाते समय सीट बेल्ट एवं हेलमेट अवष्य लगावे।
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केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न सार्वजानिक क्षेत्रों के उद्यमों का लगातार विनिवेश किया जा रहा है एवं उनके निजीकरण के लिए मार्ग प्रशस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। केंद्र सरकार के इस विनिवेश और निजीकरण की नीति के विरोध में भारतीय मजदूर संघ द्वारा आज दिनांक 17.11.2022 को दिल्ली के जंतर मंतर पर विशाल धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें भिलाई इस्पात संयंत्र एवं उसके बंधक खदानों में कार्यरत श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
राजहरा, नंदिनी एवं हिर्री खदान से खदान मजदूर संघ भिलाई के केंद्रीय अध्यक्ष और महामंत्री सर्वश्री एम.पी.सिंह और उमेश मिश्रा के नेतृत्व में 24 कार्यकर्ताओं ने इस कार्यक्रम में अपनी सहभागिता निभाई। भा.म.सं. के बालोद जिला मंत्री एवं बालोद जिला के संविदा मजदूर महासंघ के अध्यक्ष मुस्ताक अहमद के नेतृत्व में संविदा/ठेका श्रमिकों ने भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
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इस सम्बन्ध में खदान मजदूर संघ भिलाई के केंद्रीय अध्यक्ष एम.पी.सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय मजदूर संघ का यह स्पष्ट मानना है कि कुछ सार्वजानिक उद्यम में प्रबंधन के अधिकारीयों एवं राजनैतिक पहुँच रखने वाले नेताओं और व्यक्तियों द्वारा कुछ ऐसा षड्यंत्र किया जा रहा है जिससे ये उद्यम लगातार घाटे में जा रहे हैं। घाटे में जा रहे इन उद्यमों को आधार बनाकर देश में मौजूद कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा केंद्र सरकार को गुमराह किया जा रहा है और यह साबित करने का प्रयास किया जा रहा है कि समस्त सार्वजानिक उपक्रम देश के लिए घाटे का सौदा है और इसलिए इनका विनिवेश और निजीकरण कर दिया जाना चाहिए। जबकि आज वास्तविकता यह है कि देश में मौजूद 300 से अधिक सार्वजनिक उपक्रमों में से कुछ ही उपक्रम हैं जो घाटे में चल रहे हैं। इन उपक्रमों से होने वाले घाटे की भरपाई बचे हुए उपक्रमों और उद्यमों से बड़े ही आसानी से हो रही है। फिर भी विनिवेश, निजीकरण/निगमीकरण हेतु नीति बनाने के लिए केंद्र सरकार का जो प्रयास है वह निंदनीय है।
भारतीय मजदूर संघ का यह स्पष्ट मानना है कि विनिवेश और निजीकरण/निगमीकरण के इस नीति की वजह से आज स्थायी नौकरी की उपलब्धता कम हो रही है और ठेका श्रमिकों की संख्या में लगातार बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। केंद्र की मौजूदा सरकार ने निश्चित ही इन ठेका श्रमिकों के हितार्थ कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं जैसे की दशकों से लंबित मूल वेतन में बढ़ोतरी वर्तमान सरकार की देन है, ठेका श्रमिकों के लिए बोनस सीलिंग में बढ़ोतरी, उनके सामाजिक सुरक्षा हेतु कई तरह के योजनाओं की घोषणा आदि ऐसे कार्य हैं जिनसे ठेका श्रमिकों को लाभ मिलना चाहिए किन्तु भा.म.सं. ने अपने अवलोकन में यह पाया कि इतने लाभदायक योजनाओं के बावजूद आज ठेका श्रमिक की स्थिति में अपेक्षाकृत सुधार नहीं हुआ है। इसके विपरीत आज उद्योगों में ठेका श्रमिकों के लिए बने नियमों और कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, उनका शोषण किया जा रहा है और ऐसे नियमित और चिरस्थाई प्रकृति के कार्यों में भी ठेका श्रमिकों का उपयोग किया जा रहा है जिनमें इनका उपयोग कानूनी तौर पर वर्जित है।
