जगदलपुर:- तेजपाल शर्मा सह संयोजक सोशल मीडिया भाजपा छत्तीसगढ़ ने कहा कि विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 प्रदेश की 3 करोड़ जनता की आकांक्षाओं को साकार करने वाला दूरदर्शी एवं जनहितैषी बजट है।उन्होंने कहा कि 1,72,000 करोड़ रुपये का यह बजट “समृद्ध किसान, सशक्त युवा, सुरक्षित महिला और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई ऊर्जा देता है। बजट का मूल मंत्र संकल्प समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, आजीविका और नीति से परिणाम तक प्रदेश की प्रगति का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।कृषि एवं किसान कल्याण, स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, ऊर्जा और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रावधान किए गए हैं। किसानों को ब्याज मुक्त ऋण, युवाओं के रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए विशेष योजनाएं, प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु आर्थिक सहायता तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना सहित अनेक प्रावधान इस बजट को जनकल्याणकारी बनाते हैं।स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, नए अस्पतालों एवं डायलिसिस केंद्रों की स्थापना, वहीं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट विद्यालयों एवं छात्रावासों के प्रावधान प्रदेश के भविष्य को सुदृढ़ करेंगे। जनजातीय क्षेत्रों, विशेषकर बस्तर एवं सरगुजा में अधोसंरचना, पर्यटन और शिक्षा के विस्तार हेतु विशेष प्रावधान सराहनीय हैं।तेजपाल शर्मा (रिंकु) ने कहा कि यह बजट अंत्योदय के संकल्प से सिद्धि की यात्रा को नई गति देने वाला है और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक दस्तावेज साबित होगा। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया।
छत्तीसगढ़ बजट 2026प्रेस विज्ञप्ति: छत्तीसगढ़ बजट “विकास विरोधी” और “दिशाहीन” – अनिला भेडिया
बालोद : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आज विधानसभा में प्रस्तुत किए गए बजट पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं डौंडी लोहारा विधानसभा की लोकप्रिय विधायक श्रीमती अनिला भेडिया ने इसे प्रदेश की प्रगति को रोकने वाला बजट करार दिया है।विकास की गति पर ब्रेकविधायक महोदया ने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने के बजाय उसे अवरूद्ध करने वाला है। पिछले वर्षों में प्रदेश ने जो रफ़्तार पकड़ी थी, यह बजट उस पर पूर्णविराम लगाता प्रतीत होता है। इसमें भविष्य की कोई स्पष्ट कार्ययोजना दिखाई नहीं देती।किसानों के साथ वादाखिलाफीश्रीमती भेडिया ने आरोप लगाया कि प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए इस बजट में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।सिंचाई परियोजनाओं और कृषि इनपुट सहायता पर बजट का मौन रहना दुर्भाग्यपूर्ण है।किसानों की आय दोगुनी करने के दावों के बीच, धरातल पर उन्हें सशक्त बनाने वाली योजनाओं का अभाव है। आदिवासी बहुल इस राज्य में आदिवासियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए भी बजट में कोई विशेष प्रावधान किया हुआ प्रतीत नहीं हो रहा है आदिवासियों के दम पर सरकार बनाने वालों ने आदिवासियों का ही ख़याल रखना छोड़ दिया है ऐसा महसूस होने लगा है इस बजट को देखकर ।युवाओं और बेरोजगारों की उपेक्षाबेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा:यह बजट प्रदेश के नौजवानों की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला है। रोजगार के नए अवसर सृजित करने या बेरोजगारों को संबल प्रदान करने के लिए किसी भी बड़ी योजना का ऐलान न करना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।” डौंडी लोहारा और जनहित की अनदेखीपूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि बजट में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को नजरअंदाज किया गया है, जिससे आम जनता और विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों का नुकसान होगा।श्रीमती अनिला भेडिया ने अंत में कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों की बाजीगरी है। इसमें न तो युवाओं के लिए विजन है, न किसानों के लिए राहत और न ही छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास की नीयत। कांग्रेस पार्टी इस “जनविरोधी” बजट के खिलाफ जनता की आवाज सदन से लेकर सड़क तक बुलंद करेगी।अनिला भेड़िया विधायक डौंडी लोहारा विधानसभा
नशे के सौदागरों पर बस्तर पुलिस की बड़ी कार्यवाही
थाना बोधघाट की लगातार कार्यवाही 📌 गांजा सप्लाई करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह पर बड़ी कार्यवाही 📌 भारी मात्रा में प्रतिबंधित अवैध नशीला मादक पदार्थ गांजा बिक्री करने के लिए परिवहन कर रहे दो आरोपियों को बोधघाट पुलिस ने किया गिरफ्तार📌 आरोपीगण इन्नोवा गाड़ी के माध्यम से ओडिसा से जगदलपुर की ओर करने जा रहे थे सप्लाई 📌 अवैध गांजा के साथ देशी पिस्टल और 02 जिंदा कारतूस बरामद 📌 थाना बोधघाट में NDPS एक्ट की धारा 20.B.ii.b तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत बनाया गया मामला 📌 दोनों आरोपीगण को गिरफ्तार कर न्यायलय में किया गया पेश 🔴 आरोपियों के कब्जे से अवैध मादक पदार्थ गांजा 42.431kg किमती 21,21,550/रु, इन्नोवा गाड़ी OD02K8007 कीमती करीबन 11,00,000/ तथा एक देशी कट्टा को 02 नग जिंदा कारतूस को किया गया जप्त🔴

नाम आरोपीगण:- 01. बाल्बो उर्फ़ बल्लब भत्तरा पिता चेतन भत्तरा, उम्र 40 साल, ग्राम मोहरगुड़ा, थाना पापडाहांडी, जिला नबरंगपुर02. अमरज्योति हिरन पिता अशोक कुमार हिरन, उम्र 44 साल, ग्राम खोलीगुड़ा, थाना दाबूगांव, जिला नबरंगपुर पुलिस अधीक्षक, श्री शलभ कुमार सिन्हा के नेतृत्व मेें बस्तर पुलिस के द्वारा नशे के खिलाफ अभियान चलाकर नशे के सौदागरों तथा अपराधिक तत्वों के विरूद्ध लगातार कार्यवाही किया जा रहा है। इसी तारतम्य मे प्रतिबंधित अवैध गांजा बिक्री करने के लिए परिवहन करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में बस्तर पुलिस को सफलता मिली है। ज्ञात हो कि थाना बोधघाट में दिनांक 23.02.2026 को जरिये मुखबीर से रात्रि में सूचना मिली कि उड़ीसा की ओर से एक सिल्वर कलर की इन्नोवा OD02K8007 में दो व्यक्ति बैठे हुए हैं तथा अपनी इन्नोवा गाड़ी के पीछे सीट में अवैध मादक पदार्थ गांजा रखकर परिवहन करते हुए सप्लाई करने के लिए जगदलपुर की ओर आ रहे हैं कि सूचना पर पुलिस अधीक्षक श्री शलभ कुमार सिन्हा के दिशानिर्देशन में, अति. पुलिस अधीक्षक माहेश्वर नाग के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार डी धोत्रे के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी बोधघाट लीलाधर राठौर के नेतृत्व में, थाना प्रभारी बोधघाट अन्य थाना स्टाफ के साथ टीम बनाकर सूचना की तस्दीकी तथा कार्यवाही हेतु तत्काल ओडिसा से आने वाली मैन रोड NH 63, आड़ावाल, बरगद पेड़ के पास पहुंचकर नाकाबंदी कर मुखबिर के बताए अनुसार उड़ीसा की ओर से आने वाली गाड़ियों को चेक करने लगे जो नाकाबंदी चेकिंग के दौरान मुखबिर के बताए अनुसार एक सिल्वर कलर इन्नोवा गाड़ी OD02K8007 आई जिसे रोककर देखने पर दो व्यक्ति सवार मिले जिनसे नाम पता पूछने पर घबराने लगे तथा भागने का प्रयास करने लगे जिन्हें पकड़कर नाम पता पूछने पर अपना अपना नाम बाल्बो उर्फ़ बल्लब भत्तरा पिता चेतन भत्तरा, उम्र 40 साल, ग्राम मोहरगुड़ा, थाना पापडाहांडी, जिला नबरंगपुर तथा अमरज्योति हिरन पिता अशोक कुमार हिरन, उम्र 44 साल, ग्राम खोलीगुड़ा, थाना दाबूगांव, जिला नबरंगपुर जिनके गाड़ी की NDPS एक्ट के प्रावधानों के तहत तलाशी लेने पर पीछे सीट में भूरे रंग के टेप से लिपटे छोटे बड़े कुल 08 पैकेट्स में कुल 42.431 kg कुल किमती 21,21,550/ रु के अवैध मादक पदार्थ गांजा, एक देशी पिस्टल 02 नाग जिंदा कारतूस बरामद हुआ जिसे अवैध रूप से कब्जे में रखकर परिवहन करते पाए जाने तथा उक्त के संबंध में किसी प्रकार का वैध दस्तावेज आरोपीगण द्वारा पेश नहीं करने से आरोपीगण का यह कृत्य अपराध धारा 20.B.ii.b NDPS Act तथा 25 आर्म्स एक्ट का होना पाये जाने से उक्त मादक पदार्थ गांजा, देशी पिस्टल 02 जिंदा कारतूस, परिवहन में इस्तेमाल इन्नोवा गाड़ी, 2,200/ रुपए नकदी रकम तथा एक नग मोबाइल को विधिवत जप्त करते हुए उक्त आरोपीगण को दिनांक 24.02.26 को विधिवत गिरफ्तार कर दिनांक 24.02.26 को न्यायिक रिमाण्ड हेतु माननीय विशेष न्यायालय NDPS जगदलपुर के समक्ष पेश किया गया जहां से आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा हेतु तत्काल जेल भेजा गया।महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारी / कर्मचारीनिरीक्षक:- लीलाधर राठौरउप निरीक्षक:- ललित नेगी, प्रमोद ठाकुर, लोकेश्वर नागस उ नि:- दिनेश उसेंडी, प्रधान आरक्षक:- सुनील मनहर, अहिलेश नाग, पवन श्रीवास्तव, व्यास नारायण ठाकुर, डोलमणि भोई,म.प्र.आर.: वर्षा साहू, संध्या मंडावी आरक्षक:- विजय तिर्की, थानेंद्र सिन्हा, विपिन मिंज, मुकेश कोड़ोपी, मानकू कोर्राम, कामदेव दर्रो बस्तर फाइटर:- लच्छिंदर बघेल, दिनेश अनका, संतोष ठाकुर, सदाराम कश्यप, रविन्द्र भद्रे, तुलसी राम मौर्य, रामनाथ बघेल, ज्ञानु कश्यप, लखेश्वर सेठिया, सलमान खान
बस्तर की जनजातीय विरासत को समर्पित
कुम्हड़ाकोट में प्रकृति और संस्कृति का भव्य संगम
डम्पिंग ग्राउण्ड से पर्यटन और स्वरोजगार का केंद्र बनी जनजातीय गौरव वाटिका
जगदलपुर, 24 फरवरी 2026/ जगदलपुर शहर के कुम्हड़ाकोट क्षेत्र में स्थित जनजातीय गौरव वाटिका की विकास यात्रा “गार्बेज से गौरव तक के सफर” की एक अनुपम मिसाल बन गई है। कभी यह स्थान आरक्षित वनखण्ड कक्ष क्रमांक 1021 का वह हिस्सा था जो उपेक्षा के कारण धीरे-धीरे अतिक्रमण और गंदगी की चपेट में आकर एक डम्पिंग ग्राउण्ड में तब्दील होता जा रहा था। इस ‘शून्य’ हो चुकी वन भूमि का कायाकल्प करने के लिए बस्तर वनमण्डल ने समाज के हर वर्ग और विशेषकर नारी शक्ति को साथ लेकर इसके पुनरुद्धार का बीड़ा उठाया। आज वर्षों से जमा कचरे को साफ कर इस क्षेत्र को सुरक्षा दीवार से सुरक्षित कर दिया गया है, जहाँ 1700 मीटर लंबे “नेचर ट्रेल” और सुंदर तालाब के निर्माण ने इस बंजर भूमि में नई जान फूंक दी है।वाटिका के बीचों-बीच निर्मित तालाब और आईलैण्ड पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र हैं, जहाँ लोग सुकून के पल बिता सकते हैं।

आगंतुकों के स्वास्थ्य और मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए यहाँ योग चबूतरा, योग शेड और ओपन जिम ट्रेल जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। बैठने और विश्राम करने के लिए यहाँ 5 भव्य पैगोडा और आकर्षक ब्रिज का निर्माण किया गया है। वनस्पति विविधता की बात करें तो यहाँ औषधीय पौधों, फलदार वृक्षों, फूलों की क्यारियों और बाँस की विभिन्न प्रजातियों का रोपण किया गया है, जो पूरे क्षेत्र को सुगंधित और हरा-भरा बनाए रखते हैं। खान-पान के शौकीनों के लिए यहाँ ‘जंगल कैन्टीन’ संचालित है, जहाँ महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा पारंपरिक और स्थानीय व्यंजन परोसे जाते हैं। इसके अलावा, पूरी वाटिका को ‘इको-फ्रेंडली’ और ‘प्लास्टिक फ्री ज़ोन’ के रूप में विकसित किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक बड़ी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रवेश द्वार पर पर्यटकों की सुविधा के लिए भव्य पार्किंग और प्रसाधन की भी सुचारू व्यवस्था की गई है। जहाँ कभी कचरे की बदबू हवा में घुली रहती थी, वहाँ अब औषधीय, फलदार और फूलदार पौधों की क्यारियाँ महक रही हैं, जो शहर के लिए ‘फेफड़े’ की तरह काम कर रही हैं।

वर्तमान में वाटिका का समस्त प्रबंधन और देख-रेख 20 महिलाओं के समूह द्वारा किया जा रहा है, जिससे न केवल उन्हें आत्मनिर्भरता मिली है बल्कि उनके परिवारों के लिए नियमित आय का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। स्थल के प्रारंभ से अब तक दस हजार से अधिक लोगों वाटिका का भ्रमण किया है, महिला समूह ने लगभग दो लाख की आमदनी अर्जित की है। पर्यटक यहाँ ‘जंगल केंटिन’ में स्थानीय व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं और इको-फ्रेंडली नीति के तहत इसे पूरी तरह से ‘प्लास्टिक फ्री ज़ोन’ बनाया गया है। आर्थिक रूप से भी यह परियोजना अत्यंत सफल सिद्ध हो रही है। शहरवासियों के लिए यह स्थान अब सुबह योग चबूतरे पर अभ्यास करने और शाम को पैगोडा में विश्राम करने के लिए एक भव्य और अनमोल ठिकाना बन गया है। भव्य पार्किंग, प्रसाधन और ओपन जिम जैसी सुविधाओं से लैस यह वाटिका बस्तर की समृद्ध जनजातीय विरासत और प्रकृति के प्रति उनके सम्मान का प्रतीक बनकर उभरी है।
बालोद: संदिग्ध परिस्थितियों में 38 वर्षीय महिला की लाश मिलने से सनसनी
बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम देवी नवागांव में 38 वर्षीय महिला सावित्रीबाई निषाद (पति धर्मेंद्र) की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना तांदुल नदी ओवरब्रिज के पास जामबाड़ी किनारे की बताई जा रही है। महिला का घर घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर राम मंदिर के पास स्थित है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम लगभग 7 से 8 बजे के बीच ग्रामीणों को घटना की सूचना मिली। बाद में जब कुछ लोग शौच के लिए नदी किनारे गए तो जामबाड़ी में अरहर की फसल के बीच महिला का शव देखा गया, जिसके बाद गांव में खबर फैल गई।
सूचना मिलते ही बालोद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को निगरानी में रखा है और फॉरेंसिक टीम व अन्य विशेषज्ञों की टीम मंगलवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से जांच करेगी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला के गले के पास कुछ निशान पाए गए हैं और शरीर अकड़ा हुआ था। ऐसे में मामला आत्महत्या है या हत्या, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।ग्रामीणों के मुताबिक, महिला पिछले कुछ महीनों से मानसिक रूप से परेशान बताई जा रही थी। हालांकि, रविवार को गांव में आयोजित एक पारिवारिक कार्यक्रम में वह शामिल हुई थी और सामान्य व खुश नजर आ रही थी।फिलहाल पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की जांच जारी है।
वार्ड क्रमांक 25 की समस्याओं को लेकर अध्यक्ष तोरण लाल साहू से की गई मुलाकात
दल्लीराजहरा वार्ड क्रमांक 25 की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु क्षेत्रवासियों ने माननीय अध्यक्ष तोरण लाल साहू से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और शीघ्र निराकरण की मांग की।इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश सदस्य महेंद्र पिपरे, भाजपा मंडल के उपाध्यक्ष मुकेश खस, संतोष कुरील, संतोष महर, ओमप्रकाश, राजेश, तीरथ, बिट्टू, दुर्गा, समीर सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।मुलाकात के दौरान वार्ड की मूलभूत समस्याओं जैसे सड़क, पानी, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं पर चर्चा की गई। अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई कि जल्द ही वार्ड की लंबित समस्याओं का निराकरण होगा।
बिग ब्रेकिंग : बस की ठोकर से आरक्षक की मौत, ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
बालोद। जिले के बालोद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिवनी में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में पुलिस विभाग के एक आरक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार बालोद थाना में पदस्थ आरक्षक ठनेश टेमार्य ड्यूटी के दौरान थाने का समंस/वारंट तामील करने ग्राम देवारभाट–जमरुवा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सिवनी गांव के पास पीछे से आ रही कांकेर ट्रैवल्स की बस क्रमांक CG09-F-0603 ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।बताया जा रहा है l

कि टक्कर इतनी भीषण थी कि आरक्षक बस के पहिए के नीचे आ गए, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। हादसे के बाद क्षेत्र में भारी भीड़ जुट गई। पुलिस द्वारा बस चालक के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।इस दुखद घटना से पुलिस विभाग सहित पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है।
सरकार की संवेदनशील, मगर आक्रामक रणनीति से नक्सलमुक्त हो रहा बस्तर
मुठभेड़ों में मारे गए 596 नक्सली, गिरफ्त में आए 3063, बरामद किए गए 1187 हथियार
अर्जुन झा
जगदलपुर केंद्र और राज्य की सरकारों की संवेदनशील, मगर आक्रामक रणनीति के चलते बस्तर संभाग तेजी से नक्सलमुक्त हो रहा है। इसी के साथ यहां की खूबसूरत वादियों में तरक्की कीशानदार बयार भी बहने लगी है, रिमोट एरिया के गांवों में भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी हैं और ग्रामीणों के चेहरों की रौनक लौट आई है।
केंद्र की मोदी सरकार और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक देश को माओवाद मुक्त करने का जो संकल्प ले रखा है, उसे मूर्तरूप देने में छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार फलीभूत करने में जमीनी तौर पर पहल कर रही है। केंद्र सरकार ने जहां सुरक्षा बलों को एंटी नक्सल ऑपरेशन के लिए फ्री हैंड कर कड़े तेवर दिखाने की खुली छूट दे रखी है, वहीं छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने संवेदनशील कदम उठाए हैं। नक्सलियों के आत्मसमर्पण और पुनर्वास के लिए बनाई गई योजना नक्सलियों को खूब पसंद आ रही है। वहीं आक्रामक रणनीति से नक्सलियों की कमर टूट चुकी है। केंद्र में जबसे भाजपा की सरकार आई है, नक्सल उन्मूलन के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लगातार काम किया जा रहा है। वर्ष 2021 से 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ जाहिर होता है कि संवेदनशीलता और दृढ़ इच्छाशक्ति से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान किया जा सकता है, बड़ी से बड़ी जंग भी जीती जा सकती है। स्तर संभाग में इन पांच सालों के दौरान सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच कुल 447 मुठभेड़ें हुईं, जिनमें 596 नक्सली मारे गए। इस अवधि में कुल 3063 नक्सली गिरफ्तार किए गए और 1187 हथियार बरामद किए गए। वहीं राज्य एवं केंद्र सरकार की संवेदनशील पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर 4 हजार से भी ज्यादा नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। ये नक्सली समाज और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर अब खुशहाल जीवन गुजार रहे हैं।
आईजी की तल्ख चेतावनी
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने शेष बचे नक्सलियों को तल्ख लहजे में चेतावनी दी है जो नक्सली बचे रह गए हैं, वे जल्द सरेंडर कर मुख्यधारा से जुड़ जाएं अन्यथा मुठभेड़ में मारे जाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग में महज 100 नक्सली ही बचे हैं, जो जंगलों में भागते फिर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पापाराव जैसे दो चार बड़े नक्सली रह गए हैं। इन नक्सलियों के खिलाफ लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा 31 मार्च तक माओवाद के सफाये के लिए जो समय सीमा तय की गई है, उस पर तेजी से काम चल रहा है और अब बस्तर तेजी से नक्सलमुक्त हो रहा है।आईजी ने कहा कि बस्तर के लोग दो दशक से नक्सलियों का आंतक सहते आए हैं। उनके कारण दूरस्थ अंचलों में विकास नहीं पहुंच पाया था। उन्होंने कहा कि जनता की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों में तेजी लाने एवं नक्सलियों के आंतक से बस्तर की जनता को मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकार के मार्गदर्शन में बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा जिले में वर्ष 2025-2026 में 58 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। जिससे पुलिस जवानों को ऑपरेशन संचालित करने में मदद मिली है और अब बस्तर नक्सल मुक्ति की ओर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के गृहमंत्री नक्सल प्रभावित इलाकों में दौरा कर जवानों के मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ विकास को गति देने में जुटे हैं। आईजी ने बताया कि कैम्प को स्थापना के बाद से वर्ष 2021 से 2026 तक लगातार नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी रहा। जिसे सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी मिली है। इन वर्षों में 447 मुठभेड़ में जवानों ने 600 नक्सलियों को मार गिराया है जिसमें कई बड़े नक्सली भी शामिल हैं। ऑपरेशन के दौरान 3063 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं और लगभग 4 हजार से अधिक नक्सली हथियान छोड़ कर मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। नक्सलियों से 1187 हथियार भी बरामद किए गए हैं
विकास, विश्वास और रोजगार पर जोर
शासन की कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, बुनियादी ढांचे के विस्तार तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के अवसरोंको सुदृढ़ करने हेतु स्थानीय प्रशासन द्वारा ज्यादा फोकस किया जा रहा है। जन सहभागिता संवाद और सामाजिक समरसता के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बस्तर भय और हिंसा के अतीत के पीछे छोड़ते हुए शांति प्रगति और समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर हो। नियदनेल्लानार योजना के तहत स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है और आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रशिक्षण देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार भी उपलब्ध भी कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री बस योजना ने दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बना दिया है। गांवों में स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। सभी विभागों के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
महिला कर्मियों से अभद्रता करने वाले कर्मचारी पर हुई कार्रवाई
मूल पदस्थापना वाले नानगुर स्वास्थ्य केंद्र भेजे गए नेत्र सहायक
जगदलपुर महारानी जिला चिकित्सालय जगदलपुर में बवाल मचाने और महिला कर्मियों से गाली गलौज करने वाले नेत्र सहायक अधिकारी पर अंततः कार्रवाई कर दी गई है। बस्तर. के मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने उन्हें उनके मूल पदास्थपना वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए वापस रवाना कर दिया है। आरोप लगे थे कि नेत्र विभाग के सहायक नोडल अधिकारी द्वारा जिला चिकित्सालय के नेत्र विभाग में शराब पीकर महिला सुरक्षा गार्ड एवं महिला लैब कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज की गई थी। इसे लेकर कर्मचारियों का आक्रोश फट पड़ा था।
कर्मचारियों ने मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से की थी। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में कहा गया था कि शराब के नशे में धुत्त नेत्र विभाग के सहायक नोडल अधिकारी फिरोज खान द्वारा 9 दिसंबर 2025 की रात 9.40 बजे महारानी अस्पताल परिसर नेत्र विभाग एवं पैथेलॉजी लैब के सामने महिला गार्ड के साथ-साथ रात्रिकालीन ड्यूटी कर रहीं महिला लैब कर्मचारियों को भी अपने सहायक नोडल अधिकारी होने का रौब जमाते अशोभनीय गंदी गंदी गालियां देते हुए अभद्र व्यवहार किया गया था। फिरोज खान को गार्ड कर्मचारियों द्वारा समझाया गया कि आप नशे में हैं, आप यहां से चले जाइये, किन्तु उन महिला गार्ड कर्मियों से भी गाली-गलौज की गई। शिकायत की जांच के लिए कमेटी बनाई गई थी, मगर कार्रवाई नहीं हुई थी। इस मामले को हमने अपने समाचार पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशन के बाद सीएमएचओ ने कड़ा एक्शन लेते हुए नेत्र सहायक अधिकारी फिरोज खान को उनकी मूल पदास्थापना वाली जगह नानगुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थानंतरित कर दिया है।
बालोद में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रैक्टर पलटा, चालक की मौत, पांच गंभीर
बालोद जिले के ग्राम रजही में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खेत में पलट गया, जिससे चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।यह हादसा राजहरा थाना क्षेत्र के पत्थराटोला गांव के पास हुआ।बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में 20 से अधिक ग्रामीण सवार थे,l


जो रजही डेम किनारे खटला खाने गए थे। खाना खाने के बाद सभी लोग पथराटोला होते हुए अपने गांव लौट रहे थे, तभी रास्ते में ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खेत में पलट गया। हादसे में ट्रैक्टर चालक गौकरण दर्रो ट्रैक्टर के नीचे दब गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं ट्रैक्टर में सवार पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है मामले की विस्तृत जांच कर रही है।