इन सब मुद्दों को समग्र रूप से उठाते हुए भा.म.सं. ने केंद्र सरकार को चेतावनी स्वरुप आज दिल्ली के जंतर मंतर पर केंद्र सरकार के नीतिओं के विरोध में विशाल प्रदर्शन का कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें स्टील उद्योग, बैंकिंग सेक्टर, डिफेन्स उद्योग, रेलवे, कोयला, अंतरिक्ष, बीमा, बिजली, टेलीकॉम, बंदरगाह, आदि जैसे विभिन्न सरकारी सार्वजानिक उपक्रमों के उद्यमों से भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लेते हुए केंद्र सरकार के नीतिओं के विरोध में नारे लगाए। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं को भा.म.सं. के राष्ट्रिय महामंत्री श्री रविंद्र हिम्मते, एवं राष्ट्रिय स्तर के विभिन्न पदाधिकारियों सर्वश्री एस. मल्लेशम, अशोक शुक्ला, सुरेंद्र पांडेय, गिरीश आर्या, रामनाथ गणेशे, डी.के.पांडेय, एम.पी. सिंह, एवं विभिन्न महासंघों के महामंत्रियों ने सम्बोधित करते हुए भारतीय मजदूर संघ द्वारा केंद्र सरकार के समक्ष रखी गयी निम्न मांगों से अवगत कराया – (1) पब्लिक सेक्टर तथा सरकारी उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगायी जावे। (2) बीमार उद्योगों को पुनर्जीवित किया जावे। (3) प्रतिरक्षा एवं रेलवे के निगमीकरण पर रोक लगायी जावे। (4) बैंकों के विलय तथा पब्लिक सेक्टर और बीमा कंपनी के निजीकरण पर रोक लगायी जावे। (5) कोल् ब्लॉक हेतु कमर्शियल माइनिंग की प्रक्रिया पर रोक लगयी जावे। (6) स्थायी कामगारों की भर्ती की प्रक्रिया पब्लिक सेक्टर तथा सरकारी क्षेत्रों में प्रारम्भ किया जावे। (7) पब्लिक सेक्टर तथा सरकारी संस्थानों में कार्यरत ठेका श्रमिकों को स्थायी किया जावे। कार्यक्रम के अंत में भा.म.सं. के राष्ट्रिय महामंत्री श्री रविंद्र हिम्मते के अगुवाई में संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने माननीय श्री राजनाथ सिंह केंद्रीय रक्षामंत्री भारत सरकार तथा माननीय श्री महेंद्र नाथ पांडेय भारी उद्योग तथा सार्वजानिक उपक्रम केंद्रीय मंत्री से मुलाकत की एवं ज्ञापन सौंप चर्चा की। इस प्रतिनिधिमंडल में सर्वश्री एस. मल्लेशम, अशोक शुक्ला, सुरेंद्र पांडेय, गिरीश आर्या, रामनाथ गणेशे, डी.के.पांडेय, एम.पी. सिंह, लक्ष्मा रेड्डी, मुकेश सिंह, आर.वेंगल राव, पवन कुमार, मगल देश पांडेय, अनंत पाल उपस्थित थे।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय बेसोली में व्याप्त समस्याओं एवं प्राचार्य के प्रताड़ना से परेशान छात्रों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में NH जाम करने पहुँचे ।
आपको बता दें कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के प्राचार्य के द्वारा छात्रों को लगातार जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करके प्रताड़ित करना, शिकायत करने पर छात्रों को परीक्षा में फेल करने की धमकी देना, पिछले 3 वर्षों से लगातार यात्रा भत्ता नहीं दिया जाना, छात्रों को खेल सामग्री उपलब्ध नही कराना व खेल सामग्री खराब होने पर विद्यार्थियों से पैसा भरवाने की धमकी देना, वह विद्यालय से संबंधित समस्याओं को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया किंतु इस ओर ना विभाग और प्रशासन का ध्यान न देने पर सभी विद्यार्थी सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए । अभाविप जिला संयोजक वरूण साहनी ने बताया कि पिछले 1 वर्ष से लगातार प्राचार्य के खिलाफ सहायक आयुक्त एवं जिला कलेक्टर को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया किन्तु आज पर्यन्त तक कार्यवाही ना होने से नाराज विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर उतर आये किन्तु राजमार्ग पर पहुंचने से पूर्व अधिकारियों द्वारा छात्रों के समक्ष पहुंचकर समस्या सुनकर तहसीलदार भानपुरी 7 दिवस के अंदर कार्यवाही करने का आश्वासन पर छात्र राष्ट्रीय राजमार्ग पर रुक गये एवं 7 दिन का समय दिया गया । तहसीलदार के आश्वासन के बाद जिला संयोजक साहनी जी ने बताया कि सात दिवस के अंदर प्राचार्य को हटाकर कार्यवाही ना किया गया तो अभाविप छात्रों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूख हड़ताल पर बैठेगी । आंदोलन के दौरान प्रदेश सहमंत्री एवं बस्तर जिला विद्यार्थी विस्तारक निखिल मरावी, आसमन बघेल, यश ध्रुव, शैलेश ध्रुव,गौरव भवानी, टिकेश नाग, लखेश्वर बैध, पितेश्वर बघेल, महेंद्र देवांगन, रितेश यादव, कुलमन कश्यप, हेमकांत सिन्हा, चमपेश नाईक,सुनील, रमेश,सुकुल राम, हिमांशु, प्रकाश, मधु, केशव एवं बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहें ।